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‘द वायर’ की पत्रकार आरफा जैसों की वजह से ही मुस्लिम अभी भी पिछड़े: अभिषेक मनु सिंघवी

बॉलीवुड अभिनेत्री जायरा वसीम ने इस्लाम का हवाला देते हुए बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। उनका करियर अभी सिर्फ 5 साल का ही था। धर्म के नाम पर उनके इस तरह फिल्मों को छोड़ने से एक नई बहस ने पैदा हुई है। कॉन्ग्रेस नेता डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने भी बॉलीवुड छोड़ने के लिए ज़ायरा वसीम द्वारा दिए गए कारणों को लेकर निकाह-हलाला की समस्यात्मक इस्लामी प्रथा पर सवाल उठाया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, “हलाला जायज और एक्टिंग हराम, क्या ऐसे तरक्की करेगा हिंदुस्तान का मुस्लिम?” अभिषेक मनु सिंघवी के इस ट्वीट पर बहस छिड़ गई।

कॉन्ग्रेस नेता के ट्वीट पर द वायर की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी ने ट्वीट करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। इस ट्वीट में आरफा ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को टैग करते हुए पूछा था कि क्या उन्होंने सिंघवी के शर्मनाक बयान के लिए मंजूरी दी थी। अब इस मामले में मनु सिंघवी ने आरफा पर आक्षेप करते हुए जवाब दिया है। सिंघवी ने जोर देकर कहा कि उनके जैसे प्रभावशाली लोगों के प्रत्यावर्ती और पुरातन (पुराने)आदर्शों का समर्थन करने की वजह से ही देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पिछड़ी बनी रहेगी।

इससे पहले सिंघवी ने इस्लामिक शरिया कानून द्वारा वैध रूप से प्रचलित निकाह हलाला की इस्लामी प्रथा पर सवाल उठाया था। उन्होंने ये बात जायरा वसीम द्वारा सोशल मीडिया पर अकाउंट पर शेयर किए गए पोस्ट के संदर्भ में कहा था। जिसमें जायरा ने कहा था कि बॉलीवुड में अभिनय ने उन्हें अपने मज़हब इस्लाम से दूर कर दिया है। इसलिए वो अल्लाह और इस्लाम की खातिर बॉलीवुड को अलविदा कह रही हैं।

गौरतलब है कि, आरफा खानम शेरवानी को अक्सर फर्जी समाचारों और प्रोपेगेंडा को शेयर करने और समुदाय विशेष की नकारात्मक बातों को छिपाने की कोशिश करते हुए देखा गया है। इससे पहले उन्होंने सपा नेता आज़म खान की अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ जया प्रदा पर शर्मनाक और भद्दी टिप्पणियों का बचाव करने का भी प्रयास किया था।

स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत: बजट में मोदी सरकार ने पेश किया दशक का एजेंडा

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बजट पेश करते हुए कहा कि इस साल देश की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डॉलर की हो रही है। अगले पाँच वर्षों में यह 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था होगी। अब भारत दुनिया में छठी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है। पाँच साल पहले भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था 11वें पायदान पर थी। क्रय शक्ति के आधार पर तो भारत अभी से चीन और अमेरिका के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

बजट पेश करते हुए सीतारमण ने सरकार का 10 सूत्रीय दशक का एजेंडा भी सामने रखा। जो हैं-

  • वास्‍तविक और सामाजिक बुनियादी ढाँचा तैयार करना।
  • अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा।
  • हरियाली और प्रदूषण मुक्त भारत।
  • एमएसएमई, स्‍टार्ट-अप्‍स, रक्षा निर्माण, वाहनों, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, कपड़ों, बैटरियों और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण सेक्टर में मेक इन इंडिया को विशेष तौर पर प्रोत्साहित करना।
  • जल का प्रबंधन और नदियों की सफाई।
  • ब्लू इकोनॉमी यानी जल आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ाना।
  • अंतरिक्ष के क्षेत्र में दखल बढ़ाना। जिनमें गगनयान, चन्द्रयान और अन्य उपग्रह कार्यक्रम शामिल हैं।
  • खाद्यान्‍नों, दालों, तिलहनों, फलों और सब्जियों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना।
  • नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस। स्वस्थ समाज के लिए महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर करना।
  • मिनिमम गवनर्मेंट, मैक्सिम गवर्नेंस के मंत्र को जन भागीदारी के साथ बढ़ाना।

उन्होंने बताया कि सरकार की योजना अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढाँचे में 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की है। क्रेडिट को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव भी उन्होंने दिया। इसके अलावा अंतिम पाँच वर्षां में खाद्य सुरक्षा बजट को दोगुना करना, 10 हजार करोड़ रुपए के खर्च से इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना, अफ्रीका में 18 नए भारतीय दूतावास मिशन खोलना,‍ विश्‍वस्‍तरीय पर्यटन स्‍थलों में 17 महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों का विकास और एक, दो, पॉँच, दस तथा बीस रुपए के सिक्कों की नई सीरिज जारी करना इस बजट की अन्य महत्वपूर्ण बातें हैं।

सीतारमण ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला कार्यकाल काम करने वाली सरकार के तौर पर रहा है। इसका लाभ आखिरी छोर तक खड़े व्यक्ति को मिला है। पहले कार्यकाल में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रॉन्सफॉर्म पर फोकस किया गया। उन्होंने बताया कि अनके कार्यक्रमों में पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में इस सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है। मसलन, खाद्य सुरक्षा के लिए 2014 से पहले आवंटन 1.2 लाख करोड़ रुपए था, जो 2014 के बाद बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपए हो चुका है। इसी तरह 2014 से पहले 4000 पेटेंट थे, जिसकी संख्या पिछले साल बढ़कर 13,000 हो गई।

  • बजट पेश करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए कम लागत वाली पूँजी आसानी से मुहैया कराने की जरूरत है। सालाना 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए सरकार ने कई प्रस्ताव दिए हैं। ये हैं-
  • ऋण गांरटी संवर्धन निगम।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान।
  • दीर्घकालिक बॉन्डों को मजबूती देने के लिए योजना।
  • 2018-19 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में पिछले साल की तुलना में 6 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया। विदेशी निवेश को लुभाने के लिए बजट में कुछ और पहल की गई हैं। मसलन-
  • सरकार विमानन, मीडिया (एनिमेशन, एवीजीसी) और बीमा क्षेत्रों को एफडीआई के लिए और अधिक खोलने के सुझावों पर विचार करेगी।
  • बीमा मध्यस्थता कम्पनियों में 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की अनुमति दी जाएगी।
  • एकल ब्रांड रिटेल में एफडीआई के लिए स्थानीय आपूर्ति नियमों को आसान बनाया जाएगा।

कनेक्टिविटी को अर्थव्यवस्था की धमनी बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, औद्योगिक गलियारों, समर्पित माल भाड़ा गलियारों, भारतमाला और सागरमाला परियोजनाओं, जलमार्ग विकास और उड़ान योजनाओं के जरिए संपर्क के सभी माध्यमों को काफी बढ़ावा दिया है। औद्योगिक गलियारों के बनने से उद्योग की संभावना वाले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक निवेश आने से इन्फ्रास्ट्रक्चर का बेहतर विकास होगा, समर्पित माल भाड़ा गलियारों से हमारे रेल नेटवर्क पर बोझ घटेगा, जिससे आम आदमी को लाभ होगा। भारतमाला कार्यक्रम से राष्ट्रीय सड़क गलियारों और राजमार्गों के विकास में मदद मिलेगी, जबकि सागरमाला से बंदरगाहों को जोड़ने और उनके आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े घरेलू उड्डयन बाजार के रूप में अब भारत के लिए विमानन क्षेत्र के वित्त पोषण और जहाजों को पट्टे पर देने की गतिविधियों में शामिल होने का समय आ गया है। देश में रखरखाव और मरम्मत से जुड़े विमानन उद्योग (एमआरओ) के लिए बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने तथा इसमें आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं का लाभ उठाने का प्रस्ताव किया गया है।

उन्होंने कहा कि पारम्‍परिक उद्योगों के उन्‍नयन और पुनर्सजृन निधि योजना का लक्ष्‍य पारम्‍परिक उद्योगों को अधिक से अधिक उत्‍पादक, लाभदायक और निरंतर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए सक्षम बनाने हेतु क्‍लस्‍टर आधारित विकास सुसाध्‍य बनाने के लिए अधिकाधिक सामान्‍य सुविधा केन्‍द्र स्‍थापित करना है। प्रमुख क्षेत्र बांस, शहद और खादी क्‍लस्‍टर है। स्‍फुर्ति के अंतर्गत 2019-20 के दौरान 100 नए क्‍लास्‍टरों की स्‍थापना की जानी है, जिससे 50,000 शिल्‍पकारों को आर्थिक मूल्‍य श्रृंखला में शामिल होने के लिए सम‍र्थ बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त ऐसे उद्योगों की प्रौद्योगिकी सुधारने के लिए आजीविका बिजनेस इंक्‍यूबेटर और प्रौद्योगिकी बिजनेस इंक्‍यूबेटर स्‍थापित करने के लिए नवाचार, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता के संवर्धन के लिए योजना को समेकित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत कृषि, ग्रामीण उद्योग के क्षेत्रों में 75,000 कुशल उद्यमियों को तैयार करने के लिए 2019-20 में 80 आजीविका बिजनेस इंक्‍यूबेटर और 20 प्रौद्योगिकी बिजनेस इंक्‍यूबेटर स्‍थापित किए जाएँगे।

प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत अभी तक 2 करोड़ से अधिक ग्रामीणों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाया गया है। ग्रामीण-शहरी डिजिटल अंतर को पाटने के लिए भारत नेट देश की प्रत्‍येक पंचायत के स्‍थानीय निकायों में इंटरनेट कनेक्टिविटी लक्षित कर रहा है। इसे पीपीपी मॉडल से तेजी से बढ़ाया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि आदिवासियों के दस्‍तावेजों, लोक गीतों, उनके विकास क्रम के फोटोचित्रों और वीडियों, उत्‍पत्ति स्‍थल, जीवनशैली, वास्‍तुकला, शिक्षा स्‍तर, पारंपरिक कला, लोकनृत्‍य तथा अन्‍य मानव विकास का संग्रह करने के लिए एक डिजिटल संग्रह बनाया गया है। इस संग्रह को और अधिक समृद्ध और सुदृढ़ किया जाएगा।

  • 2014-2019 के दौरान की उपलब्धियाँ-
  • पिछले पाँच वर्षों में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में एक ट्रिलियन डॉलर की राशि जुड़ी है।
  • भारत विश्‍व की छठी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन चुका है। पाँच वर्ष पहले यह 11वें स्‍थान पर था।
  • क्रय शक्ति की समानता की के दृष्टि से भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है।
  • 2014-19 के दौरान राजकोषीय अनुशासन को सुदृढ़ बनाया तथा केन्‍द्र-राज्‍य संबंधों को गतिशीलता प्रदान की गई।
  • अप्रत्‍यक्ष करों, दिवाला मामलों तथा रियल इस्‍टेट क्षेत्र में संरचनात्‍मक सुधार किए गए।
  • 2009-14 की तुलना में 2014-19 के बीच खाद्य सुरक्षा पर प्रतिवर्ष औसतन दोगुना खर्च किया गया।
  • 2014 की तुलना में 2017-18 में तिगुने से भी पेटेंट जारी किए गए।
  • नीति आयोग की योजनाओं और समर्थन से न्यू इंडिया के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
  • भविष्‍य के लक्ष्‍य-
  • प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
  • निष्‍पादन को प्रोत्‍साहित करना।
  • लालफीताशाही में कमी लाना।
  • प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्‍तेमाल करना।
  • शुरू किए गए कार्यक्रमों और सेवाओं को गति प्रदान करना।

लिल्लाह! फेक न्यूज़ मैंने शेयर की, लेकिन घृणा तो मुआ ऑपइंडिया फैला रहा है: सबा नक़वी

हिन्दू विरोधी नैरेटिव बनाने, हिन्दू प्रतीकों को अपमानित करने और हिन्दूफोबिया से ग्रसित मशहूर पार्ट टाइम जर्नलिस्ट सबा नक़वी ने अपनी बौद्धिक क्षमता की नई मिसाल पेश करते हुए सोशल मीडिया को कॉमेडी सर्कस में तब्दील कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी सत्ता विरोधी और कॉन्ग्रेस-वादी, चाहे वो पत्रकार हो, लेखक हो, या फिर सोशल मीडिया पर दिन रात सरकार की नीतियों में ‘मुस्लिम विरोधी नजरिया’ तलाशने वाला कोई कॉन्सपिरेसी थ्योरी एक्टिविस्ट हो, ने अपनी गलती स्वीकार करने की जगह उल्टा अपने पूर्वग्रहों से दूसरों पर कीचड़ उछालने का काम किया हो।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी खबर वायरल की जा रही थी जिसमें बताया गया कि कानपुर के बाबूपुरवा में बुधवार (जुलाई 3, 2019) रात तीन युवकों ने मिलकर एक ऑटो चालक आतिब को शौचालय में बंधक बनाकर ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। इस मामले में आतिब ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने ‘जय श्री राम’ का नारा न लगाने पर उसके साथ मारपीट की।

लेकिन जब ऑपइंडिया द्वारा इस खबर का फैक्ट चेक किया गया, तो पता चला कि यहाँ एकदम गलत और झूठी खबर थी, जिसे हिन्दूफोबिया से ग्रसित सबा नक़वी जैसे मनगढंत पत्रकारों द्वारा बड़े स्तर पर वायरल किया गया। साथ ही, तमाम भ्रामक आरोपों और ‘जय श्री राम’ के नारों को ऐसी एकदम काल्पनिक घटनाओं के साथ जोड़कर एक फर्जी ‘डर का माहौल’ तैयार किया गया।

लेकिन इससे भी ज्यादा दुखद ऑपइंडिया द्वारा किए गए इस फैक्ट चेक पर सबा नक़वी की प्रतिक्रिया थी। सबा नक़वी को यह फर्जी खबर ट्ववीट करने पर लोगों द्वारा सच्चाई बताने पर उन्होंने यह तो स्वीकार किया कि उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम सांप्रदायिक एंगल होने के कारण यह फर्जी खबर फैलाई, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने उनके इस फर्जी खबर का खंडन करने वाले ऑपइंडिया पर विश्वास ना करने की भी सलाह दी। सबा नक़वी एक्सपोज़ भी हुई, लेकिन यह भी लिखा कि ऑपइंडिया ने यह फैक्ट चेक किया है लेकिन यह एक फैक्ट चेकर नहीं बल्कि साम्रदायिक वेबसाइट है।

सबा नक़वी के हास्यास्पद ट्वीट के बाद ट्विटर यूज़र्स ने उन्हें याद दिलाया कि उन्हें सिर्फ ‘कुछ भी कहने के लिए कुछ भी कहने’ वाली आदत से बाज आना चाहिए। और सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। सबा नक़वी को जवाब देते हुए @HittsVora ने लिखा है, “एक तरफ आप झूठी खबर फैलाने वाली फैक्ट्री (कारवाँ डेली) को यह झूठी खबर हटाने के लिए कह रही हैं और दूसरी ओर इस खबर का पर्दाफाश करने वाले ऑपइंडिया को ही झूठा बता रही हैं।”

सबा नक़वी द्वारा खुद एक सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाली फर्जी खबर को फैलाया और बदले में पकड़े जाने पर उन्हीं लोगों पर आरोप लगाया जिनके द्वारा यह सच्चाई सामने लाइ गई। देखा जाए तो इस प्रकार का दोहरापन मात्र सबा नक़वी में ही नहीं बल्कि हर दूसरे नेहरुघाटी सभ्यता में पलने वाले पत्रकार के भीतर पाया जाता है।

खुद ही मज़हबी घृणा की झूठी खबर फैलाने के बाद दूसरों को सांप्रदायिक बताने वाली सबा नक़वी जैसे सस्ती लोकप्रियता के चितेरों की आजकल सोशल मीडिया पर कोई कमी नहीं है। वास्तव में सोशल मीडिया पर इन आदर्श लिबरल्स की फर्जी सेक्युलरिज्म की दुकान कुछ इन वजहों से ही चल रही है। झूठी बातों को चिल्ला-चिल्लाकर सच साबित करना इन मीडिया गिरोहों को बहुत ही अच्छे से आता है और इनके मासूम भक्त ऐसी ही ख़बरों को सच मानकर हिन्दफोबिया से ग्रसित हो जाते हैं।

आजम खान के समधी का होटल हुआ सील, RDA ने की बड़ी कार्रवाई

समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद आजम खान के समधी पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। यहाँ अनुमति से अधिक निर्माण कराने के मामले में आजम खान के समधी का होटल सील कर दिया गया है और साथ ही कंपाउंडिंग का नक्शा भी खारिज कर दिया है।

डायमंड रोड पर स्थित आजम खान के समधी रिजवान मोहम्मद के प्लाजा होटल पर हुई आरडीए की कार्रवाई से इलाके में खलबली मच गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि होटल की इमारत को मानचित्र के विपरीत बनाया गया है, साथ ही यहाँ स्वीकृत नक्शे से भी अधिक निर्माण हुआ है, जिसकी जानकारी प्राधिकरण को भी नहीं दी गई।

खबरों के अनुसार आरडीए ने यह एक्शन तस्लीम खान की शिकायत पर लिया है। इस शिकायत के मद्देनजर ही गुरुवार (गुरुवार 4, 2019) को रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव बैजनाथ पुलिस फोर्स के साथ डॉयमंड रोड पहुँचे और जाँच के बाद पाया कि उन्हें सही जानकारी मिली है।

जाँच के बाद होटल के मालिक रिजवान को नोटिस जारी किया गया और कम्पाउंडिंग अर्थात समझौता करने के प्रार्थना पत्र को निरस्त करके, पूरा होटल सील कर दिया गया।

बता दें रिजवान मोहम्मद का यह प्लाजा होटल 1401 वर्ग मीटर में बना हुआ है, जिसका निर्माण सपा के सत्ता में रहने के दौरान हुआ था। होटल का उद्घाटन भी तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान द्वारा ही किया गया था।

प्लाजा होटल के मालिक और आजम खान के समधी का इस सीलिंग पर कहना है कि रामपुर में ऐसे अनगिनत होटल और भवन हैं, जो नक्शे के विपरीत हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि वह कंपाउंड/समझौता कराने के लिए भी तैयार थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया उनके मुताबिक आरडीए की यह कार्रवाई सिर्फ इसलिए की गई, क्योंकि वह आजम खान के समधी हैंं।

आप अकेले नहीं हैं जो महबूबा की बेवफाई पर ग़ालिब बन गए, दुबई के शासक भी लिख रहे हैं मार्मिक नज़्म

पिछले दिनों खबर आई थी कि दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम की छठी पत्नी 45 वर्षीय रानी हया बिंत अल हुसैन अपने बच्चों सहित जर्मनी चली गई हैं। दुबई की रानी हया बिंत हुसैन ने ब्रिटेन में राजनीतिक शरण माँगी है। बताया जा रहा है कि हया ने अब अपने पति से तलाक भी माँगा है।

"मेरी जिंदगी में अब तुम्हारी कोई जगह नहीं,
मुझे परवाह नहीं कि तुम जियो या मरो"

रानी हया को शेख की 6 पत्नियों में सबसे आकर्षक माना जाता है। वह जॉर्डन के पूर्व राजा हुसैन की बेटी हैं और अपने सामाजिक कार्यो के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने 2004 में दुबई के शासक और संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद के साथ अम्मान में एक सादे कार्यक्रम में निकाह किया था। उस समय प्रिंसेज हया की उम्र 30 साल थी, जबकि शेख़ मोहम्मद 53 साल के थे। हया से शादी करने के बाद राशिद ने अपनी दूसरी बीवियों को लगभग छोड़ ही दिया था। वर्तमान में शेख मोहम्मद के अलग-अलग पत्नियों से कुल 23 बच्चे हैं, यानी 2 दर्जन से 1 कम।

‘बेवफा’ रानी के गम में शायर बन गए हैं शेख मकतूम

शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम पत्नी की बेवफाई को लेकर अब सोशल मीडिया पर जमकर कविता और शायरी लिख रहे हैं। जिस तरह की कविताएँ शेख लिख रहे हैं, उनमें शेख के दुख के साथ ही उनका गुस्सा भी साफ देखा जा सकता है। शेख मोहम्मद ने 10 जून को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उन्हें फ़रेब और धोखेबाज़ी पर कविता लिखते हुए देखा गया।

"हमें एक दर्द उठा है जो किसी दवा से कम नहीं हो सकता,
किसी भी हक़ीम के पास इसका इलाज नहीं"

उन्होंने ये कविता अरबी भाषा में लिखी हैं। इस कविता के शीर्षक का अंग्रेजी अनुवाद है- “You Lived and You Died।” कविता में शेख ने पत्नी से मिले धोखे पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने लिखा, “बेवफा, तुमने सबसे कीमती भरोसे को तोड़ दिया और तुम्हारा खेल अब सामने आ गया है। तुम्हारे झूठ बोलने के दिन खत्म हो गए हैं और अब ये मायने नहीं रखता है कि हम क्या थे और तुम क्या हो।” 

कविता के अंत में राशिद ने लिखा, “अब मेरी जिंदगी में तुम्हारी कोई जगह नहीं रह गई है, तुम जिसके पास जाना चाहती हो, जाओ। मुझे अब फर्क नहीं पड़ता कि तुम जिंदा हो या मर गई।”

पिछले साल दुबई शेख राशिद की बेटी राजकुमारी शेख लतीफा ने भी दुबई से भागने की असफल कोशिश की थी। लतीफा को समुद्री मार्ग पर भारत ने पकड़ लिया था और उन्हें यूएई को सौंप दिया था। उससे पहले, एक यूट्यूब वीडियो में उसने अपने पिता की आलोचना की थी और बताया था कि उन पर कितनी पाबंदियाँ लगी हुई हैं।

वैसे तो अब ये उम्मीद कम ही है कि प्रिंसेज हया दुबई फिर से वापस लौटेंगी, ऐसे में बिन राशिद अब हया से कानूनी तौर पर तलाक लेने का कदम उठा सकते हैं। शायद अब वह अपनी पत्नी को यूएई वापस लाने के लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ेंगे।

इसे इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि क्षेत्र में यूएई की ताकत घटती जा रही है और वह जॉर्डन के साथ रिश्ते में प्रोपेगैंडा वॉर नहीं चाहते हैं, जहाँ हया और उनके परिवार को राष्ट्रीय आइकॉन माना जाता है।

राहुल पर किया भरोसा, उन्होंने कुछ नहीं किया इसलिए MLA पद से दिया इस्तीफा: अल्पेश ठाकोर

गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों के लिए उपचुनाव हो रहा है। कॉन्ग्रेस ने व्हिप जारी किया है। इसके बावजूद कॉन्ग्रेस के दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। कॉन्ग्रेस के बागी विधायक अल्पेश ठाकोर और धवन झाला ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट किए हैं। क्रॉस वोटिंग करने के बाद दोनों विधायकों ने कॉन्ग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।

अल्पेश ठाकोर ने इस्तीफा देने के बाद कहा, “मैंने राहुल गाँधी पर भरोसा करके कॉन्ग्रेस पार्टी ज्वॉइन किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्होंने हमारे लिए कुछ नहीं किया। हमें बार-बार अपमानित किया गया, इसलिए मैंने कॉन्ग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है।”

वहीं, वोटिंग करने के बाद अल्पेश ठाकोर ने कहा कि उन्होंने अंतर आत्मा की आवाज सुनकर और राष्ट्रीय नेतृत्व को ध्यान में रखकर मतदान किया है। उनका कहना है कि जो पार्टी (कॉन्ग्रेस) जन अधिकार खो चुकी है और जिस पार्टी ने उनके साथ द्रोह किया है, उसे मद्देनजर रखकर उन्होंने वोटिंग किया है।

गुजरात में दो राज्यसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा से विदेश मंत्री एस जयशंकर और ओबीसी नेता जुगलजी ठाकोर मैदान में हैं, जबकि कॉन्ग्रेस की ओर से चंद्रिका चुड़ासमा और गौरव पांड्या उम्मीदवार हैं। बता दें कि, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अमेठी सीट से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद दोनों राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं।

गौरतलब है कि, इससे पहले गुजरात कॉन्ग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की थी कि अल्पेश ठाकोर ने पार्टी के सभी पद से इस्तीफा दिया है, तो उनका विधायक पद रद्द किया जाए और फिर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्रवाई ना होने पर कॉन्ग्रेस ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जहाँ गुजरात हाईकोर्ट ने अल्पेश ठाकोर को विधायक पद से हटाने की गुजरात कॉन्ग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ये पूरा मामला गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष को पता है और उनकी जानकारी में है, इसलिए वही इस मामले में फैसला लेंगे।

‘इस बजट से गरीब को बल मिलेगा, युवा को बेहतर कल और मध्यम वर्ग को मिलेगी प्रगति’

संसद में वित्त मंत्री द्वारा आम बजट पेश करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री ने इस बजट को न्यू इंडिया का बजट बताया है। और साथ ही उन्होंने इसे ग्रीन बजट का नाम दिया है।

उन्होंने भाषण के दौरान कहा, “यह देश को समृद्ध और जन-जन को समर्थ बनाने वाला बजट है। इस बजट से गरीब को बल मिलेगा और युवा को बेहतर कल मिलेगा। इस बजट के माध्यम से मध्यम वर्ग को प्रगति मिलेगी, विकास की रफ्तार को गति मिलेगी। इस बजट से टैक्स व्यवस्था में सरलीकरण होगा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण होगा।”

पीएम मोदी का कहना है कि यह बजट उद्यम और उद्यमों को मजबूत बनाएगा और महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाएगा। यह ग्रीन बजट है, जिसमें पर्यावरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सोलर सेक्टर पर विशेष बल दिया गया है। इस बजट में आर्थिक जगत के रिफॉर्म भी हैं, आम नागरिक के लिए ईज ऑफ लिविंग भी है और साथ ही गाँव और गरीब का कल्याण भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक आज लोगों के जीवन में नई आकांक्षाएँ और अपेक्षाएँ हैं, यह बजट देश को विश्वास दे रहा है कि इन्हें पूरा किया जा रहा है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 5 सालों में उनकी सरकार ने गरीब, शोषित और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, और अब अगले 5 साल में यही सशक्तीकरण उन्हें देश के विकास का पावर हाउस बनाएगा।

ममता सरकार का नया फरमान- सड़कों पर नहीं बनेंगे दुर्गा पूजा के पंडाल

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने दुर्गा पूजा को लेकर नया फरमान जारी किया है। इस संबंध में राज्य सचिवालय नवान्न की तरफ से गुरुवार (जुलाई 5, 2019) को राज्यभर के सभी थानों के लिए एक निर्देश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि राज्यभर में कहीं भी दुर्गा पूजा के आयोजन सड़क पर नहीं होने चाहिए, ताकि यातायात बाधित न हो। इस निर्देश में कहा गया है कि सड़क के पास यदि दुर्गा पूजा होती है तो उसका पंडाल सड़क को घेरकर नहीं बनना चाहिए।

निर्देश में साफ तौर पर यह कहा गया है कि यदि कहीं पूजा पंडाल के कारण सड़क जाम की स्थिति या लोगों के परेशानी होनी की संभावना भी दिखती है तो ऐसी स्थिति में उक्त जगह पंडाल निर्माण की अनुमति नहीं होगी और ना ही उसे पूजा की अनुमति दी जाएगी। न केवल थानों में बल्कि राज्यभर के सभी पंजीकृत पूजा कमेटियों को भी इस निर्देश की प्रति भेजी गई है।

पिछले कई वर्षों से राज्यभर से ऐसी शिकायतें मिलती थीं कि सड़कों का अधिकतर हिस्सा घेरकर दुर्गा पूजा के आयोजन होते हैं। इसकी वजह से लोगों को यातायात में परेशानी होती है। कई उपनगरीय क्षेत्रों में तो पूरी यातायात व्यवस्था दुर्गा पूजा के पंडाल की वजह से चरमरा जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्देश जारी किया है।

गौरतलब है कि, दुर्गा पूजा में अब महज कुछ महीने ही बाकी हैं और कई पूजा कमेटियों ने महीनों पहले से पंडाल की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। राज्य के अन्य हिस्सों के साथ-साथ महानगर कोलकाता में कई बड़े पूजा पंडाल सड़क के बीचों-बीच बनते हैं। दशहरा की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन वे सारी सड़कें पुलिस की ओर से बंद कर दी जाती है, जहाँ पंडाल बनाए जाते हैं। वहाँ से गुजरने वाली गाड़ियों को दूसरे रूट से मोड़ दिया जाता है। सैकड़ों सालों से उसी जगह पर पूजा होती आई है। ऐसे में राज्य सरकार के इस नए फरमान ने पूजा आयोजकों को परेशानी में डाल दिया है। कई लोगों ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई है।

तमिलनाडु: मंदिर की 25 मूर्तियों को तोड़ने वाले 5 नाबालिग गिरफ़्तार

तमिलनाडु पुलिस ने 5 नाबालिग लड़कों को 25 सीमेंट की मूर्तियों को तोड़ने और तिरुवूरुर ज़िले के पेरियानायकी अम्मन मंदिर में मूर्तियाँ तोड़ने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, पुलिस ने नाबालिग लड़कों को मंदिर में लोहे की छड़ें चुराने के बाद पकड़ा, जिन्हें वो शराब ख़रीदने के लिए बेचने की फ़िराक में थे। यह घटना मंदिर में होने वाले अभिषेक समारोह से पहले हुई थी।


जिन मूर्तियों को नष्ट किया गया, उनमें भगवान मुरुगन, पेरियानायकी, काल भैरव शामिल थे। वहीं, जो मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त थीं, वे अलग-अलग जानवरों की थीं।

फ़िलहाल, नाबालिग आरोपित तंजावुर शहर के एक किशोर गृह (सुधार गृह) में हैं।

मोदी 2.0 का पहला बजट: गाँव, गरीब और किसान पर फोकस

इस साल आम चुनावों में भाजपा को जो जबर्दस्त जनादेश हासिल हुआ उसमें ग्रामीण भारत की बड़ी भूमिका रही है। यही कारण है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में तमाम योजनाओं के केंद्र में “गाँव, गरीब और किसान” को रखा गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा भी कि सरकार अपनी सभी योजनाओं में अंत्योदय को प्राथमिकता देगी। साथ ही गाँव, गरीब और किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है।

2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पूरे होने पर जो परिवार कनेक्शन लेने के इच्छुक नहीं होंगे, उनको छोड़कर ग्रामीण भारत के सभी परिवारों को बिजली और एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराने की प्रतिबद्धता सीतारमण ने जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं उज्जवला और सौभाग्य के कारण ग्रामीण परिवारों के जीवन में नाटकीय बदलाव आया है और उनका जीवन आसान हुआ है। बीते पाँच साल में सात करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और करीब-करीब शत-प्रतिशत गॉंवों में बिजली पहुँचने की बात भी वित्त मंत्री ने कही।

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सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार का लक्ष्य 2022 तक सभी को घर मुहैया कराना है। शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन के साथ उपलब्ध कराए जा रहे ऐसे 1.54 करोड़ घर गॉंवों में बनाए गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 2022 तक 1.95 करोड़ और घर बनाए जाएँगे। यह काम कितनी तेजी से चल रही है यह बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2015-16 में इस तरह के घर को पूरा करने में औसतन 314 दिन लगते थे, जो अब घटकर 114 दिन हो चुका है। जल-जीवन मिशन के तहत सरकार ने 2024 तक गाँवों के हर घर तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर, 2014 से अब तक 9.6 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। इस साल गाँधी जयंती पर देश पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। लिहाजा, स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गाँव में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सरकार का फोकस होगा। उन्होंने बताया कि 1,25,000 किलोमीटर के रोड नेटवर्क को पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। गॉंवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को भी अपग्रेड किया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने जन-धन खाते पर महिलाओं के लिए पाँच हजार रुपए ओवरड्राफ्ट की सुविधा देने और देश के हर जिले में महिला स्वयं सहायता समूह योजना शुरू करने की भी घोषणा बजट में की है। इससे भी ग्रामीण भारत की महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद मिलने की उम्मीद है। यही कारण है कि बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ये देश को समृद्ध और जन को समर्थ बनाने वाला बजट है। इस बजट से गरीब को बल मिलेगा। युवा को बेहतर कल मिलेगा।’