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सेना ने मार गिराए 10 आतंकी और इतने ही पाक फौजी, जनरल रावत ने कहा- ‘हमें सरकार की खुली छूट’

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई लॉन्च पैड को तबाह करते हुए कई पाकिस्तानी फौजियों को भी मार गिराया है। भारतीय सेना की इस बड़ी कार्रवाई में 6 से 10 पाकिस्तानी फौजी मारे गए हैं। ख़ुद सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने ये जानकारी दी है। जनरल रावत ने बताया कि सेब का व्यापार चल रहा है और स्कूल वगैरह भी खुल गए हैं लेकिन आतंकी लगातार लोगों को धमकियाँ दे रहे हैं कि स्कूलों में बच्चों को न भेजें। जनरल रावत ने बताया कि सेब के व्यापारियों को भी धमकी दी जा रही है। सेना प्रमुख ने आतंकियों के मसूबों की बात करते हुए कहा कि वे यहाँ अमन-चैन की बहाली नहीं होने देना चाहते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह दिखाया जा सके कि ‘अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कश्मीरी ख़ुश नहीं हैं।’

हालाँकि, सेना प्रमुख ने साफ़ कर दिया कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने से जम्मू कश्मीर की जनता बिलकुल ख़ुश है लेकिन आतंकी इसके उलट माहौल पैदा करने में प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सरहद के पार से कुछ और आतंकियों को भेजने की कोशिश हो रही है, ताकि माहौल बिगाड़ा जा सके। सेना को पक्की सूचना मिली थी कि फॉरवर्ड एरिया के कुछ आतंकी कैम्पों को फिर से सक्रिय किया गया है। इसके बाद भारतीय सेना ने उन आतंकी कैम्पों को निशाना बनाने का फ़ैसला किया। जनरल रावत ने बताया कि भारतीय सेना की इस कार्रवाई से न सिर्फ़ आतंकियों बल्कि पाकिस्तानी फ़ौज को भी भारी नुकसान हुआ है।

लगभग 6 से 10 पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने की सूचना है और इतनी ही संख्या में पाकिस्तानी फौजी भी मारे गए हैं। जनरल रावत ने बताया कि मारे गए आतंकियों की संख्या और अधिक भी हो सकती है, जिस सम्बन्ध में सूचना मिलते ही जानकारी साझा की जाएगी। जनरल रावत ने बताया कि 3 आतंकी कैम्पों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है, वहीं 1 अन्य आतंकी कैम्प को ख़ासा नुकसान पहुँचा है। उन्होंने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसका रवैया यही रहा तो भारतीय सेना आगे भी इस तरह की कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी। जनरल रावत ने बताया कि जब भी ऐसी कुछ कार्रवाई होती है तो राजनीतिक नेतृत्व को इससे अवगत कराया जाता है।

जनरल रावत ने बताया कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ ऑपरेशन में देश का राजनीतिक नेतृत्व पूरी तरह सेना को समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा कि सेना को बिना पाबन्दी कार्रवाई करने की छूट तो दी ही गई है, साथ ही राजनीतिक नेतृत्व ने इस बात की भी पूरी स्वतंत्रता दे रखी है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ किस तरह से कार्रवाई की जानी है और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाने वाली है। जनरल रावत ने पाकिस्तान के बैट कमांडो, ड्रोन और नावों के इस्तेमाल को लेकर कहा कि आतंकी लगातार नए-नए तौर-तरीके अपनाते रहते हैं और उसके लिए पाक सेना तैयारी करवाती है। उन्होंने बताया कि रावी और व्यास नदियों में बरसात के दौरान पानी बढ़ता है तो आतंकी उसके जरिये हथियार पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने पंजाब पुलिस और जम्मू कश्मीर पुलिस को लेकर कहा कि वो लगातार सतर्क हैं और सेना आतंकियों के हथियारों का स्रोत पता करने में जुटी है। वहीं पाकिस्तान के मीडिया पोर्टलों पर भी भारत की इस कार्रवाई का जिक्र है, हालाँकि वहाँ की खबरों में मारे गए आतंकियों को ‘सामान्य नागरिक’ बता कर पेश किया जा रहा है। पाकिस्तानी फ़ौज के अधिकारियों ने भी भारतीय सेना की कार्रवाई को दबी जुबान से स्वीकार किया है।

‘कमलेश तिवारी के हत्यारों को 72 तोपों की सलामी दी जाए’ – कमेंट पर दानिश नवाब, मोहम्मद इमरान गिरफ़्तार

हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में अब तक कई ख़ुलासे हो चुके हैं। इनमें आरोपितों की पहचान से लेकर उनके हत्या करने की साज़िश तक का ख़ुलासा हो गया है। जिस योजनाबद्ध तरीक़े से कमलेश तिवारी की नृशंस हत्या की गई, उसका भी पता चल चुका है। मिटाई के डिब्बे में असलहे और पिस्टल को छिपाकर किस तरह से हत्या की इस ख़ौफ़नाक वारदात को अंजाम दिया गया, वो किसी के भी दिल को दहलाने में सक्षम है।

जहाँ एक ओर इस हत्याकांड की देशभर में भरसक निंदा हो रही है, वहीं कुछ अराजक तत्व अपनी विकृत मानसिकता के चलते भद्दे कमेंट करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कमलेश तिवारी की हत्या को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने दानिश नवाब और मोहम्मद इमरान अंसारी को गिरफ़्तार किया है। 

इन आरोपितों ने कमलेश तिवारी की मौत का मज़ाक उड़ाते हुए उनकी हत्या करने वालों को 72 तोपों की सलामी दिए जाने की बात कही। फेसबुक पर की गई यह टिप्पणी जैसे ही वायरल हुई, हिन्दू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया और आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने की माँग की। प्रदर्शनकारियों में ब्राह्मण महासभा सेवा समिति, हिन्दू जागरण मंच और करणी सेना शामिल थी, जिन्होंने अकबरपुर थाने में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपितों को गिरफ़्तार कर लिया।

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बता दें कि मोहम्मद इमरान अंंसारी ने फ़ेसबुक पर हँसी-ठिठोली की इमोजी का इस्तेमाल करते हुए ‘एक ट्रक निंदा’ कमेंट लिखकर कमलेश तिवारी की हत्या की ख़बर शेयर की, इस पर अकबरपुर थाना इलाक़े के निवासी दानिश नवाब ने कमेंट किया, “जिसने भी मारा हो उसे 72 तोपों से सलामी दी जाए।” इस विवादित टिप्पणी के सामने आते ही हिन्दू संगठनों में आक्रोश फैल गया। क़रीब एक घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्र के निर्देश पर आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया। एसपी ने आरोपितों की गिरफ़्तारी की पुष्टि की।

सोशल मीडिया पर एक हिन्दू नेता की सरेआम हत्या कर दिए जाने पर कुछ लोगों ने इसकी भर्त्सना की, वहीं कुछ कट्टरपंथी अपनी नीचता का परिचय यहाँ भी दिया। सोशल मीडिया पर “हा-हा” रिएक्शन देने वालों में फ़हीम रहमान, नदीम अख़्तर, मोहम्मद इमरान जैसे विकृत मानसिकता वाले लोग भी शामिल हैं, तो “लव” रिएक्ट करने वालों में सलाउद्दीन अंसारी और मुहम्मद समीउल्लाह के नाम सामने आए।

इस ‘बाल पत्रकार’ की राजनीतिक समझ से हैरान रह जाते हैं नेता, ले चुका है कई दिग्गजों का इंटरव्यू

हरियाणा में सोमवार (अक्टूबर 21, 2019) को विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के लिए प्रचार का शोर भी थम चुका है। गुरुवार को मतगणना पूरी होने के साथ ही चुनाव परिणाम भी जारी हो जाएँगे। लेकिन, इस बीच मीडिया कवरेज के दौरान एक छोटे बच्चे ने सबका ध्यान खींचा। गोल्डी गोयल नामक 14 वर्ष का यह बच्चा हरियाणा की राजनीति की अच्छी समझ रखता है और नेताओं से सवाल-जवाब भी करता है। नेतागण अक्सर उसके सवालों को सुन कर अचंभित भी हो जाते हैं। उसने अपना यूट्यब चैनल भी बना रखा है। वह अपने फेसबुक पेज पर भी अपने वीडियो डालता है। आइए आपको बताते हैं कि ये बालक है कौन?

गोल्डी गोयल हरियाणा के जींद के रहने वाले हैं। इस छोटे से बच्चे ने अब तक हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के अलावा दुष्यंत चौटाला और नैना चौटाला जैसे दिग्गजों का भी इंटरव्यू लिया है। तेजतर्रार गोल्डी का कहना है कि वह अपनी जानकारी के लिए यह सब कर रहे हैं ताकि उन्हें जनता की परेशानियों के साथ-साथ इसका भी पता चले कि जनप्रतिनिधि विधानसभा और लोकसभा में किस प्रकार से समस्याओं का समाधान लेकर आते हैं? वह अनुच्छेद 370 को लेकर भी बाते करते हैं और बताते हैं कि कैसे सालों से चली आ रही अनुच्छेद 370 को अमित शाह ने ‘कड़ा निर्णय’ लेते हुए ख़त्म कर दिया।

9वीं कक्षा में पढ़ने वाले गोल्डी गोयल का कहना है कि वो आगे जाकर भारत के संविधान का अध्ययन करना चाहते हैं ताकि अपनी जानकारी को और बढ़ा सकें। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला की बहू और डबवाली से विधायक नैना चौटाला से जब गोल्डी गोयल ने उनकी रैली को लेकर और बसपा से उनकी जेजेपी का गठबंधन टूटने को लेकर सवाल पूछे तो वो अचंभित हो उठीं। उन्होंने गोल्डी की जानकारी की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने को कहा। नैना चौटाला गोल्डी के सवालों से हतप्रभ थीं और लगातार मुस्कुरा रही थीं।

नीना चौटाला गोल्डी के सवालों से हतप्रभ रह गईं

जिंद उपचुनाव के दौरान जेजेपी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने गोल्डी से मजाकिया अंदाज़ में पूछा कि उसकी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही हैं या उसने पढ़ाई ही छोड़ दी है? इसके जवाब में गोल्डी ने बताया कि उसकी छुट्टियाँ चल रही हैं। जेजेपी के चुनाव चिह्न चाभी छाप को लेकर हरियाणा के मंत्री अनिल विज की टिप्पणी को लेकर गोल्डी ने दुष्यंत से सवाल पूछे। सबसे बड़ी बात तो यह कि चौटाला परिवार की अंदरूनी राजनीति को लेकर भी इस बच्चे ने दुष्यंत से बेबाकी से सवाल पूछे। अरविन्द केजरीवाल से भी गोल्डी ने एक से एक सवाल पूछे और जेजेपी से उनके गठबंधन को लेकर बात की। उसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की तरह हरियाणा के अस्पतालों को भी ठीक किया जाएगा।

गोल्डी गोयल ने लिया अरविन्द केजरीवाल का इंटरव्यू

गोल्डी गोयल के यूट्यब चैनल पर लाखों व्यूज आते हैं। सोशल मीडिया पर भी वह चर्चा का विषय बने रहते हैं। 14 साल के इस छोटे से बच्चे को हरियाणा की राजनीति की इतनी समझ है कि वो नेताओं की बयानबाजी पर भी नज़र रखता है और उनके विरोधियों से उन बयानों को लेकर सवाल पूछना नहीं भूलता। हालाँकि, उसकी यूट्यब और फेसबुक फीड में अधिकतर जेजेपी नेताओं के ही इंटरव्यू हैं। बता दें कि चौटाला परिवार पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल की विरासत को बचाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहा है।

कमलेश तिवारी से दोस्ती के लिए अशफ़ाक़ ने बनाया था फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट, चाकू से किए थे 15 वार

कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। जहाँ एक तरफ़ सूरत और नागपुर से आरोपितों की गिरफ़्तारी हुई है, हत्यारों की अंतिम लोकेशन पुलिस को बरेली और गाजियाबाद में मिल रही है। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या में शामिल दोनों शूटरों की पहचान अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन के रूप में हुई है। एसटीएफ इस मामले की जाँच कर रही है और इसके लिए गुजरात एटीएस के साथ ही महाराष्ट्र पुलिस से भी तालमेल बिठा कर काम किया जा रहा है। इस पूरी साज़िश में कुछ और लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।

वहीं अब पता चला है कि अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से परिचय बनाने के लिए पहले उनसे दोस्ती की। ‘आजतक’ ने सूत्रों के हवाले से खुलासा किया है कि अशफ़ाक़ ने कमलेश तिवारी से दोस्ती बनाने के लिए एक फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट बनाया था। ख़ास बात यह है कि उसने ये फेसबुक अकाउंट अपने नाम से नहीं बल्कि एक रोहित सोलंकी के नाम से बनाया था। जब हमने उस संभावित फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला तो पाया कि उसके प्रोफाइल पिक्चर में ‘हिन्दू राज’ और भगवा ध्वज लगा हुआ था।

फेक फेसबुक आईडी के जरिए उसने कमलेश तिवारी से बातचीत की, दोस्ती की और फिर मिलने का समय माँगा। फेसबुक पर बातचीत करते हुए अशफ़ाक़ ने रोहित सोलंकी के छद्म नाम का प्रयोग करते हुए कमलेश तिवारी से बातचीत में कहा कि वो हिन्दू समाज पार्टी का सदस्य बनना चाहता है और इसके लिए उनसे मिलना चाहता है। कमलेश तिवारी के नौकर ने भी अपने बयान में बताया था कि आने से पहले हत्यारोपितों ने क़रीब 10 मिनट तक कमलेश तिवारी से बातचीत की थी। घर पहुँचने के बाद भी दोनों ने कमलेश तिवारी के साथ क़रीब आधे घंटे तक बातचीत की।

यह भी पता चला है कि कमलेश तिवारी के शरीर पर चाकू से 15 बार वार किया गया था। मिठाई के डब्बे में हथियार रख कर ले जाया गया था। सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपित भगवा वस्त्र में दिखे। पुलिस को पता चला कि दोनों लखनऊ के खालसा होटल में रुके थे, जिसके कमरे से भगवा वस्त्र और खून लगे कपड़े बरामद किए गए हैं। अब पुलिस को इन दोनों की तलाश है।

इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक तिवारी के परिजनों से भी मुलाक़ात की है। कमलेश तिवारी द्वारा स्थापित संगठन हिन्दू समाज पार्टी के प्रवक्ता राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आरोपितों को दबोचने के मामले में यूपी पुलिस ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा।

अवैध संबंध के शक में महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया, पश्चिम बंगाल में किसी की गिरफ्तारी नहीं

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक शादीशुदा महिला को मारने-पीटने और निर्वस्त्र कर दिन के उजाले में पूरे गाँव में घुमाने की शर्मनाक घटना सामने आई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस पीड़िता को भीड़ के चंगुल से बचाकर थाने ले गई। घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से पूरी तरह से टूट गई है। पीड़िता द्वारा घर लौटने से इनकार करने पर उसे पुलिस कैंप में ही रखा गया है। ग्राम सभा और समाज के कथित ठेकेदारों की गैर-कानूनी कार्रवाई की यह घटना नानूर इलाके की है।

जानकारी के मुताबिक महिला का गाँव के 28 वर्षीय एक शादीशुदा युवक के साथ अवैध संबंध था। कुछ दिन पहले महिला ने युवक के साथ अपना संबंध तोड़ लिया था। इससे मायूस होकर उस युवक ने 17 अक्टूबर को जहर खा लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहाँ इलाज के दौरान युवक की अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने इसके लिए पीड़िता को जिम्मेदार ठहराया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 18 अक्टूबर को जब युवक का शव गाँव में आया, तो सारी महिलाओं ने पीड़ित महिला के ऊपर हमला बोल दिया। मृत युवक की विधवा पत्नी ने दावा किया कि उसके पति ने उसी महिला की वजह से आत्महत्या कर ली। उन लोगों ने पीड़िता की पिटाई की और साथ ही निर्वस्त्र कर पूरे गाँव में घुमाया। हालाँकि, उसे पुलिस ने बचा लिया है और सुरक्षा के मद्देनजर थाने में ही रखा है।

बता दें कि मृत युवक के दो बेटे हैं और पीड़ित महिला भी शादीशुदा है। उसके भी दो बेटे हैं। पुलिस के मुताबिक कथित तौर पर पीड़िता 2011 में घर से भाग गई थी, लेकिन कुछ समय बाद लौट आई। इससे ग्रामीणों को उसके अवैध संबंधों के बारे में संदेह हुआ। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है। घटना की जाँच की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

‘वो ज़ालिम, वो कुत्ता… अल्लाह की शान में गुस्ताखी किया, उसको तो’ – कमलेश तिवारी को ओवैसी की धमकी

लखनऊ में हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार (18 अक्टूबर) को निर्मम हत्या कर दी गई। इसके बाद कई लोगों के नाम सामने आने लगे, जिन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे लोगों की लिस्ट लम्बी होती चली जा रही है। बता दें कि इसमें सारे नाम उन लोगों के ही सामने आ रहे हैं जो इस्लाम से ताल्लुक रखते हैं।

इसी लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया है हालाँकि इस नाम के जुड़ने से किसी को भी हैरानी नहीं होगी। यह नाम हैदराबाद के सांसद और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी का है, जिन्होंने साल 2015 में कमलेश तिवारी को जान से मारने की धमकी दी थी। ओवैसी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ासा वायरल हो रहा है। वीडियो में ओवैसी को कहते सुना जा सकता है कि रसलुल्लाह के खिलाफ कुछ भी बोलने की हिम्मत जो कोई भी कोई करता है वह हराम है।

ओवैसी की ज़बान यहीं नहीं रुकी बल्कि वो यहाँ तक कह गए, “वो ज़ालिम, वो कुत्ता जो उत्तर प्रदेश में अल्लाह की शान में गुस्ताखी किया, याद रख आज तू जेल में है मगर दुनिया तेरे लिए चूहे के बिल की तरह बन जाएगी।”

हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष और हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की लखनऊ स्थित उनके दफ़्तर पर दो अपराधियों ने गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद से ही दोनों हत्यारे अशफाक और मोइनुद्दीन फरार हैं। यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस ने साझा ऑपरेशन से हत्या की साजिश रचने वाले मास्टर-माइंड आतंकवादी संगठन का भी पर्दाफाश कर दिया है।

बता दें कि पुलिस ने मामले को सुलझाते हुए हत्या के आरोपितों के नाम भी उजागर कर दिए हैं। इनमें पूरी घटना का असली मास्टरमाइंड मौलाना मोहसिन शेख है। वहीं घटना को अंजाम देने वालों में राशिद पठान और फैजान की गिरफ़्तारी की हुई है। मामले में संलिप्त जो अन्य अपराधी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं उन पर यूपी पुलिस की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है।

कमलेश तिवारी का परिवार जॉंच से संतुष्ट: बेटों ने छुए CM योगी के पाँव, पत्नी ने कहा- हत्यारों को दो मृत्युदंड

मृत कमलेश तिवारी के परिजनों ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की। मुलाक़ात के दौरान परिवार ने सीएम योगी को 11 माँगों का एक ज्ञापन सौंपा। कमलेश तिवारी के दोनों बेटों ने मुख्यमंत्री योगी के पाँव छू आशीर्वाद लिया। हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी की हत्या के बाद उपजे जनाक्रोश के बीच लगातार यह माँग की जा रही थी कि सीएम योगी पीड़ित परिवार से मिलें और उनकी माँगों को ख़ुद सुनें। कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी ने हत्यारों को मृत्युदंड देने की माँग की है। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीएम ने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। उनसे हुई मुलाकात से हम संतुष्ट हैं।

पीड़ित परिजनों ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। परिजनों ने दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग की। कमलेश तिवारी के परिजनों ने प्रशासन के साथ एक समझौता तय किया, जिसके अनुसार परिवार को रहने के लिए आवास और बेटे को लाइसेंसी हथियार मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा एनआईए से जाँच की सिफारिश करने की बात भी कही गई है।

कमलेश तिवारी के परिवार और सरकार के बीच समझौता

समझौते में कहा गया है कि उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में एसटीएफ द्वारा जाँच की जा रही है। कमलेश तिवारी के सबसे बड़े पुत्र को सरकारी नौकरी के लिए अनुशंसा करने की बात भी कही गई है। समझौता पत्र में कमलेश तिवारी की ‘गरिमा’ का ख्याल रखते हुए परिजनों को अतिरक्त सहायता देने की बात भी कही गई है।

कमलेश तिवारी के परिजनों की सरकार से माँग

मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा कि सीएम योगी ने इस मामले में न्याय करने का आश्वासन दिया है। किरण तिवारी ने कहा कि वो हत्यारों के लिए मृत्युदंड की माँग करती हैं। सीएम योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को सज़ा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अब तक के जाँच से संतुष्टि जताई।

वहीं, कमलेश तिवारी द्वारा स्थापित संगठन हिन्दू समाज पार्टी के प्रवक्ता राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आरोपितों को दबोचने के मामले में यूपी पुलिस ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। सीएम योगी ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि दहशत और भय फैलाने वाले तत्वों के मंसूबों को कुचल कर रख दिया जाएगा। कमलेश तिवारी का परिवार सीएम योगी से मिलने के लिए पहले से ही जिद कर रहा था, लेकिन प्रशासन की पहली प्राथमिकता कमलेश तिवारी का दाह संस्कार सुचारु रूप से कराने की थी।

अब साल में 100 दिन परिवार के साथ गुजार सकेंगे सशस्त्र बलों के जवान: गृहमंत्री के निर्देश के बाद कवायद शुरू

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सभी केन्दीय सशस्त्र बलों को परिवार के साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रतिवर्ष 100 दिन देने की बात कही है। शाह ने कहा है कि केंद्रीय सशस्त्र बलों के सभी जवानों की तैनाती का विवरण डिजिटल किया जाए और इसके लिए एक ऐप का सहारा लिया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय गृहमंत्री के इस मानवीय ऐलान के बाद लाखों सशस्त्र बलों के जवानों को फ़ायदा मिलेगा। असम राइफल्स के जवान भी इसमें शामिल हैं। सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के डायरेक्टर जनरलों को शाह ने ऐसा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय के एक प्रेजेंटेशन के दौरान अमित शाह ने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने जवानों द्वारा सामना किए जाने वाली कठिन चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी तैनाती घर से काफ़ी दूर होने की वजह से उन्हें अपने परिजनों के साथ समय व्यतीत करने का मौक़ा नहीं मिल पाता। शाह ने इस दौरान सुझाव दिया कि एक वेब एप्लीकेशन की मदद से सभी जवानों की तैनाती का विवरण डिजिटल किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें प्रतिवर्ष 100 दिन मिल रहे हैं। इन तैनातियों के दौरान वे अपने परिवार के साथ समय बीता सकते हैं।

अमित शाह ने सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के डायरेक्टर जेनेरेल्स को कहा है कि इस कार्य के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की ज़रूरतों का खाका खींचा जाए और गृह मंत्रालय को इससे अवगत कराया जाए। उन्होंने आज के पेपर फॉर्मेट की जगह डिजिटल पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा होने से मुख्यालय को यह देखने में आसानी रहेगी कि जवानों की तैनाती का रोटेशन इस प्रकार से हो रहा है या नहीं, जिससे वे प्रतिवर्ष 100 दिन अपने परिवार के साथ व्यतीत कर सकें। इस सम्बन्ध में गृह मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को सभी सशस्त्र बलों के उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय ने बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनएसजी, एसएसबी, सीआईएसएफ और असम राइफल्स के डीजी को इस सम्बन्ध में पत्र लिख कर इसकी रूपरेखा बनाने का निर्देश दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की ख़बर के अनुसार, एक सीआरपीएफ के जवान ने बताया कि फिलहाल उन्हें प्रतिवर्ष मुश्किल से 75 दिन अपने परिवार के साथ व्यतीत करने के लिए मिलते हैं। अगर वीकेंड की छुट्टियों को हटा दें तो उन्हें 60 दिन का ‘Earned Leave’ व और 15 दिनों का ‘Casual Leave’ मिलता है।

इसके अलावा जवानों को उनके बच्चे का जन्म होने पर 15 दिन का पैटरनल लीव दिया जाता है। दूसरे बच्चे के जन्म होने पर भी इन छुट्टियों का लाभ उठाया जाता है। अगर अमित शाह के निर्देशों का पालन किया जाता है तो जवानों को अभी के मुक़ाबले अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करने के लिए 25% ज्यादा समय मिलेगा। इससे जवानों को होने वाले तनाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

NCP नेता धनंजय मुंडे ने बहन पंकजा पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, मामला दर्ज

भाजपा नेता और महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एनसीपी नेता धनंजय मुंडे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पंकजा पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं। धनंजय उनके चचेरे भाई हैं।

आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बीड जिले के परली से ताल्लुक रखने वाले एक भाजपा नेता ने धनंजय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालॉंकि धनंजय ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है वह फर्जी है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि परली भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर लोहिया की शिक़ायत पर शनिवार देर रात धनंजय मुंडे के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 500 (मानहानि), 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के लिए शब्द, हावभाव का इस्तेमाल) और 294 (सार्वजनिक स्थल पर अश्लील कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया। लोहिया ने आरोप लगाया कि धनंजय ने पंकजा के ख़िलाफ़ 17 अक्टूबर को केज तहसील के विडा गाँव में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान अश्लील टिप्पणियॉं की।

इस मामले में भाजपा ने निर्वाचन आयोग और महिला आयोग से भी शिक़ायत की है। वहीं, NCP नेता धनंजय मुंडे ने शनिवार देर रात फेसबुक पर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने लिखा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है, उससे छेड़छाड़ की गई है, वो फ़र्ज़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, इसलिए वीडियो की फॉरेंसिक जाँच होनी चाहिए।

पंकजा इस समय में महाराष्ट्र सरकार में ग्राम, महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं और मराठवाड़ा की परली सीट से चुनाव लड़ रही हैं। 2009 में वो पहली बार विधायक चुनीं गईं और 2014 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। उनका मुकाबला धनंजय मुंडे से ही है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे और नतीजे 24 अक्टूबर को आएँगे।

पाकिस्तान में एक और हिन्दू लड़की अगवा, इस्लाम कबूल करवा अल्लाह दीनो से जबरन निकाह करवाया

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की लड़कियों को अगवा कर जबरन उनके धर्मांतरण का सिलसिला थम नहीं रहा है। चांदरी कोलही नाम की युवती को सिंध प्रांत के मीरपुरखास के नोकोट से अगवा कर उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया। फिर अल्लाह दीनो के साथ उनका निकाह करवा दिया गया।

टाइम्स नाउ के मुताबिक पीड़ित लड़की के परिजनों ने अगवा कर उसका जबरन धर्मांतरध करने की शिकायत दर्ज कराई है। हाल के समय में पाकिस्तान में ऐसी कई घटनाएँ सामने आई है। खासकर, हिंदू और सिख लड़कियों को अगवा कर उनके धर्मांतरण की।

चांदरी कोलही के जबरन धर्मांतरण की खबर हिन्दू लड़की नमृता चंदानी की हत्या के ठीक एक महीने बाद आई है। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने कहा था कि लड़की ने आत्महत्या की थी, मगर नमृता के परिजनों का दावा है कि उसकी हत्या की गई है।

इससे पहले इसी साल सितंबर महज़ एक दिन के भीतर 13 और 15 साल की दो बच्चियों को मजहब विशेष वालों द्वारा जबरन उठा ले जाने के मामले सामने आए थे। वहीं, एक सिख लड़की को अगवा कर मोहम्मद हसन नाम के युवक से उसका जबरन निकाह करवाया गया। वह हाफ़िज़ सईद के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा का सदस्य है। 29 अगस्त को रेणुका कुमारी को सिंध प्रांत के सुक्कुर स्थित उसके कॉलेज से अगवा कर जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया था। उसे सियालकोट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ता मिर्जा दिलावर बेग के घर पर बंधक बना कर रखा गया था।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के एक स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन ने देश में हिन्दू एवं ईसाई लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और निकाह पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि पिछले साल अकेले सिंध प्रांत में ऐसे तकरीबन 1000 मामले सामने आए थे। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने कहा, “सरकार ने ऐसी जबरन शादियों को रोकने के लिए अतीत में बहुत कम कोशिशें की हैं।” इस कारण से एचआरसीपी ने सांसदों से इस चलन को खत्म करने के लिए प्रभावी कानून बनाने की गुजारिश की।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने 335 पन्नों की 2018 में मानवाधिकार की स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि 2018 में सिर्फ सिंध प्रांत में ही हिन्दू एवं ईसाई लड़कियों से संबंधित अनुमानित 1,000 मामले सामने आए। जिन शहरों में बार-बार ऐसे मामले हुए हैं, उनमें उमरकोट, थरपारकर, मीरपुरखास, बदीन, कराची, टंडो अल्लाहयार, कश्मोर और घोटकी शामिल हैं।