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शशि थरूर के ‘तिरंगे’ की स्पेलिंग में मिस्टेक है, उम्रक़ैदी संजीव भट्ट के परिवार से मिलते हुए कर दी बड़ी भूल

कॉन्ग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर अक्सर चर्चा में रहते हैं। कभी अपनी अंग्रेजी के शब्दकोष के लिए, तो कभी क्रिकेट मैच की दर्शक-दीर्घा के बीच अपने प्रशंसकों के साथ तस्वीरों को लेकर। युवाओं के बीच भी वे काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन शशि थरूर का ज्ञान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को लेकर फिसड्डी ही नजर आता है।

शशि थरूर ने आज जो तस्वीर ट्वीट की है, उसमें उनकी टेबल पर जो तिरंगा है, उसमें सबसे ऊपर हरा रंग आता है, उसके बाद सफ़ेद और सबसे बाद में केसरिया। हालाँकि, यह कॉन्ग्रेस की विचारधारा का प्रतीक चिन्ह जरूर हो सकता है लेकिन भारत देश के तिरंगे का रंग तो कम से कम यह नहीं है।

शशि थरूर ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर की है। इस ट्वीट में थरूर बता रहे हैं कि उन्होंने गुजरात के विवादित बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट, जिसे हाल ही में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, की पत्नी और बच्चे से मुलाक़ात की।

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा शेयर की गई तस्वीर में उनकी टेबल पर जो झंडा रखा गया है वो ‘तिरंगे’ जैसा नजर आ रहा है। वास्तव में यह झंडा तिरंगा ही है, लेकिन यह उल्टा रखा हुआ है। हो सकता है कि शशि थरूर का ध्यान इस ‘मामूली’ बात पर ना गया हो, लेकिन ट्वीटर यूज़र्स इस बात को लेकर शशि थरूर से नाराज हैं। तिरंगे के अपमान से नाराज लोग शशि थरूर को रिप्लाई में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

तिरंगे को उल्टा रखने के साथ ही ट्विटर यूज़र्स ने सजा भोग रहे संजीव भट्ट की पत्नी और बच्चे से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि संजीव भट्ट के लिए ‘Detention’ शब्द इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए सजा मिली है।

अयोध्या में परवेज और उसके साथियों ने महिलाओं को पीटा, फिर कार से कुचला

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दो महिलाओं को बुरी तरह पीटने के बाद कार से कुचलने का मामला सामने आया है। मामला अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र के जलालुद्दीन गाँव का है। मुख्य आरोपी परवेज को गिरफ़्तार कर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है।

नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, बब्बू और परवेज़ नाम के दो लोगों के बीच गाड़ी को पास नहीं देने के कारण विवाद हो गया था। विवाद इतना गंभीर हो गया कि परवेज़ और उसके साथियों ने मिलकर कथित तौर पर बब्बू की पत्नी और एक अन्य महिला को लाठी-डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद महिलाओं को अपनी स्कॉर्पियो से रौंद दिया जिससे उनकी मौत हो गई।

मृतका ताहिरा (45 वर्षीय) के शौहर मोहम्मद हसन ने मामला दर्ज करवाया है। अपनी शिक़ायत में उन्होंने आरोप लगाया कि परवेज़ और उसके साथियों ने मिलकर एक पुरानी दुश्मनी के चलते गुरुवार (18 जुलाई) की रात को बब्बू के घर पर धावा बोल दिया।

हसन के अनुसार, परवेज़ के साथियों ने जब बब्बू पर हमला बोला तो उसकी पत्नी गुड़िया बीच में आ गई और अपने पति को घर के अंदर ले गई। इसके बाद उसने दरवाज़ा बंद कर दिया। इस बात से गुस्साए हमलावरों ने हॉकी-डंडों से गुड़िया पर हमला बोल दिया। उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। ख़बर तो यह भी है कि हमलावरों के हाथ में हथियार थे जिन्हें वो हवा में लहरा रहे थे।

घायल अवस्था में गुड़िया जब ज़मीन पर गिर गई, तभी हमलावरों ने उस पर कार चढ़ा दी। आनन-फ़ानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हसन ने बताया कि गुड़िया को बचाने के लिए उनकी बीवी ताहिरा खातून दौड़ी थीं, हमलावरों ने उसके ऊपर भी गाड़ी चढ़ा दी और उसकी भी मौक़े पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर घटनास्थल से फ़रार हो गए।

मोहम्मद हसन की शिक़ायत में परवेज़ पुत्र शेर मोहम्मद, चालक मुख्तार आलम पुत्र शकील अहमद, चांद बाबू पुत्र अब्दुल जब्बार को नामजद किया गया है।

चौकी प्रभारी राम नरेश वर्मा के अनुसार, रात में चांद बाबू मुख्तार आलम और परवेज के ख़िलाफ़ धारा-279, 338, 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर अपराध की धाराओं में परिवर्तन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़: गौ हत्या से उबले ग्रामीण, भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में गाय की हत्या कर उसका माँस बेचे जाने की ख़बर सामने आई है। मामला रामचन्द्रपुर थाना के अंतर्गत ग्राम पंचायत रेवतीपुर का है। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैला हुआ है। दोषियों को कड़ी सज़ा देने की माँग की जा रही है।

स्थानीय ग्रामीण महेन्द्र सिंह के अनुसार, सूचना मिलने के बाद हम लोग जब घटनास्थल पर पहुँचे तो देखा कि गाय की हत्या कर उसके अवशेष फेकें हुए हैं। उन्होंने बताया कि आसपास मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने ही इस काम को अंजाम दिया होगा। गाँव के सरपंच श्रवण यादव ने भी घटनास्थल पर गाय के सींग, मुंडी और चमड़ी आदि मिलने की पुष्टि की है। सरपंच ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी बुलाकर अवशेष दिखाए।

गाँव के लोगों ने सीमा में झाड़ियों के पास गाय के अवशेष देखे। इसके बाद पूरे गाँव में गाय की हत्या कर माँस बेचने की खबर फैल गई।

नई दुनिया की ख़बर के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर पुलिस गाँव में पहुँची और माँस के अवशेषों को इकट्ठा करके रामानुजगंज के पशु चिकित्सक विकास जायसवाल से पीएम कराया। जायसवाल ने बताया कि अवशेष प्रथम दृष्टया गाय के ही लगते हैं।

रामचंद्रपुर थाना प्रभारी एसके पैकरा ने बताया कि अवशेषों को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जाएगा। अज्ञात आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।

जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती के चचेरे भाई के PSO की गोली मारकर हत्या

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता सज्जाद मुफ्ती के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) की आज गोली मारकर हत्या कर दी गई।

सज्जाद मुफ्ती पीडीपी चीफ़ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के चचेरे भाई हैं। ख़बरों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब सज्जाद बिजबेहारा के बाबा मोहल्ला की एक मस्जिद में नमाज अता कर रहे थे। फ़ारूक अहमद नाम का PSO मस्जिद के बाहर खड़ा था, तभी अचानक अज्ञात बंदूकधारी ने उसे गोली मार दी। उसे तुरंत उप-ज़िला अस्पताल बिजबेहारा ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। अहमद, दिरपोरा खिरम का निवासी था।

उप-ज़िला अस्पताल, बिजबेहारा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शौकत ने बताया कि अहमद के सीने में गोली के घाव थे और उसे मृत अवस्था में यहाँ लाया गया था। अज्ञात हमलावर ने अहमद की एके-47 भी छीन ली।

‘चोर’ और ‘पेड न्यूज़’ कहने पर ZEE मीडिया ने महुआ मोइत्रा पर किया आपराधिक मानहानि का मुक़दमा

ZEE मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता और सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दायर किया है। मीडिया हाउस ने खुद को कथित तौर पर ‘चोर’ और ‘पेड न्यूज़’ कहने पर यह कदम उठाया है।

मामले की सुनवाई आज नई दिल्ली में पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने की। शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने अदालत के समक्ष मोइत्रा का एक वीडियो चलाया, जिसमें वे ज़ी न्यूज़ को ‘चोर’ और ‘पेड न्यूज़’ कह रही हैं। अग्रवाल ने अदालत को बताया कि मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के मालिक को चोर और चैनल से जुड़े लोगों को ‘अशिक्षित’ और ‘बुड़बक’ (बेवकूफ़) कहा था। मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी।

मोइत्रा ने 15 जुलाई को ज़ी न्यूज़ के पत्रकार सुधीर चौधरी के ख़िलाफ़ एक आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सुधीर चौधरी ने संसद में उनके पहले भाषण को चोरी का बताया था। मोइत्रा के अनुसार, उनके भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था। बता दें कि इस भाषण ने मोइत्रा को ‘लिबरल लेफ्ट’ की आँखों का तारा बना दिया था।

मोइत्रा ने चार जुलाई को चौधरी के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव भी पेश किया था। हालाँकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

सोनभद्र नरसंहार: SDM समेत 5 निलंबित, पूर्व अधिकारी भी जाँच के दायरे में

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में ज़मीनी विवाद को लेकर हुए नरसंहार पर एडीजी वाराणसी ज़ोन व मंडलायुक्त मिर्ज़ापुर की जाँच समिति से मिली रिपोर्ट पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बताया कि सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या मामले में गठित जाँच समिति की संस्तुति पर सोनभद्र के घोरावल के SDM, CO घोरावल, इंस्पेक्टर घोरावल समेत पाँच अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अपर सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी वहाँ पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका की जाँच करेगी। इस कमेटी का काम अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही का पता लगाना होगा। उन्होंने बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी 1955 से लेकर अब तक इस मामले को लेकर 10 दिन में रिपोर्ट देगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि समिति की जाँच रिपोर्ट में पता चला कि सीआरपीसी की धारा-145 के तहत कार्रवाई करने के लिए SDM घोरावल रिपोर्ट को काफ़ी दिनों से दबाए हुए थे। सीओ घोरावल और इंस्पेक्टर घोरावल दोनों ने ही अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। वहीं, सब-इंस्पेक्टर और सिपाही ने भी उचित कार्रवाई नहीं की। इस वजह से SDM, CO, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और बीट इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।

ग़ौरतलब है कि इस मामले में लखनऊ स्थित प्रदेश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग ने सभी आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष डीजीपी बृजलाल के मुताबिक़ इस कांड में पुलिस व प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने परिक्षेत्र के डीआईजी को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में जाँच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।

प्रदेश अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के मुताबिक इस घटना में लोकव्यवस्था पूर्ण रूप से भंग हुई है, इसलिए उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और जमानत होने की स्थिति में उन्हें रासुका में निरुद्ध किया जाए। साथ ही आयोग ने मामले का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में राजस्व परिषद ने भी जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। 

पूरा मामला: उत्तर प्रदेश: आदिवासियों की जमीन पर कब्जे के लिए 3 महिलाओं समेत 11 की हत्या

मुस्लिम युवती से शादी करने वाले हिन्दू लड़के पर धर्म परिवर्तन का दबाव, जिंदा जलाने की धमकी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मुस्लिम समाज की एक युवती ने सैनी समाज के युवक के साथ प्रेम विवाह कर लिया। अब दोनों ने परिजनों से जान को खतरा बताया है। मामला जनपद के बिहारीगढ़ थाना इलाके का है। अलग-अलग धर्म का होने के कारण इस जोड़े को ग्रामीणों ने गाँव से निकाल दिया है।

युवती ने थानाध्यक्ष और अपने परिजनों पर आरोप लगाया है कि वे युवक पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे है। नव दम्पति ने सिटी एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार थाना बिहारीगढ़ के गाँव कुरड़ीखेड़ा निवासी आरजू अपने पति अमित के साथ एसपी से मिलने पहुँची थी। उसने बताया कि उन दोनों ने पिछले दिनों भागकर शादी की थी। इसके बाद उसने अपना नाम खुशनसीब रख लिया। कुछ दिन बाद जब इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने लड़के और उसके परिवार को मारपीट करके गाँव से निकाल दिया। नवविवाहित जोड़ा चाहता है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, साथ ही उनके परिजनों को गाँव में रहने दिया जाए।

युवती का कहना है कि उमरद्दीन, इरशाद, अरशद, मेहरबान, मेहताब, अश्विनी, अंकित नामक लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। इसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत भी की। लेकिन पुलिस उनका ही साथ दे रही है। आरजू के मुताबिक उसके पति को हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया जाता है।

सोशल मीडिया पर शेयर वीडियो में युवती कह रही है कि पुलिस वाले उनसे या तो धर्म परिवर्तन करने के लिए कहते हैं और या फिर लड़के से कहते हैं कि वो लड़की को साथ रखने से मना कर दे।

बता दें कि इस मामले में युवती ने अदालत में अपने पति के ही पक्ष में बयान दिए हैं। साथ ही कहा है कि परिजनों के कहने पर एसओ बिहारीगढ़ उन्हें तंग कर रहे हैं। युवती के अनुसार बुधवार (जुलाई 16, 2019) को जब वह अपने पति संग ससुराल पहुँची तो उन दोनों को गाँव के बाहर रोक लिया गया और जिंदा जलाने की धमकी दी गई।

तेलंगाना: TikTok पे पुलिस वैन से IG को ‘धमकी’, विवादों में गृहमंत्री के पोते फुरकान का वीडियो

TikTok एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। कल ही एक भड़काऊ TikTok वीडियो को लेकर बॉलीवुड कलाकार एजाज खान को गिरफ्तार किया गया है। अब तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के पोते फुरकान अहमद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उनका पोता पुलिस वैन के ऊपर बैठकर टिक-टॉक वीडियो बना रहा है। वीडियो में, एक और युवक है जो एक IG के लिए फिल्म का डायलॉग बोल रहा है।

इस वीडियो में गृह मंत्री का पोता फुरकान अहमद IG को संभलने की धमकी दे रहा है और परिणाम भुगतने के लिए कह रहा है। फुरकान अहमद के इस टिक-टॉक वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ लोगों ने इस वीडियो में सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।

2 दिन पहले बनाया गया था वीडियो

वीडियो में फुरकान अहमद के साथ बैठा अन्य व्यक्ति अचानक नीचे उतरता है और एक फिल्म के डॉयलाग पर होंठ हिलाता है और कथित रूप से आईजी रैंक के एक अधिकारी को ‘धमकाता’ है। इस वीडियो क्लिप को लेकर गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने कहा कि वे दो दिन पहले एक समारोह में यकतपुर गए थे, जहाँ एक स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया था।

इस वीडियो के विवादों में आने के बाद तेलंगाना के गृह मंत्री ने कहा, “मेरा पोता सिर्फ वाहन के ऊपर बैठा था और किसी स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया। हम इसकी जाँच करेंगे। मेरे पोते का इससे कोई लेना-देना नहीं है।” पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस के सभी वाहन डीजीपी के नाम के तहत पंजीकृत हैं और यह वाहन गृह मंत्री को आवंटित था।

बकरीद पर न दें गाय की कुर्बानी, तेलंगाना के मंत्री के बाद यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने भी की अपील

विभिन्न मुस्लिम संगठनों के संघ ‘यूनाइटेड मुस्लिम फोरम’ ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की है। ईद-उल-अजहा जो बकरीद के नाम से भी जाना जाता है 12 अगस्त को है। इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी इसी तरह की अपील अपने समुदाय के लोगों से की थी।

रिपोर्टों के मुताबिक यूनाइटेड मुस्लिम फोरम ने कहा है कि भारतीय कानून के हिसाब से भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की कुर्बानी जायज है।

फोरम ने अलग-अलग समुदायों के बीच किसी भी तरह के तनाव, भीड़ हत्या (लिचिंग) और जन-हानि को रोकने के लिए राज्य सरकार से ‘गौ रक्षकों’ पर अंकुश लगाने के लिए वाजिब कदम उठाने की भी माँग की है। उन्होंने कहा नागरिकों की जान एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार को कानून बनाने चाहिए। मुस्लिम संघ ने कहा है कि सभी त्योहार शांति और एकता के साथ मनाए जाने चाहिए।

गौरतलब है इससे पहले तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद महमूद अली ने भी अपने समुदाय के लोगों से बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं देने की अपील की थी। अली ने कहा था कि हिन्दू धर्म में गाय सम्मानित है और उसकी पूजा की जाती है। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम भाई गाय की कुर्बानी देने से परहेज करें, इसके अलावा वे अन्य जानवरों की कुर्बानी दे सकते हैं।

राँची: Ola कैब ड्राइवर का गला रेतने वाला मोहम्मद सैफ गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

झारखंड की राजधानी राँची के तमाड़ थाना क्षेत्र में बीते रविवार (जुलाई 14, 2019) को एक कैब ड्राइवर का गला रेत दिया गया था। ड्राइवर का रिम्स में इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने मुहम्मद सैफ को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित लोअर बाजार थाना क्षेत्र के पत्थलकुदवा रोड, मिलत नगर निवासी मोहम्मद सैफ है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चाकू, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंदपीढ़ी के नदी ग्राउंड के पास रहने वाले ओला ड्राइवर मो. शमशेर आलम (36) की रविवार की रात चार अज्ञात अपराधियों ने गला रेत हत्या करने की कोशिश की। लेकिन, शमशेर चंगुल से भाग निकला और तमाड़ के पास एक मंदिर के करीब जा गिरा। वहाँ एक व्यक्ति ने उसकी मदद की, अपना फोन दिया। फोन से शमशेर ने घर वालों को बताया कि वह परेशानी में है। फिर मदद करने वाले व्यक्ति ने ही तमाड़ थाना को सूचना दी।

पुलिस पहुँची और उसे पहले तमाड़ स्वास्थ्य केंद्र ले गई। यहाँ प्राथमिक इलाज के बाद शमशेर काे रिम्स में भर्ती कराया गया। डाॅक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति गंभीर है। सोमवार को होश आने के बाद शमशेर ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। गाड़ी से तीन मोबाइल मिले हैं, जिसमे दो शमशेर के हैं और एक घटना अंजाम देने वालाें के।

होश आने पर शमशेर ने परिवार वालों को बताया कि दो लोगों ने जमशेदपुर जाने के लिए कैब बुक कराई। कांटाटोली में बैठे। आगे बढ़ने पर दो लोग जबरन आकर बैठ गए। तमाड़ के पास पीछे से दो लोगो ने पकड़ लिया और गला रेतने लगे। शमशेर ने इस पर गाड़ी खेत में घुसा दी और खुद गाड़ी से कूद कर भागते वक़्त एक मंदिर के पास गिर गया।

एसएसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। बुक कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपित मोहम्मद सैफ को मिलत कॉलोनी से पकड़ा गया। उसने पुलिस के समक्ष अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस को उसने एक अन्य नाबालिग सहयोगी का नाम भी बताया है। पुलिस उसको गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में बुण्डू डीएसपी अशोक रविदार, सिल्ली डीएसपी चन्द्रशेखर, थाना प्रभारी बुण्डू राजकुमार यादव, तमाड़ा थाना प्रभारी चन्द्रशेखर आजाद और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पूरा मामला

14 जुलाई के रात मोहम्मद फैज ने टाटा जाने के लिए Ola कैब बुक की थी। 15 जुलाई को हिन्दपीढ़ी के रहने वाले शमशेर कांटाटोली चौक पहुँचे और दोनो आरोपित उसमें सवार हुए और गाड़ी टाटा ले जाने को कहा। उलीडीह गाँव के पास पीछे बैठे मोहम्मद सैफ ने चाकू से शमशेर पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से शमशेर ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया जिस कारण गाड़ी खेत में जा गिरी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद शमशेर को मृत समझ गाड़ी से बाहर फेंक दिया और कार लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए।

अस्पताल में शमशेर को धार्मिक नारे लगवाने की बात कहने के लिए उकसाया गया

पुलिस का कहना है कि हालाँकि शमशेर ने FIR में कहीं भी उसे धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर करने की बात नहीं कही है, लेकिन कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि यह प्रकरण धार्मिक नारे लगवाने से सम्बंधित है। पुलिस का कहना है कि उन लोगों की तलाश की जा रही है, जो इस मामले में धार्मिक रंग डालकर अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस के मुताबिक अपराधी पेशेवर नहीं हैं। घटना कार लूटने के लिए अंजाम दी गई। सबसे पहले ओला कैब बुक किया गया था ताकि सुनसान इलाके में जाकर लूट की घटना को अंजाम दिया जा सके। जिसका विरोध करने पर शमशेर का गला रेता गया।