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‘आज कर्ज के कारण जहाज रोका, कल PM को ही रोक लेंगे!’: पाक संसद में इमरान खान की किरकिरी, देखें वीडियो

कर्ज में डूबे पाकिस्तान की दुनिया के सामने तब किरकिरी हो गई जब मलेशिया ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान भुगतान ना होने की वजह से जब्त कर लिया। इस हरकत के बाद, दुनिया भर में पाकिस्तान का तो मजाक बन ही रहा है, साथ ही देश के राजनेता भी संसद में पाक के पीएम इमरान खान पर तंज कसने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

वहाँ की संसद में भी विपक्षी दल के सांसद ने पाक सरकार और प्रधानमंत्री इमरान खान को आड़े हाथ लिया। पाकिस्तान संसद में तमाम सांसदों की मौजूदगी में सांसद गफूर हैदरी ने इमरान खान पर जोरदार हमला बोला। पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। 

इसमें पाकिस्तानी राजनेता कहते हैं, “आज मलेशिया ने हमारा जहाज कर्ज की वजह से रोक लिया, कल अगर किसी एयरपोर्ट पर कर्जों के बदले प्राइम मिनिस्टर को रोक लिया गया तो क्या होगा! और वो रोकेंगे, जब आप कर्ज वापस नहीं करेंगे तो वो रोकेंगे। ये कितनी रुसवाई और शर्मिंदगी की बात है। कर्जे लेते हो तो वापस नहीं देते हो। मलेशिया, जो हमारा दोस्त मुल्क है, इस्लामी मुल्क है, वो अगर मजबूर होकर हमारा जहाज रोकता है तो मुझे यकीन है कि कल को वो आपके प्राइम मिनिस्टर को भी रोक लेंगे। कैसी बेहुदा हुक़ूमत है ये। इन्हें (इमरान खान) घर भेज दें, ये हुक़ूमत करने के लायक नहीं हैं। जरा भी संजीदगी होती तो कर्ज चुका देते। इस पर पूरे कौम को सोचने की जरूरत है। हुकूमत इस तरह नहीं चलती।”

गौरतलब है कि कंगाल पाकिस्तान को उसके ही दोस्त मलेशिया ने बड़ा झटका दे दिया है। मलेशिया ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाते हुए PIA (पाकिस्‍तान इंटरनेशनल एयरलाइन्‍स) के एक बोईंग 777 यात्री विमान को जब्त कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान लीज पर लिया गया था और कर्ज की राशि न चुका पाने के कारण विमान को जब्त कर लिया गया।

भारत के खिलाफ हमेशा से नापाक इरादे रखने वाले पाकिस्तान के लिए ये बेहद ही शर्मिंदगी वाली बात है कि मलेशिया के क्‍वालालंपुर एयरपोर्ट पर विमान में बैठे यात्री और चालक दल दोनों को बेइज्‍जत करके उतार द‍िया गया। यह विमान कराची से मलेशिया पहुँचा था।

पाकिस्‍तान इंटरनैशनल एयरलाइन्‍स (PIA) ने ट्वीट कर पाकिस्तान की जनता को दूसरे देश में इस कदर हुई बेज्जती के बारे में जानकारी दी थी। PIA ने लिखा था, “पीआईए के एक विमान को मलेशिया में एक स्थानीय अदालत के आदेश पर जब्त कर लिया गया है, जोकि एक पक्षीय निर्णय PIA और ब्रिटेन की अदालत में लंबित एक अन्य पक्ष के बीच कानूनी विवाद से संबंधित है।”

राम मंदिर निधि के नाम पर कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय का पब्लिसिटी स्टंट, PM मोदी से पूछा- चंदा कहाँ दिया जाए

राजनीतिक हित के लिए एक बार फिर कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदुओं की भावनाओं को सहारा बनाया है। इस बार मौका है राम मंदिर निर्माण के लिए दिए जा रहे चंदे का। दरअसल सोमवार को कॉन्ग्रेस नेता ने 1,11, 111 रुपए का चेक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर साइन किया और सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें पता ही नहीं है कि इसे देना कहाँ है।

पीएम मोदी को लिखे पत्र में दिग्विजय सिंह ने कहा, “जैसा कि मैं नहीं जानता कि ये रुपए कहाँ दान दिए जाने हैं या किस बैंक अकॉउंट में तो ये मैं आपको श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए ये 1, 11, 111 रुपए का चेक इस आशा के साथ भेज रहा हूँ कि आप इसे सही जगह पहुँचाएँगे।”

यहाँ देखने वाली बात यह है कि कॉन्ग्रेस नेता के मुताबिक उन्हें यही नहीं मालूम कि श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए दान कहाँ दिया जाना है, जबकि इस विषय में आधिकारिक वेबसाइट से लेकर सोशल मीडिया हैंडल पर पेमंट डिटेल्स की जानकारी है।

दिग्विजय सिंह का पॉलिटिकल स्टंट

पॉलिटिकल स्टंट के लिए दिग्विजय सिंह ने इसमें लिखा कि उन्होंने कभी भी राम मंदिर का मुद्दा राजनीतिक हित के लिए नहीं उठाया। आगे कहा गया, “चूँकि धर्म निजी आस्था का विषय है जो मन, वचन और कर्म को पवित्र करके आत्मकल्याण के साथ लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है, इसलिए कोई व्यक्ति कितना धार्मिक है उसके द्वारा यह प्रदर्शित करना उसे अहंकार की ओर ले जा सकता है, जो आत्मकल्याण तथा लोककल्याण के मार्ग में बाधा हो सकता है। इसी कारण मैं अपने धर्म का पालन किस तरह करता हूँ। इसे बताना मैं हितकारी नहीं समझता। भगवान राम मेरी और मेरे पूर्वजों की आस्था का केंद्र हैं इसलिए राम के बिना तो मैं अस्तित्व की कल्पना भी नहीं कर सकता।”

अपनी भक्ति का प्रदर्शन करते दिग्विजय सिंह कहते हैं, “मैंने राम के नाम का प्रयोग का प्रयोग कभी राजनीति में नहीं किया और न कभी करूँगा। मैं राम को राष्ट्रवाद से जोड़कर नहीं देखता क्योंकि महात्मा गाँधी ने कहा था, ‘धर्म राष्ट्रीयता की परीक्षा नहीं है, बल्कि मनुष्य और उसके भगवान के बीच एक व्यक्तिगत मामला है।”

कॉन्ग्रेस नेता भगवान राम का भक्त बनकर भाजपा पर निशाना साधते हुए जताते हैं कि उनकी पार्टी को भी भगवान राम पर अटूट विश्वास है लेकिन वह इसे राजनीति में नहीं ले गए आए। हालाँकि, यदि इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो पता चलता है राम मंदिर के नाम पर दिया गया दान चुप चाप भी दिया जा सकता था, मगर दिग्विजय सिंह ने इस दान को पब्लिसिटी स्टंट की तरह उपयोग किया और इसे चर्चा का मुद्दा बना दिया। अगर ऐसा नहीं है तो सोचिए कि पीएम को लिखे पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करने का क्या मतलब?

ध्यान रहे कि दिग्विजय सिंह उसी ‘सेकुलर’ कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं जिसने 2007 में सत्ता में रहते हुए ये कह दिया था कि भगवान राम के होने के ऐतिहासिक सबूत नहीं मिलते। सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में कॉन्ग्रेस द्वारा कहा गया था कि पौराणिक भारतीय साहित्य में वाल्मिकी रामायण और रामचरितमानस महत्तवपूर्ण माने गए हैं लेकिन इससे इसके पात्रों घटनाओं व उनके अस्तित्व को लेकर प्रमाण नहीं मिलते।

आज राम मंदिर और भगवान राम के प्रति दिखावटी श्रद्धा केवल दिग्विजय सिंह जैसे कॉन्ग्रेसियों का पाखंड हैं। लंबे समय तक भगवान के अस्तित्व को खारिज करने वाले आज शायद भूल गए हैं कि इतिहास में उन्होंने इसी मुद्दे पर कितना जहर उगला है और देश की बहुसंख्यक आबादी की भावनाओं को कितना आहत किया है।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

पाकिस्तान की मशहूर टिकटॉक एक्ट्रेस हरीम शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में वह एक मजहबी उलेमा मुफ्ती अब्दुल कवी को झापड़ मारती नजर आ रही हैं। 

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई इस वीडियो के साथ एक्ट्रेस ने लिखा, “मुफ्ती को थप्पड़ क्यों मारा इस का जवाब मिल जाएगा सबको।” इस वीडियो के वायरल होते ही हरीम ने एक प्राइवेट टीवी को इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने बताया कि मुफ्ती कवी उनके साथ कल (पहले से) ही बदसलूकी कर रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे।

हरीम कहती हैं कि उन्हें मुफ्ती अब्दुल कवी को झापड़ मारने का कोई पछतावा नहीं है और जनता ही निर्णय लेगी कि वो ये डिजर्व करता है या नहीं। टिकटॉक स्टार कहती हैं, “साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।”

वहीं मुफ्ती कवी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि चाय पीते हुए उनके साथ यह घटना घटी और दो लड़कियाँ एक दो मिनट के लिए आईं और उन्हें मार कर चली गईं।

इसके बाद बोल न्यूज नाम के यूट्यूब चैनल पर मुफ्ती इस पूरे मामले पर सफाई देते नजर आए। उन्होंने एंकर से कहा, “आज के बाद मुफ्ती अब्दुल किसी मोहतरमा के साथ सेल्फी नहीं लेगा, तस्वीर नहीं लेगा। डॉ फिजा साहिबा के अलावा मुफ्ती अब्दुल कभी किसी मोहतरमा के साथ गुफ्तगू नहीं करेगा। इंटरव्यू नहीं देगा।”

शो मेंं एंकर ने कई अन्य महिलाओं के नाम लेकर बताया कि ये पहली दफा नहीं है कि वह किसी महिला के कारण चर्चा में आए हों और अब एक बार फिर वो हरीम शाह की वीडियो में दिख रहे हैं। एंकर के साफ से सवाल का जवाब देने के बदले मुफ्ती बातों को घुमाकर दोहराते रहे कि आज वो इस चैनल के माध्यम से सभी वर्ग के लोगों खुशखबरी देना चाहते हैं कि वो आज के बाद न फोटो ख़िचाएँगे और न ही ऐसे विवादों में शामिल होंगे।

बता दें कि हरीम शाह पाकिस्तान की मशहूर टिकटॉक स्टार है। उनके पास करीब 5 मिलियन फॉलोवर हैं। हाल में उन्होंने पाकिस्तान फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा है और उर्दूफ्लिक्स के जरिए अपने एक्टिंग की शुरुआत की है। उनका आरोप है कि मुफ्ती ने उनसे अश्लील बातें की। उनकी वीडियो वायरल होने के बाद हरीम शाह पाक में ट्रेंड पर है।

फेक TRP केस: अर्णब के खिलाफ दायर आरोप पत्र में हैं India Today के खिलाफ सबूत, खामोश है मुम्बई पुलिस

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी और एक्स BARC CEO पार्थो दासगुप्ता (Partho Dasgupta) के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट के बाद फेक TRP केस ने नया मोड़ ले लिया है। दिलचस्प यह है कि मुंबई पुलिस ने इस फर्जी केस को सही साबित करने के लिए सैकड़ों पन्नों की जिस चैट को ‘लीक’ किया है, उसमें मुद्दे से जुड़ा हुआ कुछ भी देखने को नहीं मिलता। न ही इसमें पैसों के लेन-देन की चर्चा है और न ही रेटिंग से छेड़छाड़ करने का कोई जिक्र है। यानी, चार्जशीट में कुल मिलाकर अर्णब की सिर्फ़ बातबीच को आधार बनाया गया है।

आपको शायद हैरानी हो सकती है कि पुलिस के इस कदम के पीछे क्या उद्देश्य रहे होंगे? आखिर कैसे पुलिस सोच सकती है कि दो लोगों की चैट टीआरपी मामले में लगे आरोपों को अधिक पुख्ता करती है। तो बता दें, तमाम नजरिए से देखने के बाद यही मालूम होता है कि ये सब केवल अर्णब गोस्वामी की छवि धूमिल करने के लिहाज से किया गया एक प्रयास जैसा है।

मामले में चार्जशीट दायर होने के बाद से लिबरलों की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह बालाकोट जैसे मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता जाहिर कर रहे हैं कि आखिर अर्णब को इस विषय पर कैसे मालूम था? जबकि सच्चाई यह है कि जिस समय अर्णब इस बात को कह रहे थे कि ‘कुछ बड़ा होने वाला है’, उसी दौरान अन्य चैनल व वरिष्ठ पत्रकार भी उसी भाषा को दोहरा रहे थे।

इसके अतिरिक्त, एक अन्य पहलू भी इस चार्जशीट का है जिस पर अभी तक चर्चा नहीं की गई। मुंबई पुलिस ने इस आरोप पत्र में एक कंसल्टिंग फर्म ‘एक्वाइजरी’ द्वारा तैयार फॉरेंसिक रिपोर्ट को भी जोड़ा है। अब हम पहले ही बता चुके हैं कि इस फॉरेंसिक रिपोर्ट में BARC अधिकारियों और BARC के शोधकर्ताओं के बीच वो बातचीत संदिग्ध थी, जिसमें उन्हें ‘Sony Live’ (सोनी लाइव) को ‘अल्फा रिपोर्ट’ में जोड़ा जाना था क्योंकि वे IPL का प्रसारण कर रहे थे। वास्तव में, मुंबई पुलिस को इस पर खुद ही जाँच आगे बढ़ानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

फॉरेंसिक रिपोर्ट का कवर पेज

टीआरपी मामले में रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ चार्जशीट, इंडिया टुडे के खिलाफ सबूत

रिपोर्ट दर्शाती है कि ये बातचीत समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ के अधिकारियों और BARC के अधिकारियों में हुई थी और वो भी रिपब्लिक टीवी के लॉन्च होने से बहुत पहले। रिपोर्ट में संक्षेप में इस बात को कहा गया है कि रोमिल और पार्थो के बीच हुई चैट से मालूम होता है कि वह पहले से चैनल रेटिंग को फिक्स कर रहे थे।

TRP case: Chargesheet against Arnab Goswami has evidence against India Today
BARC फॉरेंसिक रिपोर्ट के अंश

ध्यान देने वाली बात है कि इस चैट में एक बातचीत का हिस्सा अप्रैल 12, 2016 का है। तब न रिपब्लिक टीवी लॉन्च हुआ था और न ही रिपब्लिक भारत अस्तित्व में आया था। इसमें रोमिल ने पार्थो से कहा था कि विवेक मल्होत्रा के लिए नंबर 2 तैयार करो। इसके बाद अप्रैल 26, 2016 की चैट में एबीपी को नंबर 3 में रखने की बात है।

आगे, सबसे पुख्ता सबूत यह है कि मई 10, 2018 को विवेक और रोमिल के बीच बात हुई। इसमें यह डिस्कस हुआ कि आजतक को नंबर 1 रखना होगा क्योंकि वह नंबर दो पर था, जैसा कि 2016 की बात में रोमिल ने निर्धारित किया था। फॉरेंसिक रिपोर्ट कहती है कि ये बातचीच रेटिंग जारी होने के ठीक बाद हुई थी।

विवेक मल्होत्रा के बारे में स्पष्ट करें कि वो उस समय इंडिया टुडे ग्रुप के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे और Linked IN में लिखे बायो के अनुसार वो अब भी इसी पद पर संस्थान से जुड़े हुए हैं।

विवेक मल्होत्रा की प्रोफाइल

अब ऐसे में आजतक को नंबर 1 और एबीपी को नंबर 3 रखने वाली चैट पर गौर देना अनिवार्य है। इनसे सवाल उठता है कि आखिर आजतक नंबर 1 था या फिर होना चाहता था। देख सकते हैं कि पहले बात होती है विवेक मल्होत्रा को नंबर 2 पर रखने की और बाद में कहा जाता है कि आजतक को नंबर 1 बनाने का वादा किया गया है।

TRP case: Chargesheet against Arnab Goswami has evidence against India Today
BARC फॉरेंसिक रिपोर्ट के अंश

पूरी बातचीत इतनी अधिक अस्पष्ट है कि पता चलता है कि विवेक अपने चैनल को नंबर 1 पर लाना चाहते थे, जबकि BARC अधिकारियों ने उन्हें नंबर 2 पर रखा हुआ था।

दूसरी चैट इंडिया न्यूज और एबीपी को लेकर है।

TRP case: Chargesheet against Arnab Goswami has evidence against India Today
BARC फॉरेंसिक रिपोर्ट के अंश

इस चैट से, यह पता लगता है कि पार्थो पूछ रहे हैं कि क्या वे नंबर 3 पर एबीपी को नहीं रख सकते? इससे उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। जिस पर रोमिल कह रहा है कि शहरी क्षेत्र में एबीपी पहले से ही नंबर 3 पर है।

बता दें कि इंडिया न्यूज लंबे समय से 3 नंबर है। इस संबंध में कई न्यूज आर्टिकल भी हैं। जुलाई, 2016 में Exchange4Media ने भी इस पर रिपोर्ट की थी और बताया था कि कैसे DAS III के वापसी के बाद निर्धारित सूची में चैनल को फायदा पहुँचा है।

उसी दौरान इंडिया न्यूज के सीईओ वरुण कोहली ने भी इस कामयाबी के लिए अपनी पूरी टीम को सराहा था कि उन्होंने कम समय में चैनल को इतना आगे पहुँचाया। कोहली ने DAS III रोल ऑउट होने पर कहा था कि इससे उन्हें बाजार में काफी हिस्सेदारी मिली है क्योंकि उनके पास अन्य चैनलों की तुलना में एक विशाल ग्रामीण दर्शकों की संख्या है और इससे उन्हें अपने रैंक में वृद्धि करने में मदद मिली व नवीनतम BARC डेटा इस तथ्य का प्रमाण है।

इसके बाद, साल 2018 में ‘भड़ास मीडिया’ का कहना था कि इंडिया न्यूज अपना चैनल देखने के लिए लोगों को 500 रुपए देता है। हालाँकि, ऑपइंडिया इस बात की पुष्टि नहीं करता। लेकिन सामने आई बातचीत से पता चलता है कि इंडिया टुडे समूह इस पूरे टीआरपी स्कैम का हिस्सा है। हंसा रिसर्च की रिपोर्ट में भी इंडिया टुडे का नाम था। उसमें भी कहीं से कहीं तक रिपब्लिक टीवी का उल्लेख नहीं था। इसी प्रकार जो एफआईआर हुई उसमें भी रिपब्लिक मीडिया समूह का नाम नहीं था।

चैट बताती हैं कि टीआरपी के साथ छेड़छाड़ का खेल पहले से खेला जा रहा था। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी कहती है कि समाचार चैनल ‘आज तक’ को नंबर 1 पर रखने का वादा हुआ था। इससे पूर्व, ऑपइंडिया आपको बता चुका है कि कैसे इंडिया टुडे पर BARC ने 5,00,000 की पेनेल्टी लगाई हुई थी और सवाल पूछा था कि उनकी व्यूअरशिप कैसे बढ़ रही है।

हमारे सूत्रों ने हमें जानकारी दी थी कि इंडिया टुडे को 5 लाख रुपए का फाइन भरने को कहा गया था, क्योंकि उन्होंने अपनी व्यूअरशिप बढ़ने के पीछे जो स्पष्टीकरण BARC Disciplinary Council (BDC) को सौंपा, वह उन्हें संतोषजनक नहीं लगा।

व्यूअरशिप में नजर आ रही गड़बड़ी के संबंध में ‘टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड’ और BARC को अप्रैल 27, 2020 को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया था। इसके बाद टीवी टुडे द्वारा दिया गया जवाब BARC डिसिप्लिनरी काउंसिल को संतोषजनक नहीं लगा। बीडीसी ने इंडिया टुडे की प्रतिक्रिया पर कहा, “चुनिंदा भौगोलिक क्षेत्रों (मुंबई और बेंगलुरु) में इंडिया टुडे चैनल की व्यूअरशिप में इतने उछाल के संबंध में दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं है।

TRP मामले में ECIR हुई रजिस्टर, इंडिया टुडे से जारी है पूछताछ

टीआरपी स्कैम में मुंबई पुलिस का रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ ‘विच हंट’ जारी है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर इंडिया टुडे के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) दिनेश भाटिया और डिस्ट्रीब्यूशन हेड केआर अरोड़ा को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।

इससे पहले, संयुक्त निदेशक के कार्यालय ने 8 जनवरी, 2021 को ग्रुप सीएफओ को तलब किया था। मामले से जुड़े सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि इंडिया टुडे के शीर्ष प्रबंधन के दोनों सदस्य से सोमवार (जनवरी 18, 2021) सुबह से ही एजेंसी गहन पूछताछ कर रही है। फर्जी टीआरपी मामले में दर्ज मूल एफआईआर में इंडिया टुडे के खिलाफ आरोप लगाया गया है कि नेटवर्क टीआरपी में हेरफेर के लिए लिए भुगतान कर रहा था।

ईडी ने फर्जी टीआरपी मामले में एन्फोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है जो कि पुलिस की एफ़आईआर के समानांतर होती है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जाँच कर रहा है और रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई थी कि एफ़आईआर में जितने चैनल्स के नाम शामिल हैं सभी की जाँच होगी। मूल एफ़आईआर में शामिल किए गए नामों के अलावा (जिसमें रिपब्लिक का नाम शामिल नहीं है) मुंबई पुलिस की पड़ताल भी जाँच के दायरे में आ सकती है। ईडी इस मामले से जुड़ने वाली दूसरी केन्द्रीय एजेंसी है, इसके पहले सीबीआई ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की थी। 

ममता बनर्जी ने BJP को बताया माओवादियों से भी खतरनाक, कहा- भगवा पार्टी की बैठकों को डिस्टर्ब करने भेजूँगी कुछ लोग

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (जनवरी 19, 2021) को कहा कि बीजेपी और सीपीएम की चुनावी रैलियों और सभाओं में हंगामा करने के लिए अपने लोगों को भेजेंगी। मुख्यमंत्री का ये बयान पुरुलिया की सभा में आया, जहाँ वे अपने चुनावी कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। 

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से नोटिस कर रही हूँ कि बीजेपी की ओर से भेजे गए कुछ लोग हमारी सभाओं में हंगामा करते हैं। अब मैं कुछ लोगों को बीजेपी और सीपीएम की मीटिंग में हंगामा करने के लिए भेजूँगी।” दरअसल ममता की रैली में कुछ लोग अपनी माँगों को लेकर हंगामा करने लगे थे, जिस पर ममता बनर्जी अपना आपा खो बैठीं और कहा कि ये बीजेपी के लोग हैं, जो हंगामा करते हैं।

ममता बनर्जी ने बीजेपी को माओवादियों से भी खतरनाक बताया। पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वो यहीं नहीं रूकीं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि बीजेपी ‘जहरीले साँपो’ से भी खतरनाक है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, “उनकी पार्टी से जो लोग बीजेपी में जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं, लेकिन हम अपना सिर बीजेपी के सामने नहीं झुकाएँगे। राजनीति पवित्र विचारधारा और दर्शन है, कोई व्यक्ति कपड़े तो रोज बदल सकता है, लेकिन विचारधारा नहीं।” गौरतलब है कि हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेता बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम शुभेंदु अधिकारी का है।

उनके विधानसभा नंदीग्राम से ममता बनर्जी ने इस बार चुनाव लड़ने की घोषणा की है। सुवेंदु अधिकारी ने भी ममता की चुनौती स्‍वीकार करते हुए कहा है कि वह उनको 50 हजार से अधिक वोटों से हराएँगे नहीं तो राजनीति से संन्‍यास ले लेंगे।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर बाहरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुरुलिया के लोगों ने इससे पहले भी बाहरी शक्तियों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बिरसा मुंडा का अपमान किया है।

ममता ने दावा किया, “एक दलित परिवार ने कहा कि हमने उन्हें (घर पर पहुँचने वाले भाजपा नेताओं) को अपनी जेब से खाना खिलाया है पर हम राशि का भुगतान कैसे कर सकते हैं? मैं अपने कार्यकर्ताओं से कहूँगी कि जब आप ऐसा कुछ देखते हैं, तो उन्हें भुगतान करें। अगर कोई आपको वोट देने के लिए पैसे देता है, तो पैसे ले लीजिए।”

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि चुनावों से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 लाख का वादा किया था, क्या आप में से किसी को भी मिला है? बंगाल में दंगाबाज बीजेपी को नहीं चलने देंगे। ममता ने एक्ट्रेस सायानी घोष को लेकर बीजेपी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एक्ट्रेस सायानी घोष को कैसे धमकाया।

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी अगर बंगाली फिल्म उद्योग से किसी को धमकाने या छूने की हिम्मत करती है तो हम देख लेंगे। सायानी घोष मेरी पोती की तरह हैं। आपको बता दें कि बंगाली फिल्म अभिनेत्री सायानी घोष के ख़िलाफ़ मेघालय के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय ने हिंदू धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है। 

आतंकी समूह SFJ ने दी गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में बिजली ग्रिड फेल करने की धमकी, राजधानी को अँधेरे में डुबोने की है साजिश

केंद्र सरकार द्वारा लागू तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान विरोध प्रदर्शनों के बीच खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें सिखों को गणतंत्र दिवस पर शांति भंग करने के लिए उकसाया गया है। 

इस वीडियो में आतंकवादी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू और एसएफजे के प्रमुख को पंजाब के किसानों को 25 और 26 जनवरी को दिल्ली में बिजली की आपूर्ति में कटौती करने के लिए उकसाते हुए देखा जा सकता है। पन्नू ने यह भी दावा किया कि सिंघू सीमा पर 125 किसानों ने अपनी जान गँवाई है।

दो कंपनियाँ- बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड दिल्ली क्षेत्र को बिजली प्रदान करती हैं। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की दोनों कंपनियों में प्रमुख हिस्सेदारी है और बाकी के स्टेक संबंधित राज्य सरकार के अधीन हैं। इसी तथ्य का हवाला देते हुए, पन्नू ने किसानों को इन दोनों कंपनियों के स्वामित्व वाले ग्रिड को नष्ट करने के लिए उकसाया। उन्होंने दावा किया कि बिजली में कटौती करके किसान केंद्र सरकार को जगाने में सक्षम होंगे जो कानूनों को निरस्त करने की उनकी माँग के लिए ‘बहरी’ हो गई है।

पन्नू ने दिल्ली के निवासियों को रिपब्लिक डे परेड में जाने के खिलाफ धमकी दी

नोट: ऑपइंडिया अलगाववादी एजेंडा के लिए मंच प्रदान नहीं करना चाहता है। इसीलिए हम उस वीडियो को शेयर नहीं कर रहे हैं जो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप पर वायरल हो रहा है।

अपने वीडियो में, पन्नू ने दिल्ली के निवासियों को धमकी दी और कहा कि अगर वे सुरक्षित रहना चाहते हैं तो गणतंत्र दिवस के दिन अपने घर पर रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजधानी पर हमले के लिए खालिस्तानियों को दोषी ठहराने के लिए आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर दिल्ली के लोग सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो उन्हें 26 जनवरी को घर में रहना चाहिए और गणतंत्र दिवस समारोह में भाग नहीं लेना चाहिए।

पन्नू ने दावा किया कि खालिस्तान एक उचित माँग है और उनका संगठन खालिस्तान नाम के एक अलग देश के लिए जनमत संग्रह के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि खालिस्तान शांति में विश्वास करता है और उनके पास भारत या भारतीयों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। हालाँकि, अंत में, उन्होंने नारा दिया, “केसरी खंडा खालिस्तान मसल देंगे हिंदुस्तान।” पिछले वीडियो में, पन्नू ने गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा उठाने वाले व्यक्ति के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की थी जिसके बाद किसान नेता टिकैत ने घोषणा की थी कि वे गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट तक मार्च करेंगे।

अब तक हुई वार्ताओं के नौ दौर

गौरतलब है कि केंद्र सरकार किसान संघों के साथ बातचीत में शामिल होने और चर्चा करने की कोशिश कर रही है। सरकार ने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं और जहाँ भी आवश्यक हो, कानूनों में संशोधन करेंगे। हालाँकि, किसान नेताओं की सरकार से बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। यही वजह है कि नौ दौर की वार्ता के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सकता है। दिल्ली सीमा पर किसान विरोध प्रदर्शन शुरू हुए 55 दिन से अधिक का समय हो चुका है।

मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और शीर्ष अदालत को रिपोर्ट करने के लिए चार सदस्यीय समिति के गठन के बावजूद, किसान कानूनों को निरस्त करने पर अड़े हुए हैं। यूनियनों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार समिति के सामने पेश होने से इनकार किया है। नवंबर 2020 में किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च शुरू करने से पहले ही सरकार को यूनियन नेताओं को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाने की कई बार कोशिश की थी।

‘भारतीयों को कभी भी… मतलब कभी भी कम मत आँको’ – ऑस्ट्रेलियन कोच ने ऐसे मानी हार, पहले दिखाई थी हेकड़ी

भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। ब्रिस्बेन में खेले गए चौथे टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से धूल चटाते हुए टेस्ट सीरीज 2-1 से जीत ली है। ब्रिस्बेन में 33 साल से ऑस्ट्रेलिया नहीं हारा था, लेकिन टीम इंडिया ने इसको भी मुमकिन कर दिखाया और गाबा के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत का अंत कर दिया।

ऑस्‍ट्रेलिया ने भारत के सामने 328 रनों का लक्ष्‍य रखा था, जिसे मेहमान टीम ने सात विकेट गँवाकर हासिल कर लिया। करारी शिकस्‍त मिलने के बाद ऑस्‍ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर (justin Langer) के तेवर नरम पड़ गए और उन्‍होंने भारत के लिए बड़ा बयान दे दिया। 

टीम इंडिया की इस ताकत को देखने के बाद लैंगर ने चैनल 7 से बात करते हुए कहा, “भारतीयों को कभी भी… मतलब कभी भी कम मत आँको। भारत में वहाँ पर डेढ़ अरब आबादी है और उनमें से यहाँ 11 खेल रहे हैं, उनका मुकाबला करना मुश्किल है।”

भारत की युवा क्रिकेट टीम ने अपने जबरदस्त जुझारूपन और जज्बे के दम पर चौथे और आखिरी टेस्ट मैच के 5वें दिन मंगलवार (जनवरी 19, 2021) को ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से हरा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy) अपने पास ही रखी है।

ऐतिहासिक सीरीज जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने खिलाड़ियों पर धनवर्षा की है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह (Jay Shah) ने टीम को 5 करोड़ रुपए का बोनस देने की घोषणा की है।

गाबा में खेले गए चौथे टेस्ट मैच से पहले भी भारत चोटों से परेशान थी। जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और हनुमा विहारी भी चोटिल हो गए थे। भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण इस मैच में बेहद अनुभवहीन और युवा था, बावजूद इसके भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पटक चार मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की

इस सीरीज में शुभमण गिल ने भी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच में पहली बार कदम रखा था। जहाँ तक इस मैच की बात है, ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में मारनस लाबुशेन की शतक की मदद से 369 रनों का स्कोर खड़ा किया था। नटराजन और शार्दुल ठाकुर ने 3-3 विकेट लिए।

भारत ने पहली बारी में शार्दुल और सुंदर के पचासों की मदद से 336 रन बनाए। हेजलवुड ने 5 विकेट लिए। लेकिन, दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को भारत ने 394 पर समेट दिया। अंतिम पारी में भारत ने सफलतापूर्वक लक्ष्य को चेज कर लिया।

किन लोगों को नहीं लेनी है कोरोना वैक्सीन, कौन सी बीमारी है तो करें अवॉयड: जानिए सब कुछ

भारत में दो-दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है और इसके तहत पिछले 3 दिनों से टीकाकरण अभियान चल रहा है। इनमें से एक ‘भारत बायोटेक’ की कोवैक्सीन भी है। अब कंपनी ने बताया है कि किन लोगों को कोरोना वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए। ‘भारत बायोटेक’ ने एक फैक्टशीट जारी कर के समझाया है कि किन हालातों में ये वैक्सीन नहीं लेनी है। जैसे, अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से ऐसी दवाएँ ले रहा है जिसका सीधा असर उसके इम्यून सिस्टम पर पड़ रहा है, तो उसे ये वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए।

या फिर जिन लोगों को एलर्जी है या वो किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें भी कोरोना वैक्सीन लेने से पहले अपने बारे में ये सारी जानकारी ज़रूर मुहैया करानी चाहिए। गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ नवजात को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी कोरोना का टीका न लेने की सलाह दी गई है। इसके अलावा जिन्हें बुखार हो, उन्हें भी कोरोना वैक्सीन नहीं लेनी है। ऐसे लोगों को पहले मेडिकल सलाह लेनी चाहिए।

कंपनी ने लोगों को सलाह दी है कि वो कोरोना वैक्सीन लेने से पहले सुपरवाइजिंग अधिकारी को अपनी सारी बीमारियों और अपनी मेडिकल स्थिति से अवगत कराएँ। मसलन, क्या आप लम्बे समय से किसी बीमारी से पीड़ित हैं, कौन सी दवाएँ ले रहे हैं और कितने समय से। ऐसे मामलों में वैक्सीन न लेना ही बेहतर है। अगर आपका खून पतला है या फिर खून से जुड़ी कोई समस्या है तो भी कोरोना का टीका नहीं लेना है।

अंत में एक और ज़रूरी बात बताई गई है कि अगर आपने कोविड-19 का कोई अन्य वैक्सीन ले रखा है, तो फिर दूसरी कंपनी की वैक्सीन न लगवाएँ। जैसे, अगर आपने पहली डोज ‘भारत बायोटेक’ की ली है तो दूसरी डोज SII वाली वैक्सीन की नहीं ले सकते। एक ही वैक्सीन से दोनों डोज लेनी है। वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद अगले 3 महीनों तक व्यक्ति की स्थिति फॉलो की जाएगी। उसके पूरे अपडेट लिए जाएँगे।

जानकारी देते चलें कि सोमवार (जनवारी 18, 2021) को शाम 5 बजे तक पूरे देश में 3.81 लाख लोगों को कोरोना का टीका दिया जा चुका है। AEFI (एडवर्स इवेंट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन) यानी साइड इफेक्ट्स के अब तक 580 मामले सामने आए हैं। हालाँकि, इनमें से अब तक मात्र 7 लोगों को ही अस्पताल में भर्ती कराने की ज़रूरत पड़ी। जिन 2 लोगों की मौत को वैक्सीन से जोड़ा जा रहा है, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि इसके अन्य कारण हैं।

उधर दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में जहाँ मार्च से अब तक 5,96,904 कुल कोरोना पॉजिटिव केस मिले, वहीं प्रदेश में कोविड की रोकथाम के लिए लागू की गई रणनीति से सक्रिय केसों मे तेजी से गिरावट आई है। अब यूपी में कोरोना के 8,000 से भी कम सक्रिय कोरोना केस हैं और ये आँकड़ें लगातार गिरावट की ओर हैं। राज्य में संक्रमण के बाद स्‍वस्‍थ होने वाले मरीजों की दर अब 97.70 प्रतिशत हो गई है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। ये वो 5 बड़बोले हैं, जिन्हें रविचंद्रन आश्विन ने अपने ताज़ा ट्वीट से आइना दिखाया है। हालिया सीरीज में 3 मैचों की 5 इन्निंग्स में 12 विकेट लेने वाले आश्विन अपने मुखर स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। तीसरे टेस्ट मैच के दौरान जब ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टीम पेन ने उन्हें गाबा में आने की धमकी दी, तो आश्विन ने भी उन्हें उसी अंदाज़ में जवाब दिया।

उन बड़बोलों में सबसे पहले बात माइकल क्लार्क की। उन्होंने कहा था, “क्या आप सोच सकते हैं कि विराट कोहली के बिना इस बल्लेबाजी क्रम के साथ भारत अगले दो मैचों में किस तरह का प्रदर्शन करने वाला है?” उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि भारत का बल्लेबाजी क्रम गहरी मुसीबत में है। लेकिन, अंतिम मैच में भारत ने दोनों पारियों में कुल मिला कर 665 रन बनाए और क्लार्क सहित सभी बड़बोलों को जवाब दे दिया।

अब बात करते हैं रिकी पोंटिंग की, जिनकी आजकल की कमाई का एक बड़ा हिस्सा भारत से मिलता है क्योंकि वो दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हैं। वही ‘दिल्ली कैपिटल्स’ जिसके बल्लेबाज ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया के मुँह से जीत छीन लिया। पोंटिंग ने कहा था कि विराट कोहली नहीं हैं तो ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में व्हाइटवॉश भी कर सकता है। एक हार के बाद भारतीय टीम को ऊपर उठाने के लिए कोई नहीं है, ऐसा उनका मानना था। 4-0 का सपना देख रहे पोंटिंग का ऑस्ट्रेलिया 1-2 से हार गया।

जैसा कि सचिन तेंदुलकर ने कहा, हमें हर सेशन में एक नया हीरो देखने को मिला। तीसरे बड़बोले भी ऑस्ट्रेलिया के ही पूर्व कप्तान हैं, जिनका नाम है मार्क वॉ। उन्होंने कहा था, “मुझे तो लग ही नहीं रहा है वो (भारत) कैसे इस सीरीज में वापस आएँगे, खासकर एडिलेड में तीन दिनों में ही मिली इस तरह की हार के बाद।” उन्होंने भी 4-0 से ऑस्ट्रेलिया के सीरीज जीतने की भविष्यवाणी कर डाली थी, लेकिन गलत साबित हुए।

चौथे बड़बोले हैं माइकल बेवन, जिन्होंने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में भारत को पूरी तरह दबा कर रख देगा। उन्होंने भी अपने साथियों की तरह की 4-0 वाली भविष्यवाणी को आगे बढ़ाया था। पूर्व विकेटकीपर ब्रैड हाडिन तो यहाँ तक कह बैठे कि एडिलेड में ही भारत के पास सीरीज जीतने का एक मौका था, जो उसे गँवा दिया। उन्होंने कहा था कि भारत के लिए अब नतीजे पलटना एकदम ही मुश्किल होगा।

लेकिन, इन सबकी भविष्यवाणी उलटी हो गई। आश्विन ने ‘लेफ्ट हैंड साइड (LHS) नॉट इक्वल टू राइट हैंड साइड (RHS)’ लिख कर इन पाँचों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब OZ (ऑस्ट्रेलिया) टूर का समापन हो रहा है। साथ ही आश्विन ने पिछले एक सप्ताह से मिले प्यार और समर्थन के लिए लोगों का आभार जताया। इसीलिए कहते हैं, क्रिकेट हो या राजनीति, ज्यादा बोलना और पक्षपाती ढंग से विश्लेषण बुरा होता है।

इस सीरीज में चेतश्वर पुजारा भी चमके। चौथे टेस्ट मैच के दौरान 11 बार गेंद से उनके शरीर को निशाना बनाया गया या फिर शरीर पर आकर लगी, लेकिन वो टस से मस नहीं हुए। सीरीज उनके लिए बल्ले से बहुत अच्छा न रहने के बावजूद वो सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में चौथे नंबर पर हैं। उन्होंने 33.88 के औसत से 426 रन बनाए। भारत की तरफ से उनसे ज्याद रन सिर्फ ऋषभ पंत ने बनाया। शुभमण गिल के रूप में भारत को एक नया टेस्ट बल्लेबाज मिला।

हिंदू लड़कियों को झाँसा दे शारीरिक शोषण करने वाला आफताब गिरफ्तार, अश्लील वीडियो से बनाता था धर्म परिवर्तन का दबाव

उत्तर प्रदेश के मेरठ के मवाना थाना पुलिस ने बलरामपुर जिले के मोहम्मद आफताब अहमद को गिरफ्तार किया है। इस पर आरोप है कि यह दो लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने लेकर आया और बाद में उनका शारीरिक शोषण करके उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। ये दोनों लड़कियाँ बस्ती जिले की हैं। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से दोनों को छुड़ा लिया है। आफताब ने कथिततौर पर इनकी अश्लील वीडियो भी बनाई थी।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि आफताब अहमद बलरामपुर जिले में गौरा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके कब्जे से दो लड़कियाँ मिली हैं। इनकी उम्र 15 और 22 वर्ष है। आफताब के खिलाफ बस्ती के रुदौली थाने पर IPC की धारा 363, 366 के तहत केस दर्ज था। उसको अब बस्ती पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि आफताब लड़कियों को नौकरी का झाँसा देकर अपने जाल में फँसाता है। 3 साल से वह 22 साल की युवती के संपर्क में था। इसी के जरिए वह 15 साल की नाबालिग लड़की से संपर्क में आया और फिर दोनों को नौकरी दिलाने के बहाने मथुरा ले आया। मथुरा से ये दोनों के साथ मवाना पहुँचा। इसके बाद यहाँ शारीरिक शोषण करके उनकी अश्लील वीडियो बनाई और ब्लैकमेल करके इन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा।

कुछ समय पहले इस संबंध में हिंदू संगठनों ने पुलिस को शिकायत दी और उसी आधार पर उसके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई हुई। फिलहाल आरोपित बस्ती पुलिस की हिरासत में है। आगे की कार्रवाई भी पुलिस करेगी। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आफताब कई साल से मेरठ के मवाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। वह यहाँ पर आए दिन लड़कियों को लाता था। कुछ लोग कई बार उससे पूछते तो वह उन लड़कियों को अपनी रिश्तेदार बताता था।

इतना ही नहीं आफताब ऐसी लड़कियों की तलाश करता था जो नौकरी की तलाश में घूम रही हों। उसके बाद वह उनसे दोस्ती करता था। फिर नौकरी का झाँसा देता था और फिर शारीरिक संबंध बनाकर उनकी वीडियो बना लेता था। इस वीडियो के सहारे वह ब्लैकमेल करके उन पर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाता था। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट में आफताब अकेला नहीं है, कुछ और लोग भी हो सकते हैं।