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‘जनशक्ति सर्वोपरि, सुशासन जीता’: 27 साल बाद मिली सत्ता तो PM मोदी ने दिल्ली को दी चौतरफा विकास की ‘गारंटी’, केजरीवाल ने कबूली हार, कहा- रचनात्मक विपक्ष बनेंगे

दिल्ली चुनावों के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी ने और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपनी हार को स्वीकार लिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की इस जीत पर दिल्ली की जनता को धन्यवाद कहा है और अपने कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया है।

पीएम मोदी ने दिल्ली नतीजे आने के बाद अपने एक्स पर पोस्ट में लिखा- “जनशक्ति सर्वोपरि! विकास जीता, सुशासन जीता। दिल्ली के अपने सभी भाई-बहनों को भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए मेरा वंदन और अभिनंदन! आपने जो भरपूर आशीर्वाद और स्नेह दिया है, उसके लिए आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभार।”

उन्होंने वादा किया, “दिल्ली के चौतरफा विकास और यहाँ के लोगों का जीवन उत्तम बनाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे, यह हमारी गारंटी है। इसके साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि विकसित भारत के निर्माण में दिल्ली की अहम भूमिका हो। मुझे भाजपा के अपने सभी कार्यकर्ताओं पर बहुत गर्व है, जिन्होंने इस प्रचंड जनादेश के लिए दिन-रात एक कर दिया। अब हम और भी अधिक मजबूती से अपने दिल्लीवासियों की सेवा में समर्पित रहेंगे।”

वहीं अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली चुनावों के नतीजे देखने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा- “हमें जनता का फैसला स्वीकार है। बीजेपी को इस जीत पर बधाई। उम्मीद है जिस आशा के साथ जनता ने उन्हें बहुमत दिया है उनकी उम्मीदों पर वो खरा उतरेंगे। हम जनता के सुख-दुख में काम आते रहेंगे।”

आगे केजरीवाल ने अपने पिछले 10 साल में किए कामों का ब्योरा दिया। उन्होंने कहा, “हमें पिछले 10 सालों में जनता ने मौका दिया। हमने बहुत सारे काम किए। शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, पानी के क्षेत्र में, बिजली के क्षेत्र में और भी अलग-अलग तरीके से लोगों को राहत पहुँचाने के लिए कोशिश की। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को हमने सुधारने की कोशिश की। अब जो जनता ने हमें निर्णय दिया है, हम न केवल एक कंस्ट्रक्टिव अपोजिशन का रोल निभाएँगे बल्कि हम समाज सेवा, जनता के सुख-दुख में काम आना, व्यक्तिगत तौर पर जिसको भी जरूरत होगी हम लोगों के सुख-दुख में हमेशा काम आएँगे, क्योंकि हम राजनीति में कोई सत्ता के लिए नहीं आए।”

बता दें कि दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई है। चुनाव आयोग के अनुसार, भाजपा अभी तक 20 सीटों पर पूर्ण रूप से जीत हासिल कर चुकी है और बाकी की 27 सीटों पर वो लगातार आगे चल रही है। इस हिसाब से भाजपा के खाते में 47 सीटे आती दिख रही हैं और आम आदमी पार्टी के हिस्से 23 सीटें। इस चुनाव में भी कॉन्ग्रेस को एक सीट नहीं मिली है।

मुस्लिम 45%, मैदान में हिंदू विरोधी दंगों का मास्टरमाइंड भी, फिर भी अदील-ताहिर-मेहदी अली… सबको हराकर मोहन सिंह बिष्ट ने खिलाया ‘कमल’: मुस्तफाबाद से BJP की यह जीत ‘खास’

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की करारी हार हुई है। उसके मुखिया अरविन्द केजरीवाल तक हार गए हैं। AAP की 10 वर्ष की सत्ता खत्म हो गई है। इसी चुनाव में भाजपा के एक उम्मीदवार ने मुस्लिम बहुल इलाके मुस्तफाबाद में पार्टी को जीत दिलाई है। मुस्तफाबाद में भाजपा उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने AAP, AIMIM और कॉन्ग्रेस को पटखनी दी है।

मुस्तफाबाद सीट पर मोहन सिंह बिष्ट ने AAP के अदील अहमद को हराया है। मोहन सिंह बिष्ट को 85 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। उन्होंने अदील अहमद को 17 हजार वोटों से हराया है। इस सीट पर AIMIM ने भी दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंड ताहिर हुसैन को टिकट दिया था।

ताहिर हुसैन को इस सीट पर 33 हजार वोट मिले हैं। वहीं कॉन्ग्रेस को इस सीट पर 11 हजार 763 मिले हैं। मुस्तफाबाद विधानसभा चुनाव की मतगणना में मोहन सिंह बिष्ट किसी भी राउंड में पीछे नहीं हुए। मुस्तफाबाद वही विधानसभा है, जो दिल्ली में 2020 के हिन्दू विरोधी दंगों के समय काफी प्रभावित रही थी।

मोहन सिंह बिष्ट भाजपा के पुराने और बड़े नेता हैं। वह 1990 के दशक से दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं। बिष्ट 1998 में पहली बार करावल नगर से भाजपा के ही टिकट पर विधायक बने थे। वह लगातार 2015 तक इस सीट से विधायक रहे। वह 2015 में AAP उम्मीदवार से हार गए थे।

2020 में वापस वह करावल नगर से विधायक चुने गए थे। उन्होंने यहाँ दुर्गेश पाठक को हराया था। मोहन सिंह बिष्ट कि 2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सीट बदल दी थी। करावल नगर सीट भाजपा ने हिन्दू छवि वाले नेता कपिल मिश्रा को उतारा था।

मोहन सिंह बिष्ट को मुस्तफाबाद सीट उतारा गया था। उन्होंने मुस्लिम बहुल सीट होने के बावजूद यहाँ जीत हासिल की है। यहाँ लगभग 45% वोट मुस्लिम है। माना जा रहा है कि मुस्लिम वोट कॉन्ग्रेस, AAP और AIMIM के बीच बंट गया है, ऐसे में मोहन सिंह बिष्ट की और मजबूत जीत हुई।

AAP की हार के बाद दिल्ली सचिवालय सील, कोई भी फाइल-दस्तावेज-कंप्यूटर हार्डवयेर बाहर ले जाने पर रोक: डाटा सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए उठाए कदम

दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने दिल्ली सचिवालय को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर सील करवा दिया है। यह निर्णय ठीक उसी समय लिया गया जब राजधानी में भारतीय जनता पार्टी की जीत स्पष्ट हुई और AAP के बड़े-बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।

दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक नोटिस में कहा गया है कि किसी भी फाइल, दस्तावेज़ या कंप्यूटर हार्डवेयर को सचिवालय परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति तब तक नहीं है जब तक कि प्रशासनिक विभाग की अनुमति न हो। संयुक्त सचिव प्रदीप तायल ने इस आदेश को जारी करते हुए कहा कि यह कदम सरकारी दस्तावेजों और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

इस आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी संबंधित ब्रांच इन्चार्जों को अपने अनुभागों के अंतर्गत अभिलेखों और फाइलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएँ। नोटिस में ये भी लिखा है कि ये आदेश न केवल सचिवालय कार्यालयों पर लागू होगा बल्कि मंत्रिपरिषद के कैंप ऑफिसों पर भी लागू होगा।

बता दें कि एक ओर दिल्ली की सरकार द्वारा सचिवालय को सील करने का मुख्य कारण सुरक्षा चिंताएँ बताई गई हैं। वहीं दूसरी ओर चुनाव परिणाम आने के बाद, अधिकारियों को तुरंत सचिवालय पहुँचने का निर्देश दिया गया ताकि वे सरकारी दस्तावेज़ और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि कहीं ये फैसला इसलिए तो नहीं लिया गया कि ताकि 10 साल में हुई गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की फाइलें समय रहते छिपाई जा सकें।

राहुल गाँधी के खिलाफ ओडिशा में FIR, ऑपइंडिया से बोले IG हिमांशु लाल- जाँच जारी, नोटिस देंगे: कॉन्ग्रेस नेता ने कहा था- हम इंडियन स्टेट से लड़ रहे

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के खिलाफ ओडिशा में एक FIR दर्ज करवाई गई है। राहुल गाँधी पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझ कर लगातार देश विरोधी बयान दिए। राहुल गाँधी के खिलाफ यह FIR भाजपा और हिन्दू संगठनों ने दर्ज करवाई है। पुलिस इस मामले में जाँच में जुटी है।

राहुल गाँधी के खिलाफ यह FIR ओडिशा के झारसुगुडा में करवाई गई है। यह FIR राम हरि पुजारी ने करवाई है। FIR में कहा गया है कि राहुल गाँधी के बयान के चलते देश की एकता और अखंडता को खतरा है। FIR में कहा गया है कि राहुल गाँधी ने भारत राज्य के खिलाफ लड़ाई का ऐलान करके विद्रोह की भावना को बढ़ाया है।

FIR के अनुसार, राहुल गाँधी ने अपने बयान में बोलने की आजादी का दुरूपयोग किया है। इस संबंध में शिकायत भाजपा और हिन्दू संगठनों ने दी थी। उन्होंने इस शिकायत में कॉन्ग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गाँधी के बयान को लेकर एक्शन की माँग की थी।

शिकायत को लेकर आईजी रेंज संबलपुर हिमांशु लाल ने FIR के निर्देश दिए थे। इस मामले में ऑपइंडिया ने संबलपुर रेंज के IG हिमांशु लाल से भी बात की है। IG हिमांशु लाल ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी और बजरंग दल, RSS समेत कुछ हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने राहुल गाँधी के बयान को लेकर शिकायत दी थी। इस शिकायत पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया जाँच में आरोप सही पाए। मैंने इस संबंध में FIR का आदेश दिया है।”

उन्होंने आगे बताया, “मामले में अब BNS की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज हो चुका है, हम इसकी विस्तृत जाँच कर रहे हैं। नियमानुसार इस संबंध में नेता राहुल गाँधी को नोटिस भी भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनका पक्ष भी लिया जाएगा।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में एसपी झारसुगुड़ा स्मित परमार से भी बात की जिन्होंने FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया है कि राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और धारा 197 (1) (D) के तहत मामला दर्ज किया है। ऑपइंडिया के पास इस मामले की FIR कॉपी मौजूद है।

धारा 152 के तहत किसी व्यक्ति पर अलगाव की भावना भड़काने के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा धारा 197 के तहत किसी भी व्यक्ति को समाज तोड़ने की साजिश के मामले में आरोपित बनाया जा सकता है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के कोटला रोड पर बने नए दफ्तर के उद्घाटन समारोह में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस की लड़ाई भाजपा से नहीं है बल्कि वह अब ‘इंडियन स्टेट’ से लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा और RSS ने देश के हर संस्थान पर कब्जा कर लिया है।

‘इलेक्शन तो दुनिया जीतती है, आप हार कर दिखाएँ तो माने’: अवध ओझा का बजा बाजा तो मीमबाजों को याद आए ‘राजा’, कहा- पटपड़गंज था तो छोड़ दिए, पूर्वांचल होता तो काउंटिंग रुकवा देते

दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने चुनावी मैदान में उतरे अवध ओझा को भारतीय जनता पार्टी के रवींद्र नेगी के सामने मुँह की खानी पड़ी। ताजा आँकड़ों के मुताबिक अवध ओझा इस समय रवींद्र नेगी से करीबन 12 हजार वोट पीछे चल रहे हैं और रवींद्र नेगी को अब तक कुल 36 हजार वोट आ चुके हैं।

अवध ओझा की चुनावी मैदान में हुई इस फजीहत के बाद उनके नाम पर और पुराने डॉयलॉगों पर कई मीम्स शेयर हो रहे हैं। लोग उनका ये कहकर मजाक उड़ा रहे हैं कि राजनीति के चक्कर में कोचिंग नहीं छोड़नी चाहिए। अब तो वो करियर भी चौपट, ये भी।

नीचे देख सकते हैं कि अवध ओझा की तस्वीर के साथ लिखा जा रहा है- “इलेक्शन तो दुनिया जीतती है साहब, आप हार के देखें तो मानें।”

एक मीम में लिखा गया- “वो तो पटपड़गंज था इसलिए छोड़ दिया। अपना पूर्वांचल होता तो काउंटिंग रुकवा देते।”

एक मीम में देख सकते हैं नेटिजन्स ने अवध ओझा के स्टाइल का मजाक बनाते हुए लिखा है- “जीत क्या जीत? हार में भी लोग आपकी बात करें ये होती है राजा मेंटेलिटी। आप हार रहे हो लेकिन हर जगह आपकी चर्चा हो ये होता है राजा का व्यक्तित्व।”

ऐसे ही तमाम वीडियो, तस्वीर और डायलॉग के जरिए अवध ओझा को लेकर सोशल मीडिया पर बातें हो रही हैं। लोग उनके राजनीति में आने के फैसले को ही गलत बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे बढ़िया अगर ये क्लास देते तो साख बची रहती।

बता दें कि अवध ओझा सोशल मीडिया पर अपनी कोचिंग क्लास में करने वाले ढंग के कारण वायरल हुए थे। इसके बाद उनकी कई वीडियो सामने आई जिसमें वो इस्लाम को पूरी दुनिया में रोशनी लाने वाला मजहब बताते थे और भगवान कृष्ण पर विवादित टिप्पणी करते थे। सोशल मीडिया पर इन कारणों से उनकी खूब आलोचना हुई लेकिन फिर भी AAP ने उन्हें राजनीति में उतरने का मौका दिया और उनका जमकर प्रचार भी किया। हालाँकि, नतीजे देख लगता है कि किस्मत इस बार अवध ओझा के साथ नहीं थी। खबर लिखे जाने वो रवींद्र नेगी से 12 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं।

11 मुस्लिम बहुल सीटों पर भी AAP को झटका, ओखला से लेकर सीलमपुर तक मिल रही हार: कॉन्ग्रेस-AIMIM ने बाँट लिए वोट

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे शुक्रवार (8 फरवरी, 2025) को सामने आ रहे हैं। चुनाव के रुझानो में भाजपा 27 सालों के बाद सत्ता में वापस लौटती दिखाई पड़ रही है। AAP की हालत काफी बुरी होने वाली है, ऐसा रुझान दिखा रहे हैं। लेकिन इस बीच AAP को उन मुस्लिम इलाकों में भी वोट नहीं मिल रहे जहाँ, उसने 2013 के बाद से लगातार अपनी बादशाहत बरकरार रखी थी। AAP के कई बड़े नाम पीछे हैं।

दिल्ली की चर्चित ओखला सीट, जहाँ से अमानतुल्लाह खान विधायक बनते थे, वह 2025 चुनाव में पिछड़ते दिख रहे हैं। उन्हें भाजपा के मनीष चौधरी ने तगड़ी लड़ाई दी है और उनसे वह 9:30 बजे तक की गिनती में 1800+ वोट से आगे चल रहे हैं। इस सीट पर मुस्लिम वोट AAP और कॉन्ग्रेस के बीच बंटने की संभावना है।

वहीं दिल्ली की मुस्तफाबाद सीट पर भी AAP को बुरी हार का सामना कर पड़ सकता है। BJP के मोहन बिष्ट AAP के अदील अहमद खान से 5 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। आगे यह अंतर और बढ़ने की संभावना है। कॉन्ग्रेस के वोट काटने की बात भी यहाँ सामने आ रही है। मुस्लिम वोट बंटने में AIMIM उम्मीदवार ताहिर हुसैन का भी रोल माना जा रहा है।

मुस्लिम बहुल सीट जंगपुरा से भी भाजपा ही आगे है। यहाँ भाजपा के तेजिंदर सिंह मारवाह ने AAP के मनीष सिसोदिया को पीछे छोड़ा हुआ है। मनीष सिसोदिया इससे पहले पटपडगंज से चुनाव लड़ते थ। वह इस चुनाव में सीट बदल कर यहाँ आए थे। हालाँकि, उन्हें इस काम का भी कोई फायदा नहीं मिल रहा है।

कस्तूरबा नगर सीट पर भी भाजपा की बढ़त है। कस्तूरबा नगर से भाजपा के नीरज बैसोया आगे हैं। उन्होंने AAP के नरेश पहलवान 2500 वोट से आगे हैं। शकूर बस्ती सीट से भाजपा के करनैल सिंह आगे हैं, उन्होंने AAP के सत्येन्द्र जैन को 3000 वोट से पीछे छोड़ा हुआ है।

वहीं मुस्लिम वोटों वाली चाँदनी चौकी सीट से AAP को बढ़त मिल रही है। यहाँ से AAP को पुनर्दीप सिंह साहनी कॉन्ग्रेस के मुदित अग्रवाल को पीछे छोड़ा हुआ है। मटिया महल सीट पर भी AAP को बढ़त मिली है। यहाँ AAP के आले मोहम्मद इकबाल ने असीम अहमद खान को 4000 वोट से पीछे किया हैं।

बाबरपुर सीट से गोपाल राय आगे हैं। यहाँ AAP ने भाजपा को 5000 वोट से पीछे छोड़ा हुआ है। VIP सीट करावल से कपिल मिश्रा आगे हैं। यहाँ भी बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट है। कपिल मिश्रा AAP उम्मीदवार से 6 हजार वोटों से आगे हैं।

मुस्लिम वोट वाली सीलमपुर में AAP को थोड़ी बढ़त मिली है। यहाँ से AAP के जुबैर अहमद को भाजपा के अनिल शर्मा से 700 वोटों की बढ़त मिली है। मुस्लिम बहुल सीमापुरी में AAP को थोड़ी बढ़त हासिल है। यहाँ AAP के वीर सिंह धींगन भाजपा की रिंकू से आगे हैं।

42+ पर सीट भाजपा आगे, 27+ पर AAP… अरविंद केजरीवाल चल रहे पीछे: दिल्ली नतीजों के शुरुआती रुझानों में कॉन्ग्रेस भी एक सीट पर रेस में

दिल्ली चुनाव के नतीजों की शुरुआती तस्वीर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा मारा हुआ है। 70 विधानसभा सीट वाली दिल्ली के कई इलाकों से भाजपा सुबह से ही आगे चल रही है। वहीं आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता अपनी सीटों पर पीछे हैं।

अभी तक आई जानकारी के अनुसार अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से पीछे चल रहे हैं तो वहीं मनीष सिसोदिया जंगपुरा से पीछे हैं और सत्येंद्र जैन शकूर बस्ती से पीछे चल रहे हैं। बीच में आतिशी ने कालकाजी में बढ़त बनाई थी, मगर अब वो पीछे होती दिख रही हैं।

बीजेपी ने आम आदमी पार्टी का प्रमुख सीटों पर लगातार बढ़त बनाई हुई है। खबर लिखने तक भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिल रही थी। हालाँकि, थोड़ी देर में ही भाजपा ने अच्छा-खासा फासला बना लिया।

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 70 में से 70 सीटों पर रुझान आ चुके हैं। इनमें 28 में आम आदमी पार्टी आगे हैं तो वहीं भाजपा 42 सीट पर आती दिख रही हैं। कॉन्ग्रेस की बात करें तो इस बार वो भी अपना खाता खोलती दिख रही है। उनके खाते इस चुनाव में 1 सीट आती दिख रही है।

बता दें कि दिल्ली चुनावों के लिए मतदान 5 फरवरी 2025 को हुआ था। इस दिन चुनाव आयोग के मुताबिक 60.54 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस बार कुल 94 लाख 51 हजार 997 लोगों ने वोट डाला था। इसके बाद एग्जिट पोल आए थे जिनमें ज्यादातर में भाजपा की जीत के अनुमान लगाए गए थे। अगर आज चुनावों के नतीजे भाजपा के पक्ष में जाते हैं तो पूरे 26-27 साल बाद भाजपा की राजधानी में वापसी होगी।

इस्लामी आतंकियों को कंडोम के लिए ₹120 करोड़, नेपाल में हिंदू धर्म के विरोध में बहाया पैसा: USAID ने ‘मानवता’ के नाम पर ऐसे खेला खेल

अमेरिका की सरकारी एजेंसी USAID के बारे में रोज नया खुलासा हो रहा है। USAID पर तालिबान को कंडोम का पैसा देने, नेपाल में नास्तिकता फैलाने के लिए करोड़ों देने और LGBT कॉमिक्स तक के लिए मोटा खर्च करने का आरोप लगा है। ऐसे ही कई खर्च अब सामने आ रहे हैं।

यह खुलासे अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद होना चालू हुए हैं। USAID का दफ्तर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसकी जाँच एलन मस्क की अगुवाई वाला DOGE नाम का एक विभाग कर रहा है। यह विभाग एलन मस्क का ही आइडिया है। अमेरिका की एक संसदीय कमिटी ने भी USAID पर कई खुलासे किए हैं।

तालिबान को दिए करोड़ों, अफीम उगाने में भी सहायता की

USAID पर तालिबान को कंडोम के लिए $15 मिलियन (₹120 करोड़+) देने का आरोप है। अमेरिकी सांसद ब्रायन मास्ट ने आरोप लगाया कि तालिबान को यह पैसा फालतू में दिया गया। गौरतलब है कि तालिबान लगातार महिलाओं का उत्पीड़न करता है और उसने अमेरिका को अफगानिस्तान में बड़े नुकसान पहुंचाए हैं। USAID के इस कंडोम खर्चे को लेकर मास्ट ने कहा कि अब जब हमने यह पैसा देना बंद कर दिया, तब भी किसी की मौत नहीं हो रही।

इसके अलावा USAID ने कथित तौर पर अफ़गानिस्तान में नहरों, कृषि उपकरणों और उर्वरक पर करोड़ों डॉलर का खर्च किया गया। बाद में इन सब सुविधाओं का इस्तेमाल तालिबान ने किया और अफीम उगाई। इससे उसने हेरोइन बना कर बेचीं। ऐसे में USAID के चलते ड्रग तस्करी बढ़ी।

नेपाल में नास्तिकता के लिए भी दिया पैसा

80% से अधिक हिन्दू आबादी वाले नेपाल में USAID ने नास्तिकता फैलाने के लिए खूब पैसा बहाया। नेपाल में नास्तिकता बढ़ाने के लिए USAID ने 4 लाख डॉलर (₹3 करोड़+) दिए। गौरतलब है कि नेपाल में नास्तिकता फैलाने के अलावा लगातार ईसाइयत को बढ़ाने के प्रयास भी चल रहे हैं। ऐसे में USAID के कदम की इस बात को लेकर भी आलोचना हुई है कि पहले हिन्दू आबादी को नास्तिक बनाया जाएगा और फिर मिशनरियाँ उन्हें अपनी तरफ मोड़ लेंगी।

LGBT विचारधारा को बढ़ाने के लिए भी दिए करोड़ों डॉलर

USAID ने सबसे ज्यादा पैसा दुनिया भर में जेंडर आइडियोलॉजी आगे बढ़ाने के लिए दिया। इसके तहत कैरिबियन देशों में केवल इस बात के लिए तक 3 मिलियन (₹2.5 करोड़+) दिए गए कि कोई अपने आप को LGBT के रूप में बताए। यानि वह महिला पुरुष पहचान से बाहर निकले, तो उसे अवार्ड मिलेगा। इसके अलावा कोलंबिया में ट्रांसजेंडर ओपेरा के लिए ₹40 लाख से अधिक का खर्च किया गया। इसके अलावा एडल्ट शो के लिए इक्वाडोर में ₹65 लाख से ज्यादा की राशि दी गई।

इसी तरह अफ्रीका में फ्रेंच बोलने वाले LGBTQ को बढ़ाने के लिए ₹8 करोड़ से ज्यादा खर्च किया गया। ग्वाटेमाला में अपना सेक्स चेंज करवाने के लिए USAID ने ₹17 करोड़ से अधिक दिए। यहाँ तक कि पेरू की एक LGBTQ पात्रों वाली कॉमिक के लिए ₹27 लाख से अधिक दिए गए। सीरिया में अल कायदा के लड़ाकों को खाना देने के लिए खर्च USAID ने किया। अमेरिका में अवैध रूप से घुसने वाले लोगों को ₹90 करोड़ से अधिक वाउचर दिए, जिससे वह खरीददारी कर सकें।

हिंदू लड़की को एड्स रोगी अब्दुल ने किया किडनैप, जगह बदल-बदल 10 महीने तक किया रेप: पहले भी 6 लड़कियों को बनाया था शिकार, पुलिस ने दबोचा

अहमदाबाद पुलिस ने एक हिंदू लड़की के अपहरण और यौन शोषण के मामले में एक मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया है। मुस्लिम युवक ने 10 महीने पहले पीड़िता का अपहरण किया था उसे वह अलग-अलग जगह ले जाकर हिन्दू बालिका के साथ रेप करता था। आरोपित की पहचान अब्दुल मुबीन हामिद खान पठान के रूप में हुई है। अब्दुल हामिद खान HIV-AIDS संक्रमित है।

पुलिस ने दोनों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे हिन्दू लड़की के साथ मध्य प्रदेश से बरामद किया है। अब्दुल मुबीन ने मार्च, 2024 में लड़की का अपहरण किया था। हिन्दू लड़की 22 मार्च, 2024 को सगीरा शाहीबाग नाम की एक जगह पर शादी में गई थी।

यहाँ से वह रात आठ बजे अचानक गायब हो गई। इसके बाद उसे परिजनों ने ढूँढने की कोशिश की। जब कोई पता नहीं लगा तो वह पुलिस के पास गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाँच चालू की।

तीन महीने की लगातार जाँच के बाद भी पुलिस लड़की के बारे में कुछ पता नहीं लगा पाई। इसके बाद मामला अहमदाबाद अपराध शाखा की मानव तस्करी पर काम करने वाली इकाई को सौंप दिया गया। वहीं हिन्दू लड़की के परिजन गुजरता हाई कोर्ट भी पहुँचे।

अहमदाबाद अपराध शाखा ने गुजरात समेत अन्य राज्यों में भी तलाश चालू की। फरवरी 2025 में उसे कुछ जानकारी हासिल हुई। किशोरी और मुस्लिम युवक दोनों के मध्य प्रदेश के बिजोरी में होने की सूचना मिलने पर टीम यहाँ पहुँची। इसके बाद लड़की को बरामद कर अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित अब्दुल ने हिन्दू लड़की को बंधक की तरह रखा था और उसे खाना तक नहीं खिलाता था। अब्दुल ने यह मकान अपने रिश्तेदारों की मदद से लिया था। पुलिस ने अब अब्दुल को गिरफ्तार करके आगे की कार्रवाई चालू कर दी है।

शाहीबाग पुलिस ने ऑपइंडिया से बातचीत में इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब्दुल पठान मूल रूप से अहमदाबाद के बरेजा का रहने वाला है। वह पुलिस से बचने के लिए नाबालिग के साथ कई शहरों में घूम रहा था। फिलहाल आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने और रिमांड हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी 6 लड़कियों को बना चुका शिकार

रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में उसने लड़की को अहमदाबाद में ही रखा। कुछ दिन बाद वह एक वकील की सलाह पर उसे सूरत, औरंगाबाद, नागपुर, बीड़, हैदराबाद, बिलासपुर आदि शहरों में घुमाता रहा। पुलिस उसे सलाह देने वाले वकील पर भी अब कार्रवाई करेगी।

पुलिस ने बताया कि आरोपित को पता था कि वह HIV पॉजिटिव है, इसके बावजूद उसने पहले भी 6 लड़कियों को निशाना बनाया था। पुलिस अब उन सभी का पता लगा रही हैन उनके मिलने पर पुलिस मेडिकल परीक्षण भी करवाएगी।

अल्लाह के हुक्म से ‘पैगंबर’ बना अब्दुल रज्जाक, बनवाई काबा मस्जिद: ‘हज का शबाब’ लेने आती थीं मुस्लिम महिलाएँ, लोगों ने गैर-इस्लामिक बता लगा दी आग

जम्मू कश्मीर के बारामूला में एक ढोंगी पीर पकड़ा गया है। उसने जम्मू कश्मीर में ही सऊदी अरब की काबा मस्जिद जैसी एक इमारत बनवा ली थी। वह खुद को पैगम्बर के रूप में दिखाता था। उसने अपने खेत में एक इमारत बनवा रखी थी जहाँ वह गाँजा-चरस पीता था। उसकी मुरीदों में महिलाओं की बड़ी संख्या थी।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बारामूला से अब्दुल रज्जाक नाम के शख्स को पकड़ा है। अब्दुल रज्जाक खुद को जम्मू कश्मीर के सूफी संत नूरदीन नूरानी का अवतार बताता था। अब्दुल रज्जाक ने यही करके बड़ी संख्या में अपने मुरीद इकट्ठा कर लिए थे। उससे मिलने बड़ी संख्या में महिलाएँ भी आती थीं।

उसने अपने खेत में एक झोपड़ी भी बना ली थी। यहाँ वह लोगों को ताबीज बना कर देता था। वह यहाँ आए लोगों को चरस गांजा पिलाता था और खुद भी पीता था। आसपास के लोगों ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया है। उसकी बीवी तक उसे छोड़ कर चली गई थी।

अब्दुल रज्जाक खुद को पैगंबर तक बताने लगा था। उसने दावा किया था कि अल्लाह ने उसे बारामूला में ही काबा जैसी मस्जिद बनवाने का हुक्म दिया है। काबा वही मस्जिद है जहाँ हर साल करोड़ों मुस्लिम हज और उमरा के लिए जानते हैं। अब्दुल रज्जाक बताता था कि वह डुप्लीकेट काबा मस्जिद गरीबों के लिए बनवा रहा है, जो सऊदी अरब नहीं पहुँच पाते।

उसने इसका निर्माण चालू भी कर दिया था। कुछ ही दिनों में वह इसका उद्घाटन करने वाला था। हालाँकि, इसी बीच इस पूरे कारनामे की खबर किसी ने स्थानीय पत्रकारों को दे दी। वह उसके यहाँ उसके मुरीद बन कर गए और उसकी हरकतों के बारे में जानकारी हासिल की।

इस कथित पैगंबर का उन्होंने वीडियो भी बना लिया और उसकी सच्चाई सोशल मीडिया पर डाल दी। वीडियो वायरल होने पर उसके बारे में लोग जान गए और फिर पुलिस को भी यह सूचना दी गई। उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी फर्जी काबा मस्जिद भी लोगों ने ध्वस्त कर दी और आग लगा दी। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

इस मस्जिद को कश्मीर के एक मौलाना ने गैर इस्लामी बताया और कहा कि शरिया में इसकी कोई जगह नहीं है।