गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी शनिवार (अक्टूबर 19, 2019) को 5 दिन के दौरे पर उजबेकिस्तान जा रहे हैं। यहाँ वो एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में देश के पहले निवेश शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जा रहे हैं। सीएम रुपाणी उज्बेकिस्तान सरकार के न्योते पर एक कार्यक्रम में शरीक होंगे। वह यहाँ इंटरनैशनल इन्वेस्टमेंट फोरम में हिस्सा लेंगे।
इस दौरान सीएम रूपाणी उजबेकिस्तान के अंदीजान शहर भी जाएँगे। बता दें कि यहीं पर भारत में मुगल शासन की नींव रखने वाले बाबर का 1483 में जन्म हुआ था। यहाँ पर विजय रूपाणी लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण भी करेंगे। इस शहर में भारत के पहले गृहमंत्री के नाम पर एक सड़क का नामकरण भी किया गया है।
Gujarat: CM Vijay Rupani to visit Babur’s birthplace on Uzbekistan visithttps://t.co/V2Zfjf6rQN
अपनी यात्रा के दौरान रूपाणी भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि देंगे, जिनकी ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद 11 जनवरी 1966 को ताशकंद की आधिकारिक यात्रा पर मृत्यु हो गई थी। इसके साथ ही रूपाणी ताशकंद के शास्त्री स्कूल में भी जाएँगे और वहाँ के छात्रों के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे।
विजय रूपाणी अपनी पाँच दिवसीय यात्रा के दौरान एक के बाद एक कई सारे बैठकों में हिस्सा लेने वाले हैं। इस दौरान वो उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जीयोयेव से मुलाकात करेंगे। और फिर अंदीजान, समरकंद, बुखारा क्षेत्र के गर्वनरों के साथ ही ताशकंद शहर के मेयर से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा रुपाणी उज्बेकिस्तान के फ्री फार्मास्यूटिकल जोन जाएँगे। जहाँ वो कैडिला फार्मास्यूटिकल्स की एक यूनिट का उद्घाटन करेंगे और साथ ही उज्बेकिस्तान में शारदा यूनिवर्सिटी की भी शुरुआत करेंगे।
हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी क़ामयाबी मिली है। गुजरात एटीएस (आतंकवाद विरोधी दस्ता) ने देर रात सूरत से 3 लोगों को हिरासत में लिया है। बाक़ी दो लोगों की तलाश अभी भी जारी है, जिनकी पहचान कर ली गई है। सूरत के मौलाना मोहसिन शेख, फैजान पठान और रशीद अहमद को हिरासत में लिया गया है। रशीद को कंप्यूटर का ज्ञान है और वो दर्जी का काम करता है। इस मामले में कुछ और लोगों को हिरासत लिया गया था लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस हत्याकांड पर जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बताया कि जाँच से पता चला है कि हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्ति कमलेश तिवारी की हत्या में सम्मिलित रहे हैं। दो और आरोपितों की तलाश जारी है। कमलेश तिवारी को मारने की योजना 2 महीने से रची जा रही थी। इस काम के लिए राशिद पठान दुबई से आया था।
डीजीपी ने बताया:
हमने जिन्हें गिरफ़्तार किया है, उनमें एक मोहसिन शेख, दूसरा फ़ैजान जो सूरत में जूते की दुकान में काम करता है और तीसरा राशिद अहमद पठान है जो कम्प्यूटर का ज्ञानी है। दो और को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। प्रारंभिक विवेचना से पता चला है कि तीनों व्यक्ति हत्या में शामिल थे। दो मुख्य अभियुक्त और हैं, जिनकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
FIR में दो लोगों को षड्यंत्रकारियों के रूप में नामज़द किया गया है। इसमें एक मौलाना अनवारुल हक़ और दूसरा मुफ़्ती नईम काज़मी है। इन्हें हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पूछताछ से पता चला है राशिद पठान ने हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के लिए मौलाना मोहसिन शेख ने उसे प्रोत्साहित किया और कहा था कि कमलेश तिवारी को मारने की ज़रूरत है। फ़ैजान मिठाई ख़रीदने में शामिल रहा। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि यह छ: लोग हत्या में सम्मिलित रहे हैं। बिजनौर का कनेक्शन भी क्रॉस चेक किया जा रहा है, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति
डीजीपी ने बताया कि अभी तक किसी ख़ास आतंकवादी संगठन से तार जुड़े नहीं पाए गए हैं।
Gujarat ATS arrests 3 people in connection with Hindu leader #KamleshTiwari killing. Arrests made in #Surat. 2 shooters identified. Suspected shooters seen on CCTv cameras, said to be on the run. Three arrested include a Maulana. Shamim Pathan, Faizan Pathan and Mohsin Sheikh.
कमलेश तिवारी राह का कांटा था, संगठन अलहिंद ब्रिगेड ने ली हत्याकांड की ज़िम्मेदारी
बता दें कि इस हत्याकांड की जाँच के लिए विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर तथाकथित संगठन अलहिंद ब्रिगेड के नाम से एक मैसेज बड़ी तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वायरल मैसेज में हत्या की ज़िम्मेदारी ली गई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जो भी इस्लाम पर ऊँगली उठाने का काम करेगा, उसका अंजाम इसी तरह का होगा। इस मैसेज में कमलेश तिवारी की फोटो भी लगी हुई है।
वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है, “कमलेश तिवारी राह का काँटा था और जो कोई भी इस्लाम की तरफ उँगली उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। अलहिंद ब्रिगेड जिम्मेदारी लेता है। और ज्यादा देखने के लिए तैयार हो जाओ। युद्ध शुरू हो गया है। अलहिंद ब्रिगेड कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेता है, जिसने इस्लाम को बदनाम किया था।”
दिन-दहाड़े नृशंस हत्या को दिया अंजाम
ग़ौरतलब है कि शुक्रवार (18 अक्टूबर) को लखनऊ में नाका क्षेत्र स्थित हिन्दू महासभा कार्यालय में कमलेश तिवारी को बदमाशों ने गला रेतकर व गोली मारकर हत्या कर दी थी थी। नृशंस हत्या की वारदात को अंजाम देकर हमलावर वहाँ से फ़रार हो गए थे। गंभीर हालत में तिवारी को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टरों ने बताया था कि कमलेश तिवारी का किसी धारदार हथियार से गला रेता गया। पुलिस का कहना था कि हत्या की वारदात को किसी परिचित ने अंजाम दिया है। घटना-स्थल से पुलिस ने रिवॉल्वर भी बरामद की थी।
कैमरे में क़ैद हुए कमलेश तिवारी की हत्या के संदिग्ध, 15 से ज़्यादा किए वार
पुलिस ने हत्यारों की खोज के लिए सीसीटीवी खँगाले और हाथ लगा दोनों बदमाशों का हूलिया। सीसीटीवी फुटेज में क़ैद हुई तस्वीर में देखा जा सकता है कि दोनों आरोपित भगवा रंग का कुर्ता पहनकर कमलेश तिवारी के कार्यालय में गए। इसके बाद दोनों ने मौक़ा देखकर उनके सीने और ठोड़ी पर चाकू से 15 से ज़्यादा वार किए। बाद में दोनों फ़रार हो गए। मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, तिवारी से मिलने आए दो लोग मिठाई के डिब्बे में असलहे और चाकू छिपाकर लाए थे।
कमलेश तिवारी की दिन-दहाड़े हत्या किए जाने से लोगों में काफ़ी आक्रोश फैल गया और उनके समर्थकों ने ख़ुर्शीद बाग़ कॉलोनी में प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके मद्देनज़र घटना-स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती कर दी गई।
पत्नी ने दी पुलिस में तहरीर, नईम और अनवारुल ने कराई हत्या
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार देर रात कमलेश तिवारी का शव सीतापुर के महमूदाबाद स्थित उनके पैतृक आवास लाया गया। शव के पहुँचते ही कमलेश के घर में चीख पुकार मच गई। उनकी पत्नी ने अपनी तहरीर में साफ लिखा है कि यूपी में बिजनौर जिले के रहने वाले मोहम्मद मुफ्ती नईम काज़मी और अनवारुल हक ने साल 2016 में उनके पति कमलेश का सर काटने के लिए डेढ़ करोड़ रूपए के इनाम की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी।
इस सम्बन्ध में कमलेश की पत्नी ने पुलिस में दोनों आरोपितों के खिलाफ दफा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है। कमलेश की पत्नी का यह दावा है कि इन दोनों ने साजिशन उनके पति कमलेश तिवारी की हत्या कराई है।
दरअसल, दिवंगत कमलेश तिवारी ने 2015 में एक बयान दिया था जिसके बाद देशभर के कट्टरपंथियों में खलबली मच गई थी। तिवारी ने खुले-आम पैगम्बर मुहम्मद की सेक्सुअल ओरिएंटेशन पर मुखर रूप से बोलते हुए उन्हें समलैंगिक कह दिया था। इसी के बाद देवबंद से लेकर पश्चिम बंगाल तक के मुसलामानों ने फतवा जारी करना शुरू कर दिया था।
हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद से हिन्दुओं में डर व्याप्त है। मैं भी उन्हीं में से एक हूँ। मुझे भी भयानक सपने आते हैं और फर्श पर ‘अगला नंबर तुम्हारा है’ लिखा हुआ नजर आता है। मेरे जानने वाले लोग ये मानते हैं कि मैं सही कर रहा हूँ और ये समय की माँग है, लेकिन खतरे से भरा है। मेरे माता-पिता को नहीं पता कि पत्रकार क्या होता है वरना वो भी मुझसे कहेंगे कि सब कुछ छोड़कर गाँव आ जाओ, खेती करो।
कोई भी माँ-बाप अपने बच्चे को चाकू से हलाल होते हुए नहीं देख सकता। तो क्या मैं मान लूँ कि हिन्दू ही इस देश के असली आतंकी हैं और कट्टरपंथी सताए जा रहे हैं? क्या मैं ये मान लूँ कि जय श्री राम आतंकवादियों का नारा है? जैसा कि पतित पत्रकार और मीडिया गिरोह बार-बार लोगों को बताना चाह रहा है। क्या इस्लाम शांतिप्रिय है और सारे कट्टरपंथी डरकर जीने को मजबूर हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (18 अक्टूबर) को अपने एक फ़ैसले में कहा कि किसी महिला को ‘कॉल-गर्ल’ कहकर मौखिक रूप से गाली देना आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रयास के तहत नहीं आएगा। यह फैसला जस्टिस इंदु मल्होत्रा और आर सुभाष रेड्डी की खंडपीठ ने सुनाया। इस मामले के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई थी।
दरअसल, यह मामला 2004 का है। तब एक लड़की ने आत्महत्या करने से पहले दो सुसाइड नोट लिखे थे, जिसमें उसने आत्महत्या के लिए अपने बॉयफ्रेंड और उसके माता-पिता को दोषी ठहराया था। दोषी ठहराने के पीछे वजह थी कि बॉयफ्रेंड के माता-पिता ने उनकी शादी का विरोध किया था और कथित तौर पर पीड़िता को ‘कॉल-गर्ल’ कहकर गाली दी थी, जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली थी।
इसके बाद मृतका के पिता ने पुलिस में शिक़ायत दर्ज कराई। शिक़ायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मृतका के पिता ने बताया कि दोनों शादी करना चाहते थे, इसलिए उनकी बेटी लड़के के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर पहुँची, जहाँ लड़के के माता-पिता ने उसे कॉल-गर्ल कहकर गाली दी और कहा, “तुम एक कॉल-गर्ल हो, मेरा बेटा तुमसे शादी नहीं करेगा, हम अपने बेटे की शादी दूसरी जगह करेंगे।” इसके अगले ही दिन पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले पीड़िता ने सुसाइड नोट में घटना का विस्तृत वर्णन किया था। इस सुसाइड नोट के आधार पर IPC की धारा-34 के साथ 306 के तहत आरोप तय किए गए थे।
इसके बाद, आरोपित ने अपने ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा को रद्द करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई जब ट्रायल कोर्ट में चली थी तो आरोपितों को तलब किया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि मौखिक रूप से गाली देने को आत्महत्या के लिए उकसाए जाने के दायरे में नहीं रखा जा सकता। कल के फैसले में सुप्रीम कोर्ट भी हाईकोर्ट के इस विचार से सहमत रहा।
पाकिस्तान में साइबर अपराध की विशेष अदालत ने शिया समुदाय के साजिद अली को पाँच साल की कैद की सजा सुनाई है। साजिद अली को यह सजा सोशल मीडिया पर ईशनिंदा से संबंधित सामग्री डालने के मामले में सुनाई गई है। उस पर 2017 में फेसबुक पर ‘बेअदबी भरी, ईशनिंदा करने वाली और अपमानजनक’ सामग्री डालने का आरोप था।
बता दें कि यह पाकिस्तान के नए साइबर आपराधिक कानून के तहत दोष-सिद्धि का पहला मामला है। यानी कि वहाँ पहली बार नए साइबर आपराधिक कानून के तहत सजा सुनाई गई है। साजिद अली बहावलनगर के क्रिश्चियन तहसील का रहने वाला है। उसे इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम अधिनियम 2016 और पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 298ए के तहत सजा सुनाई गई है।
उसके खिलाफ स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। यह मामला बाद में क्षेत्राधिकार के मुद्दे पर संघीय जाँच एजेंसी (FIA) साइबर अपराध सर्किल लाहौर के सुपुर्द कर दिया गया था। एफआईए साइबर अपराध लाहौर के प्रमुख सरफराज चौधरी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब सहयोगी के खिलाफ ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में नए कानून के तहत दोष सिद्ध होने का यह पहला मामला है।
जानकारी के मुताबिक इस मामले की सुनवाई के दौरान संघीय जाँच एजेंसी के अधिवक्ता मुनम बशीर चौधरी ने 12 गवाहों को पेश किया। मुनम बशीर ने कहा कि पेश किए गए 12 गवाहों में से अधिकांश गवाहों ने साजिद अली के खिलाफ गवाही दी। इसमें एफआईए के असिस्टेंट डायरेक्टर नईम जफर भी शामिल थे। बता दें कि नईम जफर नेनअदालत में अपनी तकनीकी विश्लेषण की रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं, एफआईए साइबर अपराध के प्रमुख सरफराज चौधरी का कहना है कि अदालत ने साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के घनी आबादी वाले नाका हिंडोला इलाके में शुक्रवार (अक्टूबर 18, 2019) को हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े नृशंस हत्या कर दी गई। मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर तथाकथित संगठन अलहिंद ब्रिगेड के नाम से एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल मैसेज में हत्या की जिम्मेदारी ली गई है।
इस मैसेज को वायरल करके यह दावा किया जा रहा है कि जो भी इस्लाम या मुस्लिमों पर उँगली उठाने का काम करेगा, उसका अंजाम इसी तरह का होगा। इस मैसेज में कमलेश तिवारी की फोटो भी लगी हुई है। वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है, “कमलेश तिवारी राह का काँटा था और जो कोई भी इस्लाम और मुस्लिमों की तरफ उँगली उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। अलहिंद ब्रिगेड जिम्मेदारी लेता है। और ज्यादा देखने के लिए तैयार हो जाओ। युद्ध शुरू हो गया है। अलहिंद ब्रिगेड कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेता है, जिसने इस्लाम और मुस्लिमों को बदनाम किया था।”
हालांकि मैसेज की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यूपी पुलिस के पास भी यह मैसेज मौजूद है जिसकी जाँच की जा रही है। पुलिस हर एंगल से इसकी जाँच में जुटी है। फिलहाल इस बात का पता नहीं चल पाया है कि अलहिंद ब्रिगेड नाम के इस तथाकथित संगठन का किसी वैश्विक आतंकी संगठन से कोई रिश्ता है या नहीं। ऐसे में यह भी हो सकता है कि ऐसा मैसेज वायरल करके सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोई साजिश हो।
इधर, पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार देर रात कमलेश तिवारी का शव सीतापुर के महमूदाबाद स्थित उनके पैतृक आवास लाया गया। शव के पहुँचते ही कमलेश के घर में चीख पुकार मच गई। परिजनों में गम के साथ-साथ गुस्सा भी है। परिजनों ने माँग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनके घर आएँ। यदि वे नहीं आएँगे तो शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के लिए सरकारी नौकरी की भी माँग की है।
उल्लेखनीय है कि कमलेश तिवारी की पत्नी ने अपनी तहरीर में साफ लिखा है कि यूपी में बिजनौर जिले के रहने वाले मोहम्मद मुफ्ती नईम काजमी और अनवारुल हक ने साल 2016 में उनके पति कमलेश का सर काटने के लिए डेढ़ करोड़ रूपए के इनाम की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी। इस सम्बन्ध में कमलेश की पत्नी ने पुलिस में दोनों आरोपितों के खिलाफ दफा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है। कमलेश की पत्नी का यह दावा है कि इन दोनों ने साजिशन उनके पति कमलेश तिवारी की हत्या कराई है।
आज दोपहर हिन्दू महासभा नेता कमलेश तिवारी की गला रेत कर और गोली मार कर हत्या कर दी गई। उनके कार्यालय में उनकी मेज पर पीले रंग की पॉलीथीन मिली है, और एक विडियो में संदिग्ध हत्यारे के हाथ में वही पॉलीथीन देखी जा सकती है। दोनों संदिग्ध ने नारंगी रंग के कपड़े पहन रखे हैं और उनके साथ एक महिला भी देखी जा सकती है।
कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारेकमलेश तिवारी के हत्या की जगह और वो मेज जिस पर विडियो वाली पॉलीथीन दिख रही है
सरकार ने इसकी जाँच के लिए एक SIT का भी गठन किया है और हत्यारों की तलाश में टीमें जुट गई हैं। आधिकारिक रिपोर्ट में बताया गया है कि कमलेश तिवारी को एक गनर और एक गार्ड मुहैया कराया गया था। गार्ड ने हत्यारों से नाम पूछ कर कमलेश तिवारी से पूछने के बात ही उन्हें भीतर जाने दिया था। लेकिन, हत्यारों ने सम्भवतः छद्म नामों का का प्रयोग किया था।
सरकार द्वारा एसआईटी का गठन
इससे पहले हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की दिन-दहाड़े हत्याकांड मामले में उनके नौकर सतेंद्र ने मीडिया को रो-रोकर पूरे हत्याकांड का हाल बताया। यह पूछे जाने पर कि जिस समय हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया उस वक़्त उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड कहाँ थे, तो उनके नौकर ने जवाब दिया कि वो तो रात से ही मौजूद नहीं थे और जो सिपाही (सिक्योरिटी गार्ड) था वो लेटा हुआ था।
सतेंद्र ने बताया कि उन लोगों (हमलावर) ने तिवारी जी से 10 मिनट पहले फोन पर बात की, उसके बाद वो लोग तिवारी जी से मिलने आए। उस समय सिपाही (सिक्योरिटी गार्ड) सोया हुआ था। वो लोग तिवारी जी से मिलने ऊपर उनके रूम में चले गए। उन्हें देखकर तिवारी जी बाहर आए और उनसे आधे घंटे तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने (हमलावर) दही-बड़ा खाया, और चाय भी पी।
इसके आगे सतेंद्र ने बताया कि आरोपितों और तिवारी के बीच किसी मुस्लिम लड़की की हिन्दू लड़के से शादी की कोई बात चल रही थी। इसके बाद उन गुंडों ने नौकर सतेंद्र को 100 रुपए का नोट दिया और गोल्ड फ्लैक्स पाँच सिगरेट लाने को कहा। वो पैसे लेकर बगल की दुकान से सिगरेट लेने चला गया, शायद वो लोग मौक़ा ढूँढ़ रहे थे, लेकिन सतेंद्र दो मिनट में सिगरेट लेकर पहुँच गया। इसके बाद तिवारी जी ने अपने नौकर को मसाला लाने के लिए बोला। सतेंद्र ने बताया कि जब वो मसाला लेने गया और वापस आने पर उसने देखा कि दोंनोंं आदमी वहाँ से ग़ायब थे।
सतेंद्र ने रोते हुए बताया कि उसने देखा कि गुरू जी (कमलेश तिवारी) टेबल के नीचे थे और उनसे मिलने वाले दोनों हमलावर वहाँ से फ़रार हो गए थे, जैसे ही उसने टेबल के नीचे ख़ून देखा तो उसके होश उड़ गए।
सतेंद्र ने बताया कि वो हत्या के बाद आधे घंटे से पुलिस को फोन करता रहा, लेकिन फोन लग ही नहीं रहा था… 100 नंबर भी नहीं मिल रहा था। इसके बाद इतनी देर में तो वो लोग (हमलावर) पता नहीं कहाँ चले गए। सतेंद्र ने बताया कि कार्यालय में जो सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था वो भी काम नहीं करता। तिवारी जी ने कई बार कहा कि यहाँ पर फ़ोर्स बढ़ाओ, लेकिन तब भी यहाँ एक बुज़ुर्ग को रख दिया गया। वो जब भी यहाँ आते हैं, हमेशा सोए-लेटे हुए ही रहते हैं। हमलावरों के बारे में सतेंद्र ने बताया कि वो दोनों हमलावर यहाँ पहली बार आए थे। लेकिन, उसने दावा किया कि अगर वो लोग सामने आ जाएँगे तो वो उन्हें पहचान लेगा। उसने बताया कि एक हमलावर ने भगवा वस्त्र पहने हुआ था और दूसरा सादे वस्त्र में था। हमलावर बाइक से आए थे।
सीसीटीवी में क़ैद हुए संदिग्ध हमलावर
ख़बर के अनुसार, कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिला। वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्ध हत्यारे सीसीटीवी फुटेज में क़ैद हो गए है। फुटेज में दिख रहे संदिग्धों के आधार पर पुलिस आरोपितों की तलाश में जुट गई है। एसपी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें आरोपितों की तलाशी में जुट गई है। पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही हत्याकांड की गुत्थी को सुलाझा लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में फतेहपुर जिले के बिन्दकी नगर में मुसलामानों द्वारा एक हिन्दू को घेरकर बेहिसाब मारने की घटना सामने आई है। इस घटना को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक मजहबी भीड़ एक व्यक्ति को पेड़ से बाँधकर बुरी तरह मार रही है।
घटना तब शुरू हुई जब आटा खरीदने पहुँचा विकास यादव नाम के एक युवक की दुकान के मालिक शफी से किसी बात पर कहासुनी हो गई। इसके बाद यह विवाद इतना बढ़ गया कि विकास को खून की भूखी कट्टरपंथी भीड़ ने पेड़ पर बाँधकर मारते-मारते लहूलुहान कर दिया। हालाँकि इस पूरे मामले के दौरान विवाद करने वाले शफी को भी कुछ हल्की चोटें आईं मगर कट्टरपंथियों की भीड़ ने विकास को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया।
His name is Vikas Yadav, he was tied to a tree & brutally beaten by a Muslim mob.
He wasn’t caught steeling, his only fault was that he dared to argue with Shami Ahmed.
He won’t become an issue of National outrage bcz he isn’t Tabrez & the mob isn’t Hindu. pic.twitter.com/2Vei72zcB8
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विकास यादव पर दुकानवाले ने चोरी का इल्ज़ाम लगाया था। इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हुई तो दुकान मालिक शफी ने आसपास के लोगों को इकठ्ठा कर भीड़ लगा ली, जिसके बाद इस भीड़ ने पुलिस के दखल देने से पहले तकरीबन बीस मिनट तक विकास के साथ पूरी निर्दयता से मारपीट की।
हिंसक भीड़ से किसी तरह जब विकास को बचाकर पास के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर गंभीर चोटें आने की वजह से विकास के परिजनों ने उसे कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में रखने का फैसला किया। यहाँ पहले से ही मारपीट करने वाला दुकानदार शफी खुद भी इलाज के बहाने रुका टाँग पसारे पड़ा था। नतीजा यह हुआ कि विकास और उसके परिवार को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता। शफी के परिजन किसी न किसी तरीके से विकास और उसके परिवार को परेशान कर रहे थे। मामला तब थोडा ठंडा पड़ा जब परिवार द्वारा पुलिस की मदद ली गई, इसके बाद विकास को अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।
गाँव में विकास के घर के आसपास लोग इकठ्ठा होने लगे जब वहाँ यह खबर फ़ैल गई कि विकास अब नहीं रहा। रिश्तेदारों ने जब किसी तरह यह समझाया कि विकास जीवित है, उसका इलाज कानपुर के एक अस्पताल में चल रहा है यह सुनकर कहीं भीड़ तितर-बितर हुई। इसके बाद से ही गाँव में तनाव का माहौल है। विकास के साथ हुई इस घटना के करीब दो दिन बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के मुताबिक विवाद की शुरुआत विकास यादव ने की जिसके बाद दुकान वाले ने हल्ला मचा कर आसपास से लोगों को इकठ्ठा कर लिया।
बुधवार रात FIR दर्ज होने के बाद ही पुलिस ने मामले में गिरफ़्तारी शुरू कर दी। फतेहपुर के एसपी रमेश ने बताया कि जल्द ही मामले से जुड़ी अन्य गिरफ्तारियाँ भी होंगी। बता दें कि यह एफआईआर विकास के भाई धीरेन्द्र यादव ने कुछ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। अभी तक इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद इरफ़ान और मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
INX घोटाले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर दायर चार्जशीट में आरोप हैरान और स्तब्ध कर देने वाले हैं। विशेष कोर्ट में सीबीआई की ओर से दायर इस आरोपपत्र के अनुसार चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति ने महज़ ₹9.96 लाख लेकर 2008 में INX में विदेश निवेश के लिए गैर-क़ानूनी मंज़ूरी दिलवाई थी। आरोपपत्र में नीति आयोग के पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर को भी आरोपित बनाया गया है। INX मीडिया बहुचर्चित शीना बोहरा हत्याकांड के आरोपितों इन्द्राणी और पीटर मुखर्जी द्वारा स्थापित कंपनी है।
INX मामले के आरोपितों में पीटर मुखर्जी, खुल्लर, INX मीडिया, INC न्यूज़ समेत कुछ मीडिया और प्रबंधन फर्में, चार्टर्ड अकाउंटेंट एस भास्करमण और सरकारी अधिकारी अजित कुमार डुंगडुंग, रबिन्द्र प्रसाद पीके बग्गा, प्रबोध सक्सेना, अनूप के पुजारी आदि हैं। इन्द्राणी मुखर्जी को चिदंबरम के ख़िलाफ़ सरकारी ऍप्रूवर बन जाने के चलते सूची में होते हुए भी आरोपों का सामना नहीं करना पड़ेगा। चिदंबरम सहित आरोपितों पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फोर्जरी, और रिश्वत लेना का आरोप है।
अलावा सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम पर शेल कंपनी चलाने, कंसल्टेंसी फीस के तौर पर रिश्वत का अवैध पैसा लेने का भी आरोप लगाया है। सीबीआई सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी का दावा है कि इंद्राणी के $50 लाख रिश्वत देने के आरोपों पर विदेशी सरकारों से अभी पुष्टि की दरकार है।
5 सितंबर से चिदंबरम न्यायिक हिरासत में जेल में हैं, हालाँकि उन्हें गिरफ़्तार 21 अगस्त को ही सीबीआई ने कर लिया था। कल (17 अक्टूबर को) उन्हें ईडी ने अपनी हिरासत में एक हफ्ते के लिए ले लिया था। दो बार देश के वित्त मंत्री रहने वाले चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएँगे। उससे पहले सामने आए एक सर्वे के मुताबिक दोनों राज्यों की सत्ता में भाजपा वापसी करने जा रही है। यह सर्वे IANS-CVoter की तरफ से 16 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच किया गया। सर्वे के मुताबिक 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा नीत एनडीए को 182-206 सीट और कॉन्ग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 72-98 सीटें मिल सकती है। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा को 79-87 और कॉन्ग्रेस को एक से 7 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक महाराष्ट्र में एनडीए को 47.3 फीसदी और यूपीए को 38.5 फीसदी वोट मिलने का अनुमान सर्वे में लगाया गया है। अन्य को 14.3 फीसदी वोट मिल सकते हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 122 सीटों पर जीत मिली थी। 63 सीटों पर शिवसेना, 42 पर कॉन्ग्रेस और 41 सीटों पर उसकी सहयोगी एनसीपी को जीत मिली थी। उस चुनाव में भाजपा और शिवसेना अलग-अलग होकर लड़ी थी। उस समय भाजपा को 31.15 फीसदी, शिवसेना को 19.3 और कॉन्ग्रेस को 18 फीसदी वोट मिले थे।
हरियाणा में भाजपा को 47.5 फीसदी और कॉन्ग्रेस को 21.4 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इनेलो से टूटकर बनी जननायक जनता पार्टी को 9.3 और अन्य के खाते में 21.4 फीसदी वोट जाने का अनुमान लगाया गया है। बीते चुनाव में भाजपा ने 33.2 फीसदी वोट के साथ 47 सीटें हासिल की थी। इनेलो को 19 सीटें और 24.1 फीसदी वोट मिले थे। कॉन्ग्रेस 20.6 फीसदी वोट पाकर 15 सीटों पर सिमट गई थी।
मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की बात की जाए तो हरियाणा के निवर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समर्थन में 40.3% लोग हैं। कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा का समर्थन 19.9% तो JJP के दुष्यंत चौटाला का 14.2% लोगों ने समर्थन किया है। दोनों राज्यों में वोटों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी।