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गरीबों के लिए केंद्र ने भेजा राशन, दिल्ली सरकार ने रखे-रखे सड़ा दिया: पैकेट्स पर लगी है केजरीवाल की फोटो, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कई टन अनाज जमा किए हुए दिख रहे हैं। एक कमरे में पड़े हुए इस अनाज के ढेर का कोई उपयोग नहीं हो रहा है और ये बर्बाद हो रहे हैं। पड़े-पड़े ये राशन खाने योग्य भी नहीं बचा और सड़ गया है। ऐसा लग रहा है जैसे काफी लंबे समय से ये यूँ ही पड़ा हुआ तो, तब उसकी ये हालत हुई है। लोग इसे जमाखोरी की करतूत बता रहे हैं।

लेकिन, सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात ये है कि राशन के उन पैकेट्स पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर लगी हुई है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दिल्ली भाजपा के महासचिव सिद्धार्थ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक का जो पीएम मोदी ने मुफ़्त राशन भेजा था, वो प्रतिदिन दिल्ली सरकार के स्कूलों, सरकारी गोदोमों में सड़ा हुआ मिल रहा है।

उन्होंने इस वीडियो को वसंत कुंज का बताते हुए कहा कि ये साफ दर्शाता है कि केजरीवाल गरीबों का हक़ मार कर कालाबाज़ारी में लगे हुए हैं। ‘दैनिक जागरण’ ने भी बसंत कुंज के निगम स्कूल में राशन सड़ने को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। ये राशन उन गरीबों के लिए आया था, जिनके पास दिल्ली का नागरिक होने का प्रमाण-पत्र नहीं था। दिल्ली में रह रहे प्रवासी मजदूर, जो घर नहीं गए और जिनकी आय भी लॉकडाउन में बंद थी, ये उनके हक़ का अनाज था।

केंद्र सरकार ने उनके लिए ही ये अनाज भेजा था, ताकि दिल्ली का नागरिक न होने के बावजूद उनके भूखे मरने की नौबत नहीं आए। खबर में बताया गया है कि जुलाई-अगस्त 2020 में ही राशन खराब होना शुरू हो गया था और उसकी जानकारी स्कूल के प्राचार्य ने फूड इंस्पेक्टर व खाद्य आपूर्ति अधिकारी से लेकर महरौली के विधायक नरेश यादव तक को थी। ये लोग अनाज हटाने की बात करते रहे, लेकिन तब तक ये सड़ गया।

सड़ने के बावजूद कोई अधिकारी तक इसे देखने नहीं आया। विधायक नरेश यादव कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने ही खराब राशन भेजा था, जबकि पहले 2-3 दिन इसका वितरण होने की बात उन्होंने भी स्वीकार की थी। दिल्ली सरकार को केंद्र से लगभग 700 टन अनाज पिछले साल मिले थे जिसे मसूदपुर के निगम स्कूल में रखा गया था। जब दुर्गंध आने लगी तो अनाज सड़ा हुआ मिला। भाजपा नेता रूपी यादव ने बसंत कुंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

वहीं दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा है कि वो उप-राज्यपाल और केंद्र सरकार से दरख्वास्त करेंगे कि इस मामले की CBI जाँच की जाए। इधर अरविंद केजरीवाल फ्री राशन योजना की बातें कर रहे हैं। उधर भाजपा ने पूछा है कि दिल्ली में ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ लागू क्यों नहीं हुआ? जबकि केंद्र देश भर में 2 रुपए प्रति किलो गेहूँ, 3 रुपये प्रति किलो चावल देती है। कोरोना काल में 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज मिल रहा है।

2 महीने बाद पकड़ा गया मार्टिन जोसेफ, त्रिशूर के जंगली इलाके में छिपा था: इसके कारनामे सुन सन्न रह जाएँगे

केरल के कोच्चि में लिव-इन पार्टनर को फ्लैट में बंद रखकर उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने वाला मार्टिन जोसेफ 10 जून 2021 की रात गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता की शिकायत के पूरे दो माह बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से मार्टिन फरार था और कुछ दिन पहले उसने अंतरिम जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

द न्यूज मिनट के मुताबिक आरोपित की गिरफ्तारी त्रिशूर जिले के जंगल वाले इलाके से हुई। पिछले दो दिनों से कोच्चि पुलिस वहाँ नजर बनाए हुई थी। शहर के पुलिस आयुक्त ने कहा कि गुरुवार की रात पुलिस ने क्षेत्र के निवासियों की सहायता से एक बिल्डिंग का पता लगाया, जहाँ वह अब तक छिपा हुआ था।

बता दें कि पीड़िता पिछले साल से मार्टिन के साथ कोच्चि के एक फ्लैट में लिव इन में रहती थी। इसी दौरान उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया। मार्टिन ने उसका रेप किया और वीडियो रिकॉर्ड कर उसे धमकी दी कि अगर उसने कॉपरेट नहीं किया तो सारी फोटोज उसके माता-पिता को भेज देगा।

पीड़िता के मुताबिक, अपने फ्लैट में कैद करके मार्टिन ने उसे बेल्ट से पीटा, उसका दुष्कर्म किया, उसे जगाए रखने के लिए उसकी आँख पर लाल मिर्च वाला पानी डाला। साथ ही जबरन टॉयलेट का पानी और मूत्र पीने को मजबूर किया। 

कुछ माह पहले जब महिला किसी तरह मार्टिन के चंगुल से भागने में सफल हुई तो उसने अपनी फोटो मीडिया में शेयर की। तस्वीर में उसकी पूरी बॉडी पर खून जमने के निशान थे। मामला पुलिस के संज्ञान में आया और पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई। वहाँ भी महिला ने शरीर पर घावों के निशान को प्रमाण की तरह पेश किया। शुरू में इस मामले में पुलिस ने ढिलाई दिखाई। लेकिन बाद में मामला राज्य महिला अधिकार पैनल पर गया और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हाल में कोर्ट में भी मार्टिन की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज किया गया, जिसमें उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोप झूठे बताए थे।

मार्टिन के 3 दोस्त भी गिरफ्तार

बता दें कि 10 जून को कोच्चि की एक अन्य महिला ने मार्टिन के ख़िलाफ़ शारीरिक शोषण का मुकदमा दायर करवाया है। पुलिस ने मामले में मार्टिन के तीन दोस्त धनेश, श्रीराग और जॉन जॉय को गिरफ्तार किया है। तीनों उसके त्रिशूर के रिश्तेदार हैं जिन्होंने उसे फरार होने में मदद की। पुलिस ने इनके पास से 3 वाहन जब्त किए हैं। इनमें 1 स्विफ्ट, 1 बाइक और 1 BMW है।

पुलिस कमिश्नर का कहना है कि अब आरोपित की वित्तीय गतिविधियों के बारे में जाँच हो रही है। पता लगाया जा रहा है कि कैसे वह इतने महॅंगे वाहनों और शानदार अपार्टमेंट को अफोर्ड कर पा रहे थे। इस बात की भी जाँच हो रही है कि कहीं मार्टिन के विरुद्ध पहले से और शिकायतें तो नहीं हैं। गिरफ्तार आरोपितों में से एक पर एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) मामले में केस दर्ज किया गया था। ऐसे में इस बात की जाँच भी हो रही है कि वह पुलिस से कैसे बच गए।

मार्टिन पर आईपीसी की धारा 323 , 324, 344, 376, 420 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों पर मार्टिन को शरण देने के लिए मामला दर्ज किया गया है। दूसरी महिला की शिकायत पर मार्टिन पर आईपीसी की धारा 354 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ताइवान एक देश है: जापानी PM सुगा की बात पर भड़का चीन, ‘फिर कभी न हो ऐसी घटना’ से दी धमकी

जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा द्वारा ताइवान को एक देश बताने पर चीन भड़क गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (9 जून 2021) को PM सुगा ने विपक्षी नेताओं के साथ अपनी पहली आमने-सामने की संसदीय बहस में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ताइवान का नाम लेते हुए कहा, “ये ऐसे तीन देश हैं, जो कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए निजी अधिकारों पर कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं।”

ताइवान (Taiwan) को आमतौर पर जापान में एक क्षेत्र कहा जाता है, जबकि चीन ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा बताता है। ऐसे में चीन ने ताइवान का एक देश के रूप में संदर्भ देने के बाद जापान (Japan) पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। साथ ही उसे चेतावनी भी दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजिंग में गुरुवार (10 जून 2021) को एक प्रेस वार्ता में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन से PM सुगा की टिप्पणी के बारे में पूछा गया। इसको लेकर वांग ने कहा, “जापानी नेता कई मौकों पर ताइवान का जिक्र एक देश के रूप में करते हैं।” उन्होंने जापान पर स्व-शासित ताइवान को एक देश के रूप में संदर्भित नहीं करने की अपनी प्रतिज्ञा को गंभीर रूप से भंग करने का आरोप लगाया है।

वांग ने आगे कहा कि चीन जापान के इस रवैये से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। उन्होंने जापानी पक्ष से स्पष्ट करने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो। चीनी अधिकारी ने जापान से अपने वादों का सम्मान करने, अपने शब्दों और कार्यों से सतर्क रहने और किसी भी तरह से चीन की संप्रभुता को नुकसान नहीं पहुँचाने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में सिर्फ एक चीन है और ताइवान चीनी क्षेत्र का अभिन्न अंग है। मालूम हो कि दोनों देश सात दशकों से अधिक समय से अलग-अलग शासित हैं। इसके बाद भी चीन ताइवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता है।

बता दें कि PM सुगा द्वारा ताइवान को ऐसे समय में देश बताया गया है, जब टोक्यो और बीजिंग पहले से ही कई मुद्दों को लेकर आमने-सामने हैं। इसमें पूर्वी चीन सागर को लेकर क्षेत्रीय विवाद और हॉन्गकॉन्ग पर कार्रवाई भी शामिल है।

6 जगह, 32 बॉक्स, हर बॉक्स में 960 सिम कार्ड: बेंगलुरु में पाकिस्तानी जासूस चला रहे थे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज

कर्नाटक पुलिस और सैन्य खुफिया की दक्षिणी कमान ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले एक अवैध नेटवर्क का खुलासा किया है। नेटवर्क से जुड़े लोग छह टेलीफोन एक्सचेंज की मदद से सैन्य प्रतिष्ठानों की सूचनाओं और सेना की गतिविधियों को अपने पाकिस्तानी आकाओं तक पहुँचाते थे।

अप्रैल में सेना की सिलीगुड़ी हेल्पलाइन पर सेना की गतिविधियों की जानकारी माँगने वाले कई कॉल आने के बाद सेना के अधिकारियों के कान खड़े हो गए। कॉल करने वाला पाकिस्तानी जासूस खुद को सैन्य अधिकारी बताकर जानकारियाँ हासिल करना चाह रहा था।

जाँच में खुफिया एजेंसी ने पाया कि इस तरह के फोन कॉल मूवमेंट कंट्रोल ऑफिस (एमसीओ) के साथ-साथ प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पीसीडीए) के दफ्तरों में भी आए थे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने इन कॉल के लिए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल किया ताकि वे भारतीय नागरिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों में फोन कर जानकारियाँ जुटा सकें।

जाँच में पता चला कि ये कॉल बेंगलुरू से फॉरवर्ड किए जा रहे हैं। उसके बाद सेना ने बेंगलुरु पुलिस से संपर्क किया। सैन्य खुफिया और आतंकवाद निरोधी प्रकोष्ठ (एटीसी) ने 7 जून को संयुक्त छापेमारी कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक हवाला संचालक को तटीय कर्नाटक के भटकल से गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा नेटवर्क से जुड़े दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु और केरल के रहने वाले दो लोगों को शहर से सात जून को गिरफ्तार किया गया था। उन दोनों की पहचान केरल के मलप्पुरम के इब्राहिम पुलत्ती बिन मोहम्मद कुट्टी और शहर के बीटीएम लेआउट में रहने वाले तिरुपुर, तमिलनाडु के गौतम बी विश्वनाथन के रूप में हुई है। दोनों ने बीटीएम लेआउट में छह अवैध टेलीफोन एक्सचेंजों का नेटवर्क स्थापित किया था। वहाँ से 32 सिम बॉक्स जब्त किए हैं जिनमें 960 सिम कार्ड एक बार में इस्तेमाल हो सकते हैं। इन्होंने शहर के छह अलग-अलग हिस्सों में ये 32 सिम बॉक्स लगाए थे।

खुफिया अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी एजेंसियाें ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंजों में निवेश किया। इनके जरिए वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल को भारतीय मोबाइल कॉल में परिवर्तित कर सैन्य ठिकानों में सेंध लगाने की कोशिश। ‘दुश्मन देश’ अक्सर इन अवैध सिम बॉक्स का उपयोग संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने और दूसरे देशों में अपने एजेंटों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए करते हैं और इन्हें ट्रेस करना आसान भी नहीं होता है।

बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने बताया कि जो ग्राहक इनके पास नए फोन कनेक्शन के लिए पहुँचते थे, उनका फिंगरप्रिंट ये दोनों इस्तेमाल करके सिम हासिल करते थे। वहीं, भटकल का रहने वाला हवाला के जरिए रकम की हेरफेर करता था।

बकौल पुलिस प्रमुख, इब्राहिम दुबई में ड्राइवर का काम कर चुका है और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर बेंगलुरु में टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने के लिए लौटा था। तमिलनाडु का रहने वाला गौतम एक्सचेंज का संचालन करता था। पंत ने बताया कि अधिकतर फोन कॉल्स पश्चिम एशिया से आते थे और वहाँ कुछ लोग कॉल करने में इब्राहिम की मदद करते थे। कॉल के लिए भुगतान दुबई में होता था और धन शोधन नेटवर्क के जरिए उसे भारत पहुँचाया जाता था।

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों पर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण और सरकारी खजाने को अवैध रूप से एक टेलीफोन एक्सचेंज बनाकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, सेना की खुफिया और कानून प्रवर्तन प्रेस नोट में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों पर देश की सुरक्षा को बाधित करने का भी आरोप लगाया गया है।

भीम आर्मी के दफ्तर में रची गई महिला वकील को अगवा करने की साजिश, पार्टी से जुड़े हैं अपहरणकर्ता

हाई कोर्ट की वकील प्रीति शुक्ला के अपहरण में शामिल गिरोह के एक मेंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने खुलासा किया है कि वकील का अपहरण करने वाले सभी आरोपित भीम आर्मी के सदस्य हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए गैंग के सदस्य संतोष चौबे उर्फ सूर्या ने भीम आर्मी के साथ जुड़े होने की बात स्वीकारी है। उसने पुलिस को बताया है कि भीम आर्मी का एक्टिव मेंबर बबलू अंबेडकर वारदात का मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस और मामले की जाँच के लिए गठित एसटीएफ के सूत्रों ने खुलासा किया है कि महिला वकील के किडनैपिंग की साजिश भीम आर्मी के दफ्तर में ही रची गई थी।

बताया जाता है कि बीते 6 जून 2021 को प्रीति शुक्ला लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अपने घर से ‘इवनिंग वॉक’ के लिए निकली थीं। इसी दौरान पहले से निर्धारित साजिश के तहत उनका अपहरण कर लिया गया।

एक करोड़ की फिरौती माँगी

महिला वकील के किडनैपिंग मामले की जाँच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को दिया गया। जाँच दल ने मंगलवार (8 जून 2021) की रात 11 बजे पीजीआई इलाके के हरकांशी गढ़ी मोहल्ले से संतोष चौबे उर्फ सूर्या को गिरफ्तार किया। उससे मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने 52 घंटे कैद में रहने के बाद महिला वकील को भी मुक्त करा लिया।

एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दीपक कुमार सिंह ने बताया कि अपहणकर्ताओं ने प्रीति शुक्ला के पति और उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट के वकील अनुराग शुक्ला से एक करोड़ रुपए की फरौती माँगी थी। डीएसपी के मुताबिक, कई बार बातचीत के बाद अपहरणकर्ताओं के साथ 25 लाख रुपए में डील फिक्स हुई थी। अब तक की इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि इस किडनैपिंग में 10 लोग शामिल थे, जिसमें से 9 अभी भी फरार हैं।

क्या है पूरा मामला

घटना के बारे में जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही में प्रीति शुक्ला और उनके पति अनुराग शुक्ला ने लखनऊ के पॉश सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में दो फ्लैट खरीदे थे साथ ही हाई-एंड सेडान कारें भी खरीदी थीं। मामले में गिरफ्तार आरोपित संतोष चौबे ने बताया कि उसका गिरोह वकील की लग्जीरियस लाइफ से काफी प्रभावित थे। इसी कारण उसके गैंग ने महिला वकील का अपहरण कर उसके पति से फिरौती माँगने की साजिश रची।

रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रीति शुक्ला के पति अनुराग शुक्ला नामी वकील हैं। वह करोड़ों के खनन और कई करोड़ की रियल इस्टेट फर्म के मामले में जेल में बंद प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति से जुड़े दो हाई-प्रोफाइल मामलों के लिए जाने जाते हैं।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, वकील अनुराग शुक्ला ने अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती की कॉल आने के बाद 6 जून 2021 को अपनी पत्नी के किडनैपिंग की जानकारी सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दी। हालाँकि, मामले को सीक्रेट रखा गया ताकि अपराधियों को पुलिस की प्लानिंग की खबर न लगे। आरोपी ने पत्नी का अपहरण करने से पहले कुछ दिनों तक वकील की जासूसी भी की थी।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित बार-बार अपनी पोजिशन चेंज कर रहे थे। साथ ही फिरौती माँगने के लिए पीड़िता के ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। एसटीएफ ने बताया है कि पूछताछ के दौरान संतोष चौबे ने अपने साथियों जितेंद्र, कल्लू, रोहित, बबलू और अन्य के नामों का खुलासा किया है।

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

एक टीवी एक्टर हैं, नाम है सुशांत सिंह। कभी-कभी बॉलीवुड फिल्मों में भी छोटे-मोटे रोल में दिख जाते हैं। दिल्ली दंगों, जामिया बवाल और अब ‘किसान’ आंदोलन में भी ये सक्रिय पाए जाते रहे हैं। खबर यह है कि इनका एक ट्रोल अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है।

वैसे यह कोई खबर होती नहीं। ट्रोल अकाउंट किसी का भी सस्पेंड किया जा सकता है। खबर इसलिए भी नहीं होती क्योंकि ये एक्टर हैं। लेकिन यह खबर है क्योंकि जिस ट्रोल अकाउंट को सस्पेंड किया गया है, वो अकाउंट अपने आप में विवादास्पद था।

सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath नाम के हैंडल से चलता था। यह हैंडल विवादास्पद इस मायने में था कि यह दूसरों के अकाउंट को सस्पेंड करवाता था। मतलब एक तरह से सुशांत सिंह का यह अकाउंट चुगली करने वाला अकाउंट था। दूसरों के अकाउंट के बारे में शिकायत-चुगली करके उन्हें सस्पेंड करवाता था।

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ। दूसरों के अकाउंट सस्पेंड करवाते-करवाते आज वो खुद सस्पेंड हो गया।

एक कहानी और। खबर बिल्कुल ऐसी ही। गणतंत्र दिवस के दौरान आंदोलन की आड़ में किए गए दंगों के बाद ट्विटर इंडिया ने कई अकाउंट सस्पेंड किए थे। सुशांत सिंह का ओरिजनल अकाउंट भी उसमें था। तब एक आंदोलनकारी की मौत को लेकर इन्होंने फ़ेक न्यूज़ फैलाई थी।

अपडेट: सुशांत सिंह के ट्रोल अकाउंट @TeamSaath को लिबरलों की चिल्लम-पों के बाद फिर से रिस्टोर कर दिया गया है।

असम: CM ने आबादी कंट्रोल करने को कहा तो भड़क गए AIUDF विधायक रफीकुल इस्लाम, कहा- उनके खुद 6-7 भाई-बहन

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गरीबी दूर करने के लिए अल्पसंख्यकों से आबादी कंट्रोल करने को कहा था। सीएम ने समुदाय के प्रतिनिधियों से इस दिशा में परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील भी की थी। लेकिन, AIUDF के नेताओं को उनका यह बयान रास नहीं आया है। AIUDF के विधायक रफीकुल इस्लाम ने सीएम पर निशाना साधते हुए व्यक्तिगत टिप्पणी की है।

AIUDF विधायक हफीज रफीकुल इस्लाम ने कहा है कि सिर्फ एक आबादी ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करती। मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा, “यह कहने के बजाय कि एक विशेष समुदाय के अधिक बच्चे हैं, मुख्यमंत्री को इसे (आबादी) नियंत्रित करने और इसके कारण खोजने पर काम करना चाहिए। उनके खुद के 6-7 भाई-बहन हैं और स्पीकर के भी मैंने सुना है 8 भाई-बहन हैं।”

रफीकुल आगे कहते हैं, “यह सिर्फ एक जनजाति नहीं है (बच्चों की बढ़ती आबादी के साथ), मैं कई भाई-बहन होने की बात नहीं कर रहा हूँ। सीएम को लोगों को ज्यादा बच्चे न पैदा करने के बारे में शिक्षित करना चाहिए। लेकिन यह भाजपा सरकार एक विशेष वर्ग के लिए काम करती है और दूसरों की उपेक्षा करती है।”

उल्लेखनीय है कि रफीकुल इस्लाम के अलावा AIUDF के मुखिया बदरुद्दीन अजमल भी जनसंख्या कंट्रोल पर अजीबोगरीब बात कर चुके हैं। 2021 विधानसभा चुनावों के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि गरीबों को उनके मनोरंजन के लिए क्या दिया गया है? उन्होंने कहा कि इन गरीबों के पास देखने के लिए टेलीविजन नहीं है, रहने के लिए घर नहीं है और हवा के लिए पंखा नहीं है। अजमल ने ‘लल्लनटॉप’ से बात करते हुए कहा था, “करंट नहीं है। बिजली नहीं है। अब इंसान हैं वो भी। गरीब जब रात को उठेगा। मियाँ-बीवी हैं। दोनों जवान हैं। तो फिर रात को क्या करेंगे? वो बच्चे ही तो पैदा करेंगे।”

CM ने क्या कहा था

बता दें कि बतौर मुख्यमंत्री 30 दिन पूरे होने पर गुरुवार (10 जून 2021) को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गरीबी कम करने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से आबादी कंट्रोल करने को कहा था। सरमा ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वे जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन की नीति अपनाएँ। उन्होंने कहा कि गरीबी का मुख्य कारण लगातार आबादी बढ़ना है। लिहाजा समुदाय के सभी प्रतिनिधियों को आगे आकर इस दिशा में सरकार का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार गरीबों की सुरक्षा और उनके लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सरकार को भी जनसंख्या वृद्धि से निपटने के लिए अल्पसंख्यकों का पूरा सहयोग चाहिए क्योंकि इसी के कारण गरीबी और अशिक्षा की समस्या उत्पन्न हुई है। इसके पीछे एक ही कारण है, फैमिली प्लानिंग की कमी।” सरमा ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों महिलाओं को शिक्षित करने का भी काम करेगी जिससे समस्याओं का हल प्रभावी तरीके से निकाला जा सके। अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से कहा है कि वे जनसंख्या नियंत्रण के मामले में अपने लोगों को जागरूक करने का कार्य करें।

‘राशन माफिया के नियंत्रण में है दिल्ली सरकार, लागू नहीं की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना’: केजरीवाल को BJP ने घेरा

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार (जून 11, 2021) को भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित किया। उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ‘हर घर अन्न’ की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ऑक्सीजन पहुँचा नहीं सके, मोहल्ला क्लीनिक से दवा तो पहुँचा नहीं सके। उन्होंने ‘हर घर अन्न’ को एक जुमला करार दिया।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है। साथ ही जानकारी दी कि भारत सरकार देश भर में 2 रुपए प्रति किलो गेहूँ, 3 रुपये प्रति किलो चावल देती है। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत पिछले साल की तरह इस बार भी नवंबर तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चावल का खर्चा 37 रुपए प्रति किलो होता है और गेहूँ का 27 रुपए प्रति किलो होता है।

अधिक जानकारी देते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार सब्सिडी देकर प्रदेशों को राशन की दुकानों के माध्यम से बाँटने के लिए अनाज देती है, जिसमें सालाना करीब 2 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। साथ ही बताया कि ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ नामक भारत सरकार द्वारा बहुत महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है और देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये चल रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि अभी तक इस पर 28 करोड़ पोर्टेबल ट्रांजेक्शन हुए हैं। उन्होंने AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से पूछा कि दिल्ली में ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ लागू क्यों नहीं हुआ? उन्होंने दिल्ली सीएम से पूछा कि आपको क्या परेशानी और क्या दिक्कत है इस ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ योजना से? दिल्ली की राशन की दुकानों में अप्रैल 2018 से अब तक पीओएस मशीन का ऑथेंटिकेशन क्यों नहीं शुरू हुआ?

भाजपे ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल SC-ST वर्ग की चिंता नहीं करते हैं, प्रवासी मजदूरों की चिंता भी नहीं करते हैं, और गरीबों की पात्रता की भी चिंता नहीं करते हैं। इस योजना को अब तक सिर्फ तीन प्रदेशों असम, पश्चिम बंगाल और दिल्ली ने लागू नहीं किया है। अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि दिल्ली में जल्द ही घर-घर राशन पहुँचाने की योजना शुरू होने वाली थी, इसे लेकर सारी तैयारियाँ हो चुकी थीं मगर केंद्र सरकार द्वारा 2 दिन पहले इसे रोक दिया गया।

शिवसेना संग सरकार, मौलवी से गठबंधन… मुझसे विचारधारा पर सवाल करने वाले इन समीकरणों को समझाएँ: जितिन प्रसाद

कॉन्ग्रेस पार्टी में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति करने वाले जितिन प्रसाद ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सियासी संभावनाओं की तमाम चर्चाओं के बीच जितिन ने बुधवार (9 जून 2021) को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया है कि उन्होंने किन कारणों के चलते कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ा। साथ ही यह भी बताया है हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में ​जितिन प्रसाद ने कहा, ”कॉन्ग्रेस पार्टी को छोड़ने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। मैंने एक लंबे समय तक विचार करने के बाद ही ये फैसला लिया है। यह किसी पद की लालसा के लिए नहीं है। यह उस पद के बारे में भी नहीं है, जो मुझे कॉन्ग्रेस में मिला या नहीं मिला। साथ ही यह उन पदों को लेकर भी नहीं है, जो मुझे भाजपा में मिलेंगे या नहीं मिलेंगे।”

…7 साल पहले ही कॉन्ग्रेस छोड़ चुका होता

उन्होंने कहा, “अगर मुझे अवसरवादी बनना होता, जैसा कि कुछ लोग कह रहे हैं, तो मैं सात साल पहले ही कॉन्ग्रेस को छोड़ चुका होता। मुझे चुनाव में दो-तीन बार हार का सामना नहीं करना पड़ता। मैं लोगों का मिजाज जानता था। मैंने इन वर्षों में पार्टी के साथ संघर्ष करने की भी पूरी कोशिश की और उम्मीद की कि हम वापसी करेंगे और एक बदलाव आएगा। लेकिन मुझे एक बार फिर एहसास हुआ कि पार्टी में कोई भी प्रयास, एक तय दिशा और बेहतर रणनीति में नहीं है। कॉन्ग्रेस फिर से खड़े होने में सक्षम नहीं है खासकर यूपी में, यही वजह है कि मुझे यह निर्णय लेना पड़ा।”

राष्ट्रीय हित PM मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित

विपरीत विचारधारा की पार्टी में चले जाने वाले सवाल पर जितिन प्रसाद ने कहा, “लोगों को यह कहने का अधिकार है कि वे क्या महसूस करते हैं। यह सार्वजनिक जीवन का हिस्सा है, लेकिन आज के नए भारत में राष्ट्रीय हित ही विचारधारा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नि:स्वार्थ भाव से देश की सेवा कर रहे हैं। इससे बेहतर कोई विचारधारा नहीं हो सकती। मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश और विदेश में भारत के राष्ट्रीय हित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व में मजबूती से सुरक्षित है, जो आज एक वास्तविक राष्ट्रीय पार्टी है और एक संस्थागत पैटर्न पर काम करती है।”

कॉन्ग्रेस आज शिवसेना के साथ सरकार में

विचारधारा और पार्टी के सवाल पर बोलते हुए जितिन प्रसाद ने कहा कि सामान्य तौर पर आज भारत में अधिकांश पार्टियाँ व्यक्तियों की आवश्यकता और शौक के इर्द-गिर्द घूमती हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग उनकी विचारधारा पर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले उस विचारधारा को देखना चाहिए, जहाँ कॉन्ग्रेस पार्टी आज शिवसेना के साथ सरकार में है।

संदिग्ध मौलवी के साथ कॉन्ग्रेस का गठबंधन

जितिन प्रसाद ने आगे कहा कि जो लोग उनके BJP में आने पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें उस विचारधारा के बारे में भी बात करनी चाहिए, जहाँ एक तरफ केरल में वामपंथी दलों के विरोध में वही पार्टी होती है, जो ठीक उसी समय बंगाल में वामपंथियों के साथ गठबंधन में होती है। लोगों को उस विचारधारा के बारे में बात करनी होगी, जहाँ एक संदिग्ध साख वाले मौलवी के साथ गठबंधन किया जाता है और असम में भी ऐसा ही होता है। स्पष्ट है कि जितिन प्रसाद फुरफुरा शरीफ दरगाह के मौलाना अब्बास सिद्दीकी और मौलाना बदरुद्दीन अजमल की बात कर रहे थे।

जितिन प्रसाद ने अपनी पुरानी पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि सिर्फ उन्हें गाली देने से कॉन्ग्रेस में जान नहीं आने वाली। उनके अनुसार जो कोई भी उनके वैचारिक परिवर्तन पर सवाल उठा रहा है, लिख रहा है, बात कर रहा है और ज्ञान दे रहा है, उन्हें पहले आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और जवाब देना चाहिए कि वे तब कहाँ थे और क्या कर रहे थे, जब कॉन्ग्रेस पार्टी अपनी मूल विचारधारा से भटक रही थी।

बीजेपी को लेकर पिछले साल तक अलग राय रखने के सवाल पर जितिन प्रसाद ने बताया कि विपक्षी नेता के रूप में सरकार और सत्तापक्ष पर सवाल उठाने ही होते हैं। विपक्ष में बैठे हर व्यक्ति की भूमिका यही होनी भी चाहिए। हालाँकि अपनी बात रखते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि देश और उसकी सीमाओं की सुरक्षा सबसे सुरक्षित व्यक्ति के हाथों में हैं, जिसकी कमान प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के पास है।

बता दें कि पूर्व सांसद जितिन प्रसाद का भाजपा में जाना कॉन्ग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

मंदिर में तोड़फोड़, पत्रकार को पीटा: कोलकाता के कई इलाकों में हिंसा, राज्यपाल ने ममता सरकार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

कोलकाता के बालीगंज तिलजला (Ballygunge Tiljala) और चंदननगर में गुरुवार (जून 10, 2021) को दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क गई। दक्षिण-पूर्वी कोलकाता में इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात किया गया। इस मामले में पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए दोनों समुदायों के लोगों की बैठक बुलाई गई है।

देर रात तक ये बैठक चलती रही। डिप्टी कमिश्नर सुदीप सरकार ने सांप्रदायिक दंगे की बाते स्वीकार करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैम्प कर रहे हैं और लोगों के आवागमन व बाहर निकलने पर फ़िलहाल रोक लगाई गई है। राज्यपाल जगदीप धनखड़ के संज्ञान में भी ये घटना आई। इस घटना के वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों को गिरफ़्तारी करते देखा जा सकता है। साथ ही लाठीचार्ज की घटना भी कैमरे में कैद हो गई।

हालाँकि, इस दौरान लोगों ने पुलिस को भी नहीं बख्शा और उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। धनखड़ ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। हुगली के चंदननगर में बुधवार को हुई हिंसा की घटना का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने सीएम ममता बनर्जी से शांति-व्यवस्था बरक़रार रखने के लिए कदम उठाने व कोलकाता पुलिस से स्थिति संभालने को कहा। उन्होंने दोषियों को सज़ा देने की सलाह देते हुए कहा कि अराजकता लोकतंत्र का दुश्मन है।

उन्होंने जानकारी दी कि भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी की गाड़ी को भी निशाना बनाया गया है और उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। लॉकेट चटर्जी चंदननगर पहुँची थीं, जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों पर उनकी गाड़ी घेर कर नारेबाजी और तोड़फोड़ करने का आरोप लगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी कि तिलजला में एक पत्रकार के साथ बदसलूकी हुई है।

उन्होंने लिखा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने वाले और पत्रकारिता करने वालों पर भी हमले हो रहे हैं। वहीं तृणमूल नेताओं ने इन घटनाओं पर चुप्पी साध रखी है। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कुल एक दर्जन लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। साथ ही 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चंदननगर के उर्दीबाजर में 5, 6, 7, 11 और 12 में धारा-144 भी लगाई गई है।

एक अवैध दुकान के मालिक और ग्राहकों के बीच किसी चीज के दाम को लेकर हुए झगड़े ने बड़ा रूप ले लिया। इसके कुछ देर बाद ही एक समुदाय के लोग बोतल और पत्थर लेकर फेंकने लगे। अमल बढ़ गया और पुलिस पर पत्थरबाजी तक जा पहुँचा। वहीं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता देवदत्त माजी ने बताया कि शनि काली मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय इस्लामी कट्टरवादियों ने मंगलवार को दिन-दहाड़े ऐसा किया।

उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया और मंदिर की दीवारों को तोड़ डाला गया। उन्होंने बताया कि हजारीगली में हिंदू अभी भी फँसे हुए हैं। उन्होंने हिंदुओं को बचाने के लिए तुरंत एक्शन लेने की माँग करते हुए एक विडिओ शेयर किया, जिसमें लोग इधर-उधर भागते दिख रहे हैं और चारों तरफ धुआँ फ़ाइल हुआ है। देशी बम भी फोड़े गए। ‘होपलेस बंगाली हिंदू’ ट्विटर पेज ने तिलजला के मस्जिदबारी लेन में स्थित काली मंदिर का वीडियो साझा किया।

विडिओ फुटेज से स्पष्ट है कि प्रतिमाओं को खंडित किया गया है और बदमाशों ने मंदिर के दरवाजे को भी तोड़ने का प्रयास किया। उसने हमले का दिन बुधवार बताया। हालाँकि, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है। वहीं जिस पत्रकार की पिटाई की गई है, उनका नाम संजीब बसु है। शुभेन्दु अधिकारी ने बताया कि वो तिलजला की घटना कवर कर रहे थे, इसीलिए उन पर हमला हुआ। अंजिब बसु ने बताया कि उनके साथी की भी पिटाई की गई।