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‘हमारी मुट्ठी’ को ‘मोदी की मुट्ठी’ कर अभिसार शर्मा ने मीडिया पर लगाया लांछन, लताड़े जाने पर वीडियो किया डिलीट

पत्तलकार अभिसार शर्मा को एक बार फिर से फेक न्यूज़ फैलाते हुए पकड़ा गया है। इस बार उन्होंने आज तक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी को बदनाम करने और “मोदी-भक्त” दिखाने के लिए उनके एक कार्यक्रम के वीडियो के साथ छेड़छाड़ की है। पकड़े जाने पर उन्होंने वीडियो तो डिलीट कर दिया, लेकिन अपनी करतूत के लिए चित्रा त्रिपाठी से माफ़ी नहीं माँगी

चित्रा त्रिपाठी ने चंद्रयान-2 के ऊपर एक कार्यक्रम किया था, जिसका शीर्षक था “अब चांद हमारी मुट्ठी में”। इसे अभिसार शर्मा ने “अब चांद मोदी की मुट्ठी में” वीडियो एडिटिंग से कर दिया और “प्रधानमंत्री की तौहीन” पर चिंता जताने के बहाने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि मीडिया चैनल्स प्रधानमंत्री की चाटुकारिता करने में लगे हैं। हालाँकि उन्होंने ‘technically’ चित्रा की तस्वीर धुँधली कर दी, लेकिन फिर भी किसी के लिए यह पता लगाना मुश्किल नहीं था कि उनके निशाने पर कौन-सी पत्रकार हैं।

जब ट्विटर पर अभिसार शर्मा की कारस्तानी एक यूज़र ने उजागर की तो उन्होंने चुपचाप वह वीडियो डिलीट कर नया वीडियो डाल दिया, जिसमें “मोदी की मुट्ठी” नहीं था। लेकिन उन्होंने न ही आजतक या चित्रा त्रिपाठी से माफ़ी माँगी, न ही अपनी गलती पर खेद जताया।

पाकिस्तानियों का ‘कच्चा माल’ रह चुके हैं

अभिसार शर्मा इसके पहले 370 के मुद्दे पर पाकिस्तान की लाइन रटने वाले पत्तलकारों की फेहरिस्त में भी शामिल रह चुके हैं। पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर ने उनके एक वीडियो को अपने हिंदुस्तान-विरोधी प्रोपगेंडा का हिस्सा बनाया था, जिसमें अभिसार शर्मा अनुच्छेद 370 हटने के बाद चले जोक्स से तिल का ताड़ बना रहे थे

जमील ने किया हिन्दू युवती का अपहरण, हंगामे के बाद FIR दर्ज, इलाके में फैला साम्प्रदायिक तनाव

हिन्दूओं के पलायन को लेकर चर्चा में आए मेरठ के प्रह्लाद नगर में अब दूसरे समुदाय के युवक द्वारा हिन्दू युवती के अपहरण को लेकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया है। दरअसल, मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को प्रह्लाद नगर से एक युवती गायब हो गई, जिसका आरोप तीन बच्चे के पिता जमील पर लगा है। युवती के परिजनों का आरोप है कि जमील ने ही युवती का अपहरण किया। 

वारदात के सामने आने के बाद गाँव का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। लोगों ने इसके खिलाफ आक्रोश प्रकट करना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और स्थिति के अनियंत्रित होने से पहले ही काबू में कर लिया। युवती के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित जमील के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके छानबीन करनी शुरू कर दी है।

पुलिस ने युवती की तलाश में कई जगह दबिश दी, मगर कामयाबी नहीं मिली। तलाशी अभियान फिलहाल जारी है। इस दौरान पुलिस जमील के गाँव सरूरपुर भी पहुँची और पूछताछ के लिए 3 संदिग्धों को हिरसत में ले लिया है। पुलिस ने बताया कि, जमील लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के प्रह्लाद नगर में एक सीमेंट व्यापारी के यहाँ काफी दिनों से काम कर रहा था।

सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि इस मामले में आरोपित जमील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। युवती की तलाश की जा रही है। वहीं, शहर के एसपी ने कहा कि मामले में पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। आरोपित जमील को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर युवती को बरामद कर लेगी। पुलिस जमील के साथियों की तलाश में भी जुटी है।

गौरतलब है कि, प्रह्लाद नगर पिछले दिनों हिन्दूओं के पलायन को लेकर चर्चा में रहा था। दूसरे समुदाय के लोगों के गुंडागर्दी के कारण हिन्दू लोग यहाँ से घर बेच कर जा रहे थे। शिकायत के बाद पूरा प्रशासनिक अमला पहुँचा था और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस पिकेट व सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे।

मुहर्रम के जुलूस में गूँजा ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, मचाया उपद्रव

बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में ताजिया जुलूस के दौरान मुस्लिमों की जलूस में कई शरारती तत्वों ने भारत को अपशब्द कहे और पाकिस्तान समर्थक में नारे लगाए। मामला नरकटियागंज शहर का है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पुलिस को भी अलर्ट रखा गया था, क्योंकि इलाक़ा पहले से ही संवेदनशील रहा है। मुहर्रम का जुलूस जैसे ही शहर के आर्य समाज चौक पर पहुँचा, बवाल मच गया।

‘हिंदुस्तान’ के स्थानीय संस्करण में छपी ख़बर

आर्यसमाज चौक पर हमेशा की तरह कुछ लोग बातचीत कर रहे थे। जैसे ही मुस्लिमों ने उन्हें देखा, वे ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ का नारा लगाने लगे। मुहर्रम के जुलूस में लोगों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। इससे हिन्दू आक्रोशित हो गए। आक्रोशित हिन्दुओं ने इसका विरोध किया। विरोध करने पर उग्र मुस्लिमों ने पत्थरबाजी की, जिसके बाद दोनों समुदायों के बीच संघर्ष का माहौल पैदा हो गया।

स्थानीय युवक ने मुहर्रम के दौरान हुए संघर्ष का वीडियो पोस्ट किया

मुहर्रम के जुलूस में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ नारा लगाए जाने की ख़बर सुनते ही हिन्दू पक्ष के अन्य गुट भी वहाँ पर आए और उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया। विरोध के बावजूद मुस्लिम पक्ष के शरारती तत्व नारा लगाते रहे। पत्थरबाजी के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन उससे पहले दुकानों से लेकर सड़क तक तोड़फोड़ की जा चुकी थी। झड़प के दौरान सड़क पर पड़े साइकिलों तक को नहीं बख्शा गया और जम कर तोड़फोड़ मचाई गई।

मुहर्रम का जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, उसमें शामिल मुस्लिम उपद्रव करते गए। मुस्लिम युवकों ने दुकानों को नुक़सान पहुँचाया, सड़क किनारे खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की और लगातार पत्थरबाजी करते रहे।

मुहर्रम: ताजिया जुलूस के सामने आए CISF जवान पर चाकू से हमला, 5 पुलिसकर्मी घायल

बिहार के भागलपुर में अकबर थाना क्षेत्र के सिमराहा गाँव में ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने CISF जवानों से मारपीट करके उनपर चाकू से वार कर दिया।

जवानों की गलती सिर्फ़ इतनी थी कि जहाँ से ये जुलूस गुजर रहा था, वे वहाँ बाइक लेकर उनके सामने पड़ गए। जिसके बाद जुलूस में शामिल लोगों ने उनकी बाइक रोक दी, लेकिन फिर भी जवान आगे बढ़ने के लिए अड़े रहे।

इस कहासुनी में मामला इतना बढ़ गया कि बाद में दोनों पक्षों की ओर से पथराव की स्थिति बन गई। जिसको शांत करवाने की कोशिश में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चिड़ैया गाँव के सीआइएसएफ के जवान बाइक से स्टेशन जा रहे थे, उनकी बाइक को रोका गया, उन पर हमला हुआ और मुहर्रम के जुलूस में शामिल एक युवक ने तो सीआईएसएफ के जवान पर चाकू से भी वार किया। इस कारण जवान बुरी तरह से घायल हो गया। बाद में उग्र भीड़ से बचने के लिए जवान अपनी बाइक को छोड़कर वहाँ से भाग गए और अपने गाँव पहुँचकर परिजनों को इसकी सूचना दी।

जख्मी जवानों को देखकर गाँव वाले सड़क पर उतर आए और उन्होंने गुस्से में ताजिया जुलूस रोक दिया। बाद में, जुलूस में शामिल लोग ग्रामीणों पर पथराव करने लगे।

घटना की जानकारी थोड़ी देर बाद आला अधिकारियों को दी गई और घटना के 3 घंटे बाद खुद एसएसपी, डीएम सहित कई अधिकारी घटना स्थल पर पहुँचे। जिला से अतिरिक्त पुलिस को बुलाया गया और सुरक्षा के इंतजाम किए गए।

बाद में बड़ी मशक्कत से आला अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाया और सभी को घटनास्थल से हटा दिया गया। लेकिन आक्रोशित लोगों ने रेलवे ट्रैक पर भी प्रदर्शन किया और पथराव शुरू कर दिया। जिससे यातायात 2 घंटे तक प्रभावित रहा। शांति समिति की बैठक में दोनों पक्ष के लोगों को बुलाया गया, जहाँ उन्हें समझाने की कोशिश जारी है।

बसपा सांसद रेप केस वापस लेने का बना रहे दबाव, कह रहे उन्नाव वाली जैसा हाल करूँगा: पीड़िता

कॉलेज छात्रा से रेप मामले में आरोपित बहुजन समाज पार्टी के सांसद और मुख्तार अंसारी के करीबी अतुल राय पर नया आरोप लगा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार अतुल राय की तरफ से धमकियाँ दी जा रही है। साथ ही पीड़िता ने आरोप लगाया कि उस पर केस को वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि उसके परिजनों को भी डराया जा रहा है। जब भी वो घर से बाहर निकलती है तो अतुल राय के लोग उसका पीछा करते हैं।

पीड़िता ने कहा कि उसके केस करने के एक महीने बाद तक उसे हर तरह का प्रलोभन और धमकी दी गई, मगर जब उसने उसे नहीं माना तो उसके गवाह और पैरोकार पर एक अनजान लड़की से झूठा मुकदमा करवा दिया गया। पीड़िता ने कहा कि जिस तारीख को लेकर मुकदमा दायर किया गया है, उस तारीख के बारे में उसने यूपी के डीजीपी और एसपी से बात की और उन्हें इसके बारे में सारी जानकारी दी, मगर अभी तक किसी तरह का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।

पीड़िता का कहना है कि उसकी हर जानकारी लीक हो जा रही है। उसके मैसेज, कॉल टेप किए जा रहे हैं। अतुल राय के लोगों द्वारा हाईकोर्ट के जज तक मैनेज किए जा रहे हैं। पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है। एसपी बलिया ने पीड़िता से कहा है कि उसका केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है।

अतुल राय के लोगों के डर की वजह से पीड़िता लगातार ठिकाने बदल रही है। फिलहाल, वो स्थानीय मीडिया में पूरे परिवार के साथ गायब है। कुछ ख़बरों के अनुसार यह भी माना जा रहा है कि उन्हें सुरक्षा के लिहाज ले किसी दूसरी जगह भेज दिया गया है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और मुख्य न्यायाधीश से न्याय की गुहार लगाई है।

गौरतलब है कि, अतुल राय 22 जून से जेल में बंद है। लोकसभा चुनाव के दौरान अतुल राय पर कॉलेज की एक छात्रा ने धोखे से घर बुलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अतुल राय काफी दिनों तक फरार रहा और फिर बाद में सरेंडर कर दिया था। बनारस के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने 22 जून को उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया था।

बलूचिस्तान में नरसंहार, चीन में उइगरों की प्रताड़ना पर चुप्पी: बलूच नेता ने पाक की उधेड़ी बखिया

पाकिस्तान के कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपने ही देश के दोहरे रवैये पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। बलूच नेता मेहरान मारी ने वहाँ पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे नरसंहार का जिक्र करते हुए अपने ही देश की सरकार को आड़े हाथों लिया। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में लगातार नरसंहार कर रहा है और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि इन सबके बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मानवाधिकार का मुखौटा लगा कर जम्मू कश्मीर की बात करता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में आने का निमंत्रण देते हुए कहा था कि वहाँ पर लोग बहुत ज्यादा ख़ुश हैं और कोई भी आकर देख सकता है। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए बलूच नेता ने कहा वह एक बेशर्म आदमी है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के लोगों को मारने वाले पाकिस्तान को दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात करने का हक़ नहीं है।

बलूच नेता ने पाकिस्तान को यह भी याद दिलाया कि चीन में उइगरों के साथ क्या किया जा रहा है? मेहरान ने कहा कि शिनजियांग में चीन निर्दोष उइगरों को प्रताड़ित कर रहा है, उन पर अत्याचार कर रहा है लेकिन फिर भी वह पाकिस्तान का सबसे विश्वस्त पार्टनर बना हुआ है। बलूच नेता ने कहा कि पाकिस्तान ने ख़ुद को दुनियाभर के इस्लाम के समर्थकों के मानवाधिकार रक्षक होने का तमगा दिया हुआ है। उन्होंने कहा, “चीन में लाखों उइगरों पर अत्याचार हो रहा लेकिन पाकिस्तान चुप है क्योंकि बलूचिस्तान में चीन भी उसका ‘पार्टनर इन क्राइम’ है।

जेनेवा में मानवाधिकार आयोग में पाकिस्तान की किरकिरी हुई। भारत ने करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान पर पलटवार किया और उसे आतंकवाद का केंद्र बिंदु बताया। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वह बेइज्जत हो चुका है। पीओके के सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ आजाकिया ने भी पाकिस्तानी सरकार को लपेटे में लिया और पाक मंत्रियों को लताड़ा था।

‘The Wire’ फिर से झूठ बोलते पकड़ा गया, फर्जी निकला ‘कश्मीर में अख़बार नहीं छप रहे’ का दावा

जम्मू-कश्मीर से 370 निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पत्रकारिता का समुदाय विशेष लगातार वहाँ के हालात और सुरक्षा बलों की भूमिका को लेकर अनर्गल झूठ बोले जा रहा है। इन्हीं झूठों की श्रृंखला में The Wire का वह वीडियो है जिसमें ‘वरिष्ठ पत्रकार’ जयशंकर गुप्ता, प्रेम शंकर झा और उर्मिलेश के पैनल डिस्कशन में दावा किया जाता है कि 5 अगस्त (अनुच्छेद 370 हटने का दिन) से कश्मीर में कोई समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुआ है। The Wire के इस डिस्कशन में कश्मीर की कथित स्थिति को “(1975-77 के) आपातकाल से भी बदतर” भी इसी आधार पर बताया गया था।

The Wire के इस झूठ की पोल खोलते हुए दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने एक टीवी डिबेट में इस दावे की क्लिप चलाने के बाद कश्मीर में छप और बँट रहे अख़बारों के न केवल नाम गिनाए, बल्कि उनकी तस्वीरें भी दिखाईं। वह तस्वीरें उनके रिपोर्टर ने कश्मीर से मुहैया कराईं थीं। इनमें ग्रेटर कश्मीर, राइज़िंग कश्मीर, कश्मीर उज़्मा (उर्दू अख़बार), तामीर इरशाद (उर्दू अख़बार), कश्मीर इमेज, कश्मीर रीडर, कश्मीर टाइम आदि बहुत से अख़बार शामिल हैं। उन्होंने हाल के दिनों में प्रकाशित अख़बारों के साथ ही कुछ पुरानी प्रतियाँ (18-19 अगस्त, 2019) भी गिनाईं।

नया नहीं है प्रोपेगंडा

‘The Wire’ और फर्जी प्रोपेगंडा का पुराना रिश्ता किसी को दोबारा बताए जाने की ज़रूरत नहीं है। इसके पहले वह कश्मीर में जीवनरक्षक दवाओं की कमी का भी दावा कर चुका है, जोकि बाद में झूठा ही निकला था।

‘गाय’ और ‘ॐ’ सुनते कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं, PM मोदी ने मथुरा में विपक्षियों की चुटकी ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (सितम्बर 11, 2019) को मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के ख़िलाफ़ लोगों को जागरूक बनाने के लिए नई पहल का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घर एवं कार्यक्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें। इसके लिए उन्होंने लोगों से इस वर्ष गाँधी जयंती तक की समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने मथुरा में कचरा बीनने वाली महिलाओं के साथ भी मुलाक़ात की।

इस दौरान उन्होंने 1000 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। उन्होंने पशु आरोग्य मेले में किसानों से मुलाक़ात कर यह जाना कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं? केंद्र में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार मथुरा पहुँचे थे। उन्होंने यूपी में बड़ी संख्या में लोकसभा सीटों पर भाजपा की विजय के लिए जनता का धन्यवाद किया।

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में पर्यावरण का महत्व समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यमुना और गाय के बिना कान्हा की कोई भी तस्वीर पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि दूध, दही और माखन के बिना श्रीकृष्ण की कल्पना की ही नहीं जा सकती। पीएम मोदी ने समझाया कि जिस तरह प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के बिना भगवान कृष्ण अधूरे नज़र आते हैं, उसी तरह इनके बिना भारत भी अधूरा लगेगा। उन्होंने प्रकृति से संतुलन बना कर चलने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को प्लास्टिक के कारण उत्पन्न ख़तरे के बारे में बताया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कुछ लोगों के कान में जैसे ही ‘ॐ’ या ‘गाय’ शब्द पड़ते हैं, उनके बाल खड़े हो जाते हैं। प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा:

“प्लास्टिक कचरे की समस्या समय के साथ गंभीर होती जा रही है। ब्रजवासी अच्छी तरह जानते हैं कि कैसे प्लास्टिक पशुओं की मौत का कारण बन रहा है। मैं देशभर में काम कर रहे सभी स्वास्थ्य संगठन, सिविल सोसाइटी, युवा मंडल, महिला मंडल, क्लब, स्कूल, कालेजों से सिंगल यूज प्लास्टिक खत्म करने के मिशन में शामिल होने का आग्रह करता हूँ। महात्मा गाँधी ने भी स्वच्छता को प्रमुखता दी। उनकी 150वीं जयंती पर यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”

प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन की शुरुआत ब्रजभाषा से की। इस दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने प्लास्टिक-कूड़ा अलग करने वाले लोगों से न सिर्फ़ बातचीत की बल्कि उनके काम में हाथ भी बँटाया।

मुहर्रम जुलूस: भिड़े दो गुट, जमकर काटा बवाल, 18 घरों में लगाई आग, पुलिस की जीप, 4 बाइक फूँका

मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को मुहर्रम के दौरान तजिया जुलूस निकालने को दो गुट आपस में ही भिड़ गए और जमकर बवाल किया। घटना बिहार के बेतिया की है। दरअसल, बेतिया के मनुआपुल थाना के कर्बला मैदान में मंगलवार की शाम एक ही समय में दो समूहों द्वारा ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। इस दौरान दोनों समूहों के बीच आपसी विवाद उत्पन्न हो गया। 

इनके बीच का विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मारपीट के बाद शरारती तत्वों ने 18 घरों में आग लगा दी और कई वाहन फूँक दिए। इस दौरान उपद्रवी तत्वों ने मनुआपुल थाने की पुलिस जीप और 4 बाइक को भी फूँक डाला।

घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी ललन मोहन प्रसाद, डीएम डॉ निलेश रामचंद्र देवरे और एसपी जयंतकांत सहित कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। शरारती तत्वों ने जिनके घर जलाए हैं, उनका कहना है कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। उपद्रवी ट्रक में लुकार भरकर लाए थे। 

इसके अलावा, बिहार के नरकटियागंज और झंझारपुर में भी मुहर्रम के जुलुस के दौरान मारपीट और विवाद की खबर है। हालाँकि, पुलिस ने समय पर पहुँच कर स्थिति पर काबू पा लिया। वहीं, दरभंगा के सिंहवारा में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग जख्मी हो गए।

बरेली धर्म परिवर्तन मामला: अजहर बना रहा है पीड़िता पर समझौता करने का दबाव, वरना फेंक देगा तेजाब

उत्तर प्रदेश के बरेली से कुछ दिन पहले इंसानियत को शर्मसार करने वाला धर्म परिवर्तन का एक मामला सामने आया था। जहाँ एक हिंदू महिला ने थाने पहुँचकर मोहम्मद अजहर नाम के शख्स पर आरोप लगाया था कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर महिला को प्रेम जाल में फँसाया, उससे शारीरिक संबंध बनाया, अपने दोस्त जीशान की मदद से उसका अश्लील mms बनवाया, फिर उसका धर्मपरिवर्तन करवाके उससे निकाह किया और बाद में उसे अपने दोस्तों के साथ सोने पर मजबूर करने लगा।

हालाँकि, पुलिस ने उस समय (शनिवार को) महिला की इस शिकायत पर मामले को दर्ज कर लिया था और अजहर समेत 4 लोगों के ख़िलाफ़ जाँच शुरू कर दी थी। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि आरोपित अब महिला पर समझौता करने का न केवल दबाव बना रहा है बल्कि ऐसा न करने पर उस पर तेजाब डालने की भी धमकी दे रहा है। जिसके चलते महिला ने परेशान होकर फिर से पुलिस में शिकायत की हैं और डीआईजी ने बारादरी पुलिस को जाँच के आदेश दिए हैं।

खबरों की मानें तो अजहर के ख़िलाफ़ शनिवार को मामला दर्ज होने के बाद से ही वो पीड़िता को धमका रहा हैं। उसे मुँह खोलने पर तेजाब डालने की धमकी दे रहा हैं। जिससे महिला काफ़ी परेशान हो गई है और सुरक्षा के लिए पुलिस के पास पहुँची है।

इस मामले के संबंध में बता दें कि सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगा रहे हैं कि वो खुद इस मामले का संज्ञान लें और पीड़िता को न्याय दिलवाएँ। ताकि ऐसे कुकर्म को अंजाम देने वालों के लिए एक उदहारण स्थापित हो सके।

जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार को महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने ये मामला धारा 323, 506 और 376 डी के तहत दर्ज कर लिया था। साथ ही कहा था कि इस मामले की विभिन्न एंगल से जाँच की जा रही हैं। जाँच पूरी होने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।