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बरेली: इमरान ने हिंदू युवा वाहिनी के नेता संजय सिंह का गला रेता, एनकाउंटर के बाद पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हिन्दू युवा वाहिनी के तहसील प्रभारी डॉ. संजय सिंह की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। शाही के दुनका कस्बे में संजय सिंह का अस्पताल है। गुरुवार सुबह अस्पताल परिसर के अंदर खून से लथपथ उनका शव मिला। उनके पेट व गर्दन पर चाकुओं से कई वार किए गए थे।

पुलिस ने इस मामले में आरोपित इमरान को रतनपुर मोड़ पर दोपहर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुठभेड़ में आरोपित के पैर में गोली लगी है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से तमंचा 315 बोर, 02 जिन्दा कारतूस 315 बोर, हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया है।।

गौरतलब है कि बरेली के थाना शाही इलाके के दुनका में संजय सिंह एक निजी अस्पताल चलाते थे। अस्पताल के बाहर ही चाकुओं से गला रेत उनकी हत्या कर दी गई। उनके पेट, गर्दन, कंधे और आँख पर भी छुरे से ताबड़तोड वार किए गए। उनकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने तफ्तीश करते हुए अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज खँगाला। इसमें एक व्यक्ति संजय सिंह की हत्या करते हुए नजर आया, लेकिन उसका चेहरा नजर नहीं आ रहा था।

बाद में फुटेज में दिखे शख्स की पहचान दुनका निवासी इमरान के तौर पर हुई। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। इस बीच मुखबिर के जरिए पुलिस को इमरान से संबंधित एक जानकारी हासिल हुई कि वह ग्राम रास से रतनपुरा को जाने वाले कच्चे रास्ते से कहीं जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर से उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की तो इमरान ने पुलिस वालों पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस दौरान गोली इमरान के दाहिने पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बरेली पुलिस द्वारा ट्विटर पर साझा जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में एक कांस्टेबल विनय कुमार भी घायल हो गए।

नसीम व सद्दाम ने जबरन सड़क से उठाकर नाबालिग आदिवासी लड़की का किया गैंगरेप: मुख्य आरोपित गिरफ्तार

झारखण्ड के ललमटिया के बसडीहा में मंगलवार (15 सितंबर, 2020) को एक आदिवासी नाबालिग लड़की के साथ समुदाय विशेष द्वारा रास्ते से किडनैप कर सामुहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी नसीम साई को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरा आरोपित सद्दाम उर्फ सादाब साई अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

घटना गोड्डा जिले की है जहाँ एक नाबालिग लड़की मंगलवार की देर रात अपने घर से दोस्त के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर पास के तेलगामा गाँव जा रही थी। इस दौरान ग्राम बसडीहा के पास पीड़िता के दोस्त की बाइक कीचड़ में फँस गई। उसी समय एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लड़के वहाँ पहुँचे।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित नसीम व सद्दाम ने पीड़िता के दोस्त को मार पीट कर उसे भगा दिया। जिसके बाद हवस के भूखे भेड़ियों ने लड़की को अपनी बाइक पर जबरन बैठा कर पास की झाड़ी में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता रात भर दुष्कर्मियों का शिकार बनती रही।

नाबालिक का बलात्कार करने के बाद दोनों दरिंदो ने उसे एक घर के अंदर ले जाना चाहा। लेकिन घर का ताला बंद था और दोनों आरोपित ताला खोलने का प्रयास करने लग गए। वहीं इस मौके का फायदा उठाते ही पीड़िता वहाँ से भाग निकली। पीड़िता ने पास के एक घर से 100 नंबर डायल करके पुलिस को इसके बारे में सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँच कर आरोपित नसीम को धर दबोचा। वहीं सद्दाम वहाँ से भाग निकला।

बुधवार की देर शाम गोड्डा एसपी वाईएस रमेश ने प्रेस वार्ता आयोजित कर आदिवासी नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जानकारी मीडिया से साझा की। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस दुष्कर्मकांड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ महगामा डॉ वीरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है।

टीम द्वारा लगातार छापेमारी कर नसीम साई को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान नसीम ने अपना अपराध स्वीकार किया है। पुलिस द्वारा दूसरे आरोपित सादाब की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है।

दिल्ली दंगों की FIR नहीं दे रही पुलिस: AAP के अमानतुल्लाह, कभी कहा था – ‘…इतने मुसलमान कि गृहमंत्री का घर घेर सकते हैं’

दिल्ली विधानसभा की अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष हैं अमानतुल्लाह खान। इस अल्पसंख्यक समिति का आरोप है कि दिल्ली में हुए दंगों से संबंधित FIR की कॉपियाँ उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

AAP विधायक और विधानसभा की अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली सरकार के गृह सचिव को इस मामले में निर्देश दिया है। निर्देश के अनुसार दिल्ली सरकार के गृह सचिव को दिल्ली पुलिस से स्पष्टीकरण माँगने को कहा गया है।

दिल्ली विधानसभा की अल्पसंख्यक समिति ने बुधवार (16 सितंबर, 2020) को इस मामले से संबंधित मीटिंग की। मीटिंग में दिल्ली में हुए दंगे के तीन पीड़ितों को भी बुलाया गया। इन पीड़ितों का बयान भी दर्ज किया गया।

समिति ने तीन पीड़ितों के बयानों के आधार पर आरोप लगाया कि जिनके घरों को लूट लिया गया, जिनके भाई को दंगों में मार दिया गया, दिल्ली पुलिस इन तीन मामलों में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

AAP के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन मुख्य आरोपित

दिल्ली पुलिस ने जून 2, 2020 को बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में 2 चार्जशीट दायर की थी। इसमें आम आदमी पार्टी के (अब निलंबित) पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उसके भाई शाह आलम सहित 15 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने दस्तावेजों के साथ कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।

इस मामले में कुल 70 गवाह भी बनाए गए हैं। पूरे नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में दंगे भड़काए गए थे। कई हिन्दुओं को मार डाला गया था। चाँदबाग और जाफराबाद में हुए दंगों को लेकर ये चार्जशीट दायर की गई। ताहिर हुसैन पर इन दंगों को फंड करने और इसका मास्टरमाइंड होने की बात कही गई है। दंगों को भड़काने में 1.3 करोड़ रुपए से भी ज्यादा फूँके गए।

ताहिर हुसैन के बचाव में AAP विधायक अमानतुल्लाह खान

दंगों में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी द्वारा ताहिर को निलंबित कर दिया था। अमानतुल्लाह खान हालाँकि पार्टी से ‘आगे की चीज’ हैं। ताहिर को निलंबित करने के महज 16 मिनट बाद ही अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए उन्हें बेकसूर घोषित कर दिया था।

अमानतुल्लाह खान का एक वीडियो भी तब वायरल हुआ था। इसमें वो भड़काते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 2016 का बताया गया था। वीडियो में अमानतुल्लाह खान भीड़ को संबोधित करते हुए कहते हैं:

“आप लोग जिस जिंदादिली से यहाँ आए हैं, अगर आप लोग सिर्फ ये तय कर लें ना कि आज के बाद एक भी गिरफ्तारी हुई तो होम मिनिस्टर के घर को घेरना है। तो मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि इनकी इतनी हिम्मत नहीं होगी कि आपके एक बच्चे की तरफ भी ये आँख उठाकर देख लें। मैं सिर्फ इतना कहने आया हूँ कि दिल्ली में मुसलमानों की बहुत बड़ी तादाद है, लेकिन यहाँ पर जितने मुसलमान आए हैं, अगर सिर्फ वही ये तय कर लें तो उनकी हिम्मत नहीं होगी।”

एक और लव जिहाद: कमर अली बन गया पत्रकार अंकित बाजपेई, दो साल तक करता रहा रेप

उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद अब हरदोई से लव जिहाद का घिनौना रूप सामने आया है। कमर अली ने अंकित बाजपेई पत्रकार के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई। इसके जरिए उसने एक हिंदू युवती को अपनी प्रेम जाल में फँसाया और अश्लील फोटो खींच कर दो साल तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, अली की पोल तब खुली जब युवती ने ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया। लड़की हरदोई शहर कोतवाली इलाके की रहने वाली है। वह शाहजहाँपुर में एक निजी कंपनी में नौकरी करती है। युवती के मुताबिक कमर अली फेसबुक पर फर्जी आईडी के जरिए पत्रकार अंकित बाजपेई के नाम से उसके संपर्क में आया था। अंकित के नाम पर बनाई गई आईडी से वह युवती से चैट करने लगा। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी हो गई।

साभार :एबीपी न्यूज़

युवती के अनुसार, अंकित बने कमर अली ने एक दिन उससे मिलने की इच्छा जताते हुए उसे अपने घर पर बुलाया। युवती राजी हो गई। इस दौरान कमर अली ने चाय में नशीली दवा मिला कर उसकी अश्लील तस्वीरें अपने फ़ोन में खींच ली। उसने बलात्कार भी किया।

युवती ने आरोप लगाया कि कमर अली ने उन्हीं तस्वीरों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल किया और दो साल तक उसका बलात्कार किया। जब पीड़िता ने इससे तंग आकर पुलिस थाने में जाने की बात कही तो अली ने उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देने लगा। जब पीड़िता को ये सब बर्दाश्त से बाहर लगने लगा तो उसने अपने परिवारवालों से सारी बातें बता दी।

पीड़िता और उसके परिजनों ने 9 सितंबर को पत्रकार अंकित बाजपेई के नाम से थाने में एफआईआर दर्ज कराई। लड़की ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि युवक अपने मोबाइल फोन में खींची गईं अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसको ब्लैकमेल करता रहा। वहीं पुलिस मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपित की तलाश में जुट गई। जिस दौरान एक चौंकाने वाला रहस्य पुलिस के सामने आया।

दरअसल युवती ने जिस नाम और फोटो के साथ युवक के खिलाफ शिकायत की थी। वह अंकित बाजपेई नहीं बल्कि कमर अली निकला। वह रामनगर कस्बा का रहने वाला है। पुलिस ने कमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

वहीं कुछ दिनों बाद हिंदू युवती ने इस मामले में पाली थाने में भी शिकायत दर्ज कराया। जिसपर कार्रवाई करते हुए कमर अली को दोबारा हिरासत में ले लिया गया। थानाध्यक्ष विनोद कुमार गोस्वामी ने बताया कि युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जाँच शुरू कर दी गई है।

श्रीनगर में सुरक्षाबलों की कार्रवाई 3 आतंकी ढेर: इस साल पूरे जम्मू कश्मीर में 177 आतंकवादियों का हुआ सफाया

गुरूवार (17 सितंबर 2020) को जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने कुल 3 आतंकवादियों को मार गिराया। जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने इस बात की जानकारी दी। उनके मुताबिक़ इस साल श्रीनगर इलाके में सुरक्षाबलों ने कुल 16 आतंकवादियों को ढेर किया। इसके अलावा पूरे राज्य की सीमा में लगभग 177 आतंकवादी मारे गए। 

डीजीपी दिलबाग सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि श्रीनगर के बटमालू इलाके में गुरूवार की सुबह से ही एनकाउंटर जारी था। उन्होंने कहा, “सुरक्षाबलों ने केवल इस साल राजधानी श्रीनगर में आतंकवादियों के विरुद्ध 7 ऑपरेशन अंजाम दिए। इस दौरान कुल 16 आतंकवादी मारे गए। वहीं पूरे राज्य में कुल 72 ऑपरेशन चलाए गए जिसमें लगभग 177 आतंकवादी मारे गए।”      

इसके बाद दिलबाग सिंह ने बताया कि साल भर में जितने आतंकवादी मारे गए उनमें से कई का सम्बंध पाकिस्तान से भी था। आतंकवादियों के पास कई तरह के हथियार भी बरामद हुए हैं। एनकाउंटर के दौरान एक महिला की मौत भी हुई जिसकी मौत पर डीजीपी ने अफ़सोस भी जताया है। इसके अलावा सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट घायल भी हुए हैं। फ़िलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी देखभाल जारी है।   

ख़बरों के अनुसार पुलिस और सुरक्षाबलों को रात के लगभग ढाई बजे सूचना मिली कि श्रीनगर के बटमालू स्थित फिरदौसाबाद में आतंकवादी छुपे हुए हैं। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने उस पूरे इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जैसे ही सुरक्षाबल घटनास्थल पर पहुँचे आतंकवादियों ने उन पर गोली चलाना शुरू कर दिया और वहीं पर मुठभेड़ शुरू हो गई। अंततः सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को मुँह तोड़ जवाब देते हुए सभी को मार गिराया।  

हाल ही में जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करने वाले एक समूह का खुलासा किया था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार 3 युवकों का समूह पाकिस्तान के आतंकवादियों के सम्पर्क में था। तीनों युवकों की पहचान गुटलीबाग़ के रहने वाले अर्शिद अहमद खान, गारबंदल निवासी माजिद रसूल और मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई थी। यह तीनों काफी समय से पाकिस्तानी आतंकवादी फ़याज़ के सम्पर्क में थे। तीनों उसके कहे अनुसार की आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देते थे।

बबलू उर्फ शब्बीर ने मेरे शरीर का कपड़ा खोल दिया, बराबर गलत काम किया: 8वीं की हिंदू बच्ची ने कोर्ट में सुनाई आपबीती

बिहार के मधुबनी जिले के हरलाखी थानांतर्गत ग्राम नहरनियाँ से गायब हुई 14 वर्षीय नाबालिग अब अपने परिवार के पास पहुँच चुकी है। उसकी बरामदगी बिहार पुलिस ने अहमदाबाद से कुछ दिन पहले ही की थी और साथ ही आरोपित शब्बीर (पिछली शिकायत में नाम साबिर है) को भी गिरफ्तार किया था। परिजनों के अनुसार, प्रशासन ने लड़की को उन्हें 15 सितंबर को सौंपा। इससे पहले उसका बयान कोर्ट में दर्ज किया गया।

कोर्ट में दिए बयान में लड़की ने सारी आपबीती बताई। इसकी एक कॉपी ऑपइंडिया के पास भी है। पीड़िता ने बताया कि 20 अगस्त 2020 को शाम 6:30 बजे जब वह शौच करने के लिए गई तभी शब्बीर ने पीछे से उसका मुँह पकड़ लिया और उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। फिर उसे दिल्ली ले गए। उसके बाद गुजरात ले गया। गुजरात पहुँचकर उसे मालूम हुआ कि शब्बीर के साथ और लोग भी थे।

हालाँकि, बेहोश हालत में होने के कारण पीड़िता किसी को पहचान नहीं पाई। जब उसने उनका विरोध किया तो उसे चुप रहने की धमकी दी गई और कहा गया, “तुम्हारे घरवालों को भी निपटा देंगे।” बयान में लड़की ने अपने साथ ‘गलत काम’ होने की बात कही है। उसने कहा है, “मेरे साथ बबलू उर्फ शब्बीर ने गलत काम किया और मेरे शरीर का कपड़ा खोल दिया एवं लगातार गलत काम करता रहा। मैं विरोध करती तो जबरदस्ती मेरे साथ गलत करता।”

पीड़िता के घर लौटने के बाद ऑपइंडिया ने उससे और उसके परिजनों से बात की। पीड़िता ने बयान में लिखी बातों को दोहराते हुए बताया कि अहमदाबाद ले जाने के समय उसे धमका दिया गया था। वहीं, लड़की के भाई ने बताया कि शब्बीर (साबिर) ने उनकी बहन को अगवा कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और भगवान का नाम लेने से भी मना किया।

पीड़िता के भाई की मानें तो शब्बीर उनकी बहन को कहता था भगवान का नाम मत लिया करो। यह गुनाह होता है। अल्लाह का नाम लिया करो। वह बताते हैं कि शब्बीर उनकी बहन से धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव बनाता था, लेकिन उनका मानना है कि शादी वगैरह सब झूठी बातें हैं, और वह उनकी बहन को बेचने के इरादे से ही ले गया था।

बता दें, पुलिस ने इस मामले में शब्बीर के साथ उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा लड़की ने बरामद होने के बाद एक मुर्तजा नाम के लड़के का नाम भी पुलिस को बताया है। उसका कहना है कि शब्बीर के कुकर्म में वह भी शामिल था।

उल्लेखनीय है कि इस पूरे किडनैपिंग मामले पर एनसीपीसीआर ने पिछले दिनों संज्ञान लिया था। उससे पहले इस मामले को क्षेत्र विधायक सुधांशु शेखर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दायर किया था। परिवार ने शिकायत में बताया था कि 20 अगस्त को नाबालिग अपने घर से शौच के लिए बाहर निकली थी। इसके बाद वह लापता हो गई। घरवालों ने उसके अपहरण का आरोप गाँव में ही रहने वाले दूसरे समुदाय के शब्बीर पर लगाया था। पीड़ित पक्ष का ये भी कहना था कि जब वह शब्बीर के घर पर अपनी बेटी का पता पूछने गए तो उन्हें लड़की के बारे में बताने की बजाय ये कहा गया कि तुम्हारे बेटी का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए ले गए हैं।

इस संबंध में 23 अगस्त को लड़की के घरवालों ने शिकायत दर्ज करवाई थी और 26 अगस्त को इस मामले पर एफआईआर हुई थी। लड़की के पिता ने अपनी शिकायत में कहा था कि जब वह लोग अपनी लड़की के बारे में पूछने शब्बीर के घर गए तो उन्हें कहा गया, “तुमको जो ताकत लगाना है लगाओ। हमने तैयारी कर ली है। तुम्हारी लड़की का धर्मांतरण कर देंगे। तुम्हारी औकात नहीं है कि तुम हम सबका कुछ कर सको। मेरे घर से चले जाओ नहीं तो मारकर फेंक देंगे।“

चीन के इशारों पर नेपाल की नई चाल: देहरादून, नैनीताल समेत हिमाचल, यूपी, बिहार और सिक्किम के कई शहरों को बताया अपना हिस्सा

पड़ोसी देश नेपाल ने भारत को उकसाने के लिए एक बार फिर अजीबोगरीब बयान दिया है। नेपाल के नए कारनामें की वजह से दोनों देशों में फिर से तनाव बढ़ने की संभावना है। चीन के इशारों पर काम कर रहे नेपाल ने अब एक और विवादित अभियान चला रखा है। इस अभियान के तहत वो उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल समेत हिमाचल, यूपी, बिहार और सिक्किम के कई शहरों को नेपाली होने का दावा कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी नेपाली कम्यूनिस्ट पार्टी ने यूनिफाइड नेपाल नेशनल फ्रंट के साथ हाथ मिलाकर ग्रेटर नेपाल के लिए एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान में भारतीय शहरों जैसे देहरादून और नैनीताल को नेपाल का होने का दावा किया है।

इतना ही नहीं नेपाल के कम्युनिस्टों ने अपने अवैध दावे में भारतीय शहर उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार और सिक्किम को भी अपने ‘ग्रेटर नेपाल’ अभियान में नेपाल का हिस्सा बताया है। बता दें 1816 में हुई सुगौली संधि से पहले के नेपाल की तस्वीर का हवाला देते हुए नेपाल के नागरिकों को भ्रमित किया जा रहा है। साथ ही इस दावे को लेकर पहले ही सोशल मीडिया अभियान शुरू किया जा चुका है।

नेपाली वामपंथियों के समूह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बकायदा ‘ग्रेटर नेपाल’ नाम से एक फेसबुक पेज भी बनाया है, जो भारतीय क्षेत्रों को नेपाल में विलय की माँग करता है।

बता दें केपी ओली के नेपाल में सत्ता में आने के बाद से ही ग्रेटर नेपाल की माँग उठने लगी थी। इससे पहले नेपाल ने 8 अप्रैल 2019 को संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे को उठाया था।

गौरतलब है कि नेपाल द्वारा यह पहली बार भारतीय क्षेत्रों पर फर्जी दावा नहीं किया गया है। इससे पहले भी नेपाल ने भारतीय क्षेत्र लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपने नए राजनीतिक मानचित्र में शामिल किया था। जिसके बाद भारत में इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली पर भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए चीन से भारी रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया गया है। कथित तौर पर इसके लिए चीनी सरकार नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कई मिलियन डॉलर दे रही है।

नेपाल के प्रधानमंत्री पर आरोप है कि ओली के जेनेवा बैंक अकाउंट में 41.34 करोड़ रुपए जमा हैं। बताया जा रहा है कि इसी तरीके से चीन नेपाल सरकार को भारत के खिलाफ बरगलाने का काम कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि चीन के इशारे पर कार्रवाई करते हुए नेपाल की संसद ने जून में देश के संविधान में लिम्पियाधुरा, लिपुलेख, और कालापानी सहित देश के नक्शे को अपडेट करने के लिए एक संशोधन पारित किया था।

उमर खालिद के अरेस्ट होने की क्या है वजह? अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti explains Why Umar Khalid arrested

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों की जाँच में जुटी दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों उमर खालिद को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही सोशल मीडिया पर लिबरल गिरोह का रोना पीटना शुरू हो गया। इससे पहले खालिद का नाम AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था।

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में हुसैन ने यह कबूला था कि 8 जनवरी 2020 को शाहीन बाग में उसकी मीटिंग उमर खालिद और खालिद सैफी से हुई, जिसमें यह तय हुआ कि दंगे कब होने हैं। अब इसी उमर खालिद के फोन से पुलिस को 40 जीबी ऐसा डेटा हाथ लगा है, जिसकी फॉरेंसिंक जाँच के बाद पता चलता है कि आखिर उमर खालिद किस करह इन दंगों में शामिल था।

इसके अलावा उमर के भाषणों पर यदि गौर किया जाए तो यह भी मालूम होगा कि उसने कैसे वर्ग विशेष को उन हर कानूनों पर बरगलाया, जिन्हें सरकार या तो समुदाय विशेष की भलाई के लिए लेकर आई या जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं था।

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थालियाँ सजाते हैं यह अपने बच्चों के लिए, हम जैसों को फेंके जाते हैं सिर्फ़ टुकड़े: रणवीर शौरी का जया को जवाब और कंगना को साथ

फिल्म कलाकार और राज्यसभा सांसद जया बच्चन के संसद में दिए ‘थाली में छेद’ वाले बयान पर लगातार विवाद जारी है, कुछ कलाकारों ने जया बच्चन के इस बयान का समर्थन किया था। वहीं कंगना रनौत ने इस इस मुद्दे पर जया बच्चन को करारा जवाब दिया था। अब बॉलीवुड कलाकार रणवीर शौरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना को समर्थन देते हुए कहा है कि उनके जैसे कलाकार अपना टिफिन खुद पैक करके काम पर जाते हैं।       

रणवीर शौरी ने कंगना रनौत का समर्थन करते हुए ट्वीट किया और जया बच्चन के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्वीट में उन्होंने जया बच्चन के नाम का ज़िक्र नहीं करते हुए लिखा, “थालियाँ सजाते हैं यह अपने बच्चों के लिए। हम जैसों को फेंके जाते हैं सिर्फ़ टुकड़े। अपना टिफिन खुद पैक करके काम पे जाते हैं हम। किसी ने कुछ दिया नहीं है। जो है, वो है जो यह लोग हमसे ले नहीं सके। इनका बस चलता तो वो भी अपने ही बच्चों को दे देते।”

गौरतलब है कि जया बच्चन के बयान पर पूरा बॉलीवुड दो हिस्सों में बँट गया है। जिसमें कई लोग उनके समर्थन में आए तो वहीं कुछ लोगों ने जया बच्चन के बयान की आलोचना की थी। इसी कड़ी में कंगना रनौत ने जया बच्चन के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। कंगना ने एक ट्वीट के जवाब में लिखा, 

“कौन सी थाली दी है जया जी और उनकी इंडस्ट्री ने? एक थाली मिली थी जिसमें दो मिनट के रोल आइटम नम्बर्ज़ और एक रोमांटिक सीन मिलता था वो भी हीरो के साथ सोने के बाद। मैंने इस इंडस्ट्री को फ़ेमिनिज़्म सिखाया, थाली देश भक्ति नारी प्रधान फ़िल्मों से सजाई, यह मेरी अपनी थाली है जया जी आपकी नहीं।” कंगना रनौत ने जया बच्चन से यह भी पूछा था कि जैसा उनके साथ हुआ वैसा उनकी बेटी श्वेता के साथ होता या जैसा सुशांत के साथ हुआ वैसे उनके बेटे अभिषेक के साथ होता तो भी क्या वह ऐसे ही कहतीं?

इसके पहले एएनआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए रवि किशन ने कहा था, “मुझे लगा था कि जो भी मैंने कहा, जया जी उसका समर्थन करेंगी। सभी लोग इंडस्ट्री में ड्रग्स नहीं लेते लेकिन जो लोग लेते हैं, वे दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री को खत्म कर देना चाहते हैं।”

दरअसल जया बच्चन ने राज्यसभा के शून्य काल में आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल मुट्ठी भर लोगों के कारण आप पूरे बॉलीवुड को ड्रग्स एडिक्टेड नहीं बता सकते, उनकी छवि नहीं खराब कर सकते। रवि किशन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद भी करते हैं। साथ ही सरकार पर ऐसी ‘भाषा’ पर लगाम लगाने को भी कहा था। जया बच्चन ने रवि किशन पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो इस बात से शर्मिंदा हैं कि एक दिन पहले उसी सांसद ने बॉलीवुड में ड्रग्स की बात करते हुए पूरी इंडस्ट्री को भला-बुरा कहा, जो इसी का एक हिस्सा हैं।

अभिनेता और सांसद रवि किशन ने हाल ही में संसद के भीतर बॉलीवुड के ड्रग्स नेटवर्क का मुद्दा उठाया था। बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमा चुके अभिनेता ने ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा था कि ये पड़ोसी देशों की साजिश है। उन्होंने एनसीबी की कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा था कि कई लोगों को पकड़ा भी गया है लेकिन वो केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान और चीन से ड्रग्स तस्करी काफी बढ़ गई है, जिससे हमारे युवा बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि पंजाब और नेपाल के रास्ते भारत में ड्रग्स की अवैध सप्लाई की जा रही है। उन्होंने पड़ोसी देशों की इस साजिश का अंत करने के लिए इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जल्द से जल्द गिरफ़्तारी की माँग की थी।

तमिलनाडु: बेटे का जन्मदिन मना रहे दलित भाजपा नेता की बेरहमी से हत्या, नौ गिरफ्तार

तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के केलेमंगलम से एक भयानक घटना सामने आई है। मंगलवार (17 सितंबर, 2020) रात को कुछ अज्ञात लोगों द्वारा भाजपा युवा विंग के नेता रंगनाथन की बेहरहमी से हत्या कर दी गई।

ऑर्गनाइज़र की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को 35 वर्षीय दलित भाजपा पदाधिकारी रंगनाथन को एक अज्ञात गिरोह ने मार डाला। रंगनाथन हाल ही में AIADMK को छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्हें कुंडुमारनप्पल्ली गाँव के बीजेपी यूथ विंग अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रंगनाथन मंगलवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने बेटे का जन्मदिन मना रहे थे। तभी अचानक एक अज्ञात गिरोह ने जबरदस्ती उनके घर में प्रवेश किया और उनके साथ झगड़ा करने लग गए। जैसे ही रंगनाथन हमलावरों से बचने के लिए सड़क की ओर भागे, गिरोह ने उनका पीछा किया और उन पर कुल्हाड़ी और अन्य घातक हथियारों से हमला कर दिया।

हमले के दौरान भाजपा नेता गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं अज्ञात हमलावर भाजपा नेता पर हमला करने के बाद वहाँ से फरार हो गए। रंगनाथन के रिश्तेदारों ने गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए केलमंगलम सरकारी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस दौरान पुलिस ने शव को जब्त कर ऑटोप्सी के लिए शव को होसूर सरकारी अस्पताल भेज दिया। बता दें मृतक भाजपा नेता के घर में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। 38 वर्ष रंगनाथन कथित तौर पर एक निजी स्कूल के बस चालक के रूप में काम करते थे।

गुस्साए रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने भाजपा नेता के नृशंस हत्या के बाद हत्यारों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर कुंडुमारनप्पल्ली मुख्य सड़क पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए शव लेने से इनकार भी कर दिया।

रंगनाथन के परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए व्यापारियों और दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद कर दी। इस दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्रन, जिला अध्यक्ष नागराज और अन्य भाजपा कैडर भी विरोध में शामिल हुए।

लोगों में आक्रोश और प्रदर्शनकारियों की बढ़ती भीड़ को शांत करने के लिए जिला संयुक्त पुलिस अधीक्षक सक्तिवेल ने मौके पर पहुँच कर परिवार को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार करेंगे। जिसके बाद परिवार ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।

गौरतलब है केलमंगलम पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पुलिस को शक है कि पिछली दुश्मनी के चलते ही भाजपा नेता की हत्या हुई है। फिलहाल पुलिस ने मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। भाजपा नेता की हत्या ने केलमंगलम में तनाव का माहौल पैदा कर दिया हैं। वहीं मौजूदा तनाव को देखते हुए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया है।