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केरल का मुहम्मद मुहसिन गया था IS के लिए लड़ने, ड्रोन अटैक में मारा गया

अमेरिकी ड्रोन हमलों में केरल के एक शख़्स की मौत की ख़बर सामने आई है। दरअसल, मुहम्मद मुहसिन नाम का यह शख़्स इंजीनियरिंग का छात्र था जोकि 2017 में लापता हो गया था। ख़बर के अनुसार, मुहम्मद मुहसिन केरल के मल्लपुरम ज़िले के इडप्पल का रहने वाला था। वो अफ़गानिस्तान चला गया था और उसने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) ज्वॉइन कर लिया था। ख़बर यह भी है कि इस हमले में मुहम्मद मोहसिन के अलावा इस्लामिक स्टेट का एक अन्य कमांडर हुज़ैफा-अल-बकिस्तान भी मारा गया है। बकिस्तान के बारे में पता चला है कि वो भारतीय युवाओं को आतंक के रास्ते पर चलने के लिए भड़काता था।

मुहम्मद मुहसिन की मौत की ख़बर उसके परिजनों को व्हाटसएप के एक संदेश के ज़रिए मिली। वो संदेश मलयालम भाषा में लिखा था, “आपका भाई शहीद होना चाहता था। अल्लाह ने उसकी आकांक्षा के मुताबिक़ उसकी ख़्वाहिश पूरी कर दी। 10 दिन पहले हुए अमेरिकी सेना के ड्रोन हमले में वो शहीद हो गया।”

इसी संदेश में आगे लिखा था कि कृपया यह बात पुलिस को ना बताएँ, वर्ना वो आपके घर आकर आपको परेशान करना शुरू कर देंगे। आपका भाई ऐसा कुछ भी नहीं चाहता था। पुलिस के मुताबिक़, इस मैसेज में एक तस्वीर भी है, जिसमें मुहम्मद मुहसिन की डेडबॉडी दिखाई गई है। इस तस्वीर को देखकर मुहसिन के परिजनों ने उसकी पहचान कर ली है। इस बात का पता नहीं चल सका है कि यह फ़ोटो कहाँ से आई है।

ख़बर में एक सरकारी आँकड़े के अनुसार बताया गया है कि आतंकी संगठन को ज्वॉइन करने वाले अधिकतर लोग केरल के कन्नूर ज़िले से हैं। वहाँ क़रीब 40 लोग इस आतंकी संगठन में जा चुके हैं। इन 40 लोगों में 8 महिलाएँ भी शामिल हैं।

कन्नूर के अलावा कासरगोड, कोझिकोड, मलप्पुरम, पलक्कड़, एर्नाकुलम और थ्रिसुर के लोग भी इस आतंकी संगठन में शामिल हो चुके हैं। इनमें से अधिकतर लोग सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठन IS से प्रभावित हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि IS से सहानुभूति रखने वाले मलयाली समूहों के अधिकतर सोशल मीडिया अकाउंट्स गल्फ़ देशों से चल रहे हैं। ये सभी समूह विशेष तौर पर केरल में रहने वाले मुस्लिमों पर अपना जाल फेंककर उन्हें फँसाते हैं।

मॉब लिंचिंग: कमलनाथ के MP में युवक को रस्सी से बाँध रोड पर घसीटा, फिर पेड़ से बाँधकर पीटा

मध्य प्रदेश के इटावा में बुधवार (जुलाई 31, 2019) को पुलिस चौकी से सिर्फ 20 कदम की दूरी पर उधारी के लेन-देन के चलते त्रिलोक नगर निवासी राजेंद्र पदरबार (38 वर्ष) को सार्वजनिक रास्ते पर बाँधकर पीटा गया। जिन्हें रुपए लेने थे, वे युवक के पैर बाँधकर घसीटते हुए ले गए। घटनास्थल पर जब एसआई पवन यादव पहुँचे तो आरोपितों ने उनसे भी कहासुनी की।

रुपए के लेन-देन को लेकर बुधवार शाम उज्जैन रोड स्थित इटावा में एक युवक के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की। गुंडागर्दी करते हुए आरोपितों ने युवक को पहले रस्सी से बाँधकर रोड पर घसीटा और बाद में पेड़ से बाँधकर जमकर पीटा।

इसके बाद पुलिस जैसे-तैसे युवक को छुड़ाकर जिला अस्पताल ले गई। घटना के बाद रात में भारी पुलिस ने आरोपितों के घर दबिश दी। मौके से कुछ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने 15 आरोपितों के खिलाफ प्राणघातक हमले सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

अस्पताल में पीड़ित राजेंद्र (तस्वीर साभार: नई दुनिया)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, त्रिलोक नगर निवासी राजेंद्र, पिता विक्रम सिंह पंवार का पुष्पकुंज कॉलोनी में रहने वाले रतन व रामसिंह झारेवाले से रुपए का लेन-देन है। उसी को लेकर शाम करीब पाँच बजे आरोपित रतन, रामसिंह झारेवाले व उनके बेटों सहित अन्य लोगों ने राजेंद्र पर हमला कर दिया। इसके बाद आरोपितों ने राजेंद्र के पैर में रस्सी बाँध दी और उसे घसीटते हुए आरके होटल के यहाँ लेकर गए। इस दौरान आरोपितों ने राजेंद्र के साथ जमकर मारपीट की। आरोपितों ने आरके होटल के समीप राजेंद्र को पेड़ से बाँध दिया और मारपीट करते रहे।

वहीं, घायल राजेंद्र पंवार का कहना है कि वो जब सामान लेने लिए बाजार जा रहा था उसी दौरान रामसिंह के घर पर पहले से ही योजना बनाकर आरोपितों ने पीड़ित राजेंद्र को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। राजेंद्र का कहना है कि जबरन उसकी जेब में चाकू रखा गया और उसकी जेब में रखे करीब एक लाख रुपए भी छीन लिए। पीड़ित राजेंद्र ने बताया कि इससे पहले भी आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की थी लेकिन उन्होंने इस बारे में कभी शिकायत नहीं की।

आरोपित पक्ष के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे जिस कारण किसी ने भी बीच-बचाव नहीं किया और मूकदर्शक बनकर देखते रहे। कुछ लोगों द्वारा पुलिस को सूचना देने पर सिविल लाइंस थाने के एसआई पवन यादव व आरक्षक मौके पर पहुँचे। उन्होंने भीड़ के बीच से राजेंद्र को निकालने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उनके साथ भी धक्कामुक्की की। इसके बाद जैसे-तैसे राजेंद्र को डायल-100 में बैठाकर जिला अस्पताल भेजा गया। उधर बाद में भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा।

भारत की कूटनीतिक जीत: कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद मुहैया करवाएगा पाकिस्तान

कुलभूषण जाधव के मामले इंटरनैशनल कोर्ट में जीत के बाद भारत को एक और कामयाबी मिली है। पाकिस्तान सरकार ने कुलभूषण जाधव से मिलने के लिए भारत को कॉन्सुलर एक्सेस देने का निर्णय लिया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को शुक्रवार को पाकिस्तान राजनयिक मदद मुहैया करवाने को अंततः तैयार हो गया है।

पाकिस्तान का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के दबाव में लिया गया है। इसे भारतीय कूटनीति के विजय के रूप में भी देखा जा रहा है। क्योंकि इससे पहले पाकिस्तान लगातार कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद देने से इनकार करता रहा है।

बता दें कि पाकिस्तान के व्यवहार में यह बदलाव इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के फैसले के बाद आया है। दरअसल, पाकिस्तान भारतीय नागरिक को जासूस बताकर फाँसी देना चाहता था। लेकिन फिर भारत ने इस मामले को इंटरनैशनल कोर्ट में उठाया। कोर्ट ने पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई फाँसी की सजा पर प्रभावी तरीके से फिर से विचार करने और राजनयिक पहुँच प्रदान करने का बुधवार (जुलाई 31, 2019) को आदेश दिया था।

इससे पहले, 17 जुलाई 2019 को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने कुलभूषण जाधव मामले में भारत के पक्ष में निर्णय दिया था। अदालत ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को दी गई सजा की समीक्षा करने और पुनर्विचार करने को कहा था। इसके साथ ही कुलभूषण जाधव को मिली मौत की सज़ा पर भी रोक लगा दी गई थी। अदालत ने पाकिस्तान को वियना संधि के उल्लंघन का दोषी पाया था। अदालत ने कहा कि कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों के बारे में विवरण नहीं दिया गया। इसके अलावा अदालत ने इस बात का भी जिक्र किया कि जाधव की गिरफ़्तारी की जानकारी भारत को तुरंत नहीं दी गई।

बता दें कि 2016 में ईरान से अगवा कर पाकिस्तान ने उन्हें भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के लिए जासूसी के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई थी, जिसे रोकने के लिए भारत सरकार ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपील की थी। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान को निर्देश दिया था कि उसके अंतिम निर्णय पर पहुँचने तक कुलभूषण जाधव की सज़ा पर अमल न किया जाए।

कुलभूषण जाधव (49 साल) भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। 

गर्भवती पत्नी से मारपीट, जान से मारने की कोशिश, कागज पर लिखा तलाक़-तलाक़-तलाक़

देश में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक विधेयक पास होने के बाद थोड़ी राहत मिली है, जिन मामलों को लेकर औरतें अभी तक शांत थीं, उन मामलों पर उनकी आवाजें उठने लगीं हैं। हालिया मामला हैदराबाद की रहने वाली एक 20 वर्षीय महिला का है जिसने अपने पति पर तीन तलाक का आरोप लगाया है।

महिला के मुताबिक, उसके पति ने उसे उस समय एक पेपर पर लिखकर तीन तलाक दिया जब वो प्रेगनेंट थी। महिला बताती है, “वो मुझे अपने पिता से कार, घर माँगने के लिए मजबूर करते थे और जब मैं ऐसा करने से मना करती थी तो वो मेरे साथ मारपीट करते थे। वो मुझे एक बार जान से मारने की कोशिश भी कर चुके हैं। तीन महीने पहले उन्होंने मुझे एक पेपर पर तीन तलाक दिया था।”

गौरतलब है तीन तलाक बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद मुस्लिम महिलाओं से एक साथ तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार देर रात राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मंजूरी दे दी है। राष्‍ट्रपति के इस विधेयक पर हस्‍ताक्षर करने के साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक अब कानून बन गया है। इस कानून को 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा।

इस बिल के मुताबिक तीन तलाक से जुड़ा अपराध संज्ञेय तभी होगा, जब महिला इसकी शिकायत खुद करेगी या फिर खून या शादी के रिश्ते वाले सदस्यों के पास भी केस दर्ज कराने का अधिकार रहेगा। पड़ोसी या कोई अनजान शख्स इस मामले में केस दर्ज नहीं करा सकता है।

देश में तीन तलाक के बढ़ते मामलों और मुस्लिम महिला पर होते अत्याचार के मद्देनजर मोदी सरकार ने इस बिल को लोकसभा में 25 जुलाई को और 30 जुलाई को राज्यसभा ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को अपनी स्‍वीकृति दी थी। बिल के क़ानून बनने के बाद ये तय हो गया है कि 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी तीन तलाक़ के मामले सामने आए हैं उन सभी का निपटारा इसी क़ानून के तहत किया जाएगा।

आदिल और शादाब ने माथे पर लगाया टीका, फिर हनुमान मंदिर में की तोड़-फोड़: इलाके में तनाव

उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले में पंचमुखी हनुमान मंदिर में मुस्लिम समुदाय के आदिल और शादाब नाम के दो युवकों द्वारा तोड़-फोड़ की ख़बर सामने आई है। इस दौरान उन दोनों को लोगों ने पकड़ लिया। मामले की सूचना मिलने पर एसपी कई थानों की पुलिस के साथ मंदिर पहुँचे, जिसके बाद आदिल और शादाब को हिरासत में ले लिया गया। इलाक़े में तनाव की स्थिति से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। फ़िलहाल, हल्दौर पुलिस में दोनों युवकों से पूछताछ जारी है।

बिजनौर के राम चौराहे पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर की कमिटी ने बुधवार (31 जुलाई 2019) को सुबह मुस्लिम समुदाय के दो युवकों को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब दोनों माथे पर टीका लगा मंदिर में घुस गए और वहाँ की मूर्तियों को तोड़ने लगे। इस दौरान मूर्तियों के टूटने की आवाज़ें बाहर आ रही थीं। तभी लोगों ने मौक़े पर पहुँचकर दोनों युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया। लोगों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के दोनों युवकों ने माथे पर टीका लगा रखा था, जिससे उन पर कोई शक़ न करे कि वो हिन्दू नहीं हैं।

मंदिर कमिटी की शिक़ायत पर घटना स्थल पर पहुँची पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया। इस घटना से मंदिर के आसपास लोगों की काफ़ी तादाद में भीड़ इकट्ठी हो गई। लोगों का कहना है कि कुछ दिनों पहले मंदिर में माँस भी फ़ेका गया था, जिसके लिए इन दोनों युवकों को ही दोषी ठहराया गया था। लेकिन, किसी तरह का तनाव उत्पन्न न हो इसलिए मंदिर कमिटी ने इस बात को दबा दिया था। लेकिन, अब यह मामला मंदिर में घुसकर मूर्तियों को खंडित करने का है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

ख़बर में इस बात का भी उल्लेख है कि दोनों युवक ईंट और पत्थर से भवानी माँ की मूर्ति को खंडित कर रहे थे। इस घटना से इलाक़े में भारी तनाव हो गया है, हिन्दू धर्म के लोग काफ़ी आहत हैं।

घटना की सूचना जब सदर एसडीएम सदर को मिली तो उन्होंने भी मौक़े पर पहुँचकर मुआयना किया। सदर एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मुआयने के बाद खंडित मूर्तियों का निरीक्षण कर दोनों युवकों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

ख़बर के अनुसार, एसपी बिजनौर संजीव त्यागी ने बताया कि मंदिर कमिटी ने मूर्ति खंडित करने के अलावा हिन्दू लड़कियों को प्रेमजाल में फँसाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि दोनों युवक स्कूली छात्राओं के साथ रोज मंदिर आते थे और माथे पर टीका लगाकर हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फँसाते थे।

पुलिस की जाँच में पता चला है कि दोनों युवकों ने हिन्दू नाम से मंदिर में प्रवेश किया था और इस दौरान दोनों के साथ दो छात्राएँ भी थीं। मंदिर कमिटी पदाधिकारी अखिल कुमार अग्रवाल ने दोनों युवकों के ख़िलाफ़ मूर्ति खंडित करने की जानकारी दी। शहर कोतवाल आरसी शर्मा के अनुसार, आरोपित शहर के मोहल्ला मिर्दगान निवासी आदिल पुत्र राशिद और मोहल्ला कस्साबान निवासी शादाब पुत्र यासीन के ख़िलाफ़ तहरीर मिली है। फ़िलहाल, पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है।

35-A को लेकर PM मोदी से मिले उमर अब्दुल्ला, कहा- कोई ऐसे कदम न उठाएँ, जिससे स्थिति खराब हो

जम्मू कश्मीर में 35-A की स्थिति को लेकर जारी चर्चा के बीच बृहस्पतिवार (अगस्त 01, 2019) को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमने पीएम मोदी से कहा कि रियासत में कोई ऐसे कदम न उठाए जाएँ, जिससे वहाँ की स्थिति खराब हो। हमने 35-A और 370 का भी मामला उठाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की माँग की।”

हाल ही में श्रीनगर में एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा करने के लिए कहा था जहाँ अनुच्छेद-35A और अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली काफी याचिकाएँ लंबित हैं।

जम्मू कश्मीर की तमाम छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों में अनुच्छेद 35 A को लेकर बहस तेज है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और राज्य के सभी क्षेत्रीय दलों ने अनुच्छेद-35 A और 370 के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया है। संविधान के इन दोनों अनुच्छेदों में किसी राज्य को विशेष दर्जा देने का प्रावधान है। हाल ही में महबूबा मुफ़्ती ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि आर्टिकल 35- A के साथ छेड़छाड़ करना बारूद को हाथ लगाने के बराबर है।

दहेज के लिए दे दिया तीन तलाक, अब देवर इदरीश से हलाला का बनाया जा रहा दबाव

तीन तलाक़ बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही अब कानून बन चुका है। ऐसे में मुस्लिम महिलाओं में न्याय पाने की उम्मीद जगी है। मंगलवार को राज्यसभा में तीन बिल के पास होने के बाद से ही एक साथ तीन तलाक देना अपराध की श्रेणी में आ गया है। ऐसे में तीन तलाक़ के कई मामले तेजी से रिपोर्ट हो रहे हैं। इसी कड़ी में, बुधवार को ग्रेटर नोएडा के दनकौर में तीन तलाक का एक ऐसा ही मामला रिपोर्ट हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा महज एक लाख रुपए दहेज नहीं दे पाने के कारण तीन तलाक का मामला सामने आया है। बता दें कि दनकौर निवासी हाजी जहूर ने अपनी बेटी समीना और शबाना का निकाह दादरी के नई आबादी निवासी इकबाल व इदरीश से करीब 14 साल पहले की थी। जहूर का आरोप है कि शादी के बाद से ही समीना के पति इकबाल और अन्य लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। शुरूआती दौर में बेटी का घर सलामत रहे, इसके लिए पैसे दिए भी। लेकिन बाद में बेटियों से मारपीट भी करने लगे तो कोर्ट में वाद दायर किया गया।

बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ तो मामला शांत हो गया। अभी फिर से दहेज़ की बात उठने लगी तो 27 जुलाई की रात 8 बजे दोनों बेटियों के साथ फिर से मारपीट की गई। इस बीच इकबाल ने समीना को ट्रिपल तलाक दे दिया। फिर मारपीट कर घर में ही बंधक बना लिया। इसका विरोध करने पर पीड़िता की बहन शबाना, जो आरोपित के छोटे भाई इदरीश की पत्नी है, उसे भी तीन तलाक दिलवाने की धमकी दी गई। महिला ने विरोध किया तो दोबारा निकाह के लिए देवर से हलाला का दबाव बनाया जाने लगा। पीड़िता तीन बच्चों की माँ है यह भी बताया जा रहा है।

अगले दिन समीना के पिता ने दादरी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने समीना को उसके मायके वालों के हवाले कर दिया। पीड़िता के पिता हाजी जहूर ने सूरजपुर एसएसपी को लिखित शिकायत की है कि पीड़िता के ससुराल वाले पहले भी उसके साथ मारपीट करते थे। उसने इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।

फिलहाल, शिकायत में सभी आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की माँग की गई है।

लादेन का बेटा हमजा ढेर: फिर अमेरिका ने क्यों रखा इनाम, सऊदी अरब ने छीनी किसकी नागरिकता?

अल-कायदा सरगना हमजा बिन लादेन मारा गया है। वह 9/11 को अंजाम देने वाले ओसामा बिन लादेन का बेटा था। अमेरिकी मीडिया ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।

उसे कहॉं, कब और कैसे मारा गया यह स्पष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इनाम के एलान और सऊदी अरब द्वारा नागरिकता छीने जाने से पहले ही हमजा मारा गया था।

अमेरिकी विदेश विभाग ने इसी साल फरवरी में हमजा के ठिकाने की जानकारी देने पर 10 लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद 1 मार्च को सऊदी अरब ने हमजा की नागरिकता निरस्त कर दी थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इनाम की घोषणा से पहले ही वह मारा गया था। हालॉंकि तब अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के पास उसके मारे जाने की पुष्ट सूचना नहीं थी। अधिकारियों ने अभियान की संवेदनशीलता और खुफिया वजहों से अखबार को ज्यादा विवरण देने से इनकार कर दिया।

अखबार ने पूर्व एफबीआई एजेंट अली सूफान के हवाले से बताया है कि अल-कायदा द्वारा अपने नेता की मौत का ऐलान न कर उसकी शहादत नहीं मनाना हैरान करने वाला है। लेकिन, अमेरिकी सरकार के पास यदि उसके मारे जाने की पुष्ट सूचना है तो इससे अल-कायदा के मंसूबों को तगड़ा झटका लगा है।

डेली मेल के मुताबिक हमजा के ठिकाने का कभी भी पता नहीं लग पाया। ऐसा माना जाता था कि वह ईरान में है, लेकिन उसके अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया में होने की खबरें भी आती रही। कई बार उसने ऑडियो और वीडियो संदेश जारी कर अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों पर हमले की बात कही थी। अपने पिता की हत्या का बदला लेने की भी धमकी दी थी। लादेन को अमेरिकी सील कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद में मई 2011 में मार गिराया था। हमजा का आखिरी बयान अल-कायदा ने 2018 में जारी किया था।

माना जाता है कि हमजा 1989 में सऊदी अरब के जेद्दा में पैदा हुआ था। वह लादेन के 20 बच्चों में से 15वां बेटा था। वह लादेन की तीसरी बीवी से पैदा हुआ था। उसका निकाह अल-कायदा आतंकी अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह की बेटी से हुआ था। उसके निकाह का वीडियो लादेन के एबटाबाद ठिकाने से मिला था जिसे 2017 में सीआईए ने रिलीज किया था।

शमी की पत्नी हसीन जहाँ को ससुराल से आधी रात को उठाने के चक्कर में फँस गई UP पुलिस

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहाँ के मामले में फिर से एक नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि आधी रात को हसीन की ससुराल से हिरासत में लिए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हसीन जहाँ को हिरासत में लेने वाले पाँच पुलिस कर्मियों के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी करते हुए उन्हें तलब किया है।

बढ़ सकती हैं मोहम्मद शमी की मुश्किलें

रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने इस मामले में अमरोहा जिले के डिडौली थाने के इंचार्ज व चार अन्य पुलिस सब इंस्पेक्टरों को अवमानना का नोटिस जारी किया है। अगर आगे की सुनवाई में पाँचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके परिवार के लोग भी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि हसीन जहाँ की अर्जी में पुलिस वालों पर शमी व उनके परिवार वालों के दबाव में ही काम करने का आरोप लगाया गया है।

इस अर्जी में डिडौली थाने के एसएचओ व चार सब इंस्पेक्टरों को आरोपी बनाया गया है। दलील यह दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी महिला के घर पर दबिश व उसकी गिरफ्तारी सूरज डूबने के बाद नहीं हो सकती है। ऐसे में अमरोहा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। उसे तब हिरासत में लिया गया, जब उसके खिलाफ कोई केस नहीं था और वह आधी रात को घर में सो रही थी। उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था और पुलिस ने उसके साथ धक्का-मुक्की कर उसे चोट भी पहुँचाई थी।

जस्टिस एमसी त्रिपाठी की बेंच ने हसीन जहाँ की अर्जी पर सुनवाई करते हुए पाँचों आरोपित पुलिसवालों से चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत इस मामले में अब सितम्बर महीने में सुनवाई करेगी।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, क्रिकेटर मोहम्मद शमी का अपनी पत्नी हसीन जहाँ से काफी समय से विवाद चल रहा है। इस दौरान हसीन 28 अप्रैल को अपनी बेटी और मेड के साथ अमरोहा स्थित ससुराल पहुँची तो उनकी ससुराल वालों से कहासुनी हो गई। इस बीच आधी रात को ही अमरोहा के डिडौली थाने की पुलिस शमी के घर से हसीन जहाँ, बेटी और मेड को जबरन थाने उठा ले गई थी। हसीन जहाँ को रात के वक्त पुलिस जीप में बैठाकर थाने लाने और थाने के बाहर हसीन जहाँ व पुलिस वालों में तकरार की तमाम तस्वीरें व वीडियो भी वायरल हो चुके हैं। 

जिसके बाद हसीन जहाँ ने आधी रात को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की और कहा कि यह सब उनके पति मोहम्मद शमी के इशारे पर हुआ था। इसी किस्से के बाद अब कोर्ट ने डिडौली थाने के इंचार्ज व चार अन्य पुलिस सब इंस्पेक्टरों को अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है।

करोड़ों रुपए और मंत्री पद का लालच देकर कमलनाथ सरकार मुझे खरीदना चाहती है: BJP विधायक

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार गिरने के बाद अब सबकी नजर मध्य प्रदेश की राजनीति पर बनी हुई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के एक भाजपा विधायक ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें मोटी रकम देकर खरीदने का प्रयास कर रहे हैं।

मीडिया खबरों की मानें तो विजयपुर (श्योपुर) से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने उन्हें भाजपा छोड़कर अपनी पार्टी में आने की पेशकश की थी। साथ ही कॉन्ग्रेस ने उनसे कहा था कि इसके लिए वह जो चाहते हैं, उन्हें सब दिया जाएगा। लेकिन सीताराम ने उनसे कहा, “मैं एक आदिवासी और गरीब हूँ, लेकिन, मैं खुद को नहीं बेच सकता। मैं भाजपा के साथ ही रहूँगा।”

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मीडिया बातचीत में सीताराम ने बताया, “कॉन्ग्रेस के नेता मुझे अपनी पार्टी में बुलाने की कह रहे हैं। इसके लिए वह मुझे करोड़ों रुपयों का लालच भी दे रहे हैं। मुझे मंत्री बनाने तक के लिए कहा जा रहा है। लेकिन, मैंने साफ कर दिया है कि मैं उनकी पार्टी में नहीं जाने वाला हूँ। मेरी पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है।”

सीताराम ने दावा किया है कि कॉन्ग्रेस के कई मंत्री न केवल उनसे संपर्क कर रहे हैं बल्कि होटल में बुलाकर उनसे बात भी करना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उन भाजपा नेताओं के लिए भी अपनी बात कही जो भाजपा का साथ छोड़कर कॉन्ग्रेस में जा रहे हैं।

उन्होंने बोला, जो भाजपा विधायक कॉन्ग्रेस में जा रहे हैं, वो गद्दार हैं। पार्टी को कभी धोखा नहीं देना चाहिए। उनके मुताबिक भाजपा बहुत दमदार पार्टी है, वे इसका साथ मरते दम तक नहीं छोड़ेंगे।

भाजपा विधायक का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने राज्य में झूठ बोलकर सरकार बनाई है। झूठे वादे किए हैं, क्योंकि उन लोगों को झूठ बोलने की आदत है। वहीं भाजपा ने आदिवासियों को बहुत सम्मान दिया है। इतना ही नहीं उनका कहना है कि उन्हें 3 बार विधायक बना दिया गया है, तो वह क्यों भाजपा छोड़ेंगे।