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सिविल इंजीनियर काशिफ़ मंसूर लेता था फ़ेक फॉलोवर्स दिलाने का ठेका, प्रियंका-दीपिका से पुलिस कर सकती है पूछताछ

सोशल मीडिया ‘फर्जी फ़ॉलोअर्स केस’ में मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने 29 साल के काशिफ़ मंसूर नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित काशिफ़ मंसूर एक सिविल इंजीनियर है और उस पर इंस्टाग्राम, ट्वीटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया पर लोगो को फेक ‘लाइक्स’, ‘व्यूज’ और ‘फॉलोअर्स’ मुहैया कराने का आरोप है।

दरअसल, मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें सोशल मीडिया पर फ़ेक फॉलोवर्स और फर्जी ‘लाइक्स’ के धंधे में शामिल था। अधिकारियों ने बुधवार (जुलाई 22, 2020) को इस मामले में काशिफ़ मंसूर नाम के एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया, जो एक ऐसी वेबसाइट चलाता था, जो प्रोफ़ाइल यूजर, जिसमें मुख्यतः कई प्रसिद्ध हस्तियाँ भी शामिल थीं, को फ़ेक फॉलोवर्स बेचा करते थे।

आरोपित की पहचान काशिफ मंसूर के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर AVMSMM (www.amvsmm.com) नाम की वेबसाइट का मालिक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिविल इंजीनियर काशिफ़ मंसूर ने पिछले कुछ महीनों में 5,000 ऑडर्स के माध्यम से अब तक 2.33 करोड़ फॉलोवर्स ‘बेच’ चुका है।

‘फ़ेक फॉलोवर रैकेट’ केस (Fake followers racket) में देश के 59 फर्म CIU के निशाने पर हैं और 175 के करीब सेलिब्रिटी और ‘सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर’ का नाम भी उजागर हुआ है, जिन्होंने इस तरह के फर्जी फ़ॉलोअर्स बढ़ाने की ‘स्कीम’ ली है। इस फर्जीवाड़े के अंतर्गत सोशल मीडिया का एक रेट तय किया जाता है, जिसमें फेक अकाउंट बनाए जाते हैं और ‘फेक लाइक्स’ दिए जाते हैं।

जाँच का सबसे बड़ा चौंकाने वाला पहलू यह है कि बॉलीवुड सेलिब्रिटी दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा जोनास के साथ 10 सेलिब्रिटीज के नाम फेक फॉलोअर्स की लिस्ट में शामिल हैं। इस मामले में फ़िल्म और क्रिकेट जगत से जुड़े कुछ बड़े नाम भी हैं जिन्हें पुलिस बयान के लिए तलब कर सकती है। इन फेक फॉलोअर्स को इंस्टाग्राम की भाषा मे ‘Bots’ कहा जाता है। अब मुंबई पुलिस जल्द ही इन इन सेलिब्रिटीज से पूछताछ कर सकती है।

गायिका भूमि त्रिवेदी द्वारा 11 जुलाई को बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया था कि किसी ने उसका नाम और फोटो का उपयोग करके इंस्टाग्राम पर एक प्रोफ़ाइल बनाई थी और वह किसी स्कैम में इसका इस्तेमाल कर रहा था।

इसके बाद, पुलिस ने गत 15 जुलाई को एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने, ओरिजिनल एकाउंट्स के लिए ‘फॉलोवर’ और ‘लाइक्स’ की बिक्री और वेबसाइटों / पोर्टल्स द्वारा खुद को सोशल मीडिया मार्केटिंग एजेंसियों के रूप में प्रस्तुत करने वाली वेबसाइट/ पोर्टल्स के रूप में पेश करने वाले इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा किया।

‘रमजान में नहीं पढ़ पाए थे नमाज, बकरीद पर मस्जिदों में दी जाए छूट’ – कॉन्ग्रेस नेता सीएम इब्राहिम की गुहार

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सीएम इब्राहिम ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को बकरीद (ईद-अल-अज़हा) के मद्देनजर पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपील की है कि बकरीद के मौके पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने की छूट दी जाए और पशुओं के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा हो।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस विधायक मीडिया से बातचीत में कहते हैं, “हमने रमजान में नमाज नहीं पढ़ी। लेकिन अब लॉकडाउन खुला है। अगर सरकार इजाजत देती है, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ… तो हम इस बारे में सोचेंगे। अभी बकरीद में 8-9 दिन का टाइम है।”

इस पत्र में कॉन्ग्रेस विधायक ने समुदाय विशेष की ओर से यह भी अपील की है कि वह इस अवसर पर उन्हें तथाकथित शांति-सुरक्षा के नाम पर बदमाशी करने वालों से से संरक्षण दिलाएँ।

ईद पर सीएम इब्राहिम ने लिखा था पत्र

गौरतलब है कि आज भले ही सीएम इब्राहिम अपने बयान में ये बात कह रहे हों कि अब लॉकडाउन खुल गया है। इसलिए वह मस्जिदों में नमाज पढ़ने की छूट चाहते हैं। लेकिन वास्तविकता में ये पहली बार नहीं है कि उन्होंने ईद के लिए छूट की अपील की हो। इससे पहले भी रमजान के बाद आने वाली ईद पर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

उस पत्र में भी उन्होंने मस्जिद और ईदगाह के मैदानों में नमाज पढ़ने की छूट देने की अपील की थी। पत्र में लिखा गया था कि कोरोना के कारण पूरे राज्य के लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ने में असमर्थ हैं। सरकार के निर्देशानुसार वे अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा कर रहे हैं। इसलिए पूरे समुदाय की ओर से एक सलाह है कि सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श लेकर लोगों को सभी एहतियाती उपायों के साथ ईद के दिन 1 बजे तक ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति दे।

यहाँ बता दें कि बेंगलुरू में इस समय कोरोना का कहर दिन पर दिन बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई सीएम इब्राहिम ऐसे निर्णय लेने के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं, जिनसे संक्रमण का खतरा बढ़े? इससे पहले जब उन्होंने ये अपील की थी, तब देश लॉकडाउन के तीसरे चरण में था। पर, आज लॉकडाउन न होने से बढ़ते आँकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। ऐसे में अगर बकरीद के मौके पर सैकड़ों-हजारों लोगों को एक जगह एक दिन के लिए इकट्ठा होने की अनुमति दी जाती है, तो स्थिति क्या होगी?

सपा नेता शफीकुर रहमान ने भी माँगी बकरीद में छूट

सीएम इब्राहिम से पहले समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद शफीकुर रहमान ने प्रशासन से बकरीद पर मस्जिद खोलने की अपील की थी। इस मामले पर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि बकरीद पर नमाज घर में पढ़ना काफी नहीं है। मस्जिद में दुआ करने से कोविड में लड़ने में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र में भी बकरीद के लिए कॉन्ग्रेस नेता ने की थी अपील

बकरीद के मद्देनजर महाराष्ट्र में भी कॉन्ग्रेस नेताओं ने उद्धव सरकार पर खासा दबाव बनाया था। कॉन्ग्रेस नेता व पूर्व मंत्री आसिफ नसीम खान ने मुख्यमंत्री से अपील की थी और कहा था, “जैसे सरकार ने गणेशोत्सव मनाने की छूट दी है। वैसे ही हम अपील करते हैं कि उपयुक्त रोक के साथ समुदाय को ईद उल अदहा मनाने की अनुमति दी जाए।” उन्होंने कहा है कि इस गुहार पर सीएम प्राथमिकता के साथ निर्णय लें ताकि समुदाय अपना त्योहार मना पाए।

पाकिस्तानी प्यादों से बॉलीवुड सितारों के डायरेक्ट कनेक्शन पर उठे सवाल, नेटिजन्स ने की जाँच की मॉंग

बॉलीवुड से जुड़े कई लोगों के डी कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम से लेकर पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई से रिश्ते होने की बात सामने आती रही है। बुधवार को ऐसे कई बड़े कलाकारों की पाकिस्तानियों के साथ तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हुई थी।

इसके बाद से इन कलाकारों की भूमिका और नज़रिए पर सवाल उठ रहे हैं। आखिर बॉलीवुड के लोगों का ऐसे “भारत विरोधी” लोगों से इतना सीधा संपर्क कैसे है?

एक तस्वीर में शाहरुख खान और उनकी पत्नी एक अलगाववादी नेता के साथ नज़र आ रहे थे। कैलिफोर्निया के रहने वाले अलगाववादी नेता टोनी अशाई पर कश्मीर के युवकों को भारत के विरुद्ध भड़काने का आरोप है। शाहरुख के टोनी के साथ बहुत अच्छे सम्बन्ध बताए जाते हैं।

यह भी बताया जा रहा है कि टोनी की दुबई, आबू धाबी और लॉस एंजिलिस में अच्छी-खासी सम्पत्ति है। उसके बेटे बिलाल अशाई ने कश्मीर के युवकों से हथियार उठाने की अपील की थी। 

श्रीनगर के सामाजिक कार्यकर्ता अल सिकंदर ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से सिलसिलेवार ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने टोनी/अज़ीज़ पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि टोनी आईएसआई द्वारा प्रायोजित आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का सदस्य रह चुका है। वहीं शाहरुख खान का कहना है कि उन्होंने टोनी से बतौर आर्किटेक्ट मदद ली थी। 

शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान का कहना था टोनी ने हमारी कई प्रोजेक्ट में मदद की है। साथ ही अल सिकंदर ने यह भी लिखा कि सब पहले से तय की गई योजनाओं के आधार पर होता है। टोनी बॉलीवुड के प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहता है इसलिए उसने ऐसे संपर्क बनाए। शाहरुख खान भले खुद को देशभक्त बताते हों, लेकिन उन्हें टोनी के मॅंसूबों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

साभार – अल सिकंदर

खबरों के मुताबिक़ टोनी अशाई उर्फ़ अज़ीज़ अशाई ने जेकेएलएफ के खर्च पर अमेरिका की बफैलो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की। टोनी के पहले व्यवसाय का नाम अशाई डिज़ाइन था, यह भी जेकेएलएफ द्वारा ही प्रायोजित था। साल 1992 के दौरान मार्च-अप्रैल के महीने में टोनी को बर्किंघम की एक शेल कंपनी से लगभग 450 हज़ार डॉलर मिले थे। इसके अलावा अल सिकंदर ने अपने ट्वीट में टोनी के बेटे बिलाल पर पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से मिले होने का आरोप लगाया। 

अल सिकंदर ने टोनी की एक तस्वीर भी साझा की जिसमें वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ मौजूद था। साथ ही उस पर यह आरोप लगाया कि उसे आईएसआई से वेतन भी मिलता है। इसके अलावा वह जम्मू-कश्मीर और भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले तमाम लोगों से संपर्क में है। 

कुछ और नेटीज़न ने अशाई की तस्वीर साझा की जिसमें वह कैलिफ़ोर्निया स्थित अपने महॅंगे और आरामदायक कमरे में बैठ कर कश्मीर के युवाओं को भारत के खिलाफ भड़का रहा था। वहीं उसके बेटे ने हाल ही में लॉस एंजिलिस की साउदर्न कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की। 

साभार – अल सिकंदर

टोनी अशाई के भाई आर्थर का रवैया भी कुछ ऐसा ही है। ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करने वालों का मज़ाक बना रहा है। वह इस बात से नाराज़ था कि एक भारतीय व्यक्ति ने उसके सामने ‘मोदी जिंदाबाद’ कह दिया था। इसके बाद आर्थर ने उस व्यक्ति का बहुत मज़ाक बनाया और अंत में पूछा क्या वह फिर से ‘मोदी जिंदाबाद’ तो नहीं कहेगा। 

सिर्फ टोनी अशाई ही नहीं नेटीज़न ने एक और भारत विरोधी व्यक्ति के साथ बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों की तस्वीर खोज निकाली। इसमें सोनम कपूर, अनिल कपूर और करन जौहर जैसे लोग भी शामिल थे। नेटीज़न ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे एक पाकिस्तानी व्यवसायी अनिल मुसरत के भारतीय कलाकारों के साथ इतने अच्छे सम्बन्ध हैं।

मुसरत, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी है। शाहरुख खान से लेकर करन जौहर तक, अनिल कपूर से लेकर सोनम कपूर तक और दीपिका पादुकोण से लेकर रणवीर सिंह तक इन सभी के अनील मुसरत से अच्छे सम्बन्ध हैं। इस मामले से जुड़े कई ट्वीट खूब वायरल हुए थे। 

पाकिस्तानी मूल का ब्रिटिश नागरिक अनील मुसरत, मूल रूप से कारोबारी और रियल एस्टेट उद्योगपति है। उसके पाकिस्तानी सेना के मुखिया जनरल बजवा और आईएसआई के निदेशक आसिफ गफूर से भी संपर्क है। 

मुसरत ने भारत में अवैध रूप से दाखिल हुए रोहिंग्या शरणार्थियों के समर्थन में भी खूब आवाज़ उठाई थी, जिन्हें भारत सरकार ने “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा” घोषित कर दिया था। उसने मिन्हाज फ़ाउंडेशन के साथ मिल कर राफे मुसरत फाउंडेशन की शुरुआत की थी, जो रोहिंग्या शरणार्थियों की मदद करती थी। वह अक्सर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी मज़ाक बनाता है। 

वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कई मामलों में मदद भी करता है। नवंबर 2019 में करतारपुर गुरुद्वारा साहिब का उद्घाटन था, जिसमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी शामिल हुए थे। जैसे ही वह उनके करीब आकर सेल्फी लेने की कोशिश करता है, सुरक्षाकर्मी उसे धक्का देकर किनारे कर देते हैं।

साल 2017 के दौरान लंदन में हुई उसकी बेटी की शादी में इमरान खान समेत कई बॉलीवुड कलाकार शामिल हुए थे। 

पाकिस्तानी मूल का होस्टन में रहने वाला रेहान सिद्दीकी कश्मीर में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है और भारत के विरुद्ध नफ़रत फैलाता है। रेहान का म्युज़िक और रेडियो इंडस्ट्री में कई सालों का अनुभव है। उसने दक्षिणी एशिया समेत बॉलीवुड के कई कलाकारों के साथ लगभग 400 कॉन्सर्ट किए हैं। पिछले कुछ समय से रेहान ने कई बॉलीवुड इवेंट कराए और भारत विरोधी गतिविधियों की फंडिंग की (खासकर कश्मीर)। होस्टन में उसका खुद का एक रेडियो चैनल में जिसमें वह सिर्फ भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करता है। 

अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों ने रेहान द्वारा आयोजित कार्यक्रमों का विरोध किया था। साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया था कि बॉलीवुड के कलाकारों को आईएसआई एजेंट के कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए। लोगों का कहना था कि बॉलीवुड के लोगों को रेहान के कार्यक्रम में शामिल होने पर रोक लगाई जानी चाहिए। 

इसके अलावा लोगों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रेहान और अन्य पाकिस्तानी नागरिक सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। साथ ही सिख समुदाय के स्थानीय लोगों के साथ मिल कर खालिस्तान का समर्थन करने की योजना भी बना रहा है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद रेहान ने अपने रेडियो चैनल पर खूब भारत विरोधी एजेंडा चलाया था। 

इतना कुछ होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष बैजयंत जय पंडा ने इस मामले पर ट्वीट किया था। ट्वीट में उन्होंने लिखा “बॉलीवुड के देशभक्तों को ऐसे लोगों से अपना सम्बन्ध ख़त्म कर देना चाहिए जो कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देने की बात करते हैं।”

साभार – बैजयंत जय पंडा

इसके बाद हज़ारों – लाखों की संख्या में सोशल मीडिया यूज़र्स और नेटीज़न ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने सरकार से गुज़ारिश की बॉलीवुड कलाकारों के ,पाकिस्तान से रिश्ते पर जाँच होनी चाहिए।      

कॉन्ग्रेसी CM आवास के सामने आत्मदाह किए युवक की मौत: ‘भूख के कारण था परेशान’ – पिता ने लगाया आरोप

29 जून को छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास के ठीक सामने एक व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास किया था। व्यक्ति ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर मौके पर ही आग लगा ली थी। लेकिन घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते आग बुझा दी थी। 

मंगलवार (21 जुलाई 2020) के दिन उस युवक की एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस बारे में बात करते हुए रायपुर के एसपी अजय यादव ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया, “धमतरी जिले के रहने वाले युवक की मंगलवार के दिन अस्पताल में मृत्यु हो गई। पोस्टमॉर्टम हो जाने के बाद शरीर धमतरी भेज दिया गया है।”

अब तक सामने आई खबरों के अनुसार 27 वर्षीय युवक ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आधिकारिक आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। मीडिया रिपोर्ट में युवक को मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताया जा रहा था।

रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने भी इस मामले में जानकारी दी। उनका कहना था, “हरदेव सिन्हा नाम का युवक धमतरी जिले का रहने वाला है। उसने मुख्यमंत्री आवास के सामने खुद को आग लगा ली थी। इसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल प्रभाव से बचाया था।”

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। वीडियो खुद को आग लगाने वाले युवक के पिता का है। कुछ मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उनके पिता कहते हैं,

“लड़के ने घर से निकलने के पहले कुछ नहीं बताया था। रात में खाना बनाने के लिए बहू ने चावल माँगा था, इसके पहले उन्होंने पड़ोसियों से चावल लेकर घर में खाना बनाया था। लेकिन इसके कुछ दिन पहले तक परिवार ने खाना तक नहीं खाया था।”

इस वीडियो के साथ ट्वीट में लिखा हुआ है, “आज सभी मिलकर हरदेव सिन्हा को पागल बताने में लगे हुए हैं, तब उनके पिता की बातें सुनकर जनता स्वयं निर्णय करे कि अपने परिवार के लिए एक वक़्त के भोजन की आशा कर @bhupeshbaghel के द्वार जा पहुँचे हरदेव सिन्हा मानसिक रूप से पीड़ित हैं या शासकीय नीतियों से प्रताड़ित?” 

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ युवक का शरीर 50 फ़ीसदी तक जल चुका था। इसके बाद उन्हें बीआर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही। उनका यह भी कहना था कि हरदेव ने बातचीत में बताया था कि वह लेखक हैं और फिल्म बनाना चाहते हैं।

धमतरी के तेलिनसट्टी गाँव में रहने वाले हरदेव के कुछ रिश्तेदारों ने बताया कि वह शादीशुदा थे और उनकी दो बेटियाँ भी हैं। वह मज़दूरी करते थे। रिश्तेदारों के मुताबिक़ वह पिछले दो सालों से मानसिक रूप से अस्थिर थे, उनके पास गाँव में ही दो एकड़ ज़मीन भी है।

हरदेव ने अपनी ग्राम पंचायत में एक फिल्म बनाने के लिए आवेदन किया था। गाँव वालों व रिश्तेदारों के विपरीत, हरदेव की पत्नी का कहना है कि उनके पति की मानसिक हालत ठीक थी। वह आर्थिक तंगी के दौर से गुज़र रहे थे, इसलिए इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

पद्मनाभस्वामी मंदिर की मालकिन है राजपरिवार की महिला, कोर्ट के फैसले से बनेंगी ‘दुनिया की सबसे अमीर’: फैक्ट चेक

सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक भगवान विष्णु के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (Sree Padmanabhaswamy Temple) के प्रबंधन को केरल की वामपंथी सरकार से मुक्त कर त्रावणकोर के पूर्व राजपरिवार के अधिकार को मान्यता दे दी है। साथ ही कोर्ट ने मंदिर के तहखाने (वॉल्ट बी) को खोला जाए या नहीं, इसका फैसला एडमिनिस्ट्रेटिव व एडवाइजरी कमिटी पर छोड़ दिया है।

लेकिन इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रकार के दावे कर मंदिर और इसकी सम्पत्ति के बारे में भ्रामक तथ्य शेयर किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में व्हाट्सऐप के साथ ही कई अन्य जगहों पर एक वीडियो संदेश शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि वीडियो में नजर आ रही महिला पद्मनाभस्वामी मंदिर की मालकिन हैं और अब वो संसार की सबसे अमीर शख्सियत बन जाएँगी।

व्हाट्सऐप पर शेयर किए जा रहे भ्रामक संदेश का स्क्रीनशॉट

इसके साथ ही, एक अन्य सन्देश में यह दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रही महिला त्रावणकोर राजपरिवार की सदस्य हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी ओर से यह बयान जारी किया गया है।

लेकिन, इस वीडियो में किए जा रहे दावे वास्तविकता से एकदम अलग हैं और इसकी जानकारी खुद इस वीडियो में नजर आ रही महिला एक्टिविस्ट और केरल के ‘पीपल फॉर धर्म’ की अध्यक्षा शिल्पा नायर ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी है।

शिल्पा नायर ने ऐसे ही कुछ स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया है कि यह उनका वीडियो जरूर है लेकिन इस वीडियो के साथ किए जा रहे अन्य दावे बेबुनियाद, गलत और फर्जी हैं।

एक्टिविस्ट शिल्पा नायर ने लिखा है – “यह किस तरह का मजाक है? कृपया ध्यान दें, इन चित्रों में दिए गए किसी भी वर्णन में से कोई भी मुझसे सम्बन्धित नहीं है। भगवान पद्मनाभ के चरण कमलों की भक्त होने के अलावा, मैं सिर्फ ‘पीपल फ़ॉर धर्म’ की अध्यक्षा हूँ, जिन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप किया था। इससे न कम न ज़्यादा।”

दरअसल, जो वीडियो व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, वह एक्टिविस्ट शिल्पा नायर ने ही अपने ट्विटर अकाउंट पर गत 13 जुलाई को शेयर किया था। इस वीडियो के जरिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देते हुए कहा – “सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बेहद भावुक करने वाला है। यह हमारे धर्म की विजय है।”

इसके साथ ही उन्होंने इस केस में अपने संगठन ‘पीपल फ़ॉर धर्मा’ के सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह और भी मंदिरों को स्वतंत्र कराने के प्रयास में पहला कदम है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर पर क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

गौरतलब है कि केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन और उसकी संपत्तियों के अधिकारी को लेकर जुलाई 13, 2020 को ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मंदिर के प्रबंधन का अधिकार त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार को दिया है। लेकिन कानूनी समझ की कमी के कारण लोग इसे मंदिर का मालिकाना हक या मंदिर की संपत्ति पर मालिकाना हक जैसी बात फैला रहे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं है।

शीर्ष अदालत ने ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन में त्रावणकोर राजपरिवार के अधिकार को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मंदिर के मामलों के प्रबंधन वाली प्रशासनिक समिति की अध्यक्षता तिरुवनंतपुरम के जिला न्यायाधीश करेंगे और मुख्य कमिटी के गठन तक यही व्यवस्था रहेगी। कोर्ट ने आदेश में यह स्पष्ट कहा कि मुख्य कमिटी में राजपरिवार की अहम भूमिका रहेगी।

श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर को 6वीं सदी में त्रावणकोर के राजाओं ने बनवाया था। जिसका जिक्र 9वीं सदी के ग्रंथों में मिलता है। त्रावणकोर राजघरानों ने भगवान पद्मनाभस्वामी को अपना जीवन और संपत्ति सब कुछ सौंप दिया था।

बंगाल BJP नेता की बहन की हत्या: आरोपित फिरोज अली की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- जहर से हुई मौत

पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर में भाजपा नेता की बहन के साथ कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के ठीक एक दिन बाद आरोपित फिरोज अली की भी लाश पाए जाने के बाद, आरोपित की हत्या के आरोप में पीड़िता के पिता और दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल, मामले के मुख्य आरोपित (फिरोज अली) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें ऐसा बताया जा रहा है कि युवक की मृत्यु जहर की वजह से हुई है, उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूरा मामला यह है कि, रविवार के दिन 15 वर्षीय पीड़िता की मृत्यु के बाद इलाके में काफी तनाव था। लड़की के परिवार वालों ने हत्या और बलात्कार का आरोप फिरोज अली पर लगाया था, उसका सम्बन्ध तृणमूल कॉन्ग्रेस से था। सोमवार के दिन फिरोज अली की लाश ठीक उसी जगह पर मिली थी जहाँ लड़की की लाश बरामद हुई थी। इसके बाद फिरोज अली के परिवार वालों ने भी लड़की के परिवार वालों पर आरोप लगाया था। 

इस शिकायत के आधार पर लड़की के दो भाइयों और पिता को 10 दिन की रिमांड पर लिया गया था। आरोपित लड़का और मृत लड़की अलग समुदाय के थे इसलिए पूरे क्षेत्र में तनाव बरकरार है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी हुई है। इसके बाद भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेश उपाध्यक्ष राजू बनर्जी ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन भी किया था। बुधवार के दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ भाजपा के कई नेता शामिल थे। कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें सामाजिक दूरी न बनाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था, बाद में उन्हें जमानत देकर छोड़ दिया गया था। 

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राजू बनर्जी ने इस मामले पर कई बातें कही थीं। उन्होंने कहा, “पुलिस का रवैया इस मामले पर एकतरफ़ा है, पुलिस टीएमसी के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करती है जो सोशल डिसटेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाते हैं। वह रैली निकालते हैं, जनसभाएँ करते हैं लेकिन कार्रवाई सिर्फ भाजपा नेताओं पर होती है। जैसे पश्चिम बंगाल में सारे क़ानून और क़ायदे भाजपा के नेताओं पर ही लागू होते हैं। 

भाजपा नेता की बहन को 19 जुलाई को कथित रूप से घर से अगवा किया गया था। इसके बाद उसकी तलाश की गई तो वो बेहोशी की अवस्था में मिली। उसे तुरंत स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जब वहाँ पर उसकी हालत में सुधार नहीं आया तो फिर उसे इस्लामपुर सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया। जहाँ उसने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद कई जगह इस मामले पर प्रदर्शन भी हुए। पुलिस ने मामला गर्माने के बाद पोस्टमार्टम का हवाला दिया।

पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट में कहीं भी यौन उत्पीड़न की कोशिश या चोट का जिक्र नहीं है। बच्ची की मौत अधिक मात्रा में जहर पीने की वजह से हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लड़की के शरीर पर कहीं भी खरोंच के निशान नहीं हैं।

इसके अलावा आरोपित फिरोज अली को लेकर भी कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि जिस फिरोज को आरोपित समझकर ढूँढा जा रहा था। उसे लेकर कुछ लोगों ने दावा किया है कि उसकी लाश सोनारपुर इलाके के एक तालाब में मिली थी।

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पीड़िता का बलात्कार किया और फिर हत्या कर दी गई, क्योंकि पीड़िता का परिवार भारतीय जनता पार्टी का समर्थक है। आरोपित फिरोज अली सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से जुड़ा बताया जा रहा था।

‘बंद हो हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान’: पेरियारवादियों द्वारा भगवान मुरुगन के अपमान पर रजनीकांत ने कहा – ‘तुच्छ कृत्य’

सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में पेरियारवादियों द्वारा भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रक्षा श्लोक को अपमानित करने वाले विवादास्पद वीडियो बनाने वाले लोगों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए तमिलनाडु सरकार की प्रशंसा की है।

डीएमके-सहयोगी पेरियारवादी यूट्यूब चैनल ने हाल ही में भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की एक श्लोक को बेहद घटिया विवरण के साथ पेश किया था, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी थी।

इस बारे में ट्वीट करते हुए, अभिनेता रजनीकांत ने कहा, “स्कंद षष्ठी कवचम को अपमानित करने से करोड़ों तमिलों की भावनाओं को ठेस पहुँची है और लोग आक्रोशित हैं। उन वीडियो को हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई और हस्तक्षेप के लिए तमिलनाडु सरकार की तहे दिल से सराहना करता हूँ। यह बंद होना चाहिए। सभी धर्म एक हैं।”

रजनीकांत ने कहा कि वे चैनल से वीडियो हटाए जाने के फैसले का भी स्वागत करते हैं। उन्होंने इसे एक तुच्छ कृत्य बताते हुए कहा कि कम से कम अब धार्मिक घृणा और ईश्वर की निंदा बंद होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में करूप्पर कोट्टम, जो कि एक यूट्यूब चैनल है और एक पेरियारवादी संगठन द्वारा संचालित होता है, द्वारा निर्मित एक वीडियो में स्कंद षष्ठी कवचम का अपमान किया गया था, जिसके बाद भाजपा और विभिन्न संगठनों ने इस कृत्य की निंदा की थी।

इस वीडियो के चर्चा में आने के बाद और लोगों के भारी विरोध के बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस संगठन ने भारी हंगामे के बाद इस वीडियो को अपने चैनल से भी हटा दिया और खेद व्यक्त किया।

करुप्पार कूटम यूट्यूब चैनल के इस विवादित वीडियो में, विशेष रूप से, 64 और 92 के बीच छंदों का उपहास किया गया है। ये छंद भगवान स्कंद से शरीर के प्रत्येक भाग को सिर से पैर तक की सुरक्षा के लिए पढ़े जाते हैं।

भगवान कार्तिकेय, जिन्हें कि तमिल में ‘मुरुगन’ कहते हैं, को तमिलों का देवता कहा जाता है और उनकी इस आराधना को निशाना बनाकर इस यूट्यूब चैनल का उद्देश्य तमिल हिन्दुओं की आस्था और पहचान पर हमला करना था।

इस विवादित वीडियो में, करुप्पार कूटम, जो डीएमके-सहयोगी पेरियारवादी विचारकों के समर्थन पर आधारित है, ने इन छंदों के साथ अश्लील, अपमानजनक और बेहद घिनौने तरीके से छेड़खानी करते हुए शरीर के जननांगों को सुरक्षित करने की माँग की है, जो कि हिन्दुओं की आस्था को उपहास बनाने के उद्देश्य से किया गया।

मैंने मोदी का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया था क्योंकि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी – राजदीप सरदेसाई

जब बुधवार (जुलाई 22, 2020) को पीएम मोदी ने यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित इंडिया आइडियाज समिट के लिए भाषण दिया, तो तथाकथित पत्रकार राजदीप सरदेसाई अपनी अभिजात्य वर्ग की कुंठा को छुपाने में एक बार फिर नाकामयाब रहे। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि प्रधानमंत्री बहुत पहले किए गए वादे पर खरे उतरे हैं।

राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट में लिखा –

“इंडो यूएस समिट में पीएम मोदी अंग्रेजी में बात कर रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि वह कई सालों पहले मुझसे किए गए एक वादे पर खरे उतरे हैं! मैंने एक बार प्रोग्राम में आखिरी समय में उनकी जगह प्रमोद महाजन को लिया था क्योंकि महाजन बेहतर अंग्रेजी बोलते थे। फिर मोदी जी ने मुझसे कहा – “एक दिन मैं अंग्रेजी में भाषण दूँगा।”

दरअसल, राजदीप सरदेसाई का मकसद यहाँ पर किसी घटना या अतीत का कोई प्रसंग उजागर करना नहीं, बल्कि भाषाई आधार पर किसी व्यक्ति को कमतर बताना था। सरदेसाई के इस ट्वीट को लेकर काफी लोग सोशल मीडिया पर उनकी निंदा कर रहे हैं, जबकि दुर्भाग्यवश एक वर्ग राजदीप की इस कुंठा में उनका समर्थन करता नजर आ रहा है और इस बात पर बहस करता देखा जा सकता है कि क्या पीएम मोदी अंग्रेजी बोल सकते हैं या फिर नहीं?

मिहिर झा ने राजदीप सरदेसाई को उनकी इस करतूत पर लिखा है – “राजदीप सरदेसाई ने कितनी बेशर्मी से अपने सामाजिक क्लास वर्गीकरण के पूर्वग्रह को सामने रखकर स्वीकार किया है। यह बताता है कि वह वास्तविकता से कितना दूर है। कोई आश्चर्य नहीं है कि पीएम मोदी ने इस आदमी को समय-समय पर उसकी औकात बताई है।”

राजदीप के इस ट्वीट में उन पर कटाक्ष करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा है – “मतलब, मोदी जी समिट में अंग्रेजी में बोल रहे हैं क्योंकि राजदीप ने एक बार उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया था? इसे सभी रिवेंज (बदला) की माँ कहा जा सकता है।”

डॉ तुफैल अहमद गिरफ्तार: कोरोना+ लड़की से 2 बार रेप की कोशिश, बिना ग्लव्स, PPE किट पहने आइसोलेशन वार्ड गया

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार (22 जुलाई, 2020) के दिन सरकारी डॉक्टर तुफैल अहमद ने 25 साल की युवती के साथ ज़्यादती और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। ऐसा उस डॉक्टर ने तब किया, जब कोरोना वायरस से प्रभावित पाए जाने के बाद अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में उसका उपचार चल रहा था। 

तुफैल अहमद (30) नाम के डॉक्टर को एक होटल से गिरफ्तार किया जा चुका है, जहाँ उसने काम करने के बाद खुद को क्वारंटाइन किया था। युवती द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ FIR हुई है। पीड़ित लड़की दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करती है और कोरोना वायरस के लक्षण मिलने के बाद उपचार के लिए अलीगढ़ आई थी। 

सोमवार के दिन लड़की को अस्पताल में भर्ती किया गया था और एक ही दिन बाद वह कोरोना वायरस से प्रभावित पाई गई थी। युवती द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर डॉक्टर तुफैल अहमद मंगलवार की रात को उसके वार्ड में दाखिल हुआ। इसके बाद युवती की जाँच करने का बहाना बना कर उसे गलत तरीके से छूने लगा और उसके साथ ज्यादती करने लगा।

हैरानी की बात यह है कि एक रात पहले की गई हरकत को डॉक्टर तुफैल अहमद ने बुधवार की सुबह भी दोहराई। तुफैल की दो बार की हरकतों के बाद युवती ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने भी इस मामले पर कुछ जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद डॉक्टर बिना दस्ताने और पीपीई किट पहने आइसोलेशन वार्ड चला गया। इलाके के सीओ अनिल समानिया ने इस बारे में टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत भी की। बातचीत में उन्होंने बताया डॉक्टर तुफैल पर धारा 376 (2) d के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। 

शहर के एडीशनल मजिस्ट्रेट रणजीत सिंह ने भी घटना के बाद अस्पताल का दौरा किया। इसके बाद टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में बताया कि मामले की रिपोर्ट चीफ मेडिकल सुप्रिटेंडेंट को दे दी गई है। फिलहाल पुलिस ने भी डॉक्टर तुफैल अहमद पर मामला दर्ज कर लिया है।   

हॉस्पिटल में छेड़छाड़ की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले एक और मामला सामने आया था, कानपुर का चमनगंज कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट था। इस इलाके में संदिग्धों की जाँच करने गई मेडिकल टीम की नर्सों से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई थी। इस मामले में कलीम, अमजद अंसारी, बजी अहमद और सलीम को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ छेड़खानी, अश्लीलता, जान से मारने की धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना अप्रैल 11, 2020 की दोपहर को हुई थी। चमनगंज निवासी ये आरोपित पिछले कई दिनों से नर्सों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। जब मेडिकल टीम वहाँ पर संदिग्धों की जाँच करने पहुँची तो आरोपितों ने नर्सों के साथ अभद्रता की। गाली-गलौज करते हुए उन पर फब्तियाँ कसी, साथ ही अश्लील हरकतें भी की। 

एक अलग तरह की घटना में राँची के एक क्वारंटाइन सेंटर और उसके बाद जेल में 111 दिनों से प्रशासन व पुलिस की निगरानी में रह रहीं तबलीगी जमात की 3 विदेशी महिलाएँ गर्भवती पाई गई थीं। मंगलवार (जुलाई 21, 2020) को यह मामला तब सामने आया था, जब तीनों तबलीगी महिलाएँ और उनके पति समेत कुल 17 विदेशी जेल से बाहर निकले।

तबलीगी जमात से जुड़े 17 विदेशियों को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद गत बुधवार (जुलाई 15, 2020) को सुनवाई के बाद सभी को जमानत प्रदान करने का निर्देश दिया गया। इन्हें राँची पुलिस ने हिंदपीढ़ी की एक मस्जिद से गिरफ्तार किया था। इनमें मलेशिया, हॉलैंड, इंग्लैंड, जांबिया की चार महिला और 13 पुरुष शामिल थे।

इनमें पाँच विदेशी महिलाएँ, उनके पति और बाकी पुरुष गत 17 मार्च को दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज से होकर वापस राँची गए थे। इसके बाद, 30 मार्च को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। ऐसे में लोगों का सवाल है कि क्वारंटाइन सेंटर और पुलिस हिरासत में आखिर यह कारनामा कैसे सम्भव हुआ?

WHO ने फिर की PM मोदी की तारीफ, कहा- घनी आबादी होने के बावजूद भारत ने कोरोना संक्रमण को किया काबू

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना के संक्रमण को रोकने में भारत की कोशिशों की तारीफ की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने (22 जुलाई, 2020) को अपने एक बयान में कहा कि कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए भारत ने सही समय पर आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया था। जिसकी वजह से देश की इतनी आबादी होने के बावजूद कोरोना संक्रमण अभी भी काबू में है।

यह बयान डब्ल्यूएचओ की दक्षिण पूर्वीं एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल ने दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार कोरोना के प्रसार को काफ़ी हद तक फैलने से रोकने में कामयाब रही है। भारत ने महामारी को अनदेखा नहीं किया बल्कि कोविड-19 के खिलाफ शुरू से ही काफी सतर्क रहा।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस जिस वक्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से बढ़ रहा था, उस समय भारत में बहुत ही कम केस थे। मगर भारत उसी समय से अस्पतालों को तैयार करने, दवाइयों की व्यवस्था करने और जाँच क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लगातार अपनी तैयारियों और जवाबी मानकों को विस्तारित कर रहा है।

पूनम खेत्रपाल ने कहा कि हम भारत में राज्यों के स्तर पर इन क्षमताओं में विभिन्नता से परिचित हैं। अगर हम देश की आबादी और उसके क्षेत्रफल के अनुसार देखें तो यह कह सकते हैं कि वहाँ हालात असमान्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कदम उठाए गए वह जरूर पूरी तरह से पर्याप्त नहीं हो सकते लेकिन इन उपायों ने संक्रमण को फैलने से रोकने में जरूर मदद की है।

भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 11 लाख 92 हजार 915 हो गई है। देश में पिछले 24 घंटे में 37,724 नए मामले सामने आए हैं और 648 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा देश में अभी तक इस महामारी की वजह से 28,781 लोगों की मौत हुई है। देश में चार लाख 13 हजार 892 मामले सक्रिय हैं और सात लाख 52 हजार 596 मरीज ठीक हुए हैं।