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BSNL को बंद करने के पक्ष में नहीं है वित्त मंत्रालय: विपक्ष के दुष्प्रचार की खुली पोल

मीडिया में लगातार ऐसी ख़बरें चल रही हैं कि भारत सरकार सार्वजनिक दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने जा रही है। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने भी इस ख़बर को लेकर सरकार को घेरा। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी लिखा कि मोदी सरकार अपने दोस्त उद्योगपतियों को बचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सूर्यकांत मिश्रा और सुजन चक्रवर्ती सहित अन्य वामपंथी नेताओं ने भी इस ख़बर के आधार पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

ख़बरों में कहा जा रहा था कि वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करना चाहती है। अब सरकार ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) के सेक्रेटरी अंशु प्रकाश ने कहा कि ऐसी सभी सूचनाएँ ग़लत हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करने की फ़िराक़ में है। एक मोबाइल टॉवर संगठन के कार्यक्रम के इतर उन्होंने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने इस ख़बर को नकार दिया कि वित्त मंत्रालय ने दोनों कंपनियों को बंद करने की सलाह दी है।

इससे पहले बीएसएनएल ने अपने सभी कर्मचारियों को अगस्त महीने के वेतन का भुगतान किया था, जो कुछ समय से अटका पड़ा था। फ़िलहाल बीएसएनएल के पुनरुद्धार के लिए एक रिवाइवल पैकेज तैयार किया गया है। आशा जताई जा रही है कि इस पैकेज के जारी होने के बाद अगले 5 वर्षों में बीएसएनएल घाटे से उबर कर लाभ देने वाली कम्पनी बन जाएगी।

अगर वित्तीय वर्ष 2018-19 की बात करें तो बीएसएनएल को 14,000 करोड़ का घाटा हुआ है इसी वित्त वर्ष के दौरान और कम्पनी का राजस्व भी घट कर 19,308 करोड़ रुपया हो गया है। वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान पब्लिक सेक्टर कम्पनी बीएसएनएल को 4,859 करोड़ का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 में यह आँकड़ा 7,993 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में बीएसएनएल का प्रोविजनल घाटा बढ़ कर 14,203 करोड़ हो गया। ये आँकड़े संसद सत्र के दौरान पेश किए गए थे।

देवबंद में 5 दिन में 2 भाजपा नेता की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने पिछड़ा प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष को मारी गोली

उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जिले के मुस्लिम बहुल इलाके देवबंद में आज (अक्टूबर 12, 2019) सुबह भाजपा सभासद चौधरी धारा सिंह पर बाइक सवार कुछ बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से जख्मी हुए भाजपा नेता को आनन-फानन में सीएचसी भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात की खबर मिलते ही पुलिस मौक़े पर पहुँची। पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष और देवबंद नगर पालिका के सभासद चौधरी धारा सिंह आज सुबह मौला कष्ट स्थित अपने घर से त्रिवेणी शुगर मिल में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। तभी, रणखंडी फाटक के समीप पीछे से आए चार हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस दौरान एक गोली उनके सिर में जा लगी। जिससे उनकी मौत हो गई।

भाजपा नेता पर दिनदहाड़े हुए इस हमले की खबर सुनते ही नगर अध्यक्ष गजराज सिंह राणा समेत पार्टी के सैकड़ों समर्थक मौक़े पर एकत्रित हुए और हंगामा शुरू कर दिया। उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते के भीतर देवबंद में दूसरे भाजपा नेता की हत्या से पुलिस प्रशासन सकते में आ गई है।

जिले के एसपी दिनेश कुमार ने मामले को क्राइम ब्रांच के पास भेजा है। लेकिन फिलहाल, हत्या के कारणों का मालूम नहीं चल सका है। एसपी दिनेश ने बताया, ” 47 वर्षीय धारा सिंह, देवबंद में सभासद थे। उन्हें आज सुबह 8 बजे के आसपास अज्ञात बदमाशों के द्वारा रणखंडी फाटक पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए सहारनपुर मॉर्चरी भेजा गया। मृतक के परिवार वालों से बात की जा रही है। साथ ही हमले की वजह और दुश्मनी के संबंध में जाँच जारी है। “

इससे पहले बता दें 8 अक्टूबर को भी कुछ बदमाशों ने भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष यशपाल की गोली मार हत्या कर दी थी।

पश्चिम बंगाल: विलुप्त वाम दलों के भरोसे कॉन्ग्रेस की डूबती नैया, सोनिया गॉंधी ने साझा अभियान के दिए निर्देश

पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 40 सीटें है। बीते आम चुनाव में इनमें से केवल 2 पर कॉन्ग्रेस को जीत मिली। 38 सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। दशकों तक राज्य की सत्ता पर काबिज रही सीपीआई (एम) का तो सूपड़ा ही साफ हो गया था। 39 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और सभी जगह जमानत जब्त हुई।

ऐसे में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस और राज्य में तेजी से उभरती भाजपा को रोकने के लिए कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी ने नया प्लान बनाया है। इस योजना के तहत डूबती कॉन्ग्रेस का राज्य में विलुप्त होने के कगार पर पहुॅंच चुके वाम दल सहारा बनेंगे। सोनिया ने राज्य के पार्टी नेताओं से वाम दलों के साथ मिलकर अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

ख़बर के अनुसार, पश्चिम बंगाल कॉन्ग्रेस के नेता अब्दुल मन्नान ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए गुरुवार (10 अक्टूबर) को दो बार सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की थी। मन्नान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। बैठक के बाद, मन्नान ने मीडिया को बताया कि सोनिया ने पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के लिए अपनी हामी भर दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि कॉन्ग्रेस पार्टी को सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस और उभरती हुई भाजपा से हारने का डर सता रहा है।

मन्नान ने कहा,

“हमने सोनिया गाँधी जी के साथ राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और उन्होंने राज्य में प्रस्तावित एलएफ-कॉन्ग्रेस गठबंधन के बारे में जनता की राय बनाने के लिए हमें वाम मोर्चा के साथ संयुक्त आंदोलन करने के लिए कहा है। उन्होंने हमें राज्य में तृणमूल कॉन्ग्रेस और भाजपा के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे के साथ संयुक्त आंदोलन करने के लिए कहा है।”

मन्नान के अनुसार सोनिया का मानना है कि यदि 2016 विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कॉन्ग्रेस और वाम मोर्चे का गठबंधन बना रहता तो राज्य के राजनीतिक हालात अलग होते और भाजपा प्रदेश में कभी उभर नहीं पाती।

यहाँ इस बात पर ग़ौर किया जाना चाहिए कि सोनिया गाँधी ने यह क़दम ऐसे समय में उठाया है जब राज्य में जल्द ही तीन अलग-अलग ज़िलों में विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। इनमें कालीगंज, खड़गपुर और करीमगंज शामिल हैं। कालीगंज और खड़गपुर सीटों पर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार उतारेगी, वहीं माकपा करीमपुर सीट पर चुनाव लड़ेगी। 2016 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस और माकपा साथ आए थे, लेकिन क्रमशः 44 और 26 सीटें ही हासिल कर पाए थे। टीएमसी के पास 294 में से 211 सीटों का स्पष्ट बहुमत था।

महिला कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष ने ठेकेदार से ली रिश्वत, ₹1.25 लाख की दूसरी किस्त के साथ ACB ने धरा

राजस्थान कॉन्ग्रेस की महिला नेत्री को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने राजधानी जयपुर से रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। महिला कॉन्ग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद सुमन गुर्जर को 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। इसमें 50 हजार रुपए नकद और 75 हजार सेल्फ चेक के तौर पर था।

सुमन जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 की पार्षद हैं। वह जयपुर नगर निगम की महिला उत्थान समिति की चेयरमैन भी हैं। सुमन गुर्जर को एसीबी की टीम ने जयपुर के सांगानेर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पार्षद ठेकेदार से 50 हजार रूपए पहले भी ले चुकी थी।

एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सुमन गुर्जर अपने वार्ड में विकास कार्यों के एवज में ठेकेदार से 3 प्रतिशत कमीशन मॉंग रही थी। उन्होंने ठेकेदार से 1 लाख 75 हजार रुपए की रिश्वत माँगी थी। जिसके बाद ठेकेदार ने 50,000 रुपए की पहली किस्त दी। शुक्रवार (अक्टूबर 11, 2019) को रिश्वत की दूसरी किस्त 1 लाख 25 हजार रुपए देने के दौरान एसीबी की टीम ने रंगे हाथों सुमन गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी। ठेकेदार ने सुमन से कहा था कि वो उसे पैसे दे देगा, लेकिन फिर सड़क बनने के बाद घटिया सामग्री का मुद्दा नहीं उठना चाहिए। इस पर कॉन्ग्रेस पार्षद ने कहा था, “तू चिंता मत कर, मैं हूँ ना, बिल पास करवा दूँगी।”

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद महिला कॉन्ग्रेस ने भी सुमन से किनारा कर लिया। जयपुर नगर निगम की पार्षद सुमन गुर्जर पर इस कार्रवाई के बाद महिला कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देश पर महिला कॉन्ग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती ने गुर्जर को प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस की उपाध्यक्ष पद से तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।

ममल्लापुरम बीच पर PM मोदी ने की सफाई, उठाया कूड़ा, देखें Video

तमिलनाडु के ममल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अनौपचारिक शिखर बैठक कर रहे हैं। कल (अक्टूबर 11, 2019) इस बैठक के पहले दिन उन्होंने राष्ट्रपति जिनपिंग से आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर बात की। इसके बाद वह आज सुबह की सैर के लिए ममल्लापुरम बीच पर गए। वहाँ उन्होंने बीच किनारे पड़े कूड़े को उठाया।

उन्होंने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “आज सुबह ममल्लापुरम में एक बीच पर 30 मिनट Plogging की। ये सब 30 मिनट तक चला।

इस 3 मिनट की वीडियो में प्रधानमंत्री बीच पर कैजुअल कपड़ों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने टीशर्ट और ट्रैक पैंट पहनी है और सैर के दौरान वे समुद्र किनारे पड़े कूड़े को अपने हाथ से उठा रहे हैं। अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात की जानकारी दी कि उन्होंने ये कूड़ा एक थैली में एकत्रित करके होटल के स्टाफ जेयाराज को सौंपा। उन्होंने लिखा कि हम सभी लोगों को सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक स्थान साफ-सुथरा रहें। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को स्वस्थ और सेहतमंद रहने का संदेश दिया।

बता दें कि अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री ने सफाई अभियान के लिए PLOGGING शब्द का उपयोग किया।
दरअसल, सुबह की सैर (जॉगिंग) के दौरान कूड़ा उठाने को ‘प्लॉगिंग’ कहते हैं। जहाँ तक इसके बारे में जानकारी उपलब्ध है, इसकी शुरुआत 2016 में स्वीडन से हुई थी। पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर को महात्मा गाँधी के जन्मदिवस के अवसर पर प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने को लेकर शुरू हो रहे अभियान का जिक्र करते हुए
प्लॉगर रिपुदमन बेल्वी देश की तारीफ की थी।

हालाँकि, देश को स्वच्छ बनाने के लिए प्रधानमंत्री अपने पहले कार्यकाल से ही स्वच्छता अभियान के लिए लोगों को जागरूक करते आए हैं। सरकार #HumFitTohIndiaFit movement की शुरुआत भी कर चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा PLOGGING किए जाने को देखकर लगता है कि वो ऐसा करते हुए इन दोनों अभियानों को एक साथ प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत के 93% ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय की सुविधा पहुँचा दी गई है और अब तक 9 करोड़ शौचालय बन चुके हैं। इन आँकड़ों की जानकारी खुद पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने दी है। उन्होंने बताया है कि उन्होंने साल 2018 के नवंबर से फरवरी 2019 तक एक सर्वे कराया था, जिसमें ये आँकड़े निकलकर आए हैं।

टेरर फंडिंग: उम्मेद अली, समीर सलमानी और एजाज अली समेत 4 गिरफ़्तार, नेपाल से जुड़े तार

टेरर फंडिंग मामले में एटीएस और स्थानीय पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से शुक्रवार (11 अक्टूबर) को चार लोगों को गिरफ़्तार किया। इनके पास से भारतीय और नेपाली मुद्रा भी बरामद की गई है जिसे वो नेपाल से ला रहे थे। इसके अलावा, कई सेलफोन भी इनके पास से बरामद किए गए। 

गिरफ़्तार किए गए लोगों में सो दो लोग बरेली के हैं और दो लखीमपुर खीरी के तिकुनियां इलाक़े के हैं। इन चारों आरोपितों के बारे में पता चला है कि ये विदेश से नेपाल की बैंकों में आने वाले धन को भारतीय मुद्रा में तब्दील करके खीरी के रास्ते देश भर में भेजते थे। इस धन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता था।  

लखनऊ पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेन्स में डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नेपाल से अवैध रूप से धन मँगाकर भारत में आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं। सूचना मिली थी कि 10 अक्टूबर को भारी मात्रा में नेपाल से धनराशि लाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी और एजाज अली को गिरफ़्तार किया।

डीजीपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान चारों ने बताया कि वे लोग मुमताज, सिराज़ुद्दीन और सदाक़त अली के कहने पर यह काम कमीशन लेकर करते थे। इस काम को अंजाम देने के लिए बाक़ायदा एक योजना थी, जिसके अनुसार ये चारों अभियुक्त विदेशी मुद्रा को नेपाल के बैंकों में जमा करवाते थे और फिर वहाँ के किसी खाताधारक से वो पैसा निकलवा कर भारत लाते थे। भारत लाकर नेपाली मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदलवा दिया जाता था। इस काम के लिए अभियुक्तों को 6 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

अभियुक्तों ने इस बात का भी ख़ुलासा किया कि ये धन बरेली के रहने वाले फ़हीम और सदाकत को दिया जाता था और उनसे कमीशन ले लिया जाता था। फ़हीम और सदाकत रक़म को दिल्ली पहुँचाते थे।

अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, गिरफ़्तार किए गए लोगों ने नेपाल के एक बैंक की वेबसाइट हैक करके 49 लाख रुपए निकाले थे। पुलिस ने इनके पास से 4.75 लाख भारतीय रुपए और 1.65 लाख नेपाली रुपए बरामद किए हैं। फ़िलहाल, चारों को जेल में डाल दिया गया है और चार अन्य की तलाशी जारी है।  

एसपी पूनम का कहना है कि मुमताज, फ़हीम, सिराज़ुद्दीन और सदाकत की गिरफ़्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि यह अवैध धन किस आतंकी संगठन तक पहुँचाया जाता था। उन्होंने बताया कि पता चला है कि विदेशों से रक़म मँगाने के बाद उसे बैंक की वेबसाइट हैक करने के बाद ही उस रक़म को निकाला जाता था जिससे किसी को पता न चल सके।

कॉन्ग्रेस के हाथ से छिटक रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया, क्या दादी, बुआ की पार्टी में जाएँगे?

सियासत में बयानों की टाइमिंंग के अपने मायने होते हैं। पोस्टर भी पर्दे के पीछे चल रहे घटनाक्रमों का संदेश देते हैं। इस कसौटी पर कॉन्ग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के हालिया बयानों और भिंड में लगे एक पोस्टर को कसे तो भविष्य की राजनीति के कई संकेत नजर आते हैं।

इनसे सबसे बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि क्या ज्योतिरादित्य कॉन्ग्रेस छोड़ने वाले हैं? क्या वे उस भाजपा में शामिल होंगे जिसमें उनकी दादी विजयाराजे सिंधिया रही और जिसके साथ आज भी उनकी बुआ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे जुड़ी हैं? उनकी दादी तो बीजेपी के संस्थापकों में शामिल थीं। हालॉंकि ज्योतिरादित्य को जब सियासी पारी शुरू करने का मौका मिला तो उन्होंने दादी की पार्टी की बजाए पिता माधवराव सिंधिया की विरासत को कॉन्ग्रेस में रहकर आगे बढ़ाने का फैसला किया।

लेकिन, कहते हैं राजनीति में कुछ भी अंतिम नहीं होता। संभावनाओं का द्वार हमेशा खुला रहता है। शायद यही कारण है कि मध्य प्रदेश के भिंड में लगे एक पोस्टर में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ नजर आते हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह पोस्टर भाजपा कार्यकर्ता और भारत रक्षा मंच के संयोजक हृदयेश शर्मा की ओर से लगाया गया है। हाल में ज्योतिरादित्य ने जिस तरह प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को कई मौकों पर घेरा है उससे भी उनके पार्टी बदलने के कयासों को बल मिलता है। यह दूसरी बात है कि अब तक वे ऐसे कयासों को खारिज करते रहे हैं।

पिछले दिनों ज्योतिरादित्य भिंड के अटेर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की तत्काल सहायता करने को लेकर कमलनाथ सरकार को जमकर घेरा और साथ ही नसीहत भी दी।

इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निष्क्रिय होने पर पार्टी लाइन से अलग जाकर इसका समर्थन किया था। अभी हाल में कर्जमाफी को लेकर कमलनाथ सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि 2 लाख रुपए के कर्जमाफी का वादा किया गया था, लेकिन अभी तक सिर्फ 50 हजार रुपयों की ही कर्जमाफी हुई है। 2 लाखों रुपयों की कर्जमाफी होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की जीत में ​ज्योतिरादित्य की अहम भूमिका मानी जाती है। लेकिन, नतीजों के बाद उन्हें किनारे कर सरकार की कमान कमलनाथ को सौंप दी गई थी। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें मध्य प्रदेश की राजनीति से दूर कर कॉन्ग्रेस का महासचिव बना पश्चिमी उत्तर प्रदेश भेज दिया गया। आम चुनावों में पश्चिमी यूपी में कॉन्ग्रेस की दुर्गति तो होनी थी और हुई भी। ज्योतिरादित्य
खुद मध्य प्रदेश की गुना सीट से चुनाव हार गए।

हाल में समर्थकों ने उन्हें मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाने के लिए भी आवाज उठाई थी। लेकिन, शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अब तक इसे तवज्जो नहीं मिली है। बताया जाता है कि ज्योतिरादित्य पार्टी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

कुछ इसी तरह के आरोप लगाकर हरियाणा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे अशोक तंवर ने कॉन्ग्रेस छोड़ी है। मुंबई कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे संजय निरुपम ने भी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी के करीबियों को अलग-थलग किए जाने का आरोप लगाया है। ज्योतिरादित्य की गिनती भी उन नेताओं में होती है जो राहुल के करीबी रहे हैं। तो क्या अगली बारी उनकी ही है? जिस दौर में नेताओं को निष्ठा बदलने में पल भर की देरी नहीं लगती है, उस वक़्त में ज्योतिरादित्य के लिए तो यह दादी के घर वापसी जैसा ही होगा।

सेंगर ने नहीं रची थी उन्नाव रेप पीड़िता के कार हादसे की साजिश, सीबीआई चार्जशीट में MLA से हत्या का आरोप हटा

उन्नाव रेप पीड़िता की कार के साथ हादसा साजिश नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जॉंच करते हुए सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुॅंची है। इसके मुताबिक इसके पीछे भाजपा के निष्कासित विधायक कुलदीप सेंगर का हाथ नहीं था। दुर्घटना ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से हुई थी।

नतीजतन, सीबीआई ने इस मामले में जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें सेंगर और उसके सहयोगियों के खिलाफ हत्या का कोई आरोप दायर नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार आरोप-पत्र में रेप के आरोपित कुलदीप सेंगर और उसके सहयोगियों के ख़िलाफ़ केवल पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगे है।

इस मामले के संबंध में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में ड्राइवर आशीष पाल को आईपीसी की धारा 304-ए, 338 बी और 279 के तहत आरोपी बनाया गया है। ये चार्जशीट लखनऊ की विशेष अदालत में दाखिल हुई है। इसमें कुलदीप एवं उसके अन्य साथियों पर केवल 120 बी के तहत आरोप लगाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार सीबीआई ने पहले अपनी प्राथमिकी में पूर्व विधायक और 9 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक धमकी से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन कल लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में दायर हुई चार्जशीट में सिर्फ़ आपराधिक साजि और धमकी से संबंधित आरोप हैं।

गौरतलब है कि इसी साल 28 जुलाई को जब रेप पीड़िता जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी तो एक ट्रक ने उसकी कार में टक्कर मार दी थी। हादसे में पीड़िता ने अपने 2 परिजनों को खो दिया था जबकि वह खुद और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़िता के परिजनों से पूरी घटना के लिए सेंगर को जिम्मेदार ठहराया था और सीबीआई जाँच के लिए माँग भी की थी।

‘आवारा गोमाता’ लिख दिग्विजय सिंह ने पूछा- कहॉं हैं गोरक्षक? CM कमलनाथ बोले- कर रहे हैं काम

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस नेता आजकल मीडिया के जरिए एक-दूसरे को पाठ पढ़ा रहे हैं। इस कड़ी में राज्य के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मौजूदा मुख्यमंत्री कमलनाथ को ट्विटर के जरिए सच्चा गोभक्त बनने के नुस्खे बताए हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने एक ट्वीट में भोपाल हाईवे की तस्वीरें शेयर की और कहा कि यहाँ आवारा गोमाता बैठती हैं और लगभग हर दिन एक्सीडेंट से मर जाती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को जवाब देते हुए कमलनाथ ने ट्वीट कर बताया कि दिग्विजय सिंह जिस मामले पर उनका ध्यान केंद्रित करवा रहे हैं, उस पर काम करने के लिए वे पहले से प्रयासरत हैं।

दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ को टैग करते करते हुए 2 ट्वीट किए। एक में उन्होंने भोपाल हाईवे की तस्वीर डाली और लिखा, “यह चित्र है भोपाल इंदौर हाइवे का है, जहॉं आवारा गोमाता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन ऐक्सीडेंट में मर जाती हैं। कहॉं हैं हमारे गोमाता प्रेमी गोरक्षक? मप्र शासन को तत्काल इन आवारा गोमाता को सड़कों से हटा कर गोअभ्यारण्य या गोशालाओं में भेजना चाहिए।

इसके तुरंत बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया और लिखा, “यदि कमलनाथ जी आपने तत्काल ऐसा कर के दिखा दिया तो आप सच्चे गोभक्तों में गिने जाएँगे और तथाकथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी।

इस ट्वीट का सीएम कमलनाथ ने नौ घंटे बाद जवाब दिया। कहा कि वे पहले से ही इस कार्य को करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अभी कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने इस विषय पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। उनके अनुसार मध्य प्रदेश में 1,000 गोशालाओं के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। उनका कहना है कि अगले साल तक 3,000 गोशालाएँ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे गायों के सड़कों पर बैठने पर कमी आएगी। उनके मुताबिक गाय उनके लिए सियासी मुद्दा नहीं है।

सीएम कमलनाथ के ट्विट्स का स्क्रीनशॉट

बता दें कि इन ट्वीट्स के बाद सोशल मीडिया पर लोग मध्य प्रदेश की राजनीति पर तरह-तरह की चुटकी ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य ​सिंधिया के बीच ही एक-दूसरे को गलत दिखाने की होड़ लगी हुई है। अगर ऐसा रहा तो विपक्ष क्या करेगा?

लोगों का पूछना है कि अगर आपस में ही बात करनी है तो फोन पर बात नहीं कर सकते हैं? ये सब क्या चल रहा है?

यूजर्स कह रहे हैं कि गोमाता की चिंता कर रहे हो, लेकिन जो व्यापमं में मरे, मंदसौर की फायरिंग में मरे, फर्जी जेल ब्रेक में मरे? सब ठंडे बस्ते में है!

इसके अलावा एक यूजर ने दोनों नेताओं को सलाह दी है कि वे काम करें, नहीं तो पंचायत चुनाव में सब पता चल जाएगा, जब सारे सरपंच भाजपा के बनेंगे।

इस्लाम कबूल करने के लिए बीमार सिख पर डाला दबाव, इनकार करने पर अनवर ने साथियों संग मिलकर पीटा

पंजाब के पटियाला में जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। सिख समुदाय के एक बीमार व्यक्ति किरणदीप सिंह को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। इंकार करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।

मारपीट होने के तीन दिनों तक चुप रहने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिक़ायत दर्ज कराई। 32 वर्षीय किरणदीप सिंह ने शिक़ायत में बताया कि पटियाला के हीरा बाग में 6 अक्टूबर को उसे कलमा और क़ुरान पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और इस्लाम अपनाने के लिए कहा गया। जब किरणदीप सिंह ने इसका विरोध किया तो अनवर और उसके साथियों ने उसे बेरहमी से पीटा। पीड़ित किरणदीप सिंह एक कार शोरूम में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है।

जाँच पूरी कर पुलिस ने आठ लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। आरोपित अनवर ख़ान और उसके सात अज्ञात साथी अभी फ़रार हैं। शिक़ायत में सिंह ने बताया है कि क़रीब एक साल पहले वह बीमार हो गया था। पड़ोस में रहने वाले अनवर ख़ान ने कहा कि किसी ने उसके ऊपर किसी ने काला जादू किया है। इलाज के लिए अनवर उसे कई मजहबी स्थलों पर ले गया और वहाँ सिंह को कलमा पढ़ना सिखाया। इस दौरान सिंह के स्वास्थ्य में थोड़ा-बहुत सुधार भी हुआ।

इसके बाद, मुख्य आरोपित अनवर ने पीड़ित को आश्वासन दिया कि वह क़ुरान पढ़ने के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। किरणदीप ने कहा कि उसने अनवर की हर बात मानी। इसके बाद, अनवर ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, लेकिन सिंह ने इस्लाम धर्म क़बूल करने से इनकार कर दिया। इस पर अनवर ने कहा कि वह (सिंह) पहले से ही आधा तो

बन गया हैं, इसलिए अब उसे इस्लाम को पूरी तरह से गले लगा लेना चाहिए, लेकिन किरणदीप राजी नहीं हुआ।

ख़बर के अनुसार, क़रीब पाँच महीनों तक अनवर और उसके साथी, सिंह पर इस्लाम क़बूल करने का दबाव बनाते रहे। लेकिन, किरणदीप सिंह द्वारा बार-बार मना करने पर अनवर और उसके साथियों ने रविवार (6 अक्टूबर) को सिंह की पिटाई कर दी।