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‘तांडव’ की हिंदूघृणा पर अगर ये माफी है तो इसकी पुड़िया बना कर स्थान विशेष में रख लो अली अब्बास

अमेजन प्राइम की वेब सीरिज ‘तांडव’ हिंदूफोबिक कंटेंट को लेकर विवादों में है। दर्शकों की नाराजगी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सख्ती के बाद इस सीरिज के डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने अपने ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर बिना शर्त माफी माँगी है। मीडिया इसे माफी बताकर प्रचारित कर रहा, लेकिन यह किसी फिल्म/कार्यक्रम के पहले दिखाए जाने वाले डिस्क्लेमर से हटकर कुछ भी नहीं।

पहले ये जानते हैं कि अली अब्बास ने कहा क्या है? तांडव के डायरेक्टर अली ने अपने ट्वीट में जो बयान दिया है उसके 2 मुख्य पार्ट हैं। पहला पार्ट उस डिस्कलेमर की तरह जो सीरीज के शुरू होने से पहले बताया जाता है।

अली अब्बास जफर ने लिखा, “वेब सीरीज तांडव एक फिक्शन है और अगर इसकी किसी भी व्यक्ति या घटना से समानता है तो यह पूरी तरह से संयोग है। किसी भी व्यक्ति, जाति, समुदाय, नस्ल, धर्म या धार्मिक विश्वासों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने या किसी संस्था, राजनीतिक दल या व्यक्ति का, जीवित या मृत का अपमान करने का इरादा नहीं था। तांडव के कास्ट और क्रू की तरफ से व्यक्त की गई चिताओं को संज्ञान लिया गया और बिना किसी भावनाओं को आहत किए और बिना शर्त माफ़ी माँग ली है।”

दूसरे पार्ट में उन्होंने उन आलोचनाओं का जिक्र किया है जिसके लिए ‘तांडव’ को लेकर इतनी कॉन्ट्रोवर्सी है। अपने बयान में अली ने उन सभी लोगों से माफी माँगी है जिन्हें ये वेब सीरीज देखने के बाद इससे ऐतराज था।

अली ने लिखा, “हम अपनी सीरीज तांडव को लेकर बहुत ही ध्यान से दर्शकों के रिएक्शन को नोटिस कर रहे थे और आज डिस्कशन के दौरान मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन और ब्रोडकास्टिंग ने हमें बताया कि इस सीरिज के जरिए लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं, जिसके लिए कई शिकायतें दर्ज हुई हैं।”

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में सब-इंस्पेक्टर की ओर से सीरिज के निर्माताओं और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ के सूचना सलाहकार ने शिकायत की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते पुलिस टीम के मुंबई के लिए रवाना होने जाने की जानकारी दी थी। जिसके बाद अब यह बयान सामने आया है।

इस वेब सीरीज में सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, जीशान अय्यूब ने अभिनय किया है। इससे पहले केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी इस मामले में अमेजन प्राइम से जवाब माँगा था। बता दें कि कई स्थानों पर ‘तांडव’ के ऐक्टर्स सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और सुनील ग्रोवर सहित 32 फिल्मी हस्तियों पर केस दर्ज किया गया है। वेब सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने और समाज में जातिवाद को बढ़ावा दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

अब सवाल उठता है कि कोई देवी-देवताओं का मजाक उड़ाए और फिर डिस्क्लेमर जैसा माफीनामा जारी कर दे तो क्या हिंदू समाज इसी से संतुष्ट हो जाएगा? यहाँ तो हिंदू सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए विरोध कर रहे हैं और कानून का इस्तेमाल करते हुए शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। जबकि किसी मजहब की भावना आहत होने पर गर्दन काट दी जाती है। लोग सड़कों पर उतर आते हैं और हिंसक वारदातों को अंजाम देते हैं। इसलिए, डिस्क्लेमर जैसा ‘माफीनामा’ जारी कर हिंदुओं को मूर्ख बनाने का ये खेल भी अब बंद करना होगा।

TRP स्कैम: इंडिया टुडे के CFO और डिस्ट्रीब्यूशन हेड को ED ने फिर किया तलब

टीआरपी स्कैम में मुंबई पुलिस का रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ ‘विच हंट’ जारी है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर इंडिया टुडे के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) दिनेश भाटिया और डिस्ट्रीब्यूशन हेड केआर अरोड़ा को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।

इससे पहले, संयुक्त निदेशक के कार्यालय ने 8 जनवरी, 2021 को ग्रुप सीएफओ को तलब किया था। मामले से जुड़े सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि इंडिया टुडे के शीर्ष प्रबंधन के दोनों सदस्य से सोमवार (जनवरी 18, 2021) सुबह से ही एजेंसी गहन पूछताछ कर रही है। फर्जी टीआरपी मामले में दर्ज मूल एफआईआर में इंडिया टुडे के खिलाफ आरोप लगाया गया है कि नेटवर्क टीआरपी में हेरफेर के लिए लिए भुगतान कर रहा था।

बता दें कि यह खबर तब सामने आई है जब मुंबई पुलिस टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी को फँसाने की कोशिश करने के आरोप लग रहे हैं। जबकि हंसा रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर दर्ज ओरिजिनल एफआईआर में  इंडिया टुडे का नाम है।

हाल ही में गिरफ्तार हुए BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के परिवार ने खुलासा किया था कि मुंबई पुलिस टीआरपी घोटाले में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को फँसाने के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए तलोजा जेल के अंदर किसी को भुगतान कर रही है। मुंबई पुलिस ने पार्थो दासगुप्ता पर रिपब्लिक टीवी के पक्ष में टीआरपी में हेराफेरी करने के लिए अर्नब गोस्वामी से पैसे लेने का आरोप लगाया है।

ED ने टीआरपी घोटाले में दर्ज की ECIR 

ईडी ने फर्जी टीआरपी मामले में एन्फोर्समेंट केस इनफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की है जो कि पुलिस की एफ़आईआर के समानांतर होती है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जाँच कर रहा है और रिपोर्ट्स में यह बात भी सामने आई थी कि एफ़आईआर में जितने चैनल्स के नाम शामिल हैं सभी की जाँच होगी। मूल एफ़आईआर में शामिल किए गए नामों के अलावा (जिसमें रिपब्लिक का नाम शामिल नहीं है) मुंबई पुलिस की पड़ताल भी जाँच के दायरे में आ सकती है। ईडी इस मामले से जुड़ने वाली दूसरी केन्द्रीय एजेंसी है, इसके पहले सीबीआई ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की थी। 

फ़र्ज़ी टीआरपी मामला 

8 अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा की गई प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा था कि तमाम चैनल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए गैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। रिपब्लिक टीवी इसमें मुख्य आरोपित है। यह शिकायत हंसा रिसर्च ने की थी जो BARC के लिए टीआरपी रिकॉर्ड करने वाली डिवाइस को रेगुलेट करती है। 

शुरूआती एफ़आईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं मौजूद था, बल्कि इंडिया टुडे को मुख्य आरोपित बताया गया था। इसके बाद ऐसे कई सबूत सामने आए थे जिससे यह पता चला कि मुंबई पुलिस ने तमाम लोगों को रिपब्लिक टीवी के खिलाफ़ बोलने के लिए उकसाया था। हंसा समूह ने यह शिकायत भी की थी कि मुंबई पुलिस उसके कर्मचारियों को रिपब्लिक टीवी के खिलाफ़ बयान देने के लिए धमका रही है।

इस्लामी भीड़ ने पादरी और उसकी पत्नी पर हमला किया, चर्च की इमारत भी ध्वस्त कर दी: युगांडा की घटना

युगांडा में कट्टर इस्लामी भीड़ ने एक पादरी और उसकी पत्नी पर हमला किया। मॉर्निंग न्यूज स्टार के मुताबिक भीड़ ने पूर्वी युगांडा के किबुकु जिले में नानकोडो उप-काउंटी में चर्च की इमारत के एक हिस्से को भी ध्वस्त कर दिया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह नृशंस हमला एक इमाम के 5 दिसंबर को ईसाई धर्म स्वीकार करने को लेकर हुआ। भीड़ में 8 लोग शामिल थे। उन्होंने काजीगो इलाके में उसी शाम पादरी मोशे नबवाना और उसकी पत्नी लोविसा नौरा पर बेरहमी से हमला किया। दोनों चर्च की सेवा के बाद अपने घर लौट रहे थे।

हमले के बाद दोनों को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। इसके अलावा, मुस्लिम भीड़ ने उस चर्च पर भी हमला किया जहाँ तत्कालीन इमाम ने अपना भाषण दिया था। उन्होंने छत, खिड़कियाँ, बेंच, वाद्ययंत्र और दरवाजे सहित चर्च के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। 

जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी के दौरान पादरी लोगों को मुफ्त मास्क बाँट रहे थे और अपने अनुयायियों से यीशु मसीह के बारे में बात कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व इमाम की पादरी से मुलाकात हुई। इमाम के ईसाई में परिवर्तित होने के बाद चर्च के सदस्यों ने उन्हें और उनकी पत्नी को सुरक्षा चिंताओं के कारण 10 दिसंबर को एक अस्थायी सुरक्षित घर में स्थानांतरित कर दिया था।

पादरी की पत्नी ने सुनाया खौफनाक किस्सा

घटना को याद करते हुए, पादरी की पत्नी ने कहा, “सदस्यों को बहुत खुशी हुई और उन्होंने जोर से चिल्लाकर प्रभु की स्तुति की, जिसने आसपास के मुसलमान का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिर 6 बजे इमाम के धर्म परिवर्तन की घोषणा हुई।” उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मेरे पति की पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने लाठी और नुकीली चीजों से उनके सिर, पीठ और छाती पर वार किया। मैं जोर से चीखने लगी। इसके बाद हमलावर ने मुझ पर छड़ी से हमला किया। जिसमें मेरी छाती, पीठ पर चोटें आई और मेरा हाथ टूट गया।”

चीख-पुकार सुनकर ईसाई पड़ोसी उनके बचाव के लिए दौड़े। हालाँकि तब तक बदमाश इलाके से भाग चुके थे। उन्हें पहले कासरिरा के एक क्लिनिक में भर्ती कराया गया और फिर पादरी मोशे नबवाना की हालत बिगड़ने के बाद कुमी जिले के नोगीनो के एक अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया। पादरी की पत्नी और उनके 8 बच्चों की माँ नौरा, आठ आरोपियों में से चार की पहचान कर पाई हैं। इस घटना से आक्रोशित होकर उन्होंने कहा, “हम अभी तक इस भयानक घटना की रिपोर्ट पुलिस को नहीं दे रहे हैं। इस समय मेरी प्रार्थनाएँ मेरे पति की शीघ्र स्वस्थ होने के लिए है।”

मुलगो अस्पताल में उनके इलाज की लागत 3.5 मिलियन युगांडा शिलिंग (, 68, 959) तक पहुँच गई है। घटना के बारे में जानने के बाद, चर्च के एक वरिष्ठ पादरी ने कहा कि उन्हें भविष्य में इस तरह के और हिंसक हमलों का डर है। इस बीच, नौरा अपने मेडिकल बिलों का भुगतान करने और चर्च की इमारत की मरम्मत के लिए पैसे जुटाने की उम्मीद कर रही है।

पादरी की पत्नी पर पहले भी मोहम्मद ने हमला किया था 

मॉर्निंग स्टार न्यूज ने बताया कि नौरा पर पहले मोहम्मद नाम के व्यक्ति ने हमला किया था। दरअसल नौरा ने अपने केले के बागान के नुकसान के लिए जब मोहम्मद से सवाल-जवाब किया था तब उसने उन पर हमला किया था। उन्होंने बताया, “उस समय मेरे पति दूर थे, और मैं मोहम्मद के घर गई और उससे इस तरह की हरकतें करने का कारण पूछने की कोशिश की। उसने उछल कर मेरे पेट पर लात मारी और मुझे थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद मुझे तिरिनयी के एक क्लिनिक में ले जाया गया।”

मंदिरों में हौले-हौले बजाओ माइक, केरल की वामपंथी सरकार का आदेश

केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) ने अपनी हिन्दू विरोध की राजनीति को एक नया मोड़ देते हुए एक आदेश जारी कर राज्य के मंदिरों में लाउडस्पीकर पर ‘लगभग’ प्रतिबंध लगा दिया, जिसके चलते नए विवाद ने जन्म ले लिया है। लोगों ने राज्य की वामपंथी सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि केवल हिंदू पूजा स्थलों को ही निशाना बनाया जा रहा है।

‘स्वराज्य’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए साल की 7 जनवरी को ही केरल देवस्वोम बोर्ड ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि मंदिरों को 55 डेसीबल से अधिक ध्वनि स्तर वाले लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी। गौरतलब है कि 55 डेसिबेल की ध्वनि घर के भीतर दो लोगों की बातचीत जितनी ही ऊँची होती है।

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सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा केरल सरकार के इस फैसले के प्रति आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।

एक ट्विटर यूजर ने कहा, “सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट नियंत्रित केरल हिंदू मंदिरों में लाउड स्पीकरों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। केवल हिंदू मंदिरों में! हिन्दू?”

कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर से भी इस फैसले को लेकर सवाल किए हैं।

पूजा भारती के फेसबुक पोस्ट पर गंदे कमेंट करने वाला गिरफ्तार, हाथ-पैर बाँध डैम में फेंक दी गई थी मेडिकल छात्रा

झारखंड के गोड्डा की रहने वाली, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती पूर्वे हत्‍याकांड में रवि पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने युवती के फेसबुक पोस्ट पर अश्‍लील टिप्‍पणी करने वाले इस युवक को रविवार (जनवरी 17, 2021) को हजारीबाग से गिरफ्तार किया। 

यह युवक हजारीबाग के डीसी के फर्जी फेसबुक अकाउंट से युवती के पोस्‍ट पर अश्लील टिप्पणी करता था। वह मार्खम कॉलेज का छात्र है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया है। रवि पांडेय पर आइटी एक्‍ट की धाराओं में सदर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस पूजा हत्‍याकांड में इसे अहम सुराग मानकर चल रही है। अभी आगे की जाँच जारी है। गिरफ्तार किए गए छात्र रवि कुमार पांडेय के फर्जी फेसबुक अकाउंट को पुलिस खँगाल रही है। संभव है कि पुलिस जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर पहुँचे और पूजा भारती की हत्‍या की गुत्‍थी सुलझा ले। 

इस बीच रामगढ़ के एसडीपीओ प्रकाश चंद्र ने कहा कि अब तक की तफ्तीश में यह पता चला है कि छात्रा की हत्‍या कहीं और की गई। इसके बाद लाश को ठिकाने लगाने के‍ लिए हाथ-पैर बाँधकर पतरातू डैम में फेंक दिया गया। उनके मुताबिक हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती का शव हाथ-पैर बँधे हालत में 12 जनवरी को पतरातू डैम में तैरता हुआ पाया गया था। पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि हम तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या है पूरी घटना

पूजा भारती परीक्षा देने के लिए घर से निकली और लापता हो गई। बाद में उसकी लाश पतरातू डैम (Patratu Dam) से 12 जनवरी, 2021 सुबह बरामद हुई। 22 साल की पूजा भारती गोड्डा की रहने वाली थी।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि लड़की का शरीर बँधा हुआ था और उसे बाँध में डुबोकर बेरहमी से मार दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह तथ्य सामने आई है कि पूजा को जिन्दा ही डैम में फेंक दिया गया था। 

मेडिकल बोर्ड की मौजूदगी में हुए पोस्टमॉर्टम में पूजा भारती के पेट से पानी निकला। डॉक्टर्स का कहना था कि मरे हुए व्यक्ति के पेट में पानी नहीं पहुँच पाता है, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि पूजा भारती को जिन्दा ही बाँधकर पानी में फेंक दिया गया।

पोस्टमॉर्टम में मृतका के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले थे। हत्या से पहले बलात्कार की आशंका की जाँच के लिए सैम्पल भेजे जा चुके हैं और इस पर अभी रहस्य बना हुआ है।

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

हरियाणा के रोहतक में आज भी पैरा स्पेशल फोर्स के ऑफिसर मेजर मोहित शर्मा को उनकी बहादुरी के लिए घर-घर में याद किया जाता है। मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित इस हुतात्मा ने साल 2009 में उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान अंतिम साँस ली थी। लेकिन, साल 2004 में इनके द्वारा किया गया एक ऑपरेशन आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।

शिव अरूर और राहुल सिंह की किताब ‘इंडिया मोस्ट फीयरलेस 2’ में  इस बात का जिक्र है कि कैसे मेजर मोहित शर्मा ने इस्लामी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन में घुसपैठ करके दो खूँखार आतंकियों को मारा। 

दक्षिण कश्मीर से 50 किमी दूर शोपियाँ में मेजर ने अपने ऑपरेशन को अंजाम दिया था। मेजर ने इस काम के लिए सबसे पहले अपना नाम और हुलिया बदला। उन्होंने लम्बी दाढ़ी-मूँछ रख कर आतंकियों की तरह अपने हाव-भाव बनाए। फिर इफ्तिखार भट्ट नाम के जरिए वह अबू तोरारा (Abu Torara) और अबू सबजार ( Abu Sabzar) के संपर्क में आए।

इसके बाद मेजर ने बतौर इफ्तिखार भट्ट दोनों हिजबुल आतंकियों को ये कहकर विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना ने उनके भाई को साल 2001 में मारा था और अब वह बस सेना पर हमला करके बदला चाहते हैं। उन्होंने अपने मनगढ़ंत मंसूबे बताकर आतंकियों से कहा कि इस काम में उन्हें उन दोनों की मदद चाहिए।  मेजर शर्मा ने दोनों आतंकियों से कहा कि उन्हें आर्मी के चेक प्वाइंट पर हमला बोलना है और उसके लिए वह जमीनी काम कर चुके हैं।

मेजर शर्मा के इस ऑपरेशन में आतंकियों ने कई बार उनसे उनकी पहचान पूछी। लेकिन वह कहते, “मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। मुझको सीखना है।” तोरारा ने तो कई बार उनकी पहचान के बारे में उनसे पूछा। लेकिन आखिरकार वे मेजर शर्मा के जाल में फँस गए और मदद करने को राजी हो गए। आतंकियों ने उन्हें बताया कि वह कई हफ्तों तक अंडरग्राउंड रहेंगे और आतंंकी हमले के लिए मदद जुटाएँगे। किसी तरह मेजर ने उन्हें मना ही लिया कि वह तब तक घर नहीं लौटेंगे जब तक चेक प्वाइंट को उड़ा नहीं देते।

देखते ही देखते आने वाले दिनों में दोनों आतंकियों ने सब व्यवस्था कर ली। साथ ही पास के ग्रामों से तीन आतंकियों को भी बुला लिया। जब तोरारा को दोबारा संदेह हुआ तो मेजर ने उससे कहा, “अगर मेरे बारे में कोई शक है तो मुझे मार दो।” अपने हाथ से राइफल छोड़ते हुए वह आतंकियों से बोले, “तुम ऐसा नहीं कर सकते, अगर तुम्हें मुझ पर विश्वास नहीं है। इसलिए तुम्हारे पास अब मुझे मारने के अलावा कोई चारा नहीं है।”

मेजर की बातें सुनकर दोनों आतंकी असमंजस में पड़ गए। इतने में मेजर मोहित शर्मा को मौका मिला और उन्होंने थोड़ी दूर जाकर अपनी 9 mm पिस्टल को लोड कर दोनों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने दो गोलियाँ आतंकियों के छाती पर मारी और एक सिर में। इसके बाद वह उनके हथियार उठाकर भागकर नजदीक के आर्मी कैंप में गए।

इस ऑपरेशन के 5 साल बाद कुपवाड़ा के एक सैन्य ऑपरेशन में वह स्वयं भी बलिदान हो गए। अपने आखिरी समय में भी मेजर ने अपने कई साथियों को सुरक्षित बचाया। आखिर में सीने में गोली लगने के कारण दम तो़ड़ने वाले मेजर मोहित शर्मा के शूरता के किस्से आज भी समय-समय पर दोहराए जाते हैं। हाल में उनकी कहानी नेशन फर्स्ट, ऑलवेज और एवरीटाइम नाम के ट्विटर अकॉउंट पर एक पूरे स्टोरी थ्रेड में शेयर की गई है।

हिंदूफोबिक कंटेट से लेकर वामपंथियों की सरपरस्ती तक, अमेजन प्राइम वाली अपर्णा पुरोहित की कारस्तानी कई

भारत में ‘अमेज़न प्राइम’ की कंटेंट हेड अपर्णा पुरोहित के खिलाफ भाजपा नेताओं ने आवाज़ उठाई है और कंपनी से उन्हें बरखास्त करने की माँग की है। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ स्क्रीनशॉट्स शेयर कर दावा किया कि वे वामपंथी झुकाव वाली हैं। अपर्णा पुरोहित ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के खिलाफ भी पोस्ट शेयर किया था। उसमें उन्हें ‘फ्रॉड’ बताया गया था।

एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने CAA और NRC के खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार अभियान का भी साथ दिया था और वरुण ग्रोवर की कविता ‘हम कागज़ नहीं दिखाएँगे’ को आगे बढ़ाया था। उन्होंने लिखा था कि वरुण ग्रोवर ने इन शब्दों को काफी अच्छे से पिरोया है। CAA विरोधी आंदोलन के दौरान वामपंथी मीडिया की खबरों को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था- ‘यही है विकास का सच’ और मोदी सरकार पर कटाक्ष किया था।

जामिया हिंसा मामले में भी उन्होंने हिंसा करने वाले कट्टर इस्लामी छात्रों का साथ दिया था। भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने एक पत्र लिख कर ऑपइंडिया की खबर कंपनी के कंट्री हेड को भेजते हुए ‘अमेज़न प्राइम’ पर चल रहे हिन्दूविरोधी कंटेंट्स को लेकर चिंता जताई थी। इसमें उन्होंने लिखा था कि कैसे अपर्णा पुरोहित के अंतर्गत वीडियो प्लेटफॉर्म पर हिन्दू विरोधी कंटेंटस परोसे जा रहे हैं।

इससे पहले ‘पाताल लोक’ नामक एक सीरीज में जम कर हिन्दू विरोधी कंटेंट्स डाले गए थे। उसमें भी देवी-देवताओं का अपमान, मंदिर का अपमान और जातिवादी कंटेंट्स थे। अपर्णा पुरोहित ही ‘अमेज़न प्राइम’ की क्रिएटिव डेवलपमेंट टीम की हेड हैं। साथ ही वो प्लेटफार्म की ‘ओरिजिनल वेब टीम’ की इंचार्ज भी हैं। अपर्णा पुरोहित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं। उनका कहना है कि वे 15 वर्षों से फ़िल्में बनाने के काम में हैं।

एक फेसबुक पोस्ट में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करते हुए उन्हें ‘अपराधी’ की तरह दिखा चुकी हैं। उन्होंने जेएनयू में हुई वामपंथी छात्रों की हिंसा के लिए पीएम मोदी और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। वो ‘द वायर’ जैसे मीडिया पोर्टलों के लेख भी शेयर करती रहती हैं। उन्होंने अरुंधति रॉय का वीडियो भी शेयर किया था। वह स्वरा भास्कर जैसों का बचाव करते हुए भी नजर आई थीं। उन्होंने CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान फेक न्यूज़ भी शेयर की थी

बता दें कि वेब सीरिज ‘तांडव’ में हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने वाले दृश्यों तथा डायलॉग को लेकर मचे बवाल के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सीरीज से विवादित दृश्यों को हटा देना ही सबसे उचित होगा। इस बाबत लखनऊ मध्य के हजरतगंज थाने में रविवार (जनवरी 17, 2021) को केस भी दर्ज किया गया था।

लखनऊ पुलिस के 4 अधिकारी मुंबई रवाना, ‘तांडव’ के डायरेक्टर और स्टारकास्ट से होगी पूछताछ

अमेजन प्राइम की वेब सीरिज ‘तांडव’ को लेकर लखनऊ में दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। लखनऊ पुलिस के तेजतर्रार अधिकारियों की टीम आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई रवाना हो गई है।

वेब सीरिज के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआर दर्ज होने के बाद 4 पुलिस अधिकारी मुंबई गए हैं। ये अधिकारी फिल्म के निर्माता-निर्देशक और कलाकारों से पूछताछ करेंगे। बता दें कि हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरिज में हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले सीन हैं।

इससे पहले लखनऊ के हजरतगंज में अमेजन प्राइम की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित, तांडव के डायरेक्टर अली अब्बास जफर, प्रोड्यूसर हिमांशु कृष्ण मेहरा, लेखक गौरव सोलंकी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। हजरतगंज के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमरनाथ यादव ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई वेब सीरिज ‘तांडव’ को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है।

क्या है विवाद?

थाने में रविवार (जनवरी 17, 2021) रात दर्ज एफआईआर में कहा गया कि वेब सीरिज के पहले एपिसोड में हिंदू देवी-देवताओं का गलत चित्रण किया गया है जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। इसमें अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल भी किया गया है, जिससे लोगों में काफी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वेब सीरिज के निर्माता-निर्देशक, लेखक समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

केंद्र ने भी माँगा जवाब

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी वेब सीरिज ‘तांडव’ में हिंदू देवी-देवताओं का उपहास उड़ाने संबंधी शिकायतों का संज्ञान लिया है और अमेजन प्राइम वीडियो से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण माँगा है। केंद्रीय सूचना मंत्रालय ने रविवार (जनवरी 17, 2021) को नोटिस जारी किया। इस मसले पर सोमवार तक जवाब देने को कहा गया था।

इससे पहले भाजपा नेता राम कदम की शिकायत पर मुंबई पुलिस की तरफ से ‘तांडव’ के मेकर्स को समन जारी किया गया था। सीरिज के खिलाफ धारा 295A, आईटी एक्ट धारा 67 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के वकील आशुतोष दुबे ने भी अली अब्बास जफर और अमेजन प्राइम वीडियो को हिंदूफोबिक कंटेंट के लिए कानूनी नोटिस भेजा था।

वहीं बसपा प्रमुख मायावाती ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “तांडव वेब सीरिज में धार्मिक व जातीय आदि भावना को आहत करने वाले कुछ दृश्यों को लेकर विरोध दर्ज किए जा रहे हैं। जो भी आपत्तिजनक है उन्हें हटा दिया जाना उचित होगा ताकि देश में कहीं भी शांति, सौहार्द व आपसी भाईचारे का वातावरण खराब न हो।”

बता दें कि सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, सुनील ग्रोवर, तिग्मांशु धूलिया, डिनो मोरिया, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, गौहर खान और कृतिका कामरा की ‘तांडव’ में मुख्य भूमिका है। फिल्मकार अली अब्बास ज़फर ने हिमांशु किशन मेहरा के साथ मिलकर राजनीति पर आधारित इस सीरीज का निर्माण एवं निर्देशन किया है। इसकी कहानी गौरव सोलंकी ने लिखी है।

मुनव्वर फारूकी को गाड़ी से ले जाएगी UP पुलिस, आरफा ने कहा – ‘मुस्लिम होना एकमात्र क्राइम’

पिछले 18 दिनों से इंदौर की जेल में कैद कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ले जाया जा रहा है और वो भी ‘गाड़ी’ में। कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के चलते मुनव्वर फारूकी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में अप्रैल, 2020 में एक केस दर्ज हुआ जिसके सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने इंदौर सेंट्रल जेल में प्रोडक्शन वारंट जारी किया था।

फारूकी को 1 जनवरी को धार्मिक भावनाएँ आहत करने के लिए इंदौर में गिरफ्तार किया गया था। मुनव्वर के साथ नलिन यादव, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और एडविन एंथनी नाम के 04 और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी वायर’ की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “डेनमार्क के दुपन्नी अखबार में पैगंबर का कार्टून छपने पर भारत की गलियों में फूट फूट कर मातम मनाने वाले मुन्ना भाई जर्नलिस्ट माँ सीता का अपमान करने वाले शोहदे के जुतियाए जाने पर कलप रहे, MP पुलिस ने हिसाब किया है, बाकी हिसाब करने UP पुलिस पहुँची है। गाड़ी से लाएँगे फर्जी कामेडियन को।”

इससे पहले, आरफा खानम ने ट्वीट में लिखा था, “इंदौर पुलिस ने मीडिया में यह स्वीकार करने के बावजूद कि उन्हें मुस्लिम हास्य कलाकार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, अब यूपी पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाहती है। वह पहले ही 18 दिन जेल में रह चुका है। उसकी मुस्लिम पहचान ही उसका एकमात्र अपराध है। भारत माता की जय!”

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुनव्वर के खिलाफ पिछले साल अप्रैल माह में दर्ज एक मामले को लेकर प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुनव्वर फारूकी को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए इंदौर सेंट्रल जेल और सीजेएम कोर्ट के समक्ष 7 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट प्रस्तुत किया। बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल, 2020 में आशुतोष मिश्रा नामक एक अधिवक्ता की शिकायत पर प्रयागराज जिले के जॉर्ज टाउन पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दर्ज एक मामले में यह प्रोडक्शन वारंट पेश किया गया है।

पुलिस ने आरोपित पर भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 153A (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धर्म का अपमान कर किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने का इरादा) और धारा 65 और 66 आईटी एक्ट, 2008 के तहत मामला दर्ज किया था।

यह मामला फारूकी द्वारा अपलोड एक यूट्यूब वीडियो पर आधारित है। इसमें उसने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए, गोधरा ट्रेन जलने के मामले में हिंदुओं की मौत का मजाक उड़ाते हुए और नरसंहार में आरएसएस और अमित शाह की भूमिका पर जोर दिया था।

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

यौन शोषण के आरोपित व बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के ख़िलाफ़ एक बार फिर सोशल मीडिया पर आवाज उठनी शुरू हो गई है। इस बार दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा की एक वीडियो क्लिप शेयर करके बताया जा रहा है कि साजिद खान ह्यूमर के नाम पर किस तरह लड़कियों से सेक्स की बातें किया करता था।

ये क्लिप बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री का एक हिस्सा है। इसमें करिश्मा कहती हैं, “मुझे याद है कि मैं अपनी बहन(जिया) के साथ साजिद खान के घर गई थी। उस समय मैं शायद सिर्फ़ 16 साल की थी। हम लोग किचन टेबल के पास थे। मैंने पतली स्ट्रिप वाला टॉप पहना था और टेबल पर झुकी हुई थी।” 

वीडियो में आगे जिया की बहन कहती हैं, “वो मुझे लगातार देख रहा था और उसने अचानक कहा- “ओह इसे मेरे साथ सेक्स करना है।” मेरी बहन जिया फौरन मेरे पक्ष में आई और कहा, “तुम क्या कह रहे हो।”

साजिद खान ने कहा, “देखो- ये कैसे बैठी है।” इस पर मेरी बहन ने कहा, “अरे नहीं। ये मासूम है और छोटी भी। वो ये सब नहीं चाहती।” इसके बाद करिश्मा ने बताया कि वो अपनी बहन के साथ वहाँ से चली आई। लेकिन उन्होंने वीडियो में बताया कि उन्हें बहुत हैरानी और घिनौना महसूस हो रहा था। जिया की बहन कहती हैं कि जब साजिद खान ने उनकी बहन से टॉप उतारने को कहा था, तब वह घर आकर बहुत रोईं थीं।

जिया खान की बहन करिश्मा बताती हैं:

“वो रिहर्सल का समय था। वह स्क्रिप्ट पढ़ रही थी, तभी उसने (साजिद) ने उससे उसका टॉप और ब्रा हटाने को कहा। उसे नहीं समझ आया कि वो क्या करे। उसने कहा था कि अभी तो फिल्म शुरू भी नहीं हुई और ये सब अभी से हो रहा है। वो घर आकर बहुत रोई थी। उसका कहना था कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट हैं। अगर मैंने छोड़ा तो मुझ पर मुकदमा होगा। अगर नहीं छोड़ा तो मेरा यौन उत्पीड़न होगा। हर स्थिति हारने वाली है।'”

बीबीसी की इस वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इसे अभिनेत्री कंगना रनौत ने शेयर करके लिखा है, “उन्होंने जिया को मार डाला, उन्होंने सुशांत को मार डाला और उन्होंने मुझे मारने की कोशिश की, लेकिन वे आजाद घूमते हैं, माफिया का पूरा समर्थन है, हर साल मजबूत और सफल हो रहे हैं। पता है कि दुनिया आदर्श नहीं है या तो आप शिकार या शिकारी हैं। आपको कोई नहीं बचाएगा, आपको खुद को बचाना होगा।”

गौरतलब है कि अभी हाल में बीबीसी ने ‘डेथ इन बॉलीवुड’ शीर्षक के साथ जिया खान की मृत्यु पर तीन वीडियो डॉक्यूमेंट्री की है। ये सीरीज केवल यूके में देखी जा सकती है। इसी सीरीज में एक वीडियो क्लिप जिया खान की बहन करिश्मा की है। जिसमें उन्होंने साजिद पर उक्त आरोप लगाए हैं

जानकारी के लिए बता दें कि साजिद खान के साथ जिया ने हाउसफुल 4 में काम किया था। इस फिल्म में कई अन्य नामी कलाकार थे। साल 2018 में साजिद के ऊपर मी टू के तहत आरोप लगने शुरू हुए और देखते ही देखते इस सूची में कई नाम जुड़े। आज करिश्मा की वीडियो शेयर करके यही कहा जा रहा है कि इतने आरोपों के बाद भी साजिद को आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।