भारत की स्टार एथलीट हिमा दास का शानदार प्रदर्शन जारी है। उन्होंने पिछले 15 दिन में अपना चौथा गोल्ड मेडल जीतकर अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महिलाओं की 200 मीटर रेस में हिमा ने चेक रिपब्लिक में चल रहे टबोर एथलेटिक्स मीट में बुधवार (17 जुलाई 2019) को एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
आपको बता दें कि 19 साल की हिमा दास ने यह दौड़ मात्र 23.25 सेकंड में पूरी कर ली थी। वहीं, नेशनल रिकॉर्ड होल्डर मोहम्मद अनस ने भी 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने 45.40 सेकंड में अपनी रेस पूरी की।
Won another gold today in 200m and improved my timings to 23.25s at Tabor GP. pic.twitter.com/mXwQI2W2BI
हाल ही में, हिमा दास ने असम में बाढ़ पीड़ितों को अपनी आधी सैलरी डोनेट कर दी थी और साथ ही अन्य सक्षम लोगों से मदद करने की अपील भी की थी। इस जीत के मौक़े पर सोशल मीडिया पर देशवासियों ने उन्हें अपने-अपने शब्दों में बधाईयाँ दीं।
हिमा दास ने इससे पहले तीन गोल्ड मेडल जीते, वो इस प्रकार हैं:
पहला गोल्ड मेडल: 2 जुलाई 2019 को हिमा ने पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में 200 मीटर रेस में हिस्सा लिया था। उन्होंने 23.65 सेकंड में उस रेस को पूरा कर पहला गोल्ड मेडल जीता था।
दूसरा गोल्ड मेडल: 7 जुलाई 2019 को पोलैंड में कुटनो एथलेटिक्स मीट में 200 मीटर रेस को 23.97 सेकंड में पूरा कर दूसरा गोल्ड अपने नाम किया था।
तीसरा गोल्ड मेडल: 13 जुलाई को चेक रिपब्लिक में हुई क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स में महिलाओं की 200 मीटर रेस को 23.43 सेकंड में पूरा कर तीसरा गोल्ड मेडल अपने जीता।
क्या शशि थरूर ने कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ड्राफ्ट तैयार करने में भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और इस मामले में भारत की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे की मदद की थी? यह प्रश्न आज इस वजह से उठा है, क्योंकि ABP न्यूज़ के एक पत्रकार ने ऐसा दावा किया है। ABP न्यूज़ के सीनियर कोरेस्पोंडेंट आदेश रावल ने यह बात कही है।
आदेश रावल अपने ट्वीट में लिखते हैं –
Along with Sushma Swaraj and Harish salve, we should also give due credit to Shashi Tharoor. Under Sushma ji’s guidance, initially he drafted the Jadhav’s case.
दरअसल, ये ट्वीट बुधवार (जुलाई 18, 2019) को कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर किया गया था। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस मुहैया कराने के साथ-साथ उनकी फाँसी की सज़ा पर रोक लगा दी है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को मौत की सज़ा सुनाई थी। इंटरनेशनल कोर्ट ने इस निर्णय की समीक्षा करने का भी आदेश दिया।
पत्रकार आदेश रावल ने अपने ट्वीट में लिखा हमें शशि थरूर को भी धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि सुषमा स्वराज के मार्गदर्शन में उन्होंने शुरुआत में जाधव वाले मामले में भारत की तरफ से ड्राफ्ट तैयार किया था। आदेश रावल के मुताबिक़, इंटरनेशनल कोर्ट का जो भारत के पक्ष में निर्णय आया है, उसका क्रेडिट थरूर को भी जाता है। जबकि, यह पूरी तरह ग़लत है। अपने ट्वीट के जरिए आदेश रावल ने झूठ फैलाया है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी अप्रैल 2017 में ऐसी ही ख़बर आई थी, जब कहा गया था कि कुलभूषण जाधव को फाँसी की सज़ा दिए जाने के विरोध में भारत द्वारा तैयार प्रस्ताव में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने थरूर की मदद ली थी। जब सुषमा के सामने यह सवाल आया तो उन्होंने इसे मीडिया में प्लांट की गई ख़बर बताया था। उन्होंने कहा था कि ये ख़बर बिलकुल झूठी है और दुष्टतापूर्वक प्लांट की गई है। सुषमा स्वराज ने कहा था:
“भारतीय विदेश मंत्रालय में टैलेंट की कमी नहीं है। मुझे मेरे योग्य व सक्षम सचिवों का सहयोग हर विषय पर मिलता रहता है।”
लेखक साकेत सूर्येश ने एबीपी न्यूज़ के पत्रकार को डाँट पिलाते हुए झूठ न फैलाने की सलाह दी। उन्होंने सुषमा स्वराज के बयान का स्क्रीनशॉट लगाते हुए ट्वीट किया कि एक प्रमुख चैनल के पत्रकार को फेक न्यूज़ नहीं फैलाना चाहिए।
बिहार पर बाढ़ का कहर टूटने के बाद से ही डूब कर लोगों के मरने की लगातार खबरें आ रही हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे हैं। इन बच्चों में 3 महीने का अर्जुन भी है। मंगलवार को बागमती की उपधारा में अपने भाई-बहन के साथ वह डूब कर मर गया।
अर्जुन के शव निकालने की तस्वीर मुझे मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के एक स्थानीय पत्रकार ने कल दोपहर में भेजी थी। रात को ऑफिस से घर पहुँचने के बाद जब आँखें मूंदे, दोनों हाथ ऊपर उठाए अर्जुन की तस्वीर देखी तो दहल गया। तब तक यह तस्वीर सोशल मीडिया में भी वायरल हो चुकी थी।
आज जब मुजफ्फरपुर के शिवाईपट्टी थाना के शीतलपट्टी गाँव के अर्जुन, उसके 10 वर्षीय भाई राजकुमार और 12 वर्षीय बहन ज्योति के डूब मरने की कहानी लिखने बैठा हूँ तो शब्द नहीं मिल रहे हैं। लेकिन, ‘सुशासन बाबू’ के अफसरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार को चौतरफा थू-थू से बचाने के लिए वे एक नई थ्योरी गढ़ने में लग गए हैं।
इसके मुताबिक अर्जुन और उसके भाई-बहन की मौत बाढ़ में डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसकी माँ ने बच्चों के साथ आत्महत्या करने की कोशिश की। एनडीटीवी के मुताबिक अर्जुन की माँ रीना देवी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
पति से हुआ विवाद तो पानी में बच्चों को फेंका
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डीएम ने कहा है,”ग्रामीणों और रीना की 7 साल की बच्ची ने जो बताया उसके मुताबिक रीना देवी का अपने पति के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद रीना ने बच्चों को पानी में फेंक दिया था। गाँव वालों ने जब देखा तो उन्होंने बच्चों और रीना देवी को पानी से बाहर निकाला। इस मामले में कोई मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है, क्योंकि यह एक अपराध का मामला है। इसका बाढ़ से कोई लेना-देना नहीं है। इसे हत्या करने का प्रयास माना जा सकता है।”
डीएम के इस दावे की चुगली स्थानीय अखबारों की रिपोर्ट करते हैं। प्रभात खबर ने 17 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया है कि रीना देवी अपने चार बच्चों को लेकर मंगलवार की दोपहर नदी किनारे कपड़े धोने गई थी। इसी दौरान नहाते वक्त अपने तीन बच्चों को डूबते देख उन्हें बचाने के लिए अर्जुन के साथ नदी में छलॉंग लगा दी। ग्रामीणों ने रीना और उसकी आठ साल की बेटी राधा को बचा लिया। बाकी तीन के शव बरामद हुए। अर्जुन का शव सबसे आखिर में बरामद हुआ।
आप वीडियो में देख सकते हैं कि मछुआरों ने इन शवों को निकाला।
कहाँ थे गोताखोर?
यह सवाल उठना लाजिमी है कि बाढ़ से प्रभावित इलाके में जब घंटों बच्चों के शव की तलाश की जा रही थी तो प्रशासन के गोताखोर कहॉं थे? उसका बचाव दल कहॉं था? यदि आप स्थानीय अखबारों पर नजर डालें तो पता चलेगा कि जिनकी डूबने से मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर के शव स्थानीय लोगों ने ही अपनी जान जोखिम में डालकर तलाशे हैं। इनमें से कुछ के शव तो 48 घंटे बाद मिले। लेकिन, इसका जवाब देने के लिए कोई अधिकारी तैयार नहीं है। बिहार सरकार के आँकड़ों की ही माने तो 17 जुलाई की शाम छह बजे तक 67 लोगों की बाढ़ में मौत हो चुकी थी।
अर्जुन के पिता थे पंजाब में, फिर पत्नी से कैसे हुआ झगड़ा
प्रभात खबर की रिपोर्ट यह भी बताती है कि घटना के वक्त अर्जुन के पिता पंजाब में थे। घटना की खबर मिलने के बाद उन्होंने घर की ट्रेन पकड़ी। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब वे घर पर ही नहीं थे तो उनका अपनी पत्नी से विवाद कैसे हो गया? खबरों के मुताबिक यह पिता बच्चों की मौत से इतना टूट चुका है कि उनको मुखाग्नि देने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अंत में तीनों बच्चों को एक ही चिता पर लिटा कर दादी ने अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।
बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित अपनी जनता के लिए कितनी फिक्रमंद है उसका अंदाजा इन आँकड़ों से लगाइए। यह बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग का डाटा है जो उन्होंने खुद अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर रखा है। बाढ़ से 12 जिलों की करीब 47 लाख की आबादी प्रभावित है। लेकिन, इनके लिए अब तक केवल 137 राहत शिविर और 1116 सामुदायिक रसोई ही खोले गए हैं। राहत शिविरों में रहने वालों की संख्या करीब 1.15 लाख है। मधुबनी जिले की करीब 3.5 लाख प्रभावित आबादी के लिए केवल 4 राहत शिविर हैं, तो शिवहर की 1.69 लाख प्रभावित आबादी के लिए केवल 7।
राहत और बचाव के काम में जुटे एमएसयू कार्यकर्ता
एमएसयू जैसे संगठनों के भरोसे राहत कार्य
छह दिन बाद भी राहत और बचाव का काम मिथिला स्टूडेंट्स यूनियन (एमएसयू), मानव कल्याण केंद्र जैसी संस्थाओं के भरोसे ही है। बाढ़ में खुद की परवाह नहीं करते हुए इन संगठनों के कार्यकर्ता राहत सामग्री लेकर पीड़ितों तक पहुॅंच रहे हैं। एमएसयू प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई भी चला रहा है।
सरकार बहादुर देगी छह हजार
सरकार बहादुर ने ऐलान कर दिया है कि पीड़ितों के खाते में छह हजार राहत के पहुॅंच जाएंगे। यह दूसरी बात है कि प्रभावित इलाकों में सैकड़ों ऐसे लोग मिल जाएँगे जिन्हें पिछली राहत भी अब तक नहीं मिली है। क्यूंकि, उनका हक़ नेताओं-अधिकारियों-ठेकेदारों के उसी गिरोह ने हड़प लिया, जो हर साल तटबंधों की मजबूती के नाम पर करीब 600 करोड़ रुपए का बजट डकार जाते हैं।
असम में इन दिनों बाढ़ के कारण बिहार जैसे हालात हैं। देश के कोने-कोने से लोग अपने सामर्थ्य अनुसार इन दोनों राज्यों में बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक ओर जहाँ बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए 2 करोड़ रुपए की मदद की है, वहीं 15 दिन में 4 गोल्ड जीतने वाली हिमा दास ने भी अपनी आधी सैलरी बाढ़ राहत कोष में दान दे दी। लेकिन इस बीच प्रियंका चोपड़ा जैसी सेलेब्रटी जिन्हें असम टूरिज्म ने अपनी ब्रांड एम्बेस्डर चुना, उनकी तरफ से कोई मदद अब तक नहीं आई है।
मीडिया खबरों की मानें तो असम में बाढ़ के कारण अब तक 15 से ज्यादा लोग अपनी जानें गँवा चुके हैं और इस आपदा के कारण इस समय 43 लाख जिंदगियाँ प्रभावित हैं। इतना ही नहीं, इस बाढ़ में काजीरंगा नेशनल पार्क के काफ़ी तादाद में जानवर भी मारे गए हैं, लेकिन फिर भी असम की ब्रांड एम्बेस्डर ने इस पर अब तक मदद के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाए हैं। हालाँकि, उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने/ ट्वीट करने/ पोस्ट करने के अलावा सोशल मीडिया को अपने से जुड़ी अन्य जानकारियाँ देने के लिए खूब उपयोग किया।
उन्होनें इस बीच अपने एक मेकओवर की वीडियो शेयर की और बताया कि वह 10 जून को लॉस एजेंल्स में बतौर ब्यूटीकॉन की अम्बेस्डर के रूप में आ रही हैं। जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। इस वीडियो को शेयर करने के बाद लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि शायद वो भूल गई हैं कि वो असम टूरिज्म की ब्रांड एम्बेस्डर भी हैं। राज्य के प्रति उनकी चिंता कहाँ है?
Dear Priyanka Chopra In case you have forgotten, you are also the Brand Ambassador of Assam Tourism. A state submerged in flood right now. Where is your concern, your tweet creating awareness and asking people to extend help for them? Shame on you. https://t.co/C1BH9dpTy7
13 तारीख को प्रियंका के इस पोस्ट के बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रिया आई और असम की ब्रांड एम्बेस्डर को राज्य के लिए आखिरकार 16 जुलाई को एक ट्वीट लिखना पड़ा। लेकिन इस ट्वीट में भी उन्होंने केवल असम बाढ़ प्रभावित लोगों को ऐसा संदेश लिखा, जिसे पढ़कर सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा भड़क उठा और उनकी पोस्ट पर लोग अपनी नाराजगी जताने लगे।
दरअसल, उन्होंने राज्य की ब्रांड एम्बैसडर होने के बावजूद पीड़ितों की मदद की बजाए, ट्विटर पर प्रार्थना संदेश के साथ लोगों को एक लिंक दिया और अनुरोध किया कि लोग प्रभावित लोगों की मदद के लिए वहाँ (लिंक पर) डोनेट करें।
इसे देखकर यूजर्स उन पर भड़के और उनसे कहा, “आप भूल रही हैं कि आप असम की ब्रांड एम्बेसडर हैं। बाढ़ प्रभावितों के लिए लोगों से मदद की गुहार वाला आपका ये ट्वीट बेहद शर्मनाक है। हमें ऐसे ब्रांड एम्बेस्डर नहीं चाहिए। बिलकुल निराशाजनक।”
You have forgotten, you are a brand Ambassador of assam.. Your tweet askin’ people to help flood affected people is very shameless.. We don’t need such type of brand Ambassador… Totally disappointed.. ???
उनके इस ट्वीट पर किसी ने उन्हें बताया कि उन लोगों को इन डोनेशन लिंक के बारे में पहले से पता है, लेकिन वो ये बताएँ कि उन्होंने बतौर ब्रांड एम्बेस्डर असम के लोगों के लिए कितने रुपए डोनेट किए?
We already know about the donetion link 3 days ago. But how much money you donet as a Brand Ambassador of Assam? Firstly we want to hear this.
तो किसी ने उनकी यूएस के बीच पर खींची गई तस्वीरों को आधार बनाकर उनके ऊपर तंज कसा। यूजर ने प्रियंका से पूछा, “सच में…!! आप जिंदा हैं..? हमें लगा आप यूएस के बीच पर अपनी छुट्टियों का आनंद ले रही हैं।”
.@priyankachopra really..!! you are alive..? We thought you are enjoying your Holidays in US beaches..
कुछ लोग सोशल मीडिया पर प्रियंका के समर्थन में भी आए और कहा कि प्रियंका पर सवाल उठाने वाले लोग नहीं जानते कि वो देश में नहीं हैं। उन्होंने असम के लिए बहुत किया और उन पर ऐसे सवाल नहीं उठाने चाहिए।
these dumb people dont understand pc is not in the country.such local news does’nt get international https://t.co/tZDnCwprHK how is she supposed to know?nd u are on point ,Indian media is also not covering it..I live in north region nd news channels are not covering assam floods
यहाँ सोचने वाली बात है कि आज जब राज्य इतनी बड़ी आपदा से ग्रस्त है और लाखों लोग उससे प्रभावित हैं तो फिर क्या ऐसे में असम टूरिज्म की ब्रांड एम्बेस्डर होने के नाते वाकई प्रियंका को सिर्फ़ प्रार्थना संदेश के साथ लोगों को दान के लिए लिंक शेयर करना चाहिए? या फिर खुद बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए मदद पहुँचानी चाहिए जैसे अक्षय कुमार और हिमा दास ने किया।
@priyankachopra Forgot to donate for Assam flood victims…??? Opps i forgot that actually ur the brand ambassador of assam tourism…Sorry Saktiman…
मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था दिन पर दिन चरमराती जा रही है। हालत ये हो गई है कि अब वहाँ अपराधी पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने से नहीं चूक रहे। हालिया मामला सतना जिले का है। जहाँ कुछ बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और उनके हथियार लेकर फरार हो गए। हमले में 2 पुलिस वालों को चोटें भी आई हैं, जिसके कारण उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
खबरों के अनुसार, ये बदमाश सतना जिले के कोलगाँव थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों से वसूली कर रहे थे, तभी ट्रक ड्राइवरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस वहाँ पहुँची तो पुलिस और बदमाशों के बीच झड़प हो गई और अपराधियों ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया।
हमले में शामिल 7 अपराधी इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनके हथियार, वायरलेस सेट समेत अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। पुलिस वालों पर हुए इस हमले के बाद पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है। हमले में दो पुलिस वालों (संदीप नामदेव और मनोज सिंह) के घायल होने की खबर है।
एसपी ने मामले पर एक्शन लेते हुए पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी है। घटनास्थल पर आला अधिकारियों ने पहुँचकर घायल जवानों को बिरला अस्पताल में भर्ती करवाया। वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी में घायल पुलिस वालों को उपचार दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक मनोज सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिस कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है।
इन अपराधियों की संख्या अभी तक 7 बताई जा रही है, जिसमें एक का नाम विक्की खान है। विक्की के बारे में बता दें कि वह शातिर बदमाश होने के साथ-साथ गाँजे का भी कारोबारी है। उसके और उसके साथियों की तलाश में पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है।
विक्की खान (तस्वीर साभार:सतना पत्रिका का फेसबुक पेज)
रूस ने पाकिस्तान द्वारा कलाश्निकोव राइफलों की माँग ठुकरा दी है। पाकिस्तान ने इन राइफलों की ख़रीद के लिए रूस से निवेदन किया था, जिसे नकार दिया गया है। नए जनरेशन की इन कलाश्निकोव राइफल्स (जिन्हें AK भी कहा जाता है) अब पाकिस्तान को रूस से नहीं मिलेंगी। साथ ही रूस ने भारत को आश्वस्त किया है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रक्षा व्यापार नहीं किया जाएगा। ‘द प्रिंट’ ने रक्षा विभाग के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारत को इस विषय में इस वर्ष की शुरुआत में ही सूचित कर दिया गया था।
पाकिस्तान ने एके सीरीज की 50,000 राइफल्स ख़रीदने के लिए रूस के पास प्रस्ताव भेजा था। पाकिस्तान इस क़दम के द्वारा रूस के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करना चाहता था। हालाँकि, पाकिस्तान ने राइफल के किन मॉडल्स की माँग की थी, यह स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तान के इस क़दम से भारत को भी हैरानी हुई थी क्योंकि पाकिस्तानी सेना सामान्यतः चीन निर्मित एके-56 राइफल का ही प्रयोग करती है।
चीन निर्मित एके-56 राइफल्स एके-47 का चाइनीज वर्जन है। यह वजन में एके-47 से हल्का होता है। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के पास से ऐसे कई एके-56 राइफल्स जब्त किए जा चुके हैं। रूस को इस बात की भी चिंता थी कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले हथियार आतंकियों के हाथ लग सकते हैं। भारत ने भी रूस के समक्ष इस चिंता को रखा था, जिस पर रूस की तरफ से पाकिस्तान के साथ सैन्य व्यापार न करने का आश्वासन आया।
Indian intelligence agencies have been keeping a close watch on the activities of Pak army and their attempts to build ties with Russia. Agencies had flagged many other proposals made by Pak to Russia such as T90 tanks and new air defence systems following the #Balakot airstrike
— Snehesh Alex Philip (@sneheshphilip) July 17, 2019
भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इस बात पर कड़ी नज़र रखी है कि पाकिस्तान द्वारा रूस के साथ सैन्य व रक्षा समझौतों के प्रयासों की दिशा में क्या प्रगति हो रही है? पाकिस्तान के ऐसे कई प्रयासों को भारतीय एजेंसियाँ रोक चुकी हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने रूस से उन्नत एयर डिफेंस तकनीक ख़रीदने का भी प्रयास किया था। 2015 में पाकिस्तान ने रूस से 4 Mi-35M हैलीकॉप्टर ख़रीदे थे, जो डिलीवर किए जा चुके हैं। 2016 में दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त युद्धाभ्यास भी किया था। भारत इस घटनाक्रम पर पूरी नज़र रखी हुई थी।
एक ख़बर आई है कि मंगलौर में मोहम्मद अंसारी नाम के एक शख्स को खेत में गाय के साथ अप्राकृतिक सेक्स करते हुए ग्रामीणों द्वारा देखा गया। ग्रामीणों के मुताबिक अंसारी ने पहले गाय के पाँवों को रस्सी से बाँधा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। गुस्साए गाँव वालों ने अंसारी से गाय के पाँव छूकर माफी माँगने को कहा, लेकिन जैसे ही अंसारी वहाँ पहुँचा, गाय उसे देखकर डर गई और वहाँ से भाग गई।
गौर करने लायक है कि अंसारी को रंगे हाथों पकड़ने के बाद जब गाँव के लोग उससे पूछताछ कर रहे थे तो उसकी कमीज की जेब से नारियल तेल की बोतल भी मिली, जिसे उसने दुष्कर्म को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था। साथ ही जब वह पकड़ा गया, तब उसकी कमीज पर गोबर के भी निशान थे। लेकिन, क्या आपको पता है कि पशुओं के साथ बर्बरता दिखाने का यह पहला मामला नहीं है बल्कि पिछले साल से लेकर अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें पशुओं के साथ यौन बर्बरता दिखाई गई और आरोपित मुस्लिम समुदाय से आने वाले लोग रहे।
सबसे पहले बात करते हैं जुलाई 2018 में हरियाणा के मेवात में घटी घटना की। उस समय एक गर्भवती बकरी का इस दरिंदगी से बलात्कार किया गया कि उस निरीह पशु की मौत हो गई। हारून और जफ़र सहित कुल 8 लोगों ने मिल कर उस बकरी का गैंगरेप किया था। बकरी के मरने की वजह उसके प्राइवेट पार्ट्स में अत्यधिक ब्लीडिंग और शॉक को बताया गया।
One person, Aslu registered a complaint on July 26 that his goat was gang-raped on the night of July 25 by Savakar, Haroon, Jaffar and five others whose identities are yet to be ascertained: Nagina police station in charge (SI) Rajbir Singh. #Haryanapic.twitter.com/gEClo5SVxc
अक्टूबर 2018 में बागपत के तिलवाड़ा गाँव में एक बछड़े के साथ बलात्कार किए जाने की घटना सामने आई थी। बछड़े की मौत के बाद पुलिस ने आईपीसी 377 (अप्राकृतिक संबंध) और 429 (जानवर के साथ क्रूरता) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। मुस्लिम समुदाय से आने वाला आरोपित नाबालिग था। बछड़े को इस बर्बरता के कारण कई आंतरिक घाव हो गए थे, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गाँव में भी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया था।
अगस्त 2018 में एक मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ से भी आया था। छोटे ख़ान नामक व्यक्ति एक गाय का बलात्कार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। उसकी गिरफ़्तारी के बाद उसके परिवार वालों ने एसपी से मिल कर आरोप लगाया कि संपत्ति विवाद के कारण ख़ान को फँसाया जा रहा है। यह बहस का मुद्दा है कि जिस भी समाज में इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, वहाँ लोगों को, खासकर युवाओं को किस तरह की शिक्षाएँ दी जा रही हैं? जिस समाजिक परिवेश में व्यक्ति रहता है या अपना अधिकतर समय गुजारता है, उसकी हरकतें भी उसी अनुरूप हो जाती हैं।
ऊपर के तीन उदाहरण सिर्फ 2018 से हैं। ऐसा कुछ 2017 में भी हुआ होगा, 2016 में भी। मानसिकता साल और महीने नहीं देखती। ऐसे लोग घृणित सोच के होते हैं और इन्हें जो करना होता है, वो करते हैं। बेटियों-बच्चियों को बुरी नजर से बचाते-बचाते अब लोगों को अपने पशु-मवेशियों को भी बचाना होगा।
सांप्रदायिक और विवादस्पद वीडियो बनाने के मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अभिनेता एजाज खान को गिरफ्तार कर लिया है। अभिनेता एजाज ख़ान ने टिक-टॉक ऐप पर भड़काऊ वीडियो बना कर पोस्ट किया था। एजाज ख़ान ने हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा की बात की थी और सोशल मीडिया पर वह भड़काऊ और विवादास्पत पोस्ट्स के लिए कुख्यात हैं। मुंबई पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की थी। एजाज ख़ान को अब अदालत में पेश किया जाएगा।
एजाज ख़ान ने उसी TikTok ‘सेलिब्रिटी’ के साथ यह विवादस्पद वीडियो बनाया था जिसके खिलाफ तबरेज़ अंसारी की मौत के बदले में हिंसा भड़काने के आह्वान को लेकर FIR दर्ज की गई थी। एजाज़ खान की TikTok प्रोफाइल पर शेयर किए गए इस वीडियो में वह मुंबई पुलिस का मज़ाक उड़ाते नज़र आए थे। इसमें उनके साथ Team07 का एक सदस्य भी नज़र आया था। डायलॉग में जब पुलिस अफसर का किरदार कुछ अपराधियों को पुलिस की गाड़ी में बैठने को कहता है तो अपराधियों में से एक पुलिस वाले पर धौंस जमाता है।
एजाज़ खान के विवादस्पद वीडियो का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह पायल रोहतगी को खरी-खोटी सुनाने में सारी दुनिया के एक दिन मुस्लिम बनने की बात कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे वीडियो में 40 करोड़ वैध-अवैध समुदाय विशेष के लोगों के सड़क पर उतर कर समूचे देश को बंद कर देने की बात भी कही थी।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भतीजे रिजवान कासकर को मुंबई पुलिस ने बुधवार की रात गिरफ्तार किया। वह दाउद के छोटे भाई इकबाल कासकर का बेटा है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए रिजवान को ठाणे जेल में रखा गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रिजवान को फिरौती माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था।
#UPDATE Two other people were also arrested by the Mumbai Police Anti-Extortion Cell, last night, along with Rizwan (son of Dawood Ibrahim’s brother, Iqbal Kaskar). https://t.co/WsD4nBioxK
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो दिन पहले अहमद रजा वडारिया को गिरफ्तार किया गया था। वह दाऊद के गुर्गे फहीम मचमच का करीबी है। अधिकारी ने बताया, “उससे पूछताछ के दौरान रिजवान कासकर का नाम सामने आया। उसे देश छोड़कर भागने की कोशिश करते हुए मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा गया।”
#UPDATE Mumbai: Questioning of Rizwan is already underway, accused in the visuals is Ahmed who was brought for questioning by police. https://t.co/p6gZ2rnFOH
मायावती के परिवार के ख़िलाफ़ चल रहे बेनामी संपत्ति के मामलों में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार (जुलाई 18, 2019) को आयकर विभाग ने बसपा सुप्रीमो के भाई व भाभी के एक क़ीमती प्लॉट को जब्त किया है, जिससे मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस प्लॉट की क़ीमत 400 करोड़ रुपए से अभी अधिक बताई जा रही है। नोएडा में स्थित ये प्लॉट 7 एकड़ का है। इसे जब्त करने का आदेश मंगलवार (जुलाई 16, 2019) को ही जारी किया जा चुका है।
मायावती के भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्र लता के ख़िलाफ़ पहले से ही कई मामले चल रहे हैं। मायवती के भतीजे को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कई मंचों पर बसपा की तरफ से अहम भूमिका में देखा गया, जिसके बाद यह कयास लगने शुरू हो गए थे कि बसपा में उन्हें भविष्य में और बड़ी भूमिका दी जा सकती है। मायवती ने हाल ही में अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया था और भतीजे आकाश को नेशनल कोऑर्डिनेटर।
कभी नोएडा प्राधिकरण में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे आनंद कुमार की संपत्ति तब से अचानक बढ़नी शुरू हो गई, जब मायावती ने सत्ता संभाली। आनंद कुमार पर फ़र्ज़ी कम्पनियाँ बना कर करोड़ों रुपए के लोन लेने का भी आरोप है। 2007 में जब मायावती ने अपनी पार्टी को मिली पूर्ण बहुमत के बाद सत्ता संभाली, उसके बाद उनके भाई आनंद ने एक के बाद एक कुल 49 नई कम्पनियाँ खोलीं। 2014 में उनकी संपत्ति 1316 करोड़ रुपए आँकी गई थी।
इतना ही नहीं, आनंद पर रियल एस्टेट में निवेश कर करोड़ों का अवैध मुनाफा कमाने का भी आरोप है। इस मामले में इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय, दोनों सरकारी एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं। उनके घर एवं दफ्तरों पर कई बार छापे पड़ चुके हैं। नोटबंदी के दौरान भी उनके बैंक खाते में धोखाधड़ी की बातें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भविष्य में आनंद कुमार की कई अन्य सम्पत्तियों को भी जब्त किया जा सकता है।
कुल मिला कर देखें तो मायावती के भाई की संपत्ति में 2007 से लेकर 2014 तक 7 वर्षों में 18,000% की वृद्धि दर्ज की गई। तमाम आरोपों के बावजूद मायावती द्वारा आनंद कुमार को पार्टी में अहम पद देना चर्चित विषय बना हुआ है।