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व्यंग्य: नाराजदीप और तिरिया चक्रवर्ती का एक्सक्लूसिव और धमाकेदार इंटरव्यू | Satire: Tiriya Chkraborty speaks with Narajdeep

नाराजदीप ने तिरिया चक्रवर्ती के साथ इंटरव्यू किया। जब उनसे श्वेत रंग के वस्त्र न पहनने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “पिछले कई हफ्तों से अपने पीआर के कहने पर वही दो जोड़े बदल-बदल कर पहन रही थी। फिर मुझे पता चला कि आप सारे क्वारंटाइन नियमों को तोड़कर चार्टर्ड प्लेन में मुझे बेदाग करने आएँगे, तो फिर मुझे सफेद कपड़े पहनने की क्या आवश्यकता?” 

पहले सीबीआई जाँच की माँग करने और फिर मुकर जाने के सवाल पर तिरिया ने कहा कि महेश भट्ट ने सपने में आकर उनसे ऐसा करने के लिए कहा था। बाद में जब पूरा देश पीछे पड़ गया तो महेश भट्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस ही ठीक है। उन्होंने आगे कहा, “शुरू में मुझे लगा कि सीबीआई का मतलब ‘क्यूटिया बॉलीवुड इनवेस्टिगेशन’ होता है, जिसमें स्वरा दीदी, तापसी दीदी, सोनम दीदी, नसीर सर और अनुराग सर जैसे लोग होंगे।”

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

खालिस्तानी समूह द्वारा TikTok पर भारत विरोधी कंटेंट के कारण सिडनी में हरियाणवी समूह के साथ हुई झड़प, आरोपित जस्सी घायल

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के हैरिस पार्क में शुक्रवार (28 अगस्त, 2020) की रात को टिकटॉक पर हुए एक विवाद को लेकर खालिस्तानियों के एक समूह के साथ हरियाणा के लोगों का झड़प हो गया। यह विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट डालने को लेकर हुआ था।

पंजाबी गायक कमल चौधरी के अनुसार, यह झड़प खालिस्तानी जस्सी द्वारा टिकटॉक पर खालिस्तान के समर्थन और भारत के विरोध में कंटेंट पोस्ट करने के बाद शुरू हुआ।

पंजाबी सिंगर का फेसबुक पोस्ट

एक हरियाणवी व्यक्ति ने वीडियो के देखने के बाद उस पर आपत्ति जताई। जिसके बाद देखते ही देखते यह मामला गंभीर हो गया। मामला इतना आगे बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने अपने सहयोगियों को हैरिस पार्क में इकट्ठा किया और हाथापाई पर उतर आए। झड़प से पहले पार्क में इकठ्ठा खालिस्तानियों ने खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए।

बता दें कि इस झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए। वहीं मुख्य अपराधी जस्सी बुरी तरह घायल हो गया। ऑस्ट्रेलिया में हुए इस झड़प की वीडियो यूट्यूब पर इस वक्त वायरल हो रहा है।

जाहिर तौर पर मामला अभी तक ख़त्म नहीं हुआ है। जस्सी अभी भी धमकी दे रहा है कि वह बाद में हरियाणा के लोगों पर दोबारा से हमला करेगा। यह बात उसने तब कहीं जब वह झगड़े के दौरान बुरी तरह घायल हो गया था।

पंजाबी गायक ने कहा, “हम सभी यहाँ भारतीय पासपोर्ट के जरिए आए हैं। एक भारतीय के तौर पर हमनें सभी तरह के फॉर्म भरे है, ताकि हम यहाँ कड़ी मेहनत करके सबसे अच्छे कॉलेजों में दाखिला ले सके, साथ ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश मे रह सके लेकिन फिर भी हम इन अलगाववादी विचारों से छुटकारा नहीं पा सकते हैं, यह शर्मनाक है।”

एक व्यवसाय के मालिक नितिन सेतिया ने 9News को बताया, “यह जो कुछ हुआ अच्छा नहीं था।” “इस तरह की हरकत यहाँ के समुदाय के लिए बहुत बुरा है।” यह आशंका है कि इस तरह की गुंडागर्दी ऑस्ट्रेलिया में समुदाय की छवि को खराब करेगी। यह बताया गया है कि हरियाणवी और पंजाबी नेताओं ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम बढ़ाया है।

स्वीडन में दंगे से 6 दिन पहले 2 किशोर लड़कों को किया गया टॉर्चर, रेप करने के बाद उन्हें जिंदा दफनाने की हुई कोशिश

हाल ही में स्वीडन के स्कॉटहोम के सोलना इलाके में एक कब्रिस्तान में दो किशोर लड़कों के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया, उसे यातनाएँ दी गई और फिर उसे जिंदा दफना दिया गया।

घटना शनिवार सुबह लगभग 11 बजे की है। पुलिस का कहना है कि लड़कों द्वारा एक प्रस्ताव को ठुकरा दिए जाने के बाद दोनों को कब्रिस्तान ले जाया गया। बताया जा रहा है कि अपराधी माइग्रेंट बैकग्राउंड से हैं। बता दें कि यह स्वीडन के धुर दक्षिणपंथी समूह ‘Stram Kurs’ की ओर से कुरान बर्निंग रैली आयोजित करने के विरोध में माल्मो शहर में भड़के दंगों से 6 दिन पहले की घटना है।

रात के समय अचानक से जुटे संप्रदाय विशेष के दंगाइयों ने मजहबी नारों के साथ हिंसा शुरू कर दी। उनकी संख्या 300 के करीब बताई जा रही है। जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि 1 दिन पहले कुरान जलाए जाए के कारण ही ये हिंसा हुई है।

इस घटना में 21 साल के ईरानी आप्रवासी और स्वीडन में ट्यूनीशियाई पिता से पैदा हुए एक 18 साल के आरोपितों ने पीड़ित लड़कों को जबरन गड्ढे में जिंदा आंशिक रूप से दफन कर दिया था। अपराधियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने उनके साथ बलात्कार किया। संदिग्धों पर अपहरण, हमले, डकैती और बलात्कार के आरोप लगाए गए हैं।

पीड़ितों की सटीक उम्र के बारे में अभी पता नहीं चला है, हालाँकि उनकी उम्र 15 साल से कम बताई जा रही है। दोनों आरोपितों ने आरोपों से इनकार किया है। आरोपितों द्वारा अपहरण किए जाने के 10 घंटे बाद रविवार सुबह 8.39 बजे लड़कों को एक राहगीर ने देखा। आरोपित तब तक उन लड़कों को पीटते रहे, जब तक कि लड़के राहगीरों की मदद से पुलिस को बुलाने में कामयाब नहीं हो गए।

दोनों पीड़ितों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों संदिग्धों को घटनास्थल से भागते हुए गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर अपहरण, उग्र हमले, लूट और बलात्कार के आरोप लगाए गए। पुलिस को अपराध के मकसद का पता नहीं चला है। 

स्वीडन के समाचार आउटलेट Aftonbladet के मुताबिक फिलहाल ने इस संभावना की जाँच कर रहे हैं कि अपराधियों ने युवा लड़कों को ड्रग्स की पेशकश की थी, मगर लड़कों ने उसे खरीदने से मना कर दिया। जिसके बाद उसे जबरन खींचकर कब्रिस्तान ले जाया गया और फिर उन्हें निर्वस्त्र कर उनके साथ बलात्कार किया गया। उन्हें जमीन में एक गड्ढे में लेटने के लिए भी मजबूर किया गया। मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त को अभी हिरासत में रहना चाहिए। 

गौरतलब है कि इससे पहले नवम्बर 2019 में नार्वे में इस्लाम के ख़िलाफ़ हुई रैली में एक व्यक्ति ने कुरान जला दी थी, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया था। प्रदर्शन में लगे एक समूह के नेतृत्व कर रहे लार्स थोर्सन ने पवित्र कुरान की पुस्तक में आग लगा दी थी। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन कर रहे गुट और इस्लाम समर्थक गुट के बीच जम कर झड़प होने के बाद हालात बिगड़ गए थे।  

मोहर्रम पर यूपी में नहीं दफन होंगे ताजिए: इलाहाबाद HC ने सभी याचिकाएँ की खारिज, कहा- नहीं किया जा रहा है ‘समुदाय विशेष’ को टारगेट

उत्तरप्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए मोहर्रम पर ताजिया का जुलूस निकालने की अनुमति देने से साफतौर पर इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने ताजिया दफन करने की अनुमति माँगने वाली दायर की गईं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सभी देशवासियों को कड़ाई से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। जगन्नाथ रथ यात्रा में परिस्थितियाँ अलग थीं, वहाँ सिर्फ एक जगह का ही मामला था। ताजिया दफन करने की इजाज़त माँगने के लिए जगन्नाथ रथ यात्रा को आधार नहीं बनाया जा सकता है।

हाईकोर्ट की तरफ से कहा गया कि सरकार ने अगस्त माह में भी सभी धार्मिक समारोहों पर रोक लगाई। जन्माष्टमी पर झाँकी और गणेश चतुर्थी पर पंडाल पर भी रोक लगाई गई। इसमें किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सभी से घरों में रहकर ही धार्मिक कार्यक्रम करने का अनुरोध किया गया है।

कोर्ट ने कहा है कि महामारी का प्रसार को देखते हुए सड़कों पर किसी भी प्रकार से भीड़ इकट्ठा करने की परमिशन नहीं दी जा सकती है। कोर्ट के लिए सभी समुदाय बराबर है। किसी भी पक्ष को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। इसीलिए बिना किसी आधार के आरोप लगाना गलत है। कोरोना महामारी को रोकने के लिए सरकार हर मुमकिन प्रयास कर रही है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी, एसएफए नकवी, केके राय ने दलील दी थी कि जगन्नाथ रथ यात्रा और मुंबई के जैन मंदिर में पर्यूषण प्रार्थना की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि हम समुद्र के किनारे खड़े हैं, कब कोरोना की लहर हमें गहराई में बहा ले जाएगी, हम अंदाजा नहीं लगा सकते। हमें कोरोना के साथ जीवन जीने की कला सीखनी होगी। कोर्ट ने कहा कि भारी मन से हम ताजिया निकालने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। हमें विश्वास है कि भविष्य में ईश्वर हमें अपनी धार्मिक परंपराओं के साथ धार्मिक समारोहों के आयोजन का अवसर देंगे।

जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस शमीम अहमद की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में ताजिया दफनाने की परमीशन दिए जाने की माँग को लेकर चार अर्जियाँ दाखिल की गईं थीं। अर्जियों में कहा गया था कि सरकार ने ताजिया बनाने और घर में रखने की इजाज़त दी है तो दफनाने की भी अनुमति मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने अर्जियों को खारिज करने की सिफारिश की थी।

अनलॉक-4: गाइड लाइन जारी, 7 सितंबर से शुरू होगी मेट्रो सेवा, बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, जानें और किन पर दी गई रियायतें

कोरोना वायरस महामारी के बीच अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है। एक सितंबर से शुरू होने वाले अनलॉक 4 के लिए गृह मंत्रालय ने शनिवार (अगस्त 29, 2020) को दिशानिर्देश जारी किए। गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक, 7 सितंबर से मेट्रो सेवाएँ (Metro Services) चरणबद्ध तरीके से खुल सकेंगी

हालाँकि, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को फिलहाल बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान, ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई होगी। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि कंटनेमेंट जोन से बाहर 9 से 12वीं कक्षा तक के छात्र अपने परिजनों की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा दिशा निर्देशों के मुताबिक, 21 सिंतबर से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समेत अन्य आयोजनों की अनुमति होगी, लेकिन इसमें 100 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा। 

सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर), अंतराष्ट्रीय उड़ानें (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर) बंद रहेंगे। गृह मंत्रालय ने राज्यों को हिदायत दी है कि कोई भी राज्य अपनी तरफ से लॉकडाउन नहीं लगा सकता। इसके लिए राज्य को गृह मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। कंटेनमेंट जोन में पहले की तरह ही सख्ती लागू रहेगी। कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक सख्ती से लागू किया जाएगा लॉकडाउन।

21 सितंबर 2020 से ओपन एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया है कि 30 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे।

इसके साथ ही इस बात को भी दोहराया है कि लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर आवाजाही पर ना तो कोई रोक होगी और ना किसी तरह की इजाजत की जरूरत होगी। यह इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र सरकार के कहने के बावजूद कुछ राज्य अपने यहाँ घुसने पर पाबंदी लगाकर बैठे थे।

गौरतलब है कि मार्च में जब पूरे देश में कोराना के चलते संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई तभी से मेट्रो सेवा रोक दी गई थी। दिल्ली मेट्रो के अलावा अन्‍य महानागरों में हर रोज लाखों लोग सफर करते थे। मेट्रों का संचालन बंद होने के कारण लोगों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

कई दिनों पहले सरकार ने अनलॉक के तहत कई सेवाएँ शुरु कर दी थी और ऑफिस समेत अन्‍य व्‍यापार संबंधी गति‍विधियों को शुरु करने की अनुमति दे दी थी। मेट्रो सेवा बंद रहने के कारण लोगों को अपने वर्किंग प्‍लेस पर पहुँचने में काफी असुविधा हो रही थी। जिसको ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने सख्‍त नियमों के साथ मेट्रो सेवा फिर से संचालित करने का फैसला किया है।

पठानकोट में क्रिकेटर सुरेश रैना के परिजनों पर हमला: फूफा की मौत, बुआ की हालत नाजुक, पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं अपराधी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के रिश्तेदारों पर 19 अगस्त की रात अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था। उस हमले में उनके फूफा की मृत्यु हो गई, जबकि उनकी बुआ की हालत गंभीर बनी हुई है। बता दें पठानकोट के थरियाल गाँव में आधी रात अपने घर की छत पर सोते समय अज्ञात हमलावरों ने उन पर घातक हमला किया था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सुरेश रैना की बुआ आशा देवी इस समय अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत काफी नाजुक है। जबकि उनके पति अशोक कुमार का निधन हो गया है। भारतीय क्रिकेटर के चचेरे भाई कौशल कुमार, अपिन कुमार और 80 वर्षीय दादी भी घायल हुए हैं। उन पर घातक हथियारों से हमला किया गया था। हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनके रिश्तेदारों पर हमले का वास्तविक कारण क्या था।

घटना वाली रात हमलावरों ने परिवार के सदस्यों को जरा भी संभलने का मौका नहीं दिया। वहीं इस घटना ने तब तूल पकड़ा जब यह बात सामने आई कि यह दिग्गज क्रिकेटर सुरेश रैना का घर है। पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौके पर पहुँच कर घटना स्थल का जायजा लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक घर से गायब चेक बुक और अन्य जरूरी कागजात घर के कुछ दूरी पर बरामद हो गए थे। फिलहाल अभी तक पुलिस के हाथों कोई सबूत नहीं लगे है। जाँच के लिए डॉग स्कवायड की मदद भी ली जा रही है।

इस मामले में सुरेश रैना के भाई दिनेश ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर उँगली उठाते हुए कहा है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को किसी प्रकार का सुराग हाथ नही लगा न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने CM अमरिंदर सिंह से इस मामले को संज्ञान में लेने के लिए कहा है। साथ ही माँग की है कि जल्द से जल्द आरोपितों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएँ। उन्होंने बताया इस वारदात ने उनके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। रिश्तेदारों की तरफ से उन्हें इस मामले की जानकारी दी गई थी।

बता दें हाल ही में भारतीय दिग्‍गज खिलाड़ी सुरेश रैना ने क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था। साथ ही वे आईपीएल टूर छोड़कर भारत लौट आए हैं। इसके पीछे पारिवारिक कारण सामने आए है। वह आईपीएल का 13वाँ सीजन नहीं खेलेंगे।

पुलवामा: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, हिजबुल मुजाहिदीन के 3 आतंकी ढेर; 18 घंटे में मारे गए 8 दहशतगर्द, 1 ने किया आत्मसमर्पण

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलवामा के जदूरा इलाके में शुक्रवार (अगस्त 28, 2020) रात शुरु हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों की पहचान आदिल हाफिज (निवासी डालीपोरा पुलवामा), राउफ (निवासी मुसपुना), अरशिद (निवासी द्रबगाम) के तौर पर हुई है।

जानकारी के मुताबिक, 18 घंटे में यहाँ कुल 8 आतंकी मारे गए हैं, वहीं एक आतंकी ने सरेंडर कर दिया है। आतंकियों के पास से कई हथियार भी बरामद की गई है।

आदिल वर्ष 2019 से कश्मीर में सक्रिय था, जबकि राउफ और अरशिद एक सप्ताह पहले ही आतंकी संगठन में शामिल हुए थे। जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रक्षा, श्रीनगर से मिली जानकारी के अनुसार पुलवामा के जदूरा इलाके में कल रात शुरु हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद एक सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए। मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए जवान की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी मनीष शर्मा के रूप में हुई है।

जम्मू-कश्मीर में विक्टर फोर्स के जनरल ऑपरेशन कमांडिंग (GOC) ए सेनगुप्ता ने बताया, “कल दोपहर से शुरू हुए 18 घंटे से अधिक चले दो ऑपरेशनों के तहत, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आरआर बटालियनों की बेहद ही सटीक खुफिया जानकारी और कड़ी मेहनत के जरिए हम 8 आतंकवादियों को मार पाने में सक्षम रहे हैं, साथ ही एक आतंकवादी ने आत्मसमर्पण किया है।” 

उन्होंने बताया कि जिन 8 आतंकियों को मार गिराया गया, उनमें से 7 को 2020 में भर्ती किया गया था। इन गुमराह युवाओं को पाकिस्तानी आतंकवादियों, पाकिस्तानी हैंडलर्स और देश विरोधी लोगों द्वारा झूठे वादों के साथ भर्ती किया गया था।

ए सेनगुप्ता ने आगे बताया कि कल देर रात पुलवामा में हुई मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन से संबंधित थे। इन आतंकवादियों में शामिल आदिल कई आतंकवादी घटनाओं में वांछित था। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर परीचू पुल के नजदीक सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इस ऑपरेशन के बारे में सेना ने शुक्रवार को यह बताया था कि आतंकियों के पास से 2 एके-47 रायफलें (AK-47 Rifles) और 3 पिस्टल भी बरामद की गई हैं। 

दक्षिण कश्मीर के DIG अतुल गोयल ने बताया कि कल दो ऑपरेशनों में जिन आतंकवादियों को ढेर किया गया, वह कई नागरिकों के साथ धृष्टता और सुरक्षा बलों पर हमले में शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष दक्षिण कश्मीर में लगभग 80 भर्तियाँ हुई हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले सीमा सुरक्षा बल ने एक बार फिर पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के इरादे से बनाई गई सुरंग का पता लगाया है।

जम्मू बीएसफ के आईजी एनएस जम्वाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था, “सैंडबैग्स के ऊपर पाकिस्तान की साफ-साफ मार्किंग हैं जो ये दिखाती हैं कि इसे (सुंरग) पूरी प्लानिंग और इंजीनियरिंग की कोशिशों के साथ खोदा गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की सहमति और अनुमोदन के बिना, इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं किया जा सकता है।”

गृहमंत्री अमित शाह हुए पूरी तरह ठीक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा- कोरोना के सिर्फ 0.29 फीसदी मरीज ही वेंटिलेटर पर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली है। अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर से शनिवार को यह जानकारी दी गई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस को लेकर विभिन्न समन्वित प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया है।

बता दें गृहमंत्री पिछले दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद पोस्ट कोविड केयर के लिए उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था।

14 अगस्त को उनकी जाँच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उसके बाद वह डॉक्टरों की सलाह पर होम आइसोलेशन में चले गए थे लेकिन कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद सेहत से जुड़ी कुछ समस्याओं की वजह से 18 अगस्त को वह एम्स में भर्ती हुए थे। एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की देखरेख में उनका इलाज चला रहा था।

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर उच्च स्तरीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक की अध्यक्षता की। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि, केवल 0.29 फीसदी कोरोना मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं। 1.93 फीसदी आईसीयू में और 2.88 फीसदी लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। पिछले 24 घंटे में 9 लाख से ज्यादा सैंपल की जाँच हुई है।

MoHFW वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में देश में 752424 सक्रिय मामले हैं। इसका मतलब यह होगा कि वेंटिलेटर पर लगभग 2200 व्यक्ति हैं। 14,521 मरीज (लगभग) आईसीयू में और 21,700 (लगभग) मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

वहीं, बैठक में एम्पावर्ड ग्रुप के एक अध्यक्ष ने कहा कि, भारत बायोटेक का वैक्सीन जायडस कैडिला के साथ साथ द्वितीय चरण के परीक्षण में है, जो वायरल डीएनए पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का ऑक्सफोर्ड वैक्सीन पहले से ही तीसरे चरण के परीक्षण में है।

गौरतलब है कि 29 अगस्त 2020 तक, 2648998 लोग उपचार के बाद इस महामारी से उबर चुके हैं। जबकि 62,550 लोगों ने चीन के वुहान शहर से फैले कोरोनावायरस से दम तोड़ दिया था।

BSF ने भारत-पाक बॉर्डर पर पकड़ी 150 गज लंबी सुरंग, सैंडबैग पर लिखा मिला ‘कराची’: पाकिस्तान से शुरू होकर सांबा में होती है समाप्त

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बार फिर पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम बना दिया है। भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के इरादे से बनाई गई सुरंग का पता लगा है। यह सुरंग जिला सांबा में सीमा के साथ बनाई गई है जो पाकिस्तान में शुरू होती है और सांबा में समाप्त होती है।

जम्मू बीएसएफ आईजी एनएस जम्वाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि तलाशी अभियान के दौरान जवानों को यह सुरंग मिली। उन्होंने बताया कि इसका पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित की गई। यह सुरंग जीरो लाइन से लगभग 150 गज लंबी है। यही नहीं सुरंग के मुँह को बजरी के बैग से बंद किया गया था ताकि किसी को इसका पता न चल सके। 

बीएसएफ आईजी एनएस जम्वाल का कहना है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की मदद के बिना कोई भी घुसपैठिया इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं कर सकता है। इससे साफ होता है कि इसमें पूरी तरह से पाकिस्तान की चाल है। बीएसएफ इसको लेकर पाकिस्तानी रेंजर्स के सामने विरोध दर्ज करवाएगी, ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके। 

जम्मू बीएसफ के आईजी एनएस जम्वाल ने कहा, “सैंडबैग्स के ऊपर पाकिस्तान की साफ-साफ मार्किंग हैं जो ये दिखाती हैं कि इसे (सुंरग) पूरी प्लानिंग और इंजीनियरिंग की कोशिशों के साथ खोदा गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और अन्य एजेंसियों की सहमति और अनुमोदन के बिना, इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण नहीं किया जा सकता है।”

अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ ने पूरे इलाके में बड़ा अभियान चलाया है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसी सुरंगें तो नहीं हैं। इसके साथ ही, इस सुरंग को लेकर विश्लेषण किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल संभवत: आतंकवादियों की घुसपैठ और मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए किया गया हो।

अधिकारियों ने कहा कि सुरंग से लगभग 8-10 प्लास्टिक सैंडबैग बरामद किए गए हैं। इन बैगों पर ‘कराची और शकरगढ़’ लिखा हुआ है। बैग पर मैनुफैक्चरिंग और एक्सपायरी की तारीख भी है, जो यह दिखाता है कि उनका निर्माण हाल ही में किया गया था। उन्होंने कहा कि निकटतम पाकिस्तानी सीमा चौकी सुरंग से लगभग 400 मीटर दूर है।

बताया गया कि हाल में हुई बारिश के बाद कुछ स्थानों पर जमीन धँसने से बीएसएफ को आशंका हुई। अधिकारी ने बताया कि सुरंग का पता लगाने के लिए तत्काल मशीन मँगाई गई, मौके पर निरीक्षण करने पर पता चला कि सुरंग निर्माणाधीन है। जानकारी के मुताबिक, सुरंग करीब 25 फुट की गहराई में बनाई गई थी और यह बीएसएफ की ‘व्हेलबैक’ सीमा चौकी के नजदीक खुलती है।

बीएसएफ ने ऐसे अन्य किसी गुप्त ढाँचे का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ा अभियान चलाया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान से लगती करीब 3,300 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के हाथों में है और पहले भी सीमा से लगते जम्मू के इलाकों में सुरंगों का पता चला है।

CM केजरीवाल पर गरीबों का अनाज चोरी करने का BJP नेता बग्गा ने लगाया आरोप, वीडियो सबूत के साथ की इस्तीफे की माँग

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली में AAP सरकार के खिलाफ अनाज घोटाले का आरोप लगाया है। बग्गा ने कहा है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के हरि नगर विधायक राजकुमारी ढिल्लों इस घोटाले में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने विधायक के इस्तीफे की माँग की है।

भाजपा नेता के अनुसार, आप सरकार ने दिल्ली के हरिनगर इलाके के मायापुरी रोड पर स्थित प्रतिभा विकास विद्यालय की कक्षाओं में हजारों टन अनाज रखा है। उन्होंने कहा कि ये सारे खाद्यान्न लॉकडाउन के दौरान लोगों के बीच बाँटा जाना था, लेकिन इसे बाँटा नहीं गया और इसे स्कूल बिल्डिंग में बंद करके रखा गया है।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने स्कूल के अंदर रखे अनाज के बोरों को दिखाते हुए वीडियो साझा किया हैं। बता दें इस वीडियो को कक्षाओं की खिड़कियों के माध्यम से शूट किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में हजारों टन अनाज सड़ रहा है। कक्षाओं के कमरे बंद हैं और जब स्कूल को कमरे खोलने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि फ़ूड इंस्पेक्टर की अनुमति के बिना कमरों नहीं खोला जा सकता है। बग्गा ने बताया कि अधिकारी मीडिया को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने स्कूल में खाद्यान्न भंडार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल का दौरा किया और सबूत इक्कठा करने के लिए वहाँ संग्रहीत खाद्यान्नों का वीडियो बनाया। कोरोना वायरस की वजह से चल रहे लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद है। जिसका उपयोग राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्न रखने के लिए एक गोदाम के रूप में किया गया है।

गौरतलब है कि जब स्कूल प्रशासन ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कक्षाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी तो वे स्कूल के सामने AAP सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने “केजरीवाल चोर है” कहते हुए नारे भी लगाए और सीएम और स्थानीय विधायक से इस्तीफे की माँग की। बग्गा ने कहा कि राजकुमारी ढिल्लों ने गरीबों का भोजन चुराया है, उन्हें एक मिनट भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने माँग की कि विधायक को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।