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3 घंटे तक तड़पी शोएब-पांडे-पटेल की माँ, नोएडा में मर गए सबके नाना: कोरोना से भी भयंकर है यह ‘महामारी’

आपदा हो या त्योहार, अवसर लेकर आते हैं। पिछले एक वर्ष से चीन से चलकर दुनिया भर में किसी नए धर्म की भाँति फैलने वाली महामारी भी अवसर लेकर आई है। लोग अपनी-अपनी औकात के अनुसार अवसर निकाल ले रहे हैं।

किसी के लिए सेवा करके पुण्य कमाने का अवसर है तो किसी के लिए दवाइयाँ और इंजेक्शन पाँच गुने दामों पर बेच कर पैसे कमाने का। किसी अस्पताल के किसी कर्मचारी के लिए मरीज के शरीर से गहने उतार कर धनी बन जाने का अवसर है तो किसी के लिए दिन रात काम करके मानवता के लिए नए आविष्कार करने का अवसर है।

सब अपने-अपने अवसर तलाश कर कुछ न कुछ कर डाल रहे हैं पर इस आपदा में सबसे बड़े अवसरवादी वे हैं जिन्हें यह विश्वास है कि उनके लिए सत्ता पाने का राष्ट्रीय राजमार्ग सोशल मीडिया की जमीन से होकर गुजरता है।

अब इसका असर यह हुआ है कि ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं है, जहाँ इन प्रोपगैंडाबाजों ने कहर न ढाया हो। बिना नाम और पते वालों द्वारा बेड से लेकर ऑक्सीजन माँगने तक का सीरियल प्रोपगैंडा जगह-जगह बिखरा पड़ा है। कोई 2018 की मणिकर्णिका घाट की तस्वीर लगाकर बता रहा है कि लाशें ही लाशें जल रही हैं। पत्रकारों के साथ-साथ बोट्स को भी लाशों से इतना लगाव हो चला है कि वे भी लाशों वाले ट्वीट रीट्वीट किए जा रहे हैं।

ये ऊपर लगे स्क्रीनशॉट के दर्शन करें, जिसमें पटेल, पांडेय, वर्मा, शोएब सबकी माँ तीन घंटे तक लगातार तड़पी और फिर छोड़कर चली गई। स्क्रीनशॉट देखने के बाद लोगों ने अनुमान लगाना शुरू किया कि सबकी माँ एक ही थी या अलग-अलग थी। यदि अलग-अलग थी तो क्या इन्हें चीनी वाइरस के किसी खास प्रकार के वेरिएंट ने संक्रमित किया, जिसमें मरीज तीन घंटे तड़पता है?

एक और स्क्रीनशॉट देखा जिसमें पता चला कि स्वाति मालीवाल के नानाजी का जब नोएडा के शारदा अस्पताल में आधे घंटे तक एडमिशन नहीं मिला तो उनका देहांत हो गया। स्वाति जी के नानाजी के देहांत की खबर जैसे ही फैली एडाल्फ हिट्लर, कल्पना मीना और वेंकट आर के नानाजी लोग भी नोएडा के उसी अस्पताल में पहुँचे ताकि आधे घंटे तक एडमिशन का इंतजार करें और एडमिशन न मिलने पर मर सकें।

इधर इस स्क्रीनशॉट के भी दर्शन हुए जिसमें AIIMS में काम करने वाली डॉक्टर बहन जी लोगों ने बताया कि कैसे वे अस्पताल में बीस दिन से लगातार काम कर रही हैं और इसकी वजह से तीनों चीनी वारस से संक्रमित हो गई हैं। पर ये सारी समस्या नहीं है। दरअसल असली समस्या यह है कि इन तीनों की एक-एक बेटी है और संयोग देखिए कि तीनों बेटियाँ भी दो-दो वर्ष की हैं। इन डॉक्टर बहन जी लोगों ने फ़िल्मी डॉक्टरों की तरह ही लोगों से (विनोद) दुआ करने की अपील की है।

चीनी वाइरस द्वारा फैलाई गई इस महामारी में सोशल मीडिया पर प्रोपगैंडा कोई नई बात नहीं है। पिछले वर्ष लगभग इसी समय हरियाणा के अस्पताल में तथाकथित रूप से कार्यरत एक महिला डॉक्टर ने मास्क और ज़रूरी उपकरणों की कमी का फ़र्ज़ी हाफा पीटा था और जब लोगों ने सवाल करना शुरू किया तो अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर गई थी। इस तरह से आपदा में अवसर खोजने वालों की संख्या दूसरी लहर के समय बहुत है।

पिछले वर्ष चलाए गए प्रोपगैंडा के तत्व अलग थे। इस वर्ष पिछले वर्ष से बिलकुल अलग हैं। लोग माँ से लेकर नाना और नानी तक को मारने में नहीं हिचक रहे हैं। एक समय था जब कहानियों में राज पाने के लिए जानवरों की क़ुर्बानी देने के किस्से लिखे जाते थे। अब समय अलग है। अब राज पाने के लिए काल्पनिक माँ, नाना, नानी, बाप वग़ैरह को मार दिया जा रहा है। यह बात अलग है कि काल्पनिक क़ुर्बानियों से राज भी सोशल मीडियाटिक और काल्पनिक ही मिलेगा।

ममता बनर्जी की हैट्रिक पूरी: कोरोना पर PM संग बैठक से इस बार भी रहीं नदारद, कहा- मुझे बुलाया ही नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) को कोरोना के गहराते संकट के मद्देनजर पैदा हुई परिस्थितियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक से भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नदारद रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति और ऑक्सीजन की सप्लाई से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्रियों के साथ यह बैठक की थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय इस बैठक में शामिल हुए। तीन महीने में ऐसा तीसरी बार हुआ है जब ममता बनर्जी ने Covid-19 की बैठक में शामिल नहीं हुईं।

हालाँकि ममता बनर्जी का दावा है कि उन्हें बैठक के लिए बुलाया ही नहीं गया था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया जाता तो वह निश्चित तौर पर शामिल होतीं। बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल की ऑक्सीजन को उत्तर प्रदेश को भेज रही है। ममता बनर्जी के इस बयान पर लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

दुर्गापुर में चुनाव प्रचार के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा, “पीएम मोदी ने किसी भी बैठक में हमसे ऑक्सीजन के बारे में चर्चा नहीं की। मैंने सुना है कि आज भी एक बैठक हुई है, लेकिन हमें बैठक के लिए नहीं बुलाया गया। यदि बैठक के लिए बुलाया जाता तो मैं जरूर जाती। लेकिन मैंने यह भी सुना है कि अधिक संक्रमण वाले सिर्फ 10 राज्यों को बुलाया गया था।”

प्रश्न यह उठता है कि यदि बैठक में पश्चिम बंगाल को नहीं बुलाया गया था तो राज्य के मुख्य सचिव बैठक में कैसे शामिल हुए। यह सही है कि पीएम मोदी की बैठक में उन 10 राज्यों को बुलाया गया था, जहाँ संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है अथवा स्थिति गंभीर है। पश्चिम बंगाल भी उनमें से एक था। बैठक में दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

केन्द्रीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि 2 लाख केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवान बाहर से बंगाल में लाए गए और उनके साथ 1 लाख भाजपा के कार्यकर्ता भी दूसरे राज्यों से बंगाल में आए। यही राज्य में Covid-19 का कारण बने हुए हैं।

भाजपा के अमित मालवीय ने कहा, “बंगाल में Covid-19 की परिस्थितियों से निपटने में ममता बनर्जी की असफलता के विषय में सभी जानते हैं। वह फिलहाल एक भी बैठक में शामिल नहीं हुई हैं।“ उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में असफल हैं और आज की बैठक भी ज्यादा संक्रमित राज्यों के लिए ही थी।

पिछले तीन महीनों में ममता बनर्जी एक बार भी पीएम मोदी और मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल नहीं हुई हैं। इस महीने हुई बैठक में भी वह चुनाव प्रचार के चलते अनुपस्थित रहीं। आज भी वह Covid-19 की एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल नहीं हुईं।

ममता बनर्जी ने पिछली बैठकों से गायब रहने के पीछे चुनाव प्रचार को कारण बताया था जिससे उनकी जगह पर राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय बैठक में शामिल हुए। ऐसे में लोग ममता के बैठक में नहीं बुलाए जाने के दावे की सच्चाई बखूबी जान रहे हैं।

एंटीलिया केस: मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच का तीसरा अधिकारी गिरफ्तार, सचिन वाजे को मदद और कनेक्शन

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक से भरी कार खड़ी करने और बिजनेसमैन मनसुख हीरेन की हत्या के दोहरे मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील माने को गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इंस्पेक्टर सुनील माने से गुरुवार को कड़ी पूछताछ की गई थी। गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर सुनील माने पर निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की मदद करने का शक है, जो उनकी इस केस में संलिप्तता की ओर इशारा करता है।

माने को दो अन्य गिरफ्तार पुलिसवालों वाजे और रियाजुद्दीन काजी के साथ शुक्रवार को एनआई की विशेष कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। वाजे और रियाजुद्दीन की रिमांड की अवधि शुक्रवार को ही समाप्त हो रही है।

एंटीलिया केस में क्राइम ब्रांच के तीसरे अधिकारी की गिरफ्तारी

सुनील माने, वाजे और रियाजुद्दीन के बाद पिछले दो महीने में इस मामले में गिरफ्तार होने वाले क्राइम ब्रांच के तीसरे अधिकारी हैं। एंटीलिया बम विस्फोट मामले की जाँच के सिलसिले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने एपीआई रियाजुद्दीन काजी को निलंबित कर दिया। एनआईए के एक अधिकारी ने तब बताया भी था, “वह न केवल पूरी साजिश का हिस्सा था, बल्कि यह बताने के लिए गवाह है कि उसने वाजे के निर्देशों पर सबूत कैसे नष्ट किए।”

25 फरवरी को 20 जिलेटिन छड़ों से भरी एक स्कॉर्पियो एसयूवी और एक धमकी भरे खत को अंबानी के घर एंटीलिया के करीब बरामद किया गया था। 5 मार्च को मनसुख हीरेन की लाश थाने क्रीक से बरामद हुआ था। देश भर में सुर्खियाँ बटोरने वाले इस मामले में दो अन्य आरोपियों पूर्व पुलिसकर्मी विनायक शिंदे और क्रिकेट बुकी नरेश गोर को भी गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले के उजागर होने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस बल में बड़ा बदलाव करते हुए उस समय के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह का तबदला स्टेट होम गार्ड्स के कमांडेंट जनरल के रूप में कर दिया था, जबकि हेमंत नागराले को उनकी जगह नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया।

बंगाल में अब PM मोदी ने झोंकी ‘वर्चुअल’ ताकत, कोलकाता को ‘सिटी ऑफ फ्यूचर’ बनाने का किया वादा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (अप्रैल 23, 2021) वर्चुअल रैली को संबोधित किया। कोलकाता, बीरभूम और मुर्शिदाबाद की जनता के सामने वर्चुअली अपनी बात रखते हुए पीएम ने बताया कि कोविड नियमों के मद्देनजर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सब तैयारी कर ली थी, लेकिन हालातों के कारण वह वहाँ नहीं आ सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में अच्छे से मतदान हो रहा है। मतदाता भेदभाव से मुक्त, सद्भाव से युक्त, व्यवस्था के लिए वोट दे रहे हैं। लोगों को यहाँ रोजगार के अवसर, अच्छा जीवन और व्यापार करने के लिए सहायता चाहिए, भाजपा यह सब बंगाल को देगी।

इस पहली वर्चुअल रैली में पीएम ने आशावादी बंगाल पर बात करते हुए कहा कि इस बार परिवर्तन तय है। उन्हें कोने-कोने से प्यार मिला, जिससे वह अभिभूत हैं। उन्हें बंगाल को पुराना गौरव लौटाना है। अब तक यहाँ जो सरकारे रहीं, उन्होंने बंगाल को गुलाम बनाकर रखा, लेकिन इस बार जनता मुक्ति चाहती है। बीजेपी के लोग इस सपने को पूरा करेंगे।

पीएम ने बंगाल की जनता को बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पिछले 18 हजार रुपए बंगाल के हर किसान को मिले, इसके लिए सरकार बनते ही काम शुरू किया जाएगा।

पीएम ने कोलकाता के लिए कहा, “कोलकाता की तो पहचान सिटी ऑफ जॉय के रूप में रही है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से इसको सिटी ऑफ फ्यूचर के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा पीएम ने जानकारी दी कि पीएम आवास योजना के अंतर्गत देश भर में उनकी सरकार द्वारा गरीबों के लिए दो करोड़ से अधिक घर बनवाए गए हैं। बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद गरीबों के लिए घर निर्माण की गति को बहुत तेजी से बढ़ाया जाएगा।

पीएम ने बताया कि भारत में बहुत निवेश हो रहा है। इसका एक बड़ा हिस्सा वह बंगाल में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। पार्टी इसके लिए पूरी कोशिश करेगी।

सिल्क और जूट उद्योग आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण कारक है। इन्हें बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भाजपा उठाएगी। साथ ही फल और सब्जियों की बचत के प्रयास होंगे और किसानों को हर संभव तरीके से मदद दी जाएगी।

नारी सशक्तिकरण पर पीएम ने कहा कि बहनों-बेटियों की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास अधूरा है। भाजपा सरकार की ये कोशिश है कि बेटियों के जन्म से लेकर बुढ़ापे तक उनको हर वो सुविधा और प्रोत्साहन मिले, जिससे वो बेहतर समाज का निर्माण कर सके।

कोरोना के मद्देनजर बचाव पर बात करते हुए पीएम ने कहा टीके के दौरान भी, टीके के बाद भी, मास्क जरूरी है, पूरे चेहरे को मास्क से ढँकना जरूरी है। दवाई भी, कड़ाई भी, इस मंत्र को हमें याद रखना है।

Virafin (PegIFN) को मंजूरी: कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन आवश्यकता को करेगी नियंत्रित, जायडस कैडिला का दावा

जायडस कैडिला की विराफिन (Virafin) दवा को ड्रग्स जनरल कंट्रोलर ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) की आपातकालीन मंजूरी मिल गई है। विराफिन (Virafin) वयस्कों में Covid-19 के संक्रमण के ईलाज में उपयोगी है।

विराफिन (Virafin) ब्रांड नाम के इस दवा का ड्रग नाम है – पेगिलेटेड इन्टरफेरेन अल्फा-2b (Pegylated Interferon alpha-2b, PegIFN)। इसे बनाने वाली कंपनी जायडस ने दावा किया है कि एंटी वायरल दवा Virafin (PegIFN) से ईलाज करने के बाद 91.15% कोविड मरीजों की रिपोर्ट सातवें दिन निगेटिव आई है। इसके अलावा जायडस की यह दवा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की ऑक्सीजन की आवश्यकता को भी कम करती है।

जायडस कैडिला ने इसी महीने Virafin (PegIFN) दवा को अप्रूव करने का आवेदन दिया था। कंपनी ने बयान जारी करके कहा कि Virafin (PegIFN) से मरीजों में ऑक्सीजन सप्लिमेंट की जो आवश्यकता 84 घंटे की होती है, वो घटकर 56 घंटे की हो जाती है। जायडस के प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है कि Virafin (PegIFN) की सहायता से मरीज शीघ्रता से रिकवर कर रहे हैं।

प्रेस रिलीज में जायडस ने Virafin (PegIFN) के विषय में बताया कि मरीजों के लिए इस दवा का उपयोग सस्ता और आसान होगा। यह सिंगल खुराक आधारित दवा है। इसके अतिरिक्त इस दवा के बेहतर परिणाम हैं।

फार्मा कंपनी ने बताया कि Virafin (PegIFN) के उपयोग से अतिरिक्त ऑक्सीजन की आवश्यकता घट जाती है, जिससे यह पता चलता है कि दवा श्वसन से संबंधित कठिनाईयों और श्वसन तंत्र के निष्क्रिय होने से बचाने में सहायक है।

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चिंताजनक स्तर पर पहुँच गई है। देश में रोजाना मिलने वाले मरीजों की संख्या 3 लाख से ऊपर हो गई है। तेजी से बढ़ते इस संक्रमण के बीच कई राज्य ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं।

हत्या के बाद माँ की शव के किए 1000 टुकड़े, फ्रिज में रख कुत्ते के साथ धीरे-धीरे खाता रहा: बेटे के खिलाफ सुनवाई शुरू

स्पेन के मैड्रिड में उस युवक के खिलाफ अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है, जिस पर अपनी माँ की हत्या कर शव को खाने का आरोप है। यह घटना 2019 की है। मैड्रिड निवासी 28 वर्षीय एल्बर्टो सांचेज गोमेज (Alberto Sánchez Gómez ) पर अपनी माँ मारिया गोमेज को मारने का आरोप है। हत्या के बाद उसने शव को हजार टुकड़े में काट दिया। फिर उसे अपने कुत्ते के साथ मिल कर खाता रहा। मारिया के एक दोस्त की शिकायत पर पुलिस सांचेज के घर पहुँची थी और उसे गिरफ्तार किया था। 

दोस्त ने पुलिस को मारिया के अचानक गायब होने के बारे में बताया। इसके बाद वहाँ की पुलिस ने अपनी पड़ताल शुरू की। शिकायत के आधार पर जब पुलिस गोमेज के घर पहुँची तो उसकी माँ मारिया गोमेज के शरीर के कुछ हिस्से फ्रिज में पड़े मिले, कुछ प्लास्टिक कंटेनर में और कुछ अपार्टमेंट में इधर-उधर पड़े थे।

पुलिस के मुताबिक जब वह घर पहुँची तो शव के टुकड़े देख उनके होश उड़ गए। दरवाजा सांचेज ने ही खोला था। जब मारिया की गुमशुदगी को लेकर उससे सवाल किया गया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने कहा कि मारिया गोमेज यहीं पर हैं, लेकिन अब वह मर चुकी हैं।

युवक ने पूरी घटना बताते हुए कहा, “मैंने और मेरे कुत्ते ने उन्हें पूरी तरह से खा लिया है।” युवक की बात सुन पुलिस ने घर की छानबीन शुरू की। देखा तो फ्रिज और प्लास्टिस बैग में मारिया गोमेज के टुकड़े पड़े थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सांचेज गोमेज का पूरा मामला इस समय कोर्ट में है। उसके बचाव में हाल में दलील दी गई कि उसे याद भी नहीं है कि उसने अपनी माँ को खाया। कथित तौर पर युवक पर्सनालिटी डिसॉर्डर से ग्रसित है। इसके अलावा वह ड्रग का आदी भी रह चुका है।

विदेशी रिपोर्ट्स बताती हैं कि सांचेज को जब पुलिस पकड़ने पहुँची, उस समय वह अपनी माँ के बचे हुए टुकड़ों को पका कर खाने वाला था। गिरफ्तारी के बाद उसने स्वीकारा कि उसने अपनी माँ की गला दबाकर हत्या की थी और बाद में उसने उन्हें टुकड़ों में काटकर अपने कुत्ते के साथ खाया।

ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाई, एम्बुलेंस, अस्पताल में बेड… UP में मदद के लिए RSS के इन नंबरों पर करें कॉल

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी कमर कस ली है। हमने पिछले साल भी RSS और इससे जुड़ी ‘सेवा भारती’ सहित कई संस्थाओं को देश के सुदूर इलाकों तक में जनसेवा में रत देखा था। बाढ़, भूकंप और तूफ़ान की स्थिति में RSS दशकों से सेवाकार्य करता आ रहा है। देश भर में फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से संघ प्रशासन के साथ मिल कर काम करता है, ताकि ज़रूरतमंदों की मदद हो सके।

देश में फ़िलहाल ऑक्सीजन, अस्पताल बेड्स और दवाओं के लिए स्थिति खासी संवेदनशील बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। उन्हें पता नहीं चल रहा है कि आपदा के इस काल में किससे संपर्क करें। देश के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में आप RSS द्वारा जारी की गई इस सूची को देख कर इसमें दिए गए नाम और नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:

उत्तर प्रदेश के लोग आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

ऑक्सीजन सिलिंडर और उसकी रिफिलिंग नहीं हो पा रही है, आपको डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयाँ नहीं मिल रही हैं, अस्पतालों में मरीज को भर्ती नहीं कर पा रहे हैं, निजी अस्पतालों के बारे में आपको कुछ पता नहीं है, एम्बुलेंस नहीं मिल रही है या फिर भोजन-पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है तो आप ऊपर की सूची में ‘कार्य विभाग’ देख कर RSS के इन पदाधिकारियों को फोन कॉल कर सकते हैं।

सूची में इनके नाम के साथ दायित्व और फोन नंबर भी दिए गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए पहल कर रहा है और उससे भी संपर्क किया जा सकता है। परिषद ने भी यूपी में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के अलग-अलग प्रान्तों में संक्रमण से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए अपने कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की है। उस सूची में दिए गए संपर्कों पर भी आप कॉल कर सकते हैं।

ऊपर के ट्वीट थ्रेड में आपको विभिन्न राज्यों में ABVP के हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कॉल करने पर सहायता मिल जाएगी। RSS पार्क और खुले मैदान में लगने वाली शाखाओं को पिछले साल ही बंद कर चुकी है लेकिन ऑनलाइन कार्य जारी रहा है। घरों में शाखाएँ लगीं। प्रतिदिन लगने वाली 1 घंटे की शाखा ही संघ की बड़ी ताकत है, जहाँ से इसके पूर्णकालिक सदस्य भी निकलते हैं। अब संघ जनसेवा में ताकत झोंक रहा है।

दानापुर में रेलिंग तोड़ गंगा में गिरी गाड़ी, 9 शव निकाले गए: एक ही परिवार के सारे, तिलक से लौट रहे थे

बिहार में शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) की सुबह एक बड़े हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। हादसा पटना से सटे दानापुर के समीप बने पीपा पुल पर हुआ। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्‍थानीय गोताखोरों की मदद से मृतकों के शव गंगा नदी से न‍िकाले जा चुके हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सारण (छपरा) जिले के अकिलपुर निवासी मदन सिंह के पुत्र राकेश का 21 अप्रैल को तिलक हुआ था। 26 अप्रैल को शादी होनी है। उनका परिवार दानापुर के चित्रकुटनगर में रहता है। पटना में गंभीर कोरोना संक्रमण को देखते हुए उनकी शादी का कार्यक्रम गाँव से हो रहा था। तिलक के बाद मदन सिंह के रिश्तेदार और परिवार के लोग दानापुर आ रहे थे। इसी दौरान सुबह के करीब छह बजे पीपा पुल की रेलिंग तोड़ते हुए पिकअप वैन गंगा नदी में गिर गई।

हादसे के दौरान वैन की छत पर सवार सुजीत कुमार सिंह, मनोज सिंह और किताब राय ने कूदकर अपनी जान बचा ली। हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही पटना के जिलाधिकारी ने दानापुर में हुए हादसे की जाँच के आदेश दिए हैं।

बता दें कि दानापुर के पीपा पुल की हालत काफी जर्जर है। यहाँ पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इससे पहले एक ट्रैक्‍टर पुल से गंगा में गिर गया था। दानापुर की साइड में पुल के अप्रोच रोड का निर्माण भी सही तरीके से नहीं किया गया है। यह पुल स्‍टील प्‍लेट से बना है, जिसके चलते यहाँ हमेशा वाहनों के फिसलने की आशंका हमेशा रहती है। शुक्रवार को हुए इस हादसे की वजह भी यही बताई जा रही है।

अपाहिज बीवी के प्राइवेट पार्ट में नींबू, फिटकरी, शराब… फिर बनाता है अप्राकृतिक संबंध: शिकायत दर्ज

हरियाणा के पानीपत में पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक अपाहिज महिला ने अपने पति पर रूह को कँपा देने वाले अंदाज में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पानीपत में हाथ-पैर से अपाहिज एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि वह उसके प्राइवेट पार्ट में शराब, नींबू और फिटकरी डालता है। साथ ही उसने पति पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़िता ने पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप

पीड़िता ने साथ ही पुलिस की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि उसके साथ हुई इतनी निर्दयता के बावजूद पुलिस प्रशासन उसके पति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी सतीश कुमार वत्स ने महिला की शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

14 साल पहले हुई थी पीड़िता की शादी

पीड़िता की शादी 14 साल पहले पानीपत के एक गाँव के निवासी अरुण नामक शख्स से हुई थी। पीड़िता और अरुण के दो बच्चे हैं।

पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति की प्रताड़ना का सिलसिला भी शुरू हो गया था। लेकिन उसका पति अब नीचता की सारी हदें पार कर चुका है। पीड़िता ने पुलिस से अपने पति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।

हमें किसी ने छेड़ा तो होगी सुताई: ‘बक्कल उतारने’ की बात कहने वाले राकेश टिकैत ने फिर दी धमकी

पिछले 24 घंटे में पूरे देश से 3.32 लाख कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। हर राज्य की सरकार कोरोना से निपटने के लिए सख्त पाबंदियाँ लगा रही है। इस बीच भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत की आवाजाही जारी है। गाजीपुर बॉर्डर पर इफ्तार पार्टी के बाद अब वे हिसार पहुँचकर धमकी दे रहे हैं कि किसी ने उन्हें छेड़ा तो उसकी सुताई होगी।

बार एसोसिएशन के धरने को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने शुक्रवार (अप्रैल23, 2021) को हरियाणा में कहा कि अगर हमें छेड़ने का प्रयास किया गया तो हम भी सुताई करेंगे। उनके मुताबिक सुताई शब्द का मतलब उनके गाँव के लोग काफी अच्छे से समझते हैं।

कोविड-19 सिर्फ़ एक चाल

हरि भूमि की रिपोर्ट के मुताबिक राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन को तोड़ने के लिए नई-नई चाल चली जा रही है। कोविड-19 भी वही चाल है। कोविड-19 का किसान आंदोलन से क्या मतलब। जिसे दिक्कत होगी वह अस्पताल में जाकर इलाज करवा लेगा।

टिकैत ने कहा, “जहाँ हम धरना दे रहे हैं वह हमारा घर है, हमारी कॉलोनी है। हम इसे किसी भी सूरत में माँगे पूरी नहीं होने तक खाली नहीं करेंगे… यह शाहीन बाग नहीं है जो डरा-धमकाकर खाली करवा लोगे। जहाँ तक क्लीन स्वीप अभियान चलाने की बात चल रही है तो मैं बता देना चाहता हूँ कि सरकार ने अगर ऐसी कोई गलती की तो पूरे देश में सुताई अभियान चलेगा। हरियाणा में तो पहले से ही यह अभियान चल रहा है।”

टिकैत ने हिसार कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा किसानों के समर्थन में दिए जा रहे धरने को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि देश बेचने की कोशिश हो रही है। लेकिन वह ऐसा नहीं होने देंगे। उनका आंदोलन देश को बचाने का आंदोलन है। पहले देश को बचाने के लिए बुजुर्गों ने लड़ाई लड़ी, लेकिन अब का आंदोलन साइलेंट है।

टिकैत ने कहा कि कृषि कानून के बाद बिजली और दूध एग्रीमेंट को लेकर सरकार बिल आएगी। धीरे-धीरे देश के विश्वविद्यालयों को भी ठेके पर दे दिया जाएगा। इसके बाद जो शिक्षक सवा लाख ले रहा है उसे 30,000 में काम करना होगा। टिकैत के मुताबिक, केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ समाज के सभी वर्गों को मिलकर आंदोलन में शामिल होना होगा।

टीका लगवाएँगे, टेस्ट नहीं कराएँगे

किसान नेता ने कोरोना वैक्सीन पर कहा कि बॉर्डर पर बैठे किसान इंजेक्शन लेंगे, लेकिन कोरोना टेस्ट नहीं कराएँगे। इंजेक्शन भी तब लगवाएँगे, जब आधे इंजेक्शन पुलिसकर्मी लगवाएँगे। उन्हें सरकार पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने कोरोना की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए पूछा अगर कोरोना इतना खतरनाक है तो कुछ लोग बंगाल में रैली क्यों कर रहे हैं। कोरोना को एक तरह का बुखार ही मान सकते हैं। लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो वहाँ की सरकार को इस्तीफा देना चाहिए।

बक्कल उतारने की दे चुके हैं धमकी

बता दें कि कोरोना महामारी के बीच किसान आंदोलन खत्म न करने की जिद्द पर अड़े किसान नेता राकेश टिकैत इससे पहले बक्कल उतारने वाले बयान दे चुके हैं। 26 जनवरी को जब उन्होंने रैली निकालने से रोने के लिए प्रशासन कोशिश कर रहा था तो उन्होंने कहा था कि अगर ट्रैक्टर को रोका गया तो उसका इलाज होगा। अगर किसी ने रोका तो उसकी बक्कल उतार दी जाएगी।