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जुल्फ लहरा के डांस, जादू की झप्पी लूँगी-दूँगी… RJ मलिष्का ने ‘बहुत’ किया प्रयास, नीरज चोपड़ा ने कहा – ‘दूर से नमस्ते’

टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा का रेडियो जॉकी मलिष्का मेंडोंसा के साथ एक इंटरव्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मलिष्का ने गुरुवार (19 अगस्त) को अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया था।

वीडियो में मलिष्का और रेड एफएम की स्टाफ (लड़कियाँ) नीरज चोपड़ा को इंप्रेस करने के लिए उनके सामने ‘उड़े जब जब जुल्फें तेरी’ गाने पर डांस करती हुई नजर आ रही हैं। चोपड़ा के असहज दिखने के बावजूद उन्होंने डांस करना बंद नहीं किया। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता को उनकी यह हर​कत पसंद नहीं आई, वह धीमे से मुस्कुराए और शर्म से अपनी आँखें झुका लीं।

रेडियो जॉकी ने ट्विटर पर लिखा, “लेडीज… हाँ मुझे काफी मुश्किल, डीप जवाब मिले लेकिन… ज़ूम कॉल पर जाने से पहले पहले 4 सेकंड का समय लें, यह देखने के लिए कि हम #udejabjabzulfeinteri गाने पर किसके लिए डांस कर रहे हैं और फिर मुझे बताएँ कि मैंने इसे हम सभी के लिए किया है।”

23 वर्षीय नीरज चोपड़ा के सामने अजीबो गरीब डांस करने के बाद भी मलिष्का नहीं रुकीं। वह इंटरव्यू के आखिरी में नीरज चोपड़ा से जादू की झप्पी भी माँगती हैं, जिस पर वह कहते हैं कि ऐसे ही दूर से नमस्ते। नीरज चोपड़ा का इंटरव्यू लेते समय आरजे मलिष्का मेंडोंसा का अंदाज नेटिज़न्स को पसंद नहीं आया।

रेडियो जॉकी द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई इंटरव्यू की वीडियो क्लिप पर नेटिज़न्स खासा गुस्से में हैं। कुछ यूजर्स ने डांस और उसके बाद नीरज चोपड़ा से जबरन गले लगने को ‘सस्ता स्टंट’ बताया है। एक ट्विटर यूजर ने कहा, “इसे क्या हो गया है? वह इस इंटरव्यू को नीरज के लिए इतना अजीब क्यों बना रही है? ओह”

एक अन्य यूजर ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है… आप उन्हें अजीब महसूस करा रहे हैं। यह क्या बकवास है? यह सब अपने बॉलीवुड सितारों के साथ ही करें।”

सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा ने इस वाकया पर अफसोस जताते हुए कहा, “आप लोगों को ऐसा करते हुए देखकर दुख हुआ। इससे भी ज्यादा दुख की बात यह है कि रेडएफएम इंडिया आप सभी को ऐसा करने की अनुमति दे रहा है। मेरा मतलब है, क्या हुआ अगर इस मामले में जेंडर विपरीत थे? क्या RedFM ने भी इसकी अनुमति दी थी? बहुत दुख की बात है!!!”

मलिष्का मेंडोंसा से पहले नीरज चोपड़ा से उनकी निजी जिंदगी से जुड़े सवाल पूछने पर टाइम्स नाउ की पत्रकार नविका कुमार की भी सोशल मीडिया पर काफी आलोचना की गई थी। नेटिज़न्स ने उन्हें ‘गॉसिप आंटी’ कहा था। बता दें कि गर्लफ्रेंड और शादी के सवाल पर नीरज चोपड़ा ने हर इंटरव्यू में एक ही जवाब दिया है। उनका कहना है कि उनकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं और अभी उनका शादी का भी कोई इरादा नहीं है।

भारत के बंद पड़े दूतावासों की तलाशी, घर-घर NATO कर्मियों को खोज रहा तालिबान: 9 हजारा मुस्लिमों को तड़पा-तड़पा कर मारा

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने बुधवार (18 अगस्त 2021) को कंधार और हेरात प्रांत में बंद पड़े भारतीय वाणिज्य दूतावासों पर छापा मारा। रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने वाणिज्य दूतावासों के अंदर तलाशी ली और वहाँ खड़े वाहनों को कब्जे में ले लिया। तालिबानी लड़ाकों ने सरकारी खुफिया एजेंसी एनडीएस के लिए काम करने वाले अफगानों के बारे में जानकारी के लिए आलमारी की तलाशी ली। हालाँकि, जलालाबाद और काबुल स्थित दूतावास के साथ क्या हो रहा है, इसके बारे में कोई विवरण उपलब्ध नहीं है।

कंधार से प्राप्त रिपोर्टों से पता चला है कि तालिबानियों ने परिसर में प्रवेश करने के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास के ताले तोड़ दिए। इसके अलावा वे अपने साथ वहाँ पर खड़े राजनयिक वाहनों को भी ले गए। बता दें कि अफगानिस्तान में भारत के चार कॉन्सुलेट हैं। इनमें से एक-एक काबुल, कंधार, हेरात औऱ मजार-ए-शरीफ में स्थित हैं।

हजारा लोगों से क्रूरता

अफगानिस्तान में तालिबान लगातार वहाँ के अल्पसंख्यक हजारा समुदाय पर अत्याचार कर रहा है। मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया है कि गजनी प्रांत में तालिबान ने अफगानिस्तान में हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के नौ लोगों को को टॉर्चर करने के बाद उनकी हत्या कर दी।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कई लोगों से बात की जो 4 जुलाई से 5 जुलाई के बीच मलिस्तान जिले के मुंडारख्त गाँव में हुई नृशंस हत्याओं के गवाह थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि छह हजारा पुरुषों को गोली मार दी गई। इनमें तीन को यातनाएँ दी गई थी। हजारा शिया मुस्लिम होते हैं।

घर-घर तलाशी

संयुक्त राष्ट्र ने एक दस्तावेज़ में बताया है कि तालिबान नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) बलों और पिछली सरकार के लिए काम करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए घर-घर तलाशी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के लिए खुफिया जानकारी निकालने वाली संस्था आरएचआईपीटीओ नॉर्वेजियन सेंटर फॉर ग्लोबल एनालिसिस की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि तालिबान ‘सहयोगियों’ को निशाना बना रहा है। ग्रुप के प्रमुख क्रिस्टियन नेलेमैन के मुताबिक, “ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है जिन्हें वर्तमान में तालिबान द्वारा निशाना बनाया जा रहा है और खतरा बिल्कुल स्पष्ट है।”

इस बीच, तालिबान विद्रोहियों ने एक पत्रकार के एक रिश्तेदार को उसकी तलाश करते हुए मार डाला। डीडब्ल्यू ने कहा कि जर्मनी में काम कर रहे पत्रकार की तालिबानी घर-घर तलाशी कर रहे थे। हमले में एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया है।

फेसबुक-इंस्टाग्राम ने हटाया राहुल गॉंधी का पोस्ट, कथित रेप पीड़िता के माता-पिता की पहचान उजागर कर दी थी

सोशल मीडिया पर एक रेप पीड़िता के परिवार वालों की पहचान उजागर करने के मामले में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ अब इंस्टाग्राम और फेसबुक ने कार्रवाई की है। इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने राहुल गाँधी के अकॉउंट से वो पोस्ट हटा दिया है जिनसे दिल्ली कैंट की रेप पीड़िता और उसके परिजनों की पहचान का खुलासा हो रहा था।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, “इंस्टाग्राम और फेसबुक ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के उस पोस्ट को हटा दिया है जिसमें दिल्ली कैंट रेप पीड़िता के पेरेंट्स की पहचान उजागर हो रही थी।”

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली कैंट के नांगला इलाके में 9 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पीड़िता के परिजनों की तस्वीर रिवील करने पर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ ट्विटर ने कार्रवाई की थी और बाद में फेसबुक व इंस्टाग्राम को भी इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने पत्र लिखा था। 

फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करने को लेकर NCPCR ने कार्रवाई करने की माँग की थी। इसमें कथिततौर पर नाबालिग पीड़िता के परिवार की पहचान का खुलासा हो रहा था, जो कि पॉक्सो एक्ट के विरुद्ध है। इसी पर आयोग ने संज्ञान लिया था और Facebook व Instagram को पत्र भी ल‍िखा था।

NCPCR ने फेसबुक व इंस्टाग्राम को चिट्ठी लिखते हुए कहा था कि उनके प्लेटफार्म पर पड़ी राहुल गाँधी की पोस्ट बलात्कार पीड़िता और उसके माता-पिता की पहचान को उजागर कर रही है और भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर रही है, इसीलिए उसे प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।

‘यह उम्माह की जीत’: तालिबान को मुबारकबाद दे TTP ने चीन-पाकिस्तान को चेताया, कहा- जारी रहेंगे हमले

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने अफगानिस्तान में सत्ता स्थापित करने के लिए तालिबान को बधाई दी है। साथ ही कहा कि पाकिस्तान और चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। TTP के अफगान तालिबान के साथ संबंध बेहतर हैं और TTP उससे सहायता की उम्मीद भी करता है।

TTP के प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद ने तालिबान के प्रमुख मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदजादा को तालिबान की जीत पर बधाई दी है। महसूद ने इस्लामी एमिरेट्स का पूर्णतः सहयोग करते हुए अफगानी तालिबान के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की है और कहा है कि तालिबान की यह जीत समूचे मुस्लिम उम्माह की जीत है और इस्लामी उम्माह का भविष्य इस जीत पर निर्भर करता है।

महसूद ने यह भी कहा कि अफगान तालिबान के साथ TTP के बेहतर संबंध हैं। इसके चलते TTP को तालिबान की भरपूर सहायता मिल सकती है। इसी के मद्देनजर TTP प्रमुख महसूद ने दावा किया है कि संगठन पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा। महसूद ने यह शपथ ली है कि पाकिस्तानी सैन्य बल और CPEC के खिलाफ TTP के हमले जारी रहेंगे। हालाँकि महसूद ने यह भी स्पष्ट किया है कि TTP पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग नहीं करेगा, बल्कि पाकिस्तान की जमीन पर रहकर ही संघर्ष जारी रखेगा। TTP ने जनजातीय इलाकों पर अधिकार करने और उसे आजाद करने की उम्मीद जताई है।

इसके अलावा महसूद ने TTP के लगभग 1,000 कमांडर्स को काबुल की बगरम जेल से रिहा करने के लिए तालिबान प्रमुख को शुक्रिया कहा है। इनमें से कई TTP के उच्च स्तर के कमांडर थे। तालिबान द्वारा रिहा किए गए कैदियों में महसूद के बाद TTP का दूसरे नंबर का नेतृत्वकर्ता मौलवी फकीर मोहम्मद भी शामिल है। TTP प्रमुख महसूद ने यह भी दावा किया है कि उसके लगभग 6,000 सदस्य ऐसे हैं जो तालिबान के साथ लड़ाई में शामिल हैं।

सोमनाथ में बनेगा पार्वती मंदिर, PM मोदी ने किया शिलान्यास: सरदार पटेल, अहिल्याबाई और भगवान शिव को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (20 अगस्त) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें सोमनाथ प्रदर्शन गैलरी, समुद्र दर्शन पथ और मंदिर से जुड़े कई अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने पार्वती मंदिर का भी शिलान्यास किया। बताया जा रहा है कि यह मंदिर 30 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ”मेरा सौभाग्य है कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे इस पुण्य स्थान की सेवा का मौका मिला। आज मैं लौह पुरुष सरदार पटेल जी के चरणों में भी नमन करता हूँ, जिन्होंने भारत के प्राचीन गौरव को पुनर्जीवित करने की इच्छाशक्ति दिखाई। पटेल जी सोमनाथ मंदिर को स्वतंत्र भारत की स्वतंत्र भावना से जुड़ा हुआ मानते थे।”

उन्होंने कहा, ”मैं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को भी प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने विश्वनाथ से सोमनाथ तक कितने ही मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया।” इस मौके पर प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ”इन नई परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सोमनाथ तो सदियों से सदा शिव की भूमि रही है। हमारे यहाँ शास्त्रों में कहा गया है जो कल्याण को पैदा करे, वो शिव हैं। इसलिए शिव में हमारी आस्था समय से परे है।”

पीएम मोदी द्वारा जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया है, उसमें समुद्र किनारे टहलने के लिए समुद्र दर्शन पथ को अहम बताया जा रहा है। इसकी नींव पिछले साल दिसंबर में गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। यह मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनाया गया 1.48 किमी लंबा वॉक वे है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परियोजना पर लगभग 45 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसके जरिए अरब सागर के किनारे पर्यटकों को रोमांचक सैर करने का अवसर मिलेगा और समुद्र से होने वाला तट का कटाव भी रुकेगा।

वहीं, अहिल्याबाई होलकर के नवीनीकरण पर 3.5 करोड़ रुपए का खर्चा आया ​है। अहिल्याबाई होलकर पुराने सोमनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मुख्य मंदिर की विपरीत दिशा में स्थित है। इसका निर्माण इंदौर की अहिल्या बाई होलकर ने कराया था। इसके अलावा यहाँ पार्वती मंदिर की भी आधारशिला रखी गई, जिसके निर्माण में करीब 30 करोड़ रुपए की लगात आएगी। इसमें गर्भ गृह और नृत्‍य मंडप भी बनाया जाएगा।

सोमनाथ मंदिर से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन मंदिर परिसर के राम मंदिर सभागार में हुआ। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और अन्य गणमान्य सभागार में मौजूद रहे।

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष हैं। गृह मंत्री अमित शाह न्यास के न्यासी हैं। हिंदुओं के पवित्र सोमनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण स्वयं चंद्रदेव सोमराज ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है।

मस्जिदों से चेहरा चमकाएगा तालिबान, इमामों को आदेश: बताओ इस्लामी शासन के फायदे, नमाज के बाद किसी को भागने मत दो

तालिबान ने अब अपनी कट्टरपंथी छवि को सुधारने के लिए मस्जिदों का सहारा लेने का तरीका अपनाया है। गुरुवार (19 अगस्त 2021) को तालिबान ने आदेश दिया कि शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज से किसी को भागने न दिया जाए और तालिबान के खिलाफ बने नकारात्मक माहौल को इमाम ठीक करने का प्रयास करें।

रविवार (15 अगस्त 2021) को काबुल में तालिबान के कब्जे के बाद शुक्रवार को तालिबानी शासन में पहली जुमे की नमाज पढ़ी जाएगी। काबुल में तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के नागरिक किसी न किसी तरह देश छोड़कर जाना चाहते हैं। इस तरह के तमाम घटनाक्रमों के बीच तालिबान ने अपनी छवि को सुधारने का नया तरीका निकाला है और इसके लिए काबुल समेत अन्य प्रांतों की मस्जिदों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बाकायदा तालिबान ने मस्जिदों के इमामों को आदेश जारी किया है।

गुरुवार को जारी किए गए आदेश में तालिबान ने इमामों से कहा है कि मस्जिदों से जुमे की नमाज के बाद किसी को भी भागने न दिया जाए। साथ ही इमामों को कहा गया है कि वो तालिबान के खिलाफ बनाए जा रहे नकारात्मक माहौल से निपटने की कोशिश करें और लोगों को तालिबान की बेहतर छवि के बारे में समझाएँ। तालिबान ने इमामों से यह उम्मीद की है कि वो लोगों को देश भर में इस्लामी व्यवस्था के फायदे बताएँगे और लोगों को देश छोड़ने की बजाय यहीं रहकर ‘देश के विकास’ में सहायक बनने के लिए प्रेरित करेंगे। तालिबान, मस्जिदों के जरिए दुश्मनों के दुष्प्रचार का जवाब देना चाहता है।

ज्ञात हो कि काबुल में कब्जे के बाद अफगानिस्तान में तालिबान का शासन स्थापित हो गया, जिसके बाद से लोग डर कर अपना घर और संपत्ति छोड़कर भाग रहे हैं। हालाँकि, तालिबान ने कहा कि वह देश के लोगों के साथ उदारता से पेश आएगा, लेकिन गुरुवार को ही तालिबान ने कुनार प्रांत के असदाबाद शहर में अफगानी झंडा लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी और उसके बाद हुई भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई। असदाबाद के अलावा, जलालाबाद और पक्तिया में भी तालिबान के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

‘भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की ऑप्टोसी और DNA रिपोर्ट CBI को सौंपें’: मना करने पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने पुलिस को दिया आदेश

कलकत्ता हाईकोर्ट से पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका लगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की पीठ ने पुलिस और प्रशासन को फटकार लगाते हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा मामले में सरकार की दूसरी ऑटोप्सी रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट सीबीआई (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है।

इससे पहले हाईकोर्ट की पाँच जजों की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की नृशंस हत्या को लेकर पुलिस और प्रशासन को दूसरी ऑटोप्सी रिपोर्ट और डीएनए (DNA) टेस्ट कराने का आदेश दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने चुनाव बाद हिंसा के मामलों में हत्या और बलात्कार सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अदालत की निगरानी में सीबीआई जाँच का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने अन्य सभी मामलों की जाँच एसआईटी को सौंपी है। आईपीएस अधिकारी सुमन बाला साहू, सौमेन मित्रा और रणबीर कुमार के नेतृत्व में SIT का गठन किया जाएगा। इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।

गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने जुलाई 2021 में चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार का डीएनए टेस्ट कमांड अस्पताल में कराने का आदेश दिया था। इसके साथ ही प्रशासन को इसकी जाँच रिपोर्ट 7 दिन के अंदर कोर्ट में जमा करने का आदेश भी दिया था।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2 मई 2021 को चुनावी नतीजों में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित होने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। विपक्ष खासकर बीजेपी समर्थक इस दौरान उनके निशाने पर थे। बीजेपी से जुड़े जिन लोगों की हत्या की गई, उनमें अभिजीत सरकार और हारन अधिकारी शामिल थे। हिंसा की सीबीआई जाँच व विशेष जाँच दल (SIT) के गठन को लेकर इनके परिजनों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस भी जारी किया था।

याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि किस बेरहमी से अभिजीत सरकार की हत्या की गई थी। सरकार की पत्नी जो इस घटना की चश्मदीद भी हैं उन्होंने बताया, “भीड़ ने उनके गले में सीसीटीवी कैमरे का तार बाँध दिया और उससे उनका गला दबाया। उन्हें ईंट और डंडों से पीटा। सिर फाड़ दिया और माँ के सामने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। आँखों के सामने बेटे की हत्या होते देख उनकी माँ बेहोश होकर मौके पर ही गिर गईं।”

260 km में 3 जिले, 3 लव जिहाद: शोएब बना आर्यन, अकीब बताया अमन… फैजान ने बेटा होने के बाद कहा – ‘मुस्लिम बनो’

मध्य प्रदेश के इंदौर, बड़वानी और शाजापुर से लव जिहाद के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इन तीनों जगहों में मुस्लिम युवकों ने हिन्दू लड़कियों को अपनी पहचान बदलकर जाल में फँसाया। इंदौर के फैजान ने तो न केवल हिन्दू महिला के साथ बलात्कार किया बल्कि निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए उस पर इस्लामी धर्मांतरण का दबाव भी बनाया।

फैजान बना कबीर

इंदौर के खजराना इलाके का रहने वाला फैजान, इलाके की ही एक ब्यूटी पार्लर संचालिका के संपर्क में आया लेकिन फैजान ने महिला को अपना नाम कबीर बताया। महिला के अनुसार फैजान ने अपनी मुस्लिम पहचान छिपाई और उससे शादी कर ली। जब उन दोनों का बेटा हुआ, तब फैजान ने अपनी असलियत बताई और महिला एवं उसके बेटे पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा।

मना करने पर फैजान ने महिला के निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी, जिसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत पर फैजान के खिलाफ बलात्कार, धमकाने और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया और आरोपित फैजान को गिरफ्तार कर लिया गया।

बड़वानी से लव जिहाद का मामला

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक हिन्दू महिला लव जिहाद का शिकार हुई। मूलतः धार की रहने महिला बड़वानी में कपड़े की दुकान में काम करती थी। यहाँ उसकी पहचान अकीब नाम के मुस्लिम युवक से हुई, जिसने अपना नाम अमन सोलंकी बताया। आरोपित अकीब ने महिला को अपने जाल में फँसा लिया और शादी की बात कह कर कई बार उसका यौन शोषण किया।

जब महिला को अकीब की सच्चाई पता चली, तब आरोपित ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया। इससे तंग आकर महिला ने बड़वानी कोतवाली थाने में आरोपित अकीब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अकीब के खिलाफ आईपीसी धारा 376, SC/ST एक्ट और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

शोएब आलम FB पर बना आर्यन ठाकुर

मध्य प्रदेश के ही शाजापुर जिले के शुजालपुर से लव जिहाद का मामला सामने आया। यहाँ शोएब आलम नाम के मुस्लिम युवक ने आर्यन ठाकुर बनकर फेसबुक के जरिए एक हिन्दू लड़की को अपने जाल में फँसा लिया। ज्ञात हो कि शुजालपुर की रहने वाली 16 वर्षीय लड़की आर्यन बने शोएब के संपर्क में आई। इसके बाद शोएब से मिलने के लिए लड़की की भाभी उसे दिल्ली लेकर चली गई।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जाँच टीम गठित की। कड़ियों को जोड़ते हुए इसी आधार पर गुजरात के अहमदाबाद में आर्यन नाम से फेसबुक एकाउंट बनाकर हिन्दू लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाने वाले शोएब आलम को गिरफ्तार किया गया।

जानकारी के मुताबिक आरोपित शोएब, आर्यन नाम से ही कई लड़कियों से दोस्ती कर रखी है। फेसबुक के अलावा इंस्टाग्राम में भी शोएब ने आर्यन नाम से आईडी बनाई हुई है। इसी मामले में एक अन्य आरोपित मुरैना निवासी मोइन खां को भी गिरफ्तार किया गया है, जो नाबालिग लड़की की भाभी का परिचित है। पुलिस ने आरोपित शोएब आलम, मोइन खां और पीड़िता की भाभी के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। तीनों को न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।

‘रिश्तेदार मुझे पोर्न स्टार कहते थे, अब्बू तो मानसिक-शारीरिक दोनों तरह से…’ – हिरोइन उर्फी जावेद ने किया खुलासा

टीवी एक्ट्रेस उर्फी जावेद ने ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर आने के बाद अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई राज खोले हैं। इंस्टाग्राम पर खासा एक्टिव रहने वाली उर्फी ने बताया कि अडल्ट साइट पर उनकी तस्वीरें अपलोड होने के बाद उन्हें परिवार का कोई सपोर्ट नहीं मिला था। इसकी वजह से रिश्तेदार भी उन्हें पोर्न स्टार समझने लगे थे।

‘बिग बॉस ओटीटी’ में धमाकेदार एंट्री के बाद चर्चा में आईं उर्फी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके अब्बू ने अडल्ट साइट पर उनकी तस्वीरें अपलोड होने के बाद उन्हें ‘मानसिक और शारीरिक रूप से’ प्रताड़ित किया था। उनके रिश्तेदार उनका बैंक अकाउंट चे​क करना चाहते थे।

हिंदुस्तान टाईम्स के मुताबिक, सिद्धार्थ कनन को दिए एक इंटरव्यू में उर्फी ने बताया, “उस वक्त मैं 11वीं क्लास में पढ़ती थी। उस दौरान मैं बहुत ही मुश्किल दौर से गुजरी थी, क्योंकि मुझे मेरे परिवार का सपोर्ट नहीं मिला था। वे मुझे ही दोष दे रहे थे।” उर्फी आगे बताती हैं:

“मेरे रिश्तेदार इस घटना के बाद मुझे पोर्न स्टार तक कहने लगे थे। वे मेरा बैंक अकाउंट चेक करना चाहते थे, उन्हें लगता था कि इसमें मैंने करोड़ों रुपए रखे होंगे। मेरे अब्बू मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे और यह टॉर्चर लगातार 2 साल तक चला। मुझे अपना नाम तक याद नहीं आ रहा था। लोग मेरे बारे में अश्लील बातें करते थे। जिस दौर से मैं गुजरी हूँ, वह मेरे लिए बहुत ही भयावह था। जैसा मेरे साथ हुआ ऐसा किसी लड़की के साथ न हो।”

पिछले साल Etimes को दिए एक इंटरव्यू में उर्फी ने बताया था कि वह अपनी माँ को छोड़ कर दो बहनों के साथ घर से भाग गई थीं। एक हफ्ते तक वो तीनों दिल्ली के एक पार्क में रही थीं। इसके बाद जॉब ढूंढ़ने लगीं। उन्होंने बताया कि शुक्र है कि उन्हें एक कॉल सेंटर नौकरी मिल गई। उनके अनुसार इस घटना के तुरंत बाद उनके अब्बू ने दूसरा निकाह कर लिया और फिर परिवार की सारी जिम्मेदारी उनकी पर और उनके बहनों के कंधों पर आ गई।

बता दें कि टीवी एक्ट्रेस उर्फी जावेद उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली हैं। 25 वर्षीय उर्फी सोशल मीडिया पर अक्सर अपने बोल्ड फोटोज शेयर करती रहती हैं। उन्होंने 20 साल की उम्र में ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’ से टेलीविजन पर दस्तक दी थी।

हिंदू लड़कियों से छेड़खानी, बचाने आई पुलिस को घेर कर खदेड़ा: इंदौर में सोहेल, इरफान, फारुक समेत 10 के खिलाफ FIR

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में वाल्मीकि समाज की दो नाबालिग लड़कियों के साथ मुस्लिम युवकों द्वारा छेड़खानी किए जाने और विरोध करने पर काँच की बोतलों से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है।

घटना इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के बंबई बाजार की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय सब्जी व्यापारी सुरेश अपनी भतीजियों के साथ एक दुकान पर जूस पी रहे थे। तभी वहाँ कुछ मुस्लिम युवक पहुँच गए, जिन्होंने नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी शुरू कर दी थी। सुरेश ने पहले तो इसका विरोध किया लेकिन आरोपित मुस्लिम युवकों ने काँच की बोतलों से लड़कियों और उनके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें लड़कियाँ और उनके परिवार के लोग घायल हो गए।

घटना 13 अगस्त 2021 की है लेकिन अब इससे जुड़ा हुआ वीडियो गुरुवार (19 अगस्त 2021) से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि पीड़ितों को बचाने के लिए आए पुलिस वाहन के पीछे सैकड़ों लोगों की भीड़ दौड़ रही है। बहुत स्पष्ट तरीके से नहीं लेकिन भीड़ में से ‘या हुसैन’ चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही है और साथ ही एक युवक को यह कहते भी सुना जा सकता है कि वीडियो को वायरल न किया जाए बल्कि डिलीट कर दिया जाए।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था, जिसके बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। वाल्मीकि समाज की नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी का मामला सामने आने के बाद हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था और आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बंबई बाजार की इस घटना के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना था कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वो इलाके की सफाई नहीं करेंगे।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने सोहेल, इरफान, फारुक, जुनैद, बिलाल, वकार, शादाब, अनीस एवं अन्य के खिलाफ SC/ST एक्ट, POCSO एक्ट और आईपीसी की धारा 307, 147, 148, 149, 354, 323, 294 और 506 के अंतर्गत मामला दर्ज किया।