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गंगा के तेज वेग में बही जा रही थी गाय, रिटायर्ड फौजी ने जान पर खेलकर बचाया

तीर्थ नगरी ऋषिकेश के बैराज पुल के सामने एक दिल को छू जाने वाला नजारा देखने को मिला। यहाँ गंगा के तेज वेग में बहकर जा रही गाय को 63 वर्षीय रिटायर्ट फौजी ने अपनी जान पर खेलकर बचाया। रिटायर्ड फौजी का नाम सुरेश पहलवान है। वे अंतरराष्ट्रीय पहलवान लाभांशु के पिता हैं।

जानकारी के मुताबिक सुरेश कल (जुलाई 30,2019) दोपहर को करीब 2 बजे बैराजपुल के पास से गुजर रहे थे कि तभी उन्होंने देखा कि एक गाय जो बैराज पुल पर पानी पीने आई थी वो फिसलकर नदी में गिर गई है और गंगा की धारा उसे अपने बहाकर ले जा रही है।

गाय को तड़पता देख, उन्होंने वहीं किनारे में अपनी बाइक खड़ी की और जान की परवाह किए बिना नदी में कूद गए। 60 वर्षीय सुरेश की हिम्मत देख सड़क से गुजर रहे काँवड़ियों ने भी नदी में कूदकर गाय को बचाने के लिए अपनी ओर से कोशिश की और अंत में किसी तरह गाय को नदी से बाहर निकाल लिया गया।

आजम खान की यूनिवर्सिटी से 300 चोरी की किताबें बरामद: 1774 में बने मदरसे से चोरी हुई थीं ऐतिहासिक किताबें

भू-माफिया सपा सांसद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय पर मंगलवार (जुलाई 30, 2019) दोपहर पुलिस का छापा पड़ा है। दरअसल मदरसा आलिया की 9,000 किताबें चोरी हुई थीं। जिसका इल्जाम जौहर यूनिवर्सिटी पर लगा था। इसी सिलसिले में आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर छापा पड़ा है। पुलिस ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में जाकर रामपुर के मदरसा आलिया से गायब हुई किताबों को लेकर छानबीन की।

एसपी डॉ अजय पाल ने बताया कि अभी तक तकरीबन 300 चोरी की किताबें मिल चुकी हैं। ये किताबें 100 से 150 साल पुरानी हैं। उन्होंने बताया कि 1774 में स्थापित रामपुर के आलिया मदरसे से चोरी की गईं प्राचीन किताबें भी जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से बरामद हुई हैं। इस मामले में अब तक यूनिवर्सिटी के 4 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, जाँच जारी है और कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

यूनिवर्सिटी की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में पुलिस दस्तावेज़ों की तलाश कर रही है। बता दें कि जौहर यूनिवर्सिटी में यह छापा उस वक्त पड़ा है, जब पहले से ही आजम खान जमीन कब्जाने के मामले में कई केसों में घिरे हुए हैं। आजम खान पर पहले से ही अजीमनगर थाने में जमीन हड़पने को लेकर कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने आजम खान को रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट हमसफर के लिए सरकारी जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया है। दूसरी तरफ आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर गलत और कोडेड दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

‘जज को खरीद लिया है, फर्जी मुकदमे में सबको जेल भेज देंगे’ – उन्नाव रेप पीड़िता की माँ ने CJI को लिखा पत्र

उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और इस बीच इससे जुड़े लगातार कई नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच पीड़िता की माँ के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी गई एक चिट्ठी भी सामने आई है। ई-मेल से भेजे गए इस पत्र में रेप पीड़िता की माँ ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस समेत तमाम अधिकारियों से आरोपित विधायक और उनके गुर्गों द्वारा दी जा रही धमकी का जिक्र किया गया था। बीते 12 जुलाई को लिखे गए इस पत्र में पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपितों द्वारा सुलह न करने पर जेल भिजवाने की धमकी का जिक्र किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि इस चिट्ठी में पीड़िता की माँ ने लिखा था कि 7 जुलाई 2019 को आरोपित शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर आकर सुलह न करने की स्थिति में उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी।

मुख्य न्यायाधीश को भेजे इस पत्र में रिपोर्ट्स के अनुसार बताया गया था कि विधायक के भाई ने उन्हें धमकी दी थी कि उन्होंने जज को खरीदकर विधायक कुलदीप सेंगर की बेल ले ली है। इसके बाद अब वे मुझे सजा दिलवाएँगे। इसके अलावा पूरे परिवार को जेल में डाल देने की भी धमकी दी गई थी। पीड़िता की माँ ने चिट्ठी लिख इस मामले में एक्शन लेने की बात भी कही थी।

कल ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रोड एक्सीडेंट के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

फिलहाल, सेंगर और उनका भाई मनोज पहले से ही जेल में हैं। रेप पीड़िता के चाचा की तहरीर पर कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है।

‘लाभप्रद बिज़नेस मॉडल नहीं बना पाया’: ₹650 करोड़ के लिए IT रडार पर थे गायब CCD संस्थापक

कॉफी-रेस्टोरेंट चेन CCD के संस्थापक-मालिक और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ लापता हैं। बंगलुरु से 375 किलोमीटर दूर मंगलुरु के पास नेत्रवती नदी के उल्लाल पुल पर वह अपनी कार से नीचे तो उतरे, लेकिन वापस अब तक नहीं लौटे हैं। उन्होंने अपने ड्राइवर से कार पुल के दूसरे सिरे पर ले जाकर उनका इंतजार करने के लिए कहा था। जब वह डेढ़ घंटे में भी दूसरे सिरे पर नहीं पहुँचे और उनका फ़ोन भी स्विच ऑफ़ आया, तो उनके ड्राइवर ने पुलिस को खबर दी।

‘भरसक कोशिश की लेकिन…’

इस बीच उनका CCD के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स) को लिखा एक पत्र भी सामने आया है, जिसमें वह लाभप्रद बिज़नेस का मॉडल न खड़ा कर पाने के लिए निदेशक मंडल से माफ़ी माँग रहे हैं। पत्र के अनुसार भरसक कोशिश करते रहने के बाद आज (पत्र लिखते समय) वह हार मान रहे हैं क्योंकि एक निजी इक्विटी पार्टनर उन्हें (सिद्धार्थ को) शेयर दोबारा खरीदने (‘buy back’) के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिसे आंशिक रूप से पूरा करने के लिए 6 महीने पहले उन्होंने एक मित्र से बड़ी रकम उधार ली थी। इसके अलावा अन्य देनदारों के भी भीषण दबाव की बात उन्होंने पत्र में कही है।

उन्होंने हर एक आर्थिक लेनदेन को अपनी जिम्मेदारी बताते हुए कानून से केवल उन्हें ही दोषी ठहराने की अपील की भी पत्र में की है। उनके मुताबिक उनकी टीम, ऑडिटर, कंपनी का वरिष्ठ प्रबंधन और उनका अपना परिवार तक उनकी आर्थिक अनियमितताओं से अनजान थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह नव-उद्यमी (entrepreneur) के तौर पर विफल हो गए हैं, और उनका इरादा किसी को धोखा देने या भ्रम में रखने का नहीं था।

₹650 करोड़ की आय छिपाने का आरोप, आयकर महानिदेशक पर निशाना

अपने पत्र में वीजी सिद्धार्थ ने पूर्व आयकर महानिदेशक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जबकि आयकर विभाग का आरोप है कि सिद्धार्थ ने ₹650 करोड़ की आय छिपा कर आयकर से बचने की कोशिश की थी। इस मामले में 2017 में 4 दिन की छापेमारी के बाद आयकर विभाग को, रिपोर्टों के मुताबिक, तब बड़ी सफ़लता हाथ लगी थी जब सिद्धार्थ ने CCD की ₹650 करोड़ की छिपी आय का खुलासा किया था। इस मामले में आयकर विभाग ने सिद्धार्थ के 46 लाख निजी शेयर इन देनदारियों से अटैच किए थे। इसके अलावा सिद्धार्थ का दावा है कि CCD की माइंडट्री के साथ डील में भी आयकर विभाग ने उनके शेयर अटैच करके अड़ंगा लगाया था। अपने पत्र का अंत वीजी सिद्धार्थ इस उम्मीद के साथ करते हैं कि निदेशक मंडल और ‘CCD परिवार’ के लोग किसी दिन उनकी परिस्थिति को समझ कर उन्हें माफ़ कर पाएँगे।

उन्नाव रेप मामला- क्या, कब और अब: 30 पॉइंट में समझें इस घटना की A से लेकर Z तक की कहानी

उन्नाव रेप मामले में पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के बाद शक की सुई साजिश की ओर आकर ठहर गई है। इस मामले में टक्कर मारने वाले ट्रक मालिक के तौर पर सपा नेता नंदू पाल के बड़े भाई देवेंद्र का नाम आ चुका है। उधर पीड़िता के चाचा की तहरीर पर BJP विधायक कुलदीप सेंगर समेत 10 पर FIR हो चुकी है। मतलब, साजिश बड़ी और उलझी हुई है। तो आइए जानते हैं इस घटना की A से लेकर Z तक की कहानी।

क्या है मामला

  • 4 जून 2017- भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर एक नाबालिग ने लगाया रेप का आरोप।
  • 11 जून को पीड़िता अचानक गायब हो जाती है। इस संबंध में रिपोर्ट लिखवाई जाती है, पुलिस उसे 20 जून को ओरैया से बरामद करती है और अगले दिन उसे उन्नाव लाया जाता है।
  • पुलिस ने पीड़िता को 22 जून को कोर्ट में पेश किया। जहाँ 164 CRPC के तहत पीड़िता के बयान लिए गए। 
  • पीड़िता ने 164 CRPC के तहत कोर्ट में जो बयान दिया, उसमें 4 जून 2017 की घटना का जिक्र करते हुए विधायक का नाम शामिल नहीं किया गया। 
  • बाद में पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बयान में विधायक का नाम नहीं लेने दिया।
  • शिकायत में पुलिस द्वारा विधायक का नाम न लिखे जाने के कारण लड़की के परिवार वालों को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
  • विधायक और उनके साथियों द्वारा इस दौरान लड़की के घरवालों पर रिपोर्ट न लिखवाने का दबाव बनाया जाता रहा।
  • इस बीच विधायक के भाई ने 3 अप्रैल को लड़की के पिता से भी मारपीट की। जिस कारण उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मौत से पहले लड़की के पिता का वीडियो भी वायरल हुआ।
  • इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक के भाई और कुछ अन्य लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में उन्हें मारा-पीटा था।
  • पुलिस की लापारवाही और विधायक की गुंडई से परेशान होकर पीड़िता ने सीएम आवास के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का भी प्रयास किया।
  • इसके बाद उन्नाव के माखी थाने में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के ख़िलाफ़ बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
  • प्रशासन ने इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी और फिर सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया। 
  • कुलदीप और उनके भाई तब से जेल में बंद हैं।
  • इस दौरान पीड़िता की सुरक्षा के लिए 10 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इनमें 7 हाउस गार्ड के रूप में लगे थे जबकि बाकि 3 रेप पीड़िता के साथ रहते थे।

        सड़क हादसा- दुर्घटना या फिर साजिश?

  • 29 जुलाई 2019- कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली लड़की का राय बरेली जाते समय एनएच 32 पर एक्सीडेंट हुआ।
  • इस घटना के समय पीड़िता के साथ कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था क्योंकि पीड़िता ने कथित तौर पर उन्हें साथ आने से मना किया था।
  • इस हादसे में लड़की की मौसी और चाची की मौत हो गई। जबकि पीड़िता, उसकी बड़ी बहन और वकील की हालत नाजुक है। जिनकी मौत हुई उनमें से एक रेप केस की गवाह भी थी।
  • योगी सरकार ने घायलों के इलाज और हर संभव मदद की घोषणा की है।
  • इस घटना के बाद पीड़िता के चाचा ने जेल में बंद कुलदीप सेंगर और उनके भाई और 8 अन्य के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज करवाया।
  • मामले के संबंध में तीन लोगों को हिरासत में लेकर इस मामले की जाँच की जा रही है।
  • पीड़िता के चाचा की शिकायत पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या के प्रयास), 506 (धमकी) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत रायबरेली के गुरबख्शगंज थाने में केस दर्ज किया गया है।
  • मामले में डीजीपी ओपी सिंह सहित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीबीआई की जाँच की सिफारिश की।
  • जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (जुलाई 29, 2019) को इस मामले में सीबीआई जाँच की सिफारिश दे दी।
  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने भी रात में एसपी की रिपोर्ट, फॉरेंसिक जाँच में की गई अब तक की पड़ताल, हत्या की एफआईआर आदि से जुड़े अन्य दस्तावेज मँगवाए हैं।
  • 30 जुलाई 2019 – हत्या और हत्या के प्रयास में भी आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भारतीय जनता पार्टी ने निलंबित कर दिया है।

जाँच में सपा नेता का निकला ट्रक

  • ट्रक की नंबर प्लेट पर कालिख पुते होने के कारण पहले इस घटना को साजिश माना जा रहा था। लेकिन आज 30 जुलाई को इस मामले में नया खुलासा हुआ।
  • मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि ये ट्रक सपा नेता नंदू पाल के बड़े भाई का है और उनके मुताबिक मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। ये सिर्फ़ एक हादसा है।
  • हालाँकि घटना के बाद से देवेंद्र के घर में ताला लगा है और पुलिस उनकी जाँच में जुटी है
  • नंबर प्लेट में कालिख लगाने की वजह पर सफाई देते हुए नंदू ने बताया कि ये सब केवल फाइनेंसर की नजरों से बचने के लिए किया गया। अगर फिर भी आशंका है तो सच्चाई जानने के लिए सीबीआई जाँच करवा ली जाए।

प्रियंका गाँधी की राजनीति

  • प्रियंका गाँधी ने उन्नाव रेप केस मामले में दर्ज हुई एफआईआर की हालिया कॉपी को ट्वीट कर दिया। इस FIR कॉपी में पीड़िता के नाम का भी उल्लेख है।

ED के बाद IT ने लिया कमलनाथ के भाँजे पर एक्शन, ₹254 करोड़ के बेनामी शेयर जब्त

आयकर विभाग ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाँजे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आज (जुलाई 30, 2019) रतुल पुरी के 254 करोड़ रुपए के बेनामी शेयर को जब्त कर लिया। रतुल पुरी पर राजीव सक्सेना की मदद से एफडीआई के रूप में पैसा भारत लाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले के मद्देनजर आयकर अधिकारी ने बताया कि बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन एक्ट के तहत पुरी के नाम पर बेनामी शेयर जब्त करने का प्रोविजनल ऑर्डर भी जारी किया गया था।

वहीं, कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का कहना है कि यह राशि उन्हें ऑप्टिमा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई निवेश के जरिए हाासिल हुई। इसके अलावा एक अन्य कंपनी एचईपीसीएल के नाम पर उन्होंने सौर पैनल आयात करने के लिए ज्यादा चालान बनाए और उसके बाद 254 करोड़ रुपए कमाए।

जानकारी के अनुसार यह रतुल की शेल कंपनी है, जिसका संचालन दुबई में राजीव सक्सेना करता था। अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोप में राजीव सक्सेना भी इस समय ईडी की गिरफ्त में है।

गौरतलब है आईटी विभाग द्वारा एक्शन लिए जाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कमलनाथ के भाँजे पर आरोप लगा चुकी है कि वो वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में दोनों पक्षों से पैसे ले चुके हैं।

ईडी ने पुरी द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली की अदालत में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के सामने यह आरोप लगाए।

ईडी ने कहा, “जाँच में खुलासा हुआ है कि रतुल पुरी को इस मामले से जुड़े धन शोधन के दोनों पक्षों से धन प्राप्त हुआ था।” इसमें एक पक्ष बिचौलिया क्रिश्चियन मिशैल का था जबकि दूसरे में सह आरोपित राजीव सक्सेना शामिल था।

तिरुनेलवेली ट्रिपल मर्डर में पुलिस ने DMK नेता के बेटे को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में तिहरे सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस के मुख्य आरोपित कार्तिकेयन को गिरफ्तार कर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। कार्तिकेयन द्रमुक (DMK) पार्टी के अडी द्रविड विंग उपसचिव सीनियाम्मल का बेटा है। पुलिस ने कार्तिकेयन को रविवार (जुलाई) को मदुरै में गिरफ्तार किया। आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 380 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि, कार्तिकेयन पूर्व महिला महापौर उमा माहेश्वरी, उनके पति मुरुगशंकरन और उनकी नौकरानी मारी की हत्या का मुख्य आरोपित है। इस हत्याकांड में संलिप्त दो अन्य आरोपितों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जाँच के लिए उसे पलयमकोट्टई के सशस्त्र सुरक्षा पुलिस बल ग्राउंड में लाया गया है। 

पुलिस ने आरोपितों को हत्याकांड वाले क्षेत्र में रोज नगर के भोजनालयों और मंदिर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा है, जिसमें उसकी कार वहाँ से गुजरती दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये इस मामले में को सुलझाने में मजबूत कड़ी है। पुलिस ने बताया कि मृतक के घर में तलाशी लेने पर आरोपितों के फिंगरप्रिंट आलमारी पर थे और उन्होंने उस आलमारी से गायब सोने के आभूषण भी आरोपित के पास से बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपित ने अपने स्तर पर सबूतों को मिटाने का हर संभव प्रयास किया था।

गौरतलब है कि, डीएमके नेता और शहर की पूर्व मेयर उमा महेश्वरी, उनके पति व नौकरानी की अज्ञात हमलावरों ने रेड्डीयारपट्टी में मंगलवार (जुलाई 23, 2019) की शाम नृशंस हत्या कर दी। तिहरे हत्याकांड से स्थानीय इलाके में दहशत फैल गई है। इस हत्याकांड के दो दिन बाद ही पुलिस ने शक के आधार पर मदुरई में महिला विंग की उपसचिव सीनीअम्माल से 45 मिनट तक पूछताछ की थी। उन्होंने अपनी तबियत खराब होने और उपचार के लिए बेटे के पास रहने की बात कहते हुए आरोप को पूरी तरह से नकार दिया था।

लेकिन, पुलिस को इस बात की जानकारी मिली थी कि उपसचिव और पूर्व मेयर के बीच चुनाव में टिकट दिलाने के वादे पर हुए लेनदेन को लेकर मनमुटाव चल रहा है। डीएमके प्रमुख स्टालिन और कनीमोझी ने मृतकों के परिवार से मिलकर संवेदना जताई थी और इसे राज्य में कानून व्यवस्था की भयावह स्थिति करार दिया था। फिलहाल सारे मामले में डीएमके कैडर का हाथ होने की बात सामने आने पर डीएमके को झटका लगा है।

भगवान राम की वीरता-साहस की कहानी अमेरिका के सबसे बड़े म्यूज़ियम में, साल भर चलेगी प्रदर्शनी

भारतीय महाकाव्य ‘रामायण’ अमेरिका के सबसे बड़े कला संग्रहालय ‘द मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट’ में साल भर तक चलने वाली एक प्रमुख प्रदर्शनी का केंद्र बिंदु होगा। इस प्रदर्शनी में 17वीं से 19वीं शताब्दी के बीच उत्तर भारत के राजपूत और पहाड़ी दरबारों के लिए रामायण से संबंधित 30 चित्रों को प्रस्तुत किया जाएगा।

‘सीता एंड राम: द रामायण इन इंडियन पेंटिंग’ यह प्रदर्शनी एक साल तक जारी रहेगी, जो आने वाले 10 अगस्त से शुरू होगी।

संग्रहालय के अनुसार, “17वीं और 19वीं शताब्दी के बीच उत्तर भारत के राजपूत और पहाड़ी राज दरबारों के लिए बनाए गए चित्रों को इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके केंद्र में पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास संस्कृत कवि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण की कल्पना विद्यमान है।”

प्रदर्शनी में 30 उत्कृष्ट चित्रों को प्रस्तुत किया जाएगा, जो राम की वीरता और साहस की कहानी को दर्शाते हैं।

संग्रहालय ने कहा है कि पेंटिंग्स में प्रदर्शित चित्र और वस्त्र लगभग 2,500 साल पुराने संस्कृत ग्रन्थ रामायण से होंगे, जिसमें 24,000 से अधिक छंद शामिल हैं। इसमें भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के वन-गमन से लेकर हनुमान के साथ उनकी भेंट के किस्से शामिल होंगे।

कर्नाटक में नहीं मनेगी टीपू सुल्तान जयंती: येदियुरप्पा सरकार का फैसला

कर्नाटक में सत्ता बदल गई है। राज्य में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी का शासन है। सत्ता बदलने के बाद राज्य में बदलाव नज़र आने लगा है। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान जयंती को नहीं मनाने का आदेश दिया है। बता दें कि सोमवार (जुलाई 29, 2019) को कैबिनेट की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया था। भाजपा विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर राज्य में टीपू जयंती के जश्न पर रोक लगाने की माँग की थी। राज्य में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की सरकार थी, तो ये समारोह काफी धूमधाम से मनाया जाता था।

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रदेश में टीपू जयंती मनाने की कभी परंपरा नहीं रही है। इसलिए इसे नहीं मनाने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने टीपू जयंती मनाने की शुरुआत की थी।

उस वक्त भी बीजेपी समेत कई राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने जयंती मनाने का विरोध किया था। बीजेपी शुरू से ही टीपू जयंती मनाने के खिलाफ है। बीजेपी टीपू सुल्तान को कट्टर मुस्लिम शासक बताती है। पार्टी का कहना है कि टीपू सुल्तान ने मंदिर तोड़े और बड़े पैमाने पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराया था।

उन्नाव रेप केस के आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बीजेपी से निलंबित

चर्चित उन्नाव रेप मामले और अब रोड एक्सीडेंट के बाद हत्या और हत्या के प्रयास में भी आरोपित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। रेप केस में आरोपों में घिरे कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर पार्टी की काफी फजीहत हो रही थी और विपक्षी राजनीतिक दलों की तरफ से भी दबाव बनाया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि सेंगर पहले से ही पार्टी से निलंबित चल रहे हैं और आगे भी निलंबित रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कभी भी सेंगर को बचाने के पक्ष में नहीं रही है। इसलिए उन्नाव रेप केस की जाँच सीबीआई को सौंपी गई थी।

बीजेपी की इस कार्रवाई से पहले कल ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रोड एक्सीडेंट के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

फिलहाल, सेंगर और उनका भाई मनोज पहले से ही जेल में हैं। रेप पीड़िता के चाचा की तहरीर पर कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 506, 120B के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। FIR में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र, हरिपाल मिश्र, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह और एडवोकेट अवधेश सिंह समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो चुका है।