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MDMK चीफ वाइको देशद्रोह के मामले में दोषी: 1 साल की जेल, ₹10,000 का जुर्माना

एमडीएमके प्रमुख गोपालस्वामी वाइको को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले में वाइको को चेन्नई की एक विशेष अदालत ने 1 साल की सजा और ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। हालाँकि, वाइको की अपील पर कोर्ट ने तुरंत सजा पर रोक लगा दी है। सजा पर रोक के बाद अब वाइको राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। वाइको को तमिलनाडु में स्टालिन ने डीएमके कोटा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। यह चुनाव 18 जुलाई को होने वाला है। इसके लिए वाइको शनिवार (जुलाई 6, 2019) को नामांकन दाखिल करेंगे।

गौरतलब है कि, वाइको पर आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के समर्थन में अत्यधिक भडक़ाऊ भाषण देने के आरोप में साल 2009 में मुकदमा दर्ज किया गया था। वाइको ने 15 जुलाई 2009 को चेन्नई में आयोजित एक समारोह में भाग लिया था, जिसमें उन्होंने अपनी पुस्तक ‘आई एक्यूज’ के तमिल अनुवाद का विमोचन किया था। इस दौरान उन्होंने श्रीलंकाई गृह युद्ध पर भाषण देते हुए आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम का समर्थन किया था।

दर्शकों को संबोधित करते हुए वाइको ने कथित तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की और सरकार पर श्रीलंका में नरसंहार का आरोप लगाया। उनके भाषण का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) और धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया था ।

गुजरात: हरेन पांड्या केस में SC ने HC का फैसला पलटा, 12 आरोपितों को ठहराया दोषी, 7 को उम्रकैद

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और गुजरात सरकार की अपीलों पर अपना फैसला सुना दिया है। उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या हत्याकांड में 12 आरोपितों को दोषी ठहराया है। गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की साल 2003 में हत्या करने के आरोपों का सामना कर रहे 12 लोगों को बरी करने के फैसले को सीबीआई और गुजरात सरकार ने चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सात आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। गुजरात हाईकोर्ट ने साल 2003 के हरेन पांड्या हत्याकांड के सभी 12 आरोपितों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, फैसले के बाद शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगठन की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमे न्यायालय की निगरानी में पांड्या हत्याकांड की नए सिरे से जाँच कराने का अनुरोध किया गया था। न्यायालय ने इस हत्याकांड की नए सिरे से जाँच के लिये जनहित याचिका दायर करने पर इस गैर सरकारी संगठन पर 50,000 रूपए का जुर्माना लगाया और कहा कि इस मामले में अब किसी और याचिका पर विचार नहीं होगा।


हरेन पांड्या गुजरात में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में गृहमंत्री थे। उनकी अहमदाबाद में सुबह की सैर के दौरान लॉ गार्डन के समीप 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई के अनुसार, राज्य में 2002 के साम्प्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई। सीबीआई और राज्य पुलिस ने गुजरात उच्च न्यायालय के 29 अगस्त 2011 के फैसले को गलत बताते हुए अपील दायर की थी।

हुर्रियत नेताओं के पक्ष में उतर आए शाह फैसल, बच्चों को विदेश भेजने का किया खुला समर्थन

हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने हुर्रियत नेताओं को बेनकाब करते हुए खुलासा किया था कि घाटी के बच्चों के हाथ में पत्थर पकड़ाने वाले हुर्रियत नेता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजकर पढ़ाते हैं। जिसके बाद इस मामले ने काफ़ी तूल पकड़ा था और हर जगह मीडिया खबरों में ये बात छाई हुई थी कि 112 अलगाववादी नेताओं के 210 बच्चे विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

अब इसी मामले के मद्देनजर टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार आईएस अधिकारी से राजनीति में आने वाले शाह फैसल ने अलगाववादियों का बचाव करते हुए बयान दिया है, “हुर्रियत नेताओं को अपने बच्चों को विदेश भेजने का पूरा अधिकार है। जब दूसरे लोग अपने बच्चों को विदेश भेज सकते हैं तो हुर्रियत नेता क्यों नहीं भेज सकते।

लेकिन, बता दें कि शाह फैसल ने जिस प्रकार से बयान देकर अलगाववादियों का समर्थन करने की कोशिश की है, मसला वैसा है ही नहीं। यहाँ केवल अन्य लोगों की भाँति बच्चों को विदेश भेजने के लिए इन नेताओं पर सवाल नहीं उठ रहे हैं बल्कि इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ये नेता राज्य की शिक्षा व्यवस्था से लेकर चुनावों तक में खलल डालते हैं। घाटी के लोगों को भड़काते हैं, लेकिन जब अपने बच्चों की बात आती है, तो उन्हें विदेश भेजकर उच्च शिक्षा सुनिश्चित करते हैं।

अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, 112 अलगाववादी नेताओं के 210 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। कश्मीर के बच्चों के हाथों में क़िताब की जगह पत्थर देकर उनका भविष्य बर्बाद करने वाले ये अलगावादी ख़ुद के बच्चों के भविष्य को लेकर काफ़ी सजग हैं।

4 हुर्रियत नेताओं के 21 पुत्र, पुत्रियाँ, बहनें और बहुएँ अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इरान, तुर्की, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों में पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन यही अलगावादी राज्य के बच्चों का भविष्य अधर में लटका कर रखते हैं। उनके सभी परिजन विदेश में ऐशोआराम की ज़िंदगी जी रहे हैं।

राजस्थान कर्जमाफी का धोखा: बैंक नोटिस से परेशान किसान ने की आत्महत्या, 2 दिन से शव लेकर धरने पर बैठे लोग

किसानों को लेकर देश में लगातार कई बड़ी-बड़ी बातें होती हैं लेकिन उन पर अमल लगभग न के बराबर ही हो पाता है। कर्जमाफी का वादा करके कॉन्ग्रेस ने तीन राज्यों में सत्ता हासिल की लेकिन वो अपने वादे को निभाने में कामयाब नहीं हो पाई। नतीजा ये है कि किसान परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के जैतसर थाना क्षेत्र में चार लाख रुपए का बैंक का कर्ज न चुका पाने और इसकी अदायगी के लिए बैंक द्वारा डाले जा रहे दबाव से परेशान होकर एक किसान ने कीटनाशक दवा का सेवन करके आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक, रघुनाथपुरा का 40 वर्षीय किसान नेतराम नाथ बैंक का कर्जा न चुका पाने से मिल रहे नोटिस से काफी परेशान था। हालाँकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि बैंक की तरफ से किसान को कोई नोटिस नहीं दिया गया।

नेतराम नाथ की मौत से किसानों में काफी आक्रोश है। मृतक किसान के परिजन और कुछ किसान नेता किसान नेतराम का शव लेकर गुरुवार (जुलाई 4, 2019) से शमशान घाट पर धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और किसानों से बातचीत की। जिसका नतीजा बेअसर रहा। किसान के परिजन और किसान नेता 20 लाख रुपए के मुआवजे और बैंक की सम्पूर्ण कर्जमाफी की माँग कर रहे हैं। 

इसके साथ ही उन लोगों ने बैंक लोन चुकाने के लिए दबाव बनाने वाले बैंककर्मियों के खिलार्फ कानूनी कार्रवाई करने की भी माँग सरकार के सामने रखी है। पुलिस और प्रशासन से वार्ता बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार (जुलाई 5, 2019) को महापंचायत बुलाने का फैसला किया गया है, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। धरने पर बैठे लोगों ने माँग पूरी न होने पर किसान के शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि, इससे पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के ठीकरी गाँव में रविवार (जून 23 2019) को 45 वर्षीय किसान सोहनलाल ने कर्जमाफी न होने के कारण जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। सोहनलाल ने मरने से पहले एक वीडियो और दो पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि गहलोत सरकार चुनाव से पहले किए अपने वादों को पूरा करने में असफल रही और उन्हीं के कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं।

Live Budget 2019: उच्च शिक्षा संस्थानों को उत्कृष्ट बनाने के लिए 400 करोड़ खर्च करेगी मोदी सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (सुबह 11 बजे) बजट पेश कर रही हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह पहला बजट है। उन्होंने अपने पहले बजट में कई बड़ी घोषणाएँ की हैं। इन घोषणाओं में रेलवे में निजी भागीदारी बढ़ाने से लेकर देश में जल्द आदर्श किराया क़ानून लागू करने तक शामिल हैं। हर घर जल, हर घर नल के तहत 2024 तक हर घर में नल से होगी जल की आपूर्ति। ग्रामीण बाज़ार से गाँवों को जोड़ने के लिए सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने देश के लिए नई शिक्षा नीति की शुरुआत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक करोड़ छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजना। स्टडी इन इंडिया योजना की होगी शुरुआत।

मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग के लिए बड़ी घोषणा की। अब 45 लाख रुपए का घर ख़रीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपए की छूट दी जाएगी। हाउसिंग लोन के ब्याज़ पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख रुपए हो गई है। इसके अलावा 2.5 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक वाहन ख़रीदने वाले को छूट दी जाएगी।

इनकम टैक्स देने वालों के लिए मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि अब आधार कार्ड से भी लोग अपना इनकम टैक्स भर सकेंगे। इसका सीधा मतलब है कि इनकम टैक्स भरने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा।

आइये जानते हैं क्या हैं इस बजट की ख़ास बातें:

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बार देश की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ हमें सरकार में बैठाया है। इस चुनाव में लोगों ने भरपूर वोट दिया। पहली बार महिला, युवा, बुजुर्गों ने अच्छा काम करने वाली सरकार पर भरोसा जताया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में हमारी सरकार तेज़ी से काम कर रही है और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद कर रही है।
  • बजट पेश करने के दौरान देश की पहली वित्त मंत्री ने सुनाया शेर, “यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है।” यह शेर मशहूर शायर मंजूर हाशमी का है।
  • भौतिक और सामाजिक अवसरंचना निर्माण, डिजिटल इंडिया, हरित भारत, चिकित्सा उपकरणों पर जोर, मेक इन इंडिया पर हमारा फोकस होगा। अंतरिक्ष कार्यक्रम, ब्लू इकॉनमी, जल प्रबंधन, स्वस्थ समाज और नागरिकों को सुरक्षा जैसे मसले भी हमारे फोकस में होंगे।
  • हमारी सरकार देश को आधुनिक भी बना रही है। इसमें 657 किलोमीटर मेट्रो को चालू किया गया है, जबकि 300 किलोमीटर नए मेट्रो प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिली है। हमारा अगला लक्ष्य देश के अंदर ही जल मार्ग शुरू करने की है।
  • पिछले पाँच सालों में हमने दिवालिया क़ानून जैसे सुधार देखे हैं। इसके अलावा आम लोगों की चिंता के लिए भी योजनाएँ चलाई गईं।
  • ग़रीब महिलाओं के लिए रसोई गैस सिलेंडर पहुँचाए गए और किसानों की चिंता दूर हुई। मुद्रा योजना से लोगों की ज़िंदगी बदली है और रोज़गार के लिए हमें उद्योगों में और निवेश की ज़रूरत है। 
  • इस वर्ष भारत की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर की होगी। भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है। पाँच साल पहले यह 11वीं बड़ी अर्थव्यवस्था थी।
  • वित्त मंत्री ने कहा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने में हमें 55 साल लगा और पाँच वर्षों में हम इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर और जोड़ने में सफल रहे।
  • भारतमाला, सागरमाला और उड़ान जैसी योजनाओं से शहरी और ग्रामीण विभाजन कम हुआ है और इससे ट्रांसपोर्ट इंफ्रा में इज़ाफा हुआ है। 
  • नीतिगत पंगुता और लाइसेंस कोटा कंट्रोल के दिन अब लद गए। भारतीय कंपनियाँ रोज़गार पैदा कर रही हैं और देश की संपदा को बढ़ा रही हैं। साथ मिलकर हम ज़बरदस्त आर्थिक प्रगति की राह पर बढ़ सकते हैं।
  • 300 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन को मंज़ूरी दी गई है और इलेक्ट्रानिक वाहनों में विशेष छूट भी दी गई है।
  • छोटे और मझोले उद्योगों के लिए 59 मिनट में लोन को मंज़ूरी दी जाएगी। खुदरा दुकानदारों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है।
  • सभी को घर देने की योजना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। नेशनल हाईवे ग्रिड पर भी काम कर रही है सरकार।
  • बीमा में 100 प्रतिशत निवेश होगा। सरकार, सिंगल ब्रांड रिटेल में विदेशष निवेश की सीमा बढ़ाएगी।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी का विचार था कि भारत की आत्मा गाँव में बसती है, हमारी सरकार अपनी हर योजना में अंत्योदय योजना को बढ़ावा देने जा रही है। 
  • हमारी सरकार का केंद्र बिंदु गाँव, किसान और ग़रीब है। हमारा लक्ष्य है कि 2022 तक हर गाँव में बिजली पहुँचेगी। उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के माध्यम से देश में काफ़ी बदलाव आया है।
  • जीएसटी रजिस्टर्ड MSME को ब्याज़ में मिलेगी 2 फ़ीसद की छूट। हमारी सरकार ने 350 करोड़ रुपए आवंटित किए। 1.5 करोड़ रुपए से कम के टर्नओवर वाले दुकानदारों को ‘प्रधानमंत्री कर्मयोगी मान धन’ योजना के तहत पेंशन मिलेगी।
  • लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। सरकार ने सेबी को कहा कि 25 फ़ीसदी से बढ़ाकर 35 फ़ीसदी भागीदारी करने पर विचार हो।
  • हमारी सरकार ने पानी के लिए जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया। जल आपूर्ति के लक्ष्य को लागू किया जा रहा है। 1500 ब्लॉक की पहचान की गई है। इसके माध्यम से हर घर तक पानी पहुँचाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2024 तक हर घर में जल पहुँचाने का है। सरकार द्वारा 256 ज़िलों में जल शक्ति अभियान चलाया जाएगा।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 2014 के बाद 9.6 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया। आज देश में 5.6 गाँव खुले में शौच से मुक्त हैं। स्वच्छ भारत मिशन के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। 
  • अब तक 2 करोड़ लोगों को डिजिटल इंडिया रूप से साक्षर बनाया गया है। ग्रामीण-शहरी अंतर को पाटने के लिए सरकार डिजिटल क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है।
  • हमारी सरकार नई शिक्षा नीति लाएगी। शिक्षा नीति पर अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा। राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान बनाने का ऐलान किया गया। 
  • आदर्श किराया क़ानून भी बनाया जाएगा। सरकार उच्च शिक्षा के लिए 400 करोड़ रुपए ख़र्च करेगी। दुनिया के टॉप 200 कॉलेज में भारत के सिर्फ़ 3 कॉलेज हैं। ऐसे में सरकार इन संख्या को बढ़ाने पर ज़ोर देगी। पाँच साल पहले इस लिस्ट में एक भी भारतीय कॉलेज नहीं था।
  • राजघाट पर ‘राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र’ बनाया जाएगा। साथ ही ‘खेलों भारत योजना’ की घोषणा की। हमारी सरकार का लक्ष्य ऑनलाइन कोर्स को बढ़ावा देना है। देश में ‘अध्ययन’ कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी। इसके तहत विदेशी छात्रों को भारत में बुलाया जाएगा।
  • उच्च शिक्षा के लिए अलग से क़ानून का मसौदा पेश किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का भी निर्माण किया जाएगा।
  • स्टैंड-अप इंडिया के तहत महिलाओं, SC-ST उद्यमियों को लाभ दिया जाएगा। स्टार्ट-अप के लिए टीवी चैनल पर प्रोग्राम शुरू किए जाएँगे। वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं।
  • उन्होंने घोषणा की कि जनधन खाताधारक महिलाओं को 5,000 रुपए ओवरड्राफ़्ट की सुविधा दी जाएगी। महिलाओं के लिए अलग से एक लाख रुपए के मुद्रा लोन की व्यवस्था की जाएगी।
  • सरकार ने घोषणा की कि लोन देने वाली कंपनियों को अब सीधा RBI कंट्रोल करेगी। 1 से 20 रुपए के नए सिक्कों का ऐलान किया है, इन्हें जल्द ही जारी किया जाएगा।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी ईमानदार कर दाताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने घोषणा की कि 400 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फ़ीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा।
  • ई वाहनों पर जीएसटी को 12 फ़ीसदी से घटाकर 5 फ़ीसदी किया जाएगा। इसके साथ ही सटार्ट-अप के लिए बड़ी छूट की घोषणा की। स्टार्ट-अप को एंजल टैरक्स नहीं देना होगा, साथ ही आयकर विभाग भी इनकी जाँच नहीं करेगा।
  • 2013-14 के 6.37 लाख करोड़ रुपए से 2018-19 में टैक्स कलेक्शन बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए हुआ।
  • मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग के लिए बड़ी घोषणा की। अब 45 लाख रुपए का घर ख़रीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपए की छूट दी जाएगी। हाउसिंग लोन के ब्याज़ पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख रुपए हो गई है। इसके अलावा 2.5 लाख रुपए का इलेक्ट्रिक वाहन ख़रीदने वाले को छूट दी जाएगी।
  • इनकम टैक्स देने वालों के लिए मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा की। वित्त मंत्री ने कहा कि अब आधार कार्ड से भी लोग अपना इनकम टैक्स भर सकेंगे। इसका सीधा मतलब है कि इनकम टैक्स भरने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। 
  • अब 2 से 5 करोड़ रुपए सालाना कमाने वालों पर 3 फ़ीसदी अतिरिक्त टैक्स लगेगा। इसके अलावा 5 करोड़ रुपए से अधिक कमाने वालों पर 7 फ़ीसदी टैक्स देना होगा।
  • अगर कोई भी व्यक्ति बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की राशि निकालता है तो उस पर 2% का TDS लगाया जाएगा। इसका मतलब कि 1 करोड़ रुपए से अधिक रुपए निकालने पर 2 लाख रुपए टैक्स में कटेंगे।

अल्लाह ने चाहा तो होगा चमत्कार, 500 रन बनाएगा पाकिस्तान: सरफराज अहमद

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सरफराज अहमद ने अपनी टीम के सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए चमत्कार को आखिरी रास्ता माना है। पत्रकारों से बातचीत में सरफराज ने स्पष्ट कहा है कि अगर अल्लाह ने चाहा तो बांग्लादेश के ख़िलाफ़ शुक्रवार (जुलाई 5, 2019) को होने वाले मैच में चमत्कार हो सकता है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया है कि वो इस मैच में 500 रन बनाने की कोशिश करेंगे और साथ ही विरोधी टीम को 50 पर आउट करने का प्रयास करेंगें।

उन्होंने कहा, “यह ऐसा है कि आप 600, 500, 400 रन बनाए और फिर उसी पिच पर विरोधी टीम को 50 रन पर आउट कर दें तब आप 316 रन के जरूरी अंतर से जीत सकते हैं। अगर आपको लगता है कि यह संभव है तो हम कोशिश कर सकते हैं।”

आपको बता दें, इस समय पाकिस्तान के जैसे हाल हैं, उन्हें सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए आज पहले बल्लेबाजी करने की जरूरत है, क्योंकि अगर बांग्लादेश इस मैच में पहली बल्लेबाजी करता है तो पाकिस्तान अपने आप ही सेमीफाइनल की होड़ से बाहर हो जाएगा। क्योंकि उनके लिए जीत का जो समीकरण तय है, उसे बना पाना लगभग असंभव लग रहा है।

सरफराज ने मीडिया से बातचीत में कहा है, “सेमीफाइनल के लिए जो जरूरत है हम वह करने की कोशिश करेंगे लेकिन हमें वास्तविकता के साथ रहना होगा। अगर अल्लाह ने चाहा तो चमत्कार हो सकता है।”

मोदिस्सर, अख्तर और सफायत ने मिलकर किया किशोरी से गैंगरेप, पीड़िता किशोरी ने खाया ज़हर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक बार फिर गैंगरेप की घटना सामने आई है। यह मामला है गगहा इलाके का, जहाँ दूसके समुदाय के तीन युवकों ने किशोरी का अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर जबरन शादी करने की कोशिश की। हालाँकि, पीड़िता किसी प्रकार उन बदमाशों की चंगुल से निकल आई, लेकिन इस घटना से वह इतनी आहत हुई कि उसने घर लौटकर ज़हर खा लिया।

लड़की की हालत देख उसके घरवालों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया और आंशिक सुधार होने पर पुलिस को घटना की तहरीर दी। सूचना मिलते ही पुलिस सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामले को दर्ज करके तीनों आरोपितों की तलाश कर रही है।

हिंदुस्तान की खबर का स्क्रीनशॉट

जानकारी के अनुसार आरोपित किशोरी के गाँव का रहने वाला मोदिस्सर अंसारी ही है, जिसने 1 जुलाई को बहला फुसलाकर बच्ची का अपहरण किया और अंजान जगह ले जाकर बंधक बना लिया। इसके बाद अंसारी ने अपने 2 दोस्तों अख्तर और सफायत अली के साथ मिलकर बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उससे जबरन शादी की कोशिश की। लेकिन देर रात पीड़िता किसी तरह बदमाशों के चंगुल से छूटकर घर लौट आई और सबको आपबीती बताई।

सुबह होते-होते इस घटना की सूचना पूरे गाँव फैल गई, जिससे आहत होकर लड़की ने जहर खा लिया। घरवालों ने उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया, लेकिन डॉक्टरों ने भी वहाँ से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

कल यानी गुरुवार को बच्ची की हालत में सुधार होने पर पिता ने थाने में मामले की तहरीर दी, और तीनों आरोपितों के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 363, 366, 376 व 3/4 पॉक्सों एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

फैक्ट चेक: आतिब ने बोला झूठ, जय श्री राम न बोलने पर मारपीट की बात निकली फ़र्ज़ी

इन दिनों कई ऐसी घटनाएँ देखने को मिली हैं, जहाँ आरोप लगाया गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया है और जय श्री राम न बोलने पर उनके साथ मारपीट की जाती है। हालाँकि,जब पुलिस द्वारा इसकी जाँच की जाती है, तो इनमें से अधिकतर मामले फर्जी ही निकलते हैं।

क्या है मामला?

ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है। कानपुर के बाबूपुरवा में बुधवार (जुलाई 3, 2019) रात तीन युवकों ने मिलकर एक ऑटो चालक आतिब को शौचालय में बंधक बनाकर ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। इस मामले में आतिब ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने जय श्री राम का नारा न लगाने पर उसके साथ मारपीट की। 

क्या है सच्चाई?

घटना की जानकारी मिलने पर जब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जाँच शुरू किया तो आतिब का आरोप बिल्कुल निराधार निकला और इस मारपीट के पीछे की एक अलग ही कहानी सामने आई। मामले की जाँच कर रही एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि शुरुआती जाँच में पता चला कि पीड़ित और आरोपित एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। उसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और फिर मारपीट हुई। जय श्री राम के नारे लगवाने के विरोध में पीटने की बात गलत है। बाकी आरोपों की जाँच की जा रही है। इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जब मामूली सी मारपीट की घटना होती है, लेकिन कुछ मीडिया हाउस इसे सांप्रदायिकता का रंग देकर भुनाने की कोशिश करते हैं।

हाल ही में, मदरसा के एक शिक्षक ने आरोप लगाया था कि उन्हें जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया गया था और मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। लेकिन जब पुलिस ने जाँच शुरू की और प्रत्यक्षदर्शियों से बात की तो मदरसा के शिक्षक मोहम्मद मोमिन का दावा बिल्कुल झूठा निकला। वहीं, गुरुग्राम में भी एक ऐसी ही घटना में बरकत आलम नाम के एक मुस्लिम व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि हिंदुओं के एक समूह ने उसे जय श्री राम बोलने के लिए मजबूर किया और जब उसने ऐसा करने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई, उसके सिर से टोपी फेंक दिया गया। हालाँकि, जब पुलिस ने मामले की तहकीकात की और घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो बरकत का आरोप भी बिल्कुल निराधार निकला। इस मामले में पुलिस ने भी कहा था कि शराब के नशे में की गई मामूली सी मारपीट की घटना को कुछ असामाजिक तत्व सांप्रदायिकता का रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।

गीता-रामायण पढ़ने पर जाकिर और समीर ने दिलशेर को पीटा, जान से मारने की भी दी धमकी

अलीगढ़ के शाहजमल क्षेत्र से मुस्लिम व्यक्ति के साथ मार-पिटाई का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार यहाँ 55 साल के मुस्लिम व्यक्ति को उसके समुदाय के कुछ युवकों ने घर में घुसकर सिर्फ़ इसलिए पीटा है क्योंकि वह अपने घर में बैठकर हिंदुओं की धार्मिक पुस्तक ‘गीता’ पढ़ रहा था। फिलहाल इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।

खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया है कि दिलशेर नाम का मुस्लिम व्यक्ति एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। गुरुवार (जुलाई 4, 2019) की सुबह 9 बजे वह अपने काम से लौटने के बाद घर पर बैठकर गीता पढ़ रहा था कि तभी समीर, जाकिर और कुछ अन्य युवक घर में घुसे और दिलशेर से मारपीट करने लगे। इसके बाद उन युवकों ने दिलशेर से ‘गीता’ और ‘रामायण’ छीनी और अपने साथ ले गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि समीर और जाकिर ने धार्मिक ग्रंथों को फाड़ने की भी कोशिश की। दिलशेर ने बमुश्किल उन लोगों से अपनी और परिवार की जान बचाई। कट्टरपंथी हमलावर जाते-जाते आगे से गीता-रामायण न पढ़ने की चेतावनी देते हुए, जान से मारने की धमकी देकर गए हैं।

दिलशेर के मुताबिक वह इन हिन्दू धर्म ग्रंथों को पिछले 38 साल से पढ़ रहें है। वह कहते हैं, “मैं एक मुस्लिम हूँ लेकिन मेरा मजहब मुझे दूसरे धर्मों की कोई और पाक किताब पढ़ने से नहीं रोकता।

एसपी सिटी अभिषेक ने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच चल रही है और आरोपितों के ख़िलाफ़ जल्द ही कार्रवाई होगी। अभी फिलहाल इस मामले में आरोपित जाकिर, समीर समेत अज्ञात युवकों के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 298 (धार्मिक भावनाएँ आहत करना), 323 (मार-पीट और चोट पहुँचाना), 452 (गलत इरादों से घर में घुसपैठ), 504 (शांतिभंग की कोशिश) और 506 (आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

फैक्ट चेक: बंगाल पुलिस मारती रही डंडे, युवक बोलता रहा जय श्री राम

जय श्री राम के नारों के बीच सोशल मीडिया पर एक शख्स की पिटाई का यह वीडियो इन दिनों काफी सुर्खियाँ बटोर रहा है। कई ट्विटर यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं जिसमें एक युवक पर पुलिस लाठियाँ बरसा रही हैं, लेकिन वो जय श्री राम और जय बजरंग बली बोल रहा है।

@Chatterj1Asking नाम की एक ट्विटर यूज़र ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है- “बंगाल मे पुलिस डंडे बरसाती रही पर युवक ने ??जय श्रीराम? बोलना नही छोड़ा।”

इस वीडियो को बड़े स्तर पर रीट्वीट किया जा रहा है –

इस वीडियो को तरुण विजय ने भी शेयर किया है

यह वीडियो फेसबुक पर भी वायरल हो रहा है –

क्या है सच्चाई?

वास्तव में यह वीडियो आजकल का नहीं है, भले ही यह एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इस वायरल वीडियो में पुलिस से मार खा रहा शख्स एक कैदी है। इस पर दैनिक भास्कर भी 2018 में फैक्ट चेक कर चुका है।

दैनिक भास्कर के अनुसार, इस वीडियो में मार खा रहे व्यक्ति ने जेल से भागने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया और इसके बाद उसकी जमकर पिटाई की गई। इसी दौरान किसी ने यह वीडियो भी शूट कर लिया। हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है और कहाँ का है इस वजह से इसे पश्चिम बंगाल की पुलिस का बताया जाना सच नहीं है। पिटाई के दौरान जब-जब इस शख्स को पुलिस वाला डंडे से मार रहा था तब-तब यह जय बजरंगबली बोल रहा था।