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दिग्विजय के विवादित बोल: ‘मोदी सरकार ने आग में हाथ डाला है, कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा’

विवादास्‍पद बयानों के लिए विख्‍यात कॉन्ग्रेसी नेता दिग्‍विजय सिंह ने अब कश्मीर पर अनर्गल प्रलाप किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि इस फैसले की वजह से कश्मीर भारत के हाथ से निकल जाएगा।

दिग्विजय सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का हवाला देते हुए कहा कि सरकार देखे कि कश्मीर में क्या हो रहा है। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने आग में हाथ डाला है। कश्मीर को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। मैं मोदी जी, अमित शाह जी और अजीत डोभाल जी से अपील करता हूँ कि वो संभल कर कदम उठाएँ, वरना हम कश्मीर को खो देंगे, कश्मीर हमारे हाथ से निकल जाएगा।”

मध्यप्रदेश के सीहोर के दौरे पर आए दिग्विजय ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि अगर धारा 370 हटी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और देखिए आज कश्मीर जल रहा है। इन्होंने (प्रधानमंत्री) अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य है। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का राज्य के आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। राज्य में विरोध-प्रदर्शन और फायरिंग से जुड़ी खबरों को प्रशासन खारिज कर चुका है।

बकरीद के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसकी प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की है। प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।

हिस्ट्रीशीटर घोषित होंगे भू-माफिया आजम खान, चोरी सहित 72 मामले दर्ज

सपा के भू-माफिया नेता आजम खान हिस्ट्रीशीटर घोषित हो सकते हैं। यूपी पुलिस उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने वाली है। जानकारी के मुताबिक आजम खान पर अप्रैल से अब तक 72 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें अधिकतर मामले आपराधिक हैं। जमीन कब्जाने से लेकर चोरी तक के आरोप उन पर हैं। रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, “चूंकि आजम खान के खिलाफ दर्ज अधिकतर मुकदमे आपराधिक हैं जैसे- जमीन कब्‍जाने और चोरी, हमने उनकी हिस्‍ट्रीशीट खोलने का फैसला किया है। जो 72 मामले दर्ज हुए हैं, पुलिस ने उनमें से 15 में चार्जशीट दाखिल कर दी है और बाकी में जाँच जारी है।”

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार हिस्ट्रीशीटर घोषित हो जाने के बाद उनकी हरेक गतिविधि पुलिस नजर रखेगी।

खबरों की मानें तो हालिया मामला उनपर गुरुवार को दर्ज हुआ है। जिसमें आजम खान सहित जिला नगरपालिका के एक पूर्व अधिकारी को नामजद किया गया है। दोनों पर शत्रु जमीन कब्जा कर जौहर यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनाने का आरोप है।

बता दें कि रामपुर से सपा सासंद आजम खान हाल ही में भू-माफिया घोषित किए गए थे। वह जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं और कई लोगों की जमीन हड़पने के आरोपी भी हैं। उनके ऊपर ‘आलिया मदरसा’ से किताबें चुरानें और रामपुर में क्लब से शेर की मूर्तियाँ चुराने का भी आरोप है।

UP: सिपाहियों की हत्या कर हिरासत से भागने वाला शकील ढेर

उत्तर प्रदेश के संभल में दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार होने वाले 3 बदमाशों में से पुलिस ने रविवार (अगस्त 12, 2019) को दूसरे बदमाश शकील को भी ढेर कर दिया। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने शकील को पकड़ने के लिए उसपर ढाई लाख रुपए का इनाम रखा हुआ था। इससे पहले पुलिस ने इन तीन बदमाशों में से एक कमल को एनकाउंटर में मार गिराया था। जबकि शकील और धर्मपाल फरार चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्टों की मानें तो पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश रजपुरा के गाँव मौलनपुर में छिपकर कुछ बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को पता चला कि इन बदमाशों में इनामी बदमाश शकील भी है, जिसके बाद पुलिस पूरी तैयारी करके उन्हें पकड़ने वहाँ पहुँच गई। सम्भल पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और पूरा जंगल घेर लिया।

17 जलुाई को सिपाहियों को मारने वाले तीनों बदमाश।

पुलिस की आहट सुनते ही बदमाश सतर्क हो गए। उन्होंने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार होने की कोशिश की। लेकिन एसपी यमुना प्रसाद की टीम ने लगातार फायरिंग के बावजूद शकील को ढेर कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।

गौरतलब है पिछले महीने 17 जुलाई को संभल में जब पुलिस की गाड़ी कुछ बदमाशों को ले जा रही थी तब वैन पर हमला किया गया था। इस दौरान बदमाशों ने पुलिसकर्मियों की हत्या कर अपने सभी साथियों को छुड़ा लिया था। इसके बाद से ही पुलिस इन तीनों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने कमल को 20 जुलाई को मार गिराया था।

J&K: बाप-दादा की करनी पर लड़े उमर अब्दुल्ला-महबूबा मुफ्ती, अब अलग रखे गए

जम्मू-कश्मीर के हरि निवास गेस्ट हाउस में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती झगड़ पड़े। हालात इतने बिगड़ गए कि उमर को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। दरअसल, दोनों एक-दूसरे पर राज्य में भारतीय जनता पार्टी को लाने का आरोप लगा रहे थे। बता दें कि, अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से दोनों हरि निवास गेस्ट हाउस में हिरासत में रखे गए थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

खबर के मुताबिक, महबूबा के साथ विवाद के दौरान उमर उन पर चिल्ला पड़े। उन्होंने महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद पर भाजपा के साथ 2015 में गठबंधन करने का आरोप मढ़ा। जिसके बाद दोनों ही नेताओं के बीच जमकर कहा-सुनी हुई। महबूबा ने भी उमर को याद दिलाया कि किस तरह से उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने अटल बिहारी वाजपेयी के ज़माने में भाजपा का साथ दिया था।

एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि महबूबा ने उमर पर चिल्लाते हुए कहा कि वो तो वाजपेयी सरकार में विदेश मामलों में जूनियर मिनिस्टर थे। यही नहीं, उन्होंने उमर के दादा शेख अब्दुल्ला को 1947 में जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करने का आरोप लगाया। एक अधिकारी ने बताया कि जब दोनों ही नेताओं के बीच विवाद काफी बढ़ गया तो दोनों को अलग-अलग शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। उमर अब्दुल्ला को महादेव पहाड़ी के पास चेश्माशाही में वन विभाग के भवन में रखा गया है तो महबूबा हरि निवास में ही रखी गईं हैं।

एक अधिकारी का कहना है कि दोनों नेताओं को जेल के नियमों और उनके ओहदों के हिसाब से खाना दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महबूबा ने ब्राउन बेड खाने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन उन्हें वह दी नहीं जा सकी क्योंकि जेल के मेन्यू में हिरासत में लिए गए वीवीआईपी लोगों के लिए ऐसा कुछ नहीं है।

कॉन्ग्रेस राज में पुलिस धुत: MP में 5 लोगों को पीटा, पेशाब पीने को किया मजबूर

मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में 5 लोगों की बेहरमी से पिटाई करने के आरोप में 4 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। इन पुलिसवालों पर नशे की हालत में कुछ लोगों को पीटने और फिर अपना पेशाब पिलाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना अलीराजपुर जिले के नानपुर पुलिस स्टेशन सीमा की है। जहाँ चारों पुलिसकर्मी नानपुर फाट बाँध के पास पिकनिक के लिए गए थे। इस दौरान इन पुलिसवालों का कुछ लोगों से झगड़ा हो गया।

पीड़ितों के घरवालों ने आरोप लगाया है कि जिस समय ये घटना हुई उस दौरान सभी आरोपित नशे में धुत थे। उन्होंने पहले पीड़ितों को पीटा और फिर उन्हें अपना पेशाब पीने पर मजबूर किया।

कुछ मीडिया खबरों की मानें तो पुलिसकर्मियों ने युवकों की सरिया, बेल्ट, लाठी से भी पिटाई की। घायल युवकों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों में एक नाबालिग भी शामिल है।

पुलिस की अमानवीय हरकत प्रकाश में आने के बाद राज्य के गृहमंत्री बाला बच्चन और जिला प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल को इसकी जानकारी दी गई। गृहमंत्री ने एसपी से बात करके उन्हें मामले में संलिप्त पुलिसवालों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद चारों पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया।

एएनआई ने अलीराजपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट विपुल श्रीवास्तव के हवाले से बताया है कि नानपुर पुलिस स्टेशन प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, विभागीय जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

‘सुधरेंगे नहीं कॉन्ग्रेसी’: चिदंबरम बोले- J&K मुस्लिम बहुल, इसलिए हटाया Article 370

वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी और पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्क्रिय करने के फैसले को धर्म से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है, इसलिए आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किया गया है। यदि यह राज्य हिन्दू बहुल होता तो भाजपा नीत केन्द्र सरकार इस मुद्दे को छूती भी नहीं।

इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में लोगों ने चिदंबरम को आड़े हाथों लिया है। यूजर्स ने कहा है कि पार्टी के गर्त में पहुॅंचने के बाद भी कॉन्ग्रेसी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति पर सवाल उठाए हैं, तो कुछ ने चिदंबरम से पूछा है कि यदि जम्मू-कश्मीर हिन्दू बहुल राज्य होता तो क्या नेहरू आर्टिकल 370 की सौगात देते?

चिदंबरम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अस्थिर है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियां इस अशांत स्थिति को कवर कर रही हैं लेकिन भारतीय मीडिया घराने ऐसा नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, “उनका (भाजपा) दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को कवर नहीं करते हैं तो क्या इसका मतलब स्थिरता होता है?”

साथ ही चिदंबरम ने सात राज्यों में सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में बीजेपी के कदम के खिलाफ डर की वजह से सहयोग नहीं किया। विपक्षी पार्टियों के असहयोग पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, “हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन सात पार्टियों (अन्नाद्रमुक, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजद, आप, टीएमसी, जद(यू) ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह काफी निराशाजनक है।”

कॉन्ग्रेस नेता ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो कि एक सच है। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें गोलीबारी हुई, ये भी सच्चाई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के फैसले की निंदा करने के लिए यहाँ एक जनसभा हुई थी। इसके साथ ही चिदंबरम का कहना है कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।

इंजीनियर इमरान ख़ान ने अपनाया हिन्दू धर्म, कहा ‘मेरे पूर्वज थे सूर्यवंशी ठाकुर’

नोएडा के एक निवासी ने हिन्दू धर्म अपनाकर अपने पूर्वजों द्वारा की गई ग़लती को सही करने की बात कही है। अमर उजाला की ख़बर के अनुसार, नोएडा के रहने वाले इमरान ख़ान ने न सिर्फ़ हिन्दू धर्म अपनाया है बल्कि अपना नाम भी हिन्दू धर्म के अनुसार ही बदल लिया है। इमरान ने मजहब बदल कर अपना नया नाम राम राघव रख लिया है और दावा किया है कि अब से वे हिन्दू धर्म के रीति-रिवाजों का ही पालन करेंगे। इमरान ने बताया कि उनके पूर्वज सूर्यवंशी ठाकुर थे, जिन्होंने किसी कारणवश इस्लाम अपना लिया था।

पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त कर चुके इमरान अपना ख़ुद का व्यवसाय चलाते हैं। उन्होंने औपचारिक तौर पर हिन्दू धर्म अपनाने की प्रक्रिया 17 अगस्त को पूरी करने की बात कही है। उन्होंने एफिडेविड बना कर अपने इस निर्णय की घोषणा की है। इमरान ने बताया कि यह फैसला उन्होंने बिना किसी प्रकार के दबाव के लिया है।

इमरान हिन्दू धर्म अपनाने की प्रक्रिया नोएडा के विश्वनाथ मंदिर में पूरी करेंगे। इमरान ने अमर उजाला को बताया कि राघव गोत्र के बड़गूजर के रूप में उनकी पहचान हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बावजूद उनके घर में सभी हिन्दू त्योहार भी मनाए जाते थे। उन्होंने बताया कि जिस तरह से उनके घर में ईद और मुहर्रम मनाया जाता है, उसी प्रकार से उनका परिवार होली और दिवाली भी मनाता है।

हिन्दू धर्म स्वीकार करने का श्रेय इमरान ने अपने परिवार की खुली सोच को दिया। उन्होंने बताया कि न उनके दोनों भाई और न ही उनकी पत्नी ने इस निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने बताया कि हो सकता है उसके भाई लोग भी हिन्दू धर्म अपना लें। राष्ट्रीय हिन्दू संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इमरान के हिन्दू धर्म अपनाने के बाद उनकी सुरक्षा जी जिम्मेदारी लेने को संगठन तैयार है।

साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि पहले हिन्दू धर्म स्वीकारने वालों के बच्चों की शादी नहीं हो पति थी लेकिन वह इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि इमरान वाले मामले में ऐसा न हो। बता दें कि इमरान के परिवार के सभी सदस्य उच्च शिक्षित हैं और उन्हें इमरान के हिन्दू धर्म अपनाने से कोई आपत्ति नहीं है।

बकरीद से पहले J&K में हालात सामान्य: 17 दिनों का मटन, 30​ दिनों का चिकन मौजूद

कल यानी सोमवार को बकरीद है। उससे पहले जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य है। आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का राज्य के आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। रविवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दुकानें खुली रही और लोगों ने जमकर खरीदारी की।

राज्य में विरोध-प्रदर्शन और फायरिंग से जुड़ी खबरों को प्रशासन पहले ही खारिज कर चुका है। बकरीद के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है। प्रशासन के मुताबिक आवश्यक वस्तुओं का राज्य में पर्याप्त स्टॉक है। 65 दिनों का गेहूॅं, 55 दिनों का चावल, 17 दिनों का मटन, एक महीने का चिकन, 35 दिनों का मिट्टी का तेल, एक महीने का गैस सिलेंडर और 28 दिनों के पेट्रोल का राज्य में स्टॉक है।

प्रशासन ने बताया है कि 300 स्पेशल टेलीफोन बूथ बनाए गए है ताकि लोग अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर सकें। अलीगढ़ और अन्य जगहों पर दिल्ली में मौजूद रेजिडेंट कमिश्नर के जरिए लाइजन ऑफिसर तैनात किए गए हैं, जो यहाँ रह रहे लोगों की घाटी में स्थित अपने परिवार से बात करवाने में मदद करेंगे।

कश्मीर डिवीजन के 3,697 राशन दुकानों में से 3,557 खुले हुए हैं। सब्जी, गैस सिलेंडर, चिकन और अंडे लोगों को मोबाइल वैन के माध्यम से घर तक पहुॅंचाने की भी मुकम्मल व्यवस्था प्रशासन ने की है।

पूंछ में आज धारा 144 में छह घंटे की ढील दी गई ताकि लोग बकरीद को लेकर खरीदारी कर सके। योजना आयोग श्रीनगर के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि लोग बिना किसी परेशानी के अपने घर पहुॅंच सके इसके लिए श्रीनगर हवाई अड्डे और बस अड्डों पर वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जहॉं कहीं भी प्रतिबंध लागू हैं वहॉं लोगों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए ढील दी गई हैं। कश्मीर के उपायुक्त बशीर खान ने बताया कि घाटी में राशन दुकानें खुली हैं और लोग खरीदारी कर रहे हैं। जगह-जगह प्रतिबंधों में छूट दी गई है।

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‘बकलोल’ पत्रकार के खिलाफ FIR: आर्मी चीफ जनरल रावत की तुलना कर दी थी जलियाँवाले डायर से

उत्तर प्रदेश के पत्रकार प्रशांत कनौजिया आपत्तिजनक टिप्पणियों व ट्वीट्स के लिए कुख्यात हैं, जिसके लिए उन्हें गिरफ़्तार भी किया जा चुका है। उन्होंने इस बार एक ऐसा ट्वीट किया जो न सिर्फ़ भारत देश बल्कि भारतीय सेना का भी अपमान है। ऐसा करके उन्होंने क्षण भर में भारत के स्वतन्त्रता आंदोलन का भी मजाक बना डाला। प्रशांत ने भारत के सेनाध्यक्ष विपिन रावत की तुलना जनरल डायर से कर दी। जनरल डायर वही था, जिसनेजालियाँवाला बाग़ कांड के दौरान भारतीयों का नरसंहार किया था। प्रशांत कनौजिया ने हालाँकि अपनी ट्वीट डिलीट कर दी लेकिन उस ट्वीट का लिया गया स्क्रीनशॉट नीचे देखें:

हालाँकि, बाद में ट्विटर पर अपने ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उन्होंने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया लेकिन कई लोगों ने उससे पहले उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट ले रखा था। भारतीय सेना में पदस्थापित रह चुके सैयद हसनैन सहित कई अन्य लोकप्रिय हस्तियों ने सेना का अपमान करने के लिए प्रशांत कनौजिया को लताड़ा।

ताज़ा ख़बर के मुताबिक़, वकील अलख अलोक श्रीवास्तव ने कनौजिया के ख़िलाफ़ थाने में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज कराया, जिससे कनौजिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कनौजिया द्वारा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के सेनाध्यक्ष जनरल रावत की तुलना एक ऐसे व्यक्ति से की गई, जिसने भारतीय जनता का नरसंहार किया था। जनरल डायर का गुनाह इतना बड़ा था कि उन्हें अपनी ही सरकार द्वारा शुरू की गई जाँच का सामना करना पड़ा था।

इससे पहले जब प्रशांत कनौजिया को गिरफ़्तार किया गया था तब कथित लिबरल समुदाय के गिरोह ने जम कर हंगामा मचाया था। उस समय इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जोड़ कर दिखाने की कोशिश की गई थी। लेकिन, इसके बाद कनौजिया की हरकतें और बढ़ गईं और वे अपने आप को मोदी विरोध के भीतर इतना नीचे गिराते चले गए कि उन्होंने आपत्तिनजक ट्वीट्स की लड़ी लगा दी। कनौजिया के ख़िलाफ़ अन्य लोगों ने भी एफआईआर दर्ज कराई है।

‘मैं भारत के मुस्लिमों की आवाज़ हूँ, सीमा पर ख़ुद लड़ने जाऊँगा’

न सिर्फ़ पाकिस्तानी पत्रकार और सिनेमाई हस्तियाँ बल्कि पाकिस्तान के नेतागण भी अजीबोगरीब बयान देने लगे हैं। पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी को उनकी अपनी ही पार्टी के संसद ने बेशर्म, कुत्ता और दब्बू जैसे अपमानजनक शब्दों से नवाजा। भारत-पाक तनाव के बीच अब पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने कुछ ऐस बयान दिया है, जिससे ट्विटर यूजर्स की हँसी नहीं रुक रही है। पाकिस्तानी मंत्री ने ख़ुद को भारतीय मुसलमानों के दिल की आवाज बताया।

शेख राशिद ने ख़ुद को भारत के करोड़ों मुस्लिमों के दिल की आवाज बता डाला। वो यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो वह ख़ुद सीमा पर लड़ाई करने जाएँगे। यहाँ इस बात पर गौर करना ज़रूरी है कि 1998 में जब पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण किया था, तब शेख रशीद भाग खड़े हुए थे।

एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘पटाखा इधर-उधर होने या उसमें लीकेज होने का डर था।‘ नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप उनका यह बयान सुन सकते हैं कि कैसे वह परमाणु परीक्षण के दौरान डर कर पाकिस्तान से बाहर चले गए थे।

अगर उनके ताज़ा बयान की बात करें तो उन्होंने कहा, “वक़्त आने पर यह पता लगेगा कि मुसलमान अकेला भी बहुत होता है। अगर जंग हुई तो मैं बताऊँगा कि मैं ख़ुद किस तरह लड़ूँगा।” उन्होंने दावा किया कि भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी फ़ौज तो लड़ेगी ही, वे भी लड़ेंगे। उनके इस वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर ने भी जम कर मजे लिए।