बिहार में पुलिस और सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवादा पुलिस ने नवादा के उग्रवाद प्रभावित सिरदला थाना क्षेत्र के पारकुरहा गाँव में हथियारों एवं विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा को बरामद किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नवादा एसपी कुमार आलोक, रजौली एसडीपीओ, एसएसबी और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मिशन को फेल कर दिया है। हालाँकि, इस बरामदगी से पूरे इलाके में चर्चा और डर का माहौल है। नवादा पुलिस सुरक्षा बलों के साथ पूरे इलाके में सघन छापेमारी अभियान चला रही है। सुरक्षाबलों ने सभी बम डिफ्यूज कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर पार खुरहा गाँव के साधु यादव के घर छापेमारी की गई, जहाँ नक्सलियों से संबंधित कई प्रकार की सामग्री जब्त की गई है। छापेमारी के दौरान चार केन बम, एक दर्जन से अधिक इंसास की जिंदा कारतूस, एक देसी कट्टा, तीन बंडल जिलेटिन, चार नक्सली वर्दी, एक बैग एवं दर्जनों डेटोनेटर बरामद हुए हैं।
साभार- न्यूज़ 18
इस छापेमारी में बरामद विस्फोटक से पुलिस ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकामयाब कर दिया है। इस बरामदगी से साफ पता चलता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने फ़िराक में थे, मगर सुरक्षाबलों ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। फिलहाल नवादा पुलिस ने साधु यादव को हिरासत में ले लिया गया है एवं उससे पूछताछ की जा रही है।
घाटी में आतंकी हमलों को अंजाम देने के पाकिस्तानी मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना ने बोफोर्स होवित्जर तोपों का इस्तेमाल शुरू किया है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिशों और पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का जवाब अब सेना बोफोर्स से दे रही है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि गुलाम कश्मीर में मौजूद पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और आतंकी शिविरों पर बोफोर्स से गोले दागे गए हैं। सूत्रों के अनुसार सेना सीमा पार बैठे आतंकियों और उनके सरपस्त पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को ही निशाना बना रही है।
यह भी खबर है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) घुसपैठ की लगातार कोशिश कर रही है। 31 जुलाई और 1 अगस्त की रात को BAT ने भारतीय सेना पर गोलीबारी की थी। केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास BAT के एक हमले को भी सेना ने नाकाम कर दिया है।
Indian Army: Have offered Pakistan Army to take over the dead bodies(of 5-7 Pak BAT army regulars/terrorists). Pakistan Army has been offered to approach with white flag and take over the dead bodies for last rites,they are yet to respond. pic.twitter.com/x1mF7yHSyv
इस दौरान कम से कम 5-7 घुसपैठिए मारे गए। सेना के मुताबिक 5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव एलओसी पर पड़े हैं। भारी गोलीबारी के चलते शवों को हटाया नहीं जा सका है और ना ही उनकी पहचान हो पाई है। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है।
In the last 36 hours, Indian Army has foiled an infiltration attempt by a Pakistani BAT (Border Action Team) squad in Keran Sector. 5-7 Pakistani army regulars/terrorists eliminated, their bodies are lying on the LoC, not retrieved yet due to heavy firing. (Source: Indian Army) pic.twitter.com/gBa89BuQ0M
गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने अमरनाथ यात्रा और घाटी में अन्य जगहों पर ‘लोन वुल्फ अटैक’ की साजिश रची थी। इसमें पाकिस्तान सरकार के शामिल होने की बात भी सामने आई है। सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था। शनिवार को किश्तवाड़ के माछिल में दुर्गा यात्रा भी स्थगित कर दी गई थी।
अमरनाथ यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना ने कहा था कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। बरामद लैंडमाइंस पर पाकिस्तानी आयुध डिपो का मुहर लगा था।
अमेरिकी राज्य टेक्सास में एक शॉपिंग मॉल में भारी गोलीबारी की घटना में 20 लोगों के मारे जाने की खबर हैं। साथ ही 26 लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी की यह घटना अल पासो इलाके के सीएलो विस्ता मॉल में हुई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमारे पास कई हमलावरों के होने की रिपोर्ट है। हम इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।” यह भी कहा जा रहा है कि अभी तक तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है।
Texas Governor Greg Abbott and El Paso police say 20 people have been killed and 26 others wounded in a shooting at an El Paso shopping center. Investigating authorities say “hate crime among the possibilities”: Associated Press https://t.co/Yn2nLNDk0y
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी घटना पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, “टेक्सास में भयानक गोलीबारी। रिपोर्ट बहुत खराब हैं, कई मारे गए। राज्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ काम रहा हूँ। गवर्नर से भी बात किया हूँ और पूरी मदद का भरोसा दिया हूँ।”
Terrible shootings in ElPaso, Texas. Reports are very bad, many killed. Working with State and Local authorities, and Law Enforcement. Spoke to Governor to pledge total support of Federal Government. God be with you all!
Today’s shooting in El Paso, Texas was not only tragic, it was an act of cowardice. I know that I stand with everyone in this Country to condemn today’s hateful act. There are no reasons or excuses that will ever justify killing innocent people….
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि शूटिंग एक वॉलमार्ट स्टोर में हुई और इसमें 20 लोग मारे गए हैं। एक कर्मचारी ने स्थानीय न्यूज चैनल को बताया कि पुलिस और स्वाट अधिकारी ने क्षेत्र को खाली को खली करा लिया है। पुलिस ने जनता को मॉल से दूर रहने की सलाह दी है।
Multiple people were killed inside the Walmart in El Paso, U.S. state of Texas, said the police. At least one suspect is in custody. pic.twitter.com/rElaepVvGo
बता दें कि इससे पहले जून 2019 के महीने में अमेरिका के फिलाडेल्फिया में ग्रेजुएशन पार्टी में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और पाँच अन्य घायल हो गए थे। फरवरी 2019 में अमेरिका की एक फैक्ट्री में ताबड़तोड़ फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। ये घटना शिकागो से करीब 65 किलोमीटर दूर एयुरा में हुई थी।
कश्मीर में सेना की अतिरिक्त तैनाती और आतंकी हमले की आशंका के चलते जारी की गई एडवायजरी के बाद जम्मू कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों में खलबली मची हुई है। इसका असर टीवी डिबेट तक में देखने को मिल रहा है। ऐसे में एक न्यूज चैनल पर बहस के दौरान पीडीपी नेता ताहिर सईद बीजेपी नेता शहनवाज से भिड़ गए और उनसे बोले, “मेरी सरजमीं पर मेरी आवाज बंद कराने आए हो।” इस दौरान न्यूज चैनल के एंकर को बीच में बोलना पड़ा फिर जाकर बहस शांति से आग बढ़ सकी।
आज तक न्यूज़ चैनल पर कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी को लेकर एक न्यूज चैनल पर बहस हो रही थी इस दौरान पीडीपी नेता ताहिर सईद ने कहा-
“30-32 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि राज्य लोगों में खौफ पैदा कर रहा है। हमने कोई गलत बात नहीं कही, हम बस एक प्रश्न शहनवाज हुसैन साहब से पूछना चाहते हैं। इतनी ज्यादा तादाद में आप फोर्स क्यों भेज रहे हैं? क्या कुछ होने वाला है क्या कहीं से खतरा है? हमें बता दीजिए लोगों को बता दीजिए आखिर क्यों इतनी फोर्स लगाई जा रही है।”
इस पर शहनवाज हुसैन ने कहा, “खौफ नहीं है आप लोग खौफ फैला रहे हैं। आप सियासी पार्टी हैं या अफवाह फैलाने वाली पार्टी। सेना वहाँ जा रही है तो आप लोगों को डर क्यों लगने लगा।”
ताहिर ने शहनवाज का जवाब देते हुए कहा- “हम जवाब चाहते हैं हम जिम्मेदार पार्टी हैं। तो आप लोगों को डर क्यों रहे हैं? यह हमारे जान का, जमीन का मामला है। आप हमसे कह रहे हैं हम चुप रहें।”
इस पर शहनवाज ने कहा कि जान-माल के हिफाजत के लिए ही सेना गई है डर आतंकवादियों को लग्न चाहिए आपको क्यों लग रहा है? इस पर शहनवाज हुसैन को जवाब देते हुए ताहिर ने कहा- “ये हमारीं सरजमीं का मामला है और आप कह रहे हैं खामोश रहो। ये क्या बात है शहनवाज साहब?”
आतंकी हमले के मद्देनजर अमरनाथ यात्रा पर जारी हुई एडवायजरी के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टियों में उथल-पुथल मची हुई है। पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि राज्य के लोगों में डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। हालाँकि, जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीर में किसी को डरने की जरूरत नहीं है। राज्यपाल का कहना है कि आतंकी खतरे की वजह से एडवाइजरी जारी की गई थी और इसमें चिंतित होने वाली कोई बात नहीं है।
वहीं, तमाम अटकलों के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने, न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अबदुल्ला और अन्य से बातचीत पर कहा कि सभी को संतुष्ट कर दिया गया है। उन्हें राज्यपाल से जो अपेक्षा थी, वैसा ही किया गया।
सत्यपाल मलिक ने कहा, “जहाँ तक मैं जानता हूँ, ऐसा कोई रुझान नहीं हैं कि जम्मू-कश्मीर में कुछ होने वाला है। मैं आने वाले कल के बारे में नहीं जानता हूँ और ना ही यह मेरे हाथ में है। लेकिन, आज ऐसा कुछ नहीं होगा, तो इसकी चिंता मत करें।”
राज्यपाल मलिक ने एडवायजरी पर कहा कि भक्तों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखना हमारी जिम्मेदारी है। बहुत सारे आतंकी एलओसी के पास घुसपैठ के इरादे से बैठे हुए हैं, उनमें से ज्यादातर आत्मघाती हमलावर हैं।
#WATCH J&K Guv on rumours regarding situation in J&K:..I’ve talked to everybody in Delhi&nobody has given me any hint that we’ll do this or that. Somebody’s saying there’ll be trifurcation,somebody says Article 35 A, 370…Nobody has discussed these things with me either PM or HM pic.twitter.com/RKmb7ahfLE
एडवायजरी के सवाल पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर यहाँ कुछ होता है तो, पूरे देश में माहौल खराब होगा और हम इसी से बचना चाहते थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर फैल रही अफवाहों पर कहा, “मैंने दिल्ली में सभी से बात की है और किसी ने भी इस ओर इशारा नहीं किया है। कोई कह रहा है- राज्य का विभाजन होगा, कोई कह रहा है कि आर्टिकल 35-A, कोई कह रहा है 370! उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे इस विषय में कोई बात नहीं की है।
14 महीने तक कॉन्ग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार चलाने वाले कुमारस्वामी की सरकार गिरने के बाद अब उनका दर्द सार्वजानिक तौर पर बाहर आ रहा है। आज कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि वो राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार (अगस्त 03, 2019) को कहा है कि वो राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं। कुमारस्वामी ने कहा, “मैं राजनीति से संन्यास लेने की सोच रहा हूँ। मैं गलती से राजनीति में आ गया था। मैं गलती से मुख्यमंत्री बन गया था। भगवान ने मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया।”
HD Kumaraswamy: I’m observing where today’s politics is going. It’s not for good people, it’s about caste infatuation. Don’t bring in my family. I’m done. Let me live in peace. I don’t have to continue in politics. I did good when I was in power. I want space in people’s heart. https://t.co/kbRcqOdXkA
उन्होंने आगे कहा, “मैं हर किसी को संतुष्ट नहीं कर सकता। 14 महीनों में मैंने राज्य के विकास की दिशा में अच्छा काम किया। मैं अपने काम से संतुष्ट हूँ। मैं देख रहा हूँ कि आज की राजनीति कहाँ जा रही है।”
उन्होंने कहा, “यह लोगों के लिए सही नहीं है। मेरे परिवार को इसमें मत लाओ। बस बहुत हुआ अब और नहीं। मुझे चैन से जीने दो। मुझे राजनीति में नहीं रहना है। मैंने सत्ता में रहते हुए अच्छा किया। मुझे लोगों के दिल में जगह चाहिए।”
LOC पर भारतीय सेना द्वारा क्लस्टर बम के इस्तेमाल करने के पाकिस्तान द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का भारतीय सेना ने खंडन किया है। पाकिस्तानी सेना ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना द्वारा POK में क्लस्टर बम का इस्तेमाल किया गया और इसमें कुछ लोगों के कथित तौर पर घायल होने की भी बात की है।
पाकिस्तान लगातार नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के फायरिंग कर रहा है, और जब भारतीय सेना उसका मुँहतोड़ जवाब दे रही है तो वह यह झूठ फैला रहा है कि भारतीय सुरक्षा बल क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
India in it’s war frenzy is not only sabotaging regional peace but also committing gross human rights violations along the LOC. I urge the nations of the world to take strict notice of the ongoing situation in IOK and LOC. https://t.co/IQCotv472O
पाकिस्तानी सेना ने यह आरोप अमरनाथ यात्रा रूट पर मिले पाकिस्तानी आयुध कारखाने की मुहर लगी अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 बरामद होने के एक दिन बाद लगाया है। भारतीय सेना ने बताया कि श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी। सेना को इसमें पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता के भी सबूत मिले हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार के गृह विभाग ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द कश्मीर घाटी छोड़ने की सलाह जारी की है।
पकिस्तान के मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारतीय सेना ने क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर के अंतरराष्ट्रीय संधि का उलंघन किया है। अपने ट्वीट में आसिफ गफूर ने लिखा है कि कश्मीर हर पाकिस्तानी के खून में चलता है और कश्मीरियों का स्वदेशी स्वतंत्रता संग्राम सफल होगा।
Use of cluster bombs by Indian Army violating international conventions is condemnable. No weapon can suppress determination of Kashmiris to get their right of self determination. Kashmir runs in blood of every Pakistani. Indigenous freedom struggle of Kashmiris shall succeed,IA.
वहीं भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि इस प्रकार की प्रतिक्रियाएँ सिर्फ सैन्य ठिकानों और पाकिस्तानी सेना की मदद से आने वाले घुसपैठिए आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती हैं और पाकिस्तान द्वारा भारतीय सेना पर लगाए जा रहे क्लस्टर बम के इस्तेमाल करने के आरोप बेबुनियाद हैं।
Indian Army: Such responses are only against military targets & infiltrating terrorists who are aided by the Pakistan Army. Allegations of firing of cluster bombs by India is yet another Pakistan’s lie, deceit & deception. https://t.co/09twKEpwJs
वहीं, भारतीय सेना ने बताया कि पाकिस्तान से लगातार हथियार और गोला-बारूद से लैस आतंकवादी अवैध रूप से सीमा क्रॉस करते हैं और हमारी सेना के पास प्रतिक्रिया करने का अधिकार है।
सेना ने शनिवार को कहा, “हम सिर्फ पाकिस्तानी फायरिंग का जवाब दे रहे हैं। हम सिर्फ सैन्य ठिकानों और पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों को निशाना बना रहे हैं। भारत द्वारा क्लस्टर बमों की फायरिंग के आरोप पाकिस्तान के धोखे, छल और झूठ का एक और उदाहरण है।”
क्या होते हैं क्लस्टर बम
क्लस्टर बम बेहद खतरनाक और विनाशक माने जाते हैं। क्लस्टर बमों का इस्तेमाल सबसे पहले 1943 में सोवियत और जर्मन फौजों ने किया था। तब से अब तक 200 तरह के क्लस्टर बम बनाए जा चुके हैं।
एक क्लस्टर बम असल में सैकड़ों छोटे-छोटे बमों का संग्रह होता है, इन्हें जब हवा में लड़ाकू विमानों से फेंका जाता है तो ये बीच रास्ते में फट कर सैकड़ों बमों में बदल जाते हैं और बहुत बड़े इलाके तबाह करते हैं। अपने अंदर मौजूद बमों को गिराने से पहले क्लस्टर बम मीलों तक उड़ सकता है।
जब वो जमीन से 1000 मीटर से 100 मीटर के बीच किसी ऊँचाई पर होता है तो क्लस्टर बम का आवरण घूमता है और उसमें मौजूद बम एक बड़े इलाके में गिरने शुरू हो जाते हैं। इनमें हर बम में धातु की सैड़कों धातु टुकड़े होते हैं। जब वो फटते हैं तो 25 मीटर दूर तक लोगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
क्लस्टर बम यानी, गुच्छ युद्धसामग्री (Cluster munition) ने सबसे ज्यादा तबाही वियतनाम और लाओस में मचाई है। उसके बाद इराक और कंबोडिया का नंबर है। अब तक 24 देशों के लोग इनसे प्रभावित हुए हैं। 30 मई 2008 को 100 से ज्यादा देशों के बीच एक समझौता हुआ जिसके तहत क्लस्टर बमों का निर्माण, संग्रहण और इस्तेमाल तक बैन कर दिया गया।
क्लस्टर बमों को बैन करने के समझौते पर अब तक 119 देशों ने दस्तखत किए हैं। लेकिन अमेरिका, चीन, रूस, ब्राजील, वेनेजुएला, अर्जेन्टीना, इस्राएल, ग्रीस, मिस्र और ईरान जैसे देश इस समझौते से बाहर हैं।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल उन्नाव बलात्कार पीड़िता और उसके वकील की हालत शनिवार को सातवें दिन भी गंभीर बनी हुई है। पीड़िता को निमोनिया हो गया है और वह वेंटिलेटर पर है, जबकि उसके वकील को वेंटिलेटर से तो हटा लिया गया है लेकिन उनकी हालत अब भी गंभीर बानी हुई है।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ संदीप तिवारी के हवाले से न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बताया है, ‘‘पीड़िता अब भी वेंटिलेटर पर है। उसे निमोनिया हो गया है जिससे उसको बुखार आ रहा है। उसे ब्लडप्रेशर नियमित करने की दवा भी दी जा रही है। पीड़िता के गले में छोटा सा छेद करके (ट्रैकियोस्टोमी) ट्यूब द्वारा ऑक्सीजन दी जा रही है। उसे अभी तक होश नहीं आया है और डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उसकी निगरानी कर रही है।’’ उन्होंने बताया कि घायल वकील महेंद्र सिंह को वेंटिलेटर से तो हटा दिया गया है, लेकिन उनकी हालत गंभीर है। उनके सिर में चोट लगी है और उन्हें भी ट्रैकियोस्टोमी के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है।
Medical bulletin of Unnao rape survivor & her lawyer by King George Medical University hospital, Lucknow: The lawyer is breathing without ventilator support. Both of them are unconscious. https://t.co/5VWWpVAzx8
उन्होंने कहा कि जब कोई भी मरीज चार दिन से ज्यादा वेंटिलेटर पर रहता है तो उसे ऑक्सीजन देने के लिए ट्रैकियोस्टोमी विधि का इस्तेमाल किया जाता है। इससे पर्याप्त ऑक्सीजन भी मरीज को मिलती है और फेफड़े की सफाई करने में भी आसानी होती है।
डॉ. तिवारी ने कहा, ‘‘कॉलेज के चिकित्सकों का दल पीड़िता और उसके वकील का इलाज करने में पूरी तरह से समर्थ है और केजीएमयू के सबसे अच्छे डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि रोगियों के परिजन की भी यही इच्छा है कि इन दोनों का इलाज लखनऊ में ही कराया जाए।
महाराष्ट्र में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। महा जनादेश यात्रा पर निकले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वो शिवसेना की युवा ईकाई के प्रमुख आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री पद देने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि स्थिति चाहे जो भी हो महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ेगी।
देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, “यह तो साफ है कि किसी भी कीमत पर इस चुनाव में बीजेपी, शिवसेना और दूसरे सहयोगी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अपने पुराने सहयोगियों को साइडलाइन कर देना हमारी परंपरा में नहीं है भले ही हम सबसे बड़ा दल क्यों न हों। हम बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।”
पिछले काफ़ी समय से यह ख़बर सुर्ख़ियों में थी कि शिवसेना आदित्य ठाकरे को उप मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रही थी। इस संदर्भ ने फड़णवीस ने कहा,
“हमें इससे कभी कोई समस्या नहीं थी। हम अभी भी उन्हें यह पद देने को तैयार हैं। ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले आदित्य पहले सदस्य होंगे और हमें ख़ुशी होगी अगर वह हमारी सरकार का हिस्सा बनेंगे।”
सीटों के बँटवारे को लेकर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि यह आँकड़ा 130 से 140 तक हो सकता है और बाक़ी बची सीटों को सहयोगी दलों के बीच बाँट दी जाएँगी। बता दें कि महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटें 288 हैं।
ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पद बीजेपी और सहयोगी दल शिवसेना के लिए तनाव का कारण बना हुआ था। एक तरफ़ बीजेपी देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहती थी तो वहीं शिवसेना आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे और अमित शाह के बीच तय हुआ था कि दोनों पार्टियां बराबर-बराबर सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
अलवर जिले के पहाड़ी गॉंव में गो तस्करों ने जिन ग्रामीणों पर फायरिंग की थी उनके खिलाफ राजस्थान पुलिस ने मामला दर्ज किया है। द हिंदू के मुताबिक ग्रामीणों पर क्रॉस एफआईआर तस्करों की पिटाई करने, कानून अपने हाथ में लेने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। फायरिंग में एक ग्रामीण जख्मी हो गया था।
Both the suspected cattle smugglers and the villagers who confronted them are now facing separate police caseshttps://t.co/gAfMIN89FW
यह घटना मंगलवार (जुलाई 30, 2019) की रात हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ी गाँव के पास से तीन तस्कर करीब 10-15 गायों को पैदल रास्ते ले जा रहे थे, तभी ग्रामीण रामजीत और जीतराम आदि ने उनसे गाय ले जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने फायरिंग कर दी।
गो तस्करों ने 10-15 राउंड फायर किए, इससे अफरा-तफरी मच गई। खेत के ट्यूबेल पर मौजूद अन्य लोगों एवं ग्रामीणों ने एक गो तस्कर को दबोच लिया। ग्रामीणों ने पकड़े गए गो तस्कर सलीम के साथ मारपीट भी की। सलीम के दो अन्य साथी मौके से भागने में कामयाब रहे थे। इस मामले में सलीम और उसके साथियों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।