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PM मोदी की फेक फोटो से फैलाया झूठ, इंटरव्यू भी काट कर चलवाया… पूर्व IAS जवाहर सरकार को राज्यसभा भेजेगी TMC

तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) ने संसद के उच्च सदन अर्थात राज्यसभा के लिए जवाहर सरकार को नामांकित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी रहे जवाहर IAS अधिकारी और प्रसार भारती के सीईओ रह चुके हैं। हाल ही में वह पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए नीता अंबानी के साथ उनकी फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर करके चर्चा में आए थे।

राज्यसभा के लिए जवाहर सरकार के नामांकन की सूचना टीएमसी के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से दी गई। टीएमसी की ओर से बताया गया कि लोक सेवा में जवाहर 42 साल तक अपनी सेवाएँ देते रहे हैं और वह प्रसार भारती के सीईओ भी रह चुके हैं। टीएमसी द्वारा ट्वीट में लिखा गया कि लोक सेवा में दिया गया जवाहर का योगदान बेहतर तरीके से देश की सेवा करने में उनकी (टीएमसी) सहायता करेगा।

हालाँकि भले ही जवाहर सरकार IAS अधिकारी रह चुके हों लेकिन उनकी प्रवृत्ति हमेशा से ही मोदी विरोधी ही रही है। जवाहर ने 07 जून 2021 को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर की थी जिसमें पीएम मोदी को नीता अंबानी के सामने हाथ जोड़े हुए दिखाया गया। जवाहर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि कि कैसे देश के पीएम अपने दोस्तों के साथ इतने विनम्र हो जाते हैं कि उनके आगे हाथ जोड़ लेते हैं।

जवाहर ने तंज भरे अंदाज में लिखा था, “काश साथी सांसद और राजनीति में अन्य लोगों को भी उनके हमेशा भौह चढ़ाने वाले पीएम से ऐसा शिष्टाचार और खुशमिजाजी मिलती। एक परिपक्व लोकतंत्र में, हम दोतरफा संबंध, अहसान, लेन-देन को जानेंगे। किसी दिन इतिहास हमें बताएगा।”

जवाहर द्वारा शेयर की गई तस्वीर में नरेंद्र मोदी, नीता अंबानी के आगे सिर झुकाकर हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए थे। जबकि हकीकत में यह तस्वीर पीएम मोदी की दीपिका मंडल के साथ हुई मीटिंग की थी। दीपिका एक ‘दिव्य ज्योति कल्चरल ऑर्गनाइजेशन एंड वेल्फेयर सोसायटी’ नाम की एनजीओ को चलाती हैं।

2 मई 2014 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रसार भारती के सीईओ रहते हुए जवाहर ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान दूरदर्शन पर प्रसारित बीजेपी के तत्कालीन प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू को ‘स्पष्ट रूप से एडिट’ करने की बात स्वीकार की थी। मोदी का ये इंटरव्यू 27 अप्रैल, 2014 को दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था। मोदी के इंटरव्यू को जवाहर ने काट-छाँट करके चलवाया था और इसे वह अपने पत्र में स्वीकार भी चुके हैं। उस समय पूरे 56 मिनट का इंटरव्यू महज 28 मिनट में, बिना किसी को जानकारी दिए प्रसारित किया गया था। इंटरव्यू से जो हिस्सा काटा गया वहाँ मोदी ने प्रियंका गाँधी और अहमद पटेल पर अपनी बात रखी थी।

तलाक के बाद फिर साथ दिखे आमिर खान और किरण राव, ‘लाल सिंह चड्ढा’ शूट पर साथ टेबल टेनिस खेलते आए नजर

हाल ही में आमिर खान ने पत्नी किरण राव से तलाक लेने की घोषणा कर हर किसी को हैरान कर दिया था। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि तलाक के बावजूद आमिर और किरण शूटिंग पर साथ में समय बिता रहे हैं। अब लाल सिंह चड्ढा फिल्म की शूटिंग के सेट से कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें आमिर टीम और पत्नी के साथ टेबल टेनिस टूर्नामेंट खेलते नजर आ रहे हैं।

आमिर खान इन दिनों लद्दाख में अपकमिंग फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं जहाँ उनकी पूर्व पत्नी किरण राव और बेटा आजाद भी हैं। फिल्म के एक सूत्र ने बताया, “लाल सिंह चड्ढा फिल्म की यूनिट ने एक टेबल टेनिस टूर्नामेंट का आयोजन किया था जिसमें आमिर सर से लेकर टीम मेंबर्स और बच्चों ने भी हिस्सा लिया था। ये बहुत कैजुअल और मजेदार कॉम्पिटीशन था।”

सेट से कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें आमिर खान अपने बेटे आजाद को चियर करते दिख रहे हैं वहीं दूसरी तरफ किरण राव भी बेटे का गेम एंजॉय कर रही हैं। दूसरी तस्वीर में खुद आमिर, किरण के साथ मुकाबला करते दिख रहे हैं। बात करें वायरल हो रही इन तस्वीरों की तो इनमें आमिर खान लोअर टीशर्ट में दिख रहे हैं और किरण राव ने सूट पहना हुआ है। वहीं आजाद ने पीले रंग का टीशर्ट पहना है। उनके आसपास बाकी का क्रू भी नजर आ रहा है।

इससे पहले भी आमिर-किरण की कुछ वीडियोज सेट से वायरल हुई थीं जिनमें एक्स कपल लद्दाख का ट्रेडिशनल आउटफिट पहने हुए लोकल लोगों के साथ फॉक डांस सीख रहे थे। लद्दाख से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दोनों ने वहाँ के ट्रेडिशनल कपड़े पहना था और डांस कर रहे थे। इस दौरान आमिर ने पर्पल हैट के साथ रेड कलर का आउटफिट पहना था तो वहीं किरण ने ग्रीन हैट के साथ डार्क पिंक कलर की ड्रेस पहनी थी। एक महिला उन्हें डांस सिखा रही थी और आमिर, किरण उन्हें देखकर डांस कर रहे थे। दोनों के डांस शुरू करते ही सभी खुशी से चिल्लाने लगते हैं। 

आमिर की अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा‘ में करीना कपूर खान, मोना सिंह और नागा चैतन्य भी हैं। फिल्म फॉरेस्ट गंप की रीमेक है, जिसे अद्वैत चंदन डायरेक्ट कर रहे हैं। थ्री इडियट्स के बाद फिर एक बार आमिर और करीना कपूर खान की जोड़ी दर्शकों को लाल सिंह चड्ढा फिल्म में देखने मिलेगी। ये फिल्म हॉलीवुड फिल्म फॉरेस्ट गंप की हिंदी रीमेक होने वाली है, जिसे इस साल के आखिर तक रिलीज किया जाएगा।

केरल में फर्जी वकील बन 2 साल तक लड़ती रही केस, बार एसोसिएशन का चुनाव भी जीता: सरेंडर करने से पहले कोर्ट से फरार

फर्जी वकील बनकर केस लड़ रही 27 वर्षीया एक महिला मामले का खुलासा होने के बाद गुरुवार (22 जुलाई, 2021) को अलाप्पुझा (अलेप्पी) कोर्ट से फरार हो गई। महिला पिछले ढाई वर्ष से वकील के तौर काम कर रही थी और फर्जी कागजात के आधार पर कई केसों में शामिल होने बार एसोसिएशन का सदस्य भी बन गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित महिला की पहचान सेसी जेवियर के रूप में हुई है। कुट्टनाड के रमांकारी की निवासी जेवियर बिना किसी संदेह के 2 साल से अधिक समय तक वकालत करती रही। फर्जी दस्तावेजों की मदद से उसने अलाप्पुझा अदालत में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के अंतर्गत कनिष्ठ वकील के रूप में काम किया। आरोपित ने कानून के अंतिम वर्ष का छात्र होने का दावा करके उसी वकील के मातहत इंटर्नशिप भी किया था। इसके बाद वह मार्च 2019 में अलेप्पी बार एसोसिएशन की सदस्य भी बन गई।

इस दौरान जेवियर कई मामलों में अदालत के समक्ष पेश हुई। यही नहीं, उसे 25 मामलों में एडवोकेट कमिश्नर भी नियुक्त किया गया था। जेवियर ने 2021 में बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ा और लाइब्रेरियन का चुनाव जीत गई। हालाँकि, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब 15 जुलाई को बार एसोसिएशन को एक गुमनाम पत्र मिला। पत्र में दावा किया गया था कि सेसी जेवियर के पास कानून की कोई डिग्री या एनरॉलमेेंट सर्टिफिकेट नहीं है। जाँच के दौरान पता चला कि वह तिरुवनंतपुरम में स्थित एक अन्य अधिवक्ता की एनरॉलमेेंट नंबर पर वकालत कर रही थी।

बार काउंसिल ने फर्जी वकील की सदस्यता समाप्त की

यह बात भी सामने आई कि जेवियर ने केरल बार काउंसिल में कभी एनरॉलमेंट नहीं कराया था। महिला ने शुरू में तिरुवनंतपुरम से कानून की पढ़ाई करने का दावा किया था, लेकिन बाद में उसने बताया था कि बेंगलुरु से डिग्री हासिल करने की है। हालाँकि, मामले का खुलासा होते ही बार एसोसिएशन ने उसकी सदस्यता समाप्त कर दी और मामले की सूचना जिला जज को दी। सेसी जेवियर ने बार एसोसिएशन द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब नहीं दिया।

पुलिस ने केस दर्ज किया, आरोपित कोर्ट परिसर से फरार

इसके बाद बार एसोसिएशन ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में महिला के खिलाफ लाइब्रेरियन रहते किताबें और दुर्लभ दस्तावेज चुराने की शिकायत दर्ज कराई। ऐसा माना जाता है कि पुलिस की पकड़ में आने से पहले महिला ने अपने फर्जी प्रमाण पत्रों को नष्ट कर दिया। पुलिस ने सेसी जेवियर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 417, 419 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जेवियर पर चोरी का भी आरोप लगाया है।

गुरुवार (22 जुलाई) को आरोपित महिला सरेंडर करने के इरादे से अलाप्पुझा में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट-1 की अदालत पहुँची। बताया जा रहा है कि उसे अदालत से जमानत की उम्मीद थी। हालाँकि, जब जेवियर को मालूम हुआ कि उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज की गई है तो वह कुछ अज्ञात अधिवक्ताओं की मदद से अदालत के पिछले दरवाजे से भाग गई। उसके बाद पुलिस लगातार सेसी जेवियर की तलाश कर रही है।

गैंगरेप पीड़िता को बंगाल पुलिस ने धमकाया, रात 8 बजे थाने बुलाया: TMC नेताओं के खिलाफ शिकायत मामले पर एक्टिविस्ट ने किया खुलासा

पश्चिम बंगाल में सामूहिक बलात्कार पीड़िता को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करने पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने कथित तौर पर धमकी दी है।

सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम की एक गैंगरेप पीड़िता को पुलिस अधिकारियों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के उन नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर धमकी दी, जिन्होंने कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया था।

एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने अपने ट्वीट में कहा कि शांतिनिकेतन के पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार (23 जुलाई 2021) को पीड़िता के घर का दौरा किया और टीएमसी नेताओं पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाने के लिए उसे धमकाया। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर उसे चेतावनी देते हुए कहा कि वो शुक्रवार रात ही उसे पुलिस स्टेशन ले जाएँगे, क्योंकि उसने टीएमसी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और एक्टिविस्ट डॉ श्रुति मिश्रा ने एक ऑडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें पीड़िता को आपबीती सुनाते हुए सुना गया। डॉ श्रुति मिश्रा ने अपने ट्वीट में कहा, “पश्चिम बंगाल में संविधान, क़ानून, मूल अधिकार, मानवीयता सब कुछ दाँव पर है। पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की जगह पुलिस उल्टा पीड़िता को अरेस्ट करने पहुँची है, वह भी रात को 8 बजे।”

डॉ मिश्रा द्वारा साझा किए गए ऑडियो क्लिप में, पीड़िता, जो काफी घबराई हुई है, को आपबीती सुनाते हुए सुना जा सकता है। पीड़िता का कहना है कि शांतिनिकेतन थाने के 6 पुलिस अधिकारी उसके घर पहुँचे और उसके पिता को धमकाया कि वे उसकी बेटी को थाने ले जाएँगे।

पीड़िता ने कहा कि पुलिस उसे सामूहिक दुष्कर्म मामले की पूछताछ के लिए शुक्रवार रात आठ बजे थाने आने के लिए कह रही थी। ऑडियो में पीड़िता का कहना है कि वह पुलिस अधिकारियों की पहचान नहीं कर सकी क्योंकि उनके पास उनका आधिकारिक बैज नहीं था।

इस भीषण घटना के बाद, एक्टिविस्ट मोनिका अरोड़ा और डॉ श्रुति मिश्रा ने केंद्र और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से मामले का संज्ञान लेने और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा, सामूहिक बलात्कार

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस की जीत के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हिंसा शुरू हो गई। राज्य से हिंसा की डरावनी कहानियाँ सामने आईं, जिनमें पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ हमला, बलात्कार, पुलिस की उदासीनता शामिल है। महिलाओं ने उनके द्वारा किए गए भयानक अपराधों का विवरण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पीड़ितों ने सभी घटनाओं के साथ-साथ बंगाल पुलिस की निष्क्रियता की एसआईटी जाँच की माँग की थी।

दिलीप घोष ने शेयर किए बंगाल हिंसा के वीडियो, YouTube ने हटाया: यह कैसा ‘कम्युनिटी दिशा-निर्देश’?

पश्चिम बंगाल में इस साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान जबरदस्त हिंसा हुई। चुनाव परिणाम में ममता बनर्जी की तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का ये दौर और ज्यादा बढ़ गया। पार्टी ने पिछले 6 महीने में 165 कार्यकर्ताओं की हत्या और 20,000 को बेघर किए जाने का आरोप लगाया है। उधर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) ने बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोषणा के उन वीडियोज को हटा दिया, जिसमें उन्होंने बंगाल में हुई हिंसा को दिखाया था।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार (जुलाई 23, 2021) को पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के कुछ वीडियो YouTube पर शेयर किए थे। लेकिन, YouTube का कहना है कि ये वीडियो उसके ‘कम्युनिटी दिशानिर्देशों’ का उल्लंघन करते हैं, इसीलिए उन्हें हटा दिया गया है। कंपनी का कहना है कि इन वीडियोज में ‘क्रूर हिंसा’ थी, इसीलिए यूट्यूब ने इन्हें हटाया। भाजपा प्रवक्ता शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वास्तविक स्थिति यही है।

दिलीप घोष ने “Some of the illustrious achievements of the Trinamool Congress government in past two months” टाइटल के साथ इनके वीडियोज को शेयर किया था, जिसका अर्थ है – “पिछले दो महीनों में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सरकार की कुछ शानदार उपलब्धियाँ”। यूट्यूब का कहना है कि उसके दिशानिर्देशों को कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि समुदाय सुरक्षित रहे।

कंपनी ने कहा कि घृणास्पद बयान, प्रताड़ना, स्पैम, धोखाधड़ी और हिंसा से जुड़े ग्राफिक्स दिखाने वाले वीडियोज को वो हटा लेता है। 21 जुलाई को दिलीप घोष ने जानकारी दी थी कि 2 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद से 21 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएँ हुई हैं। भाजपा प्रवक्ता भट्टाचार्य ने कहा कि यूट्यूब भी इन वीडियोज से हैरान है, इसीलिए उसने इन्हें डिलीट किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल हिंसा के नाम पर फेक वीडियोज शेयर करने का आरोप भाजपा पर लगाती रही हैं।

अपनी जाँच रिपोर्ट में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कहा है कि अनुसूचित जनजाति समुदाय राज्य में चुनाव के बाद से डर में जी रहा है। वह पुलिस के समक्ष या रेवेन्यू अधिकारियों के पास शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। मिदनापुर जिले में आयोग ने पाया कि मुंडा जनजाति के लोगों को हिंसक भीड़ ने निशाना बनाया और उन्हें उनके घर में घुसे रहने को इतना मजबूर किया कि वह बाजारों में अपनी कृषि उपज बेचने भी नहीं जा पाए। कई आदिवासियों को उनके वाहन को सड़कों पर चलाने की अनुमति तक नहीं दी गई।

खुले मंच से हिंदुओं के लिए घृणा, PM मोदी और अमित शाह के लिए बहुत ही गंदी बात: पादरी जॉर्ज पोन्नैया गिरफ्तार

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक रोमन कैथोलिक पादरी को धार्मिक समूहों के बीच नफरत और दुश्मनी फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, डीएमके नेता एवं अन्य के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

‘जनन्याग क्रिस्थुवा पेरवई अमाईपु’ नामक NGO के सलाहकार व ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया (George Ponniah) ने कन्याकुमारी के अरुमनई में आयोजित एक सभा में बात करते हुए हिंदू विरोधी टिप्पणी किया था। इसके साथ ही भाषण में, उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि चर्च ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में डीएमके के पक्ष में वोटों का प्रचार किया था।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में द्रमुक की जीत ‘ईसाइयों और मुसलमानों द्वारा दी गई भीख’ थी। उन्होंने हिंदू धर्म, PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “नरेंद्र मोदी का आखिरी दिन सबसे दयनीय होगा। मैं लिखकर दे सकता हूँ। अगर जिन भगवान को हम पूजते हैं वो सच में जिंदा हैं तो इतिहास देखेगा कि मोदी और अमित शाह के सड़े शरीर को कुत्ते और कीड़े खाएँगे।”

इसके अलावा उन्होंने नागरकोली के भाजपा विधायक एम आर गाँधी पर तंज कसते हुए कहा था, “वो इसलिए चप्पल नहीं पहनते क्योंकि वो भारत माता को दर्द नहीं देना चाहते और हम लोग इसलिए चप्पल पहनते हैं ताकि हमारे पैर गंदे न हों और भारत माता के कारण हमें कोई बीमारी न हो।”

मामले में भाजपा सहित कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, अरुमनई पुलिस ने उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए, 295 ए, 505 (ii) और 506 (i) के तहत मामला दर्ज किया। इसके अलावा उन पर आईपीसी की धारा 269 और 143 व महामारी रोग अधिनियम की धारा 3 के तहत बैठक आयोजित करने, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के लिए भी मामला दर्ज किया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भाषण की वीडियो वायरल होने के बाद पादरी का जो विरोध शुरू हुआ, उसे देख उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी माँग ली थी। उनका तर्क था कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें कुछ भाग को एडिट करके बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले को दूसरा एंगल दिया जा सके।

कल्याण सिंह की हालत गंभीर: लेखक आसिफ रेयाज ने कहा – ‘एक विवादित ढाँचा गिरने जा रहा है’

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हालत गंभीर है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बताया गया है कि लगातार अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। राजधानी लखनऊ में स्थित ‘संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ ने बताया कि कल्याण सिंह के स्वास्थ्य व इलाज से जुड़े सभी पहलुओं का निरीक्षण निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ही कर रहे हैं।

ANI ने अस्पताल के हवाले से ट्विटर पर इस खबर को प्रकाशित किया। वहीं आसिफ रेयाज नाम के व्यक्ति ने इसके रिप्लाई में आपत्तिजनक व संवेदनहीन टिप्पणी करते हुए लिखा, “एक विवादित ढाँचा गिरने जा रहा है।” अपने ट्विटर बायो में उसने खुद को ‘इमकानात की दुनिया’ और ‘मुज़फ्फरनगर कैम्प में’ नामक पुस्तकों का लेखक बताया है। ट्विटर प्रोफ़ाइल के अनुसार, वो देश की राजधानी दिल्ली में रहता है।

कल्याण सिंह को लेकर आसिफ रियाज़ का आपत्तिजनक कमेंट

ऊपर संलग्न किए गए स्क्रीनशॉट में आप उसकी टिप्पणी देखते हैं। दरअसल, बाबरी-विध्वंस को लेकर कल्याण सिंह को जिम्मेदार मानते हुए उसने इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वो ‘नक्श-ए-राख’ नामक एक ब्लॉग भी चलाता है। जहाँ एक तरफ लोग कल्याण सिंह जैसे नेता के स्वास्थ्य गिरने से दुःखी हैं और उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसने इस तरह की टिप्पणी की है। कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल भी रहे हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री के रूप में कल्याण सिंह के पहले कार्यकाल के दौरान ही बाबरी विध्वंस हुआ था। मुख्यमंत्री बनने के बाद ही उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या जाकर ये संकल्प लिया था कि वहाँ एक भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। अयोध्या को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद उन्होंने तभी शुरू कर दी थी और इसके लिए भूमि अधिग्रहण भी किया गया था। उनके कार्यकाल के दौरान ही राम मंदिर की ‘आधारशिला’ रखी गई थी।

Tokyo Olympics: मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर, भारत को दिलाया पहला मेडल

टोक्यो ओलंपिक गेम्स 2021 के दूसरे दिन भारत का मेडल खाता खुल गया। शनिवार (24 जुलाई 2021) को महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीत लिया।

ज्ञात हो कि महिला वेटलिफ्टिंग इवेंट के 49 किलोग्राम वर्ग में भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। पहले उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम का भार सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद स्नैच में 87 किग्रा भार उठाकर उन्होंने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया।

मीराबाई चानू की इस शानदार सफलता पर PM मोदी ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी है।

वह भारत की ओर से वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

silver medal in tokyo olympic games 2021 mirabai chanu weightlifting

‘मेरी डार्लिंग मुनकी, ये समय भी बीत जाएगा’: शमिता शेट्टी ने की ‘हंगामा 2 देखने की अपील’, जीजा कुंद्रा की फिल्म में होने वाली थीं कास्ट

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पोर्न फ़िल्में बना कर एप के जरिए बेचने के मामले में पुलिस की गिरफ्त में हैं। शिल्पा शेट्टी से भी इस मामले में पूछताछ हुई है। इसी बीच शमिता शेट्टी ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट लिख कर अपनी बहन शिल्पा शेट्टी की नई फिल्म ‘हंगामा 2’ के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। 2009 में ‘बिग बॉस 3’ का हिंसा रह चुकीं शमिता शेट्टी का नाम भी इस मामले में आया है।

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में शमिता शेट्टी ने लिखा, “मेरी डार्लिंग मुनकी को 14 वर्षों बाद हंगामा की रिलीज के लिए शुभकामनाएँ। मुझे पता है कि तुमने इसके लिए काफी मेहनत की है, असल में पूरी टीम ने। मैं तुमसे प्यार करती हूँ और हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी। तुमने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव झेले हैं और एक चीज को लेकर मैं निश्चित हूँ कि तुम हमेशा और मजबूत होकर उभरी हो।”

शिल्पा शेट्टी को ‘प्यारी डार्लिंग’ कह कर सम्बोधित करते हुए शमिता ने लिखा कि ये समय भी बीत जाएगा। उन्होंने ‘हंगामा 2’ की पूरी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए शिल्पा के शब्दों को दोहराया कि वो योग की उस शिक्षा में विश्वास रखती हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर कहीं जीवन मौजूद होता है तो सिर्फ वर्तमान में। उन्होंने लिखा कि ‘हंगामा 2’ की पूरी टीम ने सतत मेहनत कर के एक अच्छी फिल्म बनाई है और चूँकि एक अच्छी फिल्म को बनाना काफी कठिन है, इसीलिए विवाद का असर इस पर नहीं पड़ना चाहिए।

उन्होंने शिल्पा शेट्टी के उस निवेदन को भी शेयर किया, जिसमें लिखा था, “आज मैं आप सबसे निवेदन करती हूँ कि आप सब अपने परिवार और अपने चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए ‘हंगामा 2’ देखने जाएँ। इस फिल्म से काफी लोग जुड़े हुए हैं, उनके लिए आपको फिल्म देखनी चाहिए।” इस विवाद के सामने आने के बाद ये शमिता शेट्टी की पहली इंस्टाग्राम पोस्ट है। इससे पहले शिल्पा ने ये अपील शेयर की थी।

बहन शिल्पा शेट्टी के समर्थन में शमिता का इंस्टाग्राम पोस्ट

हाल ही में मॉडल गहना वशिष्ठ ने खुलासा किया था कि कुछ दिनों पहले जब वो राज कुंद्रा के दफ्तर में उनसे मिलने गई थीं तो पता चला था कि वो ‘बॉलीफेम’ नामक एक एप बना कर चैट शोम रियलटी शो, म्यूजिक वीडियो और फीचर फिल्में दिखाना चाहते थे। साथ ही दोनों मिल कर एक स्क्रिप्ट में शमिता शेट्टी को कास्ट करने की सोच रहे थे। गहना वशिष्ठ को निर्देशन का जिम्मा दिया जाना था। लेकिन, तभी राज कुंद्रा की गिरफ़्तारी हो गई।

राज कुंद्रा मामले में ताज़ा अपडेट्स की बात करें तो मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच उन्हें लेकर उनके जुहू स्थित बँगले पर गई थी, जहाँ उनसे और उनकी पति शिल्पा शेट्टी से कई घंटे आमने-सामने बिठा कर पूछताछ हुई। इसके बाद कुंद्रा को बाइकुला स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर लाया गया। शिल्पा शेट्टी के भी बैंक खाते खँगाले जा रहे हैं। राज कुंद्रा की एक कंपनी’JL Stream’ भी रडार पर है, जिसके लिए कुछ महीनों पहले शिल्पा शेट्टी ने भी प्रमोशनल वीडियो बनाया था।

जहाँ तक शमिता शेट्टी की बात है, वो पूर्व में ‘मोहब्बतें (2000)’, ‘ज़हर (2005)’, ‘बेवफा (2005)’ और ‘ब्लैक विडोज (2020)’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं। उनका फ़िल्मी करियर अच्छा नहीं रहा। ‘साथिया (2002)’ और ‘हे बेबी (2007)’ जैसी फिल्मों में उन्होंने आइटम सॉन्ग्स किए। दोनों बहन अक्सर एक-दूसरे के साथ इंस्टाग्राम पर तस्वीरें डालती रहती हैं। शमिता ने अब शिल्पा के समर्थन में पोस्ट डाली है।

शिल्पा शेट्टी ने कहा- ‘…वो पोर्न नहीं बल्कि इरॉटिका’: कोर्ट ने पूछा, ‘यह कौन तय करेगा?’

बिजनेस मैन राज कुंद्रा के खिलाफ पोर्न रैकेट मामले में उनकी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी से पूछताछ की गई। इस पर उन्होंने दलील दी कि जिन वीडियो को लेकर उनके पति की गिरफ्तारी की गई है, वो पोर्न नहीं बल्कि ‘इरॉटिका’ हैं और ऐसे वीडियो आजकल लगभग सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। मुंबई की अदालत में भी जब कुंद्रा के वकील द्वारा यही तर्क पेश किया गया तो कोर्ट ने भी पूछा कि यह कौन निर्धारित करेगा कि क्या इरॉटिका है और क्या नहीं?

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार (23 जुलाई 2021) को शिल्पा शेट्टी से उनके जुहू स्थित घर पर पूछताछ की। दरअसल पुलिस यह जानना चाहती थी कि क्या शिल्पा अपने पति के इस पूरे पोर्न बिजनेस और हॉटशॉट एप्लीकेशन के बारे में पहले से जानती थीं या नहीं? हालाँकि शिल्पा ने इस पूरे मामले में अपनी संलग्नता को सिरे से खारिज करते हुए कुंद्रा को भी निर्दोष बताया है।

एक अधिकारी ने मिड-डे को जानकारी देते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान शिल्पा ने कहा कि हॉटशॉट पर उपलब्ध फिल्में पोर्नोग्राफी नहीं हैं बल्कि इरॉटिका हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आजकल कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी कई फिल्में रिलीज होती रहती हैं और यहाँ तक कि इनमें कई ऐसे दृश्य हॉटशॉट पर उपलब्ध फिल्मों से भी अधिक उत्तेजक होते हैं।

वैसे तो क्राइम ब्रांच को इस पूरे पोर्न रैकेट में शिल्पा शेट्टी की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं लेकिन क्राइम ब्रांच को शक है कि 2020 में शिल्पा ने वियान इंडस्ट्रीज इसलिए छोड़ दी थी कि उन्हें कानूनी दाँव-पेंचों में फँसने का डर रहा होगा। इस पूरे पोर्न रैकेट में राज कुंद्रा के अलावा वियान इंडस्ट्रीज भी आरोपित है, जिसके संबंध केनरिन लिमिटेड और हॉटशॉट से रहे हैं।

शिल्पा ने जिस तरीके से अपने पति राज कुंद्रा का बचाव किया, ठीक उसी तरह के तर्क कुंद्रा के वकील ने मुंबई की अदालत में पेश किए। कुंद्रा के वकील अबद पोंडा ने अदालत में कहा कि जिन वीडियो के आधार पर कुंद्रा क आरोपित बनाया गया है वो पोर्न कैटेगरी में आते ही नहीं हैं। पोंडा ने कहा कि हॉटशॉट में दिखाए गए वीडियो, सेक्स के प्रत्यक्ष दृश्यों को नहीं दिखाते हैं, ऐसे में उन्हें पोर्न की कैटेगरी में नहीं रखा जा सकता है। पोंडा ने यह भी कहा कि अमेजन और नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म में भी ऐसे ही दृश्य दिखाई देते हैं लेकिन इन्हें छोड़, मुंबई पुलिस सिर्फ कुंद्रा के पीछे ही क्यों पड़ी है?

हालाँकि कोर्ट ने कुंद्रा के वकील की दलीलों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कौन तय करेगा कि क्या इरॉटिका है और क्या नहीं? साथ ही कोर्ट ने राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रयान थोरपे की पुलिस कस्टडी को 27 जुलाई तक बढ़ा दिया है। पुलिस ने दोनों की रिमांड को बढ़ाने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था क्योंकि पुलिस इस पूरे पोर्न रैकेट से संबंधित वित्तीय लेनदेन और सीज किए गए डाटा को एक्सेस करना चाहती है। पुलिस का यह भी मानना है कि जो 48 टीबी डाटा एक्सेस किया गया है उसके अलावा कुंद्रा के निर्देश पर बाकी डाटा डिलीट कर दिया गया है।