Home Blog Page 3521

राहुल गाँधी का ट्विटर अकाउंट हुआ सस्पेंड: नीरज को बधाई न देने उठा सवाल, HC पहुँचा रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने का मामला

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी का ट्विटर एकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इसकी पुष्टि करते हुए माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर यह जानकारी दी। वहीं, दिल्ली कैंट की 9 वर्षीय कथित रेप पीड़िता के परिवार के सदस्यों की फोटो पोस्ट करने पर दिल्ली हाईकोर्ट में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर याचिका दाखिल की गई है।

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा को बधाई नहीं देने पर ट्विटर यूजर्स ने इस बारे में उनसे पूछना शुरू कर दिया, तब कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से ट्वीट करके राहुल का एकाउंट सस्पेंड होने की बात कही गई। कॉन्ग्रेस पार्टी ने ट्वीट करके कहा कि राहुल गाँधी का ट्विटर एकाउंट अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है और उसे रिस्टोर करने के लिए प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। कॉन्ग्रेस ने आगे कहा कि तब तक वो अपने दूसरे सोशल मीडिया एकाउंट्स के जरिए लोगों की आवाज उठाते रहेंगे और उनके हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। हालाँकि, उन्होंने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम एकाउंट से नीरज चोपड़ा को बधाई दी।

राहुल गाँधी के फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट

ज्ञात हो कि दिल्ली में कथित रेप पीड़िता के माता-पिता की फोटो ट्वीट कर पहचान उजागर करने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी कर राहुल गाँधी के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए ट्विटर ने उनके विवादित ट्वीट को हटा दिया था। बुधवार (4 अगस्त, 2021) को राहुल गाँधी ने दिल्ली में नाबालिग लड़की के परिवार से मुलाकात की थी और मृतक नाबालिग लड़की के माता-पिता की एक तस्वीर ट्वीट की थी।

ट्वीट के बाद राहुल गाँधी के खिलाफ दिल्ली की नांगल बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा करने और इस प्रकार यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 23, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की धारा 74, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का अधिनियम 228 ए का उल्लंघन करने के लिए दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

इसके अलावा, इसी मामले से जुड़ी एक और खबर सामने आ रही है। न्यूज18 की जानकारी के मुताबिक, ट्वीट के जरिए रेप पीड़िता के माता-पिता की पहचान उजागर करने के कारण दिल्ली हाईकोर्ट में राहुल गाँधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए याचिका दाखिल की गई है। याचिका में उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की माँग भी की गई है।

चुनावी जीत पर पीएम मोदी को बधाई, बरखा दत्त को करारा जवाब, PM CARES को दान: नीरज चोपड़ा के पुराने ट्वीट हो रहे हैं वायरल

भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक स्पर्धा में शनिवार को पहला स्थान हासिल कर किसी भी एथलेटिक्स में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उनकी जीत के तुरंत बाद भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दिए। इसके साथ ही देश भर से उन्हें शुभकामनाएँ मिलीं।

नीरज चोपड़ा को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया, “नीरज चोपड़ा की अभूतपूर्व जीत! भाला फेंक स्पर्धा में आपका स्वर्ण पदक जीतना बाधाओं को तोड़ इतिहास रचता है। आप अपने पहले ओलंपिक में भारत को पहली बार ट्रैक और फील्ड मेडल दिलाए। आपका ये कार्य युवाओं को प्रेरणा देगा। भारत उत्साहित है! हार्दिक बधाई!”

चोपड़ा को स्वर्ण पदक जीतने की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “टोक्यो में इतिहास लिखा गया है! नीरज चोपड़ा ने जो आज हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया है। उन्होंने उल्लेखनीय जुनून के साथ खेला और अद्वितीय धैर्य दिखाया। स्वर्ण जीतने के लिए उन्हें बधाई।”

जीत के साथ ही नीरज चोपड़ा का पुराना ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है। इनमें एक ट्वीट ऐसा है, जिसमें उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी थी। नीरज चोपड़ा ने ट्वीट किया था, “हमारा देश आपके नेतृत्व में नई ऊँचाइयों को छुए।”

फोटो साभार: नीरज चोपड़ा

दरअसल, टोक्यो ओलंपिक से ठीक पहले नीरज चोपड़ा ने उनकी सभी जरूरतों का ख्याल रखने के लिए मोदी सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया था। इसके अलावा, उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान, विशेष रूप से यूरोप में, कड़े वीजा नियमों के बावजूद समर्थन देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया था।

ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद नीरज चोपड़ा का एक अन्य ट्वीट भी वायरल हो गया है। इसमें उन्होंने कोरोनो महामारी के दौरान पीएम केयर्स को 2 लाख रुपये और हरियाणा कोविड राहत कोष में 1 लाख रुपये दान करने की जानकारी दी थी।

एक अन्य ट्वीट में नीरज चोपड़ा ने फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के दौरान ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम आयोजित करने के मोदी सरकार के फैसले का बचाव किया था। दरअसल, विवादास्पद पूर्व टीवी एंकर और अब पूर्णकालिक यूट्यूबर बरखा दत्त ने पड़ोसियों से देश को खतरा होने के दौरान खेल आयोजनों के महत्व को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की थी। इस पर नीरज ने पर मोदी सरकार के इस कदम का बचाव किया था।

बरखा दत्त की आलोचना के जवाब में चोपड़ा ने कहा था, “खेलों ने युवाओं को एकजुट करने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में प्रसारित करने में मदद की है। और ऐसा करने के लिए अब से बेहतर समय और क्या हो सकता है। यह एक अच्छी पहल है और इसकी आलोचना करना दुखद है।”

दिलचस्प बात यह है कि टोक्यो ओलंपिक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामना देने के लिए व्यक्तिगत रूप से नीरज चोपड़ा और उनके परिवार से बात की थी। चोपड़ा के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने कहा था, “मुझे बताया गया है कि आप घायल हो गए, फिर भी आपने एक नया कीर्तिमान बनाया। आपको उम्मीदों के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है, उम्मीदों का बोझ न उठाएँ, बस अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।”

पीएम मोदी को जवाब देते हुए नीरज ने कहा, ‘मैं अपने खेल पर ध्यान दे रहा हूँ। मुझे जो कुछ भी चाहिए, उसमें सरकार मेरी मदद कर रही है। चोट के कारण हमारा करियर सीमित है, लेकिन मेरा पूरा ध्यान ओलंपिक पर है। कोविड-19 के कारण ओलंपिक स्थगित हो गया, लेकिन मैं आयोजन की तैयारी करता रहा।”

इस बीच नेटिजन्स ने नीरज चोपड़ा के उस पुराने ट्वीट्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए आदर व्यक्त किया था। सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि कैसे मोदी सरकार से भारतीय खिलाड़ियों को मिले समर्थन ने एथलीटों के लिए ओलंपिक जैसे उच्चतम स्पर्धा में पदक जीतने के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।

सोशल मीडिया पर नीरज चोपड़ा के ट्वीट के फिर से सामने आने के बाद कुछ लोगों ने उदारवादियों पर कटाक्ष किया है। व्यंग्य करते हुए लोगों ने कहा कि वाम-उदारवादी उनके जीते हुए पदक को अब रद्द करा देंगे।

चोपड़ा के पदक के साथ भारत ने ओलंपिक में अपना अब तक का सबसे अधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। मीराबाई चानू ने बॉक्सिंग में रजत पदक के साथ टोक्यो ओलंपिक में भारत का खाता खोला था। पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में कांस्य पदक जीता।

कुश्ती में रवि दहिया ने रजत पदक जीता। लवलीना बोर्गोहेन ने मुक्केबाजी में कांस्य जीता, बजरंग पुनिया ने भी कुश्ती में कांस्य जीता। वहीं, भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल बाद कांस्य पदक के साथ ओलंपिक में पदक जीती है।

भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने शनिवार (7 अगस्त) को 65 किलोग्राम वर्ग में पुरुषों के फ्रीस्टाइल मैच में कजाकिस्तान के नियाजबेकोव दौलेट को हराकर टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता।

किन्नर साबिर ने मजदूर को अपनी बातों में फँसाकर बनाए अवैध संबंध: जबरन बनाया मुस्लिम और करवाया खतना

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रोरावर थाना क्षेत्र में युवक का जबरन धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मजदूरी करने वाले युवक का खतना भी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि किन्नर ने पहले मजदूर को अपनी बातों में फँसाकर उसके सा​थ अवैध संबंध बनाए फिर जबरन उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। शुक्रवार (6 अगस्त) को पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने SSP से मुलाकात करके इस मामले पर कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने धर्मांतरण मामले में किन्नर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।

मामले पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने कहा कि शाहजमाल क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य है। वहाँ कारखाने में काम करने वाले राहुल की मुलाकात साबिर नाम के नकली किन्नर से हुई थी। कुछ दिनों में दोनों एक दूसरे के इतने करीब आ गए कि इनके बीच शारीरिक संबंध बन गए। इसी बीच किन्नर साबिर ने राहुल का जबरन खतना करा कर उसको मुसलमान बना दिया। दो महीने बाद जब राहुल के परिजनों को इसके बारे में पता चला, तो उन्होंने उसे घर बुला लिया।

राहुल ने एसएसपी अलीगढ़ को अपनी शिकायत में बताया, “रोरावर थाना क्षेत्र के गोंडा रोड पर रहने वाले एक किन्नर साबिर ने मुझे झाँसे में लेकर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करा दिया है। किन्नर मुझे अपने साथ जबरदस्ती रखना चाहता है और मेरा शोषण करता है। जैसे-तैसे मैं भाग कर अपने घर पहुँचा तो वो मेरे घर पर भी आ गया और जबरदस्ती मुझे अपने साथ ले जाने लगा। वो मेरे परिवार के लोगों पर भी दवाब डाल कर उनका भी धर्म परिवर्तन कराना चाहता है।”

पुलिस क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि थाना रोरावर में प्रार्थी द्वारा एक शिकायत पत्र दिया गया है, जिसमें एक किन्नर पर उसने जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। इसके आधार पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

Tokyo Olympics: भारत के ये 7 गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज विजेता, जिनके दम पर देश ने तोड़ा ओलंपिक में मेडल का रिकॉर्ड

इस साल टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अभी तक संपन्न हुए टोक्यो ओलंपिक के खेल कार्यक्रमों में भारत ने 1 गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज जीतते हुए कुल 7 मेडल हासिल किए। यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके पहले साल 2012 में लंदन में आयोजित समर ओलंपिक में भारत ने 2 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 6 मेडल जीते थे।

कुछ इस प्रकार रही भारत के लिए 7 मेडल्स की कहानी

जैवलिन थ्रो में भारत के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। हरियाणा के रहने वाले 23 वर्षीय नीरज ने क्वलीफिकेशन राउंड में भी शानदार प्रदर्शन किया था और पहले स्थान पर रहे थे। इसके बाद फाइनल में 6 राउंड में भी कोई उनसे आगे नहीं निकल पाया।

महिला वेटलिफ्टिंग इवेंट के 49 किलोग्राम वर्ग में भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। टोक्यो ओलंपिक में चानू ने ही भारत का खाता खोला था और दूसरे ही दिन सिल्वर मेडल जीत लिया था।

भारत को दूसरा सिल्वर मेडल कुश्ती में मिला। पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में रेसलर रवि दहिया ने भारत को सिल्वर मैडल दिलाया। हालाँकि भारत के समर्थकों को इस इवेंट में गोल्ड की उम्मीद थी लेकिन खेल में हार-जीत भी लगी ही रहती है लेकिन 2012 के बाद पहली बार है कि कोई अकेला पुरुष भारत के लिए सिल्वर लेकर आया हो।

कुश्ती में ही भारत को दूसरा मेडल मिला। बजरंग पुनिया ने कजाकिस्तान के दौलेट नियाज़बेको को हराते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। पूनिया की माँ ने अपने बेटे की जीत के लिए शिवरात्रि का व्रत रखा था। वहीं उनके पिता भी अपने बेटे की जीत को लेकर आश्वस्त थे। उन्होंने भरोसा जताया था कि बेटा देश के लिए मेडल ज़रूर लेकर आएगा। उनके पिता ने ही उन्हें पहलवानी का ककहरा सिखाया था।

टोक्यो ओलंपिक का सबसे गौरवशाली क्षण तब रहा जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगभग 4 दशकों बाद हॉकी में मेडल दिलाया। भारत 49 वर्ष (1972 ओलंपिक) बाद ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुँची थी। भारत ने आखिरी बार मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन वह म्यूनिख ओलंपिक 1972 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुँचा था।

भारत के लिए तीसरा ब्रॉन्ज मेडल बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जीता। रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वीली पीवी सिंधु को सेमीफाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे ताई जु यिंग से हार का सामना करना पड़ा था और वो फाइनल में पहुँचने से चूक गई थीं, लेकिन ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेले गए मुकाबले में उन्होंने जीत हासिल कर भारत की सिर गर्व से ऊँचा कर दिया।

भारत के लिए चौथा ब्रॉन्ज मेडल महिला बॉक्सर लवलीना बोरगेहेन ने जीता। असम के गोलाघाट स्थित एक छोटे से गाँव की रहने वाली बोरगेहेन सेमीफाइनल के पहले दोनों राउंड में लवलीन ने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन तुर्की की खिलाड़ी ने अंतिम कुछ सेकेंड्स में वापसी की और मैच जीत लिया था। हालाँकि उन्होंने पहले ही भारत के लिए मेडल सुनिश्चित कर लिया था।

हालाँकि अभी ओलंपिक का आखिरी दिन बाकी है। 08 अगस्त 2021 को टोक्यो ओलंपिक समाप्त हो जाएगा लेकिन खेलों का यह महाकुम्भ इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि इस बार कई ऐसे भारतीय रहे जो मेडल के करीब पहुँचकर चूक गए। भारतीय निशानेबाज मनु भकर, तीरंदाज दीपिका कुमारी, टेबल टेनिस प्लेयर मणिका बत्रा समेत कई खिलाडियों के पास मेडल जीतने की क्षमता थी लेकिन थोड़े अंतरों से ये सभी मेडल की रेस से बाहर हो गए। महिला हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालाँकि सेमीफाइनल और फिर ब्रॉन्ज मैडल के लिए खेले गए मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम हार गई लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर एक आम इंसान भी महिला टीम के खेल पर गर्व किए बिना नहीं रह सके।

7 गौ-तस्करों को पकड़ने में राजस्थान पुलिस रही नाकाम, फायरिंग के बीच चकमा देकर भागे तस्कर, 10 गोवंश बरामद

राजस्थान में गौ तस्करों के हौसले बुलंद हैं और वे पुलिस पर भी गोलियाँ चलाने से नहीं झिझक रहे हैं। हालात ये हो गए हैं कि गौ तस्कर पुलिस टीम को चकमा देकर भागने में भी कामयाब हो जा रहे हैं। राजस्थान के भरतपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें मुट्ठी भर गौ तस्करों ने थाने की पूरी पुलिस टीम पर फायरिंग करने के बाद उन्हें चकमा देकर भाग निकले।

शुक्रवार को देर रात हुई इस मुठभेड़ के लिए नदबई थाना का पूरा स्टाफ लगा दिया गया था। कुल 20 पुलिसकर्मियों के होने के बावजूद 7 गौ तस्कर पुलिस टीम पर फायरिंग करते रहे और अंतत: अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। हालाँकि, आरोपी जिस गाड़ी में गोवंश लेकर आए थे, उसे मौके पर छोड़कर भाग गए। इसके बाद गाड़ी में लादे गए 10 गोवंशों को गोशाला भेजवाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, नदबई थाने को अपने मुखबिरों से सूचना मिली कि गोवंश से भरी पिकअप मेवात की ओर से नदबई की तरफ आ रही है। गौ तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने नाकाबंदी करवाई। इसमें इलाके के ग्रामीणों ने भी पुलिस का साथ दिया। हालाँकि, फायरिंग की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को वहाँ से दूर हटा दिया गया।

जैसे ही गौ तस्करों की गाड़ी नजदीक आते दिखी, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। इस पर पिकअप में सवार करीब 7 तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। उसके बाद जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही थाने का पूरा स्टाफ पहुँच गया और 20 पुलिसकर्मियों के स्टाफ ने कुल 17 राउंड फायर किए। इसके बाद भी गौ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर पिकअप वाहन को छोड़ मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने घटनास्थल से पिकअप को जब्त कर लिया और उसमें लादे गए 10 गोवंश को छुड़ा कर गौशाला भेजवा दिया। पुलिस ने अज्ञात गौ तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और बरामद की गई गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपियों का पता लगा रही है। वहीं, लोग इस पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर 20 पुलिसकर्मियों के चंगुल से 7 गौ तस्कर फरार कैसे हो गए।

राजीव गाँधी का नाम खेल रत्न पुरस्कार से हटा… और नीरज चोपड़ा को गोल्ड मेडल: क्यों ट्रेंड कर रहा #पनौती

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने जेवलिन में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है। देश को गौरवान्वित क्षण देने वाले नीरज चोपड़ा को सोशल मीडिया पर पूरा देश जीत की बधाई दे रहा है। इसी बीच कुछ ऐसे भी सोशल मीडिया यूजर्स हैं, जो इस गोल्ड मेडल के लिए नीरज को बधाई देने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दे रहे हैं।

दरअसल, मोदी सरकार ने शुक्रवार (6 अगस्त 2021) को खेल से जुड़ा बड़ा फैसला लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि खेल रत्न पुरस्कार अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर दिया जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि इसके लिए देश भर से नागरिकों का आग्रह मिला है। खेल रत्न अब तक पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गॉंधी के नाम पर था। ऐसे में खेल रत्न का नाम बदलने के अगले ही दिन भारत की झोली में स्वर्ण पदक आने पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

ट्विटर पर प्रिया क्षेत्री नाम की यूजर ने लिखा, ”भारत के नीरज चोपड़ा ने खेल रत्न का नाम बदलते ही गोल्ड मेडल जीत लिया। पुराने नाम में ही पनौती थी। नरेंद्र मोदी जी आपका राजीव गाँधी खेल रत्न का नाम बदलने का फैसला सही था। हम इसके लिए आपकी प्रशंसा करते हैं और नीरज सर को गोल्ड मेडल जीतने के लिए ढेर सारी बधाइयाँ।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, ”खेल रत्न पुरस्कार से पनौती राजीव गाँधी का नाम हटाए जाने के ठीक अगले दिन भारत ने एक ही दिन में रिकॉर्ड 2 ओलंपिक पदक जीते। एक स्वर्ण पदक और दूसरा कांस्य पदक।”

एक और यूजर ने लिखा, ”देखो क्या संयोग है। राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद पुरस्कार रखने के अगले ही दिन भारत की झोली में स्वर्ण पदक आ गया है।”

रितेश मोदी नाम के यूजर ने लिखा, ”राजीव गाँधी का खेल रत्न पुरस्कार से नाम हटाने के बाद पहला गोल्ड मेडल नीरज चोपड़ा को मिला। राजीव गाँधी पनौती।”

गौरतलब है कि 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के खांद्रा गाँव में जन्मे नीरज चोपड़ा एक किसान परिवार से आते हैं। बचपन में मोटापे के शिकार हुए नीरज को उनके घर वालों ने वजन कम करने के उद्देश्य से खेल खेलने के लिए भेजा था। शुरुआत में क्रिकेट खेलने वाले नीरज ने कई खिलाड़ियों को भाला फेंकते हुए देखा, तभी उनके मन में इस खेल के प्रति रूचि पैदा हुई और आज उन्होंने ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया।

यूट्यूब ‘बेरोजगार’ अजीत अंजुम को बुजुर्ग की पटखनी: महँगाई, कश्मीर, बेरोजगारी… सब पर सिखाया सबक, अब उड़ाने लगे मजाक

भारत के ‘इलीट वर्ग के’ पत्रकार अब देश की आम जनता को ही बेवकूफ समझने लगे हैं। अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने को लेकर भारत की आम जनता क्या सोचे और क्या नहीं, अब अजीत अंजुम सरीखे पत्रकार चाहते हैं कि ये भी मीडिया का गिरोह ही तय करे। कौन से मुद्दे से जनता को तकलीफ हो रही है और कौन से मुद्दे से वो खुश हैं वो खुश हैं, ये भी जनता की जगह अब पत्रकार ही तय करने में लगे हुए हैं।

एक ताज़ा वीडियो को देखिए। इसमें अजीत अंजुम एक बुजुर्ग ग्रामीण से सवाल पूछते हैं। उक्त ग्रामीण ने कहा कि कश्मीर को पहले पाकिस्तान अपना हिस्सा मानता था, लेकिन अनुच्छेद-370 के हटने के बाद वो वो पूरी तरह भारत का हिस्सा हो गया है। इस पर अजीत अंजुम ने आरोप लगा डाला कि उन्होंने व्हाट्सएप्प पर ये सब पढ़ा है। यानी, एक बुजुर्ग अपनी मन की बात नहीं कह सकता उनकी नजर में, ज़रूर उसे किसी ने ‘सिखाया’ है।

इसके बाद अजीत अंजुम बेरोजगारी के मुद्दे पर आ गए। रोजगार के सवाल पर बुजुर्ग ग्रामीण ने स्पष्ट कहा कि लोगों को रोजगार मिल रहा है और खेती में भी रोजगार बढ़ा है। इस पर अजीत अंजुम कहने लगे कि क्या पहले खेती नहीं होती थी? उलटा सवाल दागने लगे कि क्या पहले ईंट की ढुलाई और मिल का काम नहीं होता था? फिर बुजुर्ग का मजाक बनाने लगे कि वो क्या बोल रहे हैं। जब व्हाट्सएप्प का नाम लेकर बात नहीं बना तो उन्होंने पूछा डाला कि कौन सा चैनल देखते हो?

जब बुजुर्ग ने ‘जी न्यूज़’ बताया तो फिर अजीत अंजुम कहने लगे कि इस तरह के चैनल देखने पर यही सब होता है। इसके बाद फिर से वो बुजुर्ग ग्रामीण ‘त्यागी जी’ का मजाक बनाने लगे। ऑक्सीजन छिपाने को लेकर भी बुजुर्ग ने अपनी बात रखी। फिर जबरन अजीत अंजुम तेल के मुद्दे पर आ गए। बुजुर्ग ने कहा कि इससे उन्हें कोई दिक्कत नहीं। अंत में अजीत अंजुम उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘कट्टर समर्थक’ बता कर निकल लिए।

इतना ही नहीं, उन्होंने सोशल मीडिया में भी बुजुर्ग ग्रामीण का मजाक बनाया। उन्हें ‘मोदी समर्थक’ और ‘जी न्यूज का दर्शक’ जैसे विशेषणों से सम्बोधित करते हुए लिखा कि इन्हें महँगाई भी कबूल है। भाजपा नेता मनीष पांडेय ने अजीत अंजुम पर निशाना हुए लिखा कि अनुच्छेद-370 हटने से पहले कश्मीर नाममात्र का भारत का हिस्सा था – ये बात एक बुजुर्ग ग्रामीण त्यागी जी समझते हैं, लेकिन अजीत अंजुम जैसे पत्रकार नहीं।

सुधीर चौधरी ने भी अजीत अंजुम पर कटाक्ष करते हुए लिखा, पत्रकार की वेश में ये जो भी आदमी है, इसने एक वृद्ध ग्रामीण के मुँह में अपने शब्द डालने की पूरी कोशिश की। जब नहीं हुआ तो उसका मज़ाक़ उड़ाया। आख़िर में झुंझला गया। ये लोग गाँव वालों को अनपढ़ और बेवक़ूफ़ समझते हैं जबकि है इसका उल्टा। ये बेरोज़गार पत्रकार ईर्ष्या की आग में जल रहे हैं।” उनकी बात बहुत हद तक सही भी है।

उन्होंने बुजुर्ग से पूछा कि तेल के दाम बढ़ गए, खेती पहले भी होती थी। जब सब पहले होता था तो क्या महँगाई पहले नहीं थी? महँगाई दर 2009 में 12.31% थी और आज 2021 में 5% से भी कम है। क्या अजीत अंजुम आँकड़ों में विश्वास नहीं रखते? वीडियो तो पहले भी बनते थे। आज फिर क्यों बना रहे अजीत अंजुम? 2014 से पहले घर-घर में रोजगार था क्या? मोदी सरकार में तो तमाम योजनाओं के जरिए लोगों को रोजगार ही नहीं मिला है, बल्कि कइयों ने अपना कारोबार भी शुरू किया।

वो बुजुर्ग ग्रामीण ‘त्यागी’ था, इसीलिए अजीत अंजुम खुल कर उनका मजाक बना पाए। अगर उनकी जगह कोई मुस्लिम होता या फिर कोई सामान्य वर्ग का व्यक्ति नहीं होता तो अजीत अंजुम कभी उसका मजाक बनाने की हिम्मत नहीं करते। 2014 के बाद बेरोजगार हुए पत्रकारों की फेहरिस्त में शामिल अजीत अंजुम अब यूट्यूब व्यूज के लिए मारे-मारे फिरते हैं तो उन्हें लगता है कि पूरी दुनिया ही बेरोजगार हो गई है।

जबकि सच्चाई ये है कि सुदूर गाँव का एक निरक्षर व्यक्ति भी इन इलीट पत्रकारों से ज्यादा जानता है और देशहित के बारे में सोचता है। कभी शहर का मुँह भी नहीं देखने वाले व्यक्ति के घर भी आज बिजली है, इसीलिए वो कश्मीर व लद्दाख के बारे में इन पत्रकारों से ज्यादा जानता है, जो दिन-रात एसी गाड़ियों में घूमते रहते हैं। अजीत अंजुम जी, बुजुर्ग ग्रामीण ‘त्यागी जी’ का विवेक आपसे ज्यादा व्यापक है, उनकी समझ आपसे कई गुना ऊपर हैं।

त्रिपुरा के CM बिप्लब देब की हत्या की कोशिश में 3 गिरफ्तार, सुरक्षा घेरे में घुसाई थी कार, एक सुरक्षाकर्मी घायल, बाल-बाल बचे CM

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की हत्या के प्रयास के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री अपने आधिकारिक आवास श्यामा प्रसाद मुखर्जी लेन के निकट गुरुवार (5 अगस्त) शाम को सैर पर निकले थे, तभी तेज रफ्तार कार उनके सुरक्षा घेरे में घुस गई। उस कार में तीन लोग सवार थे। हालाँकि, उस हादसे में मुख्यमंत्री बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनका एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया था।

बताया जा रहा है कि सीएम के सुरक्षा दस्ते ने उस कार को रोकने को कोशिश थी, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने बताया कि बाद में केरचाऊमुहानी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनकी कार को भी जब्त कर लिया है। आरोपितों को 6 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीपी पॉल की अदालत में पेश किया गया था। अदालत के फैसले के बाद उन तीनों को 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना कोरोना रात्रि कर्फ्यू के दौरान हुई थी। तीनों युवकों ने न सिर्फ कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि अवैध रूप से 6 पुलिस बैरिकेड्स को भी तोड़ा। जब शराब के नशे में धुत तीन लोगों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने एक पुलिसकर्मी पर भी हमला कर दिया।

तीनों के खिलाफ त्रिपुरा के सीएम की हत्या का प्रयास करने, तेज कार चलाने, सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी में बाधा डालने, कर्मचारियों को जान-बूझकर घायल करने सहित विभिन्न आरोपों में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने कार समेत उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनके घरों व अन्य स्थानों पर छापेमारी की है। बता दें कि तीनों आरोपितों की उम्र 20 वर्ष से अधिक है। उन्होंने सीएम की हत्या का प्रयास क्यों किया इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है।

‘अब्बाजान’ कहने पर तमतमाए अखिलेश, CM योगी को दी धमकी: मुख्यमंत्री ने राम मंदिर पर ली थी जबरदस्त चुटकी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान से तमतमाए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद राजपाल सैनी, काजल निषाद, तूफानी निषाद, महामंडलेश्वर सत्या नंद गिरी को पार्टी में ज्वाइनिंग कराते ही सीएम योगी पर भी सीधा निशाना साधा। भड़के अखिलेश यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री किसी और भाषा को जानते हैं, उनके कानों तक किसानों की भाषा नहीं पहुँचती। वो तो चुनावों को दूसरी ओर ले जाना चाहते हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि भाजपा के मुख्यमंत्री को अपनी भाषा पर संतुलन रखना चाहिए।”

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके बल्कि आरोप पर आरोप जड़ते रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य में भाजपा सरकार होने के बाद भी सबसे ज़्यादा परेशान किसान हैं। ऐसे कानून लाए हैं कि भविष्य में किसानों की ज़मीन पर सरकार कब्ज़ा कर लेगी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मूल मुद्दे पर वापस आते हुए कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि भाजपा के मुख्यमंत्री को अपनी भाषा पर संतुलन रखना चाहिए। कल मैंने उनका एक इंटरव्यू सुना। हमारा आपका मुद्दों पर झगड़ा हो सकता है। लेकिन मुख्यमंत्री अपनी भाषा पर संयम रखें अगर वो मेरे पिता जी को कुछ कहेंगे तो मैं भी उनके बारे में कुछ कह सकता हूँ। मुख्यमंत्री मेरे पिता जी के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? मुख्यमंत्री को अपनी भाषा पर संतुलन रखना चाहिए। मेरे पिता जी के बारे में कहेंगे तो अपने पिता के बारे में भी सुनने के लिए तैयार रहें।”

अखिलेश ने आरोप लगाया कि दलित पिछड़े मुसलमान सबसे ज़्यादा जेल में हैं। सरकार अब सोशल मीडिया से डर रही है। 2014 व 2017 में सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा अफवाह फैला के जनता को गुमराह कर के भाजपा ने चुनाव जीता। पंचायत चुनाव डीएम, एसपी ने जितवाया? सबने देखा। अब उनका सम्मान कर रहे हैं। भाजपा सरकार को अपने ठेकेदारों को एडजस्ट करना था इसलिए पूर्वांचल एक्सप्रेस का प्लान बदला था।

दरअसल, शुक्रवार को CM योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जमकर शब्दबाण चले थे। अखिलेश यादव ने खुद को बीजेपी के नेताओं से बड़ा हिंदू बताया तो सीएम योगी ने राममंदिर के बहाने उन पर निशाना साधा था।

सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा था, “उनके अब्बाजान (मुलायम सिंह यादव) कहते थे कि वहाँ (अयोध्या में) परिंदे को भी पर नहीं मारने देंगे, लेकिन अब वहाँ राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। अगले तीन साल में वहाँ एक बड़ा भव्य मंदिर होगा।”

CM योगी ने कहा, “हमने कहा था कि मंदिर वहीं बनाएँगे। हमने 1990 में भी कहा था कि जहाँ रामलला विराजमान हैं, वहीं मंदिर बनेगा। तब इन लोगों ने गोली चलवा दी थी, लेकिन अब आप देख लीजिए, मंदिर का काम शुरू हो चुका है और जल्द इसे पूरा किया जाएगा।”

अखिलेश के 400 सीटें जीतने के दावे पर योगी ने चुटकी लेते हए कहा, “मैं तो हैरान हूँ। उन्होंने 500 सीट क्यों नहीं बोला। अब जब बोलना ही है तो कुछ भी बोल दो। सपना देखने का हक सबको है।”

पाकिस्तान में गणेश मंदिर पर हमला करने वाले 150 उन्मादियों के खिलाफ FIR, पाक SC की फटकार के बाद 20 आरोपी गिरफ्तार

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भोंग के एक हिंदू मंदिर पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने शनिवार (7 अगस्त) को 150 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की खिंचाई के बाद की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (6 अगस्त) को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे हमलों को रोकने में विफल रहने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया था। अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाओं से दुनिया भर में देश की छवि धूमिल हो रही है।

दरअसल, बीते दिनों पंजाब प्रांत के रहीमयार खान जिले के भोंग इलाके में लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लिए सैकड़ों कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादियों ने गणेश मंदिर पर हमला कर दिया था। उन्मादी भीड़ ने भगवान गणेश और शिव-पार्वती की मूर्तियों को तोड़ दिया था।

रहीमयार खान के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) असद सरफराज ने पत्रकारों को बताया, ”हमने भोंग में कथित रूप से मंदिर पर हमला करने के मामले में अब तक 20 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।” पुलिस अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि वीडियो फुटेज के माध्यम से आरोपितों की पहचान की जा रही है।

असद सरफराज ने आगे बताया कि मंदिर पर हमला करने के आरोप में 150 से अधिक लोगों के खिलाफ आतंकवाद और पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, ”इस अपराध में शामिल हर संदिग्ध को गिरफ्तार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मंदिर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।”

दरअसल, पाकिस्तान के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद ने शुक्रवार (6 अगस्त) को कहा कि मंदिर में तोड़फोड़ की घटना देश के लिए शर्मनाक है, क्योंकि पुलिस मूक दर्शक की तरह काम कर रही है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन ने मिल्ली याकजेहटी काउंसिल (MYC) को कहा, ”उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि हिंदू मंदिर पर हमला किया गया था।” इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साहिबजादा अबुल खैर जुबैर ने इस विषय को हैदराबाद की एक अन्य घटना से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक मुस्लिमों को मंदिरों के बाहर गाय काटने का अधिकार है। साथ ही MYC ने पाकिस्तान में गणेश मंदिर पर हमले की निंदा से भी इनकार किया।