भारत में पाकिस्तान से जारी तनाव के बीच बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर कार्रवाई जारी है। भारत ने इन्हें गिरफ्तार करने के बाद वापस भी भेजना चालू कर दिया है। ऐसी ही एक कार्रवाई में असम के एक डिटेंशन कैम्प से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को वापस बांग्लादेश भेजा गया है। कुछ रोहिंग्याओं को अंडमान निकोबार से समुद्र के रास्ते भी भेजा गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने राज्य के एक डिटेंशन कैंप से घुसपैठियों के भेजे जाने की पुष्टि की है। इस मामले में रोहिंग्या घुसपैठियों के समर्थक सुप्रीम कोर्ट भी पहुँच गए हैं।
डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, असम के मटिया डिटेंशन कैम्प में रखे गए 102 रोहिंग्या को बांग्लादेश के रास्ते भेजा गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्हें पहले बसों में भर कर त्रिपुरा ले जाया गया और इसके बाद बांग्लादेश में भेज दिया गया। मटिया कैम्प असम के गोलपाड़ा जिले में हैं और देश का सबसे बड़ा डिटेंशन कैम्प है।
इस कार्रवाई की पुष्टि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में की थी। शनिवार (9 मई, 2025) को CM सरमा ने कहा था कि मटिया कैम्प में अब मात्र 30-40 लोग बचे हैं और बाकी को बांग्लादेश में वापस भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, “अब मटिया में केवल वही लोग हैं जिन्हें विदेशी घोषित किया जा चुका और उनका मुकदमा चल रहा है। उनके अलावा कैम्प से बाकी सभी लोग बांग्लादेश वापस चले गए हैं। यह भारत सरकार द्वारा किया गया एक ऑपरेशन था। असम ने भी इसमें हिस्सा लिया था।”
उन्होंने आगे बताया, “देश के अलग-अलग हिस्सों में पहचाने गए लोगों के साथ-साथ असम में घुसपैठिए के रूप में पहचाने गए लोगों को भी वापस धकेल दिया गया है। रोहिंग्या भी वापस चले गए हैं… मटिया अब लगभग मुक्त हो गया है और 30-40 लोग बचे हैं।”
सरमा ने बताया कि अब कानूनी दांवपेंच से छुटकारा पाने को उन्हें बॉर्डर से ही वापस भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “पहले हम उन्हें हिरासत में लेते थे, मामला दर्ज करते थे, अदालत में पेश करते थे और जेल में डाल देते थे। लेकिन अब हमने फैसला किया है कि हम उन्हें अंदर नहीं लाएँगे और उन्हें सीमा से ही वापस खदेड़ देंगे।”
वहीं डेक्कन हेराल्ड की ही रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली पुलिस ने भी रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ ऑपरेशन चालू कर रखा है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने 40 रोहिंग्या घुसपैठियों को पकड़ कर अंडमान के रास्ते समुद्र में छोड़ दिया हैं ताकि वह म्यांमार वापस पहुँच सकें। रिपोर्ट में बताया गया कि यह कार्रवाई 7 मई, 2025 को की गई।
इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि, इसको लेकर एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में पड़ गई है। रोहिंग्या घुसपैठियों के समर्थन में मोहम्मद इस्माइल ने यह याचिका दायर की है। मोहम्मद इस्माइल ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने 43 रोहिंग्या को बायोमेट्रिक जानकारी लेने के नाम पर अपने साथ लिया और बाद में उन्हें अंडमान के रास्ते समुद्र में भेज दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को लेकर अभी कोई आदेश नहीं दिए हैं। इस पर सुनवाई 31 जुलाई, 2025 को होनी है। एक और रिपोर्ट में बताया गया है कि BSF ने 78 बांग्लादेशी घुसपैठियों को सुंदरबन के जंगल में छोड़ दिया है और उन्हें बांग्लादेशी सुरक्षाबलों ने बरामद किया है।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले में नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई आंतरिक जाँच समिति (इन-हाउस इन्क्वायरी) ने बताया है कि जस्टिस वर्मा के आवास पर काम करने वाले कर्मचारी इस नकदी को रहस्यमई ढंग से ठिकाने लगाने में शामिल हो सकते हैं।
जाँच समिति ने 14 मार्च 2025 को जस्टिस वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के बाद नकदी बरामदगी की सूचना दी थी। उस समय जस्टिस वर्मा दिल्ली हाई कोर्ट में जज के पद पर कार्य कर रहे थे।
जला हुआ कैश था ‘गायब’
जानकारी के अनुसार, जब जस्टिस वर्मा से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कथित तौर पर झूठ बोला और भ्रामक जानकारी दी। बरामद नकदी की वास्तविक मात्रा अभी तक स्पष्ट नहीं है, क्योंकि जला हुआ कैश पहले ही “गायब” हो गया था। इसके अलावा बताया गया कि जिस कमरे में जला हुआ कैश मिला था, वह कमरा अंदर से बंद था और उसे तोड़कर खोलना पड़ा था।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित आंतरिक जाँच समिति ने इस घटना के बाद जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने की सिफारिश की थी। जस्टिस वर्मा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना को भेजे अपने जवाब में इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।
बाद में CJI ने जाँच रिपोर्ट और जस्टिस वर्मा के जवाब की एक प्रति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दी थी। आपको बता दें, जब भी हाई कोर्ट के किसी जज के खिलाफ आंतरिक जाँच प्रक्रिया की जाती है और जज इस्तीफा देने से इनकार करता है, तो ऐसे में CJI राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखता है।
कैश मिलने के बाद जस्टिस वर्मा पर कई कार्रवाईयाँ भी हुईं। इसमें दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने प्रारंभिक जाँच समिति स्थापित की। फिर जस्टिस वर्मा से न्यायिक कार्य तुरंत वापस लिए गए और बाद में वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में बिना किसी न्यायिक जिम्मेदारी के ट्रांसफर कर दिया गया।
जस्टिस वर्मा ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जिस कमरे से कैश मिला था, वह कमरा सभी के लिए खुला था। जस्टिस वर्मा ने कहा था कि कमरे में कैश उनके द्वारा रखा गया था, यह बयान पुरी तरह से बेतुका है।
फिलहाल, यह मामला अभी भी जाँच के अधीन है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
बुलंदशहर के खुर्जा में एक पूरे परिवार ने ईसाई धर्म को छोड़ कर हिंदू धर्म को अपना लिया है। 20 साल पहले राजू ने हिंदू धर्म त्याग कर ईसाई धर्म को अपना लिया था। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों का नाम भी बदल दिया गया था। अब बेटे एंथनी जॉन ने अपने पूरे परिवार के साथ हिंदू धर्म में घर वापसी कर ली है।
एंथनी अपने परिवार के साथ गाजियाबाद के दीनागढ़ी में रहते हैं। उनकी पत्नी यशोदा पहले ही हिंदू हैं। खुर्जा की रहने वाली पत्नी को एंथनी ने बताया कि 20 वर्ष पहले अनुसूचित जाति से आने वाले पिता राजू ने धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपनाया था। उसके बाद राजू ने अपने नाम राजू जॉन कर लिया और पूरे परिवार के नाम भी बदल दिए गए।
यशोदा ने इसकी जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रांत परावर्तन प्रमुख धर्म प्रसार ने सुनील सोलंकी को दी। सुनील सोलंकी ने एंथनी से बात की तो उसने सनातन धर्म में वापस आने की बात कही। इसके बाद एंथनी को परिवार को खुर्जा बुलाया। गांधी मार्ग स्थित आर्य समाज मंदिर में बुलाया गया। रविवार (11 मई 2025) को आर्य समाज मंदिर में एंथनी के पूरे परिवार के साथ शुद्धि यज्ञ किया। इसके बाद हवन और शुद्धिकरण संस्कार करवाया गया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ आस पास के लोग और स्थानीय समाजसेवी भी शामिल रहे। सनातन धर्म में वापसी के बाद एंथनी का नाम टीटू कुमार रखा गया। पत्नी का नाम यशोदा और बेटे का नाम पहले से ही ओम है। नामकरण के बाद टीटू कुमार के यज्ञोपवीत संस्कार समेत अन्य धार्मिक विधियां भा करवाईं गईं।
पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार (12 मई 2025) रात करीब 9 बजे पाकिस्तान ने लगातार तीसरे दिन सीजफायर (गोलीबारी न करने की सहमति) का उल्लंघन किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के सांबा, पंजाब के जालंधर और पठानकोट, और राजस्थान के बाड़मेर इलाकों में संदिग्ध ड्रोन (बिना पायलट वाले विमान) देखे गए।
#WATCH | J&K: Red streaks seen and explosions heard as India's air defence intercepts Pakistani drones amid blackout in Samba.
भारतीय वायु रक्षा प्रणाली तुरंत हरकत में आई और सांबा तथा पठानकोट में इन ड्रोन को मार गिराया। पंजाब के होशियारपुर में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि, भारतीय सेना ने सोमवार (12 मई 2025) रात करीब 11:30 बजे स्पष्ट किया कि अब किसी भी दुश्मन के ड्रोन की सूचना नहीं है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
No enemy drones are being reported at present. The situation is calm and under full control: Indian Army pic.twitter.com/kutpFyVnRO
इन घटनाओं के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सोमवार (12 मई 2025) रात को पंजाब के अमृतसर में भी ब्लैकआउट (बिजली बंद) कर दिया गया था। अमृतसर के जिला उपायुक्त (डीसी) ने लोगों से घरों की बत्तियां बंद रखने और खिड़कियों से दूर रहने की अपील की थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसी तरह, होशियारपुर जिले में भी कुछ इलाकों में एहतियात के तौर पर आंशिक ब्लैकआउट किया गया था।
इन तनावपूर्ण हालातों के बीच, सोमवार (12 मई 2025) शाम 5 बजे भारत और पाकिस्तान के बड़े सैन्य अधिकारियों (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स – DGMO) के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना और गोलीबारी को पूरी तरह से रोकना था। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि भविष्य में सीमा पर किसी भी तरह की गोलीबारी नहीं की जाएगी।
दोनों देशों के बीच 10 मई 2025 की शाम से ही सीजफायर लागू है। इसके बावजूद, सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले कुछ दिनों से हमारी सेना के बड़े अधिकारी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जो सीमा पर सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई से संबंधित है।
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू हुआ था और तब से लेकर अब तक पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में हमारे 5 सैनिक, 2 BSF जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 60 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा, दुर्भाग्य से 27 आम नागरिकों की भी जान चली गई है।
सीमा पर लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत का एक्शन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। पाकिस्तान अगर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो भारत उसकी हर हरकत का हिसाब लेगा।
पीएम मोदी ने दोहराया कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। अगर पाकिस्तान से कोई बात होगी, तो वो सिर्फ आतंकवाद और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापार और आतंक, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकते।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया था। आतंकियों ने मासूम पर्यटकों को धर्म पूछकर बेरहमी से मार डाला। इस बर्बरता का जवाब देने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ शुरू किया। 6 मई की रात और 7 मई की सुबह भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। पीएम ने कहा कि ये आतंकी दशकों से पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे थे और भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे।
मोदी ने पाकिस्तान की बौखलाहट का भी जिक्र किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इन हमलों को आसमान में ही नाकाम कर दिया। पीएम ने कहा कि इससे पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। उन्होंने भारत की सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों की तारीफ की, जिन्होंने इस ऑपरेशन को कामयाब बनाया।
जवाबी कार्रवाई सिर्फ स्थगित, उसका रवैया नहीं बदला तो…
पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन्स और पाकिस्तान की मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के सशक्त एयर डिफेंस सिस्टम ने, उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के उन एयरबेस को नुकसान पहुँचाया, जिस पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा।
उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान दुनिया भर में तनाव कम करने की गुहार लगा रहा था। और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे DGMO को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे, आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था, पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था।”
पीएम मोदी ने कहा, “भारत से पिटने के बाद पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई। पाकिस्तान की तरफ से जब ये कहा गया, कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा। तो भारत ने भी उस पर विचार किया। और मैं फिर दोहरा रहा हूँ, हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे, कि वो क्या रवैया अपनाता है।”
पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार, जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे है, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टैरर इंफ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा। इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है।”
उन्होंने कहा कि भारत का मत एकदम स्पष्ट है—
टैरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते
टैरर और ट्रेड, एक साथ नहीं चल सकते।
और पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।
मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूँगा, हमारी घोषित नीति रही है..
अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो टेरेरिज्म पर ही होगी।
अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर, PoK उस पर ही होगी।
भारत ने तय कर दिया है तीन पैमाना
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की तीनों सेनाएँ, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी, और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स- BSF, भारत के अर्धसैनिक बल, लगातार अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।
भारत पर आतंकी हमला हुआ तो मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह जाकर कठोर कार्रवाई करेंगे, जहाँ से आतंक की जड़ें निकलती हैं।
कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा।
हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने पाकिस्तान का वो घिनौना सच फिर देखा है, जब मारे गए आतंकियों को विदाई देने, पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। स्टेट स्पॉन्सरड टेरेरिज्म का ये बहुत बड़ा सबूत है। हम भारत और अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर न्याय की प्रतिज्ञा
पीएम ने ऑपरेशन सिंदूर को देश की हर बेटी, बहन और माँ को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय की प्रतिज्ञा है। भारत अब किसी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल को नहीं सहेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन शांति के लिए शक्ति जरूरी है। उन्होंने भगवान बुद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि शांति का रास्ता शक्ति से होकर जाता है।
पीएम मोदी ने कहा, “आज बुद्ध पूर्णिया है। भगवान बुद्ध ने हमें शांति का मार्ग दिखाया है। शांति का मार्ग शक्ति से होकर जाता है। मानवता शांति और समृद्धि की तरफ बढ़े। हर भारतीय शांति के साथ जी सके। विकसित भारत के सपने को पूरा कर सके, इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना बहुत जरूरी है। और आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का इस्तेमाल भी जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने यही किया है।”
पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेना पूरी तरह अलर्ट है। अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई गलती की, तो भारत उसका मुँहतोड़ जवाब देगा। मोदी ने देशवासियों की एकजुटता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एक साथ खड़ा होता है, तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कितना सख्त है।
पीएम ने साफ किया कि भारत का लक्ष्य आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है। पाकिस्तान के वादों को अब भारत कसौटी पर कसेगा। अगर पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं रोकता, तो भारत का अगला कदम और सख्त होगा।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 150 किलोमीटर अंदर तक घुसकर कराची के मलिर कैंट में सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह हमला पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बताया कि मलिर कैंट में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट को निशाना बनाया गया। इसके अलावा चकलाला, रफीक, रहीम यार खान, सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद के हवाई अड्डों पर भी सटीक हमले किए गए। इन हमलों में रडार साइट, कमांड सेंटर और हथियार डिपो तबाह हुए।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में एक वीडियो दिखाया गया। वीडियो में पाकिस्तान वायु सेना का मिराज फाइटर जेट टुकड़ों में बिखरा हुआ दिख रहा था। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तानी हमलों को विफल कर इस जेट को भी मार गिराया।
भारतीय वायुसेना की ओर से सोमवार (12 मई 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के सबूत पेश किए। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि भारत की मजबूत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया। खास तौर पर स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम ने शानदार प्रदर्शन किया। एक वीडियो में पाकिस्तानी मिराज लड़ाकू विमान के टुकड़े दिखाए गए, जिसे ऑपरेशन के दौरान नष्ट किया गया। भारती ने कहा, “हमारी लड़ाई आतंकियों और उनके ढाँचे के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने उनका साथ दिया, जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।”
#WATCH | Delhi | #OperationSindoor | Air Marshal AK Bharti says, "…It is a pity that the Pakistani military chose to intervene and that for terrorists, and hence we chose to respond…" pic.twitter.com/c3sHHKaRKI
आईएएफ ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को तबाह करने के सबूत थे। रहीम यार खान हवाई अड्डे पर हमले से रनवे में बड़ा गड्ढा बन गया, जो भारत के हथियारों की सटीकता को दर्शाता है। भारतीय सेना ने साफ किया कि हमले आतंकी ढाँचे पर केंद्रित थे, नागरिकों को नुकसान नहीं पहुँचाया गया।
पाकिस्तान के जवाबी हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। हालाँकि भारत की एस-400 और आकाश जैसी रक्षा प्रणालियों ने इन्हें नाकाम कर दिया। शनिवार को दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई, लेकिन पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन किया। भारतीय सेना ने कहा कि सीमा पर शांति बनी हुई है, लेकिन सतर्कता जारी है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की फौज को भी भारतीय सेनाओं ने बुरी तरह धूल चटाई। भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस तक तबाह कर दिए। इन सबके बीच पाकिस्तान को अपनी इज्जत बचाना मुश्किल हो गया।
इस काम के लिए पाकिस्तान ने अपने फौज के अधिकारी अहमद शरीफ चौधरी को लगाया। चौधरी DG ISPR है, जो कि पाक फौज का आधिकारिक प्रवक्ता होता है। चौधरी एक ग्लोबल आतंकी का बेटा भी है और इस्लामी कट्टरपंथी है।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ अपने जवाबी ऑपरेशन का नाम पाकिस्तानी फ़ौज ने कुरान की आयत के नाम पर ‘ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस’ रखा था। इसका मतलब है अभेद्य दीवार। 11 मई, 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, एक पाकिस्तानी पत्रकार ने DG ISPR से पूछा कि कुरान की आयत के नाम अभियान का नाम रखने का ख्याल किसका था।
— Sensei Kraken Zero (@YearOfTheKraken) May 12, 2025
इसके जवाब में अहमद शरीफ ने कहा कि ईमान, तक़वा, जिहाद फ़ि-सबिलिल्लाह पाकिस्तानी सेना का आदर्श वाक्य है। ईमान का मतलब है आस्था, तक़वा का मतलब है अल्लाह से डरना और जिहाद फ़ि-सबिलिल्लाह का मतलब है अल्लाह के बताए रास्ते पर लड़ना।
चौधरी ने कहा, “इस्लाम न केवल हमारे मजहबी विश्वास का हिस्सा है, बल्कि यह हमारे ट्रेनिंग का भी हिस्सा है। ईमान, तक़वा, जिहाद फ़ि-सबीलिल्लाह, यही हमें लड़ने के लिए प्रेरित करता है और यही हमारा आदर्श वाक्य है।”
चौधरी ने आगे कहा कि मोमिन जो अल्लाह की लड़ाई में लड़ते हैं वे उस स्टील की दीवार की तरह हैं जैसे हमने एक स्टील की दीवार की तरह काम किया। किसी इस्लामी आतंकी संगठन के सरगना की तरह चौधरी का बातें करना किसी को आश्चर्य में नहीं डाल गया। दरअसल, वह खुद ही एक आतंकी का बेटा है।
उसके बाप का नाम सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद था। महमूद आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन का सहयोगी था। उसका नाम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधों की सूची में था। चौधरी का बाप भी जिंदगी भर काफिरों के खिलाफ ‘जिहाद’ करने में जुटा रहा था।
महमूद पाकिस्तान के परमाणु प्रोग्राम का हिस्सा था और इस्लामी आतंकी भी था। अमेरिका ने अपनी जाँच में पाया था कि महमूद ने उम्माह तामीर ए-नौ (यूटीएन) की सह-स्थापना की थी। उसने अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन से मुलाकात की थी और उसे केमिकल, बायोलॉजिकल और परमाणु हथियारों के बारे में जानकारी दी थी।
9/11 के हमलों के बाद अहमद शरीफ चौधरी के अब्बू को दिसंबर 2001 में UNSC द्वारा आधिकारिक रूप से आतंकवादी के रूप में पंजीकृत किया गया था। UNSC की प्रतिबंध समिति ने महमूद को ओसामा बिन लादेन, अल-कायदा और तालिबान के साथ मिलकर हथियारों की आपूर्ति करने को लेकर प्रतिबंधित किया था।
चौधरी का बाप महमूद अल कायदा और तालिबान जैसे इस्लामी आतंकी संगठनों को परमाणु बम से लैस करना चाहता था। अब उसका बेटा भी उसी जिहादी काम को आगे बढ़ाना चाहता है लेकिन इसके लिए उसने पाकिस्तान की फ़ौज की वर्दी पहन ली है।
चौधरी का जिहाद के प्रति समर्पण उसके हाफिज अब्दुल रऊफ को ‘पारिवारिक आदमी’ और ‘मौलाना’ बताने से ही साफ़ हो जाता है। रऊफ असल में एक आतंकी है और उस पर भी सैक्शन लगाए गए हैं। चौधरी की इस परिभाषा के हिसाब से ओसामा और उसका बाप भी मासूम होने चाहिए।
भारत के सिंगापुर में उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) शिल्पक अंबुले ने सोमवार (12 मई 2025) को कहा कि भारत-पाकिस्तान के हाल के झगड़े में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई बात नहीं है। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने सोमवार (12 मई 2025) को ब्लूमबर्ग टीवी पर हसलिंदा अमीन से बातचीत में कहा, “हमारे लिए कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, न कि अंतरराष्ट्रीय। कश्मीर के मामले में मध्यस्थता शब्द हमारे लिए काम नहीं करता।”
ऑपरेशन सिंदूर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले हमला शुरू किया था। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान की 11 वायुसेना ठिकानों पर जोरदार हमले किए, जिसके बाद पाकिस्तान को सीजफायर (युद्धविराम) के लिए मजबूर होना पड़ा। यह बयान तब आया जब अमेरिका ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की इच्छा जताई थी। भारत ने हमेशा से कश्मीर को अपने और पाकिस्तान के बीच का मामला माना है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को सिरे से खारिज किया है।
अंबुले ने कहा कि भारत नहीं चाहता था कि मामला बढ़े। लेकिन पाकिस्तान ने भारत के नागरिक और सैन्य ठिकानों, जैसे अस्पतालों और धार्मिक स्थलों पर हमले शुरू किए। उन्होंने कहा, “अब पाकिस्तान को सोचना है। हमने सिर्फ सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए जवाब दिया। लेकिन पाकिस्तान ने नागरिकों पर हमले करके मामला और बिगाड़ा, तो हमें भी जवाबी हमला करना पड़ा।”
उन्होंने बताया कि कई दिनों की सीमा पर गोलीबारी के बाद पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारत के DGMO से बात की। अंबुले ने कहा, “पाकिस्तान का DGMO हमारे DGMO के पास गिड़गिड़ाने आया, जब हमने उनके 11 वायुसेना ठिकानों को तबाह कर दिया। तब जाकर उन्होंने सीजफायर माना।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि उन्होंने सीजफायर में भूमिका निभाई। लेकिन अंबुले ने इन दावों को साफ नकार दिया। उन्होंने कहा, “कश्मीर का मसला भारत और पाकिस्तान के बीच का है। हम दूसरों से अपनी बात समझाते हैं, लेकिन मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं। कश्मीर कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं है।”
सिंधु जल समझौते और पीओके पर भी रखी बात
इंडस वाटर ट्रीटी (सिंधु जल समझौता) के बारे में अंबुले ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने की वजह से भारत ने इस समझौते को रोक दिया है। इस मुद्दे पर अंबुले ने कहा, “यह समझौता पहले से ही पाकिस्तान की तरफ ज्यादा झुका था। जब तक सीमा पार आतंकवाद चलता रहेगा, यह समझौता लागू नहीं होगा।” पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवाल पर उन्होंने भारत का पुराना रुख दोहराया, “आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकते। एकमात्र मुद्दा है – पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) जो गैरकानूनी है।”
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (10 मई 2025) को दावा किया था कि दोनों देश तटस्थ स्थान पर बातचीत के लिए सहमत हुए हैं। लेकिन अंबुले ने इसे साफ तौर पर खारिज करते हुए कहा, “भारत ने कभी ऐसा नहीं किया। आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।” यह बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है, जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और कश्मीर पर अपनी संप्रभुता को प्राथमिकता देती है।
अंबुले ने कहा कि भारत तब तक पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखेगा, जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को बंद नहीं करता। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों खासकर DGMO के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान आतंकवाद रोक दे, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन ध्यान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और 22 अप्रैल 2025 के हमले के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने पर रहेगा।”
गौरतलब है कि चार दिन की तीखी झड़पों के बाद शनिवार (10 मई 2025) को दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई। युद्धविराम (Ceasefire) से पहले भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तानी वायुसेना की कमर तोड़ दी और आतंक के ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट कर दिया। भारत के आक्रमण से घबराए पाकिस्तान ने ही सीजफायर की गुहार लगाई। सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर शिल्पक अंबुले ने भी इस बात को दोहराया।
शिल्पक अंबुले ने कहा कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस ने अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया, जिसके बाद यह युद्धविराम संभव हुआ। इसमें किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत ने “आतंकी ठिकानों को नष्ट करने” का अपना उद्देश्य हासिल कर लिया।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में न सिर्फ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया बल्कि पाकिस्तानी एयरफोर्ट को भी पंगु बना कर रख दिया। सोमवार (12 मई 2025) को दिल्ली में तीनों सेना प्रमुखों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।
इस दौरान भारतीय वायुसेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने गोस्वामी तुलसीदास की ‘रामचरित मानस’ की चौपाई ‘विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति’ पढ़कर पाकिस्तान को चेतावनी दी कि बिना भय के शांति संभव नहीं।
#WATCH | Delhi | #OperationSindoor | On being asked about the message being conveyed by using Ramdhari Singh Dinkar's poem in the video presentation, Air Marshal AK Bharti says, "…'विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति'.." pic.twitter.com/WBDdUI47oX
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डीजीएमओ ने कहा, “पहलगाम तक पाप का घड़ा भर चुका था। हमने पूरी तैयारी के साथ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।” उन्होंने बताया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह अडिग रहा और पाकिस्तान की मिसाइलें, ड्रोन, और हवाई हमले नाकाम हो गए।
#WATCH | Delhi | DGMO Lieutenant General Rajiv Ghai says, "In the last few years, the character of terrorist activities have changed. Innocent civilians were being attacked.. 'Pahalgam tak paap ka ye ghada bhar chuka tha'…" pic.twitter.com/Nr21vVKSTo
एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट किया, “हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देकर इसे अपनी जंग बना लिया। इसके लिए हुए नुकसान की जिम्मेदारी उनकी है।”
#WATCH | Delhi | #OperationSindoor | Air Marshal AK Bharti says, "…It is a pity that the Pakistani military chose to intervene and that for terrorists, and hence we chose to respond…" pic.twitter.com/c3sHHKaRKI
इस दौरान भारत की तरफ से साफ कर दिया गया कि भारत ने पाकिस्तान के किसी भी परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।
#OperationSindoor | Delhi: When asked if India hit Kirana Hills, Air Marshal AK Bharti says, "Thank you for telling us that Kirana Hills houses some nuclear installation, we did not know about it. We have not hit Kirana Hills, whatever is there." pic.twitter.com/wcBBVIhif1
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ, जब भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने 8-9 मई को जवाबी हमले किए, जिसमें उसने उधमपुर, पठानकोट, और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत के मजबूत एयर डिफेंस ने इन हमलों को विफल कर दिया। शनिवार को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, जिसके बाद सीमा पर शांति है।
पाकिस्तानी हथियारों का मलबा
एयर मार्शल भारती ने कहा, “हमारे सभी सैन्य अड्डे, हथियार, और सिस्टम पूरी तरह तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम अगली बार नए तरीके से जवाब देंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने यह भी बताया कि कैसे स्वदेशी हथियारों ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। यह आत्मनिर्भर भारत का युद्ध था, जिसने न सिर्फ आतंकवाद को जवाब दिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने पेश किया।
#WATCH | Delhi: Air Marshal AK Bharti says, "All our military bases, all our systems continue to remain fully operational and ready to undertake any future missions should the need so arise." pic.twitter.com/HWQwP5ol6Q
भारत ने पाकिस्तानी हथियारों को भी दिखाया, जिसे भारतीय रक्षकों ने मार गिराया। इसमें चीनी मिसाइलें और तुर्किये के ड्रोन भी शामिल हैं।
#WATCH | Delhi | The Indian military shows the debris of a likely PL-15 air-to-air missile, which is of Chinese origin and was used by Pakistan during the attack on India.
The wreckage of the Turkish-origin YIHA and Songar drones that were shot down by India has also been shown pic.twitter.com/kWIaIqnfkQ
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दिखाए गए एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा। इस वीडियो में भारतीय सेना की ताकत और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दर्शाया गया। वीडियो में कविवर रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्ति ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ का इस्तेमाल किया गया, जिसने वीर और रौद्र रस को जागृत कर दिया। इसने न सिर्फ सेना की शक्ति दिखाई, बल्कि पाकिस्तान के नापाक इरादों को ध्वस्त करने के भारत के संकल्प को भी दोहराया।
संदेश साफ है- भारत अब चुप नहीं रहेगा। रामचरित मानस की चौपाई और दिनकर की कविता के जरिए सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत की शक्ति और संस्कृति का मेल अजेय है।
राजस्थान के भीतर एक गाड़ी में 2 हजार किलोग्राम से अधिक विस्फोटक मिला है। यह विस्फोटक एक लावारिस गाड़ी में रखा गया था। विस्फोटक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस इस विस्फोटक के मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोटक जयपुर में जयपुर-भरतपुर हाईवे पर खड़े एक पिकअप से बरामद हुआ है। इस पिकअप से 2075 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और ऑप्टी स्टार विस्फोटक जब्त किया गया है। यह बरामदगी 10 मई 2025 की रात करीब 2.30 बजे मोहनपुरा पुलिया के पास आगरा रोड पर एक दुकान से बरामद हुआ है।
पुलिस ने बताया कि यहाँ एक लावारिस सफेद रंग का पिकअप ट्रक खड़ा था। इस गाड़ी का स्टीयरिंग लॉक था और भीतर कई संदिग्ध डिब्बे दिखाई दे रहे थे। पुलिस को ट्रक से 63 डिब्बे मिले। इसमें मौजूद हर डिब्बे में 12 बंडल थे, जिनका वजन 25 किलोग्राम था। पुलिस ने ऐसे 756 बंडल बरामद किए।
डिब्बों पर ऑप्टी स्टार एक्सप्लोसिव क्लासिक का लेबल लगा था। यहाँ इसके अलावा 10 प्लास्टिक बैग भी मिले। 50 किलोग्राम वजनी इन बैग पर अमोनियम नाइट्रेट का लेबल लगा था। जाँच में पुष्टि हुई कि बरामद किया गया सामान विस्फोटक सामग्री था।
पुलिस ने इस बरामदगी के बाद पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबर की जाँच की। इसमें पता चला कि पिकअप भीलवाड़ा के ईश्वर सिंह के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस ने पिकअप के मालिक और ड्राइवर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सम्पर्क स्थापित नहीं हो पाया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर लिया है।
पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता करने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटक कहाँ से आए और इसका उपयोग कहाँ किया जाना था ? यह भी पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं होना था। यह सावधानी भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े हुए तनाव के चलते और भी बढ़ गई है।