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कमलनाथ के गृह क्षेत्र में जेसीबी से ढहा दी गई छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा, शिवसेना ने साधी चुप्पी

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिराए जाने को लेकर चहुँओर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। खासकर महाराष्ट्र में प्रदर्शन जोरों ओर है। लोग शिवसेना से सवाल पूछ रहे हैं, जो कॉन्ग्रेस के साथ मिल कर सरकार चला रही है। मध्य प्रदेश में भी कॉन्ग्रेस की ही सरकार है। कमलनाथ राज्य में संगठन और सरकार, दोनों के ही मुखिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि छिदंवाड़ा कलमलनाथ का संसदीय क्षेत्र रहा है। वो लम्बे समय से यहाँ से सांसद रहे हैं। फ़िलहाल उनके बेटे यहाँ से सांसद हैं। कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद छिंदवाड़ा से ही विधायक भी बने।

शिवाजी की प्रतिमा को जेसीबी से हटाने की घटना सौंसर में मोहगाँव तिराहे की है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को लेकर कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा कि क्या छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आदर्श मानने वाली शिवसेना ये अपमान सह पाएगी? कॉन्ग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि भाजपा झूठ परोस कर प्रदेश की जनता को भ्रमित और गुमराह कर रही है। जनवरी में ही उक्त स्थान पर छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना को लेकर स्थानीय जनता ने प्रशासन को ज्ञापन दिया था

प्रशासन ने दावा किया है कि हिन्दू संगठनों ने बिना अनुमति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना कर दी थी। इसके बाद प्रशासन की टीम जेसीबी के साथ पहुँची और शिवाजी की प्रतिमा को हटा दिया गया। मंगलवार (फरवरी 11, 2020) को बड़ी संख्या में लोग पहुँचे और उन्होंने प्रशासन व सरकार के ख़िलाफ़ जम कर नारेबाजी की। दुकानें खुली नहीं। एक तरह से पूरा शहर बंद रहा। युवाओं ने रैली निकाल कर प्रतिमा को फिर से स्थापित किए जाने की माँग की।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना को लेकर दुःख जताया है। वहीं विधायक विजय चौरे ने प्रशासन के साथ बैठक के बाद आश्वासन दिया कि 19 फरवरी शिवाजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी और मोहगाँव तिराहे पर प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा।

J&K में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बनाएगा श्री वेंकटेश मंदिर, प्रशासन ने की 100 एकड़ भूमि आवंटित

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने श्री वेंकटेश मंदिर निर्माण के लिए जम्मू-कटरा राजमार्ग के साथ 100 एकड़ भूमि आवंटित करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले सांसद वी विजया साई रेड्डी ने सोमवार (फरवरी 10, 2020) को कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, वैदिक स्कूल और अस्पताल के साथ मंदिर का निर्माण दो साल में पूरा करने की उम्मीद करता है। समाचार पत्र ‘द हिंदू’ से बातचीत में वी विजया साई रेड्डी ने कहा कि दो स्थलों की पहचान मंदिर निर्माण के लिए उपयुक्त बताई गई हैं।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू, जो मंदिर निर्माण के लिए मुफ्त में जमीन आवंटित करने के लिए सहमत हुए, ने कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के लिए जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है।

जम्मू के जिलों में ढूमी और माजिन में दो साइटों को सूचीबद्ध किया है। कई उत्तर भारतीय राज्यों से तीरुमला जाने वाले तीर्थयात्रियों की लंबे समय से माँग है कि जम्मू में मंदिर की प्रतिकृति का निर्माण किया जाए।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि मंदिर, वैदिक स्कूल, मैरिज हॉल और अस्पताल के निर्माण के लिए धनराशि श्रद्धालुओं से जुटाई जाएगी और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम भी यथासंभव सीमा तक अपना योगदान देगा। नवगठित केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर राज्यसभा सदस्य ने कहा कि जम्मू शांतिपूर्ण है और वहाँ कोई खतरा नहीं है।

उन्होंने कहा- “जम्मू एक शांतिपूर्ण जगह है। जीवन बिल्कुल सामान्य है और क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना नहीं दर्ज की गई है। हमने दो साइटों को अंतिम रूप देने से पहले सुरक्षा, साइट तक पहुँच, पानी और परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता सहित सभी पहलुओं पर विचार किया है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि, यह स्थल वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले राजमार्ग पर स्थित हैं।”

तीसरी शादी कर रहा था रफीक, पहली पत्नी ने बनाया पीटकर ‘नवाब’, दूल्हे ने कहा- चौथी शादी करना अधिकार है

पाकिस्तान में एक व्यक्ति की तीसरी शादी में उस समय ख़लल पड़ गया जब शादी के वक़्त उसकी पहली पत्नी पहुँच। पहली पत्नी ने वहाँ पहुँचकर ना सिर्फ भूतपूर्व पति (वर्तमान दूल्हा) की जमकर पिटाई की, बल्कि उसके वहाँ सारे मेहमानों के सामने कपड़े भी फाड़ दिए। मारपीट के बाद वहाँ बवाल इतना ज्यादा बढ़ गया कि शादी कर रहे सज्जन को बचाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।

‘दि एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (फरवरी 10, 2020) की रात मदीहा (पहली पत्नी) और उसके रिश्तेदार कराची में आसिफ रफीक की शादी के मौके पर पहुँच गए। मदीहा ने कहा कि उन दोनों की शादी साल 2014 में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मदीहा ने दावा किया कि रफीक ने जिन्ना विश्वविद्यालय की एक कर्मचारी से उसकी सहमति के बिना दूसरी शादी भी कर ली थी। मदीहा द्वारा दूसरी शादी पर आपत्ति जताने के बाद रफीक ने माफी भी माँगी थी और केवल पहली पत्नी (मदीहा) के साथ ही रहने का वादा किया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पहली पत्नी मदीहा और उसके परिवार ने दूल्हे रफीक की बेरहमी से कुटाई की और पीट पीटकर उसके कपड़े फाड़ दिए। यहाँ तक कि पुलिस ने भी तीसरी शादी कर रहे दूल्हे रफीक को हिरासत में लेने के बाद उसके साथ मारपीट की। रफीक ने पुलिस स्टेशन से भागने की कोशिश की और इसके बाद वह एक खड़ी बस के नीचे छिप गया।

पिटाई से बचने के लिए रफीक भागता रहा लेकिन मदीहा के परिवार ने पीछा करके उसे पकड़ लिया और एक बार फिर उसे जमकर कूट दिया। रफीक ने बताया कि उसने पहली बीवी मदीहा को तलाक दे दिया था और इसलिए उसे पुनर्विवाह के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही उसने कहा कि एक ही समय चार खातूनों से निकाह करना उसका अधिकार है।

दिल्ली में चुने गए MLA में से 43 पर दर्ज हैं हत्या की साजिश, रेप जैसे गंभीर आपराधिक मामले: ADR रिपोर्ट

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीतने वाले 61% विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसका खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में हुआ है। ADR के अनुसार दिल्ली विधान सभा चुनावों से जीतकर आए 70 में से 43 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 37 विधायक, यानि लगभग 53% विधायक ऐसे हैं, जिनके खिलाफ खतरनाक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इन मामलों में बलात्कार, हत्या की कोशिश और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मामले शामिल हैं। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में चुनकर आए 34 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे।

नामांकन पत्र दाखिल करते समय प्रत्याशियों के चुनाव आयोग के समक्ष पेश किये गए हलफनामे के आधार पर दिल्ली इलेक्शन वाच और एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) ने विश्लेषण करके यह जानकारी दी है।
ADR की रिपोर्ट के अनुसार 9 विधायक ऐसे हैं, जिनके अपराध कोर्ट में साबित भी हो चुके हैं। इनमें 1 विधायक के ऊपर हत्या के षडयंत्र का अपराध साबित भी हो चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) के जीते हुए 62 में से 38 विधायकों (61%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 8 में से 5 विधायकों के खिलाफ मामले दर्ज हैं।

74% MLA हैं करोड़पति

दिल्ली में नवनिर्वाचित 70 में से 52 विधायक करोड़पति हैं, जबकि वर्ष 2015 में इनकी संख्या 70 में से मात्र 44 थी। AAP के 62 में से 45 और भाजपा के आठ में से सात विधायक करोड़पति हैं, यानि इनकी घोषित संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक है। इस प्रकार आम आदमी पार्टी के 62 विधायकों की औसतन संपत्ति 14.96 करोड़ रुपए है।

आम आदमी पार्टी के हैं सबसे अधिक संपत्ति वाले तीनों विधायक

इनमें सबसे अधिक संपत्ति वाले तीनों विधायक आम आदमी पार्टी के ही हैं। इनमें धर्मपाल लाकड़ा, विधायक- मुंडका, की कुल संपत्ति 292 करोड़ रुपए है। जबकि प्रमिला टोकस, विधायक- आर के पुरम की कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपए और राजकुमार विधायक- पटेल नगर की कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपए है।

2 विधायक मात्र 8वीं पास

यदि शिक्षा की बात करें तो चुने गए 70 MLA में से 2 विधायक मात्र 8वीं पास हैं, 7 विधायक 10वीं पास, 14 विधायक 12वीं पास, 15 विधायक ग्रेजुएट, 9 ग्रेजुएट प्रोफेशनल, 18 पोस्ट ग्रेजुएट और 5 अन्य शिक्षा प्राप्त हैं।

गार्गी कॉलेज में छेड़-छाड़ जरूर हुई, लेकिन धार्मिक नारों की बात सिर्फ वामपंथी मीडिया की करामात है

दिल्ली विधानसभा चुनावों के सम्पन्न होने के ठीक एक दिन बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि इस घटना के विरोध में कॉलेज की छात्राएँ प्रदर्शन कर रही थीं, जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग की एक टीम भी कैंपस पहुँची और छात्राओं से पूरे घटने की जानकारी ली।

गार्गी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का एक छात्राओं का कॉलेज है। बताया गया कि इस कॉलेज में एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया था, जब कुछ गुंडे कॉलेज में घुस गए और उन्होंने छात्रों के साथ बदसलूकी की। कुछ विशेष मीडिया गिरोहों द्वारा इस पूरे प्रकरण में छात्रों के साथ हुई हिंसा को छोड़कर सबसे ज्यादा अपने चुनिंदा विषयों को उछाला गया और आरोप लगाए गए कि इस हरकत को करने वाले लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे।

लेकिन गार्गी कॉलेज के सम्बन्ध में जब कॉलेज की छात्राओं से ऑपइंडिया ने बात की तो उन्होंने बताया कि उत्पीड़न वाली बात से मना नहीं किया जा सकता है लेकिन धार्मिक नारे लगाने जैसी बातें एकदम बेबुनियाद है और मीडिया द्वारा इस मुद्दे को दूसरी ही दिशा दी जा रही है।

यह वास्तव में कॉलेज प्रशासन की नाकामयाबी का नतीजा मात्र है। लेकिन NDTV के रवीश कुमार जैसे लोग इस घटना को अपना वामपंथी रंग देते नजर आए। यह खुद गार्गी कॉलेज की छात्राओं ने स्वीकार किया है कि छात्राओं के साथ उत्पीड़न और बदसलूकी जरूर की गई लेकिन यह कहना एकदम बकवास है कि ऐसा करने से पहले धार्मिक नारे लगाए गए।

छात्राओं के कॉलेज में होने वाले किसी प्रोग्राम में सिर्फ पहचान पत्र के आधार पर हर किसी को भी प्रवेश दे देना बेवकूफी भरा निर्णय था। कॉलेज में मौजूद छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि अपराधी मानसिकता को जरूर दोष दिया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले को राजनीतिक और अपनी विचारधारा को भुनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

कुछ वर्ष पहले की ही बात है, जब हिन्दुओं के त्यौहार होली के दौरान यह आरोप लगाए गए थे कि छात्राओं पर वीर्य से भरे गुब्बारे फेंके गए थे। लेकिन कई महीनों बाद हुई जाँच के में पता चला कि यह आरोप एकदम बेबुनियाद थे। कॉलेज की छात्राओं ने स्पष्ट लिखा है कि उनके साथ कॉलेज में घुसे गुंडों ने बहुत गंदी बदसलूकी की लेकिन यह नहीं कह सकते हैं कि वो CAA के प्रदर्शन से आ रहे थे।

मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस के आला अफसर सोमवार सुबह कैंपस पहुँचे थे और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे थे। उस दौरान पुलिस ने कहा था कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद दोपहर में कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी थी और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

गार्गी कॉलेज की इस घटना पर आप विस्तृत चर्चा इस वीडियो में देख सकते हैं –

शहबाज खान पर किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप: चंद्रकांता से लोकप्रिय हुए थे ‘कुँअर विरेन्द्र विक्रम’, FIR दर्ज

बीते समय के मशहूर टीवी धारावाहिक चंद्रकांता में कुँवर वीरेंद्र विक्रम का किरदार निभाने वाले शाहबाज खान पर छेड़छाड़ के मामले में FIR दर्ज की गई है। कई वर्षों से टीवी पर अपनी कलाकारी के कारण अपनी पहचान बना चुके इस अभिनेता पर 19 वर्ष की एक किशोरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

समाचार एजेंसी ANI ने अपने ट्वीट में लिखा है – “मुंबई: अभिनेता शाहबाज़ खान के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज। IPC की धारा 354 (महिला या पुरुष को उसकी शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल) और 509 (शब्द, इशारा या किसी महिला की विनम्रता का अपमान करने का इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।”

किशोरी के आरोपों के बाद 53 साल के शहबाज खान पर अपमान करने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल और महिला के शील भंग करने के लिए अपमानसूचक शब्‍द या इशारा करने (IPC की धारा 354,और 509) जैसे आपराध‍िक धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

अभिनेता शाहबाज़ खान की तरफ से हालाँकि, इस मामले पर अभी कोई बयान नहीं आया है और न ही पीड़िता की ओर से ज्यादा जानकारी मिल पाई है।

टीवी सीरियल ‘चंद्रकांता’ में कुंवर विरेन्द्र विक्रम की भूमिका निभाई थी

ज्ञात हो कि 22 साल की उम्र में शाहबाज खान को टीवी सीरियल ‘टीपू सुल्तान’ में पहला ब्रेक मिला था। इसके बाद शाहबाज खान ने मशहूर टीवी धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ में कुँवर विरेन्द्र विक्रम की भूमिका निभाई थी। उस समय इसी किरदार के कारण वो लोगों के बीच खूब लोकप्रिय रहे थे।

मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिग केस में पाकिस्तानी अदालत ने सुनाई 5 साल की सजा

मुंबई हमले के मास्टर माइंड और जमात उल दावा प्रमुख हाफिज सईद को पाकिस्तान की एक अदालत ने टेरर फंडिग और एक अन्य मामले में 5 साल पाँच माह की सजा सुनाई है। पाकिस्तान की लाहौर कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ ही हाफिज सईद पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) ने प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के सरगना व 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (CTD) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं की ओर से दाखिल किए गए हैं।

बता दें कि आतंकवाद निरोधक अदालत 11 दिसंबर से सईद और अन्य के खिलाफ चल रही आतंकी वित्तपोषण मामले की रोजाना सुनवाई कर रही है। वहीं हाफिज सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। इसी बीच सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग के दो मामलों में पाकिस्तान के आतंकरोधी कोर्ट (ATC) ने 8 फरवरी को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

जेयूडी सरगना को बीते साल जुलाई में सीटीडी द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी से पहले जेयूडी नेताओं के खिलाफ 23 प्राथमिकी सीटीडी पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद व सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई। इनमें सईद और जेयूडी का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल हैं। डॉन न्यूज के मुताबिक, सीटीडी ने कहा है कि जेयूडी गैर-लाभकारी संगठनों और ट्रस्टों के माध्यम से एकत्र किए गए भारी धन से आतंकवाद का फंडिंग कर रहा था।

वहीं माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने यह कदम अंतराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ (FATF) की कार्रवाही से बचने के लिए मजबूरन उठाया है। फिलहाल पाकिस्तान को ग्रे की सूची में डाला गया है। वहीं लगातार संयुक्त राष्ट्र उस पर आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए पाकिस्तान पर दवाब बनाया जा रहा था।

गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लश्कर के 10 आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें 166 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। आतंकियों ने ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुँचाने के लिए उस दिन मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन, आलीशान ताज और ट्राइडेंड होटल सहित कई इलाकों को अपना निशाना बनाया था। मरने वालों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट तो किया ही साथ ही उस पर इनाम भी घोषित किया था।

राजस्थान: ससुर के महिला से रेप के बाद शिकायत करने पर पति ने बेल्ट से पीटा, ननद ने गर्म सलाखों से दागा

राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक विवाहिता के साथ उसके ससुराल वालों द्वारा किए गए बेहद अमानवीय हरकतों का एक मामला सामने आया है। इस महिला के साथ उसके ससुर ने ही बलात्कार किया। बात यहीं ख़त्म नहीं होती, इसके बाद उसके पति ने भी उसे ससुर से सम्बन्ध बनाने की बात कही और उसे बेल्ट से मारा। यही नहीं, महिला की ननद ने भी उसे गर्म सलाखों से दागा। इसके बाद किसी तरह से विवाहिता ससुराल से भागने में कामयाब रही और पुलिस के पास पहुँचकर मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दाँगीपुरा थाने में पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई FIR के अनुसार तीन माह पूर्व ही उसकी नाताप्रथा रस्म के अंतर्गत शादी हुई थी। मामले के सामने आने के 2 दिन पहले एक रात पीड़िता के ससुर ने उसे खेत में सिंचाई के लिए साथ चलने के लिए कहा। इस पर वह अपने ससुर के साथ खेत पर सिंचाई करने चली गई। लेकिन वहाँ उसके ससुर ने उसके मुँह में कपड़ा ढूँसकर उससे बलात्कार किया।

पीड़िता के अनुसार वह किसी तरह वहाँ से भागी और अपने पति के पास पहुँची। जब महिला ने अपने पति को इस बारे में बताया तो उसने सहानुभूति जताने की बजाए पीड़िता को ही बेल्ट से मारा। यही नहीं, महिला के पति ने यह भी कहा कि उसे अपने ससुर के साथ सम्बन्ध बनाने होंगे।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मारपीट के बाद वहाँ हंगामा होने पर उनकी दो ननदें भी पहुँचीं। लेकिन उन्होंने भी पति और ससुर की हरकत का समर्थन किया। इसके बाद दोनों ने पीड़िता को गर्म चिमटे से दागा। महिला के पति ने उससे यह भी कहा कि वो नाता प्रथा के तहत उसे खरीदकर लाए हैं, इसलिए उसके पिता जैसा कहें, उसे मानना ही होगा। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। मंगलवार (फरवरी 11, 2020) को मनोहर थाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पीड़िता का मेडिकल कराया गया।

मौत के छ: माह बाद दिवंगत शीला दीक्षित पर दिल्ली चुनाव हराने का आरोप: पीसी चाको ने दिया इस्तीफा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को मिली शर्मनाक हार के बाद से पार्टी में घमासान मचा हुआ है। एक तरफ पार्टी के नेता अपने ही आला नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तो कुछ पार्टी पदाधिकारियों के बीच की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। वहीं अब करारी हार के बाद पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफा देने का भी सिलसिला शुरू हो चला है।

दिल्ली चुनावों के परिणाम की स्थिति मंगलवार को जैसे ही साफ़ होती गई ऐसे ही कॉन्ग्रेस पार्टी में आरोप-प्रत्यारोपों की सिलसिला शुरू हो गया। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामों पर दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने पार्टी के प्रदर्शन पर बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वर्ष 2013 में ही कॉन्ग्रेस की स्थिति खराब होने लगी थी, जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं। ऐसा इसलिए कि पार्टी का वोट बैंक आम आदमी पार्टी की ओर चला गया। चाको ने यह भी कहा कि जब तक आम आदमी पार्टी है, तब तक कॉन्ग्रेस दिल्ली में आगे नहीं बढ़ सकती है।” इसी के साथ पीसी चाको ने अपने प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं दूसरी ओर कॉन्ग्रेस नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा भी अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर चुके हैं।  

पीसी चाको के इस बयान के बाद पार्टी में घमासान शुरू हो गया। इस बयान पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने चाको पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनावी हार के लिए दिवंगत शीला दीक्षित को जिम्मेदार ठहराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शीला दीक्षित एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ और प्रशासक थीं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दिल्ली की तस्वीर बदली और कॉन्ग्रेस पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई। उन्होंने अपना पूरा जीवन कॉन्ग्रेस और दिल्ली के लोगों के लिए समर्पित किया था।”

वहीं कॉन्ग्रेस नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी चाको पर निशाना साधते हुए कहा, “2013 में जब हम हारे तो कॉन्ग्रेस को दिल्ली में 24.55 फीसदी वोट मिले थे। शीला जी 2015 के चुनाव में शामिल नहीं थीं, जब हमारा वोट प्रतिशत गिरकर 9.7 फीसदी हो गया। 2019 में जब शीला जी ने फिर से कमान संभाली तो कॉन्ग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़कर 22.46 फीसदी हो गया।”

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वहीं इससे पहले मंगलवार को दिल्ली चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कॉन्ग्रेस प्रवक्ता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा था इस हार के लिए पार्टी नेतृत्व ज़िम्मेदार है। उन्होंने स्वीकार किया था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस का पतन हुआ है। बहुत आत्मनिरीक्षण हो चुका है, अब कार्रवाई का वक्त है।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिणाम में आम आदमी पार्टी को 70 में 62 और बीजेपी को 8 सीटें मिली हैं, जबकि कॉन्ग्रेस पार्टी अपना खाती भी नहीं खोल सकी। वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी अपने 66 उम्मीदवारों मे से 63 उम्मीदवारों की जमानत भी नहीं बचा सकी। इस परिणाम के बाद से ही दिल्ली कॉन्ग्रेस में घमासान मचा हुआ है।

‘देवबंद से ही निकलते हैं सारे बड़े आतंकी, वह गजवा-ए-हिंद के लिए लड़ रहे हैं’

अपने बयानों से लोकर अक्सर चर्चा में रहने वाले बीजेपी के कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर आतंकियों को लेकर बयान दिया है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि मैं पहले से ही कहता रहा हूँ कि देवबंद आतंकवादियों की गंगोत्री है, क्यों कि सारी दुनियाँ में पैदा हुए बड़े आतंकी यहीं से निकलते हैं।

बीते मंगलवार को जनसंख्या समाधान फाउंडेशन एवं हिंदू जागरण मंच द्वारा आयोजित सीएए के समर्थन कार्यक्रम में केंद्रीय पशुधन मंत्री गिरिराज सिंह सहारनपुर पहुँचे थे, जहाँ कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “मैंने एक बार कहा था कि ये देवबंद आतंकवाद की गंगोत्री है, सारे बड़े-बड़े दुनियाँ में जो भी पैदा हुए आतंकवादी, चाहे हाफ़िज सईद मामला हो, ये सारे के सारे लोग यहीं से निकलते हैं।”

इससे पहले कार्यक्रम में जनसंख्या नियंत्रण पर बोलते हुए मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश के अंदर जनसंख्या नियंत्रण जल्द से जल्द लागू होना चाहिए। अन्यथा देश का विकास नहीं हो पाएगा। अगर देश का विकास करना है तो जनसंख्या नियंत्रण कानून बहुत जल्द से जल्द लाना होगा।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम में शाहीन बाग पर निशाना साधते हुए कहा कि वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि वह गजवा-ए-हिंद के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। गजवा-ए-हिंद को भारत में लाकर मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते हैं। हम उनको इस मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे।

आपको बता दें कि पिछले वर्ष 29 नवंबर को देवबंद के स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से उनके आश्रम में मुलाक़ात करने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि देवबंद आतंकवाद का अड्डा बन गया है। इतना ही नहीं हाफिज सईद और बगदादी जैसे आतंकवादी भी देवबंद से शिक्षा लेते हैं। उन्होंने आगे कहा था कि गुरुकुल से आजतक कोई बच्चा आतंकी नहीं निकला, लेकिन देवबंद से निकले हुए लोग देशभक्त का तो पता नहीं, लेकिन आतंकी जरूर बनते हैं। अब पता नहीं यह शिक्षा का मंदिर है या आतंक का मंदिर।