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चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के CM पद की ली शपथ, पर तमाशा जारी: अब ‘सिद्धू के चेहरे’ पर कॉन्ग्रेस में संग्राम

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के अगले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज (सितंबर 20, 2021) आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण की। वहीं इस कार्यक्रम से पहले सियासी बयानबाजी शुरू रही। पंजाब कॉन्ग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने साफ किया है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में नवजोत सिंह सिद्धू के चेहरे को आगे रखते हुए चुनाव लड़ा जाएगा। इधर, कॉन्ग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने हरीश रावत के बयान पर आपत्ति जताई है।

राजस्थान में ‘मॉब लिंचिंग’ का शिकार बने दलित योगेश ने अस्पताल में तोड़ा दम: रशीद, पठान, मुबीना व अन्य पर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप

राजस्थान के अलवर में मॉब लिंचिंग का शिकार बने दलित योगेश जाटव की अस्पताल में मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने रविवार (19 सितंबर 2021) को अलवर-भरतपुर रोड को शव रखकर जाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों पर एफआईआर की है। प्रदर्शनकारी आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद की माँग कर रहे थे।

योगेश की पिटाई 15 सितंबर को की गई थी। भटपुरा निवासी योगेश बाइक से गाँव की तरफ जा रहा था। इसी दौरान गड्ढे से बचने की कोशिश में उसकी बाइक एक महिला से जा टकराई। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बाइक एक 8 वर्षीय बच्ची से टकराई थी। इसके बाद भीड़ ने उसे पकड़ लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी।

घटना में योगेश बुरी तरह घायल हो गया। वह घटनास्थल पर ही कोमा में चला गया। पहले उसे अलवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सेहत में किसी तरह का सुधार न होता देख उसे वहाँ से जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर एसएमएस में 18 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अगले दिन 19 सितंबर को पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। इसके बाद घटना से आक्रोशित लोगों ने शव को अलवर-भरतपुर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम हटा।

योगेश के पिता ने रशीद, साजेत पठान, मुबीना सहित 6 लोगों के खिलाफ 17 सितंबर को मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि योगेश को लाठी-डंडों से इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके कान से खून आने लगा। योगेश की मौत के बाद परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा 302 ओर SC-ST एक्ट की धाराएँ जोड़ दी हैं।

परिजनों ने आरोप लगाया कि बड़ौदा मेव थाने के एएसआई इलियास आरोपितों से मिलीभगत कर उन्हें बचाने में जुटा हुआ है। इसलिए एएसआई ओर बड़ौदा मेव थानाधिकारी को निलंबित किया जाए। इसके अलावा परिजनों ने आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजने और परिवार के भरण-पोषण के लिए 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की माँग की है।

इधर रामगढ़ के पूर्व विधायक व भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानदेव आहूजा ने जाति विशेष के लोगों पर मॉब लिंचिंग का आरोप लगाया है। ज्ञानदेव आहूजा ने कहा इस मामले में आरोपितों के खिलाफ मॉब लिंचिंग की धाराएँ भी लगनी चाहिए। ज्ञानदेव आहूजा ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछते हुए पीड़ित को मुआवजा देने व परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग की है।

उल्लेखनीय है कि अलवर में पुलिस भी मॉब लिंचिंग का शिकार हो चुकी है। 2019 में जिले के मुंडावर थाना इलाके में पुलिस खुद मॉब लिचिंग की शिकार हो गई थी। उससे पहले यह जिला पहलू खान की कथित मॉब लिंचिंग को लेकर चर्चा में रहा था।

‘पागल, जाहिल, भ@वा… तेरे पर अल्लाह का अजाब आएगा’: शाहरुख ने लिखा- गणपति बप्पा मोरया, टूट पड़े इस्लामी कट्टरपंथी

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने गणपति विसर्जन की तस्वीर इंस्टाग्राम पर साझा की। साथ में एक प्यारा सा संदेश लिखा। इसे देखते ही इस्लामी कट्टरपंथी उन पर भड़क उठे। पागल, जाहिल, भ@वा… जैसे विशेषणों से उन्हें नवाज दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नेटिजन्स ने इस बार गणेश चतुर्थी पर शाहरुख का शुभकामना संदेश नहीं आने के बाद अंदेशा जताया था कि शायद कट्टरपंथियों के डर से उन्होंने ऐसा किया है।

शाहरुख खान ने गणपति बप्पा की मूर्ति की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “भगवान गणेश का आशीर्वाद हम सभी के साथ तब तक बना रहे, जब तक हम अगले साल उनका दर्शन नहीं कर लेते… गणपति बप्पा मोरया !!!”

इस पोस्ट पर कुछ यूजर्स शाहरुख खान को उनका मजहब याद दिलाने लगे। एक ने लिखा कि आप मुस्लिम होकर ये सब कर रहे हैं। किसी ने कहा कि आपको ये सब नहीं करना चाहिए। कुछ ने तो उन्हें काफिर ही बता दिया।

एक यूजर ने लिखा, “तुम्हारी वजह से हमारे नबी को गालियाँ पड़ रही हैं। कुछ शर्म या गैरत नाम की चीज है या नहीं तुम में?… मर क्यों नहीं गए जब तुम्हारी वजह से ये लोग हमारे नबी को गालियाँ दे रहे हैं, अल्लाह तुमसे पूछे।”

सैयद शोएब मुस्तफा ने लिखा, “सा@ पागल, दिमाग से पैदल। सुबह ही सुबह गोबर खाकर कमेंट कर रहा है क्या? तेरे पर अल्लाह का अजाब आएगा, देखता जा तू सा@ पगला जाहिल।”

समीर खान ने लिखा, “मतलब तुम भी इस बुतपरस्ती में विश्वास रखते हो।”

एक यूजर ने लिखा, “शर्म आनी चाहिए तुम्हें। अगर तुम हिंदू होते ना तो फिर समझ में भी आता। लेकिन नाम से लग रहा है कि तुम मुस्लिम हो। शर्म आनी चाहिए तुम्हें।”

शान मुल्ला ने लिखा, “तेरे जैसे लोग पैदा ही हुए नाम खराब करने को।”

दूसरे यूजर ने लिखा, “सलमान खान भी हिंदू और शाहरुख खान भी हिंदू। सब भ@वे हिंदू हैं। हाँ, ये सब हिंदू लोगों से डरते हैं और फिल्म में अपने आपको ऐसा दिखा रहा है।”

एक अन्य यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “ये सब बताओ मूर्ति का पूजा करते हो और पोस्ट डालते हो। #ट जल जाता है भाई देख कर कि बॉलीवुड में सब सा# चू$या है।”

एक यूजर ने लिखा, “ये लोग खान नहीं हैं। सिर्फ अपने को खान समझता है। बस अल्लाह इन लोगों को हिदायत दे।”

एक यूजर ने तो हिंदू देवता का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “हाथी प्लीज उनकी मदद करना (elephant please help him)।”

वहीं कशफ फातिमा ने लिखा, “तुम्हारा गणेश एक मूर्ति है, जो खुद को नहीं हिला सकता। इसे खाक सुरक्षा देगी।”

सैयद शोएब मुस्तफा ने लिखा ने इसका समर्थन करते हुुए लिखा, “जी ये सब आर्टिस्ट लोग हैं। ये सारे धर्मों को मानते हैं। आप इन लोगों के लिए परेशान न हों। इनकी कब्र इनका जवाब। ये सब मुनाफिक हैं।”

वैसे ये पहली बार नहीं है शाहरुख इससे पहले भी गणपति पूजा कर कट्टरपंथियों के निशाने पर आ चुके हैं। पिछले साल भी, शाहरुख ने उत्सव के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ भेजीं। अपने माथे पर एक लाल टीका के साथ तस्वीर साझा करते हुए, अभिनेता ने लिखा, “प्रार्थना और विसर्जन किया। यह गणेशचतुर्थी, भगवान गणेश आपको और आपके प्रियजनों को आशीर्वाद और खुशी दे… गणपति बप्पा मोरया!” और इस पर भी कट्टरपंथियों ने शाहरुख को सोशल मीडिया पर जमकर खरी खोटी सुनाई थी।

2018 में शाहरुख खान ने अपने बेटे अबराम खान की एक तस्वीर शेयर की थी। इसमें वह गणेश मूर्ति के आगे हाथ जोड़ कर खड़ा था। तस्वीर बेहद प्यारी थी, जिसके जरिए शाहरुख खान बता रहे थे कि अबराम गणपति बप्पा को ‘पप्पा’ कहता है। मगर, इस फोटो के लिए इस्लामियों ने उन्हें ट्रोल किया और कहा कि सच्चा मुसलमान वो है जो अल्लाह के सिवा किसी पर विश्वास न करे।

काबुल के राष्ट्रपति भवन में लत्तम-जूत्तम: डिप्टी PM मुल्ला बरादर पर चले लात-घूसे, हक्कानी गुट ने तालिबान की बैंड बजाई

अउगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान को कब्जा कि हुए ही अभी अधिक समय नहीं बीता है, लेकिन जिहादी सरकार की अंदरूनी फूट उभरकर सामने आ गई है। मुल्ला अब्दुल गनी बरादर तालिबान के संस्थापकों में से एक है। वहाँ की सरकार में हक्कानी गुट का दबदबा बढ़ता जा रहा है। अब खबर सामने आई है कि काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन में हक्कानी गुट के एक कमांडर ने मुल्ला बरादर को जमकर लात-घूँसों से पीटा।

कुछ वक्त पहले अफगानिस्तान के डिप्टी पीएम मुल्ला अब्दुल गनी बरादर की मौत की घटना सामने आई थी। हालाँकि, बाद में बरादर ने एक वीडियो जारी कर अपने जिंदा होने की पुष्टि की। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, काबुल में बरादर के साथ मारपीट के साथ ही वहाँ गोली भी चली है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के अदर जारी अंदरूनी घमासान के बीच काबुल के राष्ट्रपति भवन में तालिबानी कैबिनेट के गठन को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के दौरान मुल्ला बरादर गैर तालिबानी नेता औऱ जातीय अल्पसंख्यकों को शामिल किए जाने की बातों पर जोर दे रहा था। बरादर का मानना था कि ऐसा करने से दुनिया में तालिबानी सरकार को मान्यता मिल सकती है। हालाँकि, हक्कानी गुट इससे सहमत नहीं था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बरादर की बातें हक्कानी गुट के कमांडर खलील उल रहमान हक्कानी को इतनी नागवार गुजरी की वो अचानक से अफनी जगह से उठा और बरादर पर लात-घूँसों की बौछार कर दी। इसके बाद दोनों के बॉडीगार्ड के बीच गोलियाँ भी चलीं। इस घटनाक्रम में कई लोग घायल भी हुए। वहीं मुल्ला बरादर हैबतुल्ला अखुंदजादा से बात करने के लिए कंधार रवाना हो गया।

मुल्ला बरादर को किया गया साइडलाइन

रिपोर्ट के मुल्ला बरादर ही तालिबान का वह नेता है, जो अमेरिका तक से बातचीत कर रहा था। लेकिन, नई तालिबानी सरकार उसे साइडलाइन कर दिया गया है। दरअसल, तालिबान की अफगानिस्तान में जब तालिबान की सरकार बनी तो बरादर के समर्थकों क उम्मीद थी कि उसे इसमें शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

‘तालिबान-पाकिस्तान के मुद्दे से वोट हासिल कर रही BJP’: महबूबा मुफ़्ती को खतरे में नजर आ रहा देश का लोकतंत्र, कॉन्ग्रेस की तारीफ़ की

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री रह चुकीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को देश में लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगा है। उन्हें लगता है कि कॉन्ग्रेस का 70 साल का शासन बीजेपी से कहीं अधिक बेहतर था। महबूबा ने बीजेपी पर तालिबान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुद्दों पर वोट हासिल करने के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया।

पीडीपी चीफ ने रविवार (19 सितंबर 2021) को बीजेपी पर अपने सात साल के कार्यकाल के दौरान पूरे देश के लोगों को कष्ट पहुँचाने का आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से बर्बाद करके रख दिया है। महबूबा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकाल में हिंदू नहीं, बल्कि देश का लोकतंत्र खतरे में हैं। अच्छे काम करके बीते 70 वर्षों में कॉन्ग्रेस ने जो भी बनाया था इस पार्टी ने सबकुछ बेचना शुरू कर दिया है।

महबूबा ने बीजेपी पर संसाधनों को बेचने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सभी चीजों के दाम बढ़ा रही है, ताकि विधायकों को खरीदने औऱ डराने के लिए अपने खजाने की भरपाई कर सके।

पीडीपी की युवा इकाई द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि देश में किसी के तालिबान का नाम लेने भर से उसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दे दिया जा रहा है। जबकि इनको किसान आंदोलन, महंगाई और दूसरे मामलों पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होने आगे कहा, “वे लद्दाख में घुसपैठ करने वाले चीन के बारे में बात नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें देश के बारे में बात करने से वोट नहीं मिलता है। अगर आप लोगों को डराना चाहते हैं तो तालिबान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बारे में बात करें और यहाँ-वहाँ कुछ करें और वोट माँगें।”

महबूबा ने तालिबान की वकालत करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ तालिबान द्वारा अपनाए गए दमनकारी उपायों पर बहस चल रही है, लेकिन कोई भी भारत की महिलाओं के बारे में बात नहीं कर रहा है जो बलात्कार और दहेज हत्याओं का सामना कर रही हैं।

‘जनता के मुँह पर तमाचा’: कॉन्ग्रेस ने 14000 फॉलोवर्स पर भूपेंद्र पटेल का बनाया था मजाक, 2000 वाले चन्नी पर लोगों ने ली चुटकी

भूपेंद्र पटेल को गुजरात का नया मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद, मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने दावा किया था कि यह गुजरात के नागरिकों के चेहरे पर एक तमाचा है, क्योंकि भूपेंद्र पटेल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर अच्छे-खासे फॉलोवर्स नहीं थे। अब ऐसा लगता है कि उनका ये पैंतरा उन पर ही भारी पड़ गया और ये तमाचा कॉन्ग्रेस को ही जा लगा।

दरअसल पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के ट्विटर पर 2,107 फॉलोवर्स हैं। पिछले दिनों भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री चुने जाने पर मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा था, “पूरे देश में 14000 लोगों की पसंद भूपेंद्र पटेल गुजरात के नए मुख्यमंत्री होंगे। यह नरेंद्र मोदी की तरफ से गुजरात की जनता के मुँह पर करारा तमाचा है।”

अब सोशल मीडिया यूजर्स कॉन्ग्रेस के उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उनकी जमकर खिल्ली उड़ा रहे हैं। बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी के ट्वीटर पर महज 2,017 फॉलोवर्स हैं। हालाँकि, मुख्यमंत्री के रूप में उनके नाम की घोषणा के बाद फॉलोवर्स की संख्या बढ़ रही है।

एक यूजर ने लिखा, “क्यों भाई मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस आ गया स्वाद???”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “बनने से पहले 1000 ही थे, 1000 तो अभी बढ़े।”

संवाद विहार नाम के यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस मध्य प्रदेश के लॉजिक के हिसाब से पूरे देश में 2000 लोगों की पसंद पंजाब पर थोप दिया गया। यह तो पंजाबियों के मुँह पर जोरदार लात मारा नकली गाँधियों ने।”

संदीप जयसवाल ने लिखा, “चन्नी तो चवन्नी निकला, इसका तो अकाउंट भी वेरिफाई नहीं है। अब कैसा लगा मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस।”

रवि शर्मा ने लिखा, “कॉन्ग्रेस का कर्म इतनी जल्दी लौट कर आ जाता है। अब तो चित्रगुप्तजी कॉन्ग्रेस का बही-खाता पकड़ के बैठे रहते हैं।”

रोहित झा ने लिखा, “कॉन्ग्रेस वालो खुद का जूता खुद के मुँह पर मार लो दो चार। अगर शर्म बची हो तो।”

उदित चौधरी ने लिखा, “चन्नी के तो चवन्नी भर फॉलोवर्स हैं। एमपी कॉन्ग्रेस का ट्वीट आता ही होगा।”

वहीं अमन श्रीवास्तव ने कमेंट करते हुए लिखा, “यहाँ भी कॉन्ग्रेस की औकात बीजेपी से कम ही है।”

गौरतलब है कि पजाब कॉन्ग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने जानकारी दी कि चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य में कॉन्ग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है। इसी के साथ ये साफ़ हो गया कि वो पंजाब के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इस बार भी एक सिख चेहरे को आगे किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले चन्नी पंजाब सरकार में तकनीकी शिक्षा व इंडस्ट्री ट्रेनिंग मामलों के मंत्री थे।

अनिल देशमुख को सचिन वाजे के जरिए मिले थे ₹4.7 करोड़, कोर्ट ने भी माना: कई बार समन के बावजूद पेश नहीं हो रहे NCP नेता

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के वसूली रैकेट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई की PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के केस में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाजे समेत 11 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इस आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा कि मनी ट्रेल से शुरुआती संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने पीए कुंदन शिंदे के जरिए सचिन वाजे से 4.7 करोड़ रुपए लिए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुंदन शिंदे ने वाजे को सह्याद्री गेस्ट हाउस के बाहर कैश से भरे 16 बैग सौंपा था। इसके अलावा चार्जशीट में वाजे-देशमुख के अलावा एक ट्रस्ट और नवी मुंबई स्थित एक कंपनी को भी आरोपित बनाया गया है। ईडी के मुताबिक, इस कंपनी के मालिक भी अनिल देशमुख का परिवार है। पीएमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट एमजी देशपांडे ने 16 सितंबर 2021 को इस मामले चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए शनिवार को कोर्ट का विस्तृत आदेश उपलब्ध कराया गया।

प्रवर्तन निदेशालय अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे (अतिरिक्त कलेक्टर रैंक का अधिकारी) और पीए शिंदे को गिरफ्तार कर चुका है जो जेल में बंद हैं। हाल के आरोपपत्र में नामित 14 आरोपियों के खिलाफ समन जारी करते हुए अदालत ने कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराधों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार हैं।

आरोपपत्र में ईडी ने उल्लेख किया है कि देशमुख के कहने पर उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख ने वसूले गए पैसे को हवाला के जरिए आरोपित सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन को हस्तांतरित कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “सुरेंद्र और वीरेंद्र जैन ने अपनी फर्जी कंपनिय़ों (केवल कागज पर ही हैं) के जरिए उस पैसे को आरटीजीएस और चेक के माध्यम से अनिल देशमुख की कंपनी श्री साईं शिक्षण संस्था में जमा करा दिया।”

अदालत ने आगे कहा कि कंपनियों के लेनदेन से पता चलता है कि 1.71 करोड़ रुपए नवंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच श्री साईं शिक्षण संस्था में जमा किए गए। 2013 से संस्था में कुल मिलाकर 4.18 करोड़ रुपए जमा कराए गए।

देशमुख नहीं हैं आरोपित

ईडी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में इस खेल के मुख्य सूत्रधार अनिल देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपित नहीं बनाया है। इसको लेकर जाँच एजेंसी ने कहा है कि कई बार तलब करने के बाद भी वह एजेंसी के समक्ष नहीं आए, इसलिए उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं हो पा रही है। फिलहाल पीएमएलए कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी किया है। मामले की सुनवाई 27 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

महिला IAS को अश्लील मैसेज: #MeToo आरोपित रहे हैं पंजाब के नए CM चन्नी, कैप्टेन पर फोड़ दिया था ठीकरा

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब का अगला सीएम कौन होगा? इसका फैसला हो गया है। कई घंटों की माथापच्ची के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का एलान किया गया है। इससे पहले खबर आई थी कि सुखजिंदर सिंह रंधावा को सीएम बनाया जा सकता है, लेकिन वह आखिरी में बनते-बनते रह गए और हरीश रावत ने चरणजीत सिंह चन्नी के नाम का ऐलान कर दिया। 

पंजाब के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए चरणजीत सिंह चन्नी के लिए पंजाब की मुख्यमंत्री की कुर्सी काँटों का ताज साबित होने जा रही है। दरअसल उन पर ‘मी-टू’ (Me Too) को लेकर आरोप लग चुका है जिसे लेकर वह कह चुके हैं कि यह तत्कालीन मुख्यमंत्री की शह पर किया गया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा था क्योंकि उन्होंने राज्य में दलित मुद्दों को उठाया था। हालाँकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने दलित कार्ड खेलने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की माँग की थी।

मामला 2018 का है और चन्नी पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक महिला आईएएस अधिकारी को 2018 में एक आपत्तिजनक मैसेज भेजा था। तब यह मामला खासा तूल पकड़ा था। हालाँकि उस महिला ने उस समय शिकायत दर्ज नहीं की थी और अमरिंदर सिंह ने भी कहा था कि मामला सुलझा लिया गया है। तब चन्नी ने कहा था कि मैसेज गलती से महिला अधिकारी को भेजा गया था।

चन्नी के खिलाफ महिलाओं ने धरने भी दिए और प्रदर्शन भी किए। जिसके बाद चन्नी ने महिला अधिकारी से माफी माँग ली थी। उस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद सिंह ने कहा था कि मंत्री ने माफी माँग ली है इसलिए यह मामला खत्म हो गया है। यह मामला 2020 में एक बार फिर सामने आया जब कैबिनेट सब कमेटी की एक बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री मनप्रीत बादल और चरणजीत सिंह चन्नी एक्साइज पालिसी को लेकर तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी करण अवतार सिंह से भिड़ गए थे। जिसके बाद दोनों ही मंत्रियों ने बैठक छोड़ दी थी।

इसके बाद कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, चन्नी को मनाने के लिए उनके घर पर गए थे, लेकिन चन्नी ने आरोप लगाया कि बाजवा ने उन्हें धमकी दी कि मुख्यमंत्री उनके खिलाफ मी-टू की फाइल फिर खोल सकते हैं। इसके बाद यह मामला करीब 10 महीनों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। अब एक बार फिर यह मामला तूल पकड़ने लग गया है। 

उस समय चन्नी ने कहा था कि मैसेज अश्लील नहीं और रूटीन में ही उन्होंने कई लोगों को भेजा था, जिसमें महिला अधिकारी को भी यह मैसेज चला गया था। चन्नी ने कहा कि उन्होंने दूसरे ही दिन महिला अधिकारी से इस संबंध में गलती मान ली थी और मुख्यमंत्री की हाजिरी में यह मामला हल हो गया था। लेकिन 18 मई 2021 को पंजाब महिला आयोग की चीफ मनीषा गुलाटी ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार को नोटिस भेजा था।

मनीषा गुलाटी ने कहा कि आयोग ने 2018 में इस मामले का स्वत: संंज्ञान लिया था। जिसे लेकर तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर जवाब भी माँगा गया। चूँकि तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि मामला खत्म हो गया है। इसलिए उन्होंने भी इस मामले को फॉलो नहीं किया, लेकिन अब उन्हें आइएएस अधिकारियों के फोन आ रहे हैं कि वह मंत्री से मिल गई हैं, इसलिए ‘मी-टू’ मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।

चेयरपर्सन ने कहा था कि एक सप्ताह में अगर पंजाब सरकार ने उनके पत्र का जवाब नहीं दिया तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएँगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि चन्नी और मुख्यमंत्री के बीच क्या चल रहा है।

मनीषा गुलाटी ने यह भी कहा था कि जब स्टेट चीफ सेक्रेटरी महिला है नेशनल पार्टी प्रेसिडेंट महिला है तो महिला आईएएस अधिकारी को कैसे इंसाफ नहीं मिलेगा। सरकार इस मामले में जवाब नहीं देगी तो वो धरने पर बैठेंगी। तब चन्नी ने कहा था कि अमरिंदर सिंह उन्हें परेशान करने के लिए इस तरह की कार्रवाई करवा रहे हैं। अब जब चन्नी मुख्यमंत्री की शपथ लेने जा रहे हैं तो फिर इस बात की पूरी संभावना है कि मामला गरमाएगा क्योंकि अकाली दल ने चन्नी का नाम सामने आते ही ‘मी-टू’ का मामला खड़ा कर दिया है।

‘टिकट का वादा कर वसूल लिए ₹5 करोड़, फिर मुकर गए’: तेजस्वी-मीसा के खिलाफ FIR, कॉन्ग्रेस नेता ने दर्ज कराया मामला

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद के यादव के छोटे बेटे और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, उनकी बेटी औऱ राज्यसभा सांसद मीसा भारती समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पटना सिविल कोर्ट ने दिया है। उन पर लोकसभा चुनाव के दौरान 5 करोड़ रुपए की ठगी करने के आरोप हैं। इसके अलावा तेजस्वी पर हत्या की धमकी देने का भी आरोप है।

बीते दिनों इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता और एडवोकेट संजीव कुमार सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में परिवाद दायर किया था। 18 अगस्त को दायर किए गए परिवाद में संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट देने के नाम पर तेजस्वी ने उनसे 5 करोड़ रुपए लिए थे, लेकिन पैसा लेने के बाद वो अपने वादे से मुकर गए। बाद में उन्हें विधानसभा में टिकट का लालच दिया गया। हालाँकि, बाद में फिर से उन्हें धोखे का ही शिकार होना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, संजीव कुमार को गोपालपुर और उनके भाई को रुपौली से टिकट देने का वादा किया गया था।

इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता संजीव कुमार ने मीसा और तेजस्वी के साथ कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, राजेश राठौर समेत 6 लोगों पर उन्हें ठगने का आऱोप लगाया है। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने गुरुवार (16 सितंबर 2021) को पटना जिले के एसएसपी उपेंद्र शर्मा के जरिए पटना कोतवाली थाने में केस दर्ज करने का आदेश दिया।

ठगना तो आरजेडी की संस्कृति रही है

ठगी के मामले में केस दर्ज करने के आदेश के बाद बिहार सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन नवीन ने तेजस्वी यादव पर जुबानी हमला किया और कहा कि पैसे लेकर टिकट देने की आरजेडी पुरानी संस्कृति रही है। ठगना कोई नई बात नहीं है। मंत्री ने कहा कि ये शर्म की बात है, लेकिन जिस तरह के संस्कार तेजस्वी यादव को दिए गए है वो उनके ही अनुरूप काम कर रहे हैं। नितिन नवीन ने तेजस्वी से माफी की माँग की है।

स्कूल प्रिंसिपल ने कक्षा 4 की छात्रा से की रेप की कोशिश, गाल पर काट किया लहूलुहान: ग्रामीणों ने पकड़ के धुना

बिहार के कटिहार जिले के एक स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस मामले को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने एक स्कूल के प्रिंसिपल की पिटाई कर दी। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दायर कर लिया है। 

यह पूरा मामला कटिहार जिले के सेमापुर इलाके के पिपरी बहियार प्राइमरी स्कूल का बताया जा रहा है। यहाँ प्रत्यक्षदर्शियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि प्रिंसिपल ने कक्षा चार की 12 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म की कोशिश की और असफल होने पर उसके गाल पर काट लिया

इस दौरान बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ लोग कमरे में भागे और नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बताया जा रहा है इस पूरी घटना के बाद आरोपित प्रिंसिपल को आइसोलेट कर स्कूल के एक कमरे में बंद कर दिया गया। इस बीच लड़की के परिजन और अन्य स्थानीय लोगों को पूरे मामले के बारे में पता चला और सभी स्कूल के बाहर जमा हो गए। 

किसी ने पुलिस को खबर दी और कुछ ही देर में पुलिस मौके पर जाँच के लिए पहुँची। इस दौरान जब पुलिस प्रिंसिपल को बाहर ले जा रही थी तब गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपित पर हमला कर दिया और उसकी जमकर धुनाई भी की

केवल यही नहीं बल्कि भीड़ ने आरोपित पर लाठियों से हमला किया और पुलिसकर्मियों के सामने ही उसकी जमकर पिटाई कर दी। किसी तरह पुलिस आरोपित को छुड़ाकर अपने साथ ले गई। इस मामले में आरोपित का दावा है कि जब उसने नाबालिग से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया तब वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था।

दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने कहा किस्कूल में किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इस बार घटना सामने आने से गाँव के लोग बहुत ज्यादा आक्रोशित हो गए और उन्होंने मामले को अपने हाथों में लेने का फैसला किया और उसकी पिटाई कर दी।

कटिहार एएसपी रश्मि ने आज तक को बताया कि पीड़िता का बयान लिया गया और बराड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपित हिरासत में है और लड़की को मेडिकल जाँच के लिए भेजा जाएगा। एएसपी ने कहा, “मैंने अभी तक आरोपितों को पीटने वाले लोगों के वीडियो नहीं देखे हैं, लेकिन अगर वाकई ऐसा है तो कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम मामले की जाँच कर रहे हैं।”