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गुल से हसीना बानो करती थी दॉंतों की सफाई, मोहम्मद वैश ने दिया तीन तलाक

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में नवविवाहिता को तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। पीड़िता हसीना बानो का सात महीने पहले ही मोहम्मद वैश से निकाह हुआ था। बानो के मुताबिक दहेज की मॉंग पूरी नहीं करने और गुल से दातुन करने की वजह से वैश ने उसे तीन तलाक दे दिया।

वैश ने बानो को उसके पिता के सामने ही तलाक दिया, जिसके कारण उन्हें लकवा मार गया। मसौली थाने में पीड़िता ने इस संबंध में तहरीर दी है। वैश का दावा है कि उसकी बीवी को गुल की लत थी और जब वह बाजार से गुल लाना भूल गया तो उसने घर में हंगामा खड़ा कर दिया। उसने बताया, “सात महीने पहले हमारा निकाह हुआ था। लेकिन कौन इस तरह की आदतें बर्दाश्त करेगा? उसके मोबाइल फोन में भी आपत्तिजनक चीजें थीं।”

वहीं, बानो का दावा है कि निकाह के बाद से ही दहेज के लिए वैश उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “निकाह के बाद से ही वैश और उसके परिजन दहेज के लिए मुझे प्रताड़ित कर रहे थे। मेरे गंदे वीडियो बनाकर वह सभी को दिखाने की धमकी देता था। इन सब बातों से परेशान होकर मैंने अपने घर वालों को खबर की थी।”

बानो के भाई सगीर ने भी दावा किया है कि उसकी बहन को दहेज के लिए अरसे से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने कहा, “बानो को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे थे। वैश की मोबाइल की दुकान है। वह नशा देकर बानो की आपत्तिजनक वीडियो बनाता था। हमने शादी के वक्त उसे दहेज दिया था, लेकिन अब वह तीन लाख रुपए और बुलेट की मॉंग कर रहा था।”

हालाँकि एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साक्ष्य अब तक नहीं मिले हैं। अधिकारी ने बताया, “बानो ने अपनी तहरीर में तीन लाख रुपए और बुलेट के लिए प्रताड़ित करने की बात कही है। लेकिन अब तक की जॉंच में इसके साक्ष्य नहीं मिले हैं।” उन्होंने बताया कि मामले की जॉंच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आम्रपाली ने फर्जी अग्रीमेंट के जरिए धोनी और साक्षी की कंपनियों को होम बायर्स के रुपए भेजे

वर्ल्ड कप क्रिकेट के बाद महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार मामला क्रिकेट मैदान पर उनकी परफॉर्मेंस को लेकर नहीं बल्कि कुछ और है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे आम्रपाली होम बायर्स मामले में मंगलवार (जुलाई 23, 2019) को फॉरेंसिक ऑडिटर्स पवन कुमार अग्रवाल और रविंद्र भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि आम्रपाली ने रिती स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक फर्जी एग्रीमेंट किया था।

इसके अनुसार, धोनी जिन्हें माही के नाम से जाना जाता है, उनका रिती स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में बड़ा स्टेक है और उनकी पत्नी साक्षी धोनी आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के पद पर हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कल ही अपने एक निर्णय में कहा कि आम्रपाली ने ग्राहकों से धोखाधड़ी कर उनके पैसे डायवर्ट किए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑडिटर्स ने अपनी फोरेंसिक रिपोर्ट में देखा है कि आम्रपाली ने उन कंपनियों के साथ संदिग्ध तरीके से समझौते किए, जिनमें पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी के बड़े स्‍टेक हैं।

दरअसल, फॉरेंसिक ऑडिटर पवन कुमार अग्रवाल और रविंदर भाटिया द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज खुलासे किए गए। इसमें पता चला है कि आम्रपाली ने रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ फर्जी समझौते किए। अप्रैल 2016 तक महेंद्र सिंह धोनी भी सात साल तक आम्रपाली के एक ब्रांड एंबेसडर थे। हालाँकि, वे हजारों असंतुष्ट खरीदारों के दबाव के बाद उससे हट गए थे।

जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित की सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने मंगलवार (जुलाई 24, 2019) को पुन: पेश की गई फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में कहा, “हमें ये महसूस हो रहा है कि घर खरीदने वाले लोगों का पैसा गैर कानूनी तरीके से रिति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को चला गया और अब वो पैसे वहाँ से वापस निकालना जरूरी है और जो बात हम कह रहे हैं, वो हमारा विचार है जो बाकी के कानून पर लागू नहीं होता है। उनसे यह वसूला जाना चाहिए, क्योंकि हमारी राय में उक्त समझौता कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है।”

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि 42,000 से ज्यादा परेशान फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए आम्रपाली समूह की रुकी हुई परियोजनाओं को कौन पूरा करेगा? शीर्ष अदालत ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों के 10 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद कहा था कि उनके पास आम्रपाली समूह की रुकी हुई परियोजनाओं के निर्माण के लिए संसाधन और विशेषज्ञता नहीं है।

अप्रैल 2016 में ट्विटर पर लोगों ने ग्रुप के प्रोजेक्ट पूरे न होने के कारण उनको भी निशाने पर ले लिया था, जिसके बाद एमएस धोनी ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कंपनी से किनारा कर लिया था। इसके बाद धोनी के ब्रांड प्रमोशन को मैनेज करने वाली कंपनी रिति स्पोर्ट्स ने दिल्ली हाईकोर्ट में आम्रपाली के खिलाफ 150 करोड़ रुपए की रिकवरी के लिए केस किया था। रिति स्पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण पांडे ने बातचीत में बताया था कि कम्पनी ने ब्रैंडिंग और मार्केटिंग ऐक्टिविटीज के लिए उन्हें पैसा नहीं दिया। बल्कि, कंपनी के ऊपर उनके 200 करोड़ रुपए बकाया हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आम्रपाली मामले में सीरियस फ्रॉड हुआ है और बड़ी राशि की हेर-फेर की गई है। इसमें फेमा का उल्लंघन कर विदेशों में धन भेजा गया है। ग्रेटर नोएडा और नोएडा ऑथोरिटी ने भी इस मामले में लापरवाही की है। शीर्ष अदालत ने ईडी को आदेश दिए हैं कि वह फेमा के तहत जांच कर 3 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करे।

2011 में किया था पूरी क्रिकेट टीम को विला देने का वादा

वर्ष 2011 में विश्व कप जीतने वाली क्रिकेट टीम के प्रत्येक सदस्य को आम्रपाली ने 2016 में अपने नोएडा एक्सटेंशन स्थित ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में विला देने का वादा किया था। इस ऐलान में धोनी को 1 करोड़ रुपए और अन्य खिलाड़ियों को 55 लाख की कीमत का 1690 वर्गफुट का एरिया वाला विला देने की बात कही गई थी। यह वादा अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

क्रिकेटर मौहम्मद कैफ ने भी मुकदमा दर्ज कराया था

क्रिकेटर मौहम्मद कैफ ने भी आम्रपाली के खिलाफ नोएडा में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आम्रपाली के निदेशक अनिल शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार ने एश्योर्ड रिटर्न स्कीम के तहत अपनी अल्ट्रा होम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड में उनसे दो करोड़ रुपए का निवेश करवाया।

Toilet में बन रहा मिड-डे मील: कमलनाथ की मंत्री बोलीं- ‘इसमें कोई परेशानी नहीं’

मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने स्कूली बच्चों के लिए बनाए जाने वाले खाने को लेकर एक विवादित बयान देते हुए कहा कि कहा कि शौचालय में खाना पकाने में कोई दिक्कत नहीं है। दरअसल, राज्य के करैरा जिले के एक आँगनबाड़ी में शौचालय का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जा रहा है। आँगनबाड़ी के बच्चों के लिए शौचालय में खाना पकाया जा रहा है। इसकी जानकारी जब प्रदेश की मंत्री इमरती देवी को दी गई तो उन्होंने कहा कि अगर टॉयलेट सीट और स्टोव के बीच विभाजन है तो शौचालय में खाना पकाने में कोई समस्या नहीं है।

इमरती देवी ने कहा कि शौचलय की जिस सीट पर बर्तनों को रखा जा रहा था, उस सीट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। उसे बजरी भरकर बंद किया हुआ था। हालाँकि, फिर भी इस मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने शौचालय में खाना बनने को सही ठहराते हुए कहा, “आपको यह समझना चाहिए कि एक विभाजन वहाँ मौजूद है। हमारे घरों में भी तो टॉयलेट-बाथरूम अटैच बन रहे हैं। अगर हमारे रिश्तेदार घर में अटैच टॉयलेट-बाथरूम होने के कारण खाने से मना कर दें तो आप क्या कहेंगे?” बता दें कि शौचालय में बने इस रसोई घर में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर और मिट्टी के चूल्हे दोनों हैं। यहाँ बर्तन टॉयलेट सीट पर रखे जाते हैं।

वहीं, महिला और बाल विकास कार्यक्रम के जिला अधिकारी देवेंद्र सुंद्रयाल का कहना है कि एक स्वयं सहायता समूह ने शौचालय का नियंत्रण लिया था और इसे अस्थाई रसोई के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। इस मामले में आँगनवाड़ी सुपरवाइजर और इसमें शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

वैसे कमलनाथ की मंत्री इमरती देवी का ये बयान आपको अजीब जरूर लगा होगा, लेकिन अगर इनकी समझ के हिसाब से देखें, तो उन्होंने कुछ भी गलत या अटपटा नहीं बोला है। ये इनका पुराना इतिहास रहा है। ये पहले भी अपनी हरकतों से अपना मजाक बनवा चुकी हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंत्री साहिबा भाषण देने पहँचीं थीं। उन्होंने किसी से भाषण तो लिखवा लिया था, मगर एक लाइन भी सही से बोल नहीं पाईं, बीच में ही अटक गईं और ये कहते हुए माइक से हट गईं कि आगे की स्पीच कलेक्टर साहब पढ़ेंगे। ये सुनकर सभी श्रोता हँसने लगे और कलेक्टर साहब भी खुद को मुस्कुराने से रोक नहीं पाए थे। इसके पीछे का तर्क देते हुए इमरती देवी ने कहा था कि वो पिछले 2 दिन से बीमार थीं, चाहें तो उनके डॉक्टर से पूछ सकते हैं।

‘मुस्लिमों को शेर बनना होगा, ताकि कोई ‘चायवाला’ उनके सामने खड़ा न हो सके’

अपने जहरीले बोल के लिए कुख्यात छोटे ओवैसी ने एक बार फिर से जहर उगला है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से अपना 15 मिनट वाला बयान दोहराया है। तेलंगाना के करीमनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी की हार से कोई दिक्कत नहीं है, मगर बीजेपी की जीत उन्हें मंजूर नहीं। 

छोटे ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी AIMIM को नहीं जिताना तो मत जिताओ, उन्हें अपनी पार्टी की हार मंजूर है, लेकिन बीजेपी की जीत बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। यहाँ पर बीजेपी चुनाव न जीत पाए, इसको सुनिश्चित करना है। उसने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग उनके खून के प्यासे हैं, इसलिए सारे मुस्लिमों को उनके खिलाफ एक हो जाना चाहिए। साथ ही उसने वहाँ उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल वालों से डरने की जरुरत नहीं है। उसने मॉब लिंचिंग पर समुदाय के लोगों को शेर बनने की सलाह देते हुए एक बार फिर अपनी 15 मिनट वाले बयान को दोहराया। उसने कहा कि दुनिया उसी को डराती है जो डरता है और दुनिया उसी से डरती है जो डराना जानता है।

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनके 15 मिनट वाले बयान को लेकर लोग अभी तक दहशत में हैं। इसीलिए मॉब लिंचिंग करने वाले और आरएसएस वाले उनसे डरते हैं। उसने कहा कि समुदाय के लोगों को शेर बनना होगा, ताकि कोई ‘चायवाला’ उनके सामने खड़ा न हो सके। उसने वहाँ उपस्थित लोगों से मॉब लिंचिग को लेकर परेशान न होने की सलाह दी। उसने कहा कि वो इसको लेकर परेशान न हों।

छोटे ओवैसी ने कहा कि वो यहाँ पर जो कुछ भी करेंगे, उसके बदले में उन्हें जन्‍नत या जहन्‍नुम मिलेगी। उसने नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा, “वो लोग चाहे कुछ भी नारा लगवाएँ, तुम सिर्फ अल्‍लाह का नाम लो।” उसने कहा कि शहादत का जज्‍बा आ जाएगा तो कोई मॉब लिंचिंग करने वाला या आरएसएस वाला उनका कुछ भी नहीं कर पाएगा। उसने बीजेपी, आरएसएस और बजरंग दल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वो लोग अकबरुद्दीन से इसलिए नफरत करते हैं, क्योंकि वो उनसे डरते हैं।

गौरतलब है कि, अकबरुद्दीन ओवैसी ने साल 2013 में कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।” इनके विवादित और साम्प्रदायिक नफरत से भरे बयानों की लंबी फेहरिश्त है। वो अपने साम्प्रदायिक बयानों को लेकर गिरफ्तार भी हो चुके हैं, लेकिन फिर भी जहर उगलने से बाज नहीं आते।

लिबरल रोना भाग-2: अनुराग कश्यप सहित 49 ने PM को लिखी चिट्ठी, ‘जय श्री राम’ को बताया भड़काऊ वॉर क्राई

देश में जय श्री राम के नारे के ऊपर चल रही कथित बहस को लेकर बॉलीवुड एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बॉलीवुड के कुछ अभिनेता और डायरेक्टर्स, जिनमें श्याम बेनेगल और अनुराग कश्यप भी शामिल हैं, ने दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े कथित जुल्म, हेट क्राइम, मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

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इन कलाकारों ने पत्र के माध्यम से पीएम से पूछा है कि उन्होंने अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया है? इसके साथ ही पत्र में ‘जय श्री राम’ के नारे को उकसाने वाला ‘भड़काऊ’ वॉर क्राई बताया है। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता, फिल्म निर्माता और कलाकार पीएम को लिखे पत्र में इस पर रोक लगाने की माँग करते नजर आ रहे हैं।

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पत्र में जय श्रीराम का जिक्र

जुलाई 23, 2019 को लिखे गए इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि राम के नाम पर देशभर में हिंसा हो रही है, ‘जय श्री राम’ का नारा युद्धघोष बन चुका है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि 1 जनवरी 2009 से 29 अक्टूबर 2018 के दौरान देश में 254 धर्म आधारित हेट क्राइम को अंजाम दिया गया। यही नहीं, 2016 में दलितों पर अत्याचार के 840 मामले सामने आए। प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए इन कलाकारों ने लिखा है कि वो बताएँ कि अपराधियों के खिलाफ क्या एक्शन लिया गया?

इन 49 कथित सेलिब्रिटीज में दक्षिण भारतीय सिनेमा के भी कुछ फिल्म निर्देशक अदूर गोपालकृष्णन, मणि रत्नम के साथ ही फिल्मकार अनुराग कश्यप, बिनायक सेन, सौमित्रो चटर्जी, अभिनेत्री अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा, रेवती, फिल्मकार श्याम बेनेगल, शुभम मुद्गल, रूपम इस्लाम, अनुपम रॉय, परमब्रता, रिद्धि सेन शामिल हैं।

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इस पत्र में ऐसे अपराध के लिए दोषी पाए जाने वालों के लिए गैर-जमानती और ऐसी कड़ी से कड़ी सजा की माँग की गई है, जो समाज में उदाहरण बन सके। पत्र पर बिनायक सेन, डायरेक्टर अंजना दत्ता और गौतम घोष ने भी हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर कुछ न कुछ हो रहा है। केंद्र में शामिल लोग किसी को भी ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दे रहे हैं।

इस पत्र को आप इन तस्वीरों में पढ़ सकते हैं –

यहाँ पेशाब मत करो – इसी बात पर हितेश को जलाकर मार डाला: फिरोज, कुरैशी, शेख, लंगड़ा सहित 5 पर FIR

जगह महाराष्ट्र के पुणे की एक बार, नाम – कुणाल बार एवं रेस्तरां। समय रात के लगभग 2 बजे। हितेश मूलचंदानी अपने एक दोस्त के साथ इसी बार में होते हैं। तभी फिरोज खान नाम का शख्स शराब खरीदने इस बार में आता है। कुछ देर बाद खान बार के सामने ही पेशाब करने लगता है। उसकी इस बेहूदा हरकत पर हितेश मूलचंदानी, रोहित सुखेजा और कुछ अन्य दोस्त आपत्ति जताते हैं, और यह बहस से होते हुए झगड़े में बदल जाती है।

फिरोज खान के साथ 4 और भी लोग होते हैं। ये पाँचों साथ में मिलकर पहले तो हितेश मूलचंदानी के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। फिर पेशाब का विरोध कर रहे एक और शख्स साहिल ललवानी को गाली देते हैं, कैलाश पाटिल के सर पर बियर की बोतल से वार करते हैं। लेकिन जब पाँचों को अहसास होता कि मामला हाथ से निकल जाएगा तो ये हितेश मूलचंदानी को सफेद रंग की एक कार में जबरन डाल कर (अगवा) अपने साथ ले जाते हैं। पुलिस को इसके बाद हितेश का जला हुआ शव बरामद होता है।

कुणाल बार एवं रेस्तरां के मालिक रोहित सुखेजा के दोस्त थे हितेश मूलचंदानी। इन्हीं रोहित सुखेजा ने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई और पूरा वाकया उन्हें बताया। शिकायत दर्ज करने के बाद पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने मूलचंदानी के जले हुए अवशेष को मंगलवार की सुबह पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी) के पास एक खुले मैदान से बरामद किया।

पुलिस ने इस मामले में शामिल पाँच लोगों में से एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। इन पाँचों की पहचान अमीन फिरोज खान, शाहबाज सेराज कुरैशी, अरबाज शेख, अक्षय संजय भोसले और लंगड़ा के रूप में हुई है। बाकी चार आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

इस मामले में धारा 302 (हत्या), 364 (अपहरण या हत्या के क्रम में अपहरण), 326 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों से तकलीफ पहुँचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना), 201 (साक्ष्य को मिटाना) और 34 (आम मकसद) के तहत FIR दर्ज किया गया है।

‘हमारे नंबर 1 या 2 का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी नहीं चलेगी आपकी सरकार’

कर्नाटक में 14 महीने पुरानी कॉन्ग्रेस-जदएस सरकार के गिरने के बाद से ही मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार के लिए भी कयासों का दौर शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा है, “हमारे ऊपर वाले नंबर 1 या नंबर 2 का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी आपकी सरकार नहीं चलेगी।”

नंबर 1 और नंबर 2 से भार्गव का आशय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से है।

जवाब में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है, “आपके ऊपर वाले नंबर 1 और 2 समझदार हैं, इसलिए आदेश नहीं दे रहे। आप चाहें तो अविश्वास प्रस्ताव ले आएँ।”

गौरतलब है कि 230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 114 और भाजपा के 109 विधायक हैं। कांग्रेस को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल है।

इससे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, “हम यहां (मध्यप्रदेश) सरकार गिराने का कारण नहीं बनेंगे। कांग्रेस नेता खुद ही सरकार के पतन के लिए जिम्मेदार होंगे। कांग्रेस पार्टी के भीतर कलह है और उसे बसपा का समर्थन हासिल है, अगर कुछ होता है तो हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।”

शिवराज के बयान पर कमलनाथ सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा था, “भाजपा ने हमारे लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ किया है। लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है, कुमारस्वामी की नहीं, उन्हें इस सरकार को हिलाने के लिए सात जन्म लेने होंगे।”

कश्मीर में लड़ चुके 40,000 आतंकी अब भी पाकिस्तान में मौजूद: इमरान खान का कबूलनामा

तीन दिन के अमेरिकी दौरे पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान एक के बाद एक सनसनीखेज कबूलनामे कर रहे हैं। पहले उन्होंने माना कि पाकिस्तान की जमीन पर करीब 40 आतंकी संगठन फल-फूल रहे थे। अब कहा है कि उनके देश में 30 से 40 हजार आतंकी मौजूद हैं, जो अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों और कश्मीर में दहशतगर्द को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं।

थिंक टैंक यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा कि उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के सत्ता में आने से पहले की सरकारों ने पाकिस्तानी जमीन पर ​सक्रिय आतंकी गुटों पर शिकंजा कसने के लिए ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ नहीं दिखाई।

उन्होंने कहा, “2014 में पाकिस्तान तालिबान ने आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला कर 150 बच्चों की हत्या कर दी। उस समय सभी राजनीतिक दलों ने नेशनल एक्शन प्लान पर हस्ताक्षर करते हुए तय किया था कि आतंकी गुटों को पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे। लेकिन पहले की सरकारों ने इस दिशा में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।”

उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन गुटों पर शिकंजा कसना शुरू किया है और ऐसा पहली बार हो रहा है।

इससे पहले कैपिटल हिल में अमेरिकी सांसदों को उन्होंने बताया कि उनके देश में करीब 40 आतंकी समूह चल रहे थे। खान ने कहा, “हम आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई लड़ रहे थे। पाकिस्तान का 9/11 से कुछ लेना-देना नहीं था। अल-कायदा अफगानिस्तान में था। पाकिस्तान में कोई तालिबानी आतंकवाद नहीं था। लेकिन हम अमेरिका की लड़ाई में शामिल हुए। दुर्भाग्यवश जब चीजें गलत हुई तो हमने अमेरिका को कभी जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं कराया। इसके लिए मैं अपनी सरकार को जिम्मेदार ठहराता हूँ।”

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ऐसे दौर से गुजरा है जहां हमारे जैसे लोग चिंतित थे कि क्या हम (पाकिस्तान) इससे सुरक्षित निकल पाएंगे। इसलिए जब अमेरिका हमसे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जीतने में और सहयोग की आस लगाए था, उसी वक्त पाकिस्तान अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहा था। ”

गुजरात: 2000 किलो नमकीन चट कर गए कॉन्ग्रेस विधायक-समर्थक, अब दुकानदार को नहीं दे रहे पैसा

लाखों की कार खरीदने के लिए चंदा मॉंगने वाली कॉन्ग्रेस सांसद के बाद अब गुजरात से पार्टी के एक विधायक 2,000 किलो नमकीन का भुगतान नहीं करने को लेकर चर्चा में हैं। कॉन्ग्रेस विधायक पूनम भाई परमार ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान आनंद के दुकानदार अमित भाई राना से नमकीन लिया था। लेकिन, डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी दुकानदार का 4,75,000 रुपए का भुगतान नहीं किया है।

पत्रकार जनक दवे ने एक पत्र ट्वीट कर यह जानकारी सार्वजनिक की है। माना जा रहा है कि बकाए के भुगतान के लिए दुकानदार ने यह चिट्ठी कॉन्ग्रेस विधायक को लिखी है।

पत्र के मुताबिक परमार ने 2,000 किलो चावना (एक तरह का गुजराती नमकीन) 65 रुपए प्रति किलो के भाव से खरीदा था। दुकानदार के मुताबिक इसका 4,75,020 रुपए अभी भी बकाया है। 29 नवंबर 2017 के इस बिल का नंबर 507 है।

दुकानदार के मुताबिक पैसा मॉंगने पर परमार ने 20 दिसंबर 2017 को उसे एक चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वे नकद भुगतान कर देंगे। चुनाव खत्म होने के बाद उसने कई बार अपने पैसे मॉंगे।

अमित भाई ने कहा है, “आपने अप्रैल 2019 में मुझे दो लाख रुपए दिए और बकाया रुपए दो-तीन महीने में देने का भरोसा दिलाया। मैंने आपको कई बार बताया है कि मेरी आर्थिक स्थिति फिलहाल कमजोर है। मैं अपने बच्चों का स्कूल फी देने में भी सक्षम नहीं हूॅं।”

दुकानदार का कहना है कि यदि उसे बकाया पैसा नहीं मिला तो वह कॉन्ग्रेस विधायक के घर के बाहर परिवार के साथ उपवास पर बैठ जाएगा।

VIDEO वायरल: बुजुर्ग यात्री से पैसे ले रहा था TTE, रेलवे ने किया सस्पेंड

चलती ट्रेन में बुजुर्ग गरीब यात्री से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक टीटीई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में टीटीई टिकट चेकिंग के दौरान सीट देने के लिए यात्री से पैसे की माँग करता है और जैसे ही वो उसे देने के लिए पैसे जेब से निकालता है, टीटीई बिना गिने सारे पैसे लपक लेता है। इसके बाद बुजुर्ग आदमी उसके सामने गिड़गिड़ाता हुआ हाथ जोड़कर पैसे वापस करने की विनती करते नज़र आता है। यात्री के काफी गिड़गिड़ाने पर टीटीई उसे एक-दो नोट वापस कर देता है और बाकी सारा नोट अपने पास रख लेता है।

वीडियो वायरल होने के बाद, कई लोगों ने रेल मंत्री, पीयूष गोयल और रेल मंत्री के आधिकारिक हैंडल को टैग किया ताकि वो उन पर संज्ञान लें और टीटीई पर उचित कार्रवाई करें।  

ये घटना किस जगह की और किस तारीख की है, इसका वीडियो में कहीं उल्लेख नहीं है। लोगों का कहना है कि ट्रेन में इस तरह की घटनाएँ अक्सर ही होती हैं। टीटीई यात्रियों को टिकट देने के लिए मनमानी रकम वसूल करते हैं और इसका सबसे अधिक शिकार ट्रेन में सफर करने वाले गरीब लोग होते हैं।  

वायरल हो रहे वीडियो पर रेल मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है और एक ट्वीट करके वीडियो का विवरण माँगा ताकि मामले की जाँच की जा सके। रेल मंत्रालय के ट्वीट का जवाब देते हुए मुगलसराय स्टेशन के डीआरएम ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि सम्बंधित कर्मचारी से विडियो क्लिप के सम्बन्ध में स्पष्टीकरण लिया गया है। यह घटना 3 से 4 महीने पुरानी है। रेलवे कर्मचारी (टीटीई) ने बताया कि वो टिकट बनाने के लिए पैसे ले रहे थे और उन्होंने टिकट भी बनाया था। डीआरएम का कहना है कि सम्बंधित कर्मचारी को विस्तृत जाँच होने तक निलंबित कर दिया गया है।