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‘फेफड़ा, जला हुआ टोस्ट, केजरीवाल या बत्तख…’ ममता ने व्हील चेयर पर बैठकर बनाई पेंटिंग: लोगों ने जमकर उड़ाया मजाक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी खेला अपने चरम पर है। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कई रूपों से जनता का सामना हुआ। बताया जा रहा है कि सियासी ड्रामा क्वीन ने चुनाव आयोग के 24 घंटे के लिए चुनावी प्रचार पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर अपना धरना खत्म कर दिया है।

पिछले महीने चोटिल हुई ममता आज व्हील चेयर से मायो सड़क पहुँची थीं। यहाँ धरने पर बैठे-बैठे उन्होंने पेंटिंग बनाई। सोशल मीडिया पर टीएमसी नेता की पेंटिंग बनाते हुए कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि वह पेंटिंग बनाते हुए कितनी गंभीर हैं। हालाँकि, उनकी गंभीरता और पेंटिंग सोशल मीडिया यूजर्स को बिल्कुल भी रास नहीं आई। इसको लेकर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

सरदार सिंह लक्की नाम के यूजर ने फनी ट्वीट करते हुए उन पर तंज कसते हुए कहा, “ये क्या बनाई है भाई। मुझे तो ये केजरीवाल दिख रहा है।” उनके ट्वीट पर रिएक्शन देते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये तो लंग्स के X-ray का प्रिंट आउट लग रहा है।

एक अन्य यूजर ने उनकी पेंटिंग की तुलना जले हुए ब्रेड से करते हुए कहा कि बहुत हो गया, अब ये सब बंद करो। इस पर एक शख्स ने रिएक्शन देते हुए लिखा कि साक्षी जोशी को यह जानकर राहत मिली होगी कि दीदी आज कई बार बाथरूम जाने के लिए ब्रेक ले सकती हैं।

एक यूजर ने मुख्यमंत्री को लेकर तंज कसते हुए कहा कि खुदके दिमाग की दशा केनवास पर उतार रही है। किसी ने लिखा कि माँ माटी मजनू (भाई)।

ट्वीटर पर शास्त्री सार नाम के यूजर ने लिखा कि ये दीदी ने अमीबा क्यों बनाया है। 2 मई के बाद मेडिकल चेकअप करवाने वाली हैं क्या?

एक यूजर ने तंज करते हुए लिखा कि धूम्रपान करने से आपके फेफड़ों में इतना टार जमा हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान ममता के पास किसी भी टीएमसी नेता और उनके समर्थकों को नहीं देखा गया। वह यहाँ अकेली बैठी थीं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने बनर्जी द्वारा केंद्रीय बलों के खिलाफ बयानों और कथित धार्मिक प्रवृति वाले बयान के कारण 24 घंटे तक उनके चुनावी प्रचार पर रोक लगा दी थी। इसको लेकर ममता ने चुनाव आयोग की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक एवं अलोकतांत्रिक फैसला बताते हुए इसके खिलाफ मंगलवार को शहर में धरना देने को कहा था।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में आठ में से चार चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। बाकी चार चरणों का मतदान 17 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच होगा। नतीजे 2 मई को घोषित किए जाएँगे।

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें करीब 1.83 करोड़ छात्र-छात्राएँ पढ़ रहे हैं। योगी सरकार ने स्कूलों में बेहतर पढ़ाई का महौल बनाने के लिए करीब 1.39 लाख विद्यालयों का ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए जीर्णोदार किया है। इसके अलावा प्रदेश के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है। इनमें 10 हजार प्राथमिक व पाँच हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाया जा रहा है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार ने पिछले चार सालों में सबसे अधिक बदलाव प्राथमिक शिक्षा में किया है। छात्रों को बेहतर पढ़ाई के साथ हर तरह की सहूलियत देने के लिए सरकार हर तरह के ठोस कदम उठा रही है। छात्रों को निःशुल्क किताबों के साथ-साथ ड्रेस, बैग, जूता-मोजा और जाड़ों में ठंड से बचने के लिए स्वेटर दिया जाता है। 

मिशनरी स्कूलों को दे रहे हैं टक्कर 

निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेन्द्र विक्रम सिंह बताते हैं कि राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश के हर ब्लाक में दो से तीन स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम की तर्ज पर डेवलप किया गया है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का कोर्स भी इंगलिश मीडियम का होता है। सरकार का मकसद है कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे भी मिशनरी स्कूलों के छात्रों की तरह अंग्रेजी में बात कर सकें। इसके परिणाम भी अब सामने आने लगे हैं।

शिक्षकों की लगन के बाद प्रदेश के प्राथमिक अंग्रेजी मीडियम के छात्र फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहे हैं। निदेशक बेसिक शिक्षा का कहना है कि प्रदेश के 15 हजार प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी मीडियम स्कूल में विकसित किया गया है। शिक्षकों की कड़ी मेहनत के चलते यहाँ के छात्र निजी स्कूलों के छात्रों का टक्कर दे रहे हैं। अकेले लखनऊ में करीब 60 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी मीडियम में डेवलप किया गया है। 

अंग्रेजी में बात करते हैं बच्चे 

बाराबंकी के प्राथमिक विद्यालय हीरपुर की शिक्षिका इंचार्ज वंदना श्रीवास्तव बताती हैं कि उनके स्कूल की गिनती ब्लाक के सबसे बेहतर स्कूलों में होती है। इसके लिए उनको सरकार की ओर से सम्मान भी मिल चुका है। यहाँ पर बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास, खूबसूरत कक्षाएँ और लाइब्रेरी मौजूद है। सबसे खास बात ये है कि स्कूल के बच्चे अब अंग्रेजी में बात करते हैं। 

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के बाराँ स्थित छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के आतंक के बाद पुलिस ने कई इलाकों में अब भी कर्फ्यू लगाया हुआ है। कमल सिंह गुर्जर नाम के व्यक्ति को फरीद, आबिद और समीर ने चाकू मार दिया था, जिसके बाद ये हिंसा शुरू हुई। बाराँ के SP विनीत बंसल का कहना है कि दोनों तरफ के प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक कर माहौल शांत किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में 6 FIR दर्ज की है।

जिन दुकानदारों की दुकानें जली हैं, उन्हें भी पुलिस में शिकायत करने को कहा गया है। गुर्जर नेता विजय सिंह बैंसला भी इलाके में पहुँचे। वहाँ गुर्जर नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया, “देर रात को प्रोटोकॉल के हिसाब से पहले कवाई थाने रुक कर स्थानीय लोगों व विधायक प्रताप सिंह सिंघवी से स्थिति का जायज़ा लिया। तत्पश्चात करीब रात 10.30 बजे छबड़ा में प्रवेश किया व देर रात तक कलेक्टर, SP, एडिशनल SP व अन्य अधिकारियों से विस्तृत बात हुई।”

उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ जिन बिंदुओं पर सहमति बनी, वे हैं – प्रशासन को 2 दिन का समय दिया गया है चाकू मारने वाले अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए। जो लोग छबड़ा में हिंसा में लिप्त हैं उन पर कार्रवाई हो और जो निर्दोष हैं उन पर कोई कार्रवाई न हो। साथ ही शांतिपूर्वक ज्ञापन देने वालों पर कोई अप्रिय कार्यवाही न हो। उन्होंने छबड़ा के विधायक को मान-सम्मान के लिए गुर्जर समुदाय की तरफ से धन्यवाद दिया।

बैंसला ने ऑपइंडिया को बताया कि रविवार (अप्रैल 11, 2021) को कमल गुर्जर जब फल खरीद रहे थे तो फरीद, आबिद और समीर ने आकर उनसे बाइक हटाने को कहा। जब कमल ने उनसे कहा कि वो लोग अपनी बाइक कहीं और लगा दें, तो वे बहस करने लगे। तभी इनमें से एक ने चाकू निकाल लिया और वार करने लगा। राकेश नागर उन्हें बचाने आए तो उन पर भी हमला हुआ। जब और दुकानदार दौड़े तो तीनों भाग खड़े हुए।

बैंसला ने बताया कि अगले दिन गुर्जर और मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने आपस में बैठक कर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया और शांति की बात की। लेकिन जब एक गुर्जर युवक मुस्लिम इलाके क्षेत्र से अपने काम से जा रहा था तो उस पर हथियारों से हमला कर दिया गया। वो किसी तरह भाग कर समाज के नेताओं के पास पहुँचा। गुर्जर नेता गिर्राज ने बैंसला को इससे अवगत कराया, जिन्होंने DM से बात की और बैठक को ख़त्म करने को कहा।

कई पुलिसकर्मी घायल हैं। सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है। कुछ लोगों को ही अब तक हिरासत में लिया जा सका है। फायर ब्रिग्रेड की गाड़ी भी तोड़ डाली गई थी। थाने में भी समुदाय विशेष के युवकों ने पत्थरबाजी की थी। प्रशासन ने शांति समिति की बैठक की, जिसमें व्यापारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर की। अब तक 69 दुकानों के नष्ट होने और 15 करोड़ रुपए तक के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

महाराष्ट्र में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी के कारण 10 संक्रमितों की तड़पकर मौत, BJP नेता ने ठाकरे सरकार को बताया जिम्मेदार

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण अब पूरी तरह बेकाबू हो गया है। प्रशासन की लापरवाहियों के बीच एक दिन में वहाँ 51 हजार से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए। वहीं राज्य में मरने वालों की संख्या 58 हजार के पार हो गई। इसी बीच भाजपा नेता किरीट सोमैया ने 7 मरीजों की मौत का आरोप ठाकरे सरकार पर मढ़ा। साथ ही कोविड संक्रमितों की मौत को ठाकरे सरकार द्वारा की गई हत्या बताया।

किरीट सोमैया ने अपने ट्वीट में लिखा, “नालासोपाड़ा के विनायक अस्पताल में 7 कोविड मरीज आज ऑक्सीजन सप्लाई की कमी के कारण मरे। ठाकरे सरकार इन मौतों के लिए जिम्मेदार है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे को फौरन इस्तीफा देना चाहिए।”

बता दें कि नालासोपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 9 लोगों की मौत कथिततौर पर ऑक्सीजन कमी के कारण हुई, जिसके बाद कई लोग अस्पताल के बाहर विरोध करने गए। लेकिन वहाँ अस्पताल प्रशासन अपनी ढिलाई मानने को तैयार नहीं हुआ। अस्पताल ने बताया कि जितनी मौतें हुईं वह या तो मरीज की उम्र या उसकी तबीयत बिगड़ने के कारण हुई, ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी।

नालासोपाड़ा के विनायक अस्पताल के अलावा वसई विधानसभा क्षेत्र में भी कुल 10 लोगों की मौत का कारण ऑक्सीजन में कमी बताया जा रहा है। यहाँ 7 हजार संक्रमित केस हैं। इनमें से 3,000 को ऑक्सीजन की जरूरत है। पिछले 2 दिन में यहाँ 10 लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई।

इस बारे में वसई विधानसभा क्षेत्र के विधायक हीरेंद्र ठाकुर के बेटे व नालासोपाड़ा के विधायक, क्षितिज ठाकुर ने भी ट्वीट किया। उन्होंने वसई में ऑक्सीजन की स्थिति साफ करते हुए पीएम मोदी, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 3 जान उनके क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के कारण जा चुकी हैं। इसलिए वसई तालुके में ऑक्सीजन दी जाए ताकि लोगों की जान बच पाए।

इसके अलावा आप की स्थानीय ईकाई ने भी वसई में ऑक्सीजन सप्लाई में कमी पर बात रखी। वहीं निगम में विपक्षी नेता प्रवीण डारेकर ने इसे गंभीर विषय करार देते हुए कहा कि सरकार सिर्फ़ लॉकडाउन पर ध्यान दे रही है। हाँ, प्रतिबंधों की जरूरत है, लेकिन ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटीलेटर, इंजेक्शन भी उतने ही जरूरी है। गुडी पर्व पर ये अच्छी खबर नहीं है।

मालूम हो कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही हैं। सोमवार को वहाँ 51, 751 नए मरीज दर्ज किए गए। वहीं 258 लोगों की मौत भी हुई। एक दिन पहले की बात करें तो राज्य में 63, 294 मामले आए थे। अब तक राज्य कुल संक्रमण केसों की संख्या 34 लाख 58 हजार 996 हो गई है। वहीं मृतकों का आँकड़ा भी 58, 245 पहुँच गया है। महाराष्ट्र सरकार, राज्य में लॉकडाउन के मद्देनजर बुधवार को फैसला ले सकती है। फिलहाल के लिए राज्य में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएँ टाल दी गई हैं। 

बॉक्सिंग रिंग में बॉयफ्रेंड नूपुर शिखरे संग आमिर खान की बेटी इरा, पंच-किक ट्राई कर लगाया गले: Video वायरल

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) की बेटी इरा खान (Ira Khan) सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। यहाँ वो अपने मजेदार फोटोज और वीडियोज को फैंस के साथ शेयर करती नजर आती हैं। एक्ट्रेस ने अपना एक मजेदार वीडियो शेयर किया है जिसमें वो अपने बॉयफ्रेंड नूपुर शिखरे (Nupur Shikhare) के साथ बॉक्सिंग करती हुई नजर आ रही हैं। बॉक्सिंग रिंग में इरा का जोश से भरा अंदाज काफी मजेदार भी है। वीडियो के अंत में वो नुपुर को सॉरी कहकर उन्हें गले लगाती हुई नजर आ रही हैं।

इरा इस वीडियो में नूपुर को पंच करने की कोशिश करती दिखाई दे रही हैं। साथ में वो उन्हें किक करने का भी प्रयास कर रही हैं। लेकिन देख कर लगता है कि उन्हें अभी और भी ट्रेनिंग की जरूरत है।

इरा अपनी गलतियों के लिए उनसे माफी भी माँगती हैं और उन्हें गले लगा लेती हैं। अंत में इरा और नुपुर दोनों हँसते नजर आते हैं। वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इरा ने कैप्शन दिया, “किक बॉक्सिंग मेरे बस की बात नहीं। यहाँ मेरे आर्म्स कर भी क्या रहे हैं? साथ ही पॉपआय को ड्रॉप करना भी मेरे बस की बात नहीं। फेल हो गई, फर्स्ट क्लास, सरप्राइज अटैक।”

उल्लेखनीय है कि इरा ने 11 फरवरी 2021 को ‘#myvalentine’ और ‘#dreamboy’  जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल करते हुए नूपुर शिखरे संग एक फोटो शेयर की थी और लिखा था, “तुम्हारे साथ और तुमसे वादा करना फख़्र की बात है।” इरा खान के इस पोस्ट के चलते इस बात की लगभग पुष्टि हो चुकी है कि वह नुपुर शिखरे को डेट कर रही हैं

इरा खान द्वारा साझा की गई एक तस्वीर में दोनों एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्करा रहे थे। दूसरी तस्वीर इरा खान के कज़िन की शादी की है। इसके बाद की तस्वीर में दोनों एक दूसरे के नज़दीक खड़े थे। चौथी तस्वीर में दोनों लंच कर रहे थे और पाँचवी तस्वीर ‘कैंडिड’ थी।

पिछले दिनों इरा खान की एक युवक के साथ भी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस तस्वीर में इरा खान एक युवक के साथ देखी गई, जिसने अपने माथे पर तिलक लगा रखा था। ऐसा दावा किया जा रहा था कि इस फोटो में नजर आ रहा हिंदू युवक आमिर के घर का ‘संघी नौकर’ है, जो इरा को भगा कर ले गया।

हालाँकि यह अफवाह के अलावा और कुछ नहीं था। वह युवक कोई और नहीं बल्कि इरा के ब्वॉयफ्रेंड नूपुर शिखरे ही थे। सोशल मीडिया पर जो तस्वीर वायरल हो रही थी, वो नूपुर ने 17 नवंबर 2020 को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की थी। नूपुर ने 17 नवंबर 2020 को वायरल फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा था, “क्योंकि हमें तैयार होना और मुस्कुराना पसंद है, शुभ दीपावली!”

इरा खान, आमिर खान और उनकी पूर्व पत्नी रीना दत्ता की बेटी हैं। 2019 के दौरान Euripides’ Medea के नाट्य रुपांतरण के साथ इरा खान ने अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। इसके पहले तक इरा खान बॉलीवुड की दुनिया में बहुत सक्रिय नहीं थीं।  

यमुनानगर में माइक से यति नरसिंहानंद को धमकी दे रही थी मुस्लिम भीड़, समर्थन में उतरे हिंदू कार्यकर्ता: भारी पुलिस बल तैनात

गाजियाबाद के डासना में स्थित शिव-शक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती को धमकी देते हुए देश भर में मुस्लिमों का प्रदर्शन जारी है। कहीं-कहीं यह हिंसक टकराव का रूप लेता जा रहा है। हरियाणा के पानीपत स्थित यमुनानगर में भी ऐसी ही स्थिति बनती दिख रही है। टकराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी है।

पुलिस-प्रशासन ने जब स्थिति को सँभाला तो दोनों पक्ष पीछे हट गए। दरअसल, यहाँ भी कई मुस्लिम संगठन और कट्टरपंथी धमकी देने का काम कर रहे थे, जिससे हिन्दू संगठन के लोग आक्रोशित हो गए। सोमवार (अप्रैल 12, 2021) को लघु सचिवालय के सामने मुस्लिम समाज के लोग भारी संख्या में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ ज्ञापन देने के लिए पहुँचे थे। पुलिस को अंदेशा नहीं था कि हालात इतने खराब हो जाएँगे।

जब मुस्लिम कट्टरपंथियों के जवाब में हिन्दू कार्यकर्ता आए तो पुलिस ने उन्हें किसी तरह वापस अनाज मंडी गेट तक पहुँचाया। फिर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। सचिवालय के सामने सड़क पर दोनों तरफ लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। जाम को हटाने में कई घंटे लगे। वहाँ मुस्लिम समाज के लोग महंत यति के खिलाफ ज्ञापन लेकर पहुँचे थे।

वहीं दूसरी तरफ हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ता भी लघु सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर धरना-प्रदर्शन करने लगे। ये हिन्दू कार्यकर्ता नरसिंहानंद सरस्वती व शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी को जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराने की माँग कर रहे थे। दोनों समुदाय एक ही गेट पर आमने-सामने थे। लिहाजा, पुलिस ने मुस्लिमों को अनाज मंडी के दूसरे वाले गेट के पास भेज दिया। साथ ही माइक और लाउडस्पीकर के प्रयोग पर पाबंदी लगाई।

यमुनानगर में हिन्दू संघर्ष समिति ने महंत यति का किया समर्थन

लेकिन, मुस्लिम भीड़ में शामिल लोग नहीं माने और उन्होंने माइक पर धमकी देनी शुरू कर दी। इससे हिन्दू कार्यकर्ता भी आक्रोशित हो गए। उनकी माँग थी कि भड़काऊ बयानबाजी के लिए इस्तेमाल की जा रही माइक बंद की जाए। साथ ही ‘जय श्री राम’ के नारे से इलाका गूँज उठा। हिन्दू संगठन के कुछ युवाओं और पुलिस के बीच माइक बंद कराने को लेकर बहस भी हुई।

वहाँ जमे मुस्लिमों ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने स्वामी नरसिंहानंद को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है और उन्हें यूँ ही बदनाम किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुँच कर दोनों तरफ से ज्ञापन स्वीकार किया। हिन्दू संगठनों ने कहा कि समाज में द्वेष भावना भड़काने के खिलाफ इन पर मुकदमा किया जाए। असल में आरोप है कि पुलिस ने केवल हिन्दुओं को पहले माइक का इस्तेमाल करने से रोका था, इसलिए ये बवाल हुआ।

महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती को लेकर हाल के दिनों में ये पहली घटना नहीं है। कानपुर में AIMIM ने नरसिंहानंद सरस्वती और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के ख़िलाफ़ ‘सिर तन से जुदा’ का पोस्टर लगाया था। 12 अप्रैल को लगाए गए इन आपत्तिजनक व धार्मिक रूप से भड़काऊ पोस्टर को लगाने के संबंध में चमनगंज थाने में धारा 153ए, 295 ए के तहत शिकायत किए जाने के बाद पोस्टर हटा लिया गया। 

असम: करीमगंज के नरसिम्हा मंदिर से सोने के आभूषण-नगद लूटे, पुजारी और उनके परिवार को बाँधकर पीटा

असम के नरसिम्हा मंदिर को डकैतों ने निशाना बनाया। यह मंदिर करीमगंज के बलिया में है। घटना रविवार (10 अप्रैल 2021) की है। पुजारी की पिटाई की गई। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों के अनुसार पुजारी की बेटी को अगवा करने की धमकी भी दी गई।

असम के स्थानीय समाचार पत्र ‘द सेंटिनल’ ने भी इस घटना को प्रकाशित किया है। ‘द सेंटिनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, नरसिम्हा मंदिर में रविवार आधी रात को डकैती की घटना को अंजाम दिया गया। मंदिर से सोने के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामानों को लूट लिया गया। साथ ही लुटेरों ने महंत के परिवार के लोगों को बंधक बनाया और उनके साथ मारपीट की।

पुजारी ने बताया कि शुरू में जब उन्होंने मंदिर में शोर सुना तो लगा कि यह तूफान आने के कारण आवाज आ रही है। लेकिन जब हमने लोगों की आवाजें सुनाई पड़ी तो वे अपने बिस्तर से उठकर देखने गए। उन्होंने एक लुटेरे को पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने उन्हें दबोच लिया था। लुटेरों में से एक ने उनकी गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया और मुँह बंद रखने की धमकी दी। इसके बाद लुटेरों ने परिवार के सभी लोगों को बंधक बना लिया। फिर उन्होंने महंत से 1 लाख रुपए, सोने की मूर्ति और आभूषणों की माँग की।

महंत ने लुटेरों से कहा कि वे गरीब हैं, उनके पास नकदी नहीं है। मंदिर की नकदी को समिति ने अपने कब्जे में रखा हुआ है। उन्हें केवल 1200 रुपए अनुष्ठान करने के लिए मिलते हैं। यह हादसा रात के करीब 2 बजे हुआ था।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है। यह स्थान भारत-बांग्लादेश की सीमा के पास है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों को भी इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। एक स्थानीय व्यक्ति का कहना है कि सीमा पार से आए लोगों द्वारा यहाँ बड़े पैमाने पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। लेकिन उन्हें संदेह है कि इस घटना में स्थानीय लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।

फ्रांसीसी राजदूत को निकालने के लिए तहरीक-ए-लब्बाक सड़क पर उतरा, PAK फौजी ने भी लगाए ‘अल जिहाद’ के नारे

पाकिस्तान में फ्रांसीसी राजदूत को हटाने के लिए कट्टरपंथी समूहों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार (अप्रैल 12, 2021) को चरमपंथी दल तहरीक-ए-लब्बाक के नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद वहाँ उसके सैंकड़ों समर्थक सड़कों पर आ गए। हालात बिगड़ता देख पाकिस्तान पुलिस को कट्टरपंथियों पर आँसू गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

बताया जा रहा है कि चरमपंथी दल का नेता साद 20 अप्रैल को एक मार्च का आयोजन करने जा रहा था, जिसका मकसद फ्रांसीसी राजदूत को पाकिस्तान से निकालने की माँग करना था। मगर, इससे पहले वह ये सब करता, Pak पुलिस ने उसे बिना उसके आरोप बताए गिरफ्तार कर लिया।

साद की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही बड़ी तादाद में उसके समर्थक सड़कों पर आ गए। पार्टी के डिप्टी हेड सैयद जहीर उल हसन शाह ने कहा, रिजवी की गिरफ्तारी का मतलब है कि सरकार ने फ्रांसीसी राजदूत को निकालने वाले समझौते का उल्लंघन किया है।

बता दें कि पेरिस में एक स्कूल टीचर सैमुअल पैटी की हत्या के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इम्मैनुएल मैक्रो ने कट्टरपंथियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आह्वान किया था। इसके साथ उन्होंने शार्ली एब्दों नाम की व्यंग्य मैगजीन में पैगंबर के कार्टून को प्रकाशित किए जाने का भी समर्थन किया था। लेकिन, उनके इस रवैये ने कट्टरपंथियों को नाराज कर दिया। हर जगह उनकी आलोचना शुरू हो गई। पाकिस्तान में तो तहरीक-ए-लब्बाक दल ने लगातार फ्रांस के विरोध में रैलियाँ भी की। अंत में ये बात सामने आई कि सरकार ने उन्हें आश्वासान दिया है कि 20 अप्रैल से पहले फ्रांस के राजदूत को देश के बाहर निकाल दिया जाएगा।

गौरतलब है कि साद रिजवी, फायरब्रांड मौलवी खादिम हुसैन रिजवी का बेटा है। खादिम के आकस्मिक निधन के बाद साद रिजवी तहरीक ए लब्बाक पाकिस्तान पार्टी का नेता बन गया था। रिजवी के समर्थक, देश के ईशनिंदा कानून को रद्द नहीं करने के लिए सरकार पर दबाव बनाते रहे हैं। 

इनकी पार्टी चाहती है कि सरकार फ्रांस के सामान का बहिष्कार करे और फरवरी में रिजवी की पार्टी के साथ हस्ताक्षरित करारनामे के तहत फ्रांस के राजदूत को देश से बाहर निकाले। मालूम हो कि पाकिस्तान में इस कट्टरपंथी पार्टी का प्रभाव हुकूमत पर इतना है कि पाकिस्तानी संसद में ही फ्रांसीसी राजदूत को देश से निकालने के लिए प्रस्ताव पेश हुआ है। इस प्रस्ताव को लाने का फैसला पीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया।

इस बीच पाकिस्तान से एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। इसमें कट्टरपंथी समूहों को PAK सेना का समर्थन मिलता दिख रहा है। वीडियो में देख सकते हैं कि पाकिस्तान सेना का एक जवान तहरीक ए लब्बाक के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी करता है। वह खुली जिप्सी पर लाइट मशीनगन के साथ खड़ा है और अल जिहाद-अल जिहाद का नारा लगा रहा है। वहीं, नीचे खड़े हजारों कट्टरपंथियों की भीड़ ‘पाक फौज जिंदाबाद’ की नारेबाजी करती सुनाई दे रही है। कुछ लोग उस जवान का हाथ चूमते भी नजर आते हैं।

ज्ञानवापी मस्जिद में ASI सर्वे को रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुँचे अंजुमन इंतेजामिया, सुन्नी बोर्ड: याचिका दायर

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) की प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक तत्काल याचिका दायर कर वाराणसी की एक स्थानीय अदालत द्वारा 8 अप्रैल को सुनाए गए उस फैसले पर रोक लगाने की माँग की है, जिसके तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा पूरे परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण किए जाने की अनुमति दी गई है।

सोमवार को दायर अपनी याचिका में प्रबंधन समिति ने कहा है कि इस आदेश को बिना किसी नियम के अवैध ढंग से पारित किया गया है। इस बीच, सुन्नी वक्फ बोर्ड के द्वारा भी वाराणसी की अदालत के दिए गए फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाएगी। याचिका में कहा गया है कि मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले ही फैसला रिजर्व किया हुआ है, ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला आने तक एएसआई को जाँच का आदेश देना गलत है

अंजुमन इंतेजामिया के वकील फरमान अहमद नकवी ने कहा, “हमने याचिका दायर की है और अदालत से अनुरोध किया है कि वह तत्काल प्रभाव से इस पर सुनवाई करें क्योंकि मामला गंभीर है।” याचिका में कहा गया है, “ऐसा लगता है कि संबंधित सिविल जज सभी न्यायिक विषयों और नैतिकता के साथ-साथ कानून की प्रक्रियाओं को स्कर्ट करने और सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत परिभाषित न्यायिक पदानुक्रम से ऊपर खुद को स्थापित करने के लिए अधिक इच्छुक हैं और पूरे मामले पर बिना कानूनी बाध्यताओं को देखे खुद को निर्णय लेने का एकमात्र अधिकारी मान लिया है।”

इस बीच, सुन्नी वक्फ बोर्ड मंगलवार (अप्रैल 13, 2021) को वाराणसी कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की तैयारी में है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ज़ुफ़र फारूकी ने कहा, “हम अंजुमन इंतेज़ामिया का समर्थन करते हैं। सुन्नी बोर्ड मंगलवार को वाराणसी सिविल कोर्ट के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी रुख करेगा।”

वाराणसी कोर्ट ने दिए हैं ये आदेश

दरअसल, काशी विश्वनाथ मन्दिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एएसआई को जाँच का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाँच सदस्यीय कमेटी को मस्जिद परिसर की पुरातात्विक जाँच का आदेश दिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद केस में सर्वेक्षण के लिए वाराणसी जिला अदालत से मंजूरी मिलने के बाद AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के फैसले की वैधता पर संदेह जताया।

ओवैसी ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को इस आदेश पर तुरंत अपील करके इसपर सुधार करवाना चाहिए। ओवैसी ने ASI पर भी आरोप लगाया है कि वो हिंदुत्व के हर प्रकार के झूठ के लिए दाई की तरह काम कर रही है।

वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में पुरातात्विक सर्वेक्षण को मंजूरी देने के बाद काशी विश्वनाथ के पक्षकार हरिहर पांडेय को धमकी मिली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फोन करने वाले ने हरिहर पांडेय से कहा कि वे भले मुकदमा जीत गए हैं। लेकिन अब वे और उनके साथी मारे जाएँगे। उसने यह भी कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई वाले घुस नहीं पाएँगे। न्यूज 18 की रिपोर्ट में धमकी देने वाले का नाम यासीन बताया गया।

‘प्रिंस हैरी ने किया शादी का वादा, वारंट जारी करें’: हाई कोर्ट ने कहा- हो सकता है पंजाब के किसी गाँव के साइबर कैफे में हों

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष एक दिलचस्प मामला सुनवाई के लिए आया। एक महिला ने अपनी अर्जी में ड्यूक ऑफ ससेक्स प्रिंस हैरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की। महिला का आरोप था कि प्रिंस हैरी ने कथित रूप से शादी करने का अपना वादा पूरा नहीं किया। याचिकाकर्ता महिला ने ‘वादा पूरा न करने’ के लिए प्रिंस हैरी के खिलाफ वारंट जारी करने की माँग की, ताकि शादी में कोई देरी न हो। 

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भी मजेदार टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि ‘आपके तथाकथित प्रिंस हैरी अपने सुनहरे भविष्य के लिए पंजाब में किसी गाँव के किसी साइबर कैफे में बैठे हों।’

कोर्ट ने कहा- अर्जी और कुछ नहीं बल्कि ‘दिवास्वप्न’

इस केस की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मंगलवार (अप्रैल 13, 2021) को कहा, “यह अर्जी और कुछ नहीं बल्कि एक दिवास्वप्न है।” याचिकाकर्ता पलविंदर कौर पेशे से वकील हैं और कोर्ट में उन्होंने खुद अपनी पैरवी की। याचिकाकर्ता के विशेष अनुरोध पर अदालत ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया में इस तरह के किस्से जगजाहिर हैं। पीठ ने कहा, “इस अर्जी पर सुनवाई करने के लिए कोर्ट कोई आधार नहीं पाता है। याचिकाकर्ता इस फर्जी बातचीत को सही मान रही है, अदालत उसके लिए केवल सहानुभूति जता सकती है।” 

महिला का दावा-प्रिंस हैरी ने शादी का वादा किया था

जस्टिस अरविंद सिंह के कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ‘यह प्रिंस हैरी से शादी करने के बारे में एक दिवास्वप्न के सिवाय और कुछ नहीं है।’ सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पाया कि अर्जी का मसौदा ठीक ढंग से तैयार नहीं था। इस अर्जी में कथित रूप से प्रिंस हैरी की ओर से भेजे गए ई-मेल्स का भी जिक्र किया गया था। याचिकाकर्ता का दावा था कि प्रिंस हैरी ने जल्द ही उससे शादी करने का वादा किया था। 

मेगन मर्केल से हुई है प्रिंस हैरी की शादी

हाई कोर्ट ने कहा, “यह सर्वविदित तथ्य है कि फेसबुक, ट्विटर जैसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर फर्जी आईडी के जरिए अकाउंट बनाए जाते हैं। इस बात की बहुत संभावना है कि आपके तथाकथित प्रिंस हैरी पंजाब में किसी गाँव के किसी साइबर कैफे में बैठे हों।” जज ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उन्होंने कभी ब्रिटेन की यात्रा की है, इस पर महिला वकील का जवाब ना में था। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही बात की है, जहाँ उन्होंने प्रिंस चार्ल्स को भी मैसेज करने का दावा किया और कहा कि उनका बेटा प्रिंस हैरी याचिकाकर्ता के साथ इंगेज है।

इन सभी तथ्यों को देखते हुए अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि इस याचिका को स्वीकार करने का कोई आधार नहीं है। अदालत सिर्फ इस बात के लिए याचिकाकर्ता के साथ संवेदना जता सकती है कि उसने इस तरह की फर्जी बातचीत को हकीकत मान लिया। लिहाजा ये याचिका खारिज की जाती है। बता दें कि प्रिंस विलियम्स की शादी 2018 में पूर्व अभिनेत्री मेगन मर्केल से हुई। साल 2019 में जन्मे उनके बेटे का नाम आर्ची है। मर्केल एक बार फिर माँ बनने वाली हैं।