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मनिरा ने शौहर का काटा गुप्तांग, बच्चों से कहा- जाओ देखो मैंने तुम्हारे अब्बा के साथ क्या किया

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रविवार (अगस्त 16, 2020) को पारिवारिक झगड़े के बाद एक महिला ने अपने 45 वर्षीय शौहर पर चाकू से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। महिला ने पहले मछली काटने वाले चाकू से पति के सिर पर वार किया और फिर उसका गुप्तांग काट दिया।

पुलिस ने बताया कि घटना पंचाला थाना अंतर्गत जुजारसाहार गाँव के मालिपुकुर में हुई। सूचना मिलने पर मोहसिन मलिक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और बीवी मनिरा को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके साथ ही घटना को अंजाम देने के लिए प्रयोग किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि महिला दिमागी रूप से विकलांग है और ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पारिवारिक झगड़े के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। दंपत्ति के दो बेटे भी हैं। इनमें से एक ने पुलिस को बताया कि जब वह सुबह उठे कि तो उनकी माँ ने उनसे कहा कि वह बेडरूम में जाकर देखें कि उसने उनके पिता के साथ क्या किया।

माँ की बात सुनकर बच्चे भागते हुए कमरे में गए तो उन्होंने अपने अब्बा को बहुत सारे खून के बीच एक कंबल में लिपटा हुआ जमीन पर पाया।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि महिला बहुत समय से दवाई पर चल रही है और दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता रहता था। अब पुलिस इस मामले में आगे की पड़ताल कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले एक ऐसी ही खबर झारखंड से भी आई थी। वहाँ 55 वर्षीय पत्नी ने गुस्से में आकर अपने 60 वर्षीय पति का गुप्तांग धारधार हथियार से काटकर जख्मी कर दिया था। जख्मी शहाबुद्दीन ने इसके बाद सीधा लहूलुहान अवस्था में बलियापुर थाने में जाकर अपनी पत्नी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया था और पुलिस ही उसे स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँची थी।

इसके अलावा पाकिस्तान के फैसलबाद से भी इसी वर्ष एक ऐसा मामला आया था जब एक महिला ने एक युवक के निकाह से एक दिन पहले उसका गुप्तांग काट दिया। महिला ने इस घटना के बाद युवक पर आरोप लगाया कि वह उसके घर बिना किसी कारण आया और अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद महिला भागकर रसोई में गई और चाकू लेकर आई। जैसे ही युवक ने दोबारा उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की उसने उसका गुप्तांग काट दिया।

FB इंडिया की पॉलिसी डायरेक्टर आँखी दास को जान से मारने की धमकियाँ: राहुल गाँधी ने बनाया था निशाना

फेसबुक इंडिया की पॉलिसी डायरेक्टर आँखी दास ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल से शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही है। ज्ञात हो कि आँखी दास को ये धमकियाँ कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता राहुल गाँधी द्वारा फेसबुक पर भाजपा का पक्ष लेने के आरोप लगाने के बाद मिल रही है।

इंडिया टुडे की पत्रकार ऐश्वर्या पालीवाल द्वारा शेयर की गई जानकारी के अनुसार, आँखी दास ने एक शिकायत दर्ज की और दिल्ली पुलिस से धारा 354A, 499, 500, 506, 507, और 509 के अलावा, उनकी जान और शरीर से सम्बन्धित, लैंगिक टिप्पणी करने और उन्हें बदनाम करने को लेकर IPC की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।

आँखी दास ने फेसबुक और ट्विटर पर कॉन्ग्रेस समर्थक साकेत गोखले और अरशद खान (राष्ट्रीय समन्वयक, सोशल मीडिया, एनएसयूआई) सहित कई यूजर्स का नाम लिया है। उन्होंने कहा कि वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा प्रकाशित लेख में लगे आरोपों के बाद उन पर हमले हुए हैं।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने विदेशी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के लेख का हवाला देते हुए रविवार (अगस्त 16, 2020) को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को पर भारत में फेसबुक (Facebook) और व्हॉट्सएप (Whatsapp) पर नियंत्रण या कब्जा करने का आरोप लगाया था। लेख में फेसबुक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए थे।

इसके साथ ही ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के हवाले से कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारत में फेसबुक की प्रमुख आँखी दास ने भाजपा नेताओं के नफरत फैलाने वाले भाषण और पोस्ट पर कार्रवाई में रुकावट डाली थी। कॉन्ग्रेस ने कहा कि फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर आँखी दास ने दलील दी कि बीजेपी नेताओं पर कार्रवाई करने से फेसबुक के व्यापारिक हित प्रभावित होंगे।

कॉन्ग्रेस ने यह भी दावा किया कि आँखी दास की नज़दीकी रिश्तेदार रश्मि दास जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एबीवीपी की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के लेख में कहा गया है कि फेसबुक ने बीजेपी को लेकर व्यापक पैमाने पर अनुचित तरजीही दी है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने दावा किया है कि भारत में फेसबुक ने भाजपा नेताओं के ‘हेट स्‍पीच’ वाली पोस्‍ट्स के खिलाफ जान-बूझकर कोई एक्‍शन नहीं लिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत में फेसबुक की टॉप पब्लिक पॉलिसी एग्जीक्यूटिव आँखी दास ने भाजपा से जुड़े ग्रुप्स और कम से कम 4 लोगों पर हेट स्पीच रूल्स लागू करने का विरोध किया था और यह उस विस्‍तृत योजना का हिस्‍सा था, जिसके तहत फेसबुक ने भाजपा और ‘कट्टरपंथी हिंदुओं को फेवर’ किया।

‘मेरी पत्नी भले हिन्दू, लेकिन बच्चे इस्लाम का ही अनुसरण करेंगे’: तुर्की दौरे पर गए आमिर खान को लेकर हो रहे दावे का सच क्या?

अभिनेता आमिर खान आजकल अपने तुर्की दौरे को लेकर चर्चे में हैं। भारत विरोध का गढ़ बन रहे तुर्की में वे अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग कर रहे हैं। तुर्की की प्रथम महिला एमिनी एर्दोगन से उन्होंने मुलाकात भी की है। सोशल मीडिया में यूजर्स उनकी इस पहले से नाराज हैं।

इस बीच आमिर खान को लेकर तरह-तरह के दावे शेयर हो रहे हैं। ये दावा भी शेयर हो रहा है कि एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था कि भले ही उनकी पत्नी हिन्दू हों, लेकिन उनके बच्चे हमेशा इस्लाम को ही अपनाएँगे।

अभिजीत अय्यर मित्रा ने ट्विटर पर लिखा कि आमिर खान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करने से तो इनकार कर दिया था, लेकिन वो ऐसे आदमी के साथ मस्ती कर रहे हैं जो ISIS और अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठनों का समर्थन करता है।

‘द सियासत डेली’ में आमिर खान के हवाले से प्रकाशित खबर

इस पर रिप्लाई करते हुए एक ट्विटर यूजर ने आमिर खान से जुड़े कई स्क्रीनशॉट्स शेयर किए। उसने दावा किया है कि आमिर खान एकदम पक्के संप्रदाय विशेष वाले हैं, जिनकी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जाँच की जानी चाहिए क्योंकि क्योंकि चीन में ‘दंगल’ की बड़ी सफलता शक का विषय है। साथ ही उन पर भगवान शिव का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि तुर्की हमारे खिलाफ जिहाद कर रहा है और मोदी सरकार आमिर खान का समर्थन करती है।

अपने दावे के समर्थन में उसने उस खबर को शेयर किया, जिसमें आमिर खान ने पीएम मोदी द्वारा आह्वान किए गए ‘जनता कर्फ्यू’ का समर्थन करते हुए लोगों को कोरोना से बचने के लिए अपने घर में ही रहने की सलाह दी थी। साथ ही आमिर खान की हज यात्रा पर जाते हुए फ़ोटो भी शेयर की और तुर्की से जुड़ी ऑपइंडिया की खबर का स्क्रीनशॉट डाला, जिसमें बताया गया है कि कैसे वहाँ भारत-विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।

लेकिन, सबसे चौंकाने वाला दावा है आमिर खान द्वारा ये कहना कि उनके बच्चे उनकी तरह इस्लाम का ही अनुसरण करेंगे, भले ही उनकी पत्नी हिन्दू हैं। बता दें कि ये दावे अक्सर शेयर होते रहे हैं। हमने इस बारे में पड़ताल की तो जो भी पाया, वो हम आपके समक्ष रख रहे हैं। ये दावा कहाँ से आया और यह कितना सत्य है, ये आपको जानने की जरूरत है। हमने पाया,

  • अक्सर ये दावा शेयर होता है कि आमिर खान एक कट्टर परिवार (संप्रदाय विशेष) से आते हैं और इसीलिए उनके बच्चे भी इस्लाम का ही अनुसरण करेंगे। कहा जाता है कि माँ भले ही हिन्दू हैं, लेकिन आमिर खान के बच्चे इस्लाम ही अपनाएँगे हैं।
  • अभी जब तुर्की में आमिर खान अपनी फिल्म की शूटिंग कर के वहाँ के पर्यटन उद्योग को सुधार रहे हैं और वहाँ के नेताओं से मिल रहे हैं, ये दावा फिर शेयर हो रहा है क्योंकि तुर्की के भारत-विरोधी हब होने के कारण आमिर खान आलोचना का शिकार हुए हैं।
  • जब हमने आमिर खान के बच्चों वाले दावे को इंटरनेट पर खँगाला तो पाया कि अधिकतर लोगों ने ‘संता बंता’ नाम की वेबसाइट के हवाले से इस खबर को चलाया है, जो अब डिलीट हो गया है।
  • हालाँकि, संप्रदाय विशेष के पब्लिकेशन के रूप में जाने जाने वाले ‘द सियासत डेली’ नामक वेबसाइट पर ये खबर अभी भी मौजूद है। इस मीडिया संस्थान की खबर कॉन्ग्रेस पार्टी से लेकर कई बड़े पत्रकार तक शेयर करते रहे हैं। उसने खबरिया अजेंसियों के हवाले से इस खबर को प्रकाशित किया है।
  • कुल मिला कर देखें तो इंटरनेट पर कई जगहों पर ये दावा उपलब्ध है और इसके कुछ स्रोत भी हैं लेकिन ‘संता बंता’ और ‘द सियासत डेली’ ही इन सबमें से जाने-पहचाने नाम हैं। यहीं दो जगहों पर ये खबर प्रमुख रूप से आई है।
  • हालाँकि, ये इंटरव्यू फेक है या नहीं इस बारे में हम फिलहाल कुछ कह सकने की स्थिति में इसीलिए नहीं हैं क्योंकि दो स्रोतों में से एक ने इसे डिलीट कर दिया है जबकि एक ने रखा हुआ है। हालाँकि, ‘संता बंता’ के आर्काइव पर ये उपलब्ध है।
  • आमिर खान ने पीके फिल्म की रिलीज के दौरान एक पाकिस्तान वेबसाइट को कानूनी नोटिस भेजी थी। आरोप लगा था कि उसने फेक न्यूज शेयर किया। इसीलिए फेक इंटरव्यूज के मामले अक्सर आते रहे हैं।
  • हालाँकि, इस दावे को लेकर आमिर खान ने कोई लीगल नोटिस अगर भेजा होता तो ये मीडिया में जरूर होता, इसीलिए ऐसा प्रतीत होता है कि आमिर ने इस इंटरव्यू को लेकर न तो कोई कानूनी कार्रवाई की है और न ही इसका खंडन किया है।
  • अगर ये खबर झूठी है और ये इंटरव्यू फेक है तो आमिर खान को खुले में आकर न सिर्फ इसका खंडन करना चाहिए बल्कि ‘द सियासत डेली’ को कानूनी नोटिस भी भेजना चाहिए, वरना ये खबरें चलती ही रहेगी और इन दावों को लेकर उनकी आलोचना होती ही रहेगी।
‘संता बंता’ की आर्काइव पर आमिर खान का इंटरव्यू

यहाँ गालीबाज पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी की चर्चा करना आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने जॉर्ज फर्नांडिस का इंटरव्यू लेने का दावा किया था, जो फेक निकला। आरोप है कि उन्होंने 2001 में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस का फेक इंटरव्यू ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित कर दिया था। जैसे ही जॉर्ज को इसका पता चला, उन्होंने कॉन्ग्रेस से जुड़े परिवार से आने वाली HT मीडिया की चेयरमैन शोभना भरतिया को फोन कर के कहा कि उन्होंने स्वाति नामक किसी पत्रकार को इंटरव्यू दिया ही नहीं है।

दावा किया जाता है कि जब इसकी जाँच हुई तो स्वाति की पोल खुल गई और उन्हें HT मीडिया से निकाल बाहर किया गया था। इसके बाद भी वो यदा-कदा उस फेक इंटरव्यू के अंश शेयर करती रहती हैं कि जॉर्ज फर्नांडिस गुजरात में सेना भेजना चाहते थे और वो काफी गुस्से में थे। इसी तरह आमिर खान को सामने आकर ये कहना चाहिए कि ये इंटरव्यू फेक है और वो इसमें लिखी बातों का खंडन करते हैं।

ज्ञात हो कि भारत के खिलाफ जहर उगलने और इस्लाम मानने वालों का मसीहा बनने की कोशिश में लगे तुर्की की प्रथम महिला एमीन एर्दोगन से बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने शनिवार (अगस्त 15, 2020) को मुलाकात की थी। इस्तांबुल के ह्यूबर मेंशन के राष्ट्रपति निवास में यह मुलाकात हुई। आमिर खान ने मुलाकात का अनुरोध किया था। वे वाटर फाउंडेशन के काम के बारे में एर्दोगन को जानकारी देना चाहते थे। 

पिछले दिनों खबर आई थी कि आमिर खान अपनी अगली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग के लिए तुर्की गए हैं। तुर्की की मीडिया का कहना है कि आमिर खान वहाँ की तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, सिनेमा के लिए एडवांस फ़ैसिलिटी और वर्कफोर्स कैपेसिटी से खुश हैं। इससे पहले उन्होंने वहाँ के दौरों मे इन चीजों को देखा था। तुर्की का पर्यटन मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है। भारत में कोरोना के कारण वो शूटिंग के लिए तुर्की गए।

फेसबुक ने खारिज किए BJP-समर्थक होने का आरोप, कहा- ‘हम केवल घृणा फैलाने वाले भाषणों पर प्रतिबंध लगाते हैं’

लिबरल गिरोह के आरोपों को खारिज करते हुए फेसबुक ने साफ किया है कि वह भाजपा समर्थक नहीं है। फेसबुक का दावा है कि वो बिना किसी पार्टी से संबंद्धता रखते हुए केवल हेट स्पीच और ऐसी सामग्री को प्रतिबंधित करती है, जो हिंसा भड़काती हो।

फेकबुक प्रवक्ता ने ANI को बताया, “हम घृणा फैलाने वाले भाषण और सामग्री पर प्रतिबंध लगाते हैं, जो हिंसा को उकसाता है और हम किसी राजनीतिक स्थिति/पार्टी की संबद्धता के बिना इन नीतियों को विश्व स्तर पर लागू करते हैं। निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट करते हैं।”

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में विपक्षी पार्टियों ने और उनके समर्थकों ने फेसबुक पर आरोप मढ़ा था कि वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों द्वारा दी गई हेट स्पीच को इग्नोर करते हैं। इसी आरोप को खारिज करते हुए फेसबुक ने कहा है कि वह किसी पार्टी या पद का समर्थन नहीं करते। वह अपनी नीतियों को वैश्विक स्तर पर लागू करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके राजनीतिक जुड़ाव के बावजूद वह अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए सभी को दंडित करते हैं।

यहाँ बता दें कि ये पूरा विवाद वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट से शुरू हुआ था। जिसमें भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी निशाने पर लिया गया था, जिन्होंने रोहिंग्या और संप्रदाय विशेष पर पोस्ट किया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में इसका ज़िक्र था।

साथ ही यह भी कहा गया था कि फेकबुक की उच्च अधिकारी अंखी दास ने टी राजा के संप्रदाय विशेष विरोधी पोस्ट हेट स्पीच के दायरे में रखने का विरोध किया। क्योंकि ऐसा करने से भारत में फेसबुक का व्यावसायिक प्रभाव कम होगा। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसा सिर्फ टी राजा ही नहीं बल्कि 3 और हिंदूवादी नेताओं के मामले में किया गया है। उनके भड़काऊ भाषणों को हेट स्पीच के दायरे में नहीं रखा गया है।    

आजादी के मौके पर पाकिस्तान में 204 हिंदुओं का धर्म परिवर्तन, कबूल करवाया इस्लाम

एक ओर भारत में 15 अगस्त के दिन 74वें स्वतंत्रता दिवस की खुशियाँ मनाई जा रही थीं। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान में हिंदुओं के धर्म परिवर्तन का सिलसिला जारी था। स्वतंत्रता दिवस के दिन हुई ये घटना किसी एक परिवार की आपबीती नहीं है। इस दिन पूरे 204 अल्पसंख्यक हिंदुओं का पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन करवाया गया।

पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, धर्म परिवर्तन करने वाले अधिकांश हिंदू भील समाज के थे। इनमें से कुछ अभी हाल में धार्मिक वीजा से हिंदुस्तान से लौटे थे। रिपोर्ट बताती है कि 194 हिंदू सादिकाबाद में रहने वाले हैं जबकि 10 (एक ही परिवार के) रहिमयारखान के निवासी हैं। इस धर्मपरिवर्तन की सूचना जोधपुर में रहने वाले लोक संगठन के प्रेमचंद भील ने दी है। वह लगातार हिंदुओं के संपर्क में हैं और उनके साथ ज्यादतियों को साझा करते रहते हैं।

इसी प्रकार सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदू सिंह सोढ़ा का कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में वहाँ के अल्पसंख्यक भारत आते हैं। लेकिन यहाँ भी तीन स्तर के अधिकारियों का जाल है और दलाल भी काफी सक्रिय हैं। यहाँ उन्हें सुकून नहीं मिलता। तो वापस जाकर धर्म परिवर्तन का ही रास्ता उनके पास रह जाता है।

गौरतलब है कि जोधपुर में हुआ 11 पाकिस्तानी हिंदुओं के शव वाला मामला पाकिस्तान में काफी चर्चा में है। ऐसे में वहाँ के सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर उस खबर को प्रमुखता से चलाया जा रहा है और अल्पसंख्यकों में भारत के ख़िलाफ़ डर भरने की कोशिश भी हो रही है।

पाकिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन भी इस संबंध में एक खबर को शेयर करते हुए लिखते हैं, “स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तान में एक और तोहफा। हिंदू भील समुदाय के दस सदस्यों ने रहिमयरखां में इस्लाम कबूल कर लिया। यही एक जगह थी जगहाँ हिंदुओं की बड़ी आबादी मौजूद थी। अब 35 जिलों में हिंदुओं को ढूँढ पाना लगभग मुश्किल है। वे वाकई खत्म हो चुके हैं।”

वे अपने अगले ट्वीट में लिखते हैं, “हिंदुओं के साथ बुद्ध, पारसी, केलाश और अन्य धर्म पाकिस्तान से गायब हो रहे हैं। यहाँ धर्म परिवर्तन ही जीने का मात्र तरीका है। ऐसा ही अफगानिस्तान, इरान और इराक जैसा अनेक महान सभ्यताओं में भी हुआ था। वहाँ भी अन्य धर्मों का सफाया हुआ। धर्म परिवर्तन करवा के या मारकर।”

बियर बार में भगवान कृष्ण और बिकनी में 7 युवतियाँ: अकरम हुसैन की पेंटिंग, असम पुलिस ले चुकी है एक्शन

असम के एक कलाकार द्वारा बनाई गई भगवान श्रीकृष्ण की आपत्तिजनक पेंटिंग का मामला 5 साल बाद फिर से चर्चा में आ गया है। भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने वाली ये पेंटिंग असम के पेंटर अकरम हुसैन ने बनाई थी, जिसके खिलाफ कार्रवाई करने की माँग तेज हो गई है। इससे पहले जब अप्रैल 2015 में गुवाहाटी स्थित स्टेट आर्ट गैलरी में इसे प्रदर्शित किया गया था, तब भी इसका खासा विरोध हुआ था।

उस समय असम में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार थी। जब इस पेंटिंग का प्रदर्शन हुआ था, तब हिंदूवादी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए FIR दर्ज कराई थी। हिन्दू जागरण मंच ने अकरम हुसैन पर श्रीकृष्ण को आपत्तिजनक व अश्लील अवस्था में दिखाने के लिए मामला दर्ज कराया था। इस FIR के आधार पर केस भी फाइल हुई थी। उस समय गुवाहाटी के डीसीपी रहे अमिताभ सिन्हा ने इसकी पुष्टि की थी।

सोशल मीडिया पर सवा पाँच साल बाद वायरल हो रही इस पेंटिंग में देखा जा सकता है कि भगवान श्रीकृष्ण एक बियर बार में खड़े हैं। उनके पीछे वाली रैक पर शराब की कई बोतलें रखी हुई हैं। साथ ही 7 युवतियों को अश्लील अवस्था में उनके आस-पास और उनसे लिपटे हुए दिखाया गया है। ये सभी युवतियाँ बिकनी पहने हुए हैं। इनमें से एक जहाँ उनका चुम्बन ले रही है, वहीं दूसरी उनका पाँव पकड़ कर बैठी हुई है।

भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों की अंतरराष्ट्रीय संस्था इस्कॉन ने भी इस पेंटिंग पर आपत्ति जताते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल से अकरम हुसैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है। संस्था ने इस पेंटिंग को ऑफेंसिव करार देते हुए कहा कि सरकार को पेंटर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब 2015 में इसे लेकर विवाद हुआ था तो पेंटर अकरम हुसैन ने माफ़ी माँगते हुए इस पेंटिंग को हटा लिया था।

बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण की बचपन में गोपियों के साथ की गई रासलीला, राधा के साथ उनके प्रेम सम्बन्ध और 16 हजार रानियों वाली कथाओं को अक्सर गलत तरीके से पेश किया जाता रहा है। हालाँकि, जब गोपियों के साथ वो शरारत करते थे तब वो बच्चे थे और जिन रानियों को उन्होंने एक क्रूर राजा के चंगुल से आज़ाद किया था, उनके साथ उन्होंने विवाह किया था ताकि उन्हें समाज में स्वीकार्यता दिला सकें। लेकिन, लिबरल गैंग बिना कुछ जाने आलोचना का आदी रहा है।

इस मामले में असम सरकार के मंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने इस्कॉन के ट्वीट पर अपना या यूँ कह लें कि आधिकारिक बयान दिया है।

असम की गुवाहाटी पुलिस ने भी इस संबंध में ट्वीट कर स्थिति स्पष्ट की है।

मस्जिद की ‘पवित्रता’ भंग… क्योंकि हुई गाने की शूटिंग: अभिनेत्री सबा कमर के खिलाफ FIR, चलेगा ईशनिंदा का मुकदमा

पाकिस्तान में एक अभिनेत्री पर सिर्फ इसीलिए ईशनिंदा का मुकदमा दायर कर दिया गया क्योंकि उसने मस्जिद में एक वीडियो की शूटिंग की थी। अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद सहित कई लोगों के खिलाफ लाहौर का वज़ीर खान मस्जिद की ‘पवित्रता भंग करने’ का आरोप लगाया गया है। इन दोनों ने मस्जिद के भीतर म्यूजिक वीडियो की शूटिंग की थी। कोर्ट ने पुलिस को क़ानून के हिसाब से कार्रवाई करने का आदेश भी दे दिया है।

उक्त मस्जिद को पाकिस्तान का एक ऐतिहासिक स्थल माना जाता है और वहाँ गाने की शूटिंग के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अधिवक्ता सरदार फरहत मंजूर खान ने सबा कमर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिस पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज अतिकुर रहमान ने गुरुवार (अगस्त 13, 2020) को सुनवाई की। लाहौर में मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताने के लिए लोगों ने सबा कमर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।

वकील ने अपनी याचिका में कहा था कि न सिर्फ अभिनेत्री सबा कमर और गायक बिलाल सईद, बल्कि प्रोडक्शन कम्पनी की पूरी टीम के साथ-साथ ‘पंजाब ऑक्फ’ व मजहबी मामलों के विभाग के खिलाफ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया जाए। अकबरी गेट पुलिस स्टेशन में पाकिस्तान पैनल कोड के धारा-295 (मजहब सम्बन्धी अपराध) के तहत किसी मजहबी स्थल को नुकसान पहुँचाने और उसे अशुद्ध करने का आरोप लगाया गया।

जबकि पाकिस्तान स्थित पंजाब प्रान्त के स्थानीय प्रशासन का कहना है कि 30,000 रुपए के पेमेंट के बाद उन्हें मस्जिद में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। अब वहाँ के मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार ने भी इस मामले में जाँच का आदेश दिया है। वहीं सबा कमर ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि मस्जिद में निकाह का दृश्य शूट किया गया, जिसमें कोई म्यूजिक नहीं दिया गया है। साथ ही उसमें एडिट कर के भी म्यूजिक ट्रैक नहीं डाला गया।

अभिनेत्री ने ‘कबूल’ गाने को लेकर सफाई देते हुए कहा कि अगर अनजाने में ही उन्होंने कोई गलती की है या लोगों की भावनाओं को आहत किया हो तो वो माफ़ी माँगती हैं। उन्होंने कहा कि इस गाने के जो पोस्टर हैं, उसमें दिखाया गया है कि मस्जिद में निकाह के बाद किस तरह से एक जोड़ा ख़ुशी-ख़ुशी अपनी ज़िंदगी जी रहा है। बता दें कि ये गाना 11 अगस्त को रिलीज हुआ था, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।

वहीं गायक बिलाल सईद को भी माफ़ी माँगनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो भी हुआ, उससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। उन्होंने कहा कि वो लोग इस्लाम को मानने वाले हैं और इसीलिए एक अच्छे नागरिक हैं, जो किसी भी मजहब का अपमान नहीं कर सकते। वहीं उधर मस्जिद के मैनेजर को सस्पेंड कर दिया गया है। पंजाब के मंत्री ने कहा है कि दोषी कितने भी बड़े पद पर बैठे हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

‘शरजील इमाम के बचाव में तवलीन सिंह और AltNews की मीटिंग – NDTV सूत्र’: व्यंग्यात्मक ट्वीट पर केस दर्ज

मोदी विरोधी प्रोपेगेंडा के लिए कुख्यात लेखक तवलीन सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट में ट्विटर यूजर ‘पोकर शाश’ के खिलाफ केस दर्ज करा रखा है। ट्विटर पर ‘बेफिटिंग फैक्ट्स’ नामक यूजर ने इसका खुलासा किया। उसने बताया कि उसे पता चला है कि पटियाला हाउस कोर्ट में तवलीन सिंह ने ‘पोकर शाश’ के खिलाफ सिविल सूट दायर कर रखा है, जिसकी तीन सुनवाई हो भी चुकी है।

यह भी पता चला है कि तीनों सुनवाई में ‘पोकर शाश’ उपस्थित नहीं हो सके क्योंकि उन्हें इस सम्बन्ध में कोई सूचना ही नहीं दी गई थी। सबसे बड़ी बात तो यह कि तवलीन सिंह ने ये मुकदमा ‘पोकर शाश’ के एक ऐसे ट्वीट को लेकर दायर किया है, जो व्यंग्यात्मक है। सटायर को लेकर आहत हुईं तवलीन सिंह ने मुकदमा दर्ज करा दिया लेकिन आरोपित को इस सम्बन्ध में कोई सूचना नहीं मिली, जिससे वो सुनवाई में भाग नहीं ले सका।

ट्विटर पर जो स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है, उसके हिसाब से ये मुकदमा जनवरी 29, 2020 को दायर कराया गया था और इसके अगले ही दिन इसे रजिस्टर कर लिया गया था। इस मुक़दमे की पहली सुनवाई 16 मार्च को हुई थी, उसके बाद 1 जून और 22 जुलाई को क्रमशः दूसरी और तीसरी सुनवाई हुई। आगामी 30 सितम्बर को फिर से इस मामले की सुनवाई होनी है, जो इसकी चौथी तारीख होगी।

अब आपको बताते हैं कि वो ट्वीट क्या था, जिसे लेकर तवलीन सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। दरअसल, ‘पोकर शाश’ ने लिखा था कि उन्हें एनडीटीवी के सूत्रों से मालूम हुआ है कि तवलीन सिंह, जफ़र सरेशवाला और ऑल्टन्यूज़ के बीच एक बैठक हुई है, जिसमें शरजील इमाम का बचाव किए जाने पर रणनीति बनी। इसके बाद उन्होंने लिखा था, “इस बैठक में फैसला हुआ कि शरजील इमाम ये नहीं कह रहा था कि असम को इंडिया से काट देंगे, वो कह रहा था कि आज शाम को नदिया के पार चलेंगे।”

इसके बाद ‘पोकर शाश’ ने लाफिंग इमोजी का भी इस्तेमाल किया, जो बताता है कि ये एक सटायर वाला ट्वीट था और उन्होंने इसे हँसी-मजाक में लिखा था। ज्ञात हो कि शाहीन बाग़ में उपद्रव की साजिश रचने वाले शरजील इमाम ने न सिर्फ महात्मा गाँधी को फासिस्ट कहा था, बल्कि चिकेन्स नेक को काट कर उत्तर-पूर्वी भारत को शेष भारत से खंडित कर अलग करने की धमकी दी थी। उसने लोगों को भड़काया था।

पिछले महीने तवलीन सिंह ने वीरगति को प्राप्त एक जवान की माँ के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था। बता दें कि ये उसी आतिश तासीर की माँ हैं, जिसका पिछले साल नवंबर में ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस रद्द कर दिया गया था। उन्होंने बलिदानी सैनिक की माँ मेघना गिरीश की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह उनसे ज्यादा देशभक्त हैं, क्योंकि वो एक सैनिक की बेटी हैं और आर्मी स्टेशन में पली-बढ़ी हैं।

बता दें कि तवलीन सिंह उसी गैंग का हिस्सा हैं, जो आज सुप्रीम कोर्ट की इसीलिए आलोचना कर रहा है क्योंकि प्रशांत भूषण पर अवमानना की कार्रवाई की जा रही है। एक ट्वीट से आहत होकर सीधा मुकदमा दर्ज कराने वाले ये लोग पूछते हैं कि अगर प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर के CJI का अपमान कर ही दिया तो क्या हो गया? वो पूछते हैं कि क्या एक ट्वीट से सुप्रीम कोर्ट को ख़तरा पैदा हो गया? जबकि खुद आहत होकर कोर्ट भागते हैं।

फैजी बनीं प्रीति, अपनी मर्जी से की हिंदू लड़के से शादी: बहन ने पूर्व BJP मेयर पर लगाया धर्म परिवर्तन का आरोप

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में करीब एक हफ्ता पहले संप्रदाय विशेष की एक लड़की ने भागकर अपने हिंदू प्रेमी से विवाह कर लिया। इस घटना के बाद लड़की के जीजा ने हिंदू लड़के पर केस दर्ज करवाया और फिर बाद में लड़की की बहन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की पूर्व मेयर शकुंतला भारती पर गंभीर आरोप मढ़े।

रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लड़की की बहन ने भाजपा की पूर्व मेयर शकुंतला भारती पर इल्जाम लगाया कि वह संप्रदाय विशेष की लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवा कर उनकी शादी हिंदू लड़कों से करवाती हैं।

वहीं, शकुंतला भारती ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया और कहा कि अगर कोई उनके ऊपर लगे आरोपों को सिद्ध कर दे तो वह राज्य को हमेशा के लिए छोड़ देंगी।

शकुंतला भारती ने इन आरोपों को खारिज करने के साथ ही ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की हैं। वे कहती हैं, “अगर जाँच में ये निकल आया कि मुझे इस धर्म परिवर्तन के बारे में जानकारी थी, तो मैं उत्तर प्रदेश छोड़ दूँगी और दोबारा नहीं लौटूँगी। साबित करो अगर कर सकते हो तो और अगर नहीं कर सकते तो ऐसी बातें मत करो। ये लोग केवल मेरी छवि बिगाड़ना चाहते हैं।”

यहाँ बता दें कि जिस लड़की की हिंदू लड़के से शादी पर उसकी बहन और जीजा ने इतना बवाल किया, उसने खुद ये बात कही है कि उसने अपनी मर्जी से विवाह किया। उसके ऊपर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है।

उल्लेखनीय है कि फैजी नाम की लड़की अपने घर से 7 अगस्त को गायब हुई थी। इसके बाद उसके जीजा परवेज ने हिंदू युवक के ख़िलाफ़ केस दर्ज करवाया। उसने आरोप लगाया कि उसकी साली एक हिंदू लड़के के साथ भाग गई है और घर से जेवरात व कैश भी ले गई है। इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया कि लड़की ने हिंदू लड़के से शादी करने के लिए अपना धर्म-परिवर्तन कर लिया है।

दूसरी ओर लड़की की बहन आशिया सैफी ने शकुंतला भारती पर अपनी बहन के अपहरण के बाद धर्म-परिवर्तन के आरोप मढ़ दिए। आशिया ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। लेकिन जब मीडिया की धमकी दी तो पुलिस ने फौरन शिकायत लिखकर उसकी बहन को ढूँढ निकाला।

परवेज की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 363, 366 के तहत मामला दर्ज करके लड़की को ढूँढा और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। लड़की ने अपने बयान में कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से ऋषभ के साथ शादी की है।

ऋषभ ने भी अपने ऊपर लगे इल्जामों पर बताया कि वह शकुंतला भारती के पास अपनी सुरक्षा के लिए खुद गए थे क्योंकि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। बस इसलिए शकुंतला भारती ने शादी होने के बाद प्रशासनिक रूप से उनकी मदद की थी।

ऋषभ कहते हैं, “शादी होने से पहले तो मेरे परिवार तक को नहीं पता था कि मैं कहाँ हूँ। जब मैं शादी होने के बाद उनके पास गया तो शकुंतला भारती मुझे अफसरों के पास ले गईं। उनका शादी में कोई रोल नहीं है।”

यहाँ बता दें कि हिंदू लड़के के मुताबिक, उसका फैजी के घर पहले से आना-जाना था। इसी बीच दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई और 2 साल के प्रेम प्रसंग के बाद 10 अगस्त को उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी भी कर ली।

फैजी से अब प्रीति बन चुकी लड़की भी भाजपा की पूर्व मेयर पर लगे इल्जामों का खंडन करते हुए यह स्पष्ट बताती हैं, “शकुंतला भारती पर लग रहे इल्जाम गलत हैं। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। वास्तविकता में मेरी बहन नहीं चाहती कि मैं इन लोगों के साथ रहूँ। वो इनके साथ दुर्व्यवहार भी करती है।”

घर में बम बनाते समय मारा गया TMC ‘कार्यकर्ता’ हुमायूँ कबीर, 10 साल का बेटा भी घायल: पार्टी ने किया इनकार

पश्चिम बंगाल की एक घटना ससमने आई है, जहाँ एक व्यक्ति अपने घर में ही बम बनाते हुए मारा गया। ये घटना मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज की है, जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्ता हुमायूँ कबीर शनिवार (अगस्त 15, 2020) की रात अपने घर की छत पर बैठ कर बम बना रहा था। इसी दौरान बम विस्फोट कर गया और वो मौके पर ही मारा गया। उसका 10 साल का बेटा भी विस्फोट की जद में आकार घायल हो गया।

हालाँकि, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इस बात से इनकार किया है कि उसके किसी कार्यकर्ता ने इस तरह की हरकत की है। पार्टी ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया है। जंगीपुर के सब-डिवीजनल अधिकारी प्रसेनजीत बनर्जी ने बताया कि शुरुआती जाँच में साफ़ हो गया है क़ी हुमायूँ कबीर अपने घर की छत पर बैठ कर क्रूड बम बना रहा था। अचानक से बम फट गया और वो मारा गया। उसका नाबालिग बेटा भी घायल हुआ।

उन्होंने बताया कि इस मामले में जाँच हो रही है लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि हुमायूँ कबीर वहाँ की एक बीड़ी फैक्ट्री में काम किया करता था। शनिवार की रात लोगों ने रात 9 बजे धमाके की आवाज़ सुनी। जब स्थानीय लोग उसके घर की ओर भागे तो वहाँ पहुँच कर उन्होंने देखा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस का कार्यकर्त्ता हुमायूँ कबीर खून से लथपथ था।

मृतक की माँ कंचिनूर बेवा ने दावा किया कि उनका बेटा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि कबीर रात का भोजन करने के बाद छत पर गया था, उसके कुछ ही मिनटों बाद धमाके की आवाज़ सुनाई दी। वहीं पुलिस का कहना है कि कबीर इससे पहले भी आपराधिक गतिविधितयों में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि परिवार ने बम और बम बनाने के सारे समान को हटा दिया, ताकि कोई सबूत न रहने पाए।

हालाँकि, मृतक की माँ ने इन आरोपों को नकार दिया। उन्होंने शक जताया कि किसी और ने उनके घर की तरफ बम फेंका, जिसमें उनका बेटा मारा गया। मुर्शिदाबाद में तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता गौतम घोष ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी व्यक्ति इस घटना में शामिल नहीं है और उन्होंने पुलिस से कहा है कि वो इस घटना की बिना पक्षपात के जाँच करे। इसे पहले शमशेरगंज के पास सूती में ऐसी ही घटना में 2 लोग मारे गए थे।

पुलिस को शक है कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बम और हथियारों का निर्माण शुरू कर दिया है। वैसे भी पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान हिंसा का पुराना इतिहास रहा है। पहले वामपंथी और अब तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोग इसमें शामिल रहे हैं। रविवार को भाजपा ने हुगली में अपने कार्यकर्ता के मारे जाने के विरोध में राज्यव्यापी बंद बुलाया था। उस मामले में अब तक 6 की गिरफ़्तारी हुई है।

ज्ञात हो कि हुगली के आरामबाग स्थित खनकुल में झंडा फहराते समय एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों पर हमला करने का आरोप है। मृतक भाजपा कार्यकर्ता का नाम सुदर्शन प्रमाणिक है। बताया जा रहा है कि उन पर झंडोत्तोलन के दौरान गुंडों ने धारदार हथियारों से हमला किया। उन्हें स्थानीय हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।