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ओए दो टके के, तू मुझे मारेगा: पाकिस्तानी संसद में बदजुबानी

पाकिस्तानी संसद का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांसद एक दूसरे के साथ बदजुबानी करते नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि यह घटना पाकिस्तानी संसद में जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने पर हुई चर्चा के दौरान हुई।

वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद मुशाहिद उल्ला खान और फवाद चौधरी एक-दूसरे को धमकी दे रहे हैं। मुशाहिद उल्लाह खान अप्रत्यक्ष रूप से फवाद की तुलना ‘कुत्ते’ से करते दिख रहे हैं।

वह वीडियो में फवाद चौधरी के बीच में बोलने पर कहते हैं, “ये डब्बू साहब बोले जा रहे हैं। इन्हें मैं घर छोड़कर आया था फिर यहाँ आ गए।”

इसके बाद फवाद चौधरी कहते हैं, “तुम मुझे मारोगे? आओ बताता हूँ।’ ओए दो टके के शटअप।”

वीडियो में हम देख सकते हैं कि स्पीकर सांसदों के बीच हुई बदजुबानी को कार्यवाही से हटाने के लिए कह रहे हैं। साथ ही वह दोनों से शांत होने की भी दरख्वास्त कर रहे हैं, लेकिन दोनों नेताओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा।

भाई से निकाह करा 17 साल की नायला खान को परिवार ने दी ‘पापों’ की सजा

तीस साल की नायला खान को 17 साल की उम्र में स्कॉटलैंड से परिजन पाकिस्तान ले गए। जहॉं उसका निकाह कजन से जबरन कराया गया। इससे आहत नायला एक दिन सारे नाते-रिश्तों को तोड़ कर भाग खड़ी हुईं। अब अपने साथ हुई ज्यादतियों पर वह एक किताब लिख रही हैं।

नायला के अनुसार, यह रिश्ता नैतिक रूप से ग़लत था। उन्होंने बताया कि उनके परिजनों ने काफी काम उम्र में ही उनका रिश्ता कजन से तय कर दिया था। परिवार की कट्टर इस्लामिक सोच के कारण बचपन से ही उन्हें काफ़ी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। अम्मी-अब्बू इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि वह ‘पश्चिमी सभ्यता के अनुसार ढलती जा रही है।’ नायला के परिवार को लगता था कि वह ‘कंट्रोल से बाहर’ हो गई है। ऐसा इसीलिए, क्योंकि नायला कपड़े पहनने, बातें करने और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने में यकीन रखती थीं।

नायला के परिवार वाले अक्सर उसे ताना देते थे कि वह कुछ ज्यादा ही वेस्टर्न होती जा रही हैं। उन्हें 17 वर्ष की उम्र में ही पाकिस्तान ले जाया गया और उसके कजन के साथ जबरन शादी करा दी गई। नायला के परिवार वालों को लगता था कि वह बहुत ‘पापी’ हो गई है और उनका मानना था कि नायला ने परिवार की बदनामी कराई है। नायला के परिवार वालों ने निर्णय लिया कि इन सब चीजों को सही करने का एक ही तरीका है और वह है निकाह।

नायला ने अपने परिवार से बहुत मिन्नतें कीं लेकिन परिवार वालों ने उसकी एक न सुनी। पाकिस्तान में 5 हफ्ते बिताने के बाद नायला और उसका परिवार वापस स्कॉटलैंड आ गया। उसका पति बाद में आने वाला था। 2 महीनों बाद परिवार की ज्यादतियों से परेशान होकर नायला ने घर छोड़ने का फैसला किया। नायला अपने एक दोस्त के साथ घर से भाग खड़ी हुईं। इसके बाद उसके ही परिवार के लोगों ने नायला के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

नायला ने जानकारी दी कि वह अपने साथ हुए अत्याचार पर एक पुस्तक लिख रही हैं

नायला ने फेसबुक पर पोस्ट लिख कर अपना दर्द जाहिर किया। वह महिलाओं की स्वच्छंदता और स्वतंत्रता की लगातार पैरवी कर रही हैं। उन्होंने एक पुस्तक लिखने का फैसला लिया है, जिसमें परिवार की प्रताड़ना से वह कैसे उबरीं, इसका विस्तृत विवरण होगा। इस किताब में एक चैप्टर इस बात पर जोर देगा कि प्यार को मजहब से भी ऊपर रखा जाना चाहिए। बीबीसी के अनुसार, ब्रिटेन में जबरन शादी की घटनाओं में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई है।

जम्मू-कश्मीर में मनाई जा रही है शांतिपूर्ण तरीके से ईद

जम्मू-कश्मीर में नकारात्मक प्रचारों के बावजूद ईद का त्योहार बड़ी धूमधाम और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि सोशल मीडिया की तस्वीरों से हो रही है। 

जम्मू और कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने मीडिया को बताया कि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में, लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों में आते-जाते रहें इसके लिए सुरक्षा मानदंडों में ढील दी गई है। साथ ही मस्जिदों में लोगों के इकट्ठा होने पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है।

दिलबाग सिंह ने यह भी कहा कि घाटी में हिंसा या पथराव की कोई घटना नहीं हुई है। ख़बरों के अनुसार, अकेले बारामूला में 10,000 से अधिक लोगों ने शांति से ईद की नमाज अता की।

राजौरी क्षेत्र में, मस्जिदों में ईद की नमाज़ अता की गई जहाँ समुदाय विशेष के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। पुलिस ने कहा है कि दो दिन पहले प्रतिबंधों में ढील दी गई थी ताकि लोग ईद मनाने के लिए ख़रीदारी कर सकें और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कर सकें।

मीडिया में छाई ख़बरों में कश्मीर की मस्जिदों के दृश्य भी दिखाए जहाँ ईद की नमाज़ और समुदाय विशेष का जमावड़ा बिना किसी हिंसक घटनाओं के सुचारू रूप से चलता दिखा।

श्रीनगर में, लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों में जमा हुए हैं और ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण तरीके से अता की गई।

पत्रकार आदित्य कौल ने एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में यह स्पष्ट दिख रहा है कि शहर में अब तक कोई हिंसा या कोई अप्रिय घटना नहीं घटित हुई है और ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से अता की गई।

हालाँकि, इन खबरों के बीच ऐसे कई नेता, मीडिया पोर्टल और निहित स्वार्थ वाले व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर ग़लत सूचना दी। EX-IAS अधिकारी से राजनेता बने शाह फ़ैसल ने अनुच्छेद-370 हटाने के लिए भारत में हिंसा और बदला लेने की धमकी दी। उन्होंने ट्वीट किया था कि अपमान का बदला लेने तक कोई ईद नहीं मनाई जाएगी।

बौखलाए Pak का ईद की मिठाई लेने से इनकार, लद्दाख सीमा पर तैनात किए जेट

आज देश भर में ईद का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा के मौके पर मस्जिदों में नमाज पढ़ी और एक दूसरे को मुबारकबाद देकर खुशी का इजहार किया। जम्मू कश्मीर में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएँ दी है।

वहीं, ईद-उल-अजहा के मौके पर पाकिस्तान ने बीएसएफ से ईद की मिठाई लेने से इनकार कर दिया है। भारतीय जवानों ने बाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को ईद की मिठाई दी लेकिन उन्होंने मना कर दिया। दरअसल, जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 निष्क्रिय होने से पाक बौखलाया हुआ है। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से बकरीद पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर और हुसैनीवाला बॉर्डर पर मिठाई देने और लेने के लिए कोई संदेश नहीं आया। पहले ऐसे त्योहारों पर संदेश पाक की तरफ से दिन में ही मिल जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। 

इधर, पाकिस्तानी वायुसेना लद्दाख सीमा के पास अपने लड़ाकू विमान तैनात कर रही है। यह पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की सीमा के पास पाकिस्तानी स्कार्दू हवाई अड्डे पर तैनात किए जा रहे हैं। इस पर भारत की लगातार नजर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार (अगस्त 10, 2019) को पाकिस्तानी वायुसेना के तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख सीमा के पास तैनात किए गए हैं। इस ख़बर के सामने आने के बाद संबंधित भारतीय एजेंसियाँ ​​सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही हैं।

बिजली चोरी का आरोपी 30 दिन में लगाएगा 50 पौधे, हाई कोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा

बिजली चोरी के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को एक महीने में 50 पौधे लगाने का आदेश दिया है। केंद्रीय रिज रिजर्व वन, बुद्ध जयंती पार्क, वंदेमातरम मार्ग पर ये पौधे लगाए जाएँगे। साथ ही इसकी रिपोर्ट वन्य उपसंरक्षक (पश्चिम) के पास पेश करनी होगी।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जो भी पौधे लगाए उनकी उम्र कम से कम 3 साल होनी चाहिए और सभी पौधे अलग-अलग प्रजाति के होने चाहिए। आरोपी को जामुन, बरगद, आम, महुआ, गूलर, पिलखन और सागौन वगैरह के 50 पौधे लगाने होंगे। वन विभाग को इन पौधों की 6 महीने तक देखभाल करनी होगी।

कोर्ट ने आरोपी और वन विभाग दोनो को आदेश दिया है कि पौधे लगने का काम समाप्त होने के बाद वो शपथ-पत्र दाखिल करें। 6 महीने तक पौधों की देखभाल के बाद उनकी तस्वीर भी वन विभाग को पेश करने को कहा गया है। आदेश का पालन नहीं होने पर आरोपी को दोबारा मुकदमा चलाए जाने की चेतावनी दी है।

सार्वजनिक पोल से बिजली चोरी के आरोपी ने मुकदमा बंद करने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि उसने दुकान किराए पर दी थी और किराएदार ने बिना उसकी जानकारी के बिजली चोरी की।

ईदगाह के पास से गुजर रहे काँँवड़ियों पर पत्थरबाजी, पुलिसकर्मी भी घायल

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सोमवार (अगस्त 12,2019) को हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे काँवड़ियों पर रास्ते में कुछ उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया। इस पत्थरबाजी में कुछ काँवड़िए बुरी तरह घायल हो गए।

जानकारी के मुताबिक काँवडियों को बचाने पहुँची पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पत्थर फेंककर हमला किया। इस घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं। लेकिन तनाव की स्थिति बरकरार है

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो घटना इस्लामनगर क्षेत्र के बदायूं-बिसौली रोड पर हुई। यहाँ काँवड़िए अपनी ट्राली के साथ ईदगाह की तरफ़ से गुजर रहे थे कि तभी नमाज के दौरान ट्रॉली को निकाले जाने को लेकर और ट्रैक्टर पर डीजे बजाने पर उपद्रवियों द्वारा पथराव कर दिया गया। इसमें कई काँवड़िए घायल हुए।

पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। पुलिसवालों ने भी पत्थरबाजों से भागकर अपनी जानें बचाईं जबकि काँवड़ियों ने 2 किलोमीटर तक अपनी ट्रॉली भगाकर अपनी जान बचाई।

पूरी घटना के बाद गुस्साए काँवड़ियों ने मौक़े पर सड़क को जाम कर दिया। जानकारी मिलने पर आला अधिकारी वहाँ पहुँचे, और अब पुलिस द्वारा काँवड़ियों को समझाने का प्रयास जारी है।

पुलवामा बलिदानियों के परिवार की ज़िम्मेदारी संभालेगा रिलायंस, लद्दाख में करेंगे बड़ा निवेश: अम्बानी

रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अम्बानी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में निवेश को लेकर योजनाएँ तैयार करने की बात कही है। अम्बानी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उद्योग स्थापित करने और रोजगार को बढ़ावा देने का जो स्वप्न देखा है, रिलायंस परिवार उसे पूरा करने में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। अम्बानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जनता व क्षेत्र के विकास की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं।

भारत के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अम्बानी ने वादा किया कि वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए एक स्पेशल टास्क फाॅर्स का गठन करेंगे जो क्षेत्र के विकास कार्यों को बढ़ावा देने की योजनाएँ तैयार करेंगे। अम्बानी ने कहा कि आने वाले दिनों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रिलायंस परिवार की तरफ से कई बड़ी घोषणाएँ की जाएँगी। ज्ञात हो कि अगस्त 8, 2019 को राष्ट्र के नाम सम्बोधन में पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए कंपनियों से आगे आने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री ने कंपनियों ने कहा था कि वे दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की जनता के लिए नए अवसर पैदा करें। मुकेश अम्बानी ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए पुलवामा हमले में वीरगति को प्राप्त जवानों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ज़िम्मेदारी लेने की बात कही। मुकेश अम्बानी ने कहा कि पुलवामा के बलिदानियों के सम्मान में रिलायंस परिवार ने उनके परिवार की आजीविका व उनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ज़िम्मेदारी लेने का निर्णय लिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अम्बानी ने उक्त बातें कम्पनी की 42वीं जनरल एनुअल मीटिंग (AGM) में कही। अम्बानी ने देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में रिलायंस द्वारा बड़ा योगदान देने का वादा किया। जब मुकेश अम्बानी ने बैठक को सम्बोधित करते हुए पुलवामा का जिक्र किया तब पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

रिलायंस की 42वीं वार्षिक बैठक के दौरान मुकेश अम्बानी का पूरा सम्बोधन

रिलायंस की जिओफाइबर योजना की बात करते हुए मुकेश अम्बानी ने कहा कि इसके लिए 1600 शहरों से 1.5 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने रजिस्टर किया है। अम्बानी के अनुसार, जिओफाइबर के जरिए 1 जीबी प्रति सेकेण्ड की दर से डेटा स्पीड मिलेगी। अम्बानी ने जिओ सेट-अप-बॉक्स लॉन्च करने की घोषणा की। अम्बानी ने कहा कि 2030 तक भारत 10 ट्रिलियन डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था बन सकता है और इस लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है।

कमलनाथ के बहनोई और भाँजे का ₹300 करोड़ का बंगला और 4 करोड़ डॉलर की FDI जब्त

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाँजे और कारोबारी रतुल पुरी के खिलाफ आयकर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध कानून, 1988 की धारा 24 (तीन) के तहत रतुल पुरी और उनके पिता दीपक पुरी की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। 

जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने इस कार्रवाई के तहत दिल्ली के पॉश इलाके में 300 करोड़ रुपए के बंगले और चार करोड़ डॉलर की एफडीआई राशि जब्त की है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने रविवार (अगस्त 11, 2019) को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बंगला दिल्ली के लुटियन जोन के एपीजी अब्दुल कलाम रोड पर है और यह संपत्ति मोजर बेयर ग्रुप की कंपनी रामा एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसके मालिक और प्रवर्तक रतुल पुरी के पिता दीपक पुरी हैं। 

बता दें कि, आयकर विभाग अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर मामले के संबंध में धनशोधन के आरोपों की जाँच कर रहा है और रतुल पुरी के खिलाफ यह आयकर विभाग की इस तरह की दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले आयकर विभाग ने रतुल पुरी के 254 करोड़ रुपए के बेनामी शेयर को जब्त किया था। अधिकारी ने बताया कि बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत रतुल के नाम पर बेनामी शेयर को जब्त करने का प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया था। अधिकारी के मुताबिक, यह राशि ऑप्टिमा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई निवेश के जरिए हासिल हुई।

विनोद कापड़ी ने माना, मोदी विरोधी खबर लिखने के दबाव में रिपोर्टर को छोड़नी पड़ी नौकरी

न्यूज़लॉन्ड्री और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा हर वर्ष ‘मीडिया रंबल’ का आयोजन किया जाता है। इस कान्क्लेव में ख़बरों और मीडिया इंडस्ट्री से सम्बंधित बातें की जाती हैं। 2-3 अगस्त को दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित इस सम्मलेन में ‘टीवी 9 भारतवर्ष’ के पूर्व संपादक विनोद कापड़ी ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान कापड़ी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक रिपोर्टर को इसीलिए जॉब छोड़नी पड़ी थी क्योंकि मोदी-विरोधी स्टोरीज करने के लिए उसपर दबाव बनाए जा रहे थे।

कापड़ी से पूछा गया था कि क्या आज की मीडिया अपनी कवरेज से लोकतंत्र को नुकसान पहुँचा रही है? इसका जवाब देते हुए कापड़ी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मीडिया पर दबाव बनाकर अपना नैरेटिव चलाने की बातें कही जाती हैं लेकिन ये दबाव प्रत्येक सरकारों के दौरान रहा है। कापड़ी ने दावा किया कि आजकल सरकार के कुछ कहे बिना ही न्यूज़रूम में बैठे पत्रकार दबाव में रहते हैं और आजकल पत्रकार सरकार के नहीं बल्कि ख़ुद के ही दबाव में हैं।

न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यक्रम में कापड़ी का बयान

कापड़ी द्वारा यह बताना कि उनकी टीम के एक पत्रकार को इसीलिए अपनी जॉब छोड़ने को मजबूर होना पड़ा क्योंकि उस पर मोदी विरोधी कवरेज करने के लिए दबाव बनाया गया था, मीडिया के गिरोह विशेष की सच्चाई को उजागर करता है। विनोद कापड़ी ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा:

“2019 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी दौरे पर थे। उस समय ‘टीवी 9 भारतवर्ष’ के पत्रकारों की एक बैठक हुई जिसमें संस्थान की एडिटोरियल पॉलिसी के बारे में चर्चा हुई। मैंने अपने रिपोर्टर्स से कहा कि हमें सिर्फ़ ये चीजें दिखानी हैं कि किस तरह से गंगा अभी भी गन्दी है और सड़कों की हालत जर्जर है। मैंने रिपोर्टर्स से कहा कि प्रधानमंत्री के मंदिर दौरों को हमलोग कवर नहीं करेंगे।”

कापड़ी द्वारा ऐसी एडिटोरियल पॉलिसी थोपे जाने पर एक रिपोर्टर ने आपत्ति जताई। उसका कहना था कि कापड़ी मोदी विरोध के तहत एजेंडा चला रहे हैं। कापड़ी के अनुसार, उन्होंने उस रिपोर्टर को बताया कि वह एजेंडा नहीं चला रहे बल्कि सच्चाई दिखा रहे हैं। इस बैठक के अगले दिन उक्त रिपोर्टर ने जॉब छोड़ने का निर्णय लिया क्योंकि वह प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ एकतरफा कवरेज का हिस्सा नहीं बनना चाहता था।

कापड़ी ने यह भी दावा किया कि इस दौर में मीडिया इंडस्ट्री में ख़ुद ही अंदर से एक बड़ा दबाव है, बिना सरकार के कुछ कहे। ‘टीवी 9 भारतवर्ष’ अपने लॉन्च के समय से ही मोदी विरोध का एजेंडा चलाता रहा है। चुनाव के दौरान चैनल ने प्रधानमंत्री और भाजपा के ख़िलाफ़ एक तरह से प्रचार अभियान ही चला रखा था।

बंगाल में कट मनी: TMC पार्षद के भाई की धुनाई, चप्पलों की माला पहनाई

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक पार्षद के चचेरे भाई को पूर्वी मिदनापुर के मारिशदा गाँव में भीड़ ने जमकर पीटा और उसके बाद चप्पलों की माला पहना कर घुमाया। ग्रामीणों की मानें तो पार्षद अतनु गिरी के भाई कंचन गिरी ने नौकरी दिलवाने के नाम पर उन लोगों से कट मनी के रूप में 1 करोड़ से अधिक रुपए लिए थे।

घटना का वीडिया बनाकर वायरल करने वाले समूह का दावा है कि अतनु गिरी के भाई ने कम से कम 100 ग्रामीणों से पैसे लिए थे। वहीं, अतनु गिरी का कहना है कि इस घटना के बाद से वह कंचन के संपर्क में नहीं थे।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो एक गाँव वाले ने बताया कि कंचन पिछले 4 सालों में नौकरी दिलाने के नाम उनके गाँव के कई निवासियों से 1 करोड़ से अधिक की वसूली कर चुका है। लेकिन जब कुछ समय बाद जब लोग नौकरियों के बारे में पूछने लगे तो उसने आना बंद कर दिया।

स्थानीय लोगों की मानें तो कंचन पास में ही रहता था, लेकिन उनसे मिलता नहीं था। शनिवार (10 अगस्त 2019) को लोगों ने उसकी कार को रोक लिया और उसे कार से बाहर निकाला।

लोगों ने दावा किया कि इस दौरान उन्होंने कंचन समेत एक ठेकेदार और एक संदिग्ध तृणमूल कार्यकर्ता की पिटाई की और बाद में उन्हें छोड़ दिया। वहीं, टीएमसी पार्षद अतनु ने अपने चचरे भाई के साथ सीधे संपर्क होने से इंकार किया है। अतनु ने मामले के संबंध में कहा, “मुझे इन नौकरी के आश्वासनों के बारे में नहीं पता था। मैं कंचन के संपर्क में नहीं रहता।”