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अंजू ने प्रेमी अकबर और दोस्त अलाउद्दीन के साथ मिल कर पति को मार डाला, पत्थर से कुचला सिर

जयपुर-दिल्ली हाइवे पर पूरन चंद ग्रोयर नामक 35 वर्षीय व्यक्ति की लाश मिली। कब मिली – शनिवार (अक्टूबर 26, 2019) की सुबह को। कैसी अवस्था में मिली: क्षत-विक्षत अवस्था में। लाश के सिर को किसी भारी पत्थर से कुचल डाला गया था ताकि पहचानने में मुश्किल हो। संभर के रहने वाले ग्रोयर की हत्या तब की गई, जब वह अपने ससुराल वालों से मिलने पहुँचे थे। चंदवाजी पुलिस स्टेशन ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इस मामले में ग्रोयर की पत्नी अंजू, उसके प्रेमी अकबर और उसके दोस्त अलाउद्दीन को गिरफ़्तार किया है।

शुक्रवार की रात से ही ग्रोयर के गायब होने के बाद उनकी तलाश जारी थी। अगले ही दिन अचरौल में दिल्ली-जयपुर हाइवे के पास एक जीर्ण-शीर्ण इमारत में उनकी लाश मिली। अंजू और अकबर पारिवारिक दोस्त थे लेकिन बाद में दोनों प्रेमी हो गए। शुक्रवार की रात अकबर और उसके दो दोस्त मिल कर ग्रोयर को शराब पीने के लिए अपने साथ अचरौल ले गए। पुलिस ने बताया कि जब ग्रोयर शराब के नशे में धुत हो गया, तब अकबर और अलाउद्दीन ने मिल कर भारी पत्थर से उनका सिर कुचल डाला और हत्या कर दी

पुलिस ने शक की आधार पर ग्रोयर की 30 वर्षीय पत्नी अंजू को हिरासत में लिया, जिसके बाद पता चला कि उसी ने अपने दोस्तों के मिल कर इस पूरे षड्यंत्र को रचा था। अंजू ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। इस मामले में 2 अन्य आरोपितों की तलाश जारी है, जो फ़िलहाल फरार हैं। अंजू जयपुर के संभर की निवासी है और पेशे से मजदूर है। अकबर और अलउद्दीन जयपुर शहर के निवासी हैं।

जब ग्रोयर की लाश मिली, तब आसपास काफ़ी सारा ख़ून फैला हुआ था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद बताया कि पहले तो उन पर किसी धारदार हथियार से वार किया गया और फिर भारी पत्थर से उनका सिर कुचल डाला गया। पुलिस को पहले से ही शक था कि मृतक के किसी जान-पहचान के आदमी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।

ISIS कहेगा तो मानेंगे मर गया बगदादी: पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक

ISIS के सरगना अल बगदादी की मौत पर पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और सीनेटर रहमान मलिक ने सवाल उठाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुष्टि के बावजूद मलिक ने कहा है कि उन्हें इस दावे पर संदेह है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वे इस खबर पर तब तक यकीन नहीं करेंगे जब तक खुद ISIS इसकी पुष्टि नहीं कर देता।

मलिक ने ट्वीट किया, “बगदादी की मौत की खबर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दी जा चुकी है। लेकिन मैंने अभी तक ISIS की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं सुनी। मैं खुश हूँ। अगर वो मर गया है।…बड़ी विडंबना वाली स्थिति है सीरिया में जहाँ राजनैतिक हितों को बचाने की कीमत आम जनों को अपने खून से चुकानी पड़ती है। हम देखते हैं कि वो मरा है या नहीं।”

गौरतलब है कि ट्रंप ने व्हॉइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साफ किया था कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई में बगदादी रोते-बिलखते हुए मारा गया। उस सुरंग की तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हो गई जहाँ बगदादी ने खुद को उड़ाया था।

इसके बावजूद भी मलिक को भरोसा नहीं हो रहा। वे अब भी इस बात पर खुशी मनाने के लिए ISIS की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों ने जमकर सुनाया है। लोगों ने पाकिस्तान को आतंक का एक्सपर्ट बताते हुए कहा कि लादेन भी वहीं रह रहा था, हो सकता है बगदादी भी पाकिस्तान में ही छिपा हो।

लोग रहमान मलिक को रेल मंत्री शेख राशीद के बाद पाकिस्तान का सबसे बड़ा कार्टून बता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि हाफिज सईद और मसूद अजहर का क्या हुआ? वो तो पाकिस्तान में अब भी सुरक्षित हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जब कोई सुनता है कि उसका करीबी मरा है तो उसे पहली बार में यकीन नहीं होता, वो बार-बार उसके बारे में जानना चाहता हैं। यही कारण है कि मलिक चाहते हैं कि ISIS इसकी पुष्टि करे।

कुछ लोगों ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है, “अगर बगदादी जिंदा है, तो वो जरूर पाकिस्तान में ही होगा। क्योंकि पाकिस्तान ही सबसे सुरक्षित जगह हैं आतंकियों के लिए। इसलिए यूएस को एक स्ट्राइक पाकिस्तान पर भी करनी चाहिए।”

बता दें कि ये पहली बार नहीं जब पाकिस्तानी सीनेटर रहमान मलिक ने लोगों को अपनी कम बुद्धि का परिचय दिया हो। इससे पहले भी एक फेक ट्विटर अकॉउंट पर चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर को सच मानकर वे फजीहत बटोर चुके हैं। इस ट्वीट में कहा गया था कि पीएम मोदी का विरोध करने पर चिदंबरम को जेल जाना पड़ा।

‘आर्टिकल 370 पर इंडिया के फ़ैसले का स्वागत’ – यूरोपियन पैनल से PM मोदी ने कहा – आतंक पर Zero Tolerance

यूरोपियन संसद का 28 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पैनल दिल्ली आया हुआ है। इसके बाद ये पैनल जम्मू कश्मीर का दौरा कर वहाँ के स्थानीय लोगों से मुलाक़ात करेगा। इस पहल से भारत विश्व समुदाय को यह दिखाएगा कि राज्य में सब कुछ ठीक-ठाक है और पाकिस्तान आतंकियों के साथ मिल कर सिर्फ़ भ्रम फैला रहा है। यूरोपियन पार्लियामेंट के पैनल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाक़ात की।

पीएम मोदी ने यूरोपियन पैनल को “आतंकवाद के प्रति कोई रहम नहीं, कोई समझौता नहीं” के भारतीय पक्ष से अवगत कराया है। इसके अलावा उन्होंने भारत और यूरोप के रिश्तों की महत्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों ही क्षेत्रों के साझा हित और लोकतंत्र के प्रति समान भावना पर ही भारत-यूरोप का सम्बन्ध आधारित है।

इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने यूरोपियन पैनल में शामिल लोगों से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि 28 सदस्यीय पैनल के सभी सदस्य जम्मू कश्मीर में भारत द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का स्वागत करते हैं। इराक और फिलिस्तीन से ग्राउंड रिपोर्ट कर चुके आदित्य राज कौल राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी कूटनीति मामलों के जानकर हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि यूरोपियन पैनल जम्मू कश्मीर में लोगों से संवाद करने को लेकर उत्साहित है।

इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी यूरोपियन पैनल से मुलाक़ात की। उन्होंने जम्मू कश्मीर के ताज़ा हालात और इस सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से उन्हें अवगत कराया। पैनल ने कुछ कश्मीरी पत्रकारों और सम्पादकों के अलावा अन्य राजनेताओं से भी मुलाक़ात की। हालाँकि, इस सम्बन्ध में कुछ लोगों का ये भी पूछना है कि भारत को यूरोपियन पैनल के दौरे से क्या मिलेगा? उधर पाकिस्तान ने भी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाक अधिकृत कश्मीर का दौरा करा कर दिखाया था कि कैसे ‘भारतीय सेना की कार्रवाई से नुकसान हुआ है।’

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह समझाने में लगा है कि इससे कश्मीरियों को फायदा होगा। यही कारण है कि सभी वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान अलग-थलग नज़र आया। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से लेकर एफएटीएफ तक, पाकिस्तान को हर जगह निराश होना पड़ा। यहाँ तक कि अमेरिका में वहाँ के राष्ट्रपति के सामने जब पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 का जिक्र किया तो 60,000 लोगों ने इस क़दम का ताली बजा कर स्वागत किया। ट्रम्प ने इमरान ख़ान के साथ बातचीत के दौरान इसका जिक्र किया।

J&K: किश्तवाड़ा में बचे अब केवल 3 आतंकी, सूचना देने पर मिलेंगे ₹30 लाख

हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकियों की पुलिस तलाश कर रही है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ा जिला पुलिस ने इनकी सूचना देने वाले को 30 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया। ये आतंकी हैं- मोहम्मद अमीन बट, रियाज अहमद और मुदस्सिर हुसैन। अमीन पर 15 लाख और रियाज तथा मुदस्सिर पर 7.5 7.5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।

तीनों कई आतंकवादी हमलों में शामिल रहे हैं। तीनों हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करते हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार किश्तवाड़ा के एसएसपी डॉ हरमीत सिंह मेहता ने बताया कि तीनों आतंकियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 30 लाख का इनाम घोषित किया गया है। इसमें अमीन बट उर्फ जहाँगीर सरूरी पर 15 लाख और रियाज अहमद और मुदस्सर पर साढ़े सात-साढ़े सात लाख का इनाम रखा गया है।

बताया जा रहा है कि किश्तवाड़ा जिले में अब केवल तीन आतंकी शेष हैं। इसी प्रकार डोडा में भी हरुन वानी ही सक्रिय बताया जा रहा है। डोडा जिला पुलिस पहले ही उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर चुकी है।

UK की फ्लाइट पर ‘इक ओंकार’ की पेंटिंग, पहली बार हुआ ऐसा: सिखों ने PM मोदी को कहा- थैंक्यू

गुरू नानक देव जी की 550वीं जयंती के अवसर पर सिखों के बीच उत्साह का माहौल है और करतारपुर कॉरिडोर खुलने से उनकी ख़ुशी दोगुनी हो गई है। इधर एयर इंडिया ने भी गुरूपर्व के सम्मान में अपनी फ्लाइट पर पवित्र ‘इक ओंकार’ का निशान बनाया। ये पहली बार है जब किसी भारतीय वायुयान कम्पनी ने सिखों के लिए इस तरह का कुछ किया हो। सिखों की धार्मिक विचारधारा का मूल तत्व ‘इक ओंकार’ को ही माना जाता है। बोइंग 787 फ्लाइट पर ये पवित्र प्रतीक बनाया गया

ये एयरक्राफ्ट गुरुवार (अक्टूबर 31, 2019) को सुबह 3 बजे अमृतसर से यूनाइटेड किंगडम के स्टैंस्टेड के लिए उड़ान भरेगा। सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर एयर इंडिया मुंबई-अमृतसर-स्टैंस्टेड रुट पर सप्ताह में 3 बार उड़ान भरेगा। ये उड़ान सेवा सोमवार, गुरुवार और शनिवार को उपलब्ध होगी।

अमृतसर-स्टैंस्टेड फ्लाइट से उन सिखों को सुविधा मिलेगी, जो गुरू नानक की जयंती के अवसर पर पंजाब आना चाहते हैं। फ्लाइट में सिखों के लिए स्पेशल पंजाबी खाने का भी बंदोबस्त किया गया है। 256 सीट वाले इस एयरक्राफ्ट में इन सुविधाओं को दिए जाने के बाद सिखों ने मोदी सरकार और एयर इंडिया को धन्यवाद दिया। तेजिंदर बग्गा और मनजिंदर सिरसा जैसे सिख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। वहीं एयर इंडिया सिखों के लिए इस अवसर पर कई अन्य व्यवस्थाएँ भी कर रहा है।

बिहार की राजधानी में स्थित पटना साहिब गुरुद्वारा का भी अपना एक अलग महत्व है। सिखों के अंतिम गुरु व महान योद्धा गुरू गोविन्द सिंह की जन्मस्थली यहीं है। यही कारण है कि 27 अक्टूबर को एयर इंडिया ने अमृतसर और पटना के बीच डायरेक्ट उड़ान सेवा उब्लब्ध कराने का फ़ैसला लिया है। गुरुपर्व के अवसर पर पटना साहिब में भी काफ़ी तैयारियाँ की जा रही हैं और इसके लिए देश-विदेश से अतिथिगण बुलाए गए हैं।

3 महीने में ही कॉन्ग्रेस के लिए सांप्रदायिक हुए कुमारस्वामी, सिद्धारमैया ने कहा- पूर्व सीएम का असली रंग सामने आया

ज्यादा वक्त नहीं बीता है जब कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर भी जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक में अपनी सरकार नहीं बचा पाए थे। सरकार बचाने के लिए उस समय तमाम हथकंडे अपनाए गए थे। अब पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि वे राज्य की भाजपा सरकार को गिरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की अगुवाई वाली सरकार को गिरने नहीं दूँगा। कॉन्ग्रेस की मध्यावधि चुनाव कराने की मंशा को पूरा नहीं होने दूँगा।”

पत्रकारों से बात करते कुमारस्वामी यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार का कार्यकाल मेरे हाथों में है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राज्य में बाढ़ के चलते हालत खराब है। राज्य सरकार जो धनराशि दे रही है उसका आवंटन बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास के लिए किया जाना चाहिए। जिन किसानों की फसल बाढ़ में तबाह हो गई है उन्हें मुआवजा दिया जाए और बेघरों को आवास मुहैया कराया जाए।

कुमारस्वामी ने कहा कि इस समय राज्य में मध्यावधि चुनाव कराने के लिए 250 करोड़ रुपए से अधिक की जरूरत होगी। इस पैसे के इस्तेमाल प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जा सकता है। उनका कहना है कि राज्य में फिर से चुनाव कराए जाने का यह सही समय नहीं है। भाजपा सरकार कुछ माह पहले ही सत्ता में आई है, उसे काम करने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए।

हालाँकि कुमारस्वामी का यह बयान कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को रास नहीं आया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के प्रति समर्पण का भाव दिखा कर जेडीएस नेता सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुमारस्वामी पहले भी सांप्रदायिक भाजपा के समर्थन से सरकार बना चुके हैं। इसलिए मुझे उनके बयान से कोई आश्चर्य नहीं हो रहा है। जेडीएस नेता का असली रंग फिर सामने आ गया।”

सिद्धारमैया ने कहा, “मैंने राज्य में भाजपा सरकार को गिराने की कसम नहीं खाई थी, बल्कि विधानसभा उपचुनावों में भगवा पार्टी की हार के साथ भाजपा सरकार के गिरने का अनुमान जताया था।” गौरतलब है कि मई 2018 में हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से दूर रह गई थी। उसे रोकने के लिए कॉन्ग्रेस ने जेडीएस से हाथ मिला लिया था। लेकिन जुलाई के अंत में दोनों दलों के विधायकों की बगावत के कारण यह सरकार गिर गई थी।

दिवाली के दिन पटाखे फोड़ने पर अमरेश की मॉब लिंचिंग, ओडिशा से 20 आरोपित फरार

ओडिशा से एक चौंकाने वाली ख़बर आई है, जहाँ दिवाली के दिन एक व्यक्ति को सिर्फ़ इसीलिए मार डाला गया क्योंकि उसने पटाखे उड़ाए थे। राजधानी भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा स्थित बीडीए कॉलोनी में अमरेश नायक नामक व्यक्ति की अज्ञात भीड़ ने मॉब लिंचिंग कर दी। अमरेश अपने दोस्तों के साथ रविवार (अक्टूबर 27, 2019) को पटाखे जला रहे थे, तभी कुछ अज्ञात लोग पहुँचे और उन्हें मार डाला। पहले संदिग्ध लोगों ने अमरेश व उनके दोस्तों को पटाखे चलाने से मना किया और बाद में तलवार लेकर उन पर टूट पड़े।

भीड़ में क़रीब 20 सदिग्ध लोग शामिल थे, जिन्होंने पटाखे उड़ाने से मना किया। जवाब में अमरेश व उनके दोस्तों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद भीड़ ने अमरेश पर तलवार से वार किया। उन्हें गंभीर रूप से घायल देख दोस्तों ने अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें मृत ही लाया गया है। डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित करने के बाद इलाक़े में तनाव पसर गया। अब तक सभी आरोपितों की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है लेकिन आरोपित अभी भी क़ानून की पहुँच से बाहर हैं। अमरेश के दोस्तों ने बताया कि आरोपितों के पास बंदूकें व अन्य खतरनाक हथियार भी थे। उनमें से एक ने अमरेश के दोस्त की कनपट्टी पर बन्दूक रखा और अन्य ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। दोस्तों ने अमरेश के घर में जाकर इसकी सूचना दी लेकिन तब तक देर हो चुकी है। यह भी पता चला है कि ये दोनों समूह एक-दूसरे के विरोधी थे।

तिलक लगाने पर शाहरुख खान को कट्टरपंथियों ने बताया ‘ग़लत मुस्लिम’

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख ख़ान ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों को परिवार समेत दिवाली की शुभकामनाएँ देते हुए ट्वीट किया, “सभी को हैप्पी दिवाली। आपका जीवन उज्ज्वल और खुशहाल रहे। दिवाली की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने अपने परिवार के साथ तिलक लगाए हुए एक तस्वीर भी शेयर की। इस तस्वीर में उनका बेटा अबराम और पत्नी गौरी की एक तस्वीर थी। लेकिन, यह तस्वीर कट्टर इस्लामियों को एक आँख ना भाई और उन्होंने तिलक लगी इस तस्वीर का मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया।

शाहरुख द्वारा शेयर की इस तस्वीर को अपलोड किए कुछ वक़्त ही गुज़रा था कि एक यूज़र ने उन्हें “झूठा मुस्लिम (मुनाफिक)” कहा और उन्हें ईद की शुभकामनाएँ दीं। हैरानी इस बात पर होती है कि हिन्दू त्यौहार के लिए नफ़रत इतनी प्रबल है कि दिवाली की शुभकामना देने वाले ने शाहरुख ख़ान को उस ट्विटर यूज़र ने एक झूठा मुस्लिम तक करार दिया।

एक अन्य ट्विटर यूज़र ने शाहरुख ख़ान के माथे पर तिलक लगी तस्वीर का उल्लेख करते हुए लिखा कि यह शर्म की बात है कि मुस्लिम होने के बावजूद, शाहरुख एक हिन्दू के कर्तव्यों को पूरा कर रहे हैं।

फेसबुक पर भी उनके पोस्ट पर इसी तरह की प्रतिक्रियाएँ मिलीं। एक फेसबुक यूजर फ़ैयाज़ अफ़रीदी ने SRK द्वारा पोस्ट की गई दिवाली की बधाई की निंदा करते हुए उन्हें मुस्लिम होने के कारण दिवाली मनाने पर शर्म करने के लिए कहा। 

एक अन्य फेसबुक यूजर ने SRK की आलोचना करते हुए कहा कि यह उनके लिए “½ किलोमुस्लिम” जैसी अभद्र टिप्पणी की।

ऐसा पहली बार नहीं है कि शाहरुख ख़ान इस्लामिक कट्टरपंथियों की के निशाने पर आए हों। एक महीने पहले, रबीद इस्लामी कट्टरपंथियों ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर शाहरुख ख़ान की मुस्लिम पहचान पर सवाल उठाया था। पिछले साल भी उन्हें इस्लामवादियों द्वारा निशाना बनाया गया था, जब उन्होंने अपने बेटे की गणेश पूजा मनाते हुए एक तस्वीर ट्वीट की थी, कट्टरपंथियों ने इसे ‘पाप’ कहा था और उनकी निंदा की थी।

मुंबई से भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जिसमें एक अभिनेता के रूप में फ़िल्म उद्योग से जुड़े मुंबई के मलाड पश्चिम के रहने वाले विश्व भानू ने फेसबुक पर अपने मुस्लिम पड़ोसियों की असहिष्णुता के बारे में लिखा था। अपनी फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि दिवाली के मौक़े पर सोसायटी के लोग (मुस्लिम) उन्हें और उनकी पत्नी को घर में दीये जलाकर रोशनी करने और रंगोली बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। भानू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी सोसायटी के लोगों ने न सिर्फ उनके घर की लाइट्स को नष्ट किया बल्कि बाक़ी लगी लाइट्स को हटाने के लिए मजबूर भी किया।

वाशिंगटन पोस्ट ने आतंक के सरगना बगदादी का किया गुणगान, लोगों का फूटा गुस्सा तो बदली हेडिंग

इस्लामिक स्टेट का खूॅंखार सरगना अबु बकर अल-बगदादी मारा गया तो पूरी दुनिया ने राहत की सॉंस ली। इसे
दुनिया भर के नेता आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ बता रहे। लेकिन, वाशिंगटन पोस्ट ने उसकी शान में कसीदें पढ़े। अपनी एक ख़बर की हेडलाइन में वाशिंगटन पोस्ट ने बगदादी को ‘धार्मिक विद्वान’ बताया। मानो बगदादी की पहचान आतंक के लिए न होकर धार्मिक स्कॉलर की रही हो।



खूंखार आतंंकवादी अबू बक्र अल-बगदादी के संदर्भ में वाशिंगटन पोस्ट की हेडलाइन

वाशिंगटन पोस्ट ने किस नीयत से हेडलाइन में यह खेल किया, यह वह ही जानें। लेकिन, लोगों को उसका ऐसा करना नहीं भाया। लोगों की नाराजगी को देख आनन-फानन में उसने हेडिंग बदली, जिसमें पहले बगदादी को आतंक का मुखिया और फिर आतंकी सरगना बताया गया।


खूंखार आतंंकवादी अबू बक्र अल-बगदादी के संदर्भ में वाशिंगटन पोस्ट ने बदली हेडलाइन

वाशिंगटन पोस्ट के वीपी कम्युनिकेशन्स, क्रिस्टीन कोरैटी केली ने ट्विटर कर कहा, “हमने समय रहते हेडलाइन बदल दी। इस तरह की हेडलाइन नहीं जानी चाहिए थी।” लेकिन, सोशल मीडिया में तब तक वाशिंगटन पोस्ट की धार्मिक स्कॉलर वाली हेडलाइन ट्रोल हो चुकी थी।

हेडलाइन को लेकर आपत्ति जताने में नेटिज़ेंस ने ज़रा भी देर नहीं लगाई। उन्होंने पूछा कि लाखों मासूमों की मौत के जिम्मेदार को वाशिंगटन पोस्ट ने कैसे पाक-साफ़ बताने की कोशिश की।

वाशिंगटन पोस्ट की ख़बर की हेडिंग का सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया और यूज़र्स ने इसका मज़ाक भी उड़ाना शुरू कर दिया। इसके लिए यूज़र्स ने हैशटैग #WaPoDeathNotices का उपयोग करना शुरू कर दिया।

बता दें कि आइएस सरगना से सहानुभूति दिखाने वाला वाशिंगटन पोस्ट अकेला नहीं है। ब्लूमबर्ग ने भी बगदादी का महिमामंडन किया है। उसके मुताबिक, “बगदादी छोटे से गॉंव से आया ऐसा शख्स था जिसने कई बाधाओं को पार कर मुकाम हासिल किया।”

गौरतलब है कि बगदादी की मौत की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह कायर था और कुत्ते की मौत मारा गया। ट्रंप ने बताया कि शनिवार को स्पेशल फ़ोर्सेस के रेड (छापेमारी) के बाद बग़दादी ने पहले कायरों की तरह भागने की कोशिश की और आख़िर में एक सुरंग में जाकर ख़ुद को उड़ा लिया। धमाके में उसके तीन बच्चे भी मारे गए। धमाकों के बाद शरीर के चिथड़े उड़ गए। डीएनए टेस्ट से उसकी पहचान सुनिश्चित की गई।

कमलेश तिवारी मर्डर: रईस ने 72 कट्टरपंथियों का बनाया था ग्रुप, आसिम ने हत्यारे से पूछा था- तुमसे हो पाएगा?

कमलेश तिवारी हत्याकांड में हर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। खबरों के मुताबिक अभी हाल ही में दोनों हत्यारों का आमना-सामना नागपुर से गिरफ्तार किए गए आसिम से करवाया गया। उसे देखते ही अशफाक ने ‘हमने कर दिखाया’ बोलकर प्रतिक्रिया दी। यह भी पता चला रईस नाम के जिस शख्स ने दोनों कातिलों को अपने करीबी के घर पनाह दिलवाई और नेपाल पहुँचाने तक मदद की, उसने एक व्हॉट्सअप ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप से 72 कट्टरपंथी जुड़े थे। रईस को गिरफ्तार कर पुलिस उसके साथियों की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसियों ने अशफाक का आमना-सामना आसिम से करवाया। जहाँ दोनों ने एक-दूसरे को देखते ही पहचान लिया। अशफाक ने आसिम से कहा, “ये काम मैंने कर दिखाया।” रिपोर्ट के अनुसार हत्या से पहले जब अशफाक ने आसिम से संपर्क किया था, तो उसने पूछा था कि इसमें बहुत रिस्क है क्या तुमसे हो पाएगा?

बता दें कि पूरे हत्याकांड में आसिम की भूमिका हत्यारों की मदद करने के अलावा उन्हें भड़काने की भी थी। अभी तक की जाँच से पता चलता है कि जब हत्यारों ने कमलेश तिवारी को मारने का इरादा कर लिया था, उस समय आसिम ही उन्हें भड़का रहा था। हत्या के बाद जब आसिम से संपर्क किया गया तो उसने हत्यारों को शाबाशी देते हुए कहा अब सूरत पहुँचकर अपने साथ और लड़कों को जोड़ना। कहा जा रहा है आसिम फोन पर बातचीत के दौरान सिर्फ एक बात दोहरा रहा था कि कमलेश तिवारी की हत्या कोई गुनाह नहीं है।

लेकिन, जब आमना-सामना हुआ तो वह चुपचाप दोनों हत्यारों को देखता रहा, जबकि अशफाक और मोइनुद्दीन उससे कहते नजर आए कि उन्होंने गलत कर दिया। आसिम ने इस दौरान एटीएस के किसी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और न ही बताया कि उसने सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो क्यों अपलोड किए थे। अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या इन सबके पीछे कोई संगठन उसकी मदद कर रहा है, लेकिन वो फिर भी चुप रहा। उसने सिर्फ इतना कहा वीडियो में सारे विचार उसके निजी हैं और वह अपने साथ कई फॉलोवर्स जोड़ना चाहता था। हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके दफ्तर में हत्या कर दी गई थी।