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JNU: छात्रों के दुर्व्यवहार से बीमार हुए डीन, एम्बुलेंस के आगे खड़े हो हॉस्पिटल पहुँचने से रोका

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों ने आतंक मचाया। ये छात्र बड़ी संख्या आए थे, जिस कारण न सिर्फ़ डीन की तबियत ख़राब हो गई, बल्कि जब उन्हें हॉस्पिटल ले जाया जाने लगा, तो इन उत्पाती छात्रों ने उनके एंबुलेंस का रास्ता भी रोका। ख़ुद जेएनयू के वाईस चांसलर जगदीश कुमार ने 5 वीडियो ट्वीट कर इस पूरे मामले को सार्वजनिक किया।

इन पाँच वीडियो में आप देख सकते हैं कि जेएनयू के छात्रों के इस दुर्व्यवहार के कारण डीन की जान भी जा सकती थी और जिस तरह से उन्हें एम्बुलेंस में हॉस्पिटल जाने से रोका गया, उससे कुछ भी हो सकता था। आइए, जानते हैं कि छात्रों ने कैसे डीन के साथ दुर्व्यवहार किया।

जेएनयू के कन्वेशन सेंटर में सोमवार (अक्टूबर 28, 2019) को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (IHS) की बैठक प्रस्तावित थी। इसमें कई ऐसे छात्र भी पहुँच गए, जो आईएचए के सदस्य नहीं हैं और उन्होंने वहाँ हंगामा शुरू कर दिया। बैठक में सिर्फ़ आईएचए के सदस्यों को ही सम्मिलित होना था। इसके बाद कमिटी के सदस्यों ने उन हंगामेबाज छात्रों से आग्रह किया कि वो बाहर चले जाएँ और बैठक को शांतिपूर्वक चलने दें। इसके बाद बदमाश छात्रों ने तेज़ आवाज़ में नारेबाजी की। उनके द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार के कारण वहाँ उपस्थित प्रोफेसर उमेश कदम की तबियत अचानक से बिगड़ गई।

प्रोफ़ेसर क़दम जेएनयू के ‘डीन ऑफ स्टूडेंट्स’ हैं। छात्रों ने ऐसा हंगामा किया कि उनका ब्लड-प्रेशर अचानक से बहुत ज्यादा हो गया और उनकी तबियत ख़राब हो गई। प्रोफेसर कदम को जेएनयू के हेल्थ सेंटर में लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका इलाज करना प्रारम्भ किया। हालाँकि, छात्र वहाँ भी पहुँच गए और उन्होंने बीमार प्रोफसर को बंधक बना लिया। उनकी रीढ़ में चोटें आईं और उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में जाना था। हालाँकि, छात्रों के प्रदर्शन के कारण उन्हें ले जाना काफ़ी मुश्किल था।

जेएनयू के वीसी ने छात्रों की इस हरकत को निंदनीय और अशोभनीय बताया। उन्होंने बताया कि प्रोफ़ेसर कदम की पत्नी और छोटे बच्चे भी उस समय हेल्थ सेंटर में ही मौजूद थे, जब छात्र उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं ले जाने दे रहे थे। उनकी तबियत बिगड़ती ही जा रही थी और पत्नी लगातार तनाव में थीं। छात्र बाहर खड़े होकर किसी भी हालत में बीमार डीन को बाहर के हॉस्पिटल में जाने देने को तैयार नहीं थे।

वाईस चांसलर जगदीश कुमार ने वो वीडियो भी ट्वीट किया, जिसमें छात्र डीन प्रोफेसर उमेश कदम के एम्बुलेंस को रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं और उन्हें हेल्थ सेंटर नहीं पहुँचने दे रहे हैं। जेएनयू में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और वीसी लगातार ट्वीट कर मामले का अपडेट दे रहे हैं लेकिन अभी तक के हालात देख कर लग रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उद्दंड छात्रों के आगे लाचार ही नज़र आ रहा है।

कॉन्ग्रेसी CM भूपेश बघेल ने दनादन सहा चाबुक का वार, गायों की पूजा कर खिलाई खिचड़ी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर एक व्यक्ति ने जम कर कोड़े बरसाए। उनके हाथ पर जोर-जोर से कोड़ों की मार पड़ी। और हाँ, ये सब मुख्यमंत्री की मर्जी से हुआ। दरअसल, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता बघेल गौरी-पूजा के एक पारम्परिक कार्यक्रम में पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने इस स्थानीय रीति-रिवाज का अनुसरण किया। जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस नेता लगातार राफेल पर ॐ लिखने और राम मंदिर पर भाजपा नेताओं के स्टैंड का विरोध करते हैं, दूसरी तरफ उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा ऐसा करना चर्चा का विषय है। आप भी नीचे इस वीडियो में देख सकते हैं:

भूपेश बघेल ने अपने कुर्ते की बाँह मोड़ कर हाथ को नंगा किया, जिससे कोड़े सीधे उनके शरीर पर पड़ सकें। उसके बाद कोड़े मारने वाले आदमी ने दनादन कोड़े बरसाए। प्रक्रिया के ख़त्म होने के बाद उस व्यक्ति से सीएम को हाथ जोड़ कर उनसे माफ़ी भी माँगी। मान्यता है कि ऐसा करने से आफत दूर होती है, परेशानियों से राहत मिलती है और भविष्य अच्छा होता है। इसे ‘सोटा परंपरा’ कहते हैं, जिसमें बैगा जाति के व्यक्ति से ख़ुद को सोटे मरवाए जाते हैं।

ये कार्यक्रम दुर्ग जिले में गोवर्धन-पूजा के अवसर पर आयोजित किया गया था। यहाँ वर्षों से इस तरह की पूजा होती आ रही है। यह भी मान्यता है कि चाबुक का वार खाने वाले व्यक्ति के ऊपर देवता चढ़ते हैं। हालाँकि, इसे कई लोगों द्वारा अन्धविश्वास की संज्ञा भी दी जाती है लेकिन वहाँ के लोगों का मानना है कि इससे परिवार में खुशियाँ आती हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को गोवर्धन-पूजा और ‘गौरी तिहार’ की बधाई भी दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि धर्म और परम्पराएँ हमें आगे बढ़ने में मदद करती हैं।

इस अवसर पर रायपुर के सीएम हाउस में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री पारम्परिक पोषक में दिखे। वहाँ उन्होंने परिवार के साथ गायों को पूजा की। बघेल ने इस दौरान गायों को खिचड़ी खिला कर पूजा की परंपरा का पालन किया। सीएम हाउस में पूरे राज्य से पहुँचे लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पशुपालक शाकाल से लेकर महाकवि बुल्ला तक: ‘बगदादी प्रेम’ के बाद वाशिंगटन पोस्ट के नए कारनामे

वाशिंगटन पोस्ट ने आईएसआईएस के सरगना बगदादी के मारे जाने के बाद उसे कुछ इस तरह से पेश किया, जैसे वो बहुत बड़ा इस्लामिक विद्वान हो और उसने मानव-सेवा के लिए अभूतपूर्व कार्य किया हो। वाशिंगटन पोस्ट के इस कृत्य से जम्मू कश्मीर का आतंकियों को लड़ाकू बताने वाले एनडीटीवी भी दुःखी हुआ। हजारों क़त्ल का गुनहगार बगदादी के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि वो कायर कुत्ते की मौत मारा गया।

ट्रम्प के इस बयान को सोशल मीडिया पर ख़ूब शेयर किया गया। वाशिंगटन पोस्ट के इस ‘कारनामे’ को लेकर हमने उनके संपादक से बात की, यह जानने के लिए कि आतंकियों के हिमायती बनने के चक्कर में वह बॉलीवुड या हॉलीवुड के गुंडों और बलात्कारियों के मरने पर क्या हेडलाइंस देगा? बातचीत लंबी रही, दिलचस्प रही और हाँ… उन्होंने मेरे सभी सवालों के जवाब भी दिए। उनके जबाव उन्हीं के शब्दों में नीचे है, पढ़ा जाए।

बाहुबली के कालकेय के मारे जाने पर

बाहुबली के गुंडे कालकेय के मारे जाने पर वाशिंगटन पोस्ट लिख सकता है कि एक लोकप्रिय रैपर मारा गया, जो विश्व की विलुप्त होती भाषाओं का जानकर था और साथ ही अफ्रीकन लोगों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहा था। कालकेय के बारे में वाशिंगटन पोस्ट लिखेगा कि उसे उसके काले होने के कारण रेसिस्ट लोगों ने मार डाला।

कालकेय की भाषा, उसके बाल और उसके ‘रैप’ का मुरीद होता वाशिंगटन पोस्ट

हालाँकि, कालकेय के लिए वाशिंगटन पोस्ट ‘एक महान तांत्रिक’ का दर्जा भी दे सकता है। कालकेय को उसके ‘स्टाइलिश और यूनिक बालों’ के लिए वशिंगटन पोस्ट ने उसे सम्मानित भी कर सकता है।

मोगैम्बो के लिए वाशिंगटन पोस्ट की हैडलाइन

‘मोगैम्बो ख़ुश हुआ’ डायलाग के लिए लोकप्रिय विलेन मोगैम्बो अगर असलियत में होता तो वाशिंगटन पोस्ट उसे महान केमिकल इंजीनियर साबित करने में देर नहीं लगती। फिर उसका हैडलाइन कुछ इस तरह बनता- ‘अपने स्टाइलिश ड्रेस के लिए लोकप्रिय केमिकल इंजीनियर की मौत’।

महान वैज्ञानिक और व्यापारी मोगैम्बो

वाशिंगटन पोस्ट आगे लिखता कि नृत्य और गायिकी को बढ़ावा देने वाले कलाप्रेमी मोगाम्बो 75 वर्ष की उम्र में मारा गया। या फिर यूँ- ‘टेक्नोलॉजी का जानकर वैज्ञानिक मोगैम्बो अपने व्यापारिक हितों को पूरा करने में शहीद हुआ।’

ममगरमच्छ प्रेमी शाकाल

‘अजीब जानवर है, जितना भी खाता है- भूखा ही रहता है’- शान फ़िल्म का विलेन शाकाल अगर वास्तविकता में होता और मारा जाता तो वाशिंगटन पोस्ट उसे द्वीपसमूहों का रक्षक, मगरमच्छ पालन का परमपिता और टेक्नोलॉजी प्रेमी बताने में देरी नहीं करता। वाशिंगटन पोस्ट इस बात का भी जिक्र ज़रूर करता कि कैसे उसके दफ्तर और घर की डेकोरेशन गौरी ख़ान के इंटीरियर डिज़ाइन को धता बताती है।

पशुप्रेमी शाकाल

वाशिंगटन पोस्ट ये ज़रूर लिखता कि शाकाल को कुछ लोगों ने सिर्फ़ इसीलिए मार डाला क्योंकि वो उसके चमचमाते टकले से जलते थे। इसकी हैडलाइन कुछ यूँ बनती- ‘महान पर्यावरणविद, जानवरों का प्रेमी शाकाल और मगरमच्छों की भूख का ख्याल रखने वाला शाकाल मारा गया।’

गब्बर सिंह: शूटिंग चैंपियन और मेडलिस्ट

शोले के गब्बर के बिना गुंडों की कोई भी सूची अधूरी ही रहेगी। उसके मारे जाने पर वाशिंगटन पोस्ट की हैडलाइन में कहा जाता कि शूटिंग चैंपियन और नृत्य प्रेमी गब्बर के मारे जाने से होली का त्यौहार फीका पड़ गया। अहा! उसे माँस और बेली डांस से कितना प्रेम था! बच्चों को अच्छी नींद देने में वह कई माताओं की मदद कर चुका है। वाशिंगटन पोस्ट लिखता- ’48 वर्षीय गब्बर कई चोटों के कारण मारा गया।’

बच्चों को सुलाने में माँओं की मदद करने वाला गब्बर सिंह

वाशिंगटन पोस्ट लिखता- ‘सामंतवादी ठाकुर के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाला, ठाकुर के हाथ का प्रेमी और फोक डांस को बढ़ावा देने वाला गब्बर नहीं रहा। एक महान मार्क्सवादी और पहाड़ों के सामाजिक कार्यकर्ता को एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने मार डाला।’

आवाज़ का जादूगर डॉक्टर डैंग

वाशिंगटन पोस्ट की नज़र में डॉक्टर डैंग एक आवाज़ का वैज्ञानिक होता, जो गूँज की गूँज पर एक्सपेरिमेंट करने के चक्कर में मारा गया। वाशिंगटन पोस्ट कुछ यूँ लिखता- ‘दवाओं का महान जानकार और अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर डैंग को तीन मशहूर अपराधियों ने मार डाला।’

‘गूँज की गूँज’ एक्सपेरिमेंट करने वाला डॉक्टर डैंग

वाशिंगटन पोस्ट को डॉक्टर डैंग में रासायनिक पदार्थों का एक ऐसा विशेषज्ञ दिखता, जो दुनिया को बदलने के लिए लगातार एक्सपेरिमेंट्स कर रहा है। एक पूर्व सैन्य अधिकारी, जिसकी याद्दाश्त इतनी तेज थी कि वो कुछ भी भूलता नहीं था।

बुल्ला, जो हमेशा रखता था खुल्ला

बुल्ला का नाम तो सबने सुना होगा। ‘गुंडा’ के इस गुंडा की अगर वास्तविक जीवन में मृत्यु होती तो वाशिंगटन पोस्ट लोगों को बताता कि महान कवि और कविताओं, छंदों एवं चौपाइयों का जानकार बुल्ला मारा गया। या फिर यूँ- ‘मर्द बनाने की दावा रखने वाला विटामिन-विशेषज्ञ बुल्ला 50 वर्ष की उम्र में मारा गया।”

बुल्ला, एक कवि ह्रदय आदमी, छंदों का जानकार

बुल्ला, जो अपने आसपास भी चुटिया, इबू हथेला और लम्बू आटा जैसे कवि हृदय लोगों को अपने साथ रखता था- उससे वाशिंगटन पोस्ट ज़रूर द्रवित हो गया होता।

थानोस , जनसंख्या नियंत्रण स्पेशलिस्ट

जनसंख्या नियंत्रण स्पेशलस्ट, दुनिया की चिंता करने वाला और एक इमोशनल पिता को कैसे एक करोड़पति ने मार डाला, इससे वाशिंगटन पोस्ट न सिर्फ़ दुःखी हुआ होता बल्कि वह लोगों को इससे ज़रूर अवगत कराता।

जनसंख्या नियंत्रण विशेषज्ञ थानोस

वाशिंगटन पोस्ट लिखता, ‘वैश्विक संतुलन बनाने के चक्कर में थानोस को मार डाला गया। वह लोगों को प्रचुर मात्रा में संसाधन देकर सबकी बराबरी के लिए लड़ने वाला सामाजिक कार्यकर्ता था। वह मणियों का प्रेमी था। महान पर्यावरणविद की 1020 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई।”

वाशिंगटन पोस्ट द्वारा खूँखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के सबसे बड़े सरगने के मारे जाने के बाद इस तरह का हैडलाइन बनाने के बाद आश्चर्य नहीं कि वह उपर्युक्त गुंडों के मारे जाने पर उक्त बातें लिखता। कहने को तो हिटलर को भी पॉपुलेशन कण्ट्रोल विशेषज्ञ और वीरप्पन को दो बच्चियों का पिता बता कर उसे ‘बेचारा’ साबित किया जा सकता है। अब देखना यह है कि ‘द क्विंट’ और एनडीटीवी को टक्कर देने निकला वाशिंगटन पोस्ट इस क्षेत्र में और कितना आगे जा सकता है।

नोट: वाशिंगटन पोस्ट के संपादक ने निजी कारणों से उनका नाम न छापने के लिए आग्रह किया था। और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने कहीं भी उनका नाम नहीं लिखा है।

केजरीवाल को नहीं सुनाई दी पटाखों की गूँज, ‘कान के चेकअप’ के लिए किया गया डॉक्टर बुक

दिल्ली में दिवाली के अवसर पर कल (अक्टूबर 27, 2019) खूब आतिशबाजी हुई। पटाखे बैन (ग्रीन पटाखों के अलावा) होने के बावजूद त्यौहार पर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। हर ओर लोग पर्व को धूमधाम से मनाते नजर आए। बावजूद इसके कल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों को बधाई देने के लिए एक ट्वीट किया और लिखा, “दीवाली की शाम और कोई पटाखे नहीं। दिल्ली वालों ने कमाल कर दिया। दीवाली की बधाई।”

हालाँकि, लक्ष्मी पूजन के बाद दिल्ली में हर ओर से पटाखों की आवाजें सुनने को आई। लेकिन सीएम के ऐसे ट्वीट ने विपक्षी नेताओं समेत सोशल मीडिया यूजर्स को उनकी चुटकी लेने का मौक़ा दे दिया। इसमें कपिल मिश्रा और तजिंदर सिंह बग्गा ने केजरीवाल को अपने-अपने तरीके से दिल्ली में फूटते पटाखों के बारे में जानकारी दी।

कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए उन्हें मूर्ख आदमी बताया और लिखा, “हिन्दू लक्ष्मी पूजा करने के बाद पटाखे फोड़ते हैं। अब हर तरफ धमाके सुने जा सकते हैं। दिल्ली के हिन्दू धुंआधार पटाखे चला रहे हैं। औकात हो तो अगली बार बकरा ईद पर ज्ञान देना घुँघरू सेठ।”

इसके बाद तजिंदर सिंह बग्गा ने केजरीवाल के ट्वीट पर लिखा, “प्रिय मुख्यमंत्री सर, मैंने आपके लिए कान के स्पेशलिस्ट की अपॉइंटमेंट बुक की है। सर, हम दोनों भले ही अलग पार्टियों से हैं, लेकिन आप हमारे मुख्यमंत्री हैं, हमें आपकी परवाह है। कृपा कल अस्पताल में जाइए और अपने कान का चेकअप कराइए।”

इसके अलावा सोशल मीडिया वालों ने भी उन्हें जमकर आड़े हाथों लिया। उन्हें आँख का अंधा और कान का बहरा बताया। साथ ही नसीहत मिली कि वो अपने कान खोलकर कमरे से बाहर निकल कर देख लें। हर ओर पटाखे फूट रहे हैं।

‘…जब लाखों लोग इस्लामाबाद पहुँचेंगे’ – इमरान ख़ान के इस्तीफ़े की माँग के लिए आज़ादी मार्च

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फ़ज़ल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर रहमान के नेतृत्व में हजारों लोग पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) सरकार को गिराने के लिए रविवार (27 अक्टूबर) को कराची से इस्लामाबाद की ओर ‘आज़ादी मार्च’ के लिए कूच कर दिया है।

डॉन के अनुसार, इस मार्च में मदरसा के छात्रों सहित हज़ारों लोग भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन), अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) समेत अन्य राजनीतिक दल भी आज़ादी मार्च में शामिल हैं। 

जेयूआई-एफ नेतृत्व के अलावा, पीपीपी नेता रज़ा रब्बानी, सईद गनी, पीएमएल-एन के नेता मोहम्मद जुबैर, निहाल हाशमी, एएनपी के शाही सैयद और अन्य प्रमुख नेता भी गुरुवार को इस्लामाबाद पहुँचने वाले हैं। बता दें कि आज़ादी मार्च पाँच दिनों तक चलेगा यानी विरोध प्रदर्शन 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ मोर्चाबंदी की कोशिश की जा रही है और उनके इस्तीफ़े की माँग भी की जा रही है। 

मार्च के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर रहमान ने कहा कि विपक्ष ने पीटीआई सरकार द्वारा भेजी गई बातचीत टीम की सभी माँगों का खंडन किया था और वो न्यायपालिका द्वारा किए गए निर्णयों के अनुसार अपना धरना देंगे।

उन्होंने सवालिया होते हुए कहा, “प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को इस्तीफ़ा देना होगा। कराची में हज़ारों की संख्या में लोग इकट्ठे हुए हैं। सरकार क्या करेगी जब देश भर से लोग इस्लामाबाद पहुँचेंगे?”

शुक्रवार (25 अक्टूबर) को मौलाना ने कहा था कि उनकी पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्यों और प्रांतीय नेताओं के घरों पर देश भर में छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा,

“यदि बैरिकेड्स और अन्य व्यवधानों के साथ हमारे मार्ग पर बाधाएँ उत्पन्न करने का प्रयास किया गया, तो इससे टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। चाहे एक महीने के लिए ही राष्ट्रीय राजमार्गो को बंद क्यों ना कर दिया जाए, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, हम इस्लामाबाद जाएँगे।”

फ़ज़ल ने जून में उनकी पार्टी ने सरकार को गिराने के लिए अक्टूबर के महीने में इस्लामाबाद में सरकार विरोधी लंबे मार्च का आयोजन करने का फ़ैसला किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि इमरान ख़ान झूठ के सहारे पाकिस्तान में सत्ता में आए।

जहीर खान ने दी दिवाली की शुभकामनाएँ, कट्टरपंथियों ने कहा- अल्लाह को क्या मुँह दिखाओगे

पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर जहीर खान ने दिवाली की शुभकामनाएँ देते हुए अपनी पत्नी अभिनेत्री सागरिका घाटगे के साथ सोशल मीडिया में एक तस्वीर शेयर की। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें गालियाँ देना, ट्रोल करना शुरू कर दिया।

मुहम्मद फारूक असद ने जहीर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि इस तरह से दिवाली मनाने के बाद अल्लाह को क्या मुँह दिखाओगे।

उमर ने लिखा, “नहीं मिलेगा फ्लैट अब भी।” बता दें कि उमर को राणा अय्यूब, समीर हलार्णकर, निखिल वागले और सबा नकवी जैसे लिबरल पत्रकारों के साथ ही संजय निरुपम जैसे कॉन्ग्रेसी नेता भी फॉलो करते हैं। इस तरह के संदेशों को देख एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा कि फतवा आ ही रहा होगा।

एक यूजर ने ट्वीट पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा कि कभी हिन्दू क्रिकेटरों को इस्लामिक कपड़ों में ईद मनाते नहीं देखा। ये इतने असुरक्षित क्यों हैं?

इसी तरह से फोटो शेयरिंग वेबसाइट इंस्टाग्राम पर भी लोगों ने जहीर खान को गालियाँ दी।

जहीर खान को इंस्टाग्राम पर मिली गाली

जहीर खान को इंस्टाग्राम पर मिली गाली

गौरतलब है कि इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को भी इस्लामिक कट्टरपंथियों ने तिलक लगाते हुए एक तस्वीर साझा करने और दिवाली की बधाई देने के लिए गाली दी थी। शाहरुख खान ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों को शुभकामनाएँ देते हुए ट्वीट किया था, “सभी को हैप्पी दिवाली। आपका जीवन उज्ज्वल और खुशहाल रहे।” शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने अपने परिवार के साथ तिलक लगाए हुए एक तस्वीर भी शेयर की। इस तस्वीर में उनका बेटा अबराम और पत्नी गौरी भी थीं। इसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने शाहरूख को झूठा मुस्लिम तक बता दिया।

अंजू ने प्रेमी अकबर और दोस्त अलाउद्दीन के साथ मिल कर पति को मार डाला, पत्थर से कुचला सिर

जयपुर-दिल्ली हाइवे पर पूरन चंद ग्रोयर नामक 35 वर्षीय व्यक्ति की लाश मिली। कब मिली – शनिवार (अक्टूबर 26, 2019) की सुबह को। कैसी अवस्था में मिली: क्षत-विक्षत अवस्था में। लाश के सिर को किसी भारी पत्थर से कुचल डाला गया था ताकि पहचानने में मुश्किल हो। संभर के रहने वाले ग्रोयर की हत्या तब की गई, जब वह अपने ससुराल वालों से मिलने पहुँचे थे। चंदवाजी पुलिस स्टेशन ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इस मामले में ग्रोयर की पत्नी अंजू, उसके प्रेमी अकबर और उसके दोस्त अलाउद्दीन को गिरफ़्तार किया है।

शुक्रवार की रात से ही ग्रोयर के गायब होने के बाद उनकी तलाश जारी थी। अगले ही दिन अचरौल में दिल्ली-जयपुर हाइवे के पास एक जीर्ण-शीर्ण इमारत में उनकी लाश मिली। अंजू और अकबर पारिवारिक दोस्त थे लेकिन बाद में दोनों प्रेमी हो गए। शुक्रवार की रात अकबर और उसके दो दोस्त मिल कर ग्रोयर को शराब पीने के लिए अपने साथ अचरौल ले गए। पुलिस ने बताया कि जब ग्रोयर शराब के नशे में धुत हो गया, तब अकबर और अलाउद्दीन ने मिल कर भारी पत्थर से उनका सिर कुचल डाला और हत्या कर दी।

पुलिस ने शक की आधार पर ग्रोयर की 30 वर्षीय पत्नी अंजू को हिरासत में लिया, जिसके बाद पता चला कि उसी ने अपने दोस्तों के मिल कर इस पूरे षड्यंत्र को रचा था। अंजू ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। इस मामले में 2 अन्य आरोपितों की तलाश जारी है, जो फ़िलहाल फरार हैं। अंजू जयपुर के संभर की निवासी है और पेशे से मजदूर है। अकबर और अलउद्दीन जयपुर शहर के निवासी हैं।

जब ग्रोयर की लाश मिली, तब आसपास काफ़ी सारा ख़ून फैला हुआ था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद बताया कि पहले तो उन पर किसी धारदार हथियार से वार किया गया और फिर भारी पत्थर से उनका सिर कुचल डाला गया। पुलिस को पहले से ही शक था कि मृतक के किसी जान-पहचान के आदमी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।

ISIS कहेगा तो मानेंगे मर गया बगदादी: पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक

ISIS के सरगना अल बगदादी की मौत पर पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और सीनेटर रहमान मलिक ने सवाल उठाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुष्टि के बावजूद मलिक ने कहा है कि उन्हें इस दावे पर संदेह है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वे इस खबर पर तब तक यकीन नहीं करेंगे जब तक खुद ISIS इसकी पुष्टि नहीं कर देता।

मलिक ने ट्वीट किया, “बगदादी की मौत की खबर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दी जा चुकी है। लेकिन मैंने अभी तक ISIS की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं सुनी। मैं खुश हूँ। अगर वो मर गया है।…बड़ी विडंबना वाली स्थिति है सीरिया में जहाँ राजनैतिक हितों को बचाने की कीमत आम जनों को अपने खून से चुकानी पड़ती है। हम देखते हैं कि वो मरा है या नहीं।”

गौरतलब है कि ट्रंप ने व्हॉइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साफ किया था कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई में बगदादी रोते-बिलखते हुए मारा गया। उस सुरंग की तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हो गई जहाँ बगदादी ने खुद को उड़ाया था।

इसके बावजूद भी मलिक को भरोसा नहीं हो रहा। वे अब भी इस बात पर खुशी मनाने के लिए ISIS की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों ने जमकर सुनाया है। लोगों ने पाकिस्तान को आतंक का एक्सपर्ट बताते हुए कहा कि लादेन भी वहीं रह रहा था, हो सकता है बगदादी भी पाकिस्तान में ही छिपा हो।

लोग रहमान मलिक को रेल मंत्री शेख राशीद के बाद पाकिस्तान का सबसे बड़ा कार्टून बता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि हाफिज सईद और मसूद अजहर का क्या हुआ? वो तो पाकिस्तान में अब भी सुरक्षित हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जब कोई सुनता है कि उसका करीबी मरा है तो उसे पहली बार में यकीन नहीं होता, वो बार-बार उसके बारे में जानना चाहता हैं। यही कारण है कि मलिक चाहते हैं कि ISIS इसकी पुष्टि करे।

कुछ लोगों ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है, “अगर बगदादी जिंदा है, तो वो जरूर पाकिस्तान में ही होगा। क्योंकि पाकिस्तान ही सबसे सुरक्षित जगह हैं आतंकियों के लिए। इसलिए यूएस को एक स्ट्राइक पाकिस्तान पर भी करनी चाहिए।”

बता दें कि ये पहली बार नहीं जब पाकिस्तानी सीनेटर रहमान मलिक ने लोगों को अपनी कम बुद्धि का परिचय दिया हो। इससे पहले भी एक फेक ट्विटर अकॉउंट पर चिदंबरम की गिरफ्तारी की खबर को सच मानकर वे फजीहत बटोर चुके हैं। इस ट्वीट में कहा गया था कि पीएम मोदी का विरोध करने पर चिदंबरम को जेल जाना पड़ा।

‘आर्टिकल 370 पर इंडिया के फ़ैसले का स्वागत’ – यूरोपियन पैनल से PM मोदी ने कहा – आतंक पर Zero Tolerance

यूरोपियन संसद का 28 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पैनल दिल्ली आया हुआ है। इसके बाद ये पैनल जम्मू कश्मीर का दौरा कर वहाँ के स्थानीय लोगों से मुलाक़ात करेगा। इस पहल से भारत विश्व समुदाय को यह दिखाएगा कि राज्य में सब कुछ ठीक-ठाक है और पाकिस्तान आतंकियों के साथ मिल कर सिर्फ़ भ्रम फैला रहा है। यूरोपियन पार्लियामेंट के पैनल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाक़ात की।

पीएम मोदी ने यूरोपियन पैनल को “आतंकवाद के प्रति कोई रहम नहीं, कोई समझौता नहीं” के भारतीय पक्ष से अवगत कराया है। इसके अलावा उन्होंने भारत और यूरोप के रिश्तों की महत्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों ही क्षेत्रों के साझा हित और लोकतंत्र के प्रति समान भावना पर ही भारत-यूरोप का सम्बन्ध आधारित है।

इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने यूरोपियन पैनल में शामिल लोगों से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि 28 सदस्यीय पैनल के सभी सदस्य जम्मू कश्मीर में भारत द्वारा अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का स्वागत करते हैं। इराक और फिलिस्तीन से ग्राउंड रिपोर्ट कर चुके आदित्य राज कौल राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी कूटनीति मामलों के जानकर हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि यूरोपियन पैनल जम्मू कश्मीर में लोगों से संवाद करने को लेकर उत्साहित है।

इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी यूरोपियन पैनल से मुलाक़ात की। उन्होंने जम्मू कश्मीर के ताज़ा हालात और इस सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से उन्हें अवगत कराया। पैनल ने कुछ कश्मीरी पत्रकारों और सम्पादकों के अलावा अन्य राजनेताओं से भी मुलाक़ात की। हालाँकि, इस सम्बन्ध में कुछ लोगों का ये भी पूछना है कि भारत को यूरोपियन पैनल के दौरे से क्या मिलेगा? उधर पाकिस्तान ने भी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाक अधिकृत कश्मीर का दौरा करा कर दिखाया था कि कैसे ‘भारतीय सेना की कार्रवाई से नुकसान हुआ है।’

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह समझाने में लगा है कि इससे कश्मीरियों को फायदा होगा। यही कारण है कि सभी वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान अलग-थलग नज़र आया। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से लेकर एफएटीएफ तक, पाकिस्तान को हर जगह निराश होना पड़ा। यहाँ तक कि अमेरिका में वहाँ के राष्ट्रपति के सामने जब पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 का जिक्र किया तो 60,000 लोगों ने इस क़दम का ताली बजा कर स्वागत किया। ट्रम्प ने इमरान ख़ान के साथ बातचीत के दौरान इसका जिक्र किया।

J&K: किश्तवाड़ा में बचे अब केवल 3 आतंकी, सूचना देने पर मिलेंगे ₹30 लाख

हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकियों की पुलिस तलाश कर रही है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ा जिला पुलिस ने इनकी सूचना देने वाले को 30 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया। ये आतंकी हैं- मोहम्मद अमीन बट, रियाज अहमद और मुदस्सिर हुसैन। अमीन पर 15 लाख और रियाज तथा मुदस्सिर पर 7.5 7.5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।

तीनों कई आतंकवादी हमलों में शामिल रहे हैं। तीनों हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करते हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार किश्तवाड़ा के एसएसपी डॉ हरमीत सिंह मेहता ने बताया कि तीनों आतंकियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 30 लाख का इनाम घोषित किया गया है। इसमें अमीन बट उर्फ जहाँगीर सरूरी पर 15 लाख और रियाज अहमद और मुदस्सर पर साढ़े सात-साढ़े सात लाख का इनाम रखा गया है।

बताया जा रहा है कि किश्तवाड़ा जिले में अब केवल तीन आतंकी शेष हैं। इसी प्रकार डोडा में भी हरुन वानी ही सक्रिय बताया जा रहा है। डोडा जिला पुलिस पहले ही उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर चुकी है।