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PM मोदी सबसे लोकप्रिय और दूरदर्शी नेताः गुजरात हाई कोर्ट की डायमंड जुबली समारोह में बोले जस्टिस शाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात हाईकोर्ट के 61 साल पूरे होने के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डायमंड जुबली समारोह को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात हाईकोर्ट के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘हमारे सबसे लोकप्रिय, प्यारे, जीवंत और दूरदर्शी नेता’ बताया। उन्होंने कहा, “मुझे गुजरात हाईकोर्ट के 60 साल पूरे होने पर, स्मारक डाक टिकट के विमोचन के इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेने पर गर्व और खुशी महसूस हो रही है और वह भी हमारे सबसे लोकप्रिय, प्यारे, जीवंत और दूरदर्शी नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा।” जस्टिस शाह ने अपने भाषण में गुजरात उच्च न्यायालय को अपनी ‘कर्मभूमि’ कहा और शक्तियों के पृथक्करण की संवैधानिक अवधारणा के महत्व के बारे में बात की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट ने सत्य और न्याय के लिए जिस कर्तव्य और निष्ठा से काम किया है, अपने संवैधानिक कर्तव्यों के लिए जो तत्परता दिखाई है उसने भारतीय न्याय व्यवस्था और भारत के लोकतंत्र दोनों को ही मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को दी गई जिम्मेदारी, हमारे संविधान के लिए प्राणवायु की तरह है। हमारी न्यायपालिका ने संविधान की प्राणवायु की सुरक्षा का दायित्व पूरी दृढ़ता से निभाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका के प्रति भरोसे ने सामान्य नागरिक के मन में एक आत्मविश्वास जगाया है। सच्चाई के लिए खड़े होने की उसे ताकत दी है। प्राचीन ग्रंथों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में रूल ऑफ लॉ, सदियों से सभ्यता और सामाजिक ताने-बाने का आधार रहा है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है- ‘न्यायमूलं सुराज्यं स्यात्’ यानी, सुराज्य की जड़ ही न्याय में है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी अदालतों पर बहुत गर्व है, खासकर सुप्रीम कोर्ट पर है। सर्वोच्च न्यायालय ने पूरी दुनिया में सबसे अधिक मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की है। इसके अलावा हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने भी कोरोना काल में अच्छा कार्य किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट ने जिस सत्य निष्ठा से काम किया उससे भारतीय न्याय व्यवस्थाय और लोकतंत्र दोनों को ही मजबूती मिली है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में सरकार और न्यायपालिका दोनों का ही ये कर्तव्य है कि कि हम दुनिया की सर्वोत्तम न्याय व्यवस्था कायम करें। उन्होंने कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जहाँ हर व्यक्ति को न्याय की गारंटी हो और अंतिम व्यक्ति को न्याय मिले।

बता दें कि गुजरात हाई कोर्ट की स्थापना 1 मई 1960 में हुई थी। उस वक्त गुजरात बंबई राज्य से अलग होकर एक नया राज्य बना था। गुजरात हाईकोर्ट पहले नारौल में था, उसके बाद इसे अहमदाबाद के इनकम टैक्स सर्किल में शिफ्ट किया गया था। अब साल 1998 से गुजरात हाईकोर्ट अहमदाबाद के सोला कैंपस से चल रहा है।

पाकिस्तान में PUBG पर ब्लॉक करने की सजा: 15 साल के लड़के की रेप के बाद हत्या, 4 TikTok यूजर्स का भी मर्डर

पाकिस्तान में 15 साल के लड़के से रेप और हत्या के आरोप में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मामला लाहौर के रायविंद का है। मीडिया रिपोर्टों के मुख्य आरोपित के एक दोस्त को नाबालिग ने PUBG पर ब्लॉक कर दिया था। इसी खुन्नस में इस घटना को अंजाम दिया गया।

रायविंद पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने नाबालिग को 13 जनवरी को अगवा कर लिया था। उसे लेकर आरोपित नानकाना साहिब गए, जहाँ उसके साथ रेप की वारदात हुई। बाद में शेखपुरा से लाश बरामद हुई। आरोपितों ने बताया है कि पीड़ित ने उनके एक दोस्त को PUBG पर ब्लॉक कर दिया था। आरोपितों का DNA सैम्पल जाँच के लिए भेज दिया गया है।

वहीं एक अन्य घटना में कराची में 4 टिकटॉकर्स की हत्या कर दी गई। यह घटना मंगलवार (फरवरी 2, 2021) को गार्डन एरिया के अंकलेसरिया इलाके में हुई। मृतकों में 3 युवक और एक युवती थी। ये सभी TikTok के अलावा कई अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर भी सक्रिय थे।

मुस्कान ने आमिर को सोमवार की रात मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों अपने दोस्तों सज्जाद और रेहान के साथ कार से ही शहर में घूमने लगे। मुस्कान ने इस दौरान आमिर के साथ कई TikTok वीडियोज भी शूट किए। लेकिन तड़के सुबह 4:48 के करीब चारों की हत्या कर दी गई। हमलावरों का अब तक पता नहीं चल सका है। जहाँ मुस्कान को कार के भीतर ही मार डाला गया, वहीं अन्य तीनों की हत्या गाड़ी के बाहर हुई। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

कार के पास 9mm पिस्टल्स के खाली शेल्स भी मिले। मृतकों के परिजनों ने थाने में FIR दर्ज कराई है। रेहान और सज्जाद ने शहर के इत्तिहाद टाउन क्षेत्र में एरियल फायरिंग करते हुए TikTok वीडियो भी शूट किया था। पुलिस ने इस वीडियो के आधार पर संज्ञान लेकर FIR भी दर्ज की थी। परिजनों ने आशंका जताई है कि किसी व्यक्तिगत विवाद के आधार पर ये विवाद हुआ हो सकता है, जिसके कारण इनकी मौत हो गई।

बता दें कि पाकिस्तान नेPUBG और TikTok पर प्रतिबंध भी लगा चुका है। इस्लामी एक्टिविस्ट्स ने इन एप्स के खिलाफ अभियान चलाया था। PUBG को इस्लाम विरोधी बताते हुए प्रतिबंध लगाया गया था। हालाँकि कुछ समय बाद बैन हटा लिया गया था।

पाकिस्तान ने भले ही PUBG को फिर से चालू कर दिया हो, लेकिन भारत में यह अभी भी प्रतिबंधित है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने जून 2020 में TikTok समेत 59 चीनी एप्स को नोटिस भेज कर उन्हें भारत में हमेशा के लिए प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया था। इन सभी कंपनियों को प्रश्नावली भी सौंपी गई थी, जिसका उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था।

भारतीय होने पर गर्व, भारत के विकास-समृद्धि में योगदान कर भाग्यशाली, बंद करें अवॉर्ड दिलाने का कैंपेन: रतन टाटा

देश के मशहूर उद्योगपति और टाटा ग्रुप के प्रमुख रतन टाटा के लिए ट्विटर पर चले ‘भारत रत्न फॉर रत्न टाटा’ अभियान को लेकर लगातार ट्वीट किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग रतन टाटा के समर्थन में ट्वीट कर उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की माँग कर रहे हैं। अब इस अभियान को लेकर रतन टाटा ने ट्वीट करते हुए प्रतिक्रिया दी है। टाटा ने खुद ही ट्वीट कर इस तरह के अभियानों को बंद करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि वो भारतीय होने की बात से ही खुद को भाग्यशाली महसूस करते हैं।

 रतन टाटा ने ट्वीट करते हुए लिखा, “सोशल मीडिया पर लोगों के एक तबके द्वारा एक अवॉर्ड को लेकर व्यक्त की गई भावनाओं की मैं सराहना करता हूँ, लेकिन मैं बेहद नम्रता के साथ अपील करता हूँ कि ऐसे अभियान बंद कर दिए जाएँ। मैं भारतीय होने और भारत के विकास व समृद्धि में योगदान कर सकने पर खुद को भाग्यशाली मानता हूँ।”

सोशल मीडिया पर रतन टाटा को भारत रत्न देने की उठ रही माँग पर टाटा ने जो प्रतिक्रिया दी है, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। इतने बड़े उद्योगपति होने और देश की ग्रोथ में टाटा ग्रुप का बड़ा योगदान होने के बावजूद रतन टाटा ने संकेत दिया है कि उन्हें अपने कामों के बदले अवाॅर्ड पाने की कोई तमन्ना नहीं है। उन्हें भारतीय होने और भारत की समृद्धि में भागीदार होने पर गर्व है।

इस ट्वीट के बाद हर कोई रतन टाटा की नम्रता की सराहना कर रहा है। नमक से लेकर डिफेंस व्हीकल तक बनाकर देश को आगे ले जाने वाले टाटा ग्रुप के दिग्गज रतन टाटा की इस प्रतिक्रिया पर उनके फैन्स और फाॅलोअर ने उन्हें ट्रू लेजेंड और ट्रू नेशनलिस्ट करार दिया है। कई लोग उन्हें रियल रोल माॅडल और रियल हीरो कह रहे हैं।

रतन टाटा को भारत रत्न दिए जाने की माँग तब शुरू हुई, जब मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा ने रतन टाटा को भारत रत्न दिए जाने की माँग से संबंधित ट्वीट किया और लोगों से भी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। बिंद्रा ने इस ट्वीट में रतन टाटा को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की माँग करते हुए अपने ट्वीट को ज्यादा से ज्यादा रिट्वीट करने की माँग की थी। उन्होंने ट्विटर पर  #BharatRatnaForRatanTata हैशटैग ट्रेंड कराया था। अपने ट्वीट में उन्होंने पीएमओ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रपति भवन को भी टैग किया था।

ट्विटर पर एक फाॅलोअर ने लिखा कि रतन टाटा की देश के लिए निष्ठा पर गर्व है। वह भारत के रियल हीरो हैं और वास्तव में भारत रत्न के हकदार हैं।

बता दें कि टाटा ग्रुप कंज्यूमर एंड रिटेल, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलाॅजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टील, ऑटोमोटिव, फाइनेंशियल सर्विसेज, एयरोस्पेस व डिफेंस, टूरिज्म एंड ट्रैवल, टेलिकाॅम एंड मीडिया, ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स सेक्टर्स में परिचालन करता है। ग्रुप की आईटी कंपनी टीसीएस दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान आईटी कंपनी है।

रिहाना की ‘फेंटी ब्यूटी’ में झारखंड का अभ्रक, बाल मजदूरी को लेकर NCPCR से शिकायत

रिहाना दुनिया की सबसे अमीर गायिका के रूप में जानी जाती हैं। संपत्ति के मामले में वे मडोना और बेयोंसे से भी आगे हैं। 4400 करोड़ रुपए की संपत्ति की मालकिन रिहाना ‘फेंटी ब्यूटी (Fenty Beauty)’ नामक एक कंपनी भी चलाती हैं। उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा इसी से आता है। इस कंपनी के खिलाफ झारखंड से अभ्रक की खुदाई और बाल मजदूरी को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है।

रिहाना ने फ्रांस की कंपनी ‘LVMH Moet Hennessy Louis Vuitton’ के साथ पार्टनरशिप कर रखी है, जिसे अरबपति बर्नार्ड रनॉल्ट द्वारा संचालित किया जाता है। अब कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि ये कंपनी बाल मजदूरों से काम करवाती है और झारखंड से धातु की खुदाई करने वाली इस कंपनी के पास इसका क्लियरेंस भी नहीं है।

हाल ही में खालिस्तानियों के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए रिहाना ने ‘किसान आंदोलन’ के समर्थन में ट्वीट किया था। इसके बाद से वह विवादों में हैं। भारत में रिहाना के कारोबार के विस्तार पर भी विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में कंपनी ने एक बड़ा निवेश भी जुटाया है।

आरोप लगा है कि कैलिफोर्निया के कानून के हिसाब से बाल मजदूरों के मामले में कुछ नियम-कानून तय हैं, जिसका ये कंपनी पालन नहीं करती। शिकायतकर्ता विनय जोशी द्वारा शेयर की गई IANS की खबर के सूत्रों का कहना है कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरों के सम्बन्ध में ज़रूरी ऑडिट भी नहीं कराया जाता, जिससे आशंका है कि यह कंपनी बाल मजदूर करवाती है। आरोप है कि झारखंड में जहाँ से कंपनी अभ्रक (Mica) की खुदाई करती है, वहाँ कई बच्चों को काम पर लगाया जाता है।

जहाँ एक तरफ किसानों की तथाकथित समस्या पर रिहाना ने ट्वीट किया, इस मामले में उनका अब तक कोई बयान नहीं आया है। NGO ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO)’ ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के समक्ष इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। संस्था के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने शिकायत मिलने की पुष्टि भी की है।

LRO ने दावा किया कि रिहाना की कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स कंपनी ‘फेंटी ब्यूटी’ झारखंड के कोडरमा और गिरिडीह से अभ्रक (Mica) लेती है और उसके पास ‘सप्लाई चेन क्लियरेंस सर्टिफिकेट’ भी नहीं है, जो बाल मजदूरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाता है। LRO ने इस सम्बन्ध में जाँच की माँग की है। रेस्पोंसिबल माइका इनिशिएटिव (RPI) ने कहा है कि रिहाना को अभ्रक देने वाली सप्लाई चेन उनसे रजिस्टर्ड भी नहीं है।

बता दें कि ग्रेटा थनबर्ग द्वारा गलती से लीक किए गए टूलकिट डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि उनके और गायिका रिहाना के ट्वीट पूर्व नियोजित थे और वास्तविक समर्थन से उनका सरोकार नहीं था। शीट में बक़ायदा पूरा प्लान नजर आता है। इसमें बताया गया था कि ट्वीट करते हुए किसे टैग करना है और किसे लक्षित करना है। डॉक्यूमेंट के स्क्रीनशॉट में ग्रेटा और रिहाना के नामों को अलग से देखा जा सकता है। 

यह मेरे सबसे पसंदीदा क्षणों में से एक: बेयर ग्रिल्स ने शेयर की PM मोदी के साथ ‘फेवरेट’ तस्वीर

दुनिया के सबसे मशहूर एडवेंचर विशेषज्ञ बेयर ग्रिल्स ने एक तस्वीर शेयर कर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए अपने पलों को याद किया है। उन्होंने ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ के उस एपिसोड की तस्वीर शेयर की, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के साथ उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट पार्क में एडवेंचर किया था। बेयर ग्रिल्स ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें पीएम मोदी और वे चाय की चुस्की लेने के लिए तैयार दिख रहे हैं।

उन्होंने फेसबुक पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि ये उनकी सबसे पसंदीदा क्षणों में से एक है। उन्होंने बताया कि ये डिस्कवरी जंगल एडवेंचर के बाद ली गई तस्वीर है, जिसमें दोनों नदी किनारे बैठे हुए हैं। भींग जाने के कारण दोनों का शरीर भी नम था। फिर दोनों ने गर्म-गर्म चाय पी। उन्होंने तस्वीर में पीछे दिख रही हाथ से बनाई गई नौके की तरफ भी लोगों का ध्यान दिलाया।

बेयर ग्रिल्स ने कहा कि उन्होंने नदी पार करने के लिए उसे तैयार किया था, लेकिन जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी उस पर चढ़े- वो लगभग पलटने लगी। उन्होंने उसे दोनों के साथ नदी पार करने के लिए तैयार किया था। बेयर ग्रिल्स ने बताया कि इसके बाद वो नौका पर चढ़ने की बजाए साथ में तैर कर उस पार गए। ग्रिल्स ने लिखा, “मैंने भारतीय एजेंसियों से वादा किया था कि प्रधानमंत्री का पाँव तक नहीं भींगेगा। लेकिन, ये उतने अच्छे से संभव नहीं हो सका।”

सर्वाइवल एक्सपर्ट ने आगे लिखा, “ये क्षण मुझे इस बात की हमेशा याद दिलाता है कि ये जंगल चीजों को समतल करने का सबसे बड़ा माध्यम है। पदों और मुखौटों के पीछे हम सब सामान हैं। यहाँ दो लोग साथ में चाय की चुस्की ले रहे हैं और खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि उनकी आत्मकथा ‘नेवर गिव अप’ जल्द ही आएगी, जिसमें इस तरह की कई कहानियाँ होंगी।

बेयर ग्रिल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए अपने क्षणों को याद किया

आपको याद होगा कि अगस्त 2019 में आया ये एपिसोड केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग टीवी शो बन गया था। ये शो अगस्त 12, 2019 को डिस्कवरी चैनल पर प्रसारित हुआ था और फिर दूरदर्शन द्वारा भी प्रसारित किया गया था। इसके बारे में कुछ ही दिनों ने 360 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन चर्चा की थी, जो किसी भी शो के लिए सर्वाधिक था। बेयर ग्रिल ने भारत में पीएम मोदी के अलावा सिर्फ सुपरस्टार रजनीकांत के साथ ही शूट किया है।

26 जनवरी की हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट, चक्का जाम से निपटने को 50 हजार जवान तैनात

दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे कथित ‘किसानों’ ने आज (6 फरवरी 2021) ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया है। यह चक्का जाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर पूरे देश में दोपहर 12 से 3 बजे के बीच करने का ऐलान है। किसान संगठन के नेताओं ने कहा था कि चक्का जाम ‘शांतिपूर्ण’ होगा, लेकिन 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली की आड़ में हुए उपद्रव के बाद को देखते हुए पुलिस और सुरक्षाबल पूरी तरह मुस्तैद हैं। 

कृषि संगठनों द्वारा आज आयोजित किए गए चक्का जाम के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। क़ानून-व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त रखने के लिए दिल्ली-एनसीआर के तमाम इलाकों में पुलिसकर्मियों के अलावा अर्धसैनिक बल (Paramilitary Forces) भी तैनात किए गए हैं। 

राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 50000 दिल्ली पुलिस के कर्मचारी और अर्धसैनिक बल मुस्तैद हैं। दिल्ली के लगभग 12 मेट्रो स्टेशन एलर्ट पर रखे गए हैं। 26 जनवरी को ‘किसान आंदोलन’ की आड़ में हुई हिंसा और उपद्रव को मद्देनज़र रखते हुए इस बार पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई ट्रैक्टर रैली में लगभग 300 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। 

बीते दिन चक्का जाम से जुड़ी एक और अहम ख़बर सामने आई थी, जिसके मुताबिक़ केवल दो राज्यों में चक्का जाम नहीं होगा। ये 2 राज्य- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था, “उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं है, बाकी दिल्ली के बाहर पूरे देश में रोड ब्लॉक की जाएँगी। इसका कारण है कि दिल्ली में उन लोगों को कभी भी जरूरत पड़ने पर बुलाया जा सकता है।”

6 फरवरी को किसानों द्वारा किए जाने वाले चक्का जाम को कॉन्ग्रेस ने अपना समर्थन दे रखा है। वहीं हरियाणा में राज्य सरकार ने स्थिति को देखते हुए हर तरह के इंटरनेट को बंद कर रखा है। सरकार ने वॉयस कॉल को छोड़कर इंटरनेट सेवाओं (2जी/3जी/4जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), एसएमएस सेवाओं (केवल ब्लक एसएमएस) और मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली सभी डोंगल सेवाओं को बंद करने की अवधि 6 फरवरी, 2021 शाम 5 बजे तक के लिए बढ़ा दी है।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने समर्थकों से अपील करते हुए कहा था कि जो लोग प्रदर्शन स्थल पर नहीं आ सकते हैं, वह जहाँ कहीं भी हैं वहाँ रह कर ‘शांतिपूर्ण तरीके’ से चक्का जाम करें

‘हिन्दू की हत्या पर संभोग जैसा सुख’: प्रोपेगेंडाबाज गायिका ने अपने नाम से वायरल हो रहे ट्वीट को नकारा

दिल्ली व उसके आसपास के इलाकों में चल रहे ‘किसान आंदोलन’ के समर्थन में लगातार प्रोपेगेंडा फैला रही गायिका कारालीसा मोंटेरियो के नाम से एक ट्वीट सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में लिखा है, “जब भी किसी हिन्दू की हत्या होती है, मुझे संभोग जैसा सुख प्राप्त होता है। मोदी भले कॉन्ग्रेस मुक्त भारत का सपना देखते हों, लेकिन हम जल्द ही हिन्दू मुक्त भारत बनाएँगे। आमीन।”

वायरल स्क्रीनशॉट के मुताबिक कारालीसा ने यह ट्वीट 1 जनवरी 2021 को किया था। हालॉंकि हमने जब उसके ट्विटर हैंडल पर सर्च किया तो इस तारीख को ऐसा कोई ट्वीट मौजूद नहीं था। आज (6 फरवरी 2021) उसने खुद ट्वीट कर इसे फेक बताया है और इसको लेकर शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।





वायरल हो रहे ट्वीट का स्क्रीनशॉट

वैसे कारालीसा खुद फेक न्यूज फैलाने में माहिर है। इतना ही नहीं अपने दावों की पोल खुलने के बावजूद वह ट्वीट डिलीट तक नहीं करती।

उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अगस्त 2020 में तब फेक न्यूज़ शेयर की थी, जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी। उसने पीएम मोदी की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो लॉन में बैठ कर अख़बार पढ़ रहे हैं और आसपास कुछ बत्तख घूम रहे हैं। उसने दावा किया था कि जब देश महामारी के संकट से जूझ रहा है, तब पीएम मोदी आराम फरमा रहे हैं।

असल में वह तस्वीर 2013 की थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। इसी तरह कारालीसा ने ऑपइंडिया को लेकर भी झूठे दावे किए थे। हाल ही में उसने ऑपइंडिया का एक फेक स्क्रीनशॉट शेयर किया था, जिसमें बताया गया था कि ग्रेटा थनबर्ग का असली नाम गजला भट्ट है, और वो एक कश्मीरी कारोबारी की बेटी है। वो स्क्रीनशॉट फर्जी थी और ऑपइंडिया ने कभी ऐसा कुछ लिखा ही नहीं।

कारालीसा ने एक और फेक न्यूज़ शेयर की थी कि जिसमें राफेल को लेकर चल रहे विवाद को लेकर दावा किया गया था कि हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के दावे को सार्वजनिक रूप से नकार दिया है। इसमें दावा किया गया था कि निर्मला ने HAL को राफेल एयरक्राफ्ट के निर्माण के लिए अयोग्य बताया था, जिसके जवाब HAL ने उन एयरक्राफ्ट्स की सूची बना कर दिए जो उसने बनाए थे। बाद में HAL ने इस खबर को फेक बताया था। दिलचस्प यह है कि 2018 का यह दावा फेक साबित होने के बावजूद आज तक उसके ट्विटर हैंडल पर मौजूद है।

अपने नाम से वायरल हो रहे ट्वीट को फेक करार देते हुए कारालीसा ने कहा है कि वह कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करती। उसने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। साथ ही उद्धव कैबिनेट में कॉन्ग्रेस के मंत्री असलम शेख को टैग भी किया।

इस बात की भी गुंजाइश है कि ट्वीट कर उसने डीलीट कर दिया हो। लेकिन हमने Cache और अन्य तरीके से इसकी सत्यापन करने की कोशिश की और हम इस नतीजे पर पहुॅंचे की ये ट्वीट कभी किया ही नहीं गया था।

बता दें कि ‘किसान आंदोलन’ के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रोपेगेंडा का बाजार गर्म है और रिहाना से लेकर ग्रेटा तक ने इसके लिए ट्वीट्स किए। खबर आई थी कि स्काईरॉकेट (Skyrocket), जो एक पीआर फर्म है और जिसका डायरेक्टर एक खालिस्तानी एमओ धालीवाल है, ने आंदोलन के पक्ष में ट्वीट करने के लिए पॉप स्टार रिहाना को 2.5 मिलियन डॉलर का भुगतान किया। भारतीय करेंसी में यह 18 करोड़ रुपए से अधिक है।

असम में CM ने 29701 शिक्षकों को दिया नियुक्ति पत्र, 5 साल में 71000 की बहाली

असम में अब तक का सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती अभियान चलाया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. हिमांत बिस्वा सरमा ने इस व्यापक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई। इस प्रक्रिया के तहत लगभग तीस हज़ार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। 

गुवाहाटी के सोरूसजाई स्टेडियम में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सोनोवाल ने 29,701 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। मुख्यमंत्री सोनोवाल ने ट्वीट करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया की जानकारी भी दी। 

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “हम अपने वादे पूरे करते हैं। 4260 विद्यालयों का सरकारीकरण और 29,701 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह सरकार का अब तक का सबसे बड़ा शिक्षक भर्ती अभियान है। यह जनता के प्रति हमारा समर्पण दर्शाता है। मेरा मानना है कि ये भर्तियाँ इस सार्थक पेशे के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएँगी।” 

इसके बाद असम के शिक्षा मंत्री ने भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर ट्वीट किया। 

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “अब तक की सबसे बड़ी भर्ती! यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमने 29,701 शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों (non teaching staff) की नियुक्ति की है। प्रदेश में पहली बार इतने व्यापक स्तर का अभियान चलाया गया है। चयनित किए गए सभी कर्मचारियों को शुभकामनाएँ।”

मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत शिक्षा विभाग में रिक्त लगभग सभी पदों पर नियुक्ति पूरी कर दी गई है। पिछले 5 सालों में प्रदेश सरकार ने 71,000 शिक्षकों की नियुक्ति की है।  

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 16,484 शिक्षक जो शिक्षण संस्थानों में पहले से कार्यरत थे, उनको नियमित कर नियुक्ति पत्र दिया गया है। इसके अलावा 13, 217 नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। इसमें प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक शामिल हैं।    

शबीना, नजमा, नीलोफर, महमूदा, फातिमा… मुंबई की महिला ड्रग्स माफिया जो झुग्गियों से चलाती हैं साम्राज्य

जहाँ एक तरफ मुंबई पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ ड्रग्स के सौदेबाजों की पकड़ में लगी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ इस आपराधिक दुनिया में कुछ महिलाएँ भी सक्रिय हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है। हाल के दिनों में मुंबई पुलिस ने कई महिला ड्रग्स पेडलर्स को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इसमें महिलाओं के अच्छी-खासी संख्या में शामिल होने की आशंका जताई गई है। अब पुलिस की नजर भी उन पर है। सुशांत सिंह राजपूत मामले में NCB की कार्रवाई के बाद भी कई नाम सामने आए। जानिए कौन हैं मुंबई की प्रमुख महिला ड्रग्स माफिया कारोबारी।

‘Mid Day’ ने 5 ऐसी महिला ड्रग्स पेडलर्स के बारे में बताया है, जिन्हें हाल के दिनों में गिरफ्तार किया गया है। महिला ड्रग्स माफिया मुंबई की झुग्गियों से इस आपराधिक इंडस्ट्री को चलाती रही हैं, जो रेंट पर अथवा खुद के होते हैं।

शबीना खान के शौहर सरफराज पर जब मुंबई पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसकी बीवी ने कारोबार का जिम्मा सँभाल लिया। शबीना ने इसके बाद 20-25 ड्रग्स पडलेर्स के साथ अपने शौहर के इस आपराधिक कारोबार को आगे बढ़ाना शुरू किया। ANC (एंटी नारकोटिक्स सेल) की वर्ली यूनिट ने उसे कुर्ला से गिरफ्तार किया, जहाँ वो रह रही थी। उसके पास किसी और के नाम से रजिस्टर्ड कार भी मिली।

ड्रग्स का पूरा कारोबार कैश से ही चलता आ रहा है और इसमें शायद ही ऑनलाइन लेन-देन होते हों। कैश के बदले ड्रग्स माफिया संपत्ति खरीदते रहते हैं, लेकिन वे अपने नाम से ऐसा नहीं करते। वे अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति रजिस्टर कराते हैं। वे झुग्याँ खरीदते हैं, जिनके स्वामित्व के दस्तावेज भी पुष्ट और स्पष्ट नहीं होते। वहाँ उन्हें अपनी अवैध आय को छिपाने में आसानी होती है।

ANC की घाटकोपर यूनिट ने ऐसी ही एक ड्रग्स माफिया नजमा अहमद शेख को गिरफ्तार किया। जहाँ शबीना 50 लाख रुपए के ड्रग्स के साथ गिरफ्तार की गई थी, नजमा के पास से 73 लाख रुपए के ड्रग्स बरामद हुए। माहिम में रहने वाली नजमा का शौहर अहमद शेख हत्या के आरोप में जेल में बंद है। वो भी ड्रग्स का कारोबार कुर्ला से ही चलाती थी। वर्ली से अँधेरी तक 35-40 ड्रग्स पेडलर्स उसके अंदर काम करते थे।

उसके पास एक कार भी थी, जिसके उपयोग ड्रग्स की डिलीवरी के लिए किया जाता था। इसी तरह बांद्रा की झुग्गियों से नीलोफर शेख को गिरफ्तार किया गया। वो शबीना के साथ मिल कर काम करती थी। उसका शौहर 20 साल पहले मर चुका है, जिसके बाद उसने ड्रग्स की दुनिया में कदम रखा था। उसके पास से MD और हीरोइन नाम की 306 ग्राम ड्रग्स मिले, जिनकी कीमत 6 लाख रुपए आँकी गई थी।

पुलिस का कहना है कि ये महिला पुलिसकर्मियों के हमेशा उपलब्ध न होने के कारण उनकी तलाशी एक मुश्किल काम होती है। ‘चेम्बूर की खाला’ कही जाने वाली फातिमा शेख को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पति पर मुंबई के कई थानों में मामले दर्ज हैं। उसके पास से 25 ग्राम हेम्प नामक ड्रग्स मिला। हालाँकि, कोरोना होने के कारण मेडिकल ग्राउंड पर वो जमानत पाने में कामयाब रही।

वो खुद ठीक से चल नहीं सकती, उसके अंदर कितने ही ड्रग्स पेडलर्स काम करते हैं। भिवंडी में उसके गैंग ने काई झुग्गी-झोंपड़ियों को अपना अड्डा बनाया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट नंबर 4 ने इसी तरह महमूदा कदर शेख वाकड़ी को कुछ महीनों पहले पी डिमेलो रोड से 20 लाख रुपए की हेरोइन के साथ दबोचा था। महमूदा अपने शौहर कादर के साथ मिल कर ये कारोबार चलाती थी। बांद्रा स्टेशन की झुग्गी में रहने वाली महमूदा का शौहर पहले से ही जेल में था।

इसी तरह एक ड्रग्स पेडलर का नाम है शशिकला, जिसे बेबी पाटणकर नाम से भी जाना जाता है। 2015 में जब एक मामले में 114 किलो सफ़ेद ड्रग अजीनोमोटो बरामद हुआ था, तब पुलिस को उसके बारे में पता चला था। सतारा पुलिस के अधिकारियों पर इसके लिए गाज भी गिरी थी। पुलिस ने बताया कि रात का फायदा उठा कर ये महिला ड्रग्स माफिया अक्सर पुलिस को चकमा दे दे देती हैं। ANC का कहना है कि एक ड्रग्स माफिया की गिरफ़्तारी के बाद उसके किसी परिजन द्वारा कारोबार सँभालने की कई घटनाएँ सामने आई हैं।

बजाज को लगता है कोरोना हो जाए, पर स्वदेशी वैक्सीन नहीं लेनी हैः NDTV पर कॉन्ग्रेस के करीबी उद्योगपति का प्रलाप

आपको याद होगा कि ‘बजाज ऑटो’ के प्रबंध निदेशक (MD) राजीव बजाज ने कोरोना वायरस संक्रमण आपदा के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को गलत ठहराया था। अब उन्होंने फिर से NDTV के पत्रकार श्रीनिवासन जैन से बात करते हुए अपने भारत-विरोधी रुख को प्रदर्शित किया है। उन्होंने यहाँ कोरोना लॉकडाउन और वैक्सीन पर नकारात्मकता फैलाई।

NDTV ने अपने शो में उन्हें बतौर गेस्ट स्पीकर बुलाया था, जहाँ उनसे भारत में बनी कोरोना की दोनों वैक्सीन, हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट 2021 और Q3FY21 में उनकी कम्पनी ‘बजाज ऑटो’ को हुए रिकॉर्ड आर्थिक लाभ के सम्बन्ध में कई सवाल पूछे गए। इस दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के करीबी बताए जाने वाले राजीव बजाज ने मोदी सरकार को भी लपेटे में लिया।

भारत विरोधी और पीएम मोदी की आलोचना करने वाले गिरोह के सदस्य के रूप में पहचाने जाने वाले राजीव बजाज ने दावा किया कि भारत की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा अनपढ़, जाहिल और अनुशासनहीन है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो लॉकडाउन पर दिए अपने बयान पर कायम हैं, तो उन्होंने कहा कि भारत सरकार कोरोना महामारी से निपटने में और इसके बाद आई आर्थिक गिरावट को ठीक करने में विफल रही है।

एक तरफ जहाँ ‘बजाज ऑटो’ रिकॉर्ड प्रॉफिट कमा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके MD ने भारत की अर्थव्यवस्था के खस्ताहालत में होने की बात कही। उन्होंने भारत को एक ‘युवा और स्वस्थ’ देश बताते हुए कहा कि लॉकडाउन की कोई आवश्यकता ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को एक सोची-समझी और परिस्थितियों के हिसाब से तैयार की गई रणनीति अपनानी चाहिए थी। राजीव बजाज लॉकडाउन को खतरनाक भी बता चुके हैं।

उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण का ग्राफ नहीं गिरा बल्कि अर्थव्यवस्था का ग्राफ फ्लैट हो गया। उन्होंने दोनों स्वदेशी वैक्सीन के बारे में कहा कि उनसे जुड़े रिस्क ज्यादा हैं और फायदे कम। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के समर्थन और विरोध की बजाए बीच में खड़े होकर इसकी समीक्षा करनी चाहिए कि क्या इसके नुकसान, इसके फायदों को दबा देते हैं? उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में बनाए गए ये वैक्सीन सुरक्षित नहीं हैं।

इस पर पत्रकार श्रीनिवासन जैन ने भी कहा कि जहाँ वैक्सीन 99% सुरक्षित है, 1-2% मामलों में इससे जुड़ा बड़ा खतरा भी हो सकता है। बजट पर टिप्पणी करते हुए बजाज ने कहा कि अपने 30 वर्ष के करियर में उन्होंने कभी बजट को सुना तक नहीं है।

यहाँ ये आश्चर्य की बात है कि जब वो बजट के बारे में कुछ जानते ही नहीं हैं, फिर इस मामले पर उन्हें ‘एक्सपर्ट’ बनाकर NDTV अपने शो में क्यों लेकर आया? अपनी कम्पनी को हो रहे बड़े लाभ पर उन्होंने कहा कि इसका देश की अर्थव्यवस्था के अच्छे या बुरे होने से कोई लेना-देना नहीं है। मोदी विरोधी रुख को देखते हुए उनके ये बयान आश्चर्यचकित करने वाले नहीं हैं, लेकिन अब उन्होंने भारत का नाम दुनिया में बदनाम करने का प्रयास शुरू कर दिया है।

दिसंबर 2019 में राजीव बजाज ने एक वाकया सुनाया था कि कैसे भाजपा सरकार ने उनकी मदद की थी। बजाज की कार प्रोजेक्ट Qute 8 सालों से केंद्र सरकार अनुमोदन के लिए पड़ी हुई थी। राजीव ने बताया था कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 8 सालों से लंबित बजाज के ऑटो व्हीकल Qute को अप्रूवल दिया। राजीव ने इसके लिए नीति आयोग को भी धन्यवाद दिया था। उनके पिता राहुल बजाज भी मोदी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।