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सड़क पर नहीं पढ़ने दी नमाज तो नाराज नमाजियों ने जमकर काटा बवाल, कहा- देखते हैं कौन मारता है गोली

उत्तर प्रदेश के बरेली में चौकी चौराहे पर सड़क बंद कर नमाज पढ़ने से मना करने पर नमाजी नाराज हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सड़क का रास्ता छोड़कर नमाज पढ़ी जाये, लेकिन शायद नमाजियों को प्रशासन की ये बात पसंद नहीं आई। इसी के चलते चौकी चौराहा मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर इस शुक्रवार भी विवाद हो गया और तीन घंटे खींचतान चलती रही।

पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पहले ही तय कर चुके थे कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी, इसके बावजूद भी व्यवस्थाओं को तोड़ने की कोशिश की गई। जब नाराज नमाजियों का गुस्सा बढ़ने लगा तो अफसरों ने भी कई थानों से पुलिस फोर्स को बुला लिया। बाद में महज 2 चटाई डालकर कुछ लोगों ने मस्जिद के बाहर बैठकर नमाज पढ़ी। हालाँकि, इस दौरान यातायात पर फर्क नहीं पड़ा।

हंगामा करते हुये वे आला हजरत दरगाह पहुँचे, इसके बाद कोतवाली का घेराव कर हंगामा किया। इंस्पेक्टर को चेतावनी दी कि बीच सड़क पर नमाज पढ़ेंगे, देखें कौन रोकता है। इसको लेकर चौकी चौराहे पर पुलिस अधिकारियों व नमाजियों के बीच नोकझोंक हुई। कोतवाली में हंगामा करने वाले 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है।

यातायात बाधित होने कारण हुई थी शिकायत

चौकी चौराहा स्थित मस्जिद के सामने सड़क पर नमाज पढऩे को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी। यातायात बाधित होने की जानकारी देते हुए आला अफसरों तक शिकायत की। जिसके बाद पिछले शुक्रवार को पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों ने वहाँ पहुँचकर सड़क घेरने से मना किया।

तब भी तनातनी हुई, हालाँकि बाद में बातचीत के बाद अफसरों ने कहा कि पहले मस्जिद के अंदर पूरी जगह भर जाए, इसके बाद आगे की बात की जाएगी। दूसरी मस्जिदों में भी लोग जा सकते हैं। प्रशासन द्वारा एक लाइन भी खींच दी गई, जिससे आगे सड़क बाधित न की जाए।

पिछले शुक्रवार को हुई यह सारी मेहनत एक बार फिर बेकार होती नजर आई। इसका एहसास अफसरों को भी था, इसलिए वे भी सुबह होते ही चौकी चौराहा स्थित पुलिस चौकी में जाकर बैठ गए। सीओ, इंस्पेक्टर ने मस्जिद के इमाम व मुतवल्ली को बुलाकर कह दिया कि सड़क पर चटाई न बिछाएँ।

चटाइयाँ बिछाते गए, पुलिस हटाती गई

नमाजियों ने दोपहर डेढ़ बजे नमाज के लिए मस्जिद के बाहर सड़क पर चटाइयाँ बिछाना शुरू किया लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत हटवा दिया। जानकारी पर आला हजरत दरगाह से कुछ लोग बातचीत को भेजे गए। वहाँ मौजूद लोगों का कहना था कि वे काफी समय से ऐसे ही नमाज पढ़ते आ रहे हैं और पुलिस बेवजह बात बढ़ा रही। दूसरी ओर पुलिस अफसरों ने दो टूक कह दिया कि किसी भी हाल में सड़क पर नमाज नहीं पढऩे दी जाएगी।

इस पर दोनों पक्षों में बहस बढ़ती गई। आला हजरत दरगाह से कुछ लोग कोतवाली इंस्पेक्टर पंकज वर्मा के पास पहुँचे, उनसे बात की मगर उन्हें साफ मना कर दिया कि सड़क नहीं घेरने देंगे और रास्ता बंद नहीं होगा। विवाद बढऩे पर कई थानों से पुलिस फोर्स बुलवा ली गई। जानकारी मिलने पर एसपी सिटी अभिनंदन सिंह चौकी चौराहे पर पहुँच गए।

पुलिस ने पूछा, जब पहले ही तय हो चुका था तो विवाद की स्थिति क्यों पैदा की गई?

विवाद बढ़ने पर सभी गुस्साए नमाजियों को चौकी चौराहा पुलिस चौकी में बैठाया गया और नासिर कुरैशी, नदीम खां, शाहिद नूरी, डा. नफीस आदि से बातचीत शुरू हुई। एसपी सिटी का कहना था कि जब पहले ही तय हो चुका था कि सड़क पर बैठकर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी तो फिर विवाद की स्थिति क्यों पैदा की गई?

एसपी सिटी का कहना था नमाज अंदर मस्जिद में बैठकर पढ़ें, पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। बातचीत के दौरान एक बार फिर तय हुआ कि बाहर महज 2 चटाई ही पड़ेंगी और रास्ते पर बैठकर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी, रास्ता बंद नहीं होगा। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे नमाज पढ़ी गई।

एसपी सिटी ने बयान दिया, “मस्जिद के बाहर महज दो चटाई पड़ेंगी। यह बात इमाम व मुतवल्ली को बता दी गई है। इस पर उन्होंने सहमति भी जता दी है। अगर किसी ने लॉ एंड आर्डर बिगाड़ा तो कार्रवाई की जाएगी।”

सड़क पर नमाज पढ़ने से हो गई थी ट्रैफिक अव्यवस्था

दरअसल, ईद से पहले जुमा अलविदा के दिन भी चौकी चौराहे की मस्जिद पर नमाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। नमाजियों की भीड़ ज्यादा होने के कारण चौकी चौराहे से सर्किट हाउस को जाने वाली सड़क जाम हो गई। दोनों तरफ का ट्रैफिक रुकने की वजह से लोगों को काफी दिक्कत हुई थी जिस पर एडीएम सिटी, सीओ सहित तमाम पुलिस फोर्स ने मौके पर जाकर ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने और कोई हादसा न हो इसको लेकर मस्जिद के जिम्मेदारों को समझाया था। प्रशासन ने नमाजियों को मस्जिद के अंदर नमाज अदा करने की हिदायत दी। शुक्रवार (जून 07, 2019) को दोपहर एक बजे चौकी चौराहे स्थित रहमानिया मस्जिद वालों ने नमाजियों के लिए बाहर टेंट लगा दिए थे। ऐसे में अफसरों ने नमाज शुरू से होने से 20 मिनट पहले टेंट हटाने के निर्देश दिए।

सूचना मिलने पर सीओ प्रथम कुलदीप कुमार, सीओ प्रीतम पाल सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली पहुँच गए। उन्होंने नमाजियों को समझाया कि मस्जिद के अंदर और बाहर नमाज पढ़ो लेकिन सड़क मत घेरो। ट्रैफिक चलता रहना चाहिए। इस पर नमाजी भड़क गये और उन्होंने नमाज पढ़ने से मना कर दिया। बाद में आला हजरत दरगाह पहुँचे। इसके बाद काफी संख्या में लोग कोतवाली इकठ्ठे हुए। वहाँ उन्होंने जमकर हंगामा उठाते हुए इंस्पेक्टर कोतवाली से नोकझोंक की। गुस्साए नमाजियों ने कहा कि बीच सड़क पर नमाज पढ़ेंगे देखें कि कौन गोली मारता है। इसके बाद भीड़ की शक्ल में लोग चौकी चौराहे पहुँचे।

नरेंद्र मोदी को मालदीव का सर्वोच्च पुरस्कार, करेंगे ‘मजलिस’ को संबोधित

प्रधानमंत्री को मालदीव के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़ा जाएगा। यह सम्मान मालदीव में किसी विदेशी महानुभाव को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने यह घोषणा की कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आर्डर ऑफ़ दी रूल ऑफ़ इज़्ज़ुद्दीन से सम्मानित किया जाएगा।

मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी को यह सम्मान दोनों देशों के बीच संबंध प्रगाढ़ करने के लिए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत ने जिस प्रकार मालदीव की सहायता की उसके लिए मालदीव आभार प्रकट करता है।

प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी श्री लंका और मालदीव की यात्रा पर हैं। यह उनके दूसरे कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा है। मोदी विगत आठ वर्षों में मालदीव की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इस द्विपक्षीय यात्रा का उद्देश्य मालदीव के साथ भारत की सामरिक साझेदारी स्थापित करना है। इससे चीन के प्रभुत्व को कम करने में मदद मिलेगी। मालदीव यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी वहाँ की पार्लियामेंट ‘मजलिस’ को भी संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह विश्व के दूसरे शासनाध्यक्ष होंगे। पिछले महीने ही मालदीव की पार्लियामेंट ने यह प्रस्ताव पारित किया था।

इससे पहले नरेंद्र मोदी भूटान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, फिजी, मॉरीशस, श्री लंका, मंगोलिया, अफ़ग़ानिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन, और युगांडा की पार्लियामेंट को संबोधित कर चुके हैं। उन्हें रूस, संयुक्त अरब अमीरात, अफ़ग़ानिस्तान और सऊदी अरब का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। उन्हें 2018 में सिओल पुरस्कार भी मिल चुका है।

अलीगढ़ मर्डर केस में तीसरा आरोपित मेंहदी हसन भी गिरफ्तार, वकील नहीं लड़ेंगे केस

अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम बच्ची सोनम (बदला हुआ नाम) की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार (जून 8, 2019) को तीसरे आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने जिसे पकड़ा है, वह आरोपित जाहिद का भाई मेंहदी हसन है। आरोपित से हत्या के मामले में पूछताछ की जा रही है। जिस दिन बच्ची का शव मिला था, उसी दिन मेंहदी हसन को भीड़ ने पकड़ा था लेकिन वह फरार होने में कामयाब हो गया था। मेंहदी से पहले इस मामले में जाहिद और असलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि महज ₹10 हजार के लिए उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। बच्ची के पिता ने आरोपित से ₹50 हजार उधार लिए थे, जिसमें से ₹10 हजार वो वापस नहीं कर पा रहे थे। इस बात को लेकर बच्ची के पिता और आरोपियों के बीच कहा-सुनी हुई और फिर आरोपियों ने बदला लेने के लिए ढाई साल की मासूम सी बच्ची की निर्ममता से हत्या कर दी।

वहीं, बच्ची का पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल हदला देने वाली है। पोस्टमार्टम में सामने आया है कि बुरी तरह से पिटाई के कारण उसकी छाती के बाएँ हिस्से में चोट थी। उसकी सारी पसलियाँ टूटी हुई थीं। बाएँ पैर में फ्रैक्चर, सर में गंभीर चोट, एक हाथ शरीर से कटा हुआ था। इसके अलावा बच्ची के दोनों आँखों के टिशू बुरी तरह से खराब हो चुके थे। मासूम को इस कदर मारा गया था कि उसका नोजल ब्रिज (नाक और माथे को जोडने वाली हड्डी) टूट गई थी। उसके शरीर में कीड़े पड़े हुए थे, जिसके कारण मासूम की हड्डी भी एक्सपोज़ हो रही थी।

इस केस में ताज़ा समाचार मिला है कि अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि वो आरोपितों का केस नहीं लड़ेंगे। बार एसोसिएशन की माँग है कि आरोपितों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।

पहाड़ों में ड्रोन का कमाल, 100 Km/h की रफ्तार से पहुँचाया ब्लड सैंपल

एक मानव रहित विमान (ड्रोन) ने एक इतिहास रच दिया है। ड्रोन के माध्यम से शुक्रवार (7 जून) को टिहरी ज़िले के एक दुर्गम स्थान से 30 किलोमीटर दूर ख़ून के नमूने सफलतापूर्वक पहुँचाए गए। यह प्रयोग एक अनूठे प्रयोग के रूप में हमेशा यादगार रहेगा। इसकी सफलता से ग्रामीण इलाक़ों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों में क्रांति आ सकती है। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, ड्रोन ने नंदगाँव और टिहरी के बीच लगभग 18 मिनट में 30 किमी की दूरी तय की। इसका मतलब है कि ड्रोन लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से यात्रा करने में सक्षम था।

टिहरी अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा, “यह एक सफल परीक्षण था। अस्पताल 30 किमी दूर था, लेकिन ब्लड 18 मिनट के भीतर पहुँचाया गया। यह दूरदराज़ के क्षेत्रों में रोगियों के लिए मददगार साबित होगा।” उन्होंने बताया कि यह प्रयोग सुदूर क्षेत्रों में रक्त की आपूर्ति को अनुकूल बनाने के तरीकों की खोज के लिए किया गया था।

ख़बर के अनुसार, सड़क मार्ग से इन ब्लड सैंपल को अस्पताल तक पहुँचाने में जितना समय लगता उससे बहुत कम समय में ड्रोन ने यह कमाल कर दिखाया। ज़िला अस्पताल के चीफ़ मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. एस एस पंगती ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया कि यह प्रयोग डिहरी गढ़वाल में चल रहे टेलि-मेडिसिन प्रोजेक्ट का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा, “ड्रोन ने नंदगाँव पीएचसी से बुराड़ी हॉस्पिटल तक की 36 किलोमीटर की दूरी महज 18 मिनट में पूरी की, जबकि सड़क के जरिए यहाँ तक पहुँचने में 70 से 100 मिनट तक लगते हैं। ड्रोन में ब्लड सैंपल के अलावा एक कूलिंग किट भी थी ताकि सैंपल ख़राब न हो जाएँ।”


यह प्रयोग टेलि-मेडिसिन प्रोजेक्‍ट का एक हिस्‍सा था (तस्वीर सौजन्य: ANI)

ड्रोन में ब्‍लड सैंपल के अलावा एक कूलिंग किट भी थी (तस्वीर सौजन्य: ANI)

जानकारी के अनुसार, इस ड्रोन को सीडी स्पेस रोबॉटिक्स लिमिटेड नाम की एक फ़र्म ने बनाया था और इसके मालिक निखिल उपाधे हैं जो आईआईटी कानपुर के छात्र रह चुके हैं। उपाधे के अनुसार, “हमने जो ड्रोन बनाए हैं उनमें कूलिंग किट के साथ-साथ आपातकालीन दवाओं और ब्लड यूनिट को ट्रांसपोर्ट करने की क्षमता है।” उन्होंने बताया कि एक ड्रोन को बनाने में क़रीब 10 लाख रुपए का ख़र्च आने का अनुमान है। साथ ही उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी कि आने वाले कुछ हफ़्तों में आपातकालीन दवाओं को इसी तरह भेज कर ट्रायल रन किया जाएगा।

मुहम्मद सलीम पर आठ साल की बच्ची से बलात्कार का आरोप, बच्ची अस्पताल में भर्ती

बाराबंकी के टिकैतनगर में मुहम्मद सलीम नामक व्यक्ति पर आठ साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के हवाले से 40 साल का बताया जा रहा आरोपित पीड़ित बच्ची समेत गाँव के बच्चों को बाग़ घुमाने ले गया था। वहाँ से उसने अन्य बच्चों को घर वापिस पहुँचा दिया, और पीड़िता को अपने साथ ले जाकर बलात्कार किया।

बच्चों ने बताया, अपने साथ ले गया है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब सलीम बच्ची को अन्य बच्चों के साथ अपनी गाड़ी में बाग घुमाने ले जा रहा था तो बच्ची की माँ ने विरोध भी किया था। इस पर सलीम ने वादा किया कि आधे घंटे में बच्चों को वापिस ले आएगा। बाकी बच्चे तो वापिस आ गए लेकिन पीड़िता वापिस नहीं आई। जब उसके पिता ने बाकी बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि पीड़िता बच्ची को तो सलीम अपने साथ ले गया है।

लहूलुहान बच्ची पहुँची घर, अस्पताल में भर्ती

रात आठ बजे के आस-पास लहूलुहान बच्ची घर पहुँची और अपनी माँ को बताया कि सलीम ने उसके साथ बलात्कार किया है। बच्ची के पिता ने थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। तहरीर पर कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष दुर्गेश मिश्र ने सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बच्ची को भी जिला अस्पताल में भर्ती और उसका मेडिकल कराया गया है। पहले बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था जहाँ महिला चिकित्सक नहीं मिली

उभरते हुए क्रिकेट स्टार की हत्या में शामिल सोहेल खान पर चुप क्यों है मीडिया!

मुंबई के भांडुप इलाक़े में क्रिकेटर राकेश अंबादास पवार की शुक्रवार (7 जून) को सुबह चंदनवाड़ी गाँव की सड़क पर एक पेट्रोल पंप पर तीन अज्ञात व्यक्तियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी।

सोशल मीडिया यूजर ने क्रिकेट स्टार की हत्या पर बॉलीवुड, NDTV और The Print के ख़िलाफ़ तीखी प्रतिक्रिया दर्ज करते हुए लिखा कि एक स्थानीय क्रिकेट स्टार राकेश पवार को सोहेल ख़ान (18) और आसिफ़ ख़ान (48) द्वारा सार्वजनिक स्थल पर मार डाला गया। पवार को एक चॉपर जैसे हथियार से बेरहमी से काट दिया गया! हालाँकि मिड-डे की खबर के मुताबिक केवल सोहैल का नाम सामने आया है जिसे उसी चॉल में रहने वाली राधिका की भतीजी ने देखा था। राकेश के भाई रवि को खान भाईयों पर पूरा शक है।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की सुबह लगभग 12.30 बजे, राकेश पवार, जो कि युवा खिलाड़ियों के कोच भी हुआ करते थे, एक अज्ञात महिला मित्र के साथ अपनी बाइक पर महावीर पेट्रोल पंप पर गए थे, वहाँ पहले से उनका इंतज़ार कर रहे तीन व्यक्तियों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया

पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने गंभीर अवस्था में घायल पवार को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उन्हें कुछ घंटों के बाद मृत घोषित कर दिया गया। भांडुप पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया किया है और अपराध शाखा इस हत्या मामले की जाँच में जुट गई है।

पुलिस ने इस बात की भी जानकारी दी कि क्रिकेटर की हत्या मामले में उस अज्ञात महिला के भी बयान दर्ज कर रही है जो उसके साथ घटना स्थल पर मौजूद थी। एक अधिकारी ने कहा, “उससे पूछताछ की जा रही है।” पुलिस को शक़ है कि क्रिकेटर की हत्या के लिए पहले से योजना बनाई गई थी। पुलिस पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

PM मोदी तोड़ेंगे कॉन्ग्रेस का रिकॉर्ड, 2047 तक सत्ता में रहेगी BJP: राम माधव

भारतीय जनता पार्टी दूसरी बार प्रचंड जीत हासिल करके सत्ता में वापस आई है। इस जीत के बाद भाजपा महासचिव राम माधव ने शुक्रवार (जून 7, 2019) को त्रिपुरा में पार्टी कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सत्ता में सबसे ज्यादा समय तक रहने के कॉन्ग्रेस के रिकॉर्ड को तोड़ देगी और 2047 तक सत्ता में बनी रहेगी। बीजेपी नेता ने कहा, “यदि कोई पार्टी सबसे ज्यादा सत्ता में रही है तो वह कॉन्ग्रेस है। कॉन्ग्रेस ने 1950 से 1977 तक देश में शासन किया है। मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि मोदी जी ये रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। 2047 में आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करने तक बीजेपी सत्ता में काबिज रहेगी।”

राम माधव ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 5 वर्षों में सांप्रदायिक अशांति, भ्रष्टाचार को रोकने, आर्थिक स्थिरता लाने और एक मजबूत भारत का निर्माण करने में कामयाब रही, जिसकी वजह से पार्टी को प्रचंड जीत मिली है। उन्होंने कहा कि संसद तक पहुँचने के लिए उनकी पार्टी ने सेना की उपलब्धियों का सहारा नहीं लिया।

इस दौरान भाजपा महासचिव ने कहा कि पीएम मोदी की भाजपा इस देश का वर्तमान है और भविष्य में भी पीएम मोदी की भाजपा ही होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी 2022 में एक नए भारत का निर्माण करेगी, जहाँ न तो कोई बेघर नहीं होगा और न ही कोई बेरोजगार होगा। आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत एक विश्व गुरु के रुप में उभरकर सामने आएगा। इसके साथ ही उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रवाद भाजपा के डीएनए में है, इसी से भाजपा की पहचान है। चाहे चुनाव हो या न हो, भाजपा का मतलब राष्ट्रवाद और राष्ट्रवाद का मतलब भाजपा है।

The Hindu को तमाचा: 11 घंटे में 510 लोगों ने अक्षयपात्र को दान किए ₹21 लाख

पत्रकारिता के समुदाय विशेष (मुख्यतः The Hindu और ईसाई फे डिसूज़ा के सम्पादन में चलने वाला Mirror Now) के द्वारा इस्कॉन/गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के एनजीओ ‘अक्षय पात्र फाउंडेशन’ के खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार को भारत ने बड़ा तमाचा मारा है। अपने धार्मिक आग्रहों को बच्चों की भोजन जरूरतों की कीमत पर थोपने का आरोप लगाने वाले The Hindu के लेख और फे डिसूज़ा द्वारा इसी मुद्दे पर अक्षय पात्र पर कीचड़ उछालने की कोशिश के बाद लेखक, वैज्ञानिक और स्वराज्य पत्रिका के स्तम्भकार आनंद रंगनाथन की अपील पर 510 लोगों ने 11 घंटे में अक्षय पात्र फाउंडेशन को ₹21 लाख का दान दिया है, कुछ ने तो अपनी पॉकेट मनी तक दान कर दी।

रंगनाथन की अपील, बातें नहीं पैसे से ठोस समर्थन दिखाओ

The Hindu ने दो-चार बच्चों की प्याज-लहसुन के बिना पकाए गए खाने की नापसंदगी को पूरे कर्नाटक के बच्चों द्वारा अक्षय पात्र के मिड डे मील को ख़ारिज करने की कहानी रचते हुए लेख छापा था। इस पर ऑपइंडिया समेत देश के अधिकाँश हिस्सों से तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।

इसके बाद Mirror Now की सम्पादिका फे डिसूज़ा ने भी इस पर The Hindu सरीखा ही प्रोग्राम किया।

इसके बाद आनंद रंगनाथन ने अक्षय पात्र के समर्थकों से अपील की कि केवल जबानी समर्थन देने की बजाय अक्षय पात्र के कार्य के समर्थकों को अपना पैसा अपने समर्थन के रूप में लगाना चाहिए। तभी हिन्दूफ़ोबिक गिरोहों को जवाब मिलेगा।

उनकी इस अपील के बाद समर्थकों ने अक्षय पात्र को भारी मात्रा में दान भेजना शुरू कर दिया। महज़ 11 घंटे के अंतराल में अक्षय पात्र को 510 सोशल मीडिया यूज़र्स ने ₹21 लाख दान कर दिए। जहाँ एक अनाम दानदाता ने ₹2 लाख अकेले दान किए, वहीं पूरी दान राशि का औसत ₹3800 प्रति व्यक्ति के आसपास रहा। स्वराज्य पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार एक व्यक्ति ने तो एक दूसरे व्यक्ति की ओर से भी दान किया, जब उसे पता चला कि वह व्यक्ति अक्षय पात्र फाउंडेशन का समर्थक तो है लेकिन आर्थिक मजबूरी के चलते दान करने में अक्षम है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के सम्पादक सुनील जैन ने भी मुहिम में हिस्सा लिया।

लोगों के इस भारी समर्थन के लिए आंनद रंगनाथन ने उन्हें धन्यवाद करते हुए ट्वीट किया:

अक्षय पात्र ने हाल ही में अपना 300 करोड़-वाँ मिड डे मील परोसा था। इस उपलक्ष्य में वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में उसके कार्यक्रम में उपस्थित हो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 20 बच्चों को खाना खिलाया

गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की तुलना किम जोंग उन से करते हुए कही ये बड़ी बातें

गुरुवार (जून 7, 2019) को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के द्वारा भाजपा के विजय जुलूस पर प्रतिबंध लगाए जाने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार (जून 7, 2019) को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना उत्तर कोरिया के तानाशाह नेता किम जोंग उन से कर दी। गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए उसी तरह की क्रूरता पर उतर आई हैं, जैसा कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन करते हैं। उन्होंने कहा कि वो (ममता) किम जोंग उन का किरदार निभा रही हैं, जो भी आवाज उठाता है, उसकी हत्या कर दी जाती है। किसी को ‘विजय यात्रा’ निकालने की अनुमति नहीं मिलती है। जनता उनकी उल्टी गंगा का जुलूस निकाल देगी। उनके श्राद्ध का जुलूस निकाल देगी।

गिरिराज सिंह ने कहा कि कि ममता बनर्जी जिस तरह से शासन चला रही हैं उसे देखकर ऐसा लगता है कि जैसे उनको संविधान में विश्वास ही नहीं हैं। वो प्रधानमंत्री को भी प्रधानमंत्री नहीं मानती हैं, लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती हैं, वो सिस्टम में नहीं आना चाहतीं। मगर अब लोग विकास चाहते हैं और उनकी (ममता) उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

गौरतलब है कि, इससे पहले ममता बनर्जी ने नीति आयोग को लेकर अपनी नाराजगी प्रकट की थी। उन्होंने 15 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की होने वाली बैठक में शिरकत करने से इनकार करते हुए इसे निरर्थक बताया था और कहा कि नीति आयोग के पास कोई वित्तीय अधिकार नहीं है और ना ही आयोग के पास राज्य की योजनाओं को समर्थन देने अधिकार है ऐसे में उनका बैठक में भाग लेना बेकार है।

ICC ने ‘बलिदान बैज’ वाले ग्लव्स को नहीं दी मंजूरी, अब क्या करेंगे धोनी?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को वर्ल्ड कप के आने वाले मुकाबलों में ‘बलिदान बैज’ लगे हुए ग्लव्स पहनकर खेलने की इजाजत देने से मना कर दिया है। आईसीसी ने कहा कि नियमों के मुताबिक, खिलाड़ी के कपड़ों या उनके खेल के सामनों पर कोई भी व्यक्तिगत संदेश या लोगो लगाने की इजाजत नहीं है। इसके साथ ही ये विकेटकीपर के ग्लव्स पर लागू नियम के भी खिलाफ है। नियम के मुताबिक, विकेट कीपिंग के प्रत्येक दस्ताने पर बनाने वाली कंपनी के दो लोगो लगाने की इजाजत है।

दरअसल, बुधवार (जून 5, 2019) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में धोनी जो ग्लव्स पहनकर विकेटकीपिंग करने उतरे थे, उस पर भारतीय सेना की स्पेशल फ़ोर्स का ‘बलिदान बैज’ का लोगो लगा था। गुरुवार (जून 6, 2019) को आईसीसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए बीसीसीआई से धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स से ‘बलिदान बैज’ को हटाने के लिए कहा था। जिसके बाद शुक्रवार (जून 7, 2019) को बीसीसीआई ने आईसीसी को पत्र लिखकर धोनी को ‘बलिदान बैज’ लगे ग्लव्स पहनकर विकेटकीपिंग करने की इजाजत देने की माँग की थी। मगर आईसीसी ने नियमों का हवाला देते हुए इजाजत देने से इनकार कर दिया है।

हालाँकि, इस मामले में धोनी को केंद्रीय मंत्री और खेल जगत का भी साथ मिला। पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जनरल वी के सिंह ने धोनी का समर्थन करते हुए कहा था, “धोनी के दस्ताने पर बलिदान बैज से उनका सुरक्षाबलों के प्रति प्यार और आदर झलकता है। आईसीसी को यह समझना चाहिए कि यह राजनीतिक, धार्मिक और नस्ल से जुड़ा हुआ मामला नहीं है बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का विषय है।”

खेल मंत्री किरण रिजूजू ने ट्वीट करते हुए कहा था कि सरकार खेल निकायों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है, वे स्वायत्त हैं। लेकिन जब मुद्दा देश की भावनाओं से जुड़ा होता है, तो राष्ट्र के हित को ध्यान में रखना होता है। इसके साथ ही उन्होंने बीसीसीआई से इस मामले में उचित कदम उठाने का आग्रह किया था।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी धोनी के समर्थन में आए और उन्होंने धोनी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें सच्चा देशभक्त बताया। उन्होंने कहा, “धोनी सिर्फ एक क्रिकेटर ही नहीं हैं। वह एक सच्चे राष्ट्रभक्त हैं। वह अन्य हस्तियों की तरह नहीं हैं, जिनका देश के प्रति प्रेम नहीं है। वह एक देशभक्त हैं और अपने देश के गौरव के लिए प्रतिबद्ध हैं।”