Home Blog Page 3877

PM मोदी की अपील पर कुंभ अब और नहीं, स्वामी अवधेशानंद ने कहा- लोगों की रक्षा सबसे ज्यादा जरूरी

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच हरिद्वार में चल रहा कुंभ आज समय से पहले समाप्त कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले अखाड़ों से अपील की थी कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कुंभ का समापन हो। इसके बाद जूना अखाड़े के प्रमुख अवधेशानंद ने कुंभ के समापन का ऐलान किया। इस बाबत कुंभ में मौजूद सभी अखाड़ों ने फैसला लिया।

बता दें पीएम मोदी ने आज ही स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया था कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल प्रतीकात्मक होना चाहिए। अब तक दो शाही स्नान समाप्त हो गए हैं। 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया था कि उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना और पता किया कि सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं।

पीएम से बात करने के बाद जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा हम प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं। मैं लोगों से निवेदन करता हूँ कि बड़ी संख्या में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर स्नान को न आएँ और सभी नियमों का पालन करें। 

स्वामी अवधेशानंद ने समापन की घोषणा करते हुए कहा, “भारत की जनता व उसकी जीवन रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हमने विधिवत कुम्भ के आवाहित समस्त देवताओं का विसर्जन कर दिया है। जूना अखाड़ा की ओर से यह कुम्भ का विधिवत विसर्जन-समापन है।”

‘इस्लाम और कट्टरपंथी इस्लाम में अंतर नहीं, यह सभी धर्मों के लिए खतरा’: यति नरसिंहानंद ने इंटरव्यू रखे अपने विचार

डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती, पैगंबर मोहम्मद पर अपने विचार रखने के बाद से ही इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। उन्हें अनेकों धमकियाँ भी मिल चुकी हैं किन्तु फिर भी उन्होंने बिना डरे गोवा क्रॉनिकल को दिए गए एक इंटरव्यू में इस्लाम पर अपने विचारों को रखा।

‘ट्रुथ मैटर्स’ नाम के एक शो में चर्चा करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा, “इस्लाम और कट्टरवादी इस्लाम में कोई अंतर है ही नहीं। इस्लाम कट्टरपंथी ही है। सॉफ्ट इस्लाम जैसा कुछ होता ही नहीं है। इस्लाम सिर्फ मुहम्मद के बताए रास्ते पर चलता है। मुस्लिमों को मुहम्मद के विचार और शिक्षाओं का अनुसरण करना होता है। इस्लाम इस दुनिया के सभी धर्मों के लिए एक खतरा है। पिछले 1400 वर्षों में इस्लाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। बल्कि यह आज और खतरनाक हुआ है।“

यति नरसिंहानंद ने कहा कि अपनी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए लोगों को यह सत्य स्वीकार करना ही होगा।

महंत यति नरसिंहानंद ने कहा कि वह सनातन धर्म के अनुयायी हैं और किसी भी दूसरे पंथ या मजहब के विरोधी नहीं हैं लेकिन दूसरे मजहब को अपने पर थोपे जाने के विरोधी अवश्य हैं। उन्होंने कहा, “मैं हिन्दू महिलाओं और बच्चों की रक्षा करने के लिए आवाज उठा रहा हूँ। हमारे बच्चों और महिलाओं को भी जीने की आजादी है लेकिन यदि कोई मजहब यह सोचता है कि वह हमारी महिलाओं और बच्चों को डरा सकता है तो मैं यह काभी भी बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं इसके विरुद्ध आवाज उठाता रहूँगा।“

यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि उनके जीवन को खतरा है लेकिन फिर भी वह भारतीय समाज को जागृत करने के लिए कार्य करते रहेंगे।

पैगंबर मुहम्मद के विषय में अपने विचार रखने के बाद से ही डासना देवी मंदिर के मुख्य महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के विरुद्ध मुस्लिम कट्टरपंथी प्रदर्शन कर रहे हैं। कई राजनैतिक दलों के नेताओं और मुस्लिम समूहों द्वारा यति नरसिंहानंद की कथित ईशनिंदा पर उनकी गर्दन काटने का फतवा भी दिया जा चुका है।

TMC ने माना ममता की लाशों की रैली वाला ऑडियो असली, अवैध कॉल रिकॉर्डिंग पर बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई की माँग

टीएमसी नेता के साथ ममता बनर्जी की बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के एक दिन बाद पार्टी ने स्वीकार किया है कि रिकॉर्डिंग असली है। इस मामले में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर भाजपा पर गैरकानूनी तरीके से मुख्यमंत्री की कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है।

टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा, डेरेक ओ ब्रायन और पूर्णेंदु बसु के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है कि भाजपा नेता अमित मालवीय और लॉकेट चटर्जी ने 16 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जहाँ कॉल रिकॉर्डिंग जारी की गई थी। पत्र में बीजेपी पर गैरकानूनी तरीके से टीएमसी कार्यकर्ता पार्थ प्रतिम रे और सीएम ममता बनर्जी के फोन कॉल को रिकॉर्ड किया गया और उसे वायरल किया गया।

पत्र में कहा गया है, ”बीजेपी द्वारा किए गए सभी कार्य गैरकानूनी है और यह कानूनी अधिकारों पर डायरेक्ट अटैक है। इसे सीएम ममता बनर्जी का निजता का अधिकार भी शामिल है।” पार्टी ने दावा किया है कि कॉल रिकॉर्ड करना संविधान के इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईपीसी 1860 का सीधा उल्लंघन है। हालाकि, पार्टी ने यह नहीं बताया कि बीजेपी ने संविधान की कौन सी अनुसूची या अनुभाग में लिखे कानूनों का उल्लंघन किया है।

टीएमसी ने कहा कि क्योंकि चुनाव के दौरान ऑडियोटेप जारी किया गया है, इसलिए वे चुनाव आयोग से मामले की जाँच कर जरूरी कार्रवाई का अनुरोध करते हैं।

इस मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी के फोन कॉल को गैरकानूनी तरीके से रिकॉर्ड किया और इसे जारी कर दिया। टीएमसी ने इसे स्वीकार भी कर लिया कि ऑडियो असली है। ममता बनर्जी ने ऑडियो में सुनाई गई आवाज पर टिप्पणी भी की है।

इससे एक दिन पहले ममता बनर्जी ने इसको लेकर कहा था कि वह अपने फोन टैपिंग में शामिल सभी आरोपितों का पता लगाएँगी और इसकी सीबीआई जाँच के आदेश देंगी।

गौरतलब है कि ममता का ऑडियो शुक्रवार को सामने आया था, जिसमें ममता को TMC नेता पार्थ प्रतिम रे से चौथे चरण की वोटिंग के दौरान CISF की फायरिंग में मारे गए उपद्रवी TMC कार्यकर्ताओं की मौत के बारे बातचीत करते हुए सुना गया था। ऑडियो में स्पष्ट सुना जा सकता है कि ममता बनर्जी उद्रवियों को गोली मारने के मामले में केंद्रीय सशस्त्र बलों को धमकी दे रही हैं। वह केंद्रीय बलों को जेल भिजवाने की धमकी दे रही हैं।

बता दें कि उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों के हथियार छीनने की कोशिश की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में उन्होंने गोली चलाई थी। ऑडियो में सुना जा सकता है कि ममता बनर्जी जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए मारे गए टीएमसी कार्यकर्ताओं के शवों के साथ रैली निकालने का निर्देश देती हैं।

ममता कहती हैं, “पार्थ पहले अपना वोट डाल दो और फिर हम बैठकर फैसला करेंगे। मैं सीआरपीएफ सहित सभी को गिरफ्तार करवाऊंगी। सभी शवों को रखें। हम कल लाशों के साथ रैली निकालेंगे। मरने वालों के परिवारों को बताएँ कि शवों को उन्हें नहीं सौंपा जा सकता है। सब कुछ ठीक हो जाएगा। अपना वोट डालें और शांत रहें। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि आप अपना वोट न डाल सकें। ”

लाशों पर चर्चा करने के बाद उन्होंने सीआरपीएफ की गोली से मरने वाले लोगों के राजनीतिक कनेक्शन के बारे में छानबीन की। जब उन्हें यह पता चला कि मरने वाले उन्हीं की पार्टी के समर्थक हैं, ममता ने पार्थ प्रतिम रॉय को वकीलों की मदद से पहले एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दी। ममता बनर्जी ने आगे कहा, “एफआईआर दर्ज कराओ। एक वकील को किराए पर ले लो और खुद से ऐसा मत करना। मैं मृतकों के परिवार के सदस्यों को चुनाव के बाद एफआईआर दर्ज करने के लिए कहूंगी। अभी तक पुलिस ने परिवार के सदस्यों का कोई भी बयान नहीं लिया है।”

टीएमसी सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ता को यह कहते हुए डर पैदा करने का निर्देश दिया कि केंद्रीय बल एनपीआर को लागू करने और राज्य में डिटेंशन सेंटर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

जालंधर में पादरी ने हिंदू परिवार को लगाया 80,000 रुपए का चूना, कैंसर के इलाज के बहाने बनाया ईसाई: शिकायत दर्ज

पंजाब के जालंधर में इलाज करने वाले एक ईसाई धर्मगुरू पर धोखा देने का आरोप हिंदू परिवार ने लगाया है। मुंबई के रहने वाले पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपित पादरी ने उनकी बेटी के कैंसर के इलाज के बहाने उन्हें 80 हजार रुपए का चूना लगा दिया। परिवार का आरोप है कि इलाज के बहाने पादरी ने हिंदू परिवार का ईसाई धर्मान्तरण कराने की कोशिश की थी।

मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पीड़ित परिवार ने कैंसर से अपने परिजनों को खोने के बाद ईसाई उपचारक के खिलाफ एसएसपी ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई।

गौरतलब है कि पीड़ित शुभम पंडित और उनकी माँ, पंडित की बहन की कैंसर की बीमारी को ठीक करने के लिए पादरी बलविंदर से मिलने जालंधर गए थे। शुभम पंडित ने बताया कि मुंबई में उनसे मिले पादरी के एक शिष्य ने उन्हें बताया था कि पादरी के पास किसी भी बीमारी को ठीक करने की शक्तियाँ हैं। इसलिए, शुभम पादरी से मिलने के लिए ताजपुर गाँव के चर्च गया था।

शुभम के मुताबिक पहले पादरी बलविंदर सिंह ने उनकी बीमार बहन के इलाज के लिए 1 लाख रुपए की माँग की। हालाँकि, बाद में वो 80,000 रुपए में मान गया। शुभम ने बताया, “हमें 12 दिनों तक यहाँ रखने के बाद पादरी ने हमें तेल और पानी दिया। उन्होंने इसे पवित्र जल बताया। उसने जबरदस्ती हमारा धर्म परिवर्तन कराया। न तो मेरी बहन को बचाया जा सका और न ही हमारे पैसे वापस दिए गए।”

पादरी बलविंदर सिंह का फेसबुक पेज

आरोपित पादरी बलविंदर सिंह जालंधर में ईसाई धर्मगुरू और स्वयंभू ईसाई उपचारक भी है।

आरोपित ने अपने फेसबुक पेज पर कई इस तरह के उपचार के कई वीडियो अपलोड कर रखे हैं।

दो साल पहले पोस्ट किए गए एक वीडियो में ईसाई धर्मगुरू अपनी चिकित्सा शक्तियों से एक महिला के टूटे हाथ को ठीक करने का दावा कर रहा है।

फिलहाल, शुभम पंडित की शिकायत के बाद लाम्ब्रा पुलिस स्टेशन एसएचओ ने एक बयान में मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अभी मामले की जाँच जारी है।

Pak की मायरा, भारत का हिन्दू लड़का, US में प्यार… ‘इस्लाम कबूल करो’ पर लड़की ने दिखाया ठेंगा: पक्का लव जिहाद?

द न्यूयॉर्क टाइम्स में एक पाकिस्तानी मुस्लिम लड़की मायरा फारुकी ने अपनी प्रेम कहानी साझा की। इस लड़की का प्रेमी एक भारतीय अमेरिकी हिन्दू था। दोनों कई दिनों तक साथ भी रहे लेकिन हमेशा के लिए साथ नहीं हो सके। कारण क्या था, यह जानने के पहले फारुकी की कहानी को समझ लेते हैं।

फारुकी उस हिन्दू लड़के से एक दक्षिण एशियाई डेटिंग ऐप्लीकेशन ‘दिल मिल’ पर मिली। सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले उस हिन्दू लड़के ने फारुकी के साथ महीनों तक उसी डेटिंग ऐप्लीकेशन पर बात की। अंततः ऐसा भी समय आया, जब वो दोनों मिले। फारुकी ने उसके साथ समय बिताया। दोनों ने प्रेम और भावनाओं के कई गीतों को सुनते हुए साथ समय व्यतीत किया। फारुकी को पता था कि उसका अपने मजहब से बाहर किसी गैर-इस्लामी और खासकर हिन्दू से शादी करना या उसके साथ समय बिताना लगभग असंभव ही है किन्तु फारुकी उस हिन्दू लड़के से प्यार करने लगी थी।

उस हिन्दू लड़के के साथ कई डेट्स पर जाने के बाद फारुकी ने पाँचवीं डेट पर उससे अपने मजहब के बारे में बात की और उससे पूछा कि क्या उसे इसका अंदाजा है कि एक मुस्लिम लड़की से शादी करने से कैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होंगी। लड़के ने इस पर भी उसका साथ देने का आश्वासन दिया। इसके बाद अंततः फारुकी ने वही कहा जो उसे कहना था, कि शादी करने के लिए उस लड़के को अपना धर्म बदलना होगा और इस्लाम अपनाना होगा।

अभी तक दोनों ने एक साथ जो भी समय बिताया, अलग-अलग तरह के गानों पर एक साथ डांस किया, एक साथ शॉपिंग करने और घूमने-फिरने के जो भी खुशनुमा पल थे, सब उस हिन्दू लड़के के एक जवाब पर आकर टिक गए। सवाल था, धर्म परिवर्तन का और फारुकी के साथ प्यार में खुद को पूरी तरह समर्पित करने वाले उस हिन्दू ने जवाब दिया कि वह अपने धर्म का परिवर्तन करने के लिए तैयार है।

खैर कई दिनों तक डेट करने के बाद दोनों ही अपने परिवारों के पास पहुँचे। उस हिन्दू लड़के ने अपने परिवार में धर्म परिवर्तन की बात बताई, जिस पर उसके परिवार वालों ने उससे ऐसा न करने की प्रार्थना की।

फारुकी ने भी अपनी माँ से उस लड़के के बारे में बात की, तब फारुकी की माँ भी व्यथित हो गईं लेकिन जब उन्होंने यह जाना कि हिन्दू लड़का धर्म परिवर्तन के लिए तैयार है तब वह इस शादी के लिए राजी हो गईं लेकिन अब यह संभव नहीं था क्योंकि लड़का धर्म परिवर्तन के लिए मना कर चुका था और फारुकी के इस्लामिक परिवार में एक गैर-इस्लामी से शादी करना मंजूर नहीं था।

इस तरह एक मुस्लिम लड़की एक हिन्दू लड़के से, जिससे वह प्यार करती थी, शादी नहीं कर पाई और दोनों के एक साथ जीवन बिताने का ख्वाब पूरा नहीं हो सका।

अब बात करते हैं कि फारुकी ने द न्यूयॉर्क टाइम्स में क्या लिखा। फारुकी ने बड़े ही सरल शब्दों में ज्योतिष और राशि की गणनाओं को इस पूरे मामले के साथ जोड़ दिया। फारुकी ने यह भी कहा कि एक मुस्लिम से विवाह करने के मामले में अपनी धार्मिक सहिष्णुता और पहचान का त्याग करने की पहल एक गैर-मुस्लिम परिवार को ही करनी चाहिए क्योंकि उनके परिवार ज्यादा खुले विचारों के होते हैं।

ऐसे में फारुकी के पास एक रास्ता था कि वह उस हिन्दू लड़के से शादी करके उसी के साथ जीवन बितातीं क्योंकि यदि एक गैर-इस्लामी परिवार ज्यादा खुले विचारों के होते हैं तो वो फारुकी को शायद उसी रूप में स्वीकार कर लेते, जिस रूप में वो थीं।

लेकिन फारुकी ने अपने प्यार के स्थान पर मजहबी सीमाओं को चुना। फारुकी लिखती हैं कि उन्होंने अपनी माँ और अपने मजहब को दोष देना चाहा लेकिन अंततः उन्होंने अपने प्यार को ही कमजोर बताना उचित समझा। उन्होंने कहा कि कोविड बबल में शुरू हुआ प्यार, लॉकडाउन और क्वारंटीन में पनपने वाला प्यार शायद उतना मजबूत नहीं था।

पूरे लेख में फारुकी इस्लाम की कट्टरपंथी विचारधारा और मजहबी दकियानूसी खयालों को दोष नहीं दे पाईं।

यह कहानी सिर्फ मायरा फारुकी का नहीं है। एक मुसलमान के तौर पर जन्म लेने का मतलब है मजहबी दायरों में अपने को बाँधकर रखना। फारुकी को भी ऐसा जीवनसाथी चाहिए था, जो उनके लिए मुसलमान हो सके। फारुकी जैसी कितनी ही लड़कियाँ होंगी, जो रिश्तों को भावनाओं और संगीत के रास्ते मजहबी पहचान तक ले जाती होंगी। आखिर क्यों जरूरी था उस हिन्दू लड़के का मुसलमान हो जाना?

यह सवाल तब भी उठता है जब कोई निकिता तोमर मारी जाती है और सिर्फ इसलिए कि वह इस्लाम स्वीकार करने से मना कर देती है। क्यों एक अफजल किसी हिन्दू लड़की से शादी करने के लिए अशोक बन जाता है और बाद में उस लड़की से नमाज पढ़वाता है। क्यों कई मोइनुद्दीन हिन्दू लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाने के लिए मुन्नू यादव बन जाता है?

क्या फारुकी इस बात का जवाब देंगी कि प्यार में धर्म परिवर्तन की क्या आवश्यकता? जिस लड़के के साथ उन्होंने जिंदगी बिताने का सपना देखा, उसे सिर्फ इसलिए छोड़ दिया कि वह मुसलमान नहीं बना।

किसी भी लेख को शब्दों से सजाकर लिखने से और खुद को विक्टिम बताकर सच छुपाया नहीं जा सकता और सच यही है कि अधिकांशतः एक गैर-मुस्लिम किसी भी मुस्लिम परिवार को स्वीकार्य नहीं हो सकता। अंकित सक्सेना और राहुल ने भी एक मुस्लिम लड़की से प्यार किया था।  

चारा घोटाले में झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को दी जमानत, इन 18 बीमारियों से AIIMS में लड़ रहे हैं जंग

झारखंड हाईकोर्ट ने चारा घोटाले मामले में शनिवार (17 अप्रैल, 2021) को सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमानत दे दी। कोर्ट ने आधी सजा पूरी करने के आधार पर लालू को सशर्त जमानत प्रदान की है। इस दौरान उन्हें एक लाख के निजी मुचलके का बांड भरना होगा। इसके अलावा लालू यादव बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएँगे और ना ही अपना पता और मोबाइल नंबर बदलेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुमका कोषागार से लगभग 3.13 करोड़ की अवैध निकासी मामले में झारखंड कोर्ट का फैसला लालू के लिए बड़ी राहत है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान लालू की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने दलीलें पेश कीं।

इससे पहले बिहार के पूर्व सीएम ने अपनी दलीलों में कहा था कि उनकी उम्र काफी हो गई है और वह गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित हैं ऐसे में उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। हालाँकि अभी उन्हें जेल से बाहर आने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा। इसमें एक से दो दिन का समय लग सकता है।

मालूम हो कि लालू की जमानत को लेकर मामला 9 अप्रैल को भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन सीबीआई ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय माँगा था। फिलहाल, राजद सुप्रीमो का दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा है। इससे पहले वे रांची के रिम्स में अपना इलाज करवा रहे थे। जमानत की खबर से लालू के परिवार में जश्न का माहौल है।

लालू यादव 18 तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं। इनमें टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, पेरिएनल एब्सेस, किडनी इंज्यूरी एंड क्रोनिक किडनी डिजीज, पोस्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट, प्रोस्थेटिक हाइपर प्लेसिया, सेकेंड्री डिप्रेशन, लो बैक डिफ्यूज डिस्क, लेफ्ट आई इमैच्योर कैटरेक्ट, राइट लोवर पोल रेनल, प्राइमरी ओपन एंगल ग्लूकोमा, हाइट्रोजेनस थैलेसिमिया, विटामिन डी डिफिशिएंसी समेत ग्रेड वन फैटी लिवर की बीमारियाँ शामिल हैं।

दुमका कोषागार मामला

साल 1995 से 1996 के बीच में दुमका कोषागार से लगभग 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के मामले में 48 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र मुख्य आरोपी थे। इसके चलते राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव 23 दिसंबर 2017 से चारा घोटाला मामले में जेल में बंद हैं।

रांची CBI की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में दो अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2000 में 48 आरोपितों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी और 2005 में मामले में चार्जफ्रेम (आमतौर पर आरोपी द्वारा गुनाह कबूल नहीं किया जाता और अदालत में आरोपी कहता है कि वह क्रिमिनल केस ट्रायल फेस करेगा और फिर उसका केस ट्रायल शुरू हो जाता है) किया गया था।

दीप सिद्धू: दोपहर से पहले कोर्ट ने दी जमानत, दोपहर बाद क्राइम ब्रांच ने फिर किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 26 जनवरी को लाल किला पर हुई हिंसा के एक अन्य मामले में दीप सिद्धू को फिर गिरफ्तार किया है। दिल्ली की हाई कोर्ट ने इससे पहले उसे लाल किला हिंसा के एक ममाले में आज ही जमानत दी थी।

बता दें कि दीप सिद्धू पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने सिद्धू को 9 फरवरी को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया था। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में दर्ज एफआईआर में दीप सिद्धू और अन्य के नाम शामिल हैं। इन सभी पर हिंसा करने का आरोप हैं। 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 26 जनवरी को कुछ लोगों ने लाल किले में हुई हिंसा के बाद एक धार्मिक झंडा फहराया था। उनमें से कुछ की पहचान की गई है, जिनमें से दीप सिद्धू मुख्य आरोपित है।

कोर्ट ने आज सुबह ही ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर व दिल्ली के अंदर हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपित दीप सिद्धू को दिल्ली की अदालत ने जमानत दी थी।

उल्लेखनीय है कि 8 अप्रैल, 2021 को दिल्ली पुलिस ने दीप सिद्धू की जमानत का विरोध किया था। पुलिस के मुताबिक, दीप सिद्धू न सिर्फ उस दिन हिंसा में शामिल था बल्कि एक दिन पहले उसने पूरी साजिश भी रची थी। लोनी का रूट लेकर वह लालकिला पहुँचा था।

इतना ही नहीं दीप सिद्धू ने लोगों को धार्मिक झंडा फहराने के लिए भी उकसाया था। इसके लिए 25 जनवरी को सिंघु बॉर्डर पर बाकायदा एक मीटिंग की गई थी। 26 जनवरी को सिद्धू लाल किले पर दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर पहुँच गया था। इस हिंसा में 144 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

सोनू सूद कोविड-19 संक्रमित, कहा- अब लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए और ज्यादा मिलेगा समय

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। सूद ने ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वो भले ही कोविड-19 पॉजिटिव हुए हैं लेकिन उनका मूड सुपर पॉजिटिव है। हाल ही में सूद ने कोरोना वायरस की वैक्सीन की डोज ली थी।

सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए कहा कि वह सभी को सूचित करते हैं कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। ऐसे में सावधानी के चलते उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह उन्हें लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए और भी ज्यादा समय देगा।

सोनू सूद पंजाब के अमृतसर में कोविड-19 की वैक्सीन का पहला डोज ले चुके हैं। सूद ने ‘संजीवनी : अ शॉट ऑफ लाइफ’ नाम की एक पहल भी शुरू की है जिसका उद्देश्य है लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करना और वैक्सीन के बारे में समाज में जागरूकता फैलाना। इसके अलावा उन्होंने लॉकडाउन के समय भी लोगों को उनके घरों तक पहुँचाने और उनकी अन्य प्रकार से मदद करने का काम भी किया था।

आपको बता दें कि बॉलीवुड में सोनू सूद के अलावा अक्षय कुमार, कार्तिक आर्यन और आलिया भट्ट जैसे अभिनेता भी कोरोना वायरस संक्रमण के शिकार हो चुके हैं।  

TMC गुंडों ने की बूथकैप्चरिंग की कोशिश, 8 घायल: BJP प्रत्याशी के साथ मतदाताओं को भी बूथ तक जाने से रोका

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के आज 5वें चरण में हिंसा का दौर जारी है। बिधान नगर के भाजपा प्रत्याशी सब्यसाची दत्ता ने आरोप लगाया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने न केवल उन्हें नयापत्ती में रोका बल्कि मतदाताओं को भी वोट देने से मना किया।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बिधान नगर इलाके से BJP के कैंडिडेट सब्यसाची दत्ता ने TMC पर वोटिंग रुकावट डालने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि TMC के गुंडों ने उन्हें नयापत्ती में रोक दिया। वे वोटर्स को भी पोलिंग बूथ तक जाने से रोक रहे हैं।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, आज बिधाननगर के शांतिनगर क्षेत्र में तृणमूल कॉन्ग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की हुई। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर मतदाताओं को मतदान के लिए जाने से रोकने का आरोप लगाया। इसके अलावा  कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर ईंट-पत्थर भी फेंके, जिसमें कथित तौर पर 8 लोग घायल हुए।

घटना की बाबत सब्यसाची ने कहा कि टीएमसी के समर्थक बूथ कैप्चरिंग की कोशिश कर रहे थे, जब वो इस कोशिश में फेल हो गए तो उन्होंने हिंसा भड़का दी। इस दौरान TMC समर्थकों ने ‘सब्यसाची वापस जाओ’ की नारेबाजी भी की।

इससे पहले उत्तर 24 परगना के कमरहटी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पोलिंग एजेंट की मतदान केंद्र के अंदर ही मौत की खबर सामने आई थी। पोलिंग एजेंट के भाई ने आरोप लगाया कि किसी ने उसकी मदद नहीं की, बूथ पर मेडिकल से जुड़े इंतजाम भी नहीं थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने रिपोर्ट माँगी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साधा ममता ‘दीदी’ पर निशाना

उधर, पीएम मोदी भी बंगाल में जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने आज आसनसोल में जनता से कहा कि इस चुनाव में आपका एक वोट सिर्फ टीएमसी को साफ नहीं करेगा बल्कि आपका एक वोट यहाँ से माफिया राज को भी साफ करेगा।

वह बोले कि दीदी ने बीते 10 सालों में विकास के नाम पर आपके साथ विश्वासघात किया है, दीदी विकास के हर काम में दीवार बनके खड़ी हो गईं। केंद्र सरकार ने 5 लाख के मुफ़्त इलाज की सुविधा दी तो दीदी दीवार बन गईं, केंद्र ने शरणार्थियों की मदद के लिए कानून बनाया तो दीदी इसका भी विरोध करने लगीं।

उल्लेखनीय है कि चुनाव के 5वें चरण में 1 करोड़ 12 लाख से ज्यादा मतदाताओं के वोटिंग करने का अनुमान है। मतदान के लिए 15 हजार 789 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू है। मतदान में 3 बजे तक 62.40% वोटिंग हुई है। इनमें 45 सीटों पर आज चुनाव हो रहा है। 319 प्रत्याशी मैदान में हैं।

‘कुंभ से लौटने वाले प्रसाद की तरह बाँटेंगे कोरोना… मुंबई के 95% लोग रूल्स को फॉलो करने वाले’ – BMC मेयर

महाराष्ट्र में यदि कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है तो उसमें मुंबई की एक अहम भूमिका है। कल महाराष्ट्र से कुल 63 हजार से ज्यादा कोरोना केस आए। इनमें से 8,839 सिर्फ़ मुंबई से थे। पिछले दिनों आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को देखें तो पता चलता है कि 10-12 हजार रुपए में बीएमसी ने न केवल मुंबई एयरपोर्ट से बाहरी यात्रियों को नियम उल्लंघन करवा कर मुंबई में प्रवेश दिया बल्कि 300-500 रुपए में मुंबई वासियों को फर्जी रिपोर्ट के साथ दूसरे प्रदेश में भेजने का काम भी हुआ।

मुंबई की ऐसी गंभीर स्थिति है, फिर भी यहाँ इतना भ्रष्टाचार! ऐसे में मुंबई मुंबई में कोरोना पाबंदियों के मद्देनजर बीएमसी मेयर मानती हैं कि उनके क्षेत्र में 95% लोग सभी रूल्स को फॉलो कर रहे हैं जबकि सिर्फ़ 5 प्रतिशत ऐसे हैं, जो नियमों का उल्लंघन कर स्थिति बिगाड़ रहे हैं। 

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कुंभ को लेकर भी कहती हैं कि पिछले साल जैसे तबलीगी जमात के कारण स्थिति बिगड़ी, वैसे ही अब कुम्भ से लौटने वाले अपने-अपने राज्य में कोरोना को प्रसाद की तरह बाँटेंगे। इसलिए उन्हें प्रवेश देने से पहले उन्हीं के पैसों पर क्वारंटाइन करवाया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर मेयर की इस बात पर पूरा एक धड़ा है, जो अपनी सहमति व्यक्त कर रहा है। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो मेयर पर सवाल उठा रहे हैं। सवाल केवल इसीलिए कि आखिर जो प्रदेश खुद दूसरे राज्यों की स्थिति को गंभीर बनाने में इतनी बड़ी भूमिका निभाने में लगा हो, वहाँ की मेयर कुंभ से लौटे लोगों पर कैसे इल्जाम मढ़ सकती हैं? लोगों का पूछना है कि क्या मेयर ये कहना चाहती हैं कि यदि कुंभ नहीं होता तो मुंबई में संक्रमितों की संख्या जीरो होती।

बता दें कि कोरोना से उपजी स्थिति के मद्देनजर यदि तत्परता दिखाने की बात है तो कुंभ से बिगड़ते हालातों पर कल निरंजनी अखाड़े ने 17 अप्रैल से कुंभ मेला समाप्त करने की घोषणा की। लेकिन मुंबई में क्या हो रहा है? वहाँ एक तरफ मेयर पूरे तरह लॉकडाउन की बातें कर स्थिति नियंत्रित करने को कह रही हैं और दूसरी तरफ दूसरे राज्यों में लोगों को भेजने के इंतजाम हो रहे हैं।

राज्य की स्थिति इतनी बदतर होने के बावजूद मुंबई और पुणे से बिहार के लिए 4 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला हुआ है। इनमें मुंबई से छपरा के लिए दो और भागलपुर के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलेगी। इसी तरह पुणे से दानापुर के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।

इसके बाद बसों से भी मुंबई वासियों को फर्जी रिपोर्ट दे देकर गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भेजने का काम भी यहाँ धड़ल्ले से हो रहा है। टूर और ट्रैवल्स वाले 300-500 रुपए में कोविड 19 की नेगेटिव रिपोर्ट दे रहे हैं और यात्रियों को सारे युक्तियाँ समझाकर दूसरे राज्य भेज रहे हैं।

अब ये सवाल कि बावजूद इतनी पाबंदियों के कोरोना राज्य में कैसे बढ़ रहा है तो उसका जवाब पिछले दिनों मिड डे ने अपनी एक अन्य रिपोर्ट में बताया था। रिपोर्ट में एक स्टिंग ऑपरेशन के हवाले से समझाया गया था कि कैसे  BMC के अधिकारी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बाहरी देशों से आए लोगों को 7 दिन के अनिवार्य क्वारंटाइन में रखने की बजाय उनसे 10-12 हजार रुपए लेकर उन्हें एयरपोर्ट से निकलने में मदद कर रहे हैं, जबकि नियम कहता है कि कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश जैसे- ब्रिटेन, यूरोप, मिडिल ईस्ट और साउथ अफ्रीका, से आए यात्रियों का 7 दिन का क्वारंटाइन सुनिश्चित करें।