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बड़े नाम: नरेंद्र मोदी, साध्वी प्रज्ञा, रवि किशन आगे, शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे

वाराणसी से नरेंद्र मोदी 11000 वोटों से आगे चल रहे हैं।

भोपाल में बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा 10000 वोटों से आगे हैं।

पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद आगे चल रहे हैं। बॉलीवुड हीरो-कम-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा रह गए पीछे।

योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट गोरखपुर से रवि किशन 16000 वोटों से आगे।

अमेठी से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पीछे चल रहे हैं। पोस्टल बैलट की शुरुआती रुझान में स्मृति इरानी राहुल से आगे निकल गई हैं। वायनाड से राहुल के लिए थोड़ी राहत की खबर है – लीड कर रहे हैं।

रायबरेली से सोनिया गाँधी आगे चल रही हैं।

भोपाल से साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं। दिग्विजय सिंह शुरुआती रुझानों में पिछड़ गए हैं।

कॉन्ग्रेस के बड़े चेहरे में से एक शशि थरूर केरल के थिरुअनंतपुरम से पीछे चल रहे हैं।

ऐतिहासिक: भाजपा का तिहरा शतक, हाफ-सेंचुरी पर सिमटी कॉन्ग्रेस

कुछ ही देर में लोकसभा चुनावों के रुझान आने शुरू हो जाएँगे और कौन किस स्थिति में होगा सरकार बनाने के, यह स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा। हाल ही में आए एग्जिट पोल के हिसाब से 10 में से 9 एग्जिट पोल ने भाजपा और समर्थित पार्टियों को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाया था। इसके बाद कई पार्टियों ने EVM पर सवाल उठाने शुरू कर दिया जिससे कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया दी कि शायद ये उनके हार की स्वीकृति है।

14:06 ताजातरीन आँकड़ो के अनुसार भाजपा समर्थित NDA ने पहली बार रुझानों में 350 की संख्या पार कर ली। अब NDA 352 सीट पर आगे है, UPA 92 सीट पर, सपा-बसपा 20 सीट पर और अन्य पार्टियाँ 78 सीटों पर बढ़त बना कर चल रही है। BJP 300 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है।

12:12 भाजपा समर्थित NDA को 344, UPA को 93, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 80 सीटों पर बढ़त है।

11:42 बंगाल में अब तक कुल 40 सीटों में तृणमूल 21 सीटों पर, बीजेपी 17 सीटों पर और कॉन्ग्रेस 2 सीट पर आगे है।

11:38 लगभग सारे सीटों के रुझान आ गए हैं और भाजपा समर्थित राजग को 335, UPA को 103, सपा-बसपा गठबंधन को 24 और अन्य पार्टियों को 83 सीटों पर बढ़त है।

10:38 रिपब्लिक टीवी के ताजा आँकड़ो के अनुसार 328 सीटों पर NDA आगे, UPA 107 पर बढ़त बनाए हुए है। सपा-बसपा गठबंधन 25 पर चल रही है आगे।

ECI की साइट से ताजा रुझान

10:07 ABP आनंद के अनुसार, ताजा रुझानों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस 20 सीटों पर, बीजेपी 15 सीटों पर और कांग्रेस 2 सीट पर आगे चल रही है। अभी तक कुल 37 सीटों के रुझान आ चुके हैं।

NDTV ने 327 सीटों पर भाजपा को बढ़त दिखाई

9:42 ZEE न्यूज़ के मुताबिक 464 सीटों के रुझानों में बीजेपी 300 और कांग्रेस 101 सीटों पर आगे, अन्य 72 सीटों पर आगे

9:33 महागठबंधन (सपा-बसपा) को उत्तर प्रदेश में 27 सीटों पर बढ़त मिल रही है। बाकी रुझान में 183 पर NDA आगे, 99 पर UPA, अन्य को 62 पर बढ़त है। गिरिराज सिंह बेगूसराय में आगे हैं, स्मृति ईरानी अमेठी में राहुल गाँधी से आगे हैं। वहीं सोनिया गाँधी 600 मतों से पीछे हो गई हैं रायबरेली में।

9:17 अभी तक आए रुझानों के मुताबिक 122 पर NDA आगे, 91 पर UPA को बढ़त

9:02 ABP आनंद के अनुसार पश्चिम बंगाल में TMC को 6, BJP को 3, और कॉन्ग्रेस को 2 सीटों पर बढ़त। आसनसोल से भाजपा के बाबुल सुप्रियो आगे चल रहे हैं।

8:56 पहली बार सौ से ज़्यादा सीटों के रुझान आ चुके हैं जहाँ 112 सीटों में 61 पर NDA, 21 पर UPA और 30 पर अन्य को शुरुआती बढ़त है।

8:46 ताजा आँकड़ों के अनुसार 64 में से 38 पर NDA आगे चल रही है। बड़े नामों में राहुल गाँधी अमेठी में शुरुआती बढ़त के बाद पिछड़े; शशि थरूर भी तिरुवनंतपुरम में पीछे; कन्हैया भी पीछे।

8:36 43 में से 24 पर NDA, 15 पर UPA और 4 पर अन्य आगे चल रहे हैं। राजस्थान और गुजरात की सारी सीटों पर NDA आगे।

8:27 7 राज्यों में भाजपा को बढ़त, रिपब्लिक टीवी और C-Voter के अनुसार 32 में से 17 पर NDA, 13 पर UPA और 2 पर अन्य आगे चल रहे हैं

8:25 पश्चिम बंगाल में 5 में 4 सीटों पर BJP आगे चल रही है।

8:16 शुरुआती रुझानों में भाजपा 9 में 8 सीटों पर आगे चल रही है। रिपब्लिक टीवी के अनुसार भोपाल में साध्वी प्रज्ञा आगे चल रही हैं।

8:00 मतगणना शुरू हो चुकी है और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती हो रही है। CNN News 18 के अनुसार पोस्टल बैलेट में भाजपा 6 सीट पर आगे है। हालाँकि, इन रुझानों का कोई ख़ास मतलब नहीं होता।

7:47 महागठबंधन की पार्टियों ने अजीब सी डिमांड रखी है जहाँ उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता तो उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। ये किस आधार पर कहा गया ये तो नहीं पता लेकिन जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलती हैं उन्हें ही सरकार बनाने का आमंत्रण मिलने की परंपरा रही है।

7:30 लोकसभा चुनाव परिणामों के साथ ही तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा के विधानसभा चुनावों के परिणाम भी आज ही आएँगे।

7:25 वोटों की गिनती 8 बजे से शुरू होगी और EVM से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। सबसे अंत में VVPAT की पर्चियों का EVM में दर्ज संख्या से मिलान होगा। यूँ तो दिन ख़त्म होने तक ही सारे नतीजे स्पष्ट होंगे, लेकिन दोपहर 12-1 बजे तक के रुझान से पता चल जाएगा कि सरकार किसकी बनेगी।

7:15 कॉन्ग्रेस और वाड्रा परिवार यूँ तो पूजा-पाठ में व्यस्त हैं वहीं कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने कहा है कि उनकी पार्टी आश्वस्त है कि लोकसभा चुनावों के नतीजे उनकी पार्टी के पक्ष में आएँगी और राहुल गाँधी प्रधानमंत्री बनेंगे।

19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार पर चुनाव नतीजों से कुछ घंटों पहले चली अंधाधुंध गोलियाँ

थोड़ी ही देर में मतगणना शुरू होने वाली है और नतीजे स्पष्ट होने लगेंगे, लेकिन इसी बीच ओडिशा से खबर है कि वहाँ की अकसा विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मनोज जेना पर अज्ञात हमलावरों ने लगातार गोलियाँ चलाई। देर रात हुए हमले के कारण प्रत्याशी की हालत नाजुक बताई जाती है। उन्हें उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती किया गया है।

ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ हो रहे हैं। बताया जाता है कि जेना अपने मित्र के साथ मोटर साइकिल से जा रहे थे जब चार हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमले की जाँच जारी है। कहा जा रहा है की हमले की वजह आपसी रंजिश है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

7 तरीकों से मैंने देखा, मोदी की जीत तय: बेजान दारुवाला की भविष्यवाणी

चुनावों के नतीजे थोड़ी ही देर में सामने आने लगेंगे और रुझानों से 11 बजे तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि किस पार्टी या गठबंधन को जनादेश मिलेगा। हालाँकि, हम भारतवासियों को हर तरह से नतीजे पता करने का कुतूहल होता है। इसी सन्दर्भ में प्रसिद्ध ज्योतिषशास्त्री बेजान दारुवाला ने जो भविष्यवाणी की थी हम वो बताने जा रहे हैं।

बेजन दारूवाला ने न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में NDA को बहुमत मिलेगा और वो मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएँगे। उन्होंने कहा था कि जिन 7 मानदंडों पर वो राहुल गाँधी और मोदी को आँक रहे हैं, उनके सितारे बताते हैं कि इस बार भी मोदी की ही जीत होने वाली है।

इससे पहले, 19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।

न सिर्फ मीडिया और अन्य संस्थानों के एग्जिट पोल, बल्कि कॉन्ग्रेस का खुद का एग्जिट पोल भाजपा-नीत एनडीए को 272 के बहुमत के आँकड़े के करीब 230 के आस-पास सीटें दे रहा है। भाजपा को भी 200 के करीब सीटें मिलने की उम्मीद है। इसके उलट पूरा यूपीए मिल कर भी इस सर्वे में 200 का आँकड़ा नहीं छू पा रहा है। कॉन्ग्रेस खुद 140 पर सिमटती हुई नजर आ रही है। 

चुनाव परिणामों को लेकर AAP नेता ने दी दंगों, गृह युद्ध की धमकी

ग्रेटर कैलाश से आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भरद्वाज ने लोकसभा निर्वाचन 2019 के नतीजों पर गृह युद्ध और भारी संख्या में दंगों की धमकी दी है। इसका ठीकरा भी उन्होंने निर्वाचन आयोग के ही सर फोड़ने की कोशिश की है। इसी मामले के लिए उन्होंने आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की भी घोषणा की थी जो अभी तक हुई नहीं है।

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि अगर निर्वाचन आयोग पहले जीतने और हारने वाले की घोषणा कर देगा और इसके बाद VVPAT वाला मिलान करेगा (और इस मिलान में कहीं नतीजा उलट गया तो) तो इससे पहले हार और जीत चुके नेताओं और उनके समर्थकों के नए नतीजों को न मानने की आशंका है। इस निर्णय से देश में गृहयुद्ध और भारी संख्या में दंगे होंगे।

कपिल मिश्र और तेजस्वी सूर्या ने लिया आड़े हाथों

सौरभ भरद्वाज के इस बयान को सोशल मीडिया पर आड़े हाथों लिया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के ही विधायक कपिल मिश्र और भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या ने उन्हें सोशल मीडिया पर घेरते हुए इस बयान की आलोचना की है।

दंगों की धमकी दे रहे नेताओं की बाढ़

19 मई को मतदान समाप्त होने और एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के अनुमान के बाद से विपक्षी नेताओं में हिंसा की धमकी की बाढ़ सी आ गई है। पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मनमुताबिक परिणाम न आने पर सड़कों पर खून बहाने की धमकी दी, फिर सीताराम येचुरी ने कानून व्यवस्था की चिंता की आड़ लेकर यही प्रयास किया, और अंत में गृह मंत्रालय को कल परिणामों की घोषणा के समय भारी हिंसा की आशंका को देखते हुए सभी राज्यों को हाई अलर्ट जारी करना पड़ा।


‘सबसे बड़े दलित नेता’ उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर लगाया धाँधली का आरोप, EVM से हैं नाराज़

कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने अपनी पार्टी व विपक्ष की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए अब सीधा सुप्रीम कोर्ट पर ही हमला बोला है। उदित राज ने ट्विटर के माध्यम से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट आख़िर क्यों नहीं चाहता कि सारे ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान हो? इसके बाद उन्होंने देश की शीर्ष अदालत पर ही कथित धाँधली में शामिल होने का आरोप लगा दिया। उदित राज ने साथ ही मतगणना की प्रक्रिया को और लम्बी खींचने की पैरवी करते हुए कहा कि ऐसे भी इतने महीनों से सरकारी काम-काज ठप्प पड़ा है, 2-3 दिन और सही। उदित राज का विवादस्पद बयान देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है और कॉन्ग्रेस में शामिल होने के बाद वह नित नए रिकार्ड्स बना रहे हैं।

इससे पहले उदित राज ने कहा कि चुनाव आयोग बिक चुका है और लोगों को सड़क पर निकल कर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने देश को ‘अंग्रेजों के ग़ुलाम’ से बचाने की अपील की। इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा भी ख़ूनख़राबे की धमकी दे चुके हैं। वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी क़ानून व्यवस्था बिगड़ने की धमकी दी है। कुशवाहा के बिगड़े बोल पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि ‘जैसे को तैसा‘ जवाब दिया जाएगा। नेताओं द्वारा ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी माँगे ठुकराए जाने के बाद लगातार धमकी भरे बयान दिए जा रहे हैं।

विपक्ष की माँग थी कि सभी ईवीएम के साथ वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़, प्रति विधानसभा पाँच बूथ के ईवीएम और वीवीपैट का मिलान किया जाना है। विपक्ष लगातार अपनी माँग पर अड़ा हुआ है और चुनाव आयोग से मतगणना प्रक्रिया में बदलाव करने को कह रहा है, जिसे नकार दिया गया है।

हाल ही में उदित राज ने ट्विटर पर लिखा कि केरल में भाजपा आज तक एक भी सीट इसीलिए नहीं जीत पाई क्योंकि वहाँ के लोग अंधभक्त न होकर शिक्षित हैं। इसके बाद उनकी ख़ासी आलोचना हुई थी। ट्विटर पर लोगों ने पूछा था कि क्या उदित राज को 2014 में जिताने वाली दिल्ली की जनता भी अशिक्षित थी? गुरुवार (मई 23, 2019) को लोकसभा चुनाव के परिणाम आने वाले हैं और विपक्ष के नेता अपने पक्ष में परिणाम न आने की आशंका से नाराज़ हैं।

ब्रह्मोस का सुखोई MKI-30 से सफल परीक्षण, दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों को निर्यात की तैयारी

रक्षा मंत्रालय द्वारा आज शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वायु सेना ने ब्रह्मोस मिसाइल के हवाई संस्करण का आज सफल परीक्षण किया है। सुखोई एमकेआई-30 से दागी गई यह मिसाइल विज्ञप्ति के मुताबिक जमीन पर स्थित अपने निर्धारित लक्ष्य को भेदने में सफल रही। मिसाइल की डिजाइनिंग और विकास भारत-रूस के संयुक्त तत्वाधान में बनी कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) ने किया है। परीक्षण में नौसेना ने भी फायरिंग रेंज को खाली रखते हुए सहयोग किया।

पिछले साल अपनी श्रेणी की पहली बनी थी वायु सेना

पिछले ही साल भारतीय वायु सेना ने 2.5 टन की इस सुपरसोनिक (आवाज़ की गति से तेज चलने वाली) मिसाइल को 2.8 मैक (ध्वनि के अनुपात में गति नापने की इकाई) से हवा से पानी की सतह पर टेस्ट फायर किया गया था। 22 नवंबर, 2017 को ऐसा कर, ऐसी हवा से सतह पर हमला करने में सक्षम क्रूज़ मिसाइल से ऐसी क्षमता पाने वाली पहली वायु सेना बनी थी।

मिसाइल की शुरुआत से ही वायु सेना इसके विकास के हर कदम पर इसमें शामिल रही है। उसके इंजीनियरों ने मिसाइल का सॉफ्टवेयर भी बनाया था। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) ने मिसाइल के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्सों पर काम किया था

दूसरे देश भी दिखा रहे रुचि  

BAPL के मुख्य मानव संसाधन महाप्रबंधक (चीफ जनरल मैनेजर, एचआर) कमोडोर एसके अय्यर ने पिछले हफ्ते यह जानकारी मीडिया को दी थी कि इस मिसाइल को खरीदने में कई दक्षिणपूर्वी एशियाई और खाड़ी देशों ने रुचि दिखाई है। उन्होंने यह जानकारी IMDEX 2019 प्रदर्शनी में भागीदारी के दौरान दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों को यह मिसाइल निर्यात किए जाने में केंद्र सरकार और उन देशों के बीच सहमति बनने की देर है।

मतगणना के दिन हिंसा की आशंका पर गृह मंत्रालय ने राज्यों के DGP को किया अलर्ट

लोकसभा चुनाव का परिणाम कल (मई 23, 2019) को आने वाला है। एग्जिट पोल के हिसाब से बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है। ऐसे में विपक्ष के कई नेताओं के खून खराबे के बयान के मद्देनज़र, और गृह मंत्रालय के आन्तरिक रिपोर्ट के आधार पर, राज्यों के DGP और मुख्य सचिव को कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है।

गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेश में राज्यों को कहा गया कि वे मतगणना के दौरान स्ट्रॉग रूम और मतगणना के स्थानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करें। लोकसभा चुनाव के मतों की गणना 23 मई को सुबह 8 बजे से होगी।

गृह मंत्रालय का अलर्ट ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “वोट की रक्षा के लिए जरूरत पड़े तो हथियार भी उठाना चाहिए।” केंद्रीय मंत्री और बिहार में बीजेपी के सहयोगी राम विलास पासवान ने कुशवाहा की चेतावनी पर जैसे को तैसा वाली जवाबी कार्यवाही की बात कही है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले पाँच साल तक देश में शांतिपूर्ण माहौल के मद्देनज़र, इस समय एग्जिट पोल से विपक्ष में उपजी हताशा को ध्यान में रखकर, किसी तरह की हिंसा को रोकने के लिए, पहले से ही सावधानी बरतने की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।

लोकतंत्र में ‘खतम सिंह’ विपक्ष की वजह से सिर्फ व्यंग्य ही सच हो रहे हैं और दावे गलत

लोकतंत्र के त्यौहार का आखिरी चरण यानी, काउंटिंग और नतीजे आने में 24 घंटे से भी कम समय बाकी है। यदि एग्जिट पोल की मानें तो कॉन्ग्रेस मुक्त भारत जैसे नारे देने वाले नरेंद्र मोदी इस लक्ष्य में लगभग सफल होते दिख रहे हैं। लेकिन, देश को कॉन्ग्रेस मुक्त करने में जो भूमिका खुद कॉन्ग्रेस ने निभाई है, उसका मूल्य भाजपा शायद ही कभी अदा कर पाएगी।

हालात ये हैं कि आज के समय में इस देश में विपक्ष का योगदान मात्र मजाक परोसने तक सीमित हो चुका है। साधारण शब्दों में कहें तो विपक्ष यानी, कॉन्ग्रेस यानी भरपूर हास्य और मनोरंजन का पर्याय बन कर रह गई है।

अगर हम याद करें तो एक ओर जहाँ भाजपा लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिर्फ और सिर्फ जनता के मुद्दों को प्रमुख मानती रही वहीं, दूसरी ओर विपक्ष अपनी सारी ऊर्जा मोदी घृणा में व्यर्थ करती नजर आई। आखिरकार नतीजा ये निकला कि मोदी एक महामानव के रूप में स्थापित हो गए और विपक्ष मात्र एक ट्रोल और हास्य का विषय बनकर सिमटता ही चला गया।

यूट्यूब पर अपने व्यूअर्स की संख्या पर स्खलित हो रहे निष्पक्ष पत्रकारों के मुखिया से लेकर विपक्ष के मुखिया अगर इतने नालायक, निकम्मे, निठल्ले और एक नंबर के लपड़झंडू साबित हो रहे हैं तो इसके पीछे मात्र उनकी दिन-रात की मेहनत ही है। दिन-रात संस्थाओं को कोसना, सुई से लेकर सब्बल तक में मोदी और अम्बानी करना, मोदी की विदेश यात्राओं से लेकर उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स की ताक-झाँक करना, इन चार-पाँच सालों में इन सबके पास इतना वक़्त ही कहाँ बचता था कि वो वास्तविक मुद्दों को तलाश पाते।

मोदी सरकार के दौरान असहिष्णुता से लेकर फर्जी बेरोजगारी का नैरेटिव तैयार करने में, पहले कॉन्ग्रेस और आखिर में महागठबंधन की गोदी में जाकर बैठे ट्रोलाचार्य रवीश कुमार से लेकर नाकाम कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी तक, सबका लक्ष्य नरेंद्र मोदी ही नजर आए। विधानसभा चुनावों में जब-जब कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी की जीत हुई, तब-तब लोकतंत्र की जीत बताई गई। निष्पक्ष पत्रकार रवीश कुमार का वश चलता तो 3 राज्यों, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भाजपा की हार पर अपने प्राइम टाइम शो के दौरान ही मारे ख़ुशी के दर्शकों को 2-4 बंदरगुलाटी मार कर दिखा देते। ज्यूँ-त्यूँ, बड़ी मुश्किलों से वो खुद को निष्पक्ष दिखा पाए।

यही हाल मीडिया और विपक्ष का तब था जब दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की प्रत्याशित जीत हुई। रवीश कुमार का अपनी कुटिल और धूर्त मुस्कान के साथ पहला सवाल अपने प्राइम टाइम में यही था, “क्या ये नरेंद्र मोदी की हार है? क्या मोदी अपनी हार स्वीकार करने के लिए आएँगे?”

ये कुछ उदाहरण तब के हैं, जब भाजपा या ये कहें कि मोदी सरकार के दौरान भाजपा की हार हुई। इसी बीच यदा-कदा, जब भाजपा ने विधानसभा चुनाव और उपचुनाव जीते, तब तुरंत मीडिया चैनल्स से लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच शोक सभाएँ और विलाप देखने को मिले।

ग़दर : एक EVM कथा

हक़ीक़त यही है कि भाजपा की जीत के बाद विपक्ष ने अपनी हार कभी स्वीकार नहीं की। जनादेश से मिली हुई हार को स्वीकार ना करते हुए विपक्ष हमेशा EVM की गड़बड़ियों और आसमानी मुद्दों को जिम्मेदार ठहरा कर जनता के जनादेश का तिरस्कार ही करता नजर आया। मोदी सरकार की नीतियों से लाभ ले रहे लोग जब मतदान करने जा रहे थे, उस वक़्त कॉन्ग्रेस सस्ते कॉमेडियंस को तलाशकर मोदी पर भद्दे, घटिया और निम्नस्तरीय चुटकुलों द्वारा जनता का मन जीतने का प्रयास करते नजर आए। सत्तापरस्त कॉन्ग्रेस की छटपटाहट और व्याकुलता मात्र इन 5 सालों में ही बेनक़ाब होकर बाहर आई है।

कॉन्ग्रेस जनादेश को EVM से छेड़छाड़ बताकर लगातार जनादेश का अपमान करती नजर आई। विपक्ष ने मोदी सरकार की छवि ख़राब करने के लिए डिक्शनरी के उन पन्नों के मुहावरों को भुनाने का प्रयास किया, जिन पर कॉन्ग्रेस के राज्य में दीमक लग चुके थे। नतीजा ये रहा कि नालायक विपक्ष द्वारा तैयार किए गए फासिस्ट, भक्त, दलित पर अत्याचार, अल्पसंख्यकों में डर का माहौल, EVM हैक, बिकी हुई मीडिया, कट्टर हिन्दू जैसे नैरेटिव नरेंद्र मोदी की छवि ख़राब करने के बजाए उन्हें महामानव बनाते चले गए। इससे यही साबित हुआ कि जनता समझ चुकी है कि कॉन्ग्रेस मुद्दों की कमी से जूझ रही है और ये नैरेटिव ही उसके पास होने वाली दुर्गति से बचने का एकमात्र तरीका बाकी रह गया है।

इस निठल्ले विपक्ष की ही मेहरबानी है कि एग्जिट पोल के बाद सबसे ज्यादा व्यंग्य और हास्य ही लोगों को पसंद आ रहे हैं और उन्हीं व्यंग्य के माध्यम से की जाने वाली भविष्यवाणियाँ सच साबित होती जा रही हैं। यह दुर्भाग्य है कि विपक्ष द्वारा असहिष्णुता, सेक्युलर, लोकतंत्र, सुप्रीम कोर्ट आदि नामों को मजाक का एक जरिया बनाकर रख दिया है। कॉन्सपिरेसी थ्योरी एक्टिविस्ट्स की मानें तो राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जो भाजपा की हार थी, वो हार भी अब भाजपा की साजिश साबित की जाने लगी है। इन सभी उदाहरणों को इकठ्ठा करते हुए आप सोचिए कि मोदी को आखिर इतना ताकतववार अगर विपक्ष ने नहीं तो फिर किसने बनाया है?

विपक्ष के अनुसार मोदी जब और जो चाहें वैसा कर सकते हैं। मेरा मानना है कि “मोदी है तो मुमकिन है” जैसे चुनावी नारे भी भाजपा को चुपके से कॉन्ग्रेस ने ही उपलब्ध कराए हैं। विपक्ष को जब इतना विश्वास मोदी में है ही तो शायद यह सही समय है जब उन्हें नरेंद्र मोदी के सामने घुटने टेक कर आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। साथ ही, यह कहना चाहिए कि प्रभु हम भी आपकी शरण में हैं आप ही सर्वशक्तिमान हैं… और टंटा ही ख़तम!

कुछ भविष्यवाणियाँ जो, या तो सच साबित हो चुकी हैं या फिर सच साबित होने के कगार पर हैं

राजदीप भी पलट गए? विपक्ष के EVM दावे को फ़रेब कहा… एट टू राजदीप?

एग्जिट पोल के बाद से विपक्ष ने एक तरह से अपनी हार स्वीकार कर ली है और हार का ठीकरा फोड़ने के लिए व बीजेपी की संभावित जीत को, मतदाताओं के मत को, धता बता कर EVM का राग अलापना शुरू कर दिया है।

इसमें मीडिया गिरोह के कुछ पत्रकार भी ऐसे राजनीतिक पार्टियों के झूठ में सुर मिला रहे हैं। जबकि इन्हें ठीक से पता है कि इनका यह आरोप बोगस और झूठ के पुलिंदे के सिवा कुछ नहीं है।

खैर अब राजदीप जैसे कुछ उनके गिरोह के पत्रकार भी यह खुलकर स्वीकार करने लगे हैं कि इन नेताओं की अपील निराधार है। साथ ही, राजदीप ने आजतक के ही यूट्यूब चैनल दिल्ली तक को दिए एक शॉर्ट इंटरव्यू में कहा भी कि नेताओं को ऐसे झूठे आरोप लगाने से पहले सोचना चाहिए कि इस तरह से अपनी राजनीति के लिए ये जनता के मन में संदेह के बीज बो रहे हैं। जबकि पिछले चुनावों में जब मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इन पार्टियों के नेताओं ने जीत दर्ज की तो EVM ठीक थी। और अब जब जनता द्वारा नकारे जाने के आसार नज़र आ रहे हैं। तो वही EVM खराबी के राग फिर से छेड़ा जाने लगा।

जबकि चुनाव आयोग स्पष्ट कर चुका है कि जो EVM दिखाई दे रहे है वो रिज़र्व EVM है, जिनका मतगणना में इस्तेमाल नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि यह सब नया है सबको पता है पर चूँकि EVM हैंकिंग वाला नैरेटिव काम नहीं किया तो नए नैरेटिव कि EVM बदला जा रहा है, को जान बूझकर हवा दे रहे हैं।

हालाँकि, राजदीप ने यह भी जोड़ा कि चुनाव आयोग को कम से कम 50 % तक VVPAT मिलान की अनुमति दे देनी चाहिए। ताकि जो संदेह पैदा किया जा रहा है वह ख़त्म हो सके। जबकि इस माँग को सुप्रीम कोर्ट भी ख़ारिज कर चुका है।

एक दूसरे वीडियो में राजदीप अपने बनारस के ग्राउंड रिपोर्टिंग के आधार पर बनारस के मोदी काल के परिवर्तन पर बात कर रहे हैं। उन्हें साफ कहते सुना जा सकता है बनारस में काफी परिवर्तन आया है, चौड़ी सड़कें, घाटों की साफ-सफाई से लेकर कई मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने बनारस से मोदी के वॉकओवर की घोषणा कर दी।

राजदीप ने यहाँ तक कहा कि मोदी के यहाँ से चुनाव लड़ने की वजह से वाराणसी की सीट VVIP संसदीय सीट में बदल चुकी है। जिसका असर वहाँ पर हो रहे परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है।