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लंदन में एस जयशंकर की गाड़ी पर खालिस्तानियों का हमला, पुलिस के सामने तिरंगे को फाड़ा: बोले विदेश मंत्री- PoK को भारत में मिला सदा के लिए खत्म करेंगे मुद्दा

लंदन में खालिस्तान समर्थकों के समूह ने जयशंकर और भारतीय राजदूत की गाड़ी को घेर लिया और उन पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान खालिस्तान के झंडे लहराए गए और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ सहित कई आपत्तिजनक नारे लगाए गए। एक शख्स ने भारतीय झंडा तिरंगा को फाड़ दिया। वहीं, एक कार्यक्रम में उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेने की बात कही।

जयशंकर गुरुवार (6 मार्च) को लंदन के चैथम हाउस थिंक टैंक के कार्यक्रम में जा रहे थे। जब वे अपनी कार से उतरे तो खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, उनके सामने एक शख्स ने भारतीय झंडा तिरंगा को फाड़ दिया। इस दौरान लंदन पुलिस चुपचाप सब कुछ देखती रही। उसने खालिस्तानी गुंड़ों को वहाँ से हटाने की कोशिश नहीं की।

चैथम हाउस के कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि कश्मीर घाटी में शांति के लिए अनुच्छेद 370 को हटाया गया। इसके बाद अब देश को कश्मीर से चुराए गए हिस्से की वापसी का इंतजार है। इसे पाकिस्तान ने चोरी की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को खाली कराने से यह मुद्दा पूरी तरह से हल हो जाएगा।

जयशंकर ने कहा कि कश्मीर के अधिकांश मुद्दों का हल निकाल लिया गया है। अनुच्छेद 370 खत्म करना पहला कदम था। कश्मीर में विकास और सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था और राज्य में चुनाव कराना तीसरा कदम था। अब मामला सिर्फ PoK का है। उसे वापस लेने के बाद कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिए हल हो जाएगा।

बता दें कि जयशंकर 4 से लेकर 9 मार्च तक ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वे अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है, जिसमें व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोगों के बीच आपसी संबंध और रक्षा सहयोग शामिल हैं।

ब्रिटेन की अपनी आधिकारिक यात्रा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर 6 और 7 मार्च को आयरलैंड की यात्रा पर रहेंगे। यहाँ वे आयरिश विदेश मंत्री साइमन हैरिस से मिलेंगे और उनसे कई मुद्दों पर बात करेंगे। इसके अलावा, वे आयरलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बातचीत करेंगे। अंत में वे भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कर्नाटक में मुस्लिमों को 4% आरक्षण, सरकारी पैसे से बनेंगे अमीर: कॉन्ग्रेसी CM ला रहे प्रस्ताव, भाजपा बोली- हिन्दुओं का हिस्सा छीन रहे

कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिम आरक्षण की तैयारी कर रही है। यह आरक्षण राज्य में दिए जाने वाले ठेकों में लागू किया जाएगा। इसके लिए कानूनी मोर्चे पर हलचल तेज है। राज्य में मुस्लिमों को आरक्षण क़ानून में बदलाव करके दिया जाएगा। भाजपा ने कॉन्ग्रेस के इस कदम का विरोध करते हुए हमला बोला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार मुस्लिमों को कर्नाटक के सरकारी निर्माण के ठेकों में 4% का आरक्षण देना चाहती है। कॉन्ग्रेस यह आरक्षण देने के लिए 1999 के एक कानून में बदलाव करेगी। नया विधेयक बजट सत्र में ही लाया जाएगा।

इस विधेयक का राज्य के वित्त विभाग ने एक मसौदा तैयार भी कर लिया है। बताया गया है कि राज्य के संसदीय कार्य मंत्री ने भी इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। जल्द ही यह विधेयक विधानसभा में पेश हो जाएगा। अगर मुस्लिमों के लिए आरक्षण लागू होता है तो राज्य में ठेकों में आरक्षण बढ़कर 47% हो जाएगा।

कर्नाटक में अभी SC-ST और OBC को आरक्षण मिलता है। यह आरक्षण वर्गीकृत करके दिया जाता है। ठेकों में आरक्षण सिद्दारमैया ने ही लागू किया था। उन्होंने 2013-18 की सरकार के दौरान SC-ST जबकि बीते वर्ष OBC को आरक्षण देने का ऐलान किया था।

ऐसा पहली बार नहीं है कि कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिमों को अलग से आरक्षण देने की तैयारी की हो। इससे पहले नवम्बर, 2024 में भी सरकार इस प्रस्ताव पर काम कर चुकी है लेकिन तब विरोध के कारण इस आइडिया को छोड़ दिया गया था।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का यह कदम मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ लुभाने का एक पैंतरा माना जा रहा है। वह इस मामले में JD(S) को किनारे करना चाहती है। सिद्दारमैया सरकार के इस प्रस्ताव को लेकर अब राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा हमलावर है। भाजपा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस केवल मुस्लिमों को ही अल्पसंख्यक मानती है।

भाजपा ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है। कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेन्द्र ने कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी लगातार ऐसे कानून लाती है जो हिंदुओं और अन्य समुदायों के खिलाफ भेदभाव करते है, उनसे उनके अधिकार छीनते हैं जबकि मुसलमानों को लाभ पहुंचाते हैं।”

1 करोड़ पांडुलिपि को डिजिटल अवतार दे रहा भारत, PM मोदी ने ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के बारे में बताया: कहा- एजुकेशन, स्किल और हेल्थकेयर से खड़ा होता है देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (5 मार्च) को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कौशल विकास और इनोवेशन में निवेश करने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए AI, चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण और शहरी नियोजन में बड़ा निवेश करना ही होगा।

बजट वेबिनार में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने जितनी प्राथमिकता आधारभूत ढाँचे के विकास और उद्योगों को दी है, उतनी ही प्राथमिकता मानव विकास, अर्थव्यवस्था और नवाचार को भी दी है। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन में निवेश का विज़न तीन स्तंंभों पर खड़ा होता है और वह है- शिक्षा, कौशल विकास और चिकित्सा।

उन्होंने कहा कि भारत का वर्तमान शिक्षा प्रणाली बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। इसके नतीजे आने वाले कुछ वर्षों में दिखने शुरू हो जाएँगे। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) जैसे बड़े कदम, IIT का विस्तार, एजुकेशन सिस्टम में तकनीक का समावेश, AI का उपयोग, पाठ्यपुस्तकों का डिजिटलीकरण जैसे अनेकों प्रयास मिशन मोड में हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने से लेकर अब तक 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 1,000 से अधिक ITI संस्थानों को अपग्रेड करने और 5 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरी करने के लिए ध्यान में रखा जा रहा है।

इस साल की बजट की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस बार के बजट में 10,000 अतिरिक्त मेडिकल सीटों की घोषणा की गई है। अगले 5 सालों में 75,000 सीटें जोड़ने का टारगेट है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा लोगों तक पहुँचाना सरकार का लक्ष्य है और इसके लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेली-मेडिसिन सुविधा का विस्तार हो रहा है।

पीएम मोदी ने साल 2047 के अपने विजन के बारे में बताते हुए कहा कि साल 2047 तक भारत की शहरी आबादी लगभग 90 करोड़ होने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी के लिए योजनाबद्ध शहरीकरण की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने 1,00,000 करोड़ रुपए का Urban Challenge Fund बनाने की पहल की है। इससे गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सस्टनेबिलिटी पर फोकस किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने भारत में पर्यटन उद्योग में भारी संभावनाओं की ओर भी इंगित किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन सेक्टर का देश की जीडीपी में 10 प्रतिशत तक होने की संभावना है। इसे करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में 50 जगहों को टूरिज्म पर फोकस करते हुए विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘Heal in India’ और ‘Land of the Buddha’ अभियान के माध्यम से दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन गया है। इसके लिए सरकार ने इस बजट में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपए का फंड पास किया गया है। इससे निवेश बढ़ेगा। IIT और IISc में 10,000 रिसर्च फेलोशिप की व्यवस्था बनाई गई है। इससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

इतना ही नहीं, मोदी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपियों की विरासत को सहेजने का काम चल रहा है। इस मिशन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को डिजिटल फॉर्म में बदला जाएगा। इसके बाद एक नेशनल डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी, जिससे दुनिया भर के स्कॉलर्स और रिसर्चर्स भारत के ऐतिहासिक और पारंपरिक ज्ञान को जान सकें।

कौन सी मस्जिद (अहमदिया या बिस्मिल्लाह) से पहले दिया जाएगा अजान- इस पर भिड़े शिया और अल अदीस मुस्लिम: रमजान में एक-दूसरे पर बरसाए पत्थर, अहमदाबाद की घटना

गुजरात के अहमदाबाद में रमजान के महीने में मुस्लिमों के दो गुटों के बीच खूब पत्थर चले। अजान देने को लेकर हुए विवाद में मस्जिद के बाहर काफी देर तक मुस्लिमों के बीच लड़ाई होती रही। लड़ाई में कई लोग घायल हुए हैं। मामला मुस्लिमों के दो फिरकों से जुड़ा हुआ है। इस लड़ाई झगड़े का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस झगड़े की वीडियो बीते कुछ दिनों से वायरल हो रही थी और बताया जा रहा था कि यह कर्णावती अहमदाबाद की है। इसमें पथराव होता दिख रहा था। हालाँकि, इसके विषय में पक्की जानकारी नहीं सामने आ रही थी। ऑपइंडिया के पास भी यह वीडियो आई थी।

ऑपइंडिया ने इस वीडियो के विषय में पता लगाने का प्रयास किया और इस कड़ी में अहमदाबाद पुलिस से सम्पर्क किया। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि यह वीडियो मुस्लिमों के बीच झड़प की ही है और उसे इस घटना के विषय में जानकारी है।

अहमदाबाद पुलिस ने बताया, “यह वीडियो 2 मार्च 2025 यानी पिछले रविवार शाम 6:30 बजे का है। अहमदाबाद के शाहपुर थाना क्षेत्र में पहले अज़ान देने के मुद्दे पर अहमदिया मुसलमानों और बिस्मिल्लाह मस्जिद के बीच झड़प हो गई। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के दो कबीले अल अदीस और शिया आमने-सामने आ गए और दोनों में मारपीट शुरू हो गई।”

अहमदाबाद पुलिस ने आगे बताया, “बाद में दोनों गुटों के बीच समझौता हो गया।” अहमदाबाद पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस वीडियो की प्रामाणिकता और इसका अहमदाबाद से होना भी सही साबित हुआ है। यह भी पता चला कि यह घटना इसी रमजान महीने की है।

‘अपनी सहेलियों से भी मिलवाओ’: ब्यावर की तरह ही भीलवाड़ा में भी एक्टिव था ‘मुस्लिम गैंग’, कुछ सदस्य कैफे में करते थे रेप… कुछ बाहर देते थे पहरा

राजस्थान के भीलवाड़ा में ब्यावर जैसा कांड हुआ है। एक युवती के साथ मुस्लिम लड़कों के एक गैंग ने एक साल तक रेप किया। युवती पर अश्लील फोटो-वीडियो से दबाव बनाया जाता था। उसे लगातार ब्लैकमेल करके एक कैफे में ले जाकर रेप किया गया। पीड़िता को अपनी सहेलियों से दोस्ती करवाने को कहा गया। सभी आरोपितों को इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

कैफे में हुआ रेप

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भीलवाड़ा की रहने वाली एक युवती ने हाल ही में पुलिस के पास रेप और ब्लैकमेल मामले में FIR दर्ज करवाई थी। युवती ने बताया है कि मार्च 2024 में उसके साथ की एक मुस्लिम लड़की ने उस पर अपने एक भाई अशरफ से मिलने का दबाव बनाया।

युवती जब कैफे में पहुँची तो यहाँ उसको अशरफ के साथ एक और मुस्लिम युवक ने नशीली कॉफ़ी पिला दी। कैफे के भीतर युवती के साथ फिर दोनों लड़कों ने रेप किया। रेप के दौरान उसकी फोटो-वीडियो लिए गए। इस दौरान दूसरे मुस्लिम लड़के कैफे के बाहर खड़े रहे। यह मुस्लिम युवक निगरानी का काम करते थे।

इसके बाद युवती को प्रताड़ित करने का सिलसिला चालू हो गया। युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि अशरफ और दूसरे युवक ने यह अश्लील फोटो दूसरे मुस्लिम लड़कों के साथ साझा की। इसी के सहारे वह उस पर दबाव बनाने लगे। इसके बाद उन्होंने भी युवती के साथ रेप किया।

फोटो-वीडियो भी दूसरे मुस्लिम लड़कों को दिए

इतने तक ही कहानी नहीं रुकी। युवती के फोटो-वीडियो और भी साथियों के साथ बाँटे गए। उसे धमकी दी गई कि अगर वह रेप का विरोध करेगी तो फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएँगे। इसके चलते वह डरती रही और यह आरोपित उसका रेप करते रहे।

युवती के ऊपर अशरफ के एक दूसरे मुस्लिम साथी ने दबाव बनाया कि वह अपनी सहेलियों से बात करवाए। उसने जबरदस्ती उनके सोशल मीडिया हैंडल्स भी ले लिए। यहाँ तक कि एक पार्क में उसके साथ बदतमीजी की, जिसके बाद राहगीरों ने युवती को बचाया।

कोई मिस्त्री-कोई मजदूर

युवती को ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम गैंग के अधिकांश लड़के मजदूर-मिस्त्री का काम करते हैं। इनमें से एक पेंटर है, एक मिस्त्री, एक मजदूर और एक मोटर मैकेनिक के तौर पर काम करता है। मुख्य आरोपित अशरफ सट्टे का काम करता है। एक आरोपित मुस्लिम एक हत्याकांड का आरोपित है।

पुलिस ने इस मामले में FIR होने के बाद कार्रवाई चालू की है। FIR में 9 लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने इनमें से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अशरफ, बबलू, सनवीर मोहम्मद, सोयबनर मोहम्मद, फैजान गोरी, सोहेब, खालिद और आमिर हैं।

सांसद बोले- लव जिहाद का मामला

पुलिस ने उनकी मदद करने वाली मुस्लिम लड़की को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने टीमें बना कर इस मामले में जाँच चालू कर दी है। 8 आरोपितों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर भी लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ भी कर रही है। वकीलों ने इस मामले में मुस्लिम गैंग का केस लड़ने से मना किया है।

इस मामले में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने एसपी से मिलकर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। दामोदर अग्रवाल ने माँग की है कि लव जिहाद के माध्यम से बड़ा षड्यंत्र चल रहा है और भीलवाड़ा मामले में भी यही शक है। दामोदर अग्रवाल ने विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई है।

ब्यावर की तरह है मामला

इससे पहले राजस्थान के ब्यावर में कई हिन्दू लड़कियों को मिस्त्री-मजदूर वाले मुस्लिम गैंग ने कैफे में ले जाकर उनके साथ यौन शोषण किया था। इन हिन्दू लड़कियों की अश्लील फोटो वीडियो के सहारे उन्हें ब्लैकमेल करते थे। लड़कियों से कहा जाता था कि वह अपनी सहेलियों का नम्बर दें।

इस मामले में भी 6-7 मुस्लिम लड़के गिरफ्तार किए गए थे। इस गैंग में कुछ नाबालिग भी शामिल थे। ब्यावर कांड के बाद भीलवाड़ा में भी इसी तरह का मामला सामने आने पर कई संगठनों ने चिंता जताई है।

माफी से भी ‘औरंगजेब’ ने नहीं छोड़ा अबू आजमी का पीछा, महाराष्ट्र विधानसभा से सपा MLA निष्कासित: बोले CM योगी- UP भेजिए, हम इलाज करेंगे

महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अबू आजमी द्वारा मुगल आक्रांता औरंगजेब का गुणगान एवं महिमामंडन करने पर विवाद हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी आजमी को उत्तर प्रदेश भेजे, बाकी वे उनका उपचार करवा देंगे। वहीं, महाराष्ट्र के सत्ताधारी सदस्यों के भारी विरोध के बाद आजमी को पूरे बजट सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उस व्यक्ति (अबू आजमी) को (समाजवादी) पार्टी से निकालिए और यूपी भेजिए। हम इलाज करेंगे। जो व्यक्ति छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत पर शर्म महसूस करता है, गर्व करने के बजाय औरंगज़ेब को अपना आदर्श मानता है, क्या उसे हमारे देश में रहने का अधिकार है? समाजवादी पार्टी को इसका जवाब देना चाहिए।”

उत्तर प्रदेश के विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “एक तरफ़ आप (अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी) महाकुंभ को दोष देते रहते हैं, दूसरी तरफ़ आप औरंगज़ेब जैसे व्यक्ति की प्रशंसा करते हैं, जिसने देश के मंदिरों को नष्ट कर दिया। आप अपने उस विधायक को नियंत्रित क्यों नहीं कर सकते? आपने उसके बयान की निंदा क्यों नहीं की?”

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार (4 मार्च) को महाराष्ट्र के विधानसभा में अबू आजमी को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने तर्क दिया कि औरंगजेब की प्रशंसा करना मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान है। इसके बाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च को समाप्त होगा।

वहीं, समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के विधायक अबू आजमी के बयान की निंदा करने के बजाय उनका बचाव किया है। महाराष्ट्र के विधानसभा से अबू आजमी के निलंबन के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट करके कहा, “निलंबन का आधार यदि विचारधारा से प्रभावित होने लगेगा तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परतंत्रता में क्या अंतर रह जाएगा?”

उत्तर प्रदेश के कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने आगे कहा, “हमारे विधायक हों या सांसद, उनकी बेख़ौफ़ दानिशमंदी बेमिसाल है। कुछ लोग अगर सोचते हैं कि ‘निलंबन’ से सच की ज़ुबान पर कोई लगाम लगा सकता है तो फिर ये उनकी नकारात्मक सोच का बचपना है। आज़ाद ख़्याल कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!”

बता दें कि औरंगजेब पर दिए गए बयान को लेकर आजमी के खिलाफ महाराष्ट्र के ठाणे में केस भी दर्ज किया गया है। दरअसल, मुगल आक्रांता को लेकर आजमी ने कहा था, “मैं 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानता। औरंगजेब के शासनकाल में हमारा जीडीपी (विश्व जीडीपी का) 24 प्रतिशत था और भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।”

समाजवादी पार्टी के विधायक आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सीमाएँ अफगानिस्तान और बर्मा (आज का म्यांमार) तक फैली हुई थीं। उन्होंने कहा कि इन दिनों फिल्मों के माध्यम से मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है। अबू आजमी के इस बयान के बाद बवाल हो गया। बता दें कि हाल में ही औरंगजेब की क्रूरता पर छावा मूवी रिलीज हुई है।

आजमी के इस बयान पर महाराष्ट्र के दोनों सदनों में मंगलवार (4 मार्च) को आजमी के बयान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा, राकांपा (NCP) और एकनाथ शिंदे की गुट वाली शिवसेना के सदस्यों ने अबू आजमी को विधानसभा से निलंबित करने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की माँग की। इस हलचल को देखते हुए आज़मी ने अपने बयानों के लिए माफी माँग ली।

सोशल मीडिया साइट X पर अबू आजमी ने लिखा, “मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। औरंगज़ेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में मैंने वही कहा है, जो इतिहासकरों और लेखकों ने कहा है। मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुषों के बारे में कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है, फिर भी मेरी इस बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द, अपना स्टेटमेंट वापस लेता हूँ।”

काफिला लेकर ‘साधना’ करने होशियारपुर पहुँचे अरविंद केजरीवाल, ‘VVIP विपश्यना’ पर AAP सांसद ने भी उठाया सवाल: कहा- पंजाब को ऐशो आराम का जरिया बनाया

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) मुखिया अरविन्द केजरीवाल पंजाब पहुँचे हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री की कुर्सी जाने के बाद वह अब पंजाब में VVIP दर्जे का फायदा ले रहे हैं। यहाँ उनके साथ दर्जनों गाड़ियों का काफिला चल रहा है। वह पंजाब में विपश्यना करने गए हैं। यहाँ भगवंत मान की सरकार उनकी अगवानी में लगी हुई है। लम्बे काफिले और VVIP ट्रीटमेंट के चलते अब उनकी आलोचना हो रही है। उनकी ही पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने भी उनकी आलोचना की है।

केजरीवाल मंगलवार (4 मार्च, 2025) को पंजाब के होशियारपुर पहुँचे थे। यहाँ वह धम्म ध्वजा विपश्यना केंद्र में पहुँचे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मौजूद हैं। बुधवार को यह विपश्यना प्रोग्राम चालू होगा। विपश्यना का यह कार्यक्रम 10 दिन चलेगा। केजरीवाल का इस विपश्यना केंद्र में पहुँचने का एक वीडियो भी सामने आया।

इस वीडियो के सामने आने के बाद उनकी आलोचना चालू हो गई। वीडियो में दिखता है कि केजरीवाल को विपश्यना केंद्र में ले जाने वाले काफिले में लाल-नीली बत्तियाँ लगी कई गाड़ियाँ। एक वीडियो में कई दर्जन ऐसी गाड़ियाँ दिखती हैं। इस काफिले में स्कॉर्पियो, थार जैसी सरकारी गाड़ियाँ भी थीं।

केजरीवाल के लिए कई बुलेटप्रूफ गाड़ियों का भी इंतजाम था। उनके इस वीडियो पर AAP की ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कटाक्ष किया है। स्वाति मालीवाल ने कहा है कि केजरीवाल का काफिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी बड़ा था।

उन्होंने लिखा, “जिस पंजाब की जनता ने इतना प्यार दिया उससे इतना डर लगता है केजरीवाल जी को? सारी दुनिया को VIP कल्चर पर टोकने वाले केजरीवाल जी आज ख़ुद डोनाल्ड ट्रम्प से बड़ा सुरक्षा घेरा लेकर घूम रहे हैं। ग़ज़ब ही है… कैसे पंजाब जैसे महान सूबे को सबने अपने ऐश आराम के साधन निकालने का ज़रिया बना लिया है।”

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी केजरीवाल पर हमला किया। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल की ये नकली सादगी एक और नौटंकी है। जो व्यक्ति भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबा हो, वह विपासना के असली अर्थ को क्या समझेगा?”

उन्होंने कहा कि केजरीवाल पंजाब के खजाने से लाखों रूपए उड़ा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविन्द केजरीवाल को विपश्यना के लिए भी अब 100 कमांडो और करोड़ों की गाड़ियाँ चाहिए। केजरीवाल और AAP पर पहले भी पंजाब के संसाधनों के दोहन के आरोप लगते रहे हैं।

खर्च- ₹7500 करोड़, फायदा- ₹3 लाख करोड़: प्रयागराज महाकुंभ से अर्थव्यवस्था भी बम-बम, जानिए कौन हैं वह नाविक जिन्होंने 45 दिन में कमाए ₹30 करोड़

उत्तर प्रदेश में महाकुंभ आयोजन के चलते आर्थिक फ्रंट पर काफी फायदा हुआ है। इससे अर्थव्यवस्था में ₹3 लाख करोड़ जुड़ने की संभावना है। होटल से लेकर ट्रांसपोर्ट और फ़ूड क्षेत्र में काफी कमाई हुई है। इस दौरान प्रयागराज में छोटे-मोटे धंधे करने वाले लोगों को भी बड़ा फायदा हुआ है। इसी तरह का एक उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है।

एक नाविक ने कमा लिए ₹30 करोड़

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर बोलते हुए मंगलवार (4 मार्च, 2025) को सीएम योगी एक नाविक परिवार के विषय में बताया। उन्होंने कहा, “एक ऐसा नाविक परिवार, जिनके पास 130 नौकाएँ थीं। इन लोगों ने 45 दिनों के महाकुंभ में ₹30 करोड़ की बचत की है। यानी एक नाव ने ₹23 लाख 45 दिनों में कमाए हैं।”

सीएम योगी ने बताया कि इसी हिसाब से एक दिन में एक नाव ने ₹50 हजार से लेकर ₹52 हजार तक की कमाई की है। सीएम योगी ने महाकुंभ आयोजन को लेकर किए गए खर्च और इससे अर्थव्यवस्था में हुई बढ़ोतरी को लेकर भी बात की।

उत्तर प्रदेश को ₹3.5 लाख करोड़ के फायदे का अनुमान

सीएम योगी ने बताया कि राज्य में महाकुंभ के आयोजन से राज्य को ₹3.5 लाख करोड़ का लाभ होने का अनुमान है। उन्होंने CAIT के आँकड़े भी दिए, जिसने बताया था कि महाकुंभ में लोगों ने ₹3 लाख करोड़ का खर्च किया जो अर्थव्यवस्था में जुड़े।

महाकुंभ के चलते ट्रांसपोर्ट, होटल, पूजा सामग्री और बाकी क्षेत्रों में हजारों करोड़ का खर्च हुआ। सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान होटल उद्योग में ₹40 हजार करोड़, खाने-पीने और FMCG में ₹33 हजार करोड़, परिवहन क्षेत्र में ₹1.5 लाख करोड़ और पूजा सामग्री के चलते ₹20 हजार करोड़ का फायदा हुआ है।

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के चलते अयोध्या और वाराणसी में भी भक्तों के बड़े जत्थे पहुँचे, जिससे यहाँ भी आर्थिक लाभ हुआ है। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने बताया है कि महाकुंभ में हुए बड़े खर्च के चलते देश को 6.5% की GDP बढ़ोतरी की रफ़्तार बनाए रखने में मदद मिलेगी।

महाकुंभ में 60 करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा अदि को भी इससे बड़ा फायदा हुआ है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इन राज्यों से भी थी।

₹7500 करोड़ हुए थे व्यवस्था पर खर्च

महाकुंभ से ₹3 लाख करोड़ का का फायदा तब हुआ है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके मुकाबले ₹7500 करोड़ का खर्च किया था। उत्तर प्रदेश सरकार में योगी सरकार ने महाकुंभ के लिए प्रयागराज शहर में काफी विकास किया। बड़ा खर्च इन्फ्रा सुधारने पर हुआ था।

योगी सरकार ने प्रयागराज के भीतर 200 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण किया था। योगी सरकार ने प्रयागराज में 14 नए फ्लाईओवर और 9 अंडरपास भी बनाए थे। नदी के तट को लेकर भी योगी सरकार ने काम किया था। मेला क्षेत्र में योगी सरकार ने 30 पीपा पुल बनाए थे। इसका लाभ अब योगी सरकार को मिला है।

मार-मार कर तोड़ दी भारतवंशी नर्स के चेहरे की सारी हड्डियाँ, अमेरिका में इलाज के दौरान नस्लीय हमला: कहा- भारतीय एकदम बेकार, मैंने एक डॉक्टर को पीट दिया

अमेरिका में एक व्यक्ति ने भारतवंशी नर्स पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने यह हमला भारतीयों से घृणा के चलते किया। नर्स इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुई। उसके चेहरे की सारी हड्डियाँ टूट गईं। अमेरिकी ने इस नस्लभेदी हमले के बाद भारतीयों को गालियाँ बकीं। वह हमले के बाद गिरफ्तार भी हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लोरिडा के एक अस्पताल में 33 साल का एक मानसिक रोगी स्टीफन स्केंटलबरी नाम का रोगी आया था। यहाँ उसका इलाज 67 वर्षीय भारतवंशी नर्स लीलम्मा लाल कर रही थीं। यहाँ इलाज के दौरान ही स्टीफन ने लीलम्मा लाल पर हिंसक हमला कर दिया।

उसने चेहरे पर कई वार किए। इसके चलते लीलम्मा लाल गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके चेहरे की सारी हड्डियाँ टूट गईं। लाल की आँखों में भी काफी चोट आई। इसके बाद स्टीफन यहाँ से भाग गया। उसके बारे में पुलिस को सूचना दी गई।

स्टीफन को कुछ ही देर बाद पुलिस ने पकड़ लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। स्टीफन ने इसके बाद नस्लभेदी टिप्पणियाँ भी की। उसने कहा, “भारतीय बुरे हैं। मैंने अभी-अभी एक भारतीय डॉक्टर को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।”

वर्तमान में लीलम्मा लाल का इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस हमले के चलते उनकी दोनों आँखों की रोशनी जाने की आशंका है। उनकी बेटी सिंडी ने कहा है कि हमले के बाद वह अपनी माँ को पहचान ही नहीं पा रही हैं।

उनकी बेटी ने बताया, “उसके दिमाग में खून का रिसाव हुआ है। उनके चेहरे का दाहिना हिस्सा पूरी तरह से टूट गया था… उनके नलियाँ पड़ी हुई थीं और वह बेहोश थी, उनके चेहरे पर बहुत सारे चोट के निशान थे और उसकी आँखों में सूजन थी। मैं वास्तव में उसे पहचान नहीं पाया।”

इस मामले में अब अमेरिका में काम करने वाली भारतीय नर्सों के संगठन ने कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाने की अपील की है। अमेरिका में भारतीयों पर नस्लभेदी हमले बीते कुछ समय में बढे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने टेके घुटने, रूस के साथ युद्ध खत्म करने को हुए तैयार: कहा- व्हाइट हाउस में जो हुआ उसका पछतावा, अब सब कुछ सही करने का समय

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की रूस के साथ युद्ध खत्म करने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने बातचीत की मेज पर आने के लिए हामी भरी है। जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में ट्रम्प के साथ बैठक में हुए झगड़े को लेकर भी दुख जताया है। जेलेंस्की के रुख में यह नरमी अमेरिका के यूक्रेन की सारी सैन्य मदद रोकने के फैसले के बाद दिखी है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शान्ति वार्ता को लेकर एक्स पर ऐलान किया है। उन्होंने लिखा, “हममें से कोई भी एक अंतहीन युद्ध नहीं चाहता। यूक्रेन स्थायी शान्ति लाने के लिए जल्द से जल्द बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार है…मेरी टीम और मैं शांति बहाल करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प के मजबूत नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “हम युद्ध को समाप्त करने के लिए तेजी से काम करने के लिए तैयार हैं, पहले चरण में कैदियों की रिहाई और हवाई हमलों पर रोक लगनी चाहिए। मिसाइलों, लंबी दूरी के ड्रोन, ऊर्जा और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे पर बमों पर भी रोक लगाई जानी चाहिए, रूस को भी यही करना होगा।”

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में हुई बैठक में हुए झगड़े को लेकर कहा, “शुक्रवार को वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में हमारी बैठक उस तरह नहीं हुई जैसी होनी चाहिए थी। यह अफ़सोस की बात है कि यह सब हुआ। अब समय आ गया है कि हम सब चीजों को ठीक करें।”

यूक्रेन ने अमेरिका के साथ खनिज डील करने पर भी सहमति जताई है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन यह डील किसी भी तरह से और किसी भी समय करने के लिए तैयार है। जेलेंस्की के रुख में यह बड़ा बदलाव अमेरिका के सैन्य मदद रोकने के फैसले के बाद आया है।

मंगलवार (4 मार्च, 2025) को अमेरिका ने यूक्रेन को भेजे जाने वाले मिसाइल, ड्रोन, टैंक समेत बाकी हथियारों की डिलीवरी रोक दी थी। अमेरिका ने इसके पीछे शान्ति वार्ता पर यूक्रेन के पीछे हटने को कारण बताया था। यह मदद रुकने के चलते यूक्रेन बड़े खतरे में पड़ गया था।

यह सैन्य मदद पैकेज रुकने के कुछ ही घंटे के भीतर यूक्रेन का रुख बदल गया। इस बदले रुख के बाद अमेरिका और यूक्रेन खनिज डील पूरी करने की तरफ बढ़ गए हैं। इस बीच यूरोप ने भी यूक्रेन को सैन्य मदद देने के लिए कदम आगे बढ़ाए हैं।