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आप उस धरती के वीर हैं, जिसने हजारों वर्षों से अनेकों आक्रांताओं के हमलों-अत्याचारों का मुँहतोड़ जवाब दिया: PM मोदी

भारत-चीन विवाद के बीच आज (जुलाई 3, 2020) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह दौरे पर गए। उन्होंने वहाँ तैनात सैनिकों से मुलाकात की और सेना की तैयारियों का जायजा भी लिया। इसके अलावा उन्होंने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों को खदेड़ने वाले बहादुर सैनिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने सेना के शौर्य की गाथा का बखान करते हुए हर सैनिक की हौसला अफजाही की। उन्होंने कहा कि पूरे भारत को हमारे सैन्य बल पर गर्व है।

लेह पहुँचकर प्रधानमंत्री ने जवानों से कहा, “आपका यह हौसला, शौर्य और माँ भारत की रक्षा का आपका समर्पण अतुलनीय है। आपकी जीवटता दुनिया में किसी से कम नहीं। जितनी ऊँचाई पर आप माँ भारती की ढाल बनकर रक्षा करते हैं, उसका मुकाबला दुनिया में कोई नहीं कर सकता है। आपका साहस उस ऊँचाई से भी ऊँचा है जहाँ आप तैनात हैं। आपका निश्चय उस घाटी से भी मजबूत है जिसे आप हर दिन कदमों से नापते हैं। आपकी इच्छाशक्ति पर्वतों जितनी अटल है।”

सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है। आपकी भुजाएँ, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं। आपकी इच्छा शक्ति आस-पास के पर्वतों की तरह अटल हैं।”

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। मैं गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को आज फिर से श्रद्धांजलि देता हूँ। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है।”

पीएम मोदी बोले, “हमारे यहाँ कहा जाता है, वीर भोग्य वसुंधरा। यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं। ये धरती वीर भोग्या है। इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा सामर्थ्य और संकल्प हिमालय जैसा ऊँचा है। ये सामर्थ्य और संकल्प मैं आज आपकी आँखों पर, चेहरे पर देख सकता हूँ।”

उन्होंने सैनिकों को भारत के इतिहास का हवाला देते हुए उनका साहस बढ़ाया। उन्होंने कहा “आप उसी धरती के वीर हैं, जिसने हजारों वर्षों से अनेकों आक्रांताओं के हमलों और अत्याचारों का मुँहतोड़ जवाब दिया है। हम वो लोग हैं जो बाँसुरीधारी कृष्ण की पूजा करते हैं, वहीं सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को भी अपना आदर्श मानते हैं।”

पीएम मोदी ने इस दौरान यह भी कहा कि भारत हर आक्रमण के बाद सशक्त होकर उभरा है। उन्होंने कहा, “राष्ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई स्वीकार करता है। हर कोई मानता है। लेकिन हम यह भी जानते हैं कि शांति निर्बल कभी नहीं ला सकता। कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकता। वीरता ही शांति की पूर्व शर्त होती है। भारत आज जल, थल, नभ और अंतरिक्ष तक अगर अपनी ताकत बढ़ा रहा है। तो उसका लक्ष्य मानव कल्याण ही है।”

यहाँ बता दें, अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 कॉर्प्स के अधिकारियों से बात की। इसके अलावा सीडिएस से मिलकर मौजूदा स्थिति का जायजा भी लिया। इस दौरान उनके साथ नॉर्दन आर्मी कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह भी मौजूद रहे। सीमा पर तैनात जवानों ने पीएम मोदी को देखकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेह दौरे की सराहना की और कहा कि सेना के हाथों में भारत की सीमाएँ सुरक्षित हैं।

विकास दुबे: सपा-बसपा नेताओं का रहा है करीबी, खौफ ऐसा कि थाने में ही कर दी मंत्री की हत्या, लेकिन गवाह नहीं मिले

उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मियों की गुरुवार रात कानपुर के बिकरू गाँव में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे चर्चा में है।

पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए आधी रात दबिश दी थी। लेकिन, विकास और उसके गुर्गों ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की।

विकास पर कम से कम 60 मामले दर्ज हैं। इनमें 53 हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े हैं। उस पर राजनाथ सिह की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या करने का भी आरोप है। हालॉंकि इस मामले में कोई गवाह नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था।

विकास दुबे राजनीति में भी ​सक्रिय रहा है। सपा और बसपा के कई नेताओं से उसकी करीबी रही है। उसकी पत्नी सपा के टिकट पर पंचायत का चुनाव भी लड़ चुकी है।

विकास दुबे पर साल 2000 में कानपुर के शिवली स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त सिद्धेश्वर पाण्डेय की हत्या का आरोप हैl 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दूबे हत्याकांड में भी उसका नाम शामिल हैl 

उस पर साल 2018 में जेल के भीतर रह कर ही अपने चचेरे भाई की हत्या की साज़िश रचने का आरोप हैl अपराध के साथ-साथ विकास दुबे की सक्रियता राजनीति में भी बराबर रही हैl वह पूर्व प्रधान और जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। साल 2002 के आस-पास बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के कार्यकाल में विकास दूबे का कानपुर के तमाम इलाकों में ख़ौफ़ थाl 

उत्तर प्रदेश पुलिस, हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे
सपा की तरफ से पंचायत चुनाव लड़ चुकी है विकास की पत्नी

बसपा के तमाम कद्दावर नेताओं से उसके संबंध किसी से छिपे नहीं थेl इसी दौरान उसने गैर कानूनी संपत्ति बनाई और अपना गैंग तैयार किया। बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी उसके संबंध रहे हैं। उसकी पत्नी भी सपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ चुकी हैl  

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक एचसी अवस्थी ने कहा कि उसे पुलिस की दबिश के बारे में पहले से ही जानकारी मिल गई थीl उसे पहले ही भनक लग गई थी कि पुलिस दबिश देने वाली हैl उनके अलावा उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि मामले में चूक पुलिस की तरफ से भी हुई हैl फिलहाल उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स भी इस मामले की नए सिरे से जाँच करेगीl 

जिस तरह से विकास दूबे की तरफ से पुलिस पर हमला हुआ इससे यह साफ़ था कि उसने पहले ही हमले की तैयारी कर ली थीl गाँव के लगभग हर रास्ते को जेसीबी से बंद किया गया था, जिससे पुलिस को गाँव के भीतर दाखिल होने में परेशानी होl इसके बाद पुलिस की तरफ से हुई कार्रवाई में चौबेपुर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर दो बदमाश मारे गए हैं, दोनों की पहचान बतौर विकास दूबे के परिचित के तौर पर हुई हैl

COVID-19: ICMR ने दिए पहले स्वदेशी वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश, 15 अगस्त तक जारी करने की योजना

आईसीएमआर डीजी बलराम भार्गव ने स्वदेशी COVID-19 वैक्सीन की परीक्षण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए भारत बायोटेक और मेडिकल कॉलेजों के प्रमुख जाँचकर्ताओं को एक पत्र लिखा है, ताकि 15 अगस्त को क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम जारी किए जा सकें। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने क्लिनिकल ट्रायल पूरा होने के बाद 15 अगस्त तक COVID-19 के लिए एक स्वदेशी वैक्सीन शुरू करने की योजना बनाई है। इसके क्लिनिकल ट्रायल के लिए देश भर में 13 संस्थानों का चयन किया है और उन्हें 7 जुलाई तक इस विषय पर नामांकन शुरू करने के लिए कहा है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा संक्रामक वायरल इन्फेक्शन के लिए वैक्सीन विकसित करने में शामिल संस्थानों को लिखे गए एक पत्र के अनुसार, कोरोनो वायरस बीमारी (COVID-19) के खिलाफ पहला मेड-इन-इंडिया टीका 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर शुरू किया जा सकता है। लिहाजा उससे पहले तमाम क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर लिए जाने चाहिए।

ICMR के महानिदेशक (डीजी) डॉ बलराम भार्गव ने इन संस्थानों को लिखा है, “यह भारत द्वारा विकसित किया जा रहा पहला स्वदेशी वैक्सीन है और सर्वोच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक है, जिसकी निगरानी सरकार द्वारा शीर्ष स्तर पर की जा रही है। सभी ​​परीक्षणों (क्लिनिकल ट्रायल्स) के पूरा होने के बाद 15 अगस्त तक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपयोग के लिए वैक्सीन लॉन्च करने की उम्मीद जताई गई है।”

ICMR के महानिदेशक बलराम भार्गव ने चयनित संस्थानों के प्रमुखों को लिखे एक पत्र में उन्हें सूचित किया कि उसने हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) के साथ स्वदेशी COID-19 वैक्सीन (BBV152 COVID वैक्सीन) के क्लिनिकल परीक्षण में तेजी लाने के लिए साझेदारी की है।

आईसीएमआर COVID-19 के खिलाफ इस वैक्सीन को विकसित करने के लिए महामारी वैक्सीन अग्रणी, भारत बायोटेक के साथ मिलकर काम कर रहा है। आईसीएमआर के प्रवक्ता रजनीकांत श्रीवास्तव ने कहा, “हमने भारत बायोटेक को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है।”

गत सोमवार को ही भारत बायोटेक को भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ‘कोवैक्सिन’ (Covaxin) के मानव परीक्षणों का संचालन करने की मंजूरी मिली, जिसे उसके द्वारा विकसित किया गया है। इस वैक्सीन को BBV152 COVID वैक्सीन नाम दिया गया है। इस वैक्सीन को आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे में बनाया गया।

SARS-CoV-2 स्ट्रेन, जिसके कारण COVID -19 संक्रमण होता है, को आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे में आइसोलेट कर दिया गया था और मई में भारत बायोटेक में स्थानांतरित कर दिया गया।

कोरोना वायरस को आइसोलेट करना एक कठिन काम है। हालाँकि, NIV, पुणे के वैज्ञानिकों ने 11 स्ट्रेंस और कल्चर को अलग करने में कामयाबी हासिल की थी, जो कि भविष्य में इसकी वैक्सीन विकसित करने या वायरस से संबंधित किसी भी शोध के लिए बुनियादी जरूरत है।

आईसीएमआर महानिदेशक ने अगले 5 दिनों यानि 7 जुलाई तक इसके ट्रायल के लिए एनरॉलमेंट जैसी तमाम प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दे दिया है। इस आदेश पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि COVID-19 महामारी और पब्लिक हेल्थ को देखते हुए इस वैक्सीन को इमरजेंसी में लॉन्च करना अपरिहार्य है। लिहाजा ट्रायल से संबंधी तमाम प्रक्रिया पूरी कर लें। साथ ही ट्रायल में कोताही बरतने वालों पर भी कार्रवाई करने का स्पष्ट संदेश इस आदेश में दिया गया है।

जाहिर है, भारत के लिए ये एक बड़ी राहत की खबर है क्योंकि बृहस्पतिवार को देश में एक दिन में सबसे ज्यादा 20 हज़ार से ज्यादा मामले सामने आए थे। भारत दुनिया में कोरोना वायरस प्रभावित देशों की लिस्ट में 5 नंबर पर पहुँच गया है।

आने वाले दिनों में ये मामले और तेज़ी से बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में अगर भारत सरकार 15 अगस्त तक ये वैक्सीन लॉन्च कर पाती है, तो दुनिया में भारत एक नज़ीर पेश कर पाएगा।

सलमान ने कबूला: हेलमेट पहनी, पिस्टल उठाई, हिंदुओं पर पूरी मैगज़ीन कर दी खाली, दिलबर नेगी मामले में चार्जशीट दाखिल

20 साल के युवक दिलबर नेगी की दर्दनाक हत्या के 3 मुस्लिम आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के सामने कई चौंकाने वाली बातें कही हैंl उनका कहना है कि राजधानी में हो रहे दंगों के दौरान वे उत्तर पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में शामिल थे।

दिल्ली दंगो में दिलबर नेगी की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा फ़ाइल की गई चार्जशीट के मुताबिक़ तीन मुख्य आरोपितों शाहनवाज़, सलमान और सोनू सैफ ने पिस्टल का इंतज़ाम करने की बात स्वीकार कीl जिसमें से एक आरोपी सलमान ने हिन्दू समुदाय के लोगों पर गोलीबारी करने की बात भी कबूल की।

हिंदुओं पर हुई गोलीबारी के मुख्य आरोपी शाहनवाज़ ने दिल्ली पुलिस से पूछताछ के दौरान कहा कि उसने मुस्तफाबाद की तरफ से आती हुई भीड़ देखी। इसके बाद उसने अपने दोस्तों साहिल परवेज़, सलमान और समेत कई को डंडे, माचिस और बोतलें इकट्ठा करने के लिए कहा। पूछताछ के दौरान सलमान ने भी दंगों से जुड़ी कई अहम बातें कहीं, सलमान ने कहा कि उसने सोनू से पिस्टल लेकर आने के लिए कह दिया था। जो कि उसने 3-4 महीने पहले ही शाहनवाज़ से खरीदी थी।  

सलमान ने यह भी कहा कि घटना के दौरान उसने हेलमेट पहना था, उसने शिव विहार तिराहे के पास हिंदुओं पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। उसने इतनी गोलियाँ चलाई कि कुछ ही देर में उसकी मैगज़ीन खाली हो चुकी थी और फिर उसने पिस्टल सोनू को वापस कर दी।

सोनू ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया, “मैं अपने घर से ही पिस्टल लेकर आया था, पिस्टल सलमान को दे दिया, उसने हेलमेट पहनी और हिंदुओं पर गोली चलाना शुरू कर दिया।” दिल्ली पुलिस ने द्वारा दायर की गई चार्जशीट में तीनों आरोपितों के फोन रिकॉर्ड का भी ज़िक्र किया गया है कि दंगों के दौरान तीनों घटना स्थल पर ही मौजूद थे।

चार्जशीट के मुताबिक़ सीसीटीवी फुटेज भी बरामद की गई है, जिसे चार्जशीट में शामिल किया गया है। जिसमें यह साफ़ है कि डंडा लेकर आज़ाद 4:09:05 बजे नज़र आया था। फैज़ल 3:44:50 बजे नज़र आया था, शाहरुख 3:27:20 बजे और शोएब 3:37:04 के वक्त नज़र आया था। इनके अलावा ताहिर 3:41:59 बजे और सलमान 4:50:25 के दौरान नज़र आया था। दिल्ली पुलिस मुस्तफाबाद में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में इनके अलावा अलावा कुल 24 और संदिग्धों से पूछताछ करेगी।  

इन बातों के अलावा दिल्ली पुलिस ने इन दंगों के आरोपितों में अल हिन्द अस्पताल के मालिक डॉक्टर एमए अनवर का भी ज़िक्र किया है। मुस्तफाबाद में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के के दौरान 20 साल के युवक दिलबर नेगी की हत्या हो गई थी।

उत्तराखंड का रहने वाले दिलबर नेगी को मुस्लिम भीड़ ने आग के हवाले कर दिया था। इतना ही नहीं भीड़ में शामिल लोगों ने उसके हाथ और पैर भी काटे और उसके बाद शरीर को आग में फेंक दिया था। नेगी शिव विहार स्थित अनिल स्वीट शॉप में काम करता था, जिसकी हिन्दू विरोधी दंगों के वक्त हत्या कर दी गई थी।

26 फरवरी के दिन उसका शव मिला था, जिसमें पैर लगभग कटे हुए थे और शरीर भी जल चुका था। दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई चार्जशीट के अनुसार दिलबर नेगी को ज़िंदा ही आग में धकेल दिया गया था। पुलिस ने चार्जशीट में अब तक 12 लोगों का नाम शामिल किया है और फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में हैं।  

ऑल्टन्यूज़ ने फिर किया चुटकुले का फैक्ट चेक, कहा- नहीं, पैंगोंग त्सो झील के ऊपर नहीं उड़ रहे थे अपाचे हेलीकॉप्टर

अक्सर मीम, चुटकुले और हास्य लेखों का फैक्ट चेक करने वाले इस्लामिक प्रोपेगैंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज़ ने एकबार फिर एक हास्य व्यंग्य का फैक्ट चेक कर अपना ही इतिहास दोहराया है। इस बार ऑल्टन्यूज़ एक एविएशन लेखक और विश्लेषक द्वारा किए गए मजाकिया ट्वीट को समझ पाने में असफल रहा और ट्वीट का फैक्ट चेक करते हुए इसे ‘फ़ेक’ घोषित कर दिया।

लद्दाख में LAC पर स्थित गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच झड़प के बाद, एक वीडियो सोशल मीडिया पर यह दावा करते हुए देखा गया कि लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के ऊपर भारतीय वायु सेना के अपाचे हेलीकॉप्टरों उड़ रहे हैं।

मेजर जनरल बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल चोपड़ा और कुछ मीडिया हाउस ने भी वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि IAF के हेलिकॉप्टर झील के ऊपर गश्त कर रहे थे। उसके बाद, ट्विटर पर पहले से ही कई लोगों ने बताया था कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका का एक पुराना वीडियो था।

लेकिन 30 जून को, ऑल्टन्यूज़ ने इस दावे का फैक्ट चेक करने का निर्णय लिया, और यह निष्कर्ष निकाला कि वीडियो में अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को एरिज़ोना के हेवसु झील पर उड़ान भरते हुए दिखाया गया था, न कि भारतीय वायु सेना के लड़ाकू अपाचे हेलीकॉप्टर को।

भाग्यवश, यहाँ तक भी इस्लामिक प्रोपेगैंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज़ इस फैक्ट चेक को सही सलामत कर पाया था लेकिन इसके अंत में उसने ट्विटर से एक एविएशन राइटर मिहिर शाह के ऐसे ट्वीट का भी फैक्ट चेकर करने का कारनामा किया जो कि कि अपाचे हेलिकॉप्टर को लेकर किए जा रहे फर्जी दावों का ही मजाक बनाते हुए मिहिर शाह द्वारा हास्य के उद्देश्य से ट्वीट किया गया था।

मिहिर शाह ने इस ट्वीट में लिखा था- “पैंगोंग त्सो में एंटी सबमरीन अभियानों को अंजाम देने वाले मास्ट-माउंटेड सोनार वाले भारतीय नौसेना के सी किंग हेलीकॉप्टर।”

यह स्पष्ट तौर पर एक मजाक था, क्योंकि पैंगोंग त्सो झील में कोई पनडुब्बियाँ ही नहीं हैं, और इसलिए हिमालय में स्थित झील में भारतीय नौसेना द्वारा पनडुब्बी-रोधी (एंटी मरीन ऑपरेशन) अभियान चलाने का कोई सवाल ही नहीं है। पनडुब्बी, जैसा कि नाम से पता चलता है, समुद्रों और महासागरों में काम करती है, और समुद्रों से जुड़ी झीलों में प्रवेश कर सकती है, लेकिन वे स्थल-रुद्ध (लैंड लॉक) झीलों में काम नहीं कर सकती हैं, वह भी पैंगोंग त्सो जैसी झील में, जो बहुत ऊँचाई पर स्थित दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।

इसके अलावा, वीडियो में देखे गए अपाचे हेलीकॉप्टरों से सी किंग हेलीकॉप्टर दिखने में पूरी तरह से अलग हैं, और मिहिर शाह ने वीडियो के बारे में शेयर की जा रही फर्जी खबरों को उजागर करने के लिए उन्हें जानबूझकर ही ‘सी किंग हेलीकॉप्टर’ कहा था। लेकिन जैसा कि स्वघोषित फैक्ट चेकर ऑल्टन्यूज़ हमेशा से ही तथ्यों के साथ दुश्मनी रखते आया है, उसने इन सभी बैटन को नजरअंदाज करना आवश्यक समझा और इसका फैक्ट चेक कर दिया।

ऑल्टन्यूज़ द्वारा किया गया यह फैक्ट चेक जब मिहिर शाह तक पहुँचा तो उनकी प्रतिक्रिया कुछ ऐसी थी –

वहीं ट्विटर पर ऑल्टन्यूज़ का इस मूर्खता को लेकर जब काफी मजाक बना तो उन्होंने अपने आर्टिकल को फिर से चुपचाप अपडेट करने का फैसला किया और इसमें मिहिर शाह के बारे में जानकारी लिखते हुए कहा कि वो एक एविएशन राइटर हैं जो कि ‘livefest’ में काम करते हैं। फैक्ट चेकर ऑल्टन्यूज़ द्वारा यहाँ पर एक और भूल हुई और इसका फैक्ट चेक खुद “Livefist’ ने करते हुए ट्वीट किया।

Livefist ने ट्वीट में ऑल्टन्यूज़ का स्क्रीनशॉट डालते हुए लिखा- ” ये कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन यह Livefist है, ना कि Livefest।”

6 साल के बच्चे और CRPF जवान को मारने वाले आतंकी जाहिद को जवानों ने मौत के घाट उतारा, एक जवान वीरगति को प्राप्त

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर के मलबाग क्षेत्र में गुरुवार (2 जुलाई, 2020) देर रात आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है। वहीं मुठभेड़ में घायल दो सीआरपीएफ जवानों में एक वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। यह मुठभेड़ कश्मीर विश्वविद्यालय के पीछे के क्षेत्र में हुई है। सुरक्षाबल आतंकियों के धड़ पकड़ में जुटे है। इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है और तालाशी अभियान जारी है।

पुलिस के अनुसार एनकाउंटर में मारा गया आतंकी पिछले हफ्ते जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के एक जवान और 6 साल के बच्चे को मारने वाला जाहिद दास है। जोकि अनंतनाग में सुरक्षाबलों द्वारा घेरे जाने के बाद फरार होने में कामयाब रहा था।

घटना की जानकारी देते हुए आइजी विजय कुमार ने बताया कि अभी आतंकी के एक-दो साथी आसपास छिपे हो सकते हैं। उनके भाग निकलने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं और सर्च अभियान चल रहा है। दरअसल, सुरक्षाबलों को मलबाग क्षेत्र में आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार रात करीब 10:15 बजे सुरक्षाबल मलबाग के जकूरा इलाके पहुँचे। जहाँ एक स्कूल के पास जवानों को कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ दिखीं। जिसके पास पहुँचते ही वहाँ छिपे आतंकियों ने जवानों पर हमला बोल दिया और फायरिंग करने लगे।

जिस दौरान जवाबी कार्रवाई में दो सीआरपीएफ कर्मी घायल हो गए। वहीं जवानों ने भी 1 आतंकी को मार गिराया। और उसके शव को कब्जे में लेते हुए उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया। इस बीच घायल जवानों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन इलाज के दौरान झारखंड के साहिबगंज निवासी कुलदीप उरुवन वीरगति को प्राप्त हुए। कुलदीप सीआरपीएफ की क्विक एक्शन टीम के सदस्य हैं।

बता दें जम्मू कश्मीर में लगातार सुरक्षाबल आतंकियों का सफ़ाया कर रहें है। श्रीनगर में 2 महीने के अंदर जवानों और आतंकियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। 21 जून को जूनीमार में आइएसजेके के तीन आतंकी मारे गए थे।

इससे पहले 19 मई को नवाकदल में भारतीय सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर सहित 2 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से 1 आतंकी अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा जुनैद भी था। जोकि साल 2018 में आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद, काफी दिनों से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।

इस साल सुरक्षाबलों ने आतंकियों के हर एक गतिविधियों पर नजर रखा हुआ है। टॉप-12 आतंकियों को हिट लिस्ट पर रख उनके सफाए के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस हिट लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद के तीन, लश्कर के पाँच और हिजबुल के चार आतंकी हैं। जिनमें जैश का कश्मीर में ऑपरेशनल कमांडर गाजी रशीद और लंबू के अलावा हिजबुल का डॉ. सैफुल्ला और लश्कर के उस्मान व नसरुल्ला उर्फ नासिर सबसे पहले निशाने पर है।

सूत्रों के अनुसार इस वक्त जम्मू कश्मीर में करीब 170 आतंकी सक्रिय हैं। वहीं आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए आतंकी अब मस्जिदों का इस्तेमाल करने लगे हैं।

PM मोदी, CDS बिपिन रावत के साथ लद्दाख की जमीनी स्थिति का जायजा लेने अचानक पहुँचे लेह

पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में जारी तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शुक्रवार सुबह लद्दाख पहुँचे हैं। बताया जा रहा है कि आज दोपहर तक पीएम मोदी लेह में रहेंगे। पीएम मोदी चीन के साथ सीमा तनाव की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ लेह पहुँचे हैं।

पीएम मोदी ने सेना प्रमुखों से बातचीत की जो कि स्पष्ट सन्देश देता है कि चीन को लेकर भारत का नजरिया इस बार 1962 जैसा नहीं है।

गत 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प के दौरान कर्नल संतोष बाबू सहित 20 भारतीय जवानों ने बलिदान दिया था। इसके बाद से ही इस इलाके में लगातार भारी तनाव बना है। दोनों ओर से बड़ी संख्या में सैनिक और बड़े-बड़े हथियार तैनात हो चुके हैं।

गलवान घाटी में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के आक्रामक रवैए की जाँच के लिए आज चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत आज पूर्वी लद्दाख सेक्टर में हैं।

प्रसार भारती की एक अपडेट के अनुसार, पीएम मोदी निमू में थे। प्रसार भारती ने एक ट्वीट में कहा, “वह सुबह-सुबह वहाँ पहुँचे और सेना, वायु सेना और आईटीबीपी के कर्मियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।”

लेह में पीएम मोदी की उपस्थिति से क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने की उम्मीद है।

भगवान श्रीकृष्ण को ‘व्यभिचारी’ बताने वाली पत्रकार सृष्टि जसवाल को हिन्दुस्तान टाइम्स ने किया निलंबित

भगवान श्रीकृष्ण को व्यभिचारी, Fuckboy और फोबिया ग्रसित पागल (उन्मत्त) बताने वाली हिन्दुस्तान टाइम्स समाचार की पत्रकार सृष्टि जसवाल (Srishti Jaswal) को हिन्दुस्तान टाइम्स समूह ने निष्काषित कर दिया है। इसके साथ ही सृष्टि जसवाल ने अपने ट्विटर और इन्स्टाग्राम एकाउंट भी डिलीट कर दिए हैं।

सृष्टी जसवाल के खिलाफ कार्रवाई कर उसे निकालने की सूचना देते हुए हिंदुस्तान टाइम्स (HT) ने एक ट्वीट के माध्यम से लिखा है – “हिंदुस्तान टाइम्स सृष्टि जसवाल की टिप्पणियों का समर्थन नहीं करता है जो उनके निजी ट्विटर हैंडल और उनके द्वारा व्यक्तिगत तौर पर की गई थीं। उसे तत्काल प्रभाव से कार्य से निलंबित कर दिया गया है और मामले को देखने के लिए एक आचार समिति का गठन किया गया है।”

सृष्टी जसवाल को लेकर हिन्दुस्तान टाइम्स द्वारा यह स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर सृष्टि जसवाल के इस ट्वीट पर लोगों के कड़े आक्रोश के बाद आई है। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद सृष्टि जसवाल ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स डिलीट कर दिए।

ज्ञात हो कि हिन्दुस्तान टाइम्स की पत्रकार सृष्टि जसवाल (Srishti Jaswal) के खिलाफ भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने के लिए भाजपा नेता गौतम अग्रवाल ने शिकायत भी दर्ज कराई है। हिन्दुस्तान टाइम्स की पत्रकार सृष्टि जसवाल ने भगवान श्रीकृष्ण का सार्वजनिक तौर पर अपमान किया है।

उन्होंने श्रीकृष्ण को व्यभिचारी, फक़ बॉय और फोबिया ग्रसित पागल (उन्मत्त) करार दिया था। HT की सृष्टि जसवाल का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के बारे में ये सब उन्होंने हिन्दू माइथोलॉजी में पढ़ा है।

भाजपा नेता गौतम अग्रवाल ने ट्विटर पर सृष्टि के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि HT की पत्रकार ने भगवान श्रीकृष्ण का अपमान कर के हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है, इसीलिए उन्होंने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

अपनी शिकायत में खुद को हिन्दू आईटी सेल का सदस्य बताते हुए गौतम ने लिखा कि सृष्टि जसवाल HT से जुड़ी हुई हैं, जो देश-विदेश में लाखों लोगों पर प्रभाव डालता है। साथ ही उनकी ट्वीट को ‘भड़काऊ और आपत्तिजनक’ करार दिया। उन्होंने अंदेशा जताया कि ऐसे बयानों को सोशल मीडिया में डालने से सांप्रदायिक द्वेष और मजहबी दुश्मनी को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की।

मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का निधन: मात्र 3 साल की उम्र में बतौर बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी करियर की शुरआत

बॉलीवुड की मशहूर कोरियाग्राफर सरोज खान का शुक्रवार (3 जुलाई, 2020) देर रात निधन हो गया है। वह 71 साल की थीं। सरोज खान को साँस लेने में तकलीफ थी। जिसके चलते 17 जून को ही उन्हें मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहाँ आज रात 1.52 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनका कोविड 19 टेस्ट भी हुआ था, जोकि निगेटिव आया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरोज खान का अंतिम संस्कार शुक्रवार को मुंबई स्थित चारकोप कब्रिस्तान में किया जाएगा। कोरोना वायरस काल में सरोज खान का निधन फिल्मी सितारों की दुनिया के लिए एक और झटका है। सरोज खान के परिवार से जुड़े एक सूत्र ने दावा किया था कि सरोज के स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज करने की भी बात कहीं गई थी।लेकिन अचानक देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

चार दशक के लंबे करियर में सरोज खान को 2,000 से ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी करने का श्रेय हासिल है। सरोज खान को अपनी कोरियोग्राफी के चलते 3 बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका था। जिसमें फिल्म देवदास का डोला-रे-डोला, माधुरी दीक्षित की फिल्म तेजाब के यादगार आइटम सॉन्ग एक-दो-तीन और साल 2007 में आई फिल्म जब वी मेट के सॉन्ग ये इश्क… गाने शामिल हैं।

सरोज खान काफ़ी समय से फ़िल्मी दुनिया से अलग रहीं मगर अभी हाल ही में उन्होंने मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झाँसी और कलंक में एक-एक गाना कोरियोग्राफ किया था। करण जौहर की फिल्म कलंक में तबाह हो गए गाने को कोरियोग्राफ किया था। जोकि उनका अंतिम गाना है। इस गाने में माधुरी दीक्षित नजर आई थीं। यह फिल्म 2019 में रिलीज हुई थी।

बता दें कि सरोज खान ने महज 3 साल की उम्र से से ही नृत्य करना शुरू कर दिया था। करियर की शुरुआत में वो बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करती थी। उन्हें 1974 में ‘गीता मेरा नाम’ के साथ एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में पहला ब्रेक मिला। सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था। परिवार में उनके पति बी. सोहनलाल है और एक बेटा और दो बेटियाँ थी। जिनका नाम हामिद खान, हिना खान और सुकना खान हैं।

सरोज खान ने 1986 से लेकर 2019 तक हजारों की संख्या में बॉलीवुड फिल्मों में गानों को कोरियोग्राफ किया था, जिसमें ‘निंबुड़ा-निंबुड़ा’, ‘एक दो तीन’, ‘डोला रे डोला’, ‘काटे नहीं कटते’, ‘हवा-हवाई’, ‘ना जाने कहाँ से आई है’, ‘दिल धक-धक करने लगा’, ‘हमको आजकल है इंतजार’, ‘चोली के पीछे’ जैसे कई सुपरहिट और आइकोनिक गाने शामिल हैं।

सरोज खान ने ‘तेजाब’, ‘खलनायक’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चालबाज’, ‘नगीना’, ‘चाँदनी’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘देवदास’ जैसी कई हिट फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया था। फ़िल्मी सेलेब्रिटीज़ के साथ-साथ आम जनता भी उनसे डांस सीखने के लिए हमेशा बेताब रहती थी।

कानपुर हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस दल पर हमला: 8 पुलिसकर्मियों ने गँवाई जान, CM योगी ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश

कानपुर स्थित चौबेपुर के बिकरू गाँव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को बृहस्पतिवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया।

कानपुर में अपराधियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में एक उप पुलिस अधीक्षक सहित कम से कम आठ उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गँवाई है जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। 

शुक्रवार (जुलाई 03 ,2020) को पुलिस ने बताया कि यह मुठभेड़ बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात चौबेपुर थाना अंतर्गत डिक्रू गाँव में 60 आपराधिक मामलों में आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए हुई थी, तब हुई।

अधिकारियों ने कहा कि जब पुलिस टीम खूंखार अपराधी के ठिकाने पर पहुँचने वाली थी, तब एक बिल्डिंग की छत से उन पर गोलियों की बौछार की गई, जिससे डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा, तीन सब-इंस्पेक्टर और चार कॉन्स्टेबल मारे गए। घटना का विवरण देते हुए, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) एचसी अवस्थी ने कहा कि कुख्यात अपराधी को इस छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी।

DGP अवस्थी ने कहा कि उसने और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों को उनके ठिकाने की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर रोड ब्लॉक कर रखा था। पुलिस टीम के गाँव में पहुँचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने एक इमारत की छत से उन पर नजर रखी और हमला किया जिससे 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।

इस हमले में बलिदानी पुलिसकर्मियों के नाम

डीजीपी ने कहा कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज़ किया गया था, पुलिस उसे पकड़ने गई थी। लेकिन उन्होंने वहाँ जेसीबी लगा दी थी जिस कारण पुलिस के वाहन बाधित हो गए।

उन्होंने कहा कि जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियाँ चलाई। जवाबी फायरिंग हुई लेकिन अपराधी ऊँचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 कर्मी वीरगति को प्राप्त हुए। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे।

पुलिस सर्विलांस के जरिए विकास चौबे का पता लगा रही है और कई अन्य ठिकानों पर छापे मार रही है। साथ ही सभी सीमाओं को भी सील कर दिया गया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या करने में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गाँव बिकरू का रहने वाला है। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी। 

25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है। उसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही, अतिरिक्त महानिदेशक (कानून और व्यवस्था), आईजी (कानपुर) और कानपुर के वरिष्ठ एसपी घटनास्थल पर पहुँचे, जहाँ एक फोरेंसिक टीम ने जाँच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम में लखनऊ की एक और टीम शामिल होगी।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को भी कार्रवाई में लगाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम आदित्यनाथ ने पुलिस प्रमुख को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और घटनास्थल से विस्तृत रिपोर्ट इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।