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यूपी आते ही बाहुबली मुख्तार अंसारी के गुनाहों का हिसाब शुरू, योगी सरकार रद्द कराएगी विधानसभा सदस्यता

पूर्वांचल के डॉन और विधायक मुख्तार अंसारी का काफिला बुधवार (अप्रैल 7, 2021) सुबह करीब 4.30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच बांदा जेल पहुँचा। मुख्तार अंसारी के उत्तर प्रदेश पहुँचते ही उस पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। योगी सरकार मुख्‍तार अंसारी की विधानसभा की सदस्यता को खत्म करने की कार्रवाई भी जल्‍द शुरू हो सकती है। 

इस मामले पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बड़ा बयान द‍िया है। उन्होंने कहा है क‍ि मुख्तार अंसारी की विधानसभा सदस्यता खत्‍म करने को लेकर कानूनी राय ली जाएगी। बता दें क‍ि कई दिनों तक लगातार सदन की कार्यवाही में शामिल न होने पर भी सदस्यता रद्द करने का नियम है।

नियम है कि अगर कोई विधानसभा सदस्य विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से 60 दिन तक अनुपस्थित रहता है तो आर्टिकल 190 के तहत उसकी सदस्यता खत्म हो सकती है। इस आर्टिकल 190 के अलावा मुख्तार के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को भी सदस्यता खत्म करने का आधार यूपी सरकार बनाएगी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर कोई सदस्य लगातार 60 दिन अनुपस्थित रहता है तो उसके विरुद्ध माननीय सदन कार्रवाई कर सकता है। अगर इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से कोई याचिका आती है तो उस पर निर्णय होगा। मुख्तार अंसारी 60 दिन से ज्यादा से सदन की कार्रवाई में अनुपस्थित रहा है।”

मुख्तार अंसारी अब यूपी की बांदा जेल में शिफ्ट किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस पंजाब की रोपड़ जेल से करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद आज सुबह साढ़े चार बजे बांदा जेल पहुँची। जेल पहुँचते ही मुख्तार का मेडिकल टेस्ट किया गया। सूत्रों से खबर मिली है कि मुख्तार अंसारी जेल में पहुँचने के बाद खुद चलकर बैरक के अंदर गया। अभी तक वो सिर्फ व्हील चेयर पर दिखाई दे रहा था।

इस बीच योगी सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने मुख्तार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “जो लोग कानून से मजाक करते थे। उनकी उत्तर प्रदेश में वापसी हो चुकी है। जिसने जो किया है वो भरेगा। ये योगी जी की सरकार है। पिछले दिनों सपा की सरकार में लोग जेल में फाइव स्टार होटल की सुविधा लेते थे।”

मुख्तार अंसारी के परिवार को उनसे न मिलने दिए जाने पर अनिल राजभर ने कहा कि उनकी सुरक्षा और उनको कोरोना न हो इसका भी ख्याल रखा जा रहा है। जेल प्रशासन ने भी प्रोटोकॉल जारी किया है, उसका भी पालन कर रहे हैं। सरकार और न्यायालय के प्रोटोकॉल का भी पालन किया जा रहा है। 

मुख्तार को यूपी की बांदा जेल लाए जाने पर योगी सरकार में जेल मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि जब से योगी आदित्यनाथ सरकार आई है गुंडे, माफिया और अपराधी भयभीत हैं। उनको लगता है कि UP हमारे लिए सुरक्षित नहीं है। अपराधियों में खौफ होना जरूरी है। सरकार भयमुक्त समाज की स्थापना के संकल्प के साथ आई थी।

कृष्ण के लिए यशोदा का प्यार सिर्फ ‘माँ’ वाला नहीं था: सदगुरु के वायरल वीडियो पर ईशा फाउंडेशन का स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया पर हाल में सदगुरु जग्गी वासुदेव की एक वीडियो की क्लिप वायरल हुई है। इस क्लिप में वह भगवान कृष्ण और उनका पालन पोषण करने वाली यशोदा माता पर विवादित तथाकथित टिप्पणी कर रहे हैं। वीडियो में देख सकते हैं कि सदगुरू कहते हैं कि माँ यशोदा का प्रेम कृष्ण के लिए सिर्फ़ माँ वाला प्यार नहीं था, बल्कि वो उससे कहीं ऊपर था।

सदगुरु कहते हैं,

“यशोदा, कृष्ण की पालक माँ। वो अपने पुत्र के साथ गहरे प्रेम में थीं। वो कृष्ण को सिर्फ़ बेटा नहीं, उससे बढ़कर मानती थीं। जब कृष्ण छोटे थे, तो ये सब (प्यार) उस छोटे से बच्चे के लिए था। लेकिन जब वो (कृष्ण) बड़े हुए तो काफ़ी तेज़ी से बढ़े। उनका विकास अभूतपूर्व था। कोई भी माँ अपनी ममता को इस तरह के विकास के साथ समायोजित नहीं कर सकती। इसलिए कृष्ण के 5-6 साल के होते-होते यशोदा का मातृत्व कहीं खो गया। उसके बाद वो उनकी माँ नहीं रह सकती थीं। वह एक तरह से उनकी प्रेमिका बन गईं। उन्होंने बस उनसे प्रेम किया। तो यशोदा का कृष्ण के साथ संबंध इस तरह से बढ़ा कि वो भी गोपियों में से एक बन गईं। वो भी रास का हिस्सा थीं। वो राधा को पसंद नहीं करती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि ये लड़की बहुत तेज है।”

वायरल वीडियो में सदगुरू ने आगे कहा,

“एक गाँव की लड़की से सामान्य व्यवहार अपेक्षित होता है। वह छोटे से ही बहुत बाहर जाने वाली थी। इसलिए यशोदा को लगा कि ये लड़की उनके बेटे पर हक जमा लेगी…कृष्ण कभी नहीं आए। अपनी माँ से मिलने भी नहीं। कई बार उन्होंने मथुरा की नदी को क्रॉस किया लेकिन कभी वृंदावन नहीं आए क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि वहाँ के वासियों को पता चले कि एक गाय चराने वाले लड़के पर विश्व में धर्म की पुन: स्थापना का जिम्मा उठा लिया है… तो ऐसे यशोदा राधा के साथ गोपी बन गईं क्योंकि कृष्ण अब उनके बेटे नहीं थे। कृष्ण की आभा ने उन पर भी अपनी छाप छोड़ दी थी।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल है। कई लोग सदगुरु पर भगवान कृष्ण और माता यशोदा के संबंधों को गलत बताने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर लिखता है, “बेहद वाहियात। यशोदा, मातृत्व का प्रतीक हैं। उनके मन में कान्हा के लिए असीम प्रेम था। उन्होंने अगले जन्म भी कृष्ण की माँ बनने की इच्छा जाहिर की थी, इसलिए वह वकुल माता के तौर पर कलियुग में जन्मी हैं।”

कई यूजर ने इस प्रकार के विवरण को अपमानजनक और आपत्तिजनक करार दिया।

ईशा फाउंडेशन की सफाई

सदगुरु की ऑनलाइन वीडियो वायरल होने के बाद सदगुरु द्वारा संचालित ईशा फाउंडेशन ने पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की है। फाउंडेशन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सदगुरु द्वारा यशोदा और कृष्ण की बातचीत को बड़ी चालाकी से एडिट किया गया है।

ट्विटर पर शेयर की जा रही वीडियो पर ईशा फाउंडेशन ने कहा, “कुछ दिनों पहले, एक ट्विटर उपयोगकर्ता द्वारा कुछ ट्वीट्स पोस्ट किए गए थे, जिसमें सदगुरु की वीडियो एडिट की गई। इन गलत इरादों से की गई एडिटिंग से यूजर ने ये बताने की कोशिश की, कि मानो सदगुरू ने बताया हो कि यशोदा का कृष्ण के प्रति प्रेम कामुकता संबंधी था।”

फाउंडेशन ने कहा कि ऐसी वीडियो शेयर करके यूजर ने सिर्फ विवाद बढ़ाने और सदगुरु के बारे में झूठी जानकारी फैलाने की कोशिश की है। असली वीडियो में सदगुरु उन महिलाओं के बारे में बात कर रहे हैं जो कृष्ण भक्ति में लीन थी। ट्विटर यूजर ने जानबूझकर उन पार्ट्स को हटाया।

कृष्ण, एक ऐसी ईश्वरीय शक्ति थे कि किसी के लिए भी उनका भक्त बनने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। यही वजह है कि उनकी माँ भी उनकी भक्त बन गई थीं। सदगुरु बता रहे थे कि कैसे ईश्वर के साथ प्रेम में होना भक्ति होती है। अपनी कई वीडियो में सदगुरु ने बताया है कि भक्ति, भौतिक शरीर से परे है। यह मुक्ति पाने की सर्व-समावेशी प्रक्रिया है। 

संस्था ने अपने बयान में कहा कि सद्गुरु उस प्रेम के बारे में बात कर रहे थे जो भक्तों में भगवान कृष्ण के लिए है और यह किसी भी यौन संबंध से रहित है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये गलत इरादे वाला ट्विटर उपयोगकर्ता प्रेमी का अर्थ सिर्फ यौन संबंध समझता है और वह इस झूठे परिप्रेक्ष्य को बढ़ावा देने के लिए सद्गुरु के शब्दों को विकृत करने की कोशिश कर रहा है।

ईशा फाउंडेशन द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि वीडियो को “निंदनीय” तरीके से संपादित किया गया है और यह हमारी संस्कृति के विपरीत है। फाउंडेशन ने कहा कि ये शरारत सद्गुरु के बारे में नहीं है, यह कृष्ण के बारे में है और भारत की संस्कृति के बारे में भी है।

बंगाल में दिलीप घोष के काफिले पर क्रूड बम और पत्थर से हमला, बीजेपी ने बताया- TMC के ‘गुंडों’ का हाथ

बुधवार (7, अप्रैल) को पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमला हुआ। यह हमला तब हुआ जब घोष कूचबिहार के सितलकुची में एक चुनावी सभा से लौट रहे थे। आरोप है कि हमला तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया है। 

मीडिया खबरों के अनुसार जब दिलीप घोष कूचबिहार के सितलकुची में एक चुनावी सभा समाप्त करके दूसरी सभा के लिए जा रहे थे तब उनकी गाड़ी पर हमला हुआ। भाजपा अध्यक्ष घोष ने आरोप लगाया है कि तृणमूल का झण्डा लिए हुए कुछ लोगों ने उन पर क्रूड बम फेंके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गाड़ी पर ईंट मारी गई जिससे उनके कंधे पोर चोट आई है। घोष ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान कोई भी पुलिस कर्मी वहाँ मौजूद नहीं था।

बंगाल में चौथे चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार तेज हो गया है। राज्य में 10 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान के लिए वोट डाले जाएँगे। इस चरण में 44 सीटों के लिए मतदान होगा।

दिलीप घोष ने आगे कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और इस प्रकार के हमले से वे अभ्यस्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत से इस क्षेत्र में चुनाव जीतने की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हिंसा आने वाले दिनों में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिलीप घोस ने मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि इस प्रकार की हिंसा के लिए सिर्फ और सिर्फ मुख्यमंत्री और तृणमूल नेत्री पूरी तरह जिम्मेदार हैं। जिस प्रकार मुख्यमंत्री जनसभाओं में लोगों को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को सबक सिखाने के लिए आह्वान करती हैं यह उसी का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटना से भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को डराया नहीं जा सकता है। घोष ने बताया कि उनके काफिले पर हमला को लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया है और उनसे विस्तार पूर्वक बातचीत हुई है।

घर पर कहा लंबी छुट्टियों पर जा रही हूँ, पकड़ी गई दुबई में न्यूड फोटोशूट कराते: यूक्रेन की वकील का परिवार हैरान

हाल ही में दुबई में लगभग 11 युवतियों को एक बालकोनी में न्यूड फोटोशूट कराते हुए पकड़ा गया था। ये सभी पूर्णरूपेण नग्न थी और दुबई में सार्वजनिक रूप से नग्नता के प्रदर्शन पर रोक है। उन्हीं में से एक है याना ग्रेबोशचुक, जिसके बारे में पता चला है कि वो पेशे से वकील है। वो यूक्रेन में अपने घर से ये कह कर निकली थी कि वो हॉलिडे ट्रिप पर जा रही है, लेकिन दुबई में गिरफ़्तारी के बाद परिवार वाले सन्न हैं।

27 वर्षीय याना ग्रेबोशचुक को टैटुओं का खासा शौक है और उन्होंने अपने शरीर पर कई टैटू गुदवा रखे हैं। शनिवार (अप्रैल 3, 2021) की रात इन सभी को गिरफ्तार करके जेल में डाला गया था। याना के परिजनों ने कहा है कि वो क्या करने गई थी, इसके बारे में उन्हें कुछ नहीं पता। ग्रेबोशचुक के 20 वर्षीय भाई तरस ने कहा कि जब इस मामले में यूक्रेन का दूतावास सक्रिय हुआ, तब उसे अपनी बहन के बारे में पता चला।

किसी को परिवार में संदेह तक नहीं था कि वो इस तरह का फोटोशूट करा रही है। याना ने कानून की पढ़ाई करके इस क्षेत्र में स्नातक की डिग्री तो ले ली थी, लेकिन उसे अब तक कोई नौकरी नहीं मिली थी। दुबई इन मामलों में कड़ा रवैये वाला देश है और इन सभी पर बड़े जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है। वकील की नौकरी न मिलने का कारण याना एक कैफे में वेट्रेस और एक रेस्टॉरेंट में बतौर होस्टेस काम कर चुकी है।

फिर उसने एक शराब वाले Brewery पर काम करना शुरू कर दिया था। उसने अपने परिजनों और दोस्तों को दुबई से अपने नाश्ते, स्विमिंग पूल में तैराकी, स्पोर्ट्स कार में सैर सहित कई तस्वीरें भेजी थीं। उसने बताया था कि उसे 3 दिन में 3 होटल बदलने पड़े, लेकिन वो खुश है। इस फोटोशूट के पीछे मॉस्को के 33 वर्षीय कारोबारी अलेक्सी कोन्त्सोव का हाथ बताया जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स कह रहे हैं कि एक शेख के करीबी UAE के एक अमीर नागरिक की पार्टी के लिए युवतियाँ रिहर्सल कर रही थी।

मुंगेर मूर्ति विसर्जन गोलीकांड: हाईकोर्ट की निगरानी में CID करेगी जाँच, अनुराग के पिता को ₹10 लाख का मुआवजा

पिछले साल अक्टूबर माह में मुंगेर में दुर्गा पूजा के बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई गोलीकांड मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को पटना हाईकोर्ट की तरफ से एक बड़ा आदेश दिया गया है। 

हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान सरकार के रवैये और पुलिस की जाँच को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की। अदालत ने मुंगेर के कोतवाली थाना प्रभारी के अलावा इस केस से जुड़े तमाम पुलिस अफसरों को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया कि CID की जाँच अब हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होगी। पिछले साल के अक्टूबर से लेकर इस साल के फरवरी महीने तक पुलिस की जाँच में किसी प्रकार का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।

गौरलतब है कि पिछले साल माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान 18 साल के अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। अनुराग के पिता अमरनाथ पोद्दार ने 6 जनवरी 2021 को पटना हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट दाखिल किया था। अमरनाथ पोद्दार ने पटना हाइकोर्ट में एडवोकेट मानस प्रकाश के जरिए क्रिमिनल रिट 6 जनवरी 2021 को फाइल किया था, साथ ही अर्जेंट हियरिंग के लिए मेंशन किया था लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 

इसके बाद अनुराग की माँ ने जनवरी महीने में ही एडवोकेट अलख आलोक श्रीवास्तव के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक अपील की थी। इस पर 25 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2 महीने में पिता की अपील पर सुनवाई पूरी करने का निर्देश पटना हाईकोर्ट को दिया था। तब जाकर यहाँ इस मामले में सनुवाई शुरू हुई।

पहली सुनवाई 12 फरवरी को हुई थी तब राज्य सरकार से 10 मार्च तक इस केस में जवाब माँगा था। मानस प्रकाश इस केस में अमरनाथ पोद्दार के एडवोकेट हैं। मानस प्रकाश के मुताबिक SP और इस केस से जुडे़ पुलिस वालों को मुंगेर से हटाए जाने के साथ ही दो बड़े निर्देश जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच की तरफ से दिए गए हैं।

मुंगेर गोलीकांड के बाद बदल दिया गया था SP

राज्य सरकार ने उस वक्त की SP लिपि सिंह को हटाकर मानवजीत सिंह ढिल्लों को मुंगेर का नया SP बनाया था। इसके बाद अमरनाथ पोद्दार पटना हाईकोर्ट पहुँचे थे। अब इस केस की जाँच CID के अधिकारी करेंगे इसके लिए 8 सदस्यों वाली एक SIT बनाई गई है। DSP प्रमोद कुमार राय के नेतृत्व में पूरे मामले की जाँच की जाएगी। CID की पूरी जाँच अब हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होगी।

इनकी टीम को एक महीने में अपनी जाँच रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है। मानस प्रसाद के अनुसार एडवोकेट जनरल के माध्यम से CID ने अपनी तरफ से 54 प्वाइंट कोर्ट को बताए हैं। सीआईडी इन पर अपनी जाँच करेगी। एडवोकेट के अनुसार अपनी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि गोलीकांड में अनुराग की कोई संलिप्तता नहीं थी। इस कारण इसके पिता को 10 लाख का मुआवजा तत्काल दिया जाए। हालाँकि पिता की तरफ से 5 करोड़ का मुआवजा और पूरे मामले की जाँच CBI से कराने की माँग की गई थी।

नक्सलियों ने जारी किया बंधक जवान का फोटो, भाई ने कहा – ‘भरोसा नहीं, ऑडियो या वीडियो जारी करें’

बीजापुर में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 23 जवान बलिदान हो गए थे तथा 31 जवान घायल हुए थे। एक जवान, राकेश्वर सिंह मनहास के लापता होने की खबर भी आई थी। अब नक्सलियों ने बंधक बनाए गए जवान राकेश्वर की फोटो जारी की है और कहा है कि सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति करे, जिसके बाद राकेश्वर को छोड़ दिया जाएगा। हालाँकि राकेश्वर के भाई ने कहा है कि उन्हें इस फोटो पर भरोसा नहीं है। नक्सली राकेश्वर का वीडियो अथवा ऑडियो जारी करें।  

सीआरपीएफ के सूत्रों ने भी यह पुष्टि की है कि तस्वीर में दिखाई देने वाले शख्स कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मनहास ही हैं और सीआरपीएफ उनकी रिहाई के प्रयास कर रही है।

इसी बीच बीजापुर के एक पत्रकार गणेश मिश्रा ने यह दावा किया है कि उसके पास नक्सलियों के दो फोन कॉल आए, जिसमें उन्होंने बताया कि एक जवान उनके पास बंधक है। वह गोली लगने के कारण घायल है और उसका इलाज चल रहा है और उसे दो दिनों में रिहा कर दिया जाएगा। गणेश के मुताबिक नक्सलियों ने यह भी कहा कि जल्द ही जवान का फोटो और वीडियो जारी किया जाएगा।

हालाँकि कोबरा जवान राकेश्वर के भाई रणजीत सिंह का कहना है कि उन्हें इस फोटो पर संदेह है। यह फोटो राकेश्वर के मोबाइल की कोई पुरानी फोटो भी हो सकती है। रणजीत ने राकेश्वर का ऑडियो अथवा वीडियो जारी करने की माँग भी की है।

3 अप्रैल 2021 को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद अब नक्सलियों के द्वारा प्रेस नोट जारी करके हमले की पुष्टि की गई है और एक जवान के उनके कब्जे में होने की बात कही है। नक्सलियों द्वारा शर्त रखी गई है कि सरकार बातचीत के लिए मध्यस्थ की नियुक्ति करे, जिसके बाद जवान को रिहा कर दिया जाएगा।

‘मैं इस्लाम के खिलाफ जा रहा था… खुद को अल्लाह को सौंप रहा हूँ’ – Roadies वाले साकिब खान ने छोड़ी ग्‍लैमर इंडस्ट्री

‘Roadies Revolution’ में नजर आए कंटेस्टेंट और मॉडल साकिब खान (Sakib Khan) ने शोबिज और ग्लैमर वर्ल्ड को अलविदा कह दिया है। उन्होंने मजहब और इस्लाम के मार्ग का अनुसरण करने के लिए यह कदम उठाया। साकिब खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी घोषणा की और कहा कि अब वह भविष्य में कोई मॉडलिंग या ऐक्टिंग नहीं करेंगे।

एक लंबे पोस्ट में साकिब ने लिखा, “असलामलेकुम भाइयों और बहनों। उम्मीद है कि आप सभी ठीक होंगे। आज का यह पोस्ट एक अनाउंसमेंट के बारे में हैं। मैं शोबिज इंडस्ट्री छोड़ रहा हूँ। इसलिए भविष्य में अब कोई मॉडलिंग या ऐक्टिंग नहीं करूँगा।”

साकिब खान ने आगे लिखा, “ऐसा नहीं है कि काम नहीं था मेरे पास या फिर मैंने हार मान ली। मेरे पास ढेर सारे अच्छे प्रॉजेक्ट्स थे। बस अल्लाह की मर्जी नहीं थी। जरूर कुछ अच्छा और बेहतर अल्लाह ने सोचा होगा मेरे लिए। इंशाअल्लाह। वह बेस्ट प्लानर हैं। जहाँ तक मैंने देखा है तो मुंबई में सर्वाइव करना बहुत मुश्किल है। यहाँ बहुत स्ट्रगल है, लेकिन मैं गर्व के साथ कह सकता हूँ कि 1 साल के दौरान ही मुझे बहुत शोहरत और फैन फॉलोइंग मिली। लेकिन वो दुनिया के लिए और आखिरात के लिए तो कुछ भी नहीं है।”

अब धर्म की राह पर साकिब खान, बोले- गुमराह था मैं

अब साकिब शोबिज छोड़कर धर्म की राह पर निकल चुके हैं। उन्होंने आगे लिखा, “मैं गुमराह था और इस्लाम की नीति और सिद्धांत के खिलाफ जा रहा था। मैं नमाज़ तो पढ़ता था, लेकिन कुछ तो कमी लगती थी। वह कमी थी सुकून और अल्लाह के प्रति मेरी जवाबदेही। इसलिए मैं अब पूरी तरह से अल्लाह के सामने सम्रपण कर रहा हूँ। वो सुकून, जिसकी मुझे तलाश थी वो तो मेरे सामने था, मेरी किताब यानी कुरान में।”

साकिब ने नोट में आगे लिखा,

“मैं अल्लाह का शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने मुझे पश्चाताप करने का मौका दिया और मुझे पूरे दिल से स्वीकार किया क्योंकि मैं अपनी जिंदगी में चमत्कार होते हुए देख रहा हूँ। मैंने अपनी पवित्र पुस्तक कुरान को दिल से पढ़ते हुए बहुत शांति और राहत की साँस ली।”

साकिब खान ने यह भी बताया है कि वह मौकापरस्त नहीं है। उन्होंने पोस्ट में लिखा है, “ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि 100 चूहे खाके बिल्ली हज को चली, लेकिन हर किसी का हज कबूल नहीं होता।” इसके अलावा सकीब खान ने अपने पोस्ट में और भी ढेर सारी बातें लिखी हैं। उनका यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। अभिनेता के कई फैंस और तमाम सोशल मीडिया यूजर्स उनके पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बता दें कि साक‍िब से पहले एक्‍ट्रेस सना खान और फिल्‍म ‘दंगल’ में गीता फोगाट के बचपन का क‍िरदार न‍िभाने वाली एक्‍ट्रेस जायरा वसीम भी ग्लैमर की दुनिया से दूर होकर मजहब का रास्‍ता अपना चुकी हैं। बिग बॉस फेम अभिनेत्री सना खान (Sana Khan) ने बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर सना खान ने इसकी जानकारी देते हुए इस फैसले के लिए अपने मजहब का हवाला दिया था।

इससे पहले ‘दंगल ’और, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की अभिनेत्री जायरा वसीम ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ही घोषणा की थी कि यह उद्योग उन्हें उनके ईमान से दूर कर रहा है। जायरा ने कहा था कि एक्ट्रेस बनने की वजह से इस्लाम से दूर होती जा रही हूँ इसलिए मैं इस फील्ड से रिश्ता तोड़ रही हूँ।

‘BJP लाखों गुंडों के साथ बंगाल कब्जा करने आई है… CRPF जवान कर रहे छेड़छाड़’: ममता ने कूचबिहार में लगाए आरोप

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा/ BJP) पर निशाना साधने के चक्कर में सीआरपीएफ जवानों के लिए भी काफी उलटी-सीधी बातें की।

जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि भाजपा बाहर से लाखों गुंडो को लाकर बंगाल पर कब्जा करना चाहती है। लेकिन ये आसान नहीं है। पहले दिल्ली के बारे में सोचो फिर बंगाल के बारे में सोचना।

अपनी रैली में ममता बनर्जी ने सीआरपीएफ जवानों पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वह बोलीं,  “हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, जनता को वोट डालने की अनुमति दी जानी चाहिए, सीआरपीएफ को उन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोकना नहीं चाहिए, मैं सीआरपीएफ का सम्मान करती हूँ जो असली जवान हैं, लेकिन मैं भाजपा सीआरपीएफ का सम्मान नहीं करती हूँ, जो उपद्रव कर रहे हैं।”

ममता बनर्जी ने कूच बिहार जिले में केंद्रीय बल के कर्मियों पर आरोप लगाया कि वह मौजूदा विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं।

इसके अलावा ममता ने लोगों को भड़काते हुए कहा “मेरा आपसे अनुरोध है कि उन सीआरपीएफ कर्मियों पर नजर रखें जो राज्य में अभी ड्यूटी पर हैं। उन्हें महिलाओं को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे मामले भी हैं जिनमें केंद्रीय बल के कर्मचारियों द्वारा लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की गई है।”

गौरतलब है कि कल राज्य में तीसरे चरण के मतदान के दौरान विभिन्न प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टियों के बीच झड़पों की बात सामने आई। कुछ जगह टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जमकर हड़कंप मचाया और कुछ जगह उन्हें हिंसा का शिकार होना पड़ा।

भाजपा नेता शहनवाज हुसैन पर भी कल हावड़ा में रैली के दौरान पत्थरबाजी हुई। उन्होंने कहा, “टीएमसी गुंडे मुझे रैली नहीं करने देना चाहते थे इसलिए मुझपर पत्थर फेंके। कोई पुलिस प्रोटेक्शन नहीं थी। मुझे Y+ सुरक्षा मिली है फिर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया।”

बता दें कि बंगाल में भाजपा प्रत्याशी पापिया अधिकारी का कल टीएमसी गुंडों ने गला दबाने की कोशिश की थी। साथ ही उनके सर पर भी मारा गया था। भाजपा ने आज इस संबंध में बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के सामने शिकायत की है। इस शिकायत में ममता बनर्जी के बयान का भी जिक्र है जिसमें वह सुरक्षाबल का घेराव करने की बात कह रही हैं।

100 करोड़ वसूली में पवार का भी नाम: गुटखा गैंग से उठाने थे पैसे, Dy-CM के करीबी ने बताए थे ट्रिक: वाजे का लेटर

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद अब एक और चिट्ठी सामने आई है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की हिरासत में बंद मुंबई पुलिस के सस्पेंड हो चुके अधिकारी सचिन वाजे की बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को मीडिया में कथित चिट्ठी सामने आई है। इसमें सचिन वाले ने महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के कई नेताओं पर आरोप लगाए हैं।

यह चिट्ठी अपने आप में खास है क्योंकि अब तक पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख का ही नाम इस मामले में आया था लेकिन इस चिट्ठी ने देशमुख के अलावा ताकतवर पवार का भी नाम जोड़ लिया है। इस चिट्ठी में सचिन वाजे ने आरोप लगाया है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने उन्हें नौकरी पर वापस रखने के बदले 2 करोड़ रुपए माँगे थे।

इस चिट्ठी में वाज़े ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। चिट्ठी में सचिन वाजे ने कहा है कि शरद पवार उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखना चाहते थे, लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि वो शरद पवार को मना लेंगे लेकिन उसके लिए दो करोड़ रुपए देने होंगे। चिट्ठी में वाजे आगे लिखते हैं, “मैंने कहा मैं अभी पैसे नहीं दे सकता है। जिस पर देशमुख ने उन्हें बाद में भुगतान करने के लिए कहा।”

सचिन वाजे दावा करते हैं कि नवंबर 2020 में, उन्हें एक व्यक्ति (दर्शन घोड़ावत) से मिलवाया गया, जो डिप्टी सीएम अजित पवार के करीबी थे। उन्होंने वाजे को महाराष्ट्र में गुटखा के अवैध व्यापार के बारे में सूचित किया और जोर देकर कहा कि सचिन वाजे को अवैध गुटखा विक्रेताओं से कम से कम 100 करोड़ रुपए वसूल करने होंगे।

1 जनवरी 2021 से, उन्होंने कहा कि उन्होंने गुटखा विक्रेताओं पर छापे मारने शुरू किए। उन्होंने गुटखा के अवैध कारखानों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की। इसके बाद दर्शन घोड़ावत सचिन वाजे से मिलने आया और डिप्टी सीएम अजित पवार के नाखुश होने के बारे में बताया।

चिट्ठी में सचिन वाजे लिखते हैं कि गृह मंत्री ने उन्हें 1650 बार से उगाही के लिए कहा था लेकिन उन्होंने असमर्थता जता दी थी। इसके बाद कथित चिट्ठी में वाजे ने कहा कि गृह मंत्री के पीए ने उन्हें गृह मंत्री के ऑफर पर विचार करने के लिए कहा। 

सचिन वाजे की चिट्ठी में महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब पर भी आरोप लगाए गए हैं। चिट्ठी में वाजे ने लिखा है कि अनिल परब ने उन्हें 50 करोड़ लेकर SBUT की जाँच बंद करने को कहा। वाजे की चिट्ठी में एक और आरोप लगाया गया है। वाजे ने चिट्ठी में लिखा है कि अनिल परब ने उसे बीएमसी के 50 ठेकेदारों से 100 करोड़ रुपए वसूलने को कहा था।

बता दें कि मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को बुधवार (अप्रैल 7, 2021) को विशेष एनआईए अदालत के सामने पेश किया गया। यहाँ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने अदालत से सचिन वाजे की हिरासत चार दिन और बढ़ाने की माँग की। अदालत ने वाजे की हिरासत को 9 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया। 

अयोध्या में मस्जिद के लिए इकट्ठा हुए सिर्फ ₹20 लाख, राम मंदिर को मिली ₹5400 करोड़ से ज्यादा की धनराशि

अयोध्या में विवादित भूमि का फैसला राम जन्मभूमि के पक्ष में आने के बाद वहाँ राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। लेकिन दूसरी ओर फैसले के समय दूसरे पक्ष को जो 5 एकड़ भूमि मस्जिद के लिए आवंटित की गई थी उस पर निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर की बात है, अभी उसके लिए पर्याप्त धन भी एकत्रित नहीं हो सका है।

मस्जिद निर्माण के लिए धन न इकट्ठा हो पाने के कारण मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने इस्लामिक कल्चर फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। इकबाल का कहना है कि IICF एक निजी ट्रस्ट है इसलिए लोग उन पर विश्वास नहीं कर रहे। अभी तक इस काम के लिए IICF सिर्फ 20 लाख रुपए ही जुटा पाई है। 

वह कहते हैं, अयोध्या धर्म की नगरी है, जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्म के लोग रहते हैं। अब 5 किलोमीटर की अयोध्या में सभी धर्मों के मंदिर-मस्जिद गुरुद्वारा बने हुए हैं और देश-विदेश के लोग अयोध्या आते हैं। आज अयोध्या में मंदिर का निर्माण हो रहा है। पूरी दुनिया में लोग राम का नाम लेते हैं, चाहे वह मुस्लिम हो या हिंदू। लेकिन, सवाल अयोध्या का है, जहाँ मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ की भूमि दी गई। अब इसके ट्रस्ट के लोग रह रहे हैं कि अभी तक 20 लाख रुपए ही आए हैं, जबकि राम मंदिर में करोड़ों रुपए आ चुके हैं। यह सब भगवान राम की देन है। उन्हें मानने वाले पूरी दुनिया में लोग मौजूद हैं।

इकबाल के मुताबिक जफर फारूकी द्वारा बनाया गया ट्रस्ट निजी ट्रस्ट है और उनका मानना है कि ट्रस्ट के लोग यदि सामाजिक होते तो मस्जिद निर्माण के लिए बहुत पैसा आता। लेकिन ये लोग सामाजिक नहीं है। इसलिए वे चाहते हैं कि ट्रस्ट में फेरबदल हो। जब तक मौजूदा ट्रस्टी नहीं बदले जाते वह इसमें हिस्सा नहीं लेंगे।

राम मंदिर को मिले करोड़ो रुपए

उल्लेखनीय है कि अयोध्या मामले पर 9 नवंबर 2019 को हुए फैसले के बाद धनीपुर में मस्जिद के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। इसके बाद वक्फ बोर्ड ने फरवरी 2020 में IICF का गठन किया और सामाजिक सहयोग से मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्ट के नाम बैंक में खाता खुला। वर्तमान में इस पूरी प्रक्रिया को हुए एक साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन खाते में सिर्फ़ 20 लाख रुपए आए हैं।

वहीं अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने बढ़ चढ़कर दान किया और 15 जनवरी से शुरू हुई राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के तहत 27 फरवरी तक देश के कोने कोने से ट्रस्ट के पास करोड़ो रुपए आए। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे अभियान में केवल 44 दिन में 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हुए और अगर कुल मिलाकर बात की जाए तो अब तक 5457.94 करोड़ की धनराशि एकत्र हो चुकी है।

रिपोर्टस के मुताबिक, राम मंदिर के लिए कूपनों व रसीद के जरिए 2253.97 करोड़ की निधि एकत्र हुई। इसी तरह से डिजीटल माध्यमों से 2753.97 करोड़ व एसबीआई-पीएनबी व बीओबी के बचत खातों में करीब 450 करोड़ की धनराशि एकत्र हुई है।