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एंटीलिया और मनसुख हिरेन मामले में 9 अप्रैल तक NIA की हिरासत में रहेगा वाजे, CBI भी करेगी पूछताछ

मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को विशेष एनआईए अदालत के सामने पेश किया गया। यहाँ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अदालत से सचिन वाजे की हिरासत चार दिन और बढ़ाने की माँग की। फ़िलहाल, अदालत ने वाजे की हिरासत को 9 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया। 

इसके साथ ही विशेष अदालत ने सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को भी एनआईए की हिरासत में मौजूद सचिन वाजे से पूछताछ करने की अनुमति दे दी। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वाजे से पूछताछ करने के समय का निर्धारण करने के लिए वह एनआईए के साथ सहयोग करें।

एजेंसी ने अदालत से मुंबई पुलिस के निलंबित कॉन्स्टेबल विनायक शिंदे और नरेश धरे की न्यायिक हिरासत की भी माँग की। इन लोगों को मनसुख हिरेन मौत मामले में गिरफ्तार किया गया था। हिरासत बढ़ाए जाने की माँग पर वाजे के वकील ने कहा कि वह एनआईए की हिरासत की माँग का विरोध नहीं कर रहे हैं। वह जाँच में सीबीआई से सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वह इस पर आपत्ति दर्ज कराना चाहते हैं कि वाजे को छत्रपति शाहूजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर हथकड़ी में ले जाया गया।

इधर मुंबई पुलिस के कमिश्नर हेमंत नगराले ने गृह विभाग को एक पाँच पन्नों की रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर सचिन वाजे को शह देने का आरोप लगाया है।

कमिश्नर हेमंत नगराले ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि उस वक्त पुलिस कमिश्नर रहे परमबीर सिंह के मौखिक निर्देश पर सचिन वाजे की नियुक्ति क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में हुई थी। वाजे कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर सीधे परमबीर सिंह को रिपोर्ट कर रहा था। कमिश्नर हेमंत नगराले की रिपोर्ट के बाद पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही एक और बड़ा सवाल सामने आया है कि आखिर सचिन वाजे का गॉड फादर कौन था?

मनसुख हिरेन मौत मामले में आरोपित है वाजे

25 फरवरी को देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर एक कार में विस्फोटक सामग्री मिली थी, इसके अलावा गाड़ी में एक धमकी भरा पत्र भी बरामद हुआ था। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जाँच में सामने आया कि यह गाड़ी मनसुख हिरेन नामक एक व्यक्ति के नाम पर थी। पाँच मार्च को गाड़ी मालिक मनसुख हिरेन का शव कालवा की खाड़ी से बरामद हुआ था। इस मामले में महाराष्ट्र एटीएस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले ने तूल पकड़ा तो जाँच एनआईए के हवाले की गई। फिलहाल यह मामला एनआईए के पास है। वाजे को इस मामले में 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। 

‘गरीबी उन्मूलन में अभूतपूर्व परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा का निर्विवाद नेता है भारत’: जो बायडेन के स्पेशल दूत ने कहा- हम आपके कृतज्ञ

जॉन केरी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के स्पेशल दूत के रूप में भारत आए हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की। जॉन केरी ने मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) को कहा कि भारत वैश्विक नेतृत्व के रूप में उभरा है और दुनिया को कोरोना वायरस के खिलाफ बनी वैक्सीन मुहैया कराने में इसकी बड़ी भूमिका रही है।

उन्होंने इस बात से संतुष्टि जताई कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी भारत अपना काम कर रहा है। 4 दिवसीय दौरे पर भारत आए जॉन केरी इस दौरान कई मंत्रियों और अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। ‘साउथ एशियन वीमेन इन एनर्जी लीडरशिप समिट’ को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जलवायु के मामले में अच्छा काम कर रहा है। साथ ही उन्होंने अक्षय ऊर्जा के मामले में भारत को ‘निर्विवाद वैश्विक नेता’ करार दिया। 70 देशों को वैक्सीन देने को लेकर उन्होंने कृतज्ञता जताई।

उन्होंने अमेरिका को भारत का दोस्त और पार्टनर बताया। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका एक विकासशील राष्ट्र हुआ करता था, तब उसे इस तरह का फायदा उपलब्ध नहीं था। उन्होंने कहा, “आपके पास न सिर्फ दशकों की वैज्ञानिक और तकनीकी आधुनिकता का फायदा मिल रहा है, बल्कि अमेरिका आपका अच्छा मित्र देश और पार्टनर है। भारत के टिकाऊ भविष्य के लिए अमेरिका हमेशा समर्थन करता रहेगा।”

साथ ही उन्होंने भारत में घट रही गरीबी को लेकर भी बातें की। यूएस प्रेजिडेंट के स्पेशल दूत ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के मामले में भारत ने ‘अभूतपूर्व परिवर्तन’ लाया है। उन्होंने ‘नेशनल हाइड्रोजन एनर्जी मिशन’ की प्रशंसा की। साथ ही 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा पैदा करने के भारत के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्लीन एनर्जी के मामले में भारत पहले से 5 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा करेगा।

बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन की मेजबानी वाली ‘क्लाइमेट लीडर्स समिट’ में पाकिस्तान को न्योता नहीं दिया गया है। US क्लाइमेट एन्वॉय जॉन केरी अपने एशिया ट्रिप में भारत तो आ गए हैं, लेकिन वो पाकिस्तान का दौरा नहीं करेंगे। क्लाइमेट समिट अप्रैल 22-23, 2021 को होना है। ये समिट वर्चुअल रूप से ही होगा। दुनिया भर के 40 वैश्विक नेता इस समिट का हिस्सा बनेंगे। नवंबर में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में ‘UN क्लाइमेट चेन्ज कॉन्फ्रेंस (COP26)’ का आयोजन भी होना है।

जलपाईगुड़ी में ममता पर बरसे CM योगी, कहा- राम से टकराने वाली TMC की बंगाल में दुर्गति तय

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में रैली को संबोधि‍त करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीदी इस समय इतनी नाराज हैं कि वो कह रही हैं कि जय श्रीराम बोलोगे तो जेल में डाल देंगे। योगी ने कहा क‍ि चिढ़ भाजपा से या हमसे हो सकती है, राम से क्यों? राम से टकराने का जिसने भी दुस्साहस किया है उसकी दुर्गति हुई है, बंगाल में टीएमसी की दुर्गति तय है।

दो मई को बंगाल को टीएमसी सरकार से मुक्ति मिलेगी: योगी आदित्‍यनाथ 

योगी आदित्‍यनाथ ने आगे कहा, “दो मई को बंगाल को टीएमसी सरकार से मुक्ति मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि टीएमसी के गुंडों को कानून के शिकंजे में कसा जाएगा। ये तय है कि अपराधी को कॉन्ग्रेस, कम्युनिस्ट, टीएमसी जैसे दल संरक्षण जरूर देंगे, लेकिन कानून के लंबे हाथ इन्हें पाताल से भी निकाल कर जेल के अंदर भेजने का काम करेंगे।”

चौथे चरण के लिए प्रचार तेज

बता दें कि पश्चिम बंगाल में चौथे चरण के लिए प्रचार तेज हो गया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर बंगाल में तीन स्थानों पर जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। योगी की जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और उत्तर दिनाजपुर में रैली है। चौथे चरण में पश्चिम बंगाल की 44 सीटों पर मतदान होने हैं। है। चौथे चरण में हावड़ा और कूचबिहार जिले में मतदान किया जाना है। गृहमंत्री अमित शाह भी पश्चिम बंगाल में चार जगहों पर रोड शो करेंगे। अमित शाह का सिंगूर, डोमजुर, हावड़ा और बेहाला पुर्वा में रोड शो है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर करारा हमला बोलते हुए कहा था कि वोटों का बिखराव ना हो इसके लिए मुसलमानों से एकजुट हो जाने की उनकी अपील स्पष्ट करती है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस विधानसभा चुनाव की जंग हार गई है। प्रधानमंत्री ने राज्य में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए दावा किया यदि उन्होंने इसी प्रकार सभी हिन्दुओं को एकजुट हो जाने और बीजेपी को मत देने की अपील की होती तो उन्हें निर्वाचन आयोग के आठ-दस नोटिस मिल गए होते और देश भर के अखबारों में उनके खिलाफ संपादकीय छप जाते।

ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें लोगों के तिलक लगाने और भगवा वस्त्र पहनने पर भी अब एतराज होने लगा है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राज्य में भाजपा के पक्ष लहर है और पार्टी बंगाल में अगली सरकार बनाएगी।

कोठारी बंधुओं के नाम होगी अयोध्या में सड़क, 31 सालों बाद बलिदान को मिलेगा सम्मान: जानिए कौन थे राम कुमार और शरद

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने घोषणा की है कि कारसेवा के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए कोठारी बंधुओं के नाम पर अयोध्या में सड़क बनवाई जाएगी। कोठारी बंधुओं की हत्या अक्टूबर 30, 1990 को कर दी गई थी। पश्चिम बंगाल में कई चुनावी रैलियों के दौरान भी भाजपा नेताओं ने बंगालियों को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए कोठारी बंधुओं के बलिदान की याद दिलाई।

राज्य में भाजपा के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए कोठारी बंधुओं के परिजनों को भी आमंत्रित किया गया था। उनकी बहन पूर्णिमा कोठारी ने भाजपा के एक कार्यक्रम में हिस्सा भी लिया। उस दौरान वो अपने भाइयों और उनके बलिदान को याद कर के मंच पर ही रो पड़ीं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बंगाल की जनता को कोठारी बंधुओं का बलिदान याद दिलाया था।

उन्होंने कहा था कि दोनों बलिदानियों के नाम पर अयोध्या में अभी भी एक स्मारक है। उन्होंने कहा था कि कोठारी बंधुओं के भव्य राम मंदिर का स्वप्न आज पीएम नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। राम और शरद कोठारी कारसेवा के दौरान भगवा ध्वज के साथ विवादित ढाँचे के ऊपर चढ़े थे। तब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी।

जानिए कौन हैं कोठारी बंधु, जिनके नाम पर अयोध्या में होगी सड़क

साल था 1990 और महीना था दिसंबर। पहले हफ्ते के एक दिन डाकिया आज के कोलकाता और तब के कलकत्ता के खेलत घोष लेन स्थित एक घर में पोस्टकार्ड लेकर पहुॅंचता है। बकौल पूर्णिमा कोठारी, “चिट्ठी देख मैं बिलख पड़ी। उसने मॉं और बाबा का ध्यान रखने को लिखा था। साथ ही कहा था कि चिंता मत करना हम तुम्हारी शादी में पहुॅंच जाएँगे।” यह पत्र था पूर्णिमा के भाई शरद कोठारी का जो अपने बड़े भाई रामकुमार के साथ अयोध्या में 2 नवंबर को ही शहीद हो चुके थे।

चिट्ठी शहादत से कुछ घंटों पहले ही लिखी गई थी। 22 साल के रामकुमार और 20 साल के शरद कोलकाता में अपने घर के करीब बड़ा बाजार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में नियमित रूप से जाते थे। दोनों द्वितीय वर्ष प्रशिक्षित थे। कई अन्य स्वयंसेवकों की तरह ही राम और शरद ने भी विहिप की कार सेवा में शामिल होने का फैसला किया। 20 अक्टूबर 1990 को उन्होंने अयोध्या जाने के अपने इरादे के बादे में पिता हीरालाल कोठारी को बताया।

उसी साल दिसंबर के दूसरे हफ्ते में बहन पूर्णिमा की शादी होनी तय थी। पिता ने कहा- कम से कम एक भाई तो घर पर रुको ताकि शादी के इंतजाम हो सके। पर दोनों भाई इरादे से पीछे नहीं हटे। बकौल पूर्णिमा, “आखिर में एक शर्त पर पिता राजी हुए। उनसे हर रोज अयोध्या से खत लिखते रहने को कहा। अयोध्या के लिए निकलने से पहले उन्होंने ढेर सारे पोस्टकार्ड खरीदे ताकि चिट्ठियॉं लिख सके। मुझे जब पता चला कि भाई अयोध्या जा रहे हैं तो मैं दुखी हो गई। उन्होंने वादा किया कि वे मेरी शादी तक जरूर लौट आएँगे।”

दिसंबर के पहले हफ्ते में पूर्णिमा को जो चिट्ठी मिली वो इनमें से ही एक पोस्टकार्ड पर लिखा गया था। पूर्णिमा की शादी भी उसी साल दिसंबर में हो गई। लेकिन, बहन से किया वादा पूरा करने दोनों भाई घर लौट नहीं पाए। राम और शरद ने 22 अक्टूबर की रात कोलकाता से ट्रेन पकड़ी। बनारस आकर दोनों भाई रुक गए। सरकार ने गाड़ियॉं रद्द कर दी थी तो वे टैक्सी से आजमगढ़ के फूलपुर कस्बे तक आए।

यहॉं से सड़क रास्ता भी बंद था। 25 तारीख से कोई 200 किलोमीटर पैदल चल वे 30 अक्टूबर की सुबह अयोध्या पहुॅंचे। 30 अक्टूबर को विवादित जगह पहुॅंचने वाले शरद पहले आदमी थे। विवादित इमारत के गुंबद पर चढ़कर उन्होंने पताका फहराई। दोनों भाइयों को सीआरपीएफ के जवानों ने लाठियों से पीटकर खदेड़ दिया। शरद और रामकुमार अब मंदिर आंदोलन की कहानी बन गए थे। अयोध्या में उनकी कथाएँ सुनाई जा रही थी।

दोनों भाइयों के साथ कोलकाता से अयोध्या के लिए निकले राजेश अग्रवाल के मुताबिक, वे 30 अक्टूबर को तड़के 4 बजे अयोध्या पहुॅंंचे। वे बताते हैं कि मस्जिद की गुंबद पर भगवा ध्वज फहरा कोठारी बंधुओं ने उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव की दावे की हवा निकाल दी थी। मुलायम ने कहा था, “वहॉं परिंदा भी पर नहीं मार सकता।” फिर आया 2 नवंबर का दिन। दोनों भाई विनय कटियार के नेतृत्व में दिगंबर अखाड़े की तरफ से हनुमानगढ़ी की ओर बढ़ रहे थे।

जब सुरक्षा बलों ने फायरिंग शुरू की तो दोनों पीछे हटकर एक घर में जा छिपे। CRPF के एक इंस्पेक्टर ने शरद को घर से बाहर निकाल सड़क पर बिठाया और सिर को गोली से उड़ा दिया। छोटे भाई के साथ ऐसा होते देख रामकुमार भी कूद पड़े। इंस्पेक्टर की गोली रामकुमार के गले को भी पार कर गई। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनकी अंत्येष्टि में सरयू किनारे हुजूम उमड़ पड़ा था।

बेटों की मौत से हीरालाल को ऐसा आघात लगा कि शव लेने के लिए अयोध्या आने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। दोनों का शव लेने हीरालाल के बड़े भाई दाऊलाल फैजाबाद आए थे और उन्होंने ही दोनों का अंतिम संस्कार किया था। भाइयों की याद में पूर्णिमा उनके दोस्त राजेश अग्रवाल के साथ मिलकर ‘राम-शरद कोठारी स्मृति समिति’ नाम से एक संस्था चलाती हैं। अब दोनों के नाम पर अयोध्या में सड़क भी होगी।

मैंने सोचा PM मोदी को देख लूँ… उन्हें प्रणाम कर लूँ: वायरल तस्वीर वाले जुल्फीकार ने बताई कान में बोली बात

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर वायरल हुई थी। इसमें एक मुस्लिम व्यक्ति उनके कान में कुछ कह रहा था और पीएम भी बड़े ध्यान से उसकी बात सुन रहे थे। सोशल मीडिया पर इस आत्मीयता भरी तस्वीर देख कई लोग खुश हुए, वहीं कुछ ने ये कह दिया कि तस्वीर में टोपी पहनकर नजर आने वाला युवक कोई हिंदू होगा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह वायरल होती तस्वीर 3 अप्रैल 2021 की है। इसमें नजर आने वाले युवक का नाम जुल्फिकार है, जिनकी मुलाकात पीएम मोदी से सोनकार रैली के समय हुई थी। नवभारत टाइम्स ने हाल ही इसी जुल्फिकार उर्फ जुल्फी से एक्सक्लूसिव बात की है। इस इंटरव्यू में जुल्फी से कई सवाल पूछे गए, जिनका जवाब उन्होंने बड़ी ईमानदारी से दिया।

उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने तस्वीर देख ये कहा कि हो सकता है ये लड़का हिंदू हो। लेकिन मुझे किसी से प्रमाण नहीं चाहिए। मुझे भारत सरकार ने सर्टिफिकेट दिया है। मेरा नाम जुल्फिकार है और मेरे पिता अब्दुल साजिद हैं।”

नवभारत टाइम्स के सामने अपने मन की बात ऱखते हुए जुल्फी ने पीएम से मिलने की खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं वहाँ तक पहुँच जाऊँगा। मैंने सोचा था कि एकबार प्रधानमंत्री मोदी को दूर से देख लूँ और उनको प्रणाम कर लूँ। मैं उन्हें बहुत फॉलो करता हूँ।”

इस बाचतीत में जुल्फी ने बताया कि कैसे 3 अप्रैल को वह उस कार्यक्रम में पहुँचे और वहाँ उनका कोरोना टेस्ट हुआ। उनके अनुसार वह हैलीपैड के पास बहुत एक्साइटमेंट में खड़े थे। उन्हें लग रहा था कि जैसे ही पीएम उनके सामने से जाएँगे वह उन्हें दूर से प्रणाम कर लेंगे। लेकिन एसपीजी ने कहा कि पीएम के पैर नहीं छूने।

जुल्फी बताते हैं कि पीएम से मिलते समय उन्होंने इत्तेफाक से वही पैंट पहनी थी जिसे पहन वह जुमे की नमाज करने गए थे। जेब में नमाजी टोपी थी। इसे देख वहाँ खड़े एक शख्स मेघनाथ पोद्दार ने बताया कि नमाजी टोपी पहन लीजिए आप अच्छे दिखेंगे। जुल्फी इस बात को सुनने के बाद भीतर से खुश हुए। उन्होंने सोचा कि बीजेपी में सभी धर्मों का सम्मान है। इसके बाद वह नमाजी टोपी पहन पीएम से मिले, जैसा कि तस्वीर में दिख भी रहा है।

पीएम के कान में उन्होंने क्या कहा? इसे लेकर जुल्फीकार ने नवभारत टाइम्स को बताया कि दरअसल, जब पीएम गाड़ी से आ रहे थे, तो सब उन्हें हाथ जोड़कर नमस्कार कर रहे थे। लेकिन इस दौरान जुल्फी ने उन्हें अपने ढंग से सलाम किया और पीएम भी उसी अंदाज में उनका अभिवादन करते दिखे।

इसके बाद जब पीएम गाड़ी से उतरे तो उनका नाम पूछा लेकिन हैलीकॉप्टर की आवाज के कारण वह सुन नहीं पाए और जुल्फी के करीब आए। जुल्फीकार ने अपना नाम बताया जिसके बाद पीएम ने कंधे पर हाथ रख पूछा कि आप क्या बनना चाहते हैं? यहाँ जुल्फीकार ने कहा, “मैं काउंसलर नहीं बनना चाहता, मैं विधायक नहीं बनना चाहता, मैं सांसद नहीं बनना चाहता। मैं राष्ट्रहित में काम करना चाहता हूँ।”

इस जवाब के बाद भी पीएम ने जुल्फी से पूछा कि आप और क्या चाहते हैं। इस पर जुल्फी ने उनके साथ फोटो की इच्छा जाहिर की, लेकिन जब तक वह अपनी जेब से फोन निकालते, तब तक पीएम ने अपने फोटोग्राफर को फोटो के लिए कह दिया और जुल्फी से सामने देखने को बोला। इसके बाद पीएम ने जाते हुए उनसे कहा कि आपसे जल्द मुलाकात होगी।

अपनी इस बातचीत में जुल्फीकार ने कई अन्य मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर लोगों को भ्रमित किया गया है। असल में यह भलाई के लिए है। जुल्फी देश के मुसलमानों से पूछते है कि उन्हें हिंदुस्तान बोलने में क्या दिक्कत है।

वह कहते हैं, “ यह बात स्पष्ट है कि यह हिंदुओं का स्थान है। कुछ लोग कहते हैं कि यह हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। मेरा सवाल है कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होता है, क्या यह सही है, क्या यह इस्लाम में है। यह चीज बहुत गलत है। भारत में, हमारे हिंदुस्तान में मुसलमानों को आजादी है।”

अमित शाह आज बंगाल में करेंगे 4 रोड शो, सिंगूर से की शुरुआत, कहा- ‘UP से भी बड़ी जीत बंगाल में होगी’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के पहले सिंगूर में रोड शो कर अपनी ताकत दिखाई। अमित शाह ने बीजेपी उम्मीदवार रविंद्र नाथ भट्टाचार्य के समर्थन में रोड शो किया। 

बता दें कि बंगाल सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने साल 2011 में सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन को सामने रखकर सत्तारूढ़ वाम मोर्चा के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी और वाम मोर्चा को अपदस्थ करने में सफल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में 200 से ज्यादा सीट पर बीजेपी जीतेगी और यूपी में 2017 से भी बड़ी जीत बंगाल में होगी।

बीजेपी ने नंदीग्राम से टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया, तो सिंगूर से टीएमसी से ही बीजेपी में शामिल हुए रविंद्र नाथ भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाया है। शुभेंदु अधिकारी और रविंद्र नाथ भट्टाचार्य की क्रमशः नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

2017 में यूपी से ज्यादा बड़ी जीत बंगाल में होगी

अमित शाह आज कुल चार रोड शो करेंगे। सिंगूर के बाद डोमजूर, हावड़ा मध्य और बेहला पूर्व में रोड शो करेंगे। बता दें कि हाल में अमित शाह ने बड़ा दावा किया है कि पार्टी राज्य में 2017 में उत्तर प्रदेश से ज्यादा बड़ी जीत हासिल करेगी। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर से ज्यादा कोरोना वायरस को प्राथमिकता देने की बात कही है। अमित शाह ने शुरूआत में ही बंगाल में 200 सीट की जीत का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता विकास चाहती है। हम उद्योगों के लिए बंगाल के लिए कार्य योजना रखी है, जिससे बंगाल में विकास होगा।

नंदीग्राम में शुभेंदु के पक्ष में किया था रोड शो

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नंदीग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के लिए रोड शो कर ताकत दिखाई थी। रोड शो में अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा था कि इस बार पूरा बंगाल परिवर्तन के मूड में है। नंदीग्राम में मतदान के बाद बीजेपी से भी बड़े नेता यह दावा कर रहे हैं कि ममता नंदीग्राम से हार रही हैं।

नाक से खिसका मास्क, MP के दो पुलिसकर्मियों ने बीच सड़क पर गिरा कर पीटा: Video वायरल, किए गए सस्पेंड

कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में मध्यप्रदेश से एक वीडियो सामने आई है, जिसमें 2 पुलिस वाले एक आदमी को बिना मास्क के देख कर बुरी तरह सड़क पर मार रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित की पहचान 35 साल के कृष्ण कुंजिर के तौर पर हुई। कृष्ण एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर हैं। कथिततौर पर अपने बीमार पिता को मिलने के लिए जाते टाइम उनका मास्क उनकी नाक से नीचे खिसक गया, तभी पुलिस वालों ने उन्हें पकड़ लिया और थाने चलने को कहा।

लेकिन, कुंजिर ने पुलिसवालों के साथ पुलिस थाने जाने से मना कर दिया और कहा कि वह बाद में आ जाएँगे। इतने पर दोनों पुलिसकर्मी उन्हें वहीं रोड पर बुरी तरह मारने लगे। इस दौरान एक राहगीर ने घटना की पूरी वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर ली।

वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिसकर्मी उन्हें इतनी बुरी तरह मारते हैं कि वो जमीन पर लाचारों की तरह गिर जाते हैं, पुलिस वाले तब भी अपनी पिटाई जारी रखते हैं। इस बीच कृष्ण का बेटा अन्य लोगों से अपने पिता को बचाने के लिए मदद की लिए गुहार लगाता है, मगर कोई भी शख्स बीच बचाव करने नहीं जाता।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में नजर आने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कमल प्रजापत और धर्मेंद्र जाट के तौर पर हुई है। वीडियो के वायरल होने के बाद उन्हें सस्पेंड करके पुलिस लाइन में भेजा गया है।

इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर हर जगह वायरल है। पीड़िता ने बताया, “मैं अपने पिता के लिए खाना लेकर अस्पताल जा रहा था जब पुलिस ने मेरा मास्क नाक से नीचे देख मुझे थाने आने को कहा। मैंने कहा कि मैं बाद में आ जाऊँगा लेकिन उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया।”

गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हुए हैं। वैक्सीन प्रशासन के नेशनल एक्सपर्ट कमेटी के अध्यक्ष वीके पॉल ने कहा था, “कानून का इस्तेमाल करो, फाइन लगाओ… लोगों को मास्क लगाने की जरूरत है।”

बता दें कि पिछले 24 घंटे में मध्य प्रदेश में 3,722 केस दर्ज किए गए हैं। केवल मार्च से लेकर अब तक 1,61,000 लोगों पर यहाँ मास्क न पहनने वालों के ख़िलाफ़ फाइन हो चुका है, जिसके चलते 1.85 करोड रुपए इकट्ठा हुए हैं।

बड़े से बड़े जानवरों को यूँ मार गिराता था इंसान, लाखों साल पहले खाता था सिर्फ माँस, 85000 साल पहले शुरू किया शाकाहार: रिसर्च

ये दुनिया पहले ऐसी नहीं थी, जैसा आज हम इसे देख रहे हैं। ये सड़कें, ये सुपरमार्केट्स और ये रेस्टॉरेंट्स पहले नहीं हुआ करते थे। हम बात कर रहे हैं लाखों वर्ष पूर्व की। पाषाण युग में सिर्फ माँस का भक्षण करने वाला मनुष्य शिकारी था और उसके पास पत्थर के बने अत्याधुनिक हथियार थे, जिससे जानवर बच नहीं पाते थे। ये कोई आदत नहीं, बल्कि जीवन जीने की ज़रूरत थी। इजरायल की ‘तेल अवीव यूनिवर्सिटी’ में इसे लेकर एक रिसर्च हुआ है।

रिसर्च के लिए पाषाण युग के मनुष्यों के न्यूट्रिशन इंटेक का अध्ययन किया, जिससे पता चलता है कि मनुष्य कभी सर्वोत्तम किस्म का शिकारी हुआ करता था। ये बात लगभग 20 लाख साल पहले की है। न्यूट्रिशन इंटेक के रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया के बाद मनुष्य के विकास को लेकर कई राज़ खुले हैं। पहले मनुष्य बड़े जानवरों का शिकार किया करता था। जबकि अब तक माना जा रहा था कि भोजन में विविधता के कारण मनुष्य अब तक टिका रहा।

लेकिन, नया रिसर्च कहता है कि वो पूर्णतः माँसाहारी था। वैज्ञानिकों का कहना है कि पाषाण युग का अंत होते-होते बड़े जानवरों की कमी हो गई। इसे ‘MegaFauna’ भी कहा जाता है। इस कारण लोगों ने शाकाहारी चीजें खानी शुरू की और सब्जियों का प्रचलन बढ़ा। स्थिति जब और बिगड़ती चली गई तो मनुष्य माँस के साथ-साथ शाकाहार पर भी जोर देने लगा और वो किसान बन गया। उसने पेड़-पौधों से मिलने वाला भोजन लेना शुरू कर दिया।

ये अध्ययन कहता है कि पाषाण युग के अंत में ही मनुष्य ने पेड़-पौधों से भोजन बनाना शुरू किया। इसके बाद पूरा का पूरा इकोसिस्टम भी बदलने लगा। मेटाबॉलिज्म, जेनेटिक्स और फिजिकल बिल्ड के रूप में आज के मनुष्य के भीतर ही उसके खानपान का इतिहास छिपा हुआ है, ऐसा शोधार्थियों का कहना है। जहाँ मनुष्य का व्यवहार भले ही तेज़ी से बदलता हो, शरीर का विकास होना एक बेहद ही धीमी प्रक्रिया है।

इसके लिए मनुष्य के पेट में एसिड कंटेंट का ध्यायन किया गया। किसी अन्य माँसाहारी या सर्वाहारी जीव के मुकाबले मनुष्य के पेट में एसिड कंटेंट की मात्रा कहीं बहुत ज्यादा है। इसका अस्तित्व अति-प्राचीन काल में माँस भक्षण को लेकर राज़ खोलता है। प्रागैतिहासिक काल के मनुष्य के लिए पुराने जानवरों के माँस को पचाने और माँस में मौजूद बैक्टेरिया से अपने पाचन सिस्टम की सुरक्षा के लिए अधिक एसिड की ज़रूरत पड़ती होगी, जो उनके भीतर मौजूद था।

इजरायल की रिसर्च में बताया गया है कि तगड़े शिकारी रहे मनुष्य की बायोलॉजी के सिर्फ माँस खाने की दावे की पुष्टि पुरातत्व भी करता है। प्रागैतिहासिक मनुष्य की हड्डियों में मौजूद स्टेबल आइसोटोप्स के अध्ययन से पता चला है कि मनुष्य अधिक फैट की मात्रा वाले बड़े और माध्यम आकार के जानवरों का शिकार करता था। स्टेबल आइसोटोप्स के माध्यम से कार्बन और नाइट्रोजन एटम्स का अध्ययन करते हैं, जो कभी सड़ते नहीं। हालाँकि, आज के लोगों के लिए ये स्वीकार करना कठिन है कि उनके पूर्वज पूर्णतया माँसाहारी थे।

इस रिसर्च का कहना है कि मनुष्य ने शाकाहारी चीजें खानी लगभग 85,000 वर्ष पहले ही शुरू की है। जैसे आज के शेर और चीता जैसे जानवर शिकार पर निर्भर हैं, वैसे ही मनुष्य के जीवन का भी कभी एक ही लक्ष्य था – शिकार। जहाँ मनुष्य अधिक फैट वाला भोजन करता था, चिम्पांजियों पर अध्ययन में पता चला कि वो अधिक शुगर की मात्रा वाला भोजन करते थे। हमारे फैट सेल्स में ही हमारा ये इतिहास छिपा है।

2019 में CM योगी को बताया था ‘चूहा’, 2021 में अपने भाई मुख्तार के लिए पतले हुए जा रहे अफजल अंसारी

उत्तर प्रदेश का माफिया विधायक मुख्तार अंसारी यूपी की बांदा जेल पहुँच गया है। कल 100 लोगों की टीम उसे पंजाब की रोपड़ जेल से लेकर यूपी की बांदा जेल आई। इस स्थानांतरण के दौरान मुख्तार अंसारी के भाई अफजल अंसारी ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए अफजल ने कहा, “उनकी मंशा सही नहीं है। बांदा जेल में उसे चाय में जहर मिला कर दिया गया था… हमें न्यायपालिका में पूरा भरोसा है। हमने उसे स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया करवाने के लिए याचिका डाली है।”

अफजल ने कहा, “मुझे आशा है कि सुप्रीम कोर्ट इस बात को सुनिश्चित करेगा कि जो लोग सत्ता में हैं, वह किसी को मारें नहीं। पब्लिक रैली में भाजपा राज्य अध्यक्ष ने (विकास दुबे के संदर्भ में) कहा था, ‘गाड़ी यूपी के किस बॉर्डर पर पलटेगी, ये नहीं बताऊँगा।’ वहीं एक मंत्री ने कहा, ‘गाड़ी तो पलट कर रहेगी।’”

अंसारी आगे बोले, “यदि वे मनमाने ढंग से कुछ करते हैं, तो ऐसे तानाशाहों के अंत का समय निकट है। तानाशाही खत्म करने के लिए बलिदान की जरूरत है। यदि ऐसा कुछ हुआ, तो मैं सोचूँगा कि मुख्तार, तानाशाह सरकार के अंत के लिए बलिदान हो गया।”

बता दें कि मुख्तार अंसारी को 900 किमी का रास्ता तय कर बांदा लाया गया है। इस काम के लिए यूपी की योगी सरकार को पंजाब सरकार से सुप्रीम कोर्ट में आमने-सामने होना पड़ा। बहुत दलीलों के बाद अंसारी को बांदा जेल में भेजा गया। वह एक वसूली केस में साल 2019 से रोपड़ जेल में बंद था। 

मुख्तार के ऊपर यूपी भर में 52 से ज्यादा केस होने के बावजूद अफजल अंसारी उनके साथ अच्छे बर्ताव और सभी सुविधाओं की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा जिन योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल को आज वह तानाशाही बता रहे हैं और अपने भाई के लिए चिंता प्रकट कर रहे हैं, उनके लिए साल 2019 में अफजल अंसारी चूहे शब्द का प्रयोग कर चुके हैं।

अफजल ने साल 2019 में द लल्लटॉप को दिए अपने इंटरव्यू में कहा था, “मुलायम सिंह ने सिर्फ 5 दिन के लिए अंदर किया था और योगीजी भोएँ भोएँ संसद में खड़े होकर रोए थे कि दुनिया को लगा पता नहीं क्या हो गया। ये तो कुछ बड़े कमजोर दिल का चूहा है। ये दूसरे का क्या उपहास उड़ाएगा।”

बता दें कि अफजल अंसारी, मुख्तार अंसारी के भाई हैं। अफजल से पहले मुख्तार की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट के पास जाकर अपना डर जताया था। वहीं सोशल मीडिया पर भी कुछ ‘बाप मास्टर’ गैंग वाले एक्टिव हुए जिन्होंने सोशल मीडिया पर ये बताने की कोशिश की, कि कैसे मुख्तार स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आता है।

इंडिया मुस्लिम हिस्ट्री ने अपने ट्वीट में लिखा था कि मुख्तार संभव है कि कुछ लोगों के लिए एक अभिशाप हो, लेकिन वह स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आता है। ट्वीट में कहा गया था कि  मुख्तार अंसारी के दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान 1926-27 में इंडियन नेशनल कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष थे और दादा के भाई भी बड़े हकीम थे। 

मालूम हो कि पूर्व उप राष्ट्रपति व कॉन्ग्रेस नेता हामिद अंसारी भी मुख्तार अंसारी के चाचा लगते हैं। इस खानदानी कनेक्शन के चलते मुख्तार की कॉन्ग्रेस और कई अन्य सियासी दलों में ठीक-ठीक जान पहचान और रूतबा है। कुछ लोग जहाँ मुख्तार के लिए भावनात्मक माहौल बनाने के लिए इन बिंदुओं का प्रयोग कर रहे हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इन सभी कनेक्शन को देखकर अंदाजा लगा रहे हैं कि पंजाब सरकार ने मुख्तार को बचाने के लिए इतनी लड़ाई क्यों लड़ी।

हेमंत सोरेन पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला पहुँची बॉम्बे हाईकोर्ट, दायर की केस वापस लेने की याचिका

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर रेप और आपराधिक धमकी के आरोप लगे थे। जिस महिला ने ये आरोप लगाए थे, अब उसने ही अपनी याचिका वापस लेने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दी है। महिला ने कहा कि वो इस केस को वापस लेना चाहती है। इस याचिका में ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)’ के अध्यक्ष हेमंत सोरेन के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट ने नई अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

बॉम्बे उच्च-न्यायालय अब बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को ही इस मामले की सुनवाई करेगा। लोक अभियोजक दीपक ठाकरे ने न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और जस्टिस मनीष पिटाले की पीठ के समक्ष कहा कि महिला ने वर्ष 2013 में हेमंत सोरेन के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी दी थी। लेकिन, पब्लिक प्रोसिक्यूटर का कहना है कि महिला ने उसी साल अपनी शिकायत वापस भी ले ली थी।

अगस्त 2020 में महिला ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपने साथ एक हादसा होने की सूचना दी थी और आशंका जताई थी कि इसके पीछे भी सोरेन का ही हाथ था। बाद में महिला ने उस याचिका को भी वापस ले लिया था। झारखंड के पूर्व पत्रकार सुनील कुमार तिवारी और गैर सरकारी संगठन (NGO) ‘स्त्री रोशनी ट्रस्ट’ ने भी इस मामले में याचिकाएँ दायर कर रखी हैं। पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने उनका भी विरोध किया।

इन याचिकाओं में कहा गया है कि इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट हस्तक्षेप करे और महिला को उसकी याचिका वापस लेने की अनुमति नहीं दे। वकील का कहना है कि हस्तक्षेप की माँग करने वालों का इस मामले से कोई लेनादेना नहीं है और शिकयतकर्ता खुद ही अपनी शिकायत वापस लेना चाहती है। अधिवक्ता अबाद पोंडा महिला के लिए बतौर वकील पेश हुए और कहा कि किसी को उनके मुवक्किल को याचिका जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट से हस्तक्षेप करने की माँग करने वालों के पीछे राजनीतिक दलों का हाथ होने की आशंका भी जताई। पीठ ने पोंडा से पूछा कि क्या महिला न्यायाधीशों से उनके चेंबर में मिलना चाहती है, जिसके जवाब में पोंडा ने कहा कि महिला जजों से उनके आधिकारिक चैंबर में मिल कर अपनी बात रखेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। झारखंड में भाजपा यूनिट इसे लेकर पहले से ही हमलावर है।

एक पत्र में, जिसे पीड़िता का बताया जा रहा था, दावा किया गया था कि सितम्बर 5, 2013 को उसके एक परिचित ने उसे बांद्रा वेस्ट स्थित होटल ताज लैंड्स में ये कह कर बुलाया कि वो कुछ प्रभावशाली लोगों से मिलवाएगा, लेकिन जब वो वहाँ पहुँचीं तो 3 ही लोग थे। दावा किया गया है कि इनमें से एक झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन थे और वहीं पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ। बता दें कि जुलाई 2013 से दिसंबर 2014 के बीच भी हेमंत मुख्यमंत्री थे, जिसके बाद वो राज्य में नेता प्रतिपक्ष बने।