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पाक-प्रेमी शरद पवार ने अपने पुराने साथियों को बताया कायर

हाल ही में पाकिस्तान की मेहमाननवाजी की तारीफों के पुल बाँधने वाले शरद पवार ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सहयोगियों को कायर कहा है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले राकांपा (NCP) छोड़कर सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने वाले अपने पूर्व सहयोगियों पर हमला बोलते हुए पार्टी प्रमुख शरद पवार ने रविवार (सितंबर 15, 2019) को उन्हें ‘कायर’ कहा। पवार ने कहा कि लोग आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें उनकी सही जगह दिखाएँगे।

एनसीपी ने विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और शरद पवार की नासिक में उपस्थिति के लिए विधानसभा आधारित बैठकें शुरू हो गई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की सांगली और कोल्हापुर यात्रा से पहले उन पर निशाना साधा। शरद पवार ने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सिर्फ कुछ घंटों के लिए केवल एक बार वहाँ (बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में) गए और फिर कभी नहीं गए।”

इसके साथ ही उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले अपने पूर्व सहयोगियों की भी निंदा करते हुए कहा, “वे कायर हैं… महाराष्ट्र के लोग चुनावों में इस तरह के लोगों को ध्यान में रखेंगे।”

शरद पवार ने खुद 1999 में तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के विदेश मूल के होने के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस छोड़ दी थी और उसी साल राकांपा (NCP) का गठन किया था।

बता दें कि एनसीपी के पूर्व नेता उदयनराजे भोसले सांसद के रूप में इस्तीफा देकर कल भाजपा में शामिल हो गए हैं। काफी दिन से भोसले के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें थीं, लेकिन शुक्रवार (सितंबर 13, 2019) को ट्वीट कर उन्होंने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि वह 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस और चंद्रकांत पाटिल जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होंगे।

इजरायल से पहुँची Spice 2000 बमों की नई खेप, बालाकोट एयर स्ट्राइक में हुआ था इस्तेमाल

इजरायल की एक कम्पनी से स्पाइस 2000 बम की नई खेप भारत पहुँची है। इससे भारतीय वायुसेना के फायरपावर को और मजबूती मिलेगी। स्पाइस 2000 बम भारत के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया गया था। इस बम के नए संस्करण की पहली खेप इजरायली कंपनी ने भारत को उपलब्ध करा दी है।

ग्वालियर एयरबेस पर स्पाइस 2000 बमों की खेप मिली है, क्योंकि यह भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 लड़ाकू विमान बेड़े का बेस है और वे एकमात्र बेड़े हैं जो इजरायल के इन बमों को ले जाने में सक्षम हैं। मार्क 84 वॉरहेड्स के साथ पहुँची बम की खेप के पहले बैच को भारतीय वायुसेना ने रिसीव किया। बता दें कि इजरायल से स्पाइस 2000 का जो नया बैच आया है, यह इसका ताज़ा वर्जन है। इसकी मारक क्षमता की बात करें तो यह एक बड़े बिल्डिंग को पूरी तरह ध्वस्त करने में सक्षम है।

वर्तमान करार के पूरा होने के बाद भारतीय वायुसेना भारी मात्रा में स्पाइस 2000 बम ख़रीदेगी। इस साल जून में भारत ने इजरायल के साथ 250 करोड़ रुपए के एक कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें इजरायल द्वारा भारत को 100 स्पाइस 2000 बम की सप्लाई का निर्णय लिया गया था। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान जब भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैम्पों को तबाह किया था, तब स्पाइस 2000 बम का इस्तेमाल किया गया था।

उस दौरान भारतीय वायुसेना ने मिराज 2000 फाइटर एयरक्राफ्ट्स का प्रयोग किया था। ग्वालियर में मिराज 2000 फाइटर एयरक्राफ्ट्स का घरेलू बेस है और बमों की खेप यहाँ इसीलिए पहुँची है क्योंकि यही एयरक्राफ्ट इन इजराइली बमों को फायर करने में सक्षम है।

नाबालिग को निकाह का झॉंसा दे मौलवी यूसुफ ने मस्जिद के मुसाफिरखाने में कई बार किया दुष्कर्म

राजस्थान में अलवर जिले के कठूमर गाँव के एक मुस्लिम धर्मगुरु पर गाँव की एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसे जबरन हैदराबाद ले जाने का आरोप लगा है। यहाँ उसने एक मस्जिद के मुसाफिरखाने में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पीड़ित के परिजनों ने उनकी लड़की की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने एक हफ्ते से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी।

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि लगातार दबिश के चलते आरोपित रविवार (सितंबर 15, 2019) को नाबालिग को पास के गाँव में छोड़कर गया है। बता दें कि, आरोपित मौलवी क्षेत्र के खुडियाना गाँव में नाबालिग लड़की को छोड़कर भाग गया। लड़की के गाँव से बरामद होने के बाद मामले की सच्चाई सामने आई। पुलिस अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, लड़की के भाई ने 7 सितंबर को मामला दर्ज कराया था कि उसकी 17 वर्षीय बहन को एक बोलेरो कार में भरतपुर क्षेत्र के दीनू गाँव निवासी यूसुफ द्वारा जबरन उठाकर ले जाया गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद, मौलवी और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए पुलिस ने यूसुफ के घर और कई अन्य जगहों पर छापेमारी की, मगर वह नहीं मिला। कथित तौर पर मौलवी ने पुलिस की दबिश और अपने खिलाफ जाँच की कार्रवाई से डरकर पीड़िता को खुडियाना गाँव के पास छोड़कर भाग गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और पीड़िता को बरामद कर लिया। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर घर भेज दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि तकरीबन एक सप्ताह पहले युसूफ उसे निकाह के बहाने बहला-फुसला कर हैदराबाद ले गया था। हैदराबाद में, उसे एक मस्जिद के मुसाफिर खाने में रखा गया था, जहाँ युसुफ ने कई बार उसके साथ बलात्कार किया।

आरोपित युसूफ पीड़िता के गाँव के एक मदरसे में मौलवी था। इस दौरान कई बार उसका खराब बर्ताव और हरकतें जाहिर होने पर ग्रामीणों ने उसे मदरसे से भगा दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित को पकड़ने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बिहारी हैं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे: पुस्तक से हुआ खुलासा

उत्तर भारतीयों, खासकर बिहार के लोगों को लेकर अक्सर नस्लीय टिप्पणी कर के अपनी क्षेत्रीय राजनीति चमकाने वाले ठाकरे परिवार को लेकर एक किताब में खुलासा किया गया है।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, स्वर्गीय प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे की पुस्तक (ग्राम्यंचा सदिंता इतिहास अरहत नोकरशाहिचे बंदे/Gramnyancha Sadyanta Itihas Arhat Nokarshahiche Bande/A History of Village Disputes or Rebellion of the Bureaucracy) इस पुस्तक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु समुदाय, जिससे ठाकरे परिवार संबंध रखता है, प्राचीन मगध (वर्तमान बिहार में) से बाहर चले गए, महापद्म नंद के बाद, तीसरी या चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में समुदाय मगध से बाहर चला गया और ‘योद्धाओं और शास्त्री’ के रूप में अपना जीवनयापन करने लगा।

पत्रकार धवल कुलकर्णी की पुस्तक द कजिन्स ठाकरे: उद्धव, राज एंड द शैडो ऑफ द शैया (पेंग्विन रैंडम हाउस) में इस बात का जिक्र किया गया है।

शिवसेना प्रमुख स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे, शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने जमकर उत्तर भारतीयों के खिलाफ राजनीति की है। लेकिन अब एक पत्रकार ने अपनी किताब में खुलासा किया है की शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पिता स्वर्गीय प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे का परिवार बिहार से संबध रखता है।

इस पुस्तक में चचेरे भाइयों के बीच टकराव के बारे में भी कई खुलासे किए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि इन भाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा की शुरुआत दिसंबर 1993 में देखा गया था जब राज ठाकरे ने एक मोर्चा चलाया था।राज ठाकरे ने नागपुर में पहले बेरोजगार युवाओं के मोर्चा का आयोजन किया था। यह बात साफ थी कि यह मोर्चा काफी बड़ा होने जा रहा था।

मोर्चे से एक रात पहले, राज को मातोश्री (ठाकरे का घराना) से एक फोन आया, जिसमें उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उद्धव को भी सार्वजनिक बैठक में बोलने के लिए मिला। राज, जो नागपुर में होटल सेंटर पॉइंट में रह रहे थे, परेशान थे क्योंकि उन्हें लगा कि उद्धव क्रेडिट का हिस्सा चाहते हैं।

पुस्तक में दोनों भाइयों के राजनीति के तरीकों के बारे में भी विस्तृत तरीके से बताया गया है और दोनों भाइयों द्वारा 1997 में खेले गए बैडमिंटन मैच का भी जिक्र किया गया है।

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

कश्मीर से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार यानी 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप उच्च न्यायालय नहीं जा सकते। हमने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मॅंगाई है। यदि आवश्यक हुआ, मैं खुद वहाँ जाऊँगा।”

बीते साल 03 अक्टूबर को चीफ जस्टिस पद की शपथ लेने वाले गोगोई इस साल 17 नवंबर में रिटायर हो जाएँगे। देश के 46वें चीफ जस्टिस गोगोई इस पद तक पहुॅंचने वाले पूर्वोतर से पहले जज हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके रिटायर होने से पहले अयोध्या में राम मंदिर को लेकर फैसला आ सकता है।

उनकी छवि पारदर्शिता को पसंद करने वाले और बेहद खुलकर बोलने वाले जज की रही है। सुप्रीम कोर्ट के रोस्टर को लेकर जब बीते साल चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी तो उसमें गोगोई भी शामिल थे। इसके बाद कुछ खेमों से आशंका जताई गई थी कि उनकी वरिष्ठता को नजरंदाज कर किसी और को सीजेआई बनाया जा सकता है।

18 नवंबर 1954 को जन्मे गोगोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे हैं। डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी कर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की। 1978 में गुवाहाटी हाईकोर्ट से वकालत शुरू की और 2001 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बने। उन्हें 12 फरवरी 2011 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अगले साल वे सुप्रीम कोर्ट पहुॅंचे और चुनाव सुधार से लेकर आरक्षण सुधार तक के कई अहम फैसलों में शामिल रहे हैं।

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे। जेएनयू के छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार के मामले में एसआईटी के गठन से इनकार करने वाले जज भी गोगोई ही थे।

जब वकील से पूछा मिराज किस जेनरेशन का

फाइटर प्लेन मिराज के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जॉंच को लेकर दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्होंने याचिकाकर्ता वकील अलख आलोक श्रीवास्तव से पूछा था कि मिराज किस जेनरेशन का है। वकील का जवाब सुन कर कहा, “आपने याचिका दाखिल की है और आपको पता ही नहीं मिराज किस जेनरेशन के हैं। आप भाग्यशाली हैं कि हम आप पर इस याचिका को दाखिल करने के लिए जुर्माना नहीं लगा रहे और ऐसा इसलिए क्योंकि आप वकील हैं।”

पिता को पता था सीजेआई बनेंगे

किताब ‘गुवाहाटी हाईकोर्ट, इतिहास और विरासत’ में गोगोई के बारे में एक रोचक किस्से का जिक्र है। इसके मुताबिक उनके पिता केशब चंद्र गोगोई से उनके एक दोस्त ने पूछा कि क्या उनका बेटा भी उनकी ही तरह राजनीति में आएगा? जवाब में उनके पिता ने कहा- मेरा बेटा शानदार वकील है और उसके अंदर इस देश का मुख्य न्यायाधीश बनने की क्षमता है।

POK में 11 छात्र गिरफ़्तार, कइयों के घर पर रेड: इमरान खान की रैली में किया था विरोध प्रदर्शन

पाक अधिकृत कश्मीर में छात्रों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है। उनका गुनाह बस इतना है कि उन्होंने पाक पीएम इमरान ख़ान की रैली में विरोध प्रदर्शन किया था। शुक्रवार (सितम्बर 13, 2019) को इमरान ख़ान ने मुजफ्फराबाद में रैली की, जो फ्लॉप रही। उन्होंने कश्मीरियों के लिए घड़ियाली आँसू बहाते हुए इस रैली में ख़ुद को उनका प्रतिनिधि बताया। रैली के दौरान पीओके के युवाओं व छात्रों ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया।

अब पाकिस्तानी पुलिस ने इन छात्रों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू कर दी है। अभी तक कुल 11 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है और कइयों के घर पर पुलिस ने छापेमारी की है। पीओके में पाकिस्तान के अवैध कब्जे के ख़िलाफ़ लोग आवाज़ उठा रहे हैं, जिसे मीडिया से दूर रखने और दबाने के लिए पाकिस्तान सरकार क्रूरतापूर्वक दमनकारी अभियान चला रही है।

विडम्बना तो यह है कि इमरान ख़ान अपनी हर रैली में मानवाधिकार की बात करते हैं और न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे भारत में ‘अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार’ की बात करते हैं। झूठे आरोपों के मसीहा बन चुके इमरान ख़ान को लताड़ते हुए पीओके के समाजसेवी आरिफ आजाकिया ने भी कहा था कि पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी क्षेत्र में मानवाधिकार के बारे में बात करने का हक़ नहीं है क्योंकि बलूचिस्तान में पाक फ़ौज नरसंहार कर रही है। पीओके में पाक सरकार के इशारों पर मानवाधिकार का हनन हो रहा है।

इससे पहले इसी महीने पीओके में 22 लोगों को इसीलिए गिरफ़्तार कर जेल में डाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान से आज़ादी की माँग की थी। लोगों ने रैली निकाल कर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नारे लगाए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने उनकी आवाज़ दबाने के लिए बड़े स्तर पर गिरफ्तारियाँ की। यहाँ तक कि इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ नारेबाजी करने के आरोप में एक बच्चे को भी गिरफ़्तार कर लिया गया। मुजफ्फराबाद की रैली में इमरान ने इस बात पर ख़ुशी जताई थी कि पाकिस्तान ने ‘कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण’ में सफलता पाई है।

पाक फ़ौज की एक और घिनौनी हरकत सामने आई थी। पाकिस्तानी फ़ौज ने फायरिंग के दौरान पीओके के ग्रामीणों को ही ढाल बना लिया। पाकिस्तानी फ़ौज ने ग्रामीणों का समूह बना कर उन्हें सीमा की तरफ़ भेजा और इसके बाद सीजफायर का उल्लंघन किया। भारत की तरफ़ से जवाबी फायरिंग से बचने के लिए पाक फ़ौज ने पीओके के ग्रामीणों को आगे कर दिया।

कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी की हिरासत 3 दिन और बढ़ी, ED ने की थी रिमांड बढ़ाने की माँग

अगस्ता वेस्टलैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष अदालत ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और कारोबारी रतुल पुरी की हिरासत 3 दिन बढ़ा दी है। बता दें कि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में रतुल पुरी की रिमांड 3 दिन और बढ़ाने की माँग की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश सुनाया।

इससे पहले, दिल्ली की अदालत ने रतुल पुरी की हिरासत बुधवार (सितंबर 11, 2019) को 5 दिन के लिए और बढ़ा दी थी। विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय को पुरी से पूछताछ के लिये 5 दिन का और समय दे दिया था। ईडी ने उन्हें 4 सितंबर को गिरफ्तार किया था और उनकी हिरासत की अवधि बुधवार को खत्म हो रही थी।

गौरतलब है कि, दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में रतुल पुरी के ख़िलाफ़ 9 अगस्त को ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किया था। ईडी ने कोर्ट से पुरी के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी करने की माँग की थी। ईडी ने कोर्ट से कहा था कि पुरी जॉंच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनसे संपर्क करना भी मुश्किल है। ऐसे में यदि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे मामले की जॉंच को प्रभावित कर सकते हैं।

बता दें कि, एक बार ईडी के समन पर पुरी पेश होने के बाद टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर भाग निकले थे। रतुल पुरी पर आरोप है कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में उनकी कंपनी से दुबई रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके अलावा इस मामले में सरकारी गवाह बने बिचौलिए और दुबई के कारोबारी राजीव सक्सेना द्वारा दर्ज बयान में पुरी का नाम आया था।

तिहाड़ी चिदंबरम ने जन्‍मदिन पर अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर जताई चिंता, कहा- ईश्‍वर इस देश की रक्षा करें

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार (सितंबर 16, 2019) को तिहाड़ जेल में अपना 74वां जन्मदिन मनाया। हास्यास्पद यह है कि आईएनएक्स मीडिया मामले में शामिल होने के मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में बंद कॉन्ग्रेस नेता ने अपने जन्मदिन पर भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।

पी चिदंबरम के ट्विटर हैंडल से कई सारे ट्वीट किए गए। करोड़ों के घोटाले के आरोपित चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को अपनी ओर से एक ट्वीट करने के लिए कहा है। ट्वीट में लिखा है, “मेरे परिवार ने मुझे दोस्तों, पार्टी के सहयोगियों और शुभचिंतकों की ओर से शुभकामनाएँ दी हैं। मुझे याद दिलाया गया कि मैं 74 साल का हूँ। वास्तव में मैं हूँ, लेकिन दिल से मैं 74 साल का युवा महसूस करता हूँ। मेरी हौसला अफजाई के लिए आप सभी का धन्यवाद।”

एक अन्य ट्वीट में चिदंबरम ने बिगड़ी अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने देश से घटते निर्यात को लेकर चिंता जताई। मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान इस देश को बचाए।

यह पहली बार नहीं है जब चिदंबरम ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह अर्थव्यवस्था के बारे में चिंतित हैं, न कि खुद के जेल जाने के बारे में। इससे पहले, उन्होंने जीडीपी विकास दर 5% गिरने पर चिदंबरम ने सरकार पर चुटकी ली थी।

इस मौके पर उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपने पिता के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। कार्ति चिदंबरम ने पत्र में पीएम मोदी पर इशारों में निशाना साधते हुए लिखा, “प्रिय अप्पा, आज आप 74 साल के हो रहे हैं, और कोई 56 आपको रोक नहीं सकता। हालाँकि, आप कभी अपने जन्मदिन को भव्य तरीके से नहीं मनाते, लेकिन आजकल हमारे देश में हर छोटी चीज पर बड़ा जश्न मनाया जाता है। बिना आपकी मौजूदगी के आपका बर्थडे पहले जैसा नहीं है। हम आपको मिस कर रहे हैं। आपकी अनुपस्थिति हमारे दिलों को तकलीफ दे रही है। काश आप हम सभी के साथ केक काटने के लिए घर पर होते।”

गौरतलब है कि, पी चिदंबरम की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है, जिस पर 23 सितंबर को सुनवाई होनी है। आईएनएक्स मीडिया मामले में 5 सितंबर को कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। चिदंबरम को 21 अगस्त को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

6 फीट से ऊँची न हो दुर्गा प्रतिमा: कमलनाथ सरकार का तुगलकी फरमान

मध्य प्रदेश में जब से कमलनाथ के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी है कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। इसे सुधारने की बजाए सरकारी अमला अब हिंदुओं की आस्था की ऊँचाई तय करने में जुट गया है।

इस कड़ी में दुर्गा पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक पूजा पंडालों में 6 फ़ीट से ऊँची दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।

इस वर्ष दुर्गा पूजा 29 सितम्बर से शुरू होगी और 7 अक्टूबर को इसका समापन होगा। दशहरा 8 अक्टूबर को है।

दुर्गा पूजा को लेकर अचानक से ऐसे समय में फरमान जारी किया गया है, जब अधिकतर मूर्तियाँ तैयार की जा चुकी हैं या फिर उनका निर्माण पूरे होने के कगार पर है। कारीगर दुविधा में हैं क्योंकि अचानक से नया नियम तय किए जाने के बाद उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अब उनकी मूर्तियाँ कौन ख़रीदेगा? कारीगरों ने जिला प्रशासन के इस फरमान पर आपत्ति जताई

भोपाल प्रशासन ने कहा है कि उसने ये निर्णय गणेश पूजा के दौरान हुए हादसे के मद्देनजर लिया है। कहा गया है कि अगर 6 फ़ीट से ज्यादा ऊँची मूर्ति स्थापित करनी ही है तो इसके लिए स्थानीय थानाध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी। रविवार (सितम्बर 15, 2019) को जिला प्रशासन और कारीगरों की बैठक भी हुई, जिसमें मूर्तियों को लेकर ऊँचाई तय करने का फरमान सुनाया गया। कई कारीगर बैठक छोड़ कर निकल गए, क्योंकि उन्हें जिला प्रशासन का यह फ़ैसला मान्य नहीं था।

बता दें कि भोपाल में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। राजघानी भोपाल की छोटी झील के खटलापुरा घाट में उस समय हादसा हुआ जब प्रतिमा विर्सजन के दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया जिससे नाव में सवार लोग डूब गए। इस हादसे में 5 लोगों को बचाया जा सका। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रत्येक मृतक को 4 लाख रुपए मुआवजे के रूप में देने का ऐलान किया।

लंबी कुर्ती: छात्राओं के विरोध के बाद कॉलेज प्रशासन ने वापस लिया बेतुका फरमान

हैदराबाद के सेंट फ्रांसिस कॉलेज ने वह फरमान वापस ले लिया है जिसमें लड़कियों को केवल लंबी कुर्ती पहन कर ही आने का निर्देश दिया गया था। छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन ने यह बेतुका आदेश वापस लिया है।

कॉलेज ने छात्राओं के शॉर्ट्स, स्‍लीवलेस या इस तरह के अन्‍य कपड़ों पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा था कि छात्राएँ घुटने के नीचे तक की कुर्ती पहनकर ही पढ़ने आएँ। इससे पुरुष शिक्षकों का ध्‍यान नहीं भटकेगा और लड़क‍ियों को भी शादी के अच्‍छे प्रस्‍ताव मिलेंगे।

सोमवार को इस आदेश के खिलाफ छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। तकरीबन 150 छात्राएँ प्रदर्शन में शामिल थीं। इस दौरान कॉलेज के गेट तक जाने वाली पूरी लेन को ब्लॉक कर दिया गया था।

कॉलेज के प्राचार्य ने कहा था कि प्राधिकारी वर्ग सुबह 10.30 बजे प्रदर्शनकारियों के दो से तीन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। हालाँकि, छात्राओं द्वारा इसे खारिज कर दिया गया, क्योंकि उनके द्वारा रखी गई माँगों में यह भी कहा गया था कि प्रिंसिपल को गेट पर आना चाहिए और सभी को सार्वजनिक रूप से संबोधित करना चाहिए, न कि बंद दरवाजों के पीछे।

इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें महिला सुरक्षा गार्ड छात्राओं की कुर्ती की लंबाई जाँच कर उन्हें कॉलेज में प्रवेश दे रही थीं। जब छात्राओं ने इस नियम को लागू करने के वजह के बारे में पूछा तो उन्हें जवाब दिया गया कि ये नियम इसलिए लागू किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें अच्छे शादी के प्रस्ताव मिल सकें। इसके साथ  ही कॉलेज प्रबंधन की तरफ से कहा गया कि उनके कपड़ों से मेल फैकल्टी असहज हो जाते हैं।