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महाराष्ट्र के विकास को पीछे धकेल रहा है महा ‘विकास’ अघाड़ी: रद्द किए जा रहे हैं कई अहम प्रोजेक्ट

महाराष्ट्र में तीस दिन तक चली खींचतान के बाद एक त्रिशंकु सरकार सत्ता में आई। सत्ता हासिल करने के बाद से ही अपना-अपना कुनबा जोड़कर सरकार बनाने वाली यह पार्टियाँ अब बदले की राजनीति में लग गई हैं। बदले की इस सियासत का सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के विकास पर पड़ेगा। ठाकरे के नेतृत्व में राज्य की सत्ता पर काबिज हुआ यह महाविकास अघाड़ी गठबंधन अब बदले की राजनीति करने पर उतर आया है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के कार्यकाल में हुए सभी कार्यों को लेकर इस सरकार का उदासीन रवैया साफ दिखने लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अरे जंगल से होकर गुजरने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट से लेकर पिछली सरकार द्वारा विकास के कई अन्य कार्यों को रोक दिया गया है।

हाल ही में एनसीपी चीफ शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री ठाकरे को चिट्ठी लिखकर उस पोर्टल को भी बंद करने की माँग की है जिसे पिछली सरकार ने युवाओं को रोज़गार मुहैया कराने के लिए शुरू किया था। बता दें कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार के दौरान यह महापोर्टल रोज़गार सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था जिसे सुप्रिया अब बंद करवा देना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ठाकरे को लिखी अपनी इस चिट्ठी में सुले ने इसके लिए पोर्टल के ठीक से संचालित न होने का तर्क पेश किया है।

सरकार के इस रवैय्ये के क्रम में महाराष्ट्र के कई विकास कार्यों को स्थगित कर दिया गया है। इनमें पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना का स्थगित होना भी शामिल है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस सम्बन्ध में दिए अपने बयान में कहा है कि इसे लेकर उनकी सरकार पुनर्विचार करेगी। बीते शुक्रवार को महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही उद्धव ने आरे में मेट्रो प्रोजेक्ट से सम्बंधित काम रोकने के आदेश दिए थे।

‘BJP नहीं छोड़ रहीं पंकजा मुंडे, महाराष्ट्र में दुर्घटनावश बनी सरकार फैला रही अफवाह’

पंकजा मुंडे के पार्टी छोड़ने की अटकलों को भाजपा ने खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि उनके पार्टी छोड़ने की बातें सिर्फ अफवाह है। उन्होंने कहा, “भाजपा के नेता पंकजा मुंडे से संपर्क में हैं। वह हार के बाद आत्मनिरीक्षण कर रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रही हैं।”

उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत के इस दावे को खारिज किया कि कई नेता शिवसेना में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं। पाटिल ने कहा, “महाराष्ट्र में दुर्घटनावश बनी सरकार निराधार खबरें फैला रही है। उनके ठाकरे परिवार से अच्छे पारिवारिक रिश्ते हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह शिवसेना में शामिल होने जा रही हैं।”

दरअसल, रविवार (दिसंबर 1, 2019) को पंकजा मुंडे ने फेसबुक पोस्ट किया था, ‘‘अब सोचने और निर्णय लेने की जरूरत है कि आगे क्या किया जाए?’’ पंकजा ने 12 दिसंबर को समर्थकों को बीड के गोपीनाथगढ़ पहुँचने की अपील की है। 12 दिसंबर को पंकजा के पिता दिवंगत गोपनाथ मुंडे का जन्मदिवस है।

इसके बाद पंकजा मुंडे ने सोमवार (दिसंबर 2, 2019) को ट्विटर पर अपने ‘बॉयो’ से भाजपा का नाम हटा दिया। इसके बाद उनके भाजपा छोड़ने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया।

इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी यह कहकर सस्पेंस और बढ़ा दिया कि कई नेता उनके संपर्क में हैं। वहीं शिवसेना विधायक अब्दुल सत्तार ने कहा, “12 दिसंबर को, पंकजा मुंडे तय करेगी कि वह आगे किस तरफ जाएँगी। अगर वह शिवसेना में शामिल होती हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। गोपीनाथ जी और बालासाहेब जी के सौहार्दपूर्ण संबंध रहे थे।” गौरतलब है कि पंकजा मुंडे को विधानसभा चुनाव में अपने चचेरे भाई और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परली से विधायक रहीं पंकजा फडणवीस कैबिनेट में मंत्री थीं।

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अयोध्या में बनेगा आसमान छूने वाला भव्य राम मंदिर, रोड़े अटका रही थी कॉन्ग्रेस: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार (दिसंबर 2, 2019) को झारखंड के चक्रधरपुर में सभा को संबोधित किया। उन्होंने राम मंदिर के मसले पर कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा कि वह राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई को लटकाना चाहती थी। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए पॉंच चरणों में चुनाव हो रहे हैं। 30 नवंबर को 13 सीटों पर वोट डाले गए थे। दूसरे चरण का मतदान सात दिसंबर को है। भाजपा फिर से सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त दिख रही है।

चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कॉन्ग्रेस ने अयोध्या मामले में अड़चनें पैदा की। कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता कपिल सिब्बल सर्वोच्च अदालत में जाकर कहते हैं कि राम जन्मभूमि का केस चलाने की जरूरत नहीं है। जल्दबाजी मत करो। मगर जनता ने पीएम मोदी को चुना और हमने कोर्ट से आग्रह किया कि केस जल्दी चलना चाहिए और अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट के फैसले से अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है और अब वहाँ आसमान छूने वाला भव्य मंदिर बनेगा।”

आर्टिकल 370 हटाने के फैसले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि झारखंड भी चाहता है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हो। झारखंड भी आतंकवाद और नक्सलवाद से छुटकारा चाहता है। चाहता है कि अयोध्या में रामलला का मंदिर बने। उन्होंने बीजेपी सरकार के कामों को गिनाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देवघर में AIIMS बनाया। देवघर, बोकारो, दुमका और जमशेदपुर में एयरपोर्ट बनाए। राँची में कैंसर अस्पताल बनाया। हजारीबाग-पलामू और दुमका में मेडिकल कॉलेज बनाए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 20 लाख किसानों को लाभ पहुँचाने का काम किया।

साथ ही अमित शाह ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को झारखंड के विकास पर बहस की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच सालों में झारखंड में रघुवर दास के शासनकाल में न कोई घोटाला हुआ और न उनके ऊपर भ्रष्टाचार के कोई आरोप लगे। राहुल गाँधी की सोमवार को झारखंड के सिमडेगा में हुई चुनावी सभा का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा, “राहुल गाँधी यहाँ पर हैं, मैं आज उनको चैलेंज देने आया हूँ कि राहुल बाबा आपके 55 साल का शासन और हमारे पाँच साल का शासन का हिसाब लेकर मैदान में आ जाओ।”

अमित शाह ने विपक्ष के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नेता हेमंत सोरेन को भी आड़े हाथ लिया। शाह ने कहा, “जब झारखंड राज्य के लिए आंदोलन चल रहा था तो उस समय यहाँ के युवाओं पर कॉन्ग्रेस पार्टी ने गोलियाँ और डंडे चलवाए थे। कॉन्ग्रेस झारखंड बनने का विरोध करती थी और आज हेमंत सोरेन उसी कॉन्ग्रेस पार्टी की गोद में बैठकर मुख्यमंत्री बनने के लिए निकले हैं।”

विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि जो पार्टियाँ टिकट बाँटने में खरीद-फरोख्त करती हैं, आदिवासियों का शोषण करती हैं, भ्रष्टाचार में डूबी हुई हैं उनको वोट देकर झारखंड का विकास नहीं हो सकता।

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शर्मनाक: पोर्न साइट्स पर हैदराबाद बलात्कार पीड़िता का नाम ‘ट्रेंड’ में, सोशल मीडिया यूज़र्स ने जताया दु:ख

एक विकृत सोच के रूप में हैदराबाद गैंगरेप की शिकार हुई पीड़िता का नाम पोर्न वेबसाइट्स पर नज़र आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। पोर्न वेबसाइट पर बलात्कार पीड़िता का नाम वीडियो क्लिप के लिए सबसे अधिक सर्च किया गया। ऐसा करने के पीछे मक़सद यह था कि इस जघन्य अपराध की क्लिप दिख जाए, जो शायद किसी ने अपलोड की हो।

पोर्न वेबसाइट XVideos.com पर बलात्कार पीड़िता का नाम सर्च किया गया (तस्वीर साभार: ट्विटर पर @purpleproze)

हैदराबाद के बाहरी इलाके शमसाबाद में 26 वर्षीय महिला डॉक्टर की जली हुई लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। चार लोगों द्वारा उनके सामूहिक बलात्कार और निर्मम हत्या के बाद उन्हें जला देने के बाद आरोपित ये पता लगाने के लिए उसी स्थान पर वापस आए थे कि वो पूरी तरह से जल गईं या नहीं। इस घटना से जहाँ पूरा देश उबल रहा है, वहीं ऐसे भी कुछ निकृष्ट लोग हैं जो इस घटना का वीडियो देखने के लिए पोर्न साइट पर डॉक्टर का नाम सर्च कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी यूज़र्स भी हैं जिन्होंने इस तरह की शर्मनाक़ हरक़त पर दु:ख जताया।

पीड़िता के पोस्टमॉर्टम में पता चला है कि उनके साथ बलात्कार ही नहीं हुआ बल्कि उन्हें गला दबाकर हत्या करने के पहले बुरी तरह टॉर्चर भी किया गया था। और इसके बाद उन्हें जला दिया गया था। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपित का नाम मोहम्मद आरिफ़ है, जबकि बाकि तीन हैं– जोल्लू शिवा, जोल्लू नवीन कुमार और चिन्ताकुट्टा चेन्ना केशवुलु। 

डॉक्टर प्रीति रेड्डी रेप और हत्याकांड में पुलिस ने जो रिमांड कॉपी तैयार की है, उसकी एक कॉपी ऑपइंडिया ने भी एक्सेस की है। इस पूरी वारदात से लेकर उसकी जाँच और फिर आरोपितों की धर-पकड़ तक, इसमें पुलिस ने सभी जानकारियाँ एक जगह लिखी हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे सूचना मिलने पर जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे तो उन्होंने पीड़िता की झुलस चुकी लाश बरामद की। पुलिस ने बताया है कि डॉक्टरों को घटनास्थल पर ही बुला कर ‘स्पॉट ऑटोप्सी’ कराई गई।

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अयोध्या फैसले में 14 गलतियाँ, राम मंदिर पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट: जमीयत ने दायर की समीक्षा याचिका

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की है। अपनी याचिका में जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वो 9 नवंबर को सुनाए गए फ़ैसले की समीक्षा करे। इतना ही नहीं, हिन्दुओं के पक्ष में आए उस फ़ैसले पर स्टे लगाने का भी आग्रह किया गया है। पुनर्विचार याचिका में जमीयत ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि हिन्दुओं द्वारा इस स्थल पर 1934, 1949 और 1992 में गैर कानूनी काम किए गए, इसीलिए फ़ैसले पर स्टे लगाया जाए। याचिका में कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने इन कृत्यों की निंदा की है, ये ज़मीन हिन्दू पक्ष को कैसे दे दी गई?

बता दें कि 40 दिन की नियमित सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित अयोध्या विवाद का फ़ैसला हिन्दुओं के पक्ष में सुनाया था। मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिमों को अयोध्या में कहीं और 5 एकड़ ज़मीन उपलब्ध कराने के निर्देश भी केंद्र सरकार को दिए थे। जमीयत ने इसे शरीयत के ख़िलाफ़ बताया था। मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि एक बार जिस जगह पर मस्जिद बन गई, क़यामत तक वहाँ सिर्फ़ मस्जिद ही रहती है। जमीयत ने अपनी याचिका में कहा है कि मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद के लिए कहीं और जमीन नहीं मॉंगी थी। लेकिन, फैसले में संतुलन बनाने के इरादे से ऐसा आदेश सुनाया गया।

अपनी समीक्षा याचिका में जमीयत ने दावा किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुस्लिम पक्ष मानता है कि काफ़ी दिनों से चले आ रहे इस विवाद का जल्द से जल्द अंत हो। हालाँकि, पूरे जजमेंट को चुनौती नहीं दी गई है। जमीयत ने रामलला को नाबालिग मानने की बात पर आपत्ति दर्ज की। जमीयत ने कहा है कि इतिहास में हुई ग़लतियों को कोर्ट सुधार नहीं सकता। जमीयत ने दावा किया है कि मंदिर को गिरा कर मस्जिद बनाए जाने के अभी तक कोई सबूत नहीं मिले हैं।

जमीयत की पुनर्विचार याचिका का अंश: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को बताया त्रुटिपूर्ण

जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि प्राचीन काल में आए पर्यटकों घुमंतुओं द्वारा रचित वृत्तांतों पर भरोसा करना सही नहीं है और उन्हें काफ़ी बारीकी से पढ़ा जाना चाहिए। जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को त्रुटिपूर्ण करार दिया है। इस पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में ’14 गलतियाँ’ गिनाई गई हैं और दावा किया गया है कि समीक्षा का आधार भी यही है।

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पीएम मोदी की ‘बुलेट-ट्रेन’ पर शिवसेना का ब्रेक: उद्धव ने सत्ता संभालते ही दिए ये आदेश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी का सपना कही जाने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उद्धव ठाकरे ने अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा के लिए आदेश दे दिए हैं। उद्धव की इस कार्रवाई के पीछे किसानों की ज़मीन का मामला बताया जा रहा है। बता दें कि शुरुआत से ही किसानों ने इस परियोजना का जमकर विरोध किया था। इस विरोध में महाराष्ट्र के कई गाँवों के किसानों ने भी विरोध किया था, जिसे शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के ज़रिए उठाया था।

ठाकरे ने अपने एक बयान में कहा “हमारी आम आदमी की सरकार है। हम लोग बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को रिव्यू करेंगे, लेकिन मैंने इस प्रोजेक्ट को रोकने के लिए नहीं कहा है।” हालाँकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उद्धव के शपथ ग्रहण से पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि उद्धव इस प्रोजेक्ट को रोकने के लिए फंडिंग बंद करने के आदेश दे सकते हैं। बुलेट ट्रेन की इस परियोजना में केंद्र के अलावा ही राज्यों को भी फण्ड में 25 प्रतिशत देना अनिवार्य है।

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट की मानें तो लाख करोड़ रूपए की इस योजना में केंद्र सरकार 10 हज़ार करोड़ रूपए देगी जबकि गुजरात और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों को इसके लिए 5 हज़ार करोड़ रूपए देना तय किया गया है। इसके अलावा बुलेट ट्रेन की इस परियोजना का 81% खर्च जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी 0.1% के ब्याज दर पर लोन के रूप में वहन करेगी।

पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास खुद उन्होंने ही किया था। इस परियोजना के लिए केंद्र ने तय किया था कि इसका काम 2020 में शुरू हो जाएगा ताकि 2023 तक इसे पूरा किया जा सके। प्रस्तावित योजना के तहत गुजरात के अहमदाबाद से महाराष्ट्र के मुंबई के बीच 12 स्टेशन बनाए जाएँगे जिनसे होकर बुलेट ट्रेन गुजरेगी जिसका अनुमानित किराया तकरीबन 3000 रुपए तक होगा।

डरा हुआ है मोहम्मद आरिफ का परिवार: ‘The Quint’ पहुँचा डॉ रेड्डी के गुनहगारों की गरीबी दिखाने

आतंकियों के मारे जाने के बाद कई पत्रकार उनके घर जाकर उनके परिजनों का इंटरव्यू लेते हैं और फिर दिखाते हैं कि वो ‘असल ज़िंदगी’ में कैसा था। यही पत्रकार उन आतंकियों द्वारा मारे गए लोगों व जवानों के परिजनों से शायद ही बातचीत करते हों। अब मीडिया का एक वर्ग बलात्कारियों के प्रति भी माहौल तैयार करने में लग गया है। बलात्कारियों के परिजनों का इंटरव्यू लेकर उनका पक्ष दिखाया जा रहा है। प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द क्विंट’ ने कुछ ऐसी ही हरकत की है। उसने डॉक्टर प्रीति रेड्डी के बलात्कार के आरोपित मोहम्मद आरिफ की माँ से बातचीत कर रिपोर्ट प्रकाशित की।

साइबराबाद में हुई इस घटना के बाद पूरे देश का जनाक्रोश शबाब पर है। डॉक्टर रेड्डी के साथ गैंगरेप के बाद उन्हें मार डाला गया था। यहाँ तक कि मरने के बाद भी पीड़िता के साथ रेप किया गया। उसके बाद लाश पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दिया। मोहम्मद आरिफ इस मामले का मुख्य आरोपित है। ‘द क्विंट’ ने उसकी माँ से बात कर के बताया कि डॉक्टर रेड्डी की हत्या करने के बाद जब वह घर पहुँचा तो कितना डरा हुआ था और उसने अपनी माँ को बताया था कि उसने किसी का ख़ून कर दिया है।

मोहम्मद आरिफ ने बलात्कार के बाद डॉक्टर रेड्डी का नाक और मुँह दबा कर उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद डेड बॉडी पर पेट्रोल डालने का काम भी उसने ही किया था। जबकि घर में उसने बताया कि उसकी लॉरी की ठोकर से एक महिला मारी गई। ‘द क्विंट’ ने बताया है कि कैसे उसकी माँ को अपने बेटे की याद आ रही है। आरिफ फ़िलहाल 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में है। क्विंट ने मोहम्मद आरिफ के पिता को भी ‘बेचारा’ बताते हुए उनकी फोटो दिखाई। रिपोर्ट में बताया गया कि वो लॉरी से गिर जाने के कारण अब काम नहीं कर पाते और आरिफ अपने घर में एकलौता कमाने वाला था।

मोहम्मद आरिफ के परिवार के इंटरव्यू लेने पहुँचा ‘द क्विंट’

‘द क्विंट’ ने मोहम्मद आरिफ के कमरे की फोटो और उसके बिस्तर की फोटो दिखा कर यह बताने की कोशिश की कि वह कितना ग़रीब है और उसका परिवार निर्धन है। यह बताया कि कैसे उसने काफ़ी मेहनत कर के रुपए कमाए थे और अपनी माँ का ऑपरेशन करवाया था। जहाँ पूरा देश डॉक्टर रेड्डी के साथ हुई जघन्यता के लिए इंसाफ की माँग कर रहा है, ‘द क्विंट’ इस बात को लेकर चिंतित है कि अब उसके जेल जाने के बाद मुख्य अभियुक्त आरिफ के परिवार का गुजारा कैसे होगा?

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‘द क्विंट’ ने मोहम्मद आरिफ को बेचारा साबित करने के प्रयास में आगे बताया कि वो 10वीं तक ही पढ़ाई कर सका था क्योंकि उसे पैसे कमा कर परिवार का भरण-पोषण करना था। ‘द क्विंट’ का दावा है कि उस इलाक़े के सभी मुस्लिम भी मोहम्मद आरिफ के परिवार को लेकर चिंतित हैं। मीडिया पोर्टल्स ने अब आतंकियों को वाइटवाश करने के बाद बलात्कारियों का भी बीड़ा उठा लिया है।

नचनिया, रंगा-बिल्ला के आगे मुजरा करने वाली… स्मृति ईरानी पर कॉन्ग्रेस समर्थक का आपत्तिजनक कमेंट

हैदराबाद में डॉ. प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) के साथ हुए जघन्य बलात्कार और हत्या से देश भर में आक्रोश का माहौल है। लोग सड़क से सोशल मीडिया तक आरोपितों को कठोर सजा देने की माँग कर रहे हैं। इन सबके बीच एक शख्स ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर आपत्तिजनक कमेंट कर दिया।

जीजी उपाध्याय नाम के ट्विटर यूजर ने स्मृति ईरानी के ऊपर अभद्र कमेंट करते हुए उन्हें महिलाओं से नफरत करने वाली करार दिया है। दरअसल, स्मृति ईरानी ने सोमवार (2 दिसंबर, 2019) की सुबह बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी को ट्वीट कर जन्मदिन की बधाई दी। स्मृति ईरानी के इस ट्वीट पर जीजी उपाध्याय ने आपत्तिजनक कमेंट किया। उसने कमेंट करते हुए लिखा, “अबे नचनिया रंगा-बिल्ला के आगे मुजरा करने वाली। …रेड्डी के लिए सांत्वना के 2 शब्द भी बोल दे।”


जीजी उपाध्याय द्वारा स्मृति ईरानी पर किया गया कमेंट

उल्लेखनीय है कि रंगा और बिल्ला 1978 में नई दिल्ली में दो बच्चों गीता और संजय चोपड़ा की हत्या कर दी थी। गीता की हत्या करने से पहले उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया था। हालाँकि फोरेंसिक सबूतों से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के वकील और कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल द्वारा हाईकोर्ट द्वारा चिदंबरम की जमानत खारिज किए जाने के बाद बहस के दौरान भी इन दोनों की चर्चा हुई थी।

इसके बाद से कई कॉन्ग्रेस समर्थकों ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को ‘रंगा और बिल्ला’ कहना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की तुलना उन दुर्दांत अपराधियों से कर रहे हैं, जिन्होंने दो बच्चों की हत्या की और शायद उससे पहले उनका बलात्कार भी किया।

स्मृति ईरानी द्वारा जीजी उपाध्याय के ट्वीट का दिया गया जवाब

बता दें कि उपाध्याय ने अपने ट्विटर बॉयो में खुद को ‘कट्टर कॉन्ग्रेसी’ बताया है। इसको लेकर भी बहुत से यूजर्स ने कमेंट किया और कॉन्ग्रेस पार्टी की आलोचना की। स्मृति ईरानी ने उसके ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “देश भर की महिलाओं को इस तरह के शब्दों का सामना रोज करना पड़ता है। मुझे तो अब आदत पड़ गई है। सवाल ये है कि इस समस्या से निपटा कैसे जाए।” इसके बाद उपाध्याय ने बिना माफी माँगे अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

देवेंद्र फडणवीस ने BJP सांसद के ₹40,000 करोड़ केंद्र को लौटाने के दावे को किया ख़ारिज

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े के इस दावे का खंडन किया है जिसमें उन्होंने राज्य के सीएम के रूप में अपने 4 दिन के कार्यकाल के दौरान केंद्र को 40,000 करोड़ रुपए वापस किए थे। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने ऐसा कोई बड़ा फ़ैसला नहीं लिया

इससे पहले अनंत कुमार हेगड़े ने एक सनसनीखेज दावा किया था कि देवेंद्र फडणवीस ने बहुमत न होने के बावजूद सीएम के रूप में शपथ ली ताकि 40,000 करोड़ रुपए का फंड केंद्र सरकार को हस्तांतरित किया जा सके, जिसका मक़सद उस धन को अगली सरकार (शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस) द्वारा उसके दुरुपयोग से बचाना था। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव के बाद एक महीने तक महाराष्ट्र में चले राजनीतिक ड्रामे को एक नया मोड़ देते हुए हेगड़े ने कहा था, “आप सभी जानते हैं कि हाल ही में महाराष्ट्र में सिर्फ़ 80 घंटे के लिए हमारे नेता मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन जल्द ही फडणवीस ने इस्तीफ़ा दे दिया। हमें यह नाटक क्यों करना पड़ा? क्या हमें पता नहीं है- यह जानने के बावजूद कि हमारे पास बहुमत नहीं था, वह सीएम क्यों बने? यह एक आम सवाल है जो हर एक ज़ुबान पर है।”

इसके बाद आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा, “लगभग 40,000 करोड़ रुपए से अधिक रुपया सीएम के नियंत्रण में था। यदि एनसीपी, कॉन्ग्रेस और शिवसेना निश्चित रूप से सत्ता में आए तो 40,000 करोड़ रुपए विकास कार्यों के नाम पर दुरुपयोग के लिए नहीं दिए जाएँगे। यह पूरी तरह से पहले से ही योजनाबद्ध था। एक बार जब हमें पता चला, तो यह निर्णय लिया गया कि एक बड़ा नाटक आवश्यक है। इसलिए, समायोजन किया गया था और शपथ ली गई थी, शपथ के बाद 15 घंटे के भीतर फड़नवीस ने व्यवस्थित रूप से यह सुनिश्चित किया कि धन जहाँ पहुँचाना था उसे वहाँ सुरक्षित कर दिया गया।” इसके आगे उन्होंने कहा, “अगर इसे यहाँ रखा गया होता, तो आप समझ सकते हैं कि अगला मुख्यमंत्री क्या कर सकता था।”

हेगड़े ने शनिवार को कर्नाटक के येलापुर में उपचुनाव के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियाँ की थी। लेकिन, आज देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय मीडिया द्वारा इसकी सूचना दिए जाने के बाद इस दावे को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया।

फडणवीस ने कहा, “ऐसी कोई बात नहीं हुई। ये पूरी तरह से झूठे दावे हैं। जब मैं पद पर था, मैंने कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया। इस तरह की कोई बात नहीं हुई थी। सरकार का वित्त विभाग ऐसे दावों की जाँच कर सकता है।” उन्होंने कहा कि जो लोग राज्य और केंद्र सरकारों की लेखा प्रणालियों को समझते हैं, वे समझ जाएँगे कि इस तरह से धन का हस्तांतरण नहीं हो सकता।

₹50 लाख के लिए मोइन ने नाबालिग भाई को किया अगवा, मददगार अयाज और मुबारक भी गिरफ्तार

बेंगलुरु पुलिस ने रविवार को एक 32 वर्षीय शख़्स को अपने 13 वर्षीय भाई का अपहरण करने और 50 लाख रुपए की फ़िरौती माँगने के आरोप में गिरफ़्तार किया। पुलिस ने फ़िरौती की कॉल के 12 घंटे के भीतर ही नाबालिग लड़के को अपहरणकर्ता के चंगुल से बचाकर मोइन ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया।

ख़बर के अनुसार, मोइन ख़ान कथित रूप से अपने पिता और चाचा से परेशान था, क्योंकि वो उसे अपने पारिवारिक रेस्तरां को चलाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। इसके बाद उसने फ़िरौती की रक़म से अपना ख़ुद का रेस्तरां खोलने के बारे में विचार किया।  

पुलिस ने मोइन ख़ान के अलावा अपहरण में उसकी मदद करने वाले दो ऑटोरिक्शा चालकों, अयाज़ (35 वर्षीय) और मुबारक (30 वर्षीय) को भी गिरफ़्तार किया है। बचाया गया लड़का मोइन के चाचा जावेद अली का बेटा है।

शनिवार (30 नवंबर) को दोपहर करीब 2.30 बजे मोइन के कहने पर अयाज़ और मुबारक कार लेकर उस गली में पहुँचे जहाँ जावेद अली का घर था। घर के बाहर खेल रहे उनके बेटे से दोनों ने उसके रेस्तरां का रास्ता पूछा। रेस्तरां ले जाने के लिए जावेद का बेटा उनकी गाड़ी में बैठ गया और उसे अयाज़ और मुबारक अगवा कर ले गए।

इसके बाद अयाज़ और मुबारक ने जावेद अली को फोन कर बताया कि उनके बेटे का अपहरण कर लिया गया है और उसे छोड़ने के एवज़ में उनसे 50 लाख रुपए की फ़िरौती माँगी। पुलिस का कहना है कि जावेद अली ने शुरू में फोन कॉल को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन, फोन कॉल के कुछ मिनट बाद जावेद को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला, जिसमें उनके बेटे की तस्वीर और फ़िरौती की माँग की गई थी। संदेश में जावेद को 12 घंटे के भीतर फ़िरौती की रकम देने को कहा गया।

बेबस जावेद मदद के लिए मोइन खान के पास पहुँचा और दोनों ने बनासवाड़ी पुलिस स्टेशन में जाकर शिक़ायत दर्ज कराई। बनासवाड़ी पुलिस ने बताया, “आरोपित जाँच को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। हमें उस पर संदेह न हो जाए इसलिए वो हमें गुमराह करता रहा।”

बनासवाड़ी पुलिस ने एसीपी रवि प्रसाद के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया और जावेद का कॉल रिकॉर्ड खँगाला। जिस नंबर से फिरौती की रकम माँगी गई थी उसका भी रिकॉर्ड निकाला गया। इससे पता चला कि वे
मोइन के संपर्क में थे।

बनासवाड़ी पुलिस ने तुरंत मोइन ख़ान को हिरासत में ले लिया और संदेह के आधार पर उससे पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान उसने क़बूल कर लिया कि उसी ने अपहरण की साज़िश रची थी। इसके बाद शाम 5.30 बजे तक मोइन ने पुलिस को लड़के की लोकेशन बता दी। बनासवाड़ी पुलिस केजी हल्ली में घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ लड़के को रखा गया था। मुबारक ने पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की गोली लगने से वह जख्मी हो गया।

मोइन ने तीन लाख रुपए देने का वादा अयाज और मुबारक से किया था। फिरौती के पैसे से मोइन ने खुद का रेस्तरां शुरू करने की योजना बनाई थी। मोइन, अयाज़ और मुबारक पर आईपीसी की धारा-359 (अपहरण), 186 (एक लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकना) और 34 (आम इरादे) के तहत मामला दर्ज किया गया है।