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बेंगलुरु में 29 साल की महालक्ष्मी की निर्मम हत्या… शव के 30 टुकड़े फ्रिज में सड़ते मिले, बदबू से हुआ खुलासा: लोगों को याद आया श्रद्धा वॉकर केस

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के व्यालिकावल इलाके में शनिवार (21 सितंबर) को एक महिला की बेरहमी से हत्या की गई। उसकी लाश को 20 से 40 टुकड़ों में काटकर घर के फ्रीज में रखा गया था। मृतका की पहचान 29 वर्षीय महालक्ष्मी के रूप में हुई है। माना जाता है कि महालक्ष्मी की हत्या करीब 15 दिन पहले की गई थी।

इस साल 2 सितंबर से उसका फोन बंद था। यह मामला तब सामने आया, जब पीड़िता के पड़ोसियों ने दुर्गंध आने की शिकायत की। पुलिस को बुलाया गया और आसपास के इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस ने मानव अंगों को बरामद किया है। इनमें कीड़े लगे हुए थे। पुलिस ने मामले की जाँच में फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली है।

इस साल की शुरुआत में महालक्ष्मी अपने पति हेमंत दास से अलग हो गई थी और बेंगलुरु में अकेली रह रही थी। वह नेपाल की मूल निवासी थी। पीड़िता की एक 4 साल की बेटी है, जो उसके पूर्व पति के साथ रहती है। मामले की जानकारी मिलने पर हेमंत भी घटनास्थल पर पहुँचा। बताया जाता है कि वह हर पखवाड़े अपने बच्चे के साथ महालक्ष्मी के घर आता था।

परेशान करने वाली इस घटना के बारे में बात करते हुए पुलिस ने बताया, “महालक्ष्मी का फोन 2 सितंबर से बंद था। जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो उनकी माँ और बहन चिंतित हो गईं और घर आ गईं।” उन्होंने बताया, “जब हमने दरवाज़ा खोला तो हमने देखा कि फर्श पर कीड़े रेंग रहे थे और पूरा फर्श पीड़ित के खून से चिपचिपा था। यह खून रेफ्रिजरेटर के दरवाज़े से टपक रहा था।”

पुलिस ने आगे बताया कि महिला के पैरों को काटकर घर में रखे रेफ्रिजरेटर के ऊपर रख दिया गया था। वहीं, शरीर के बाकी हिस्सों को बीच के सेल्फ में रख दिया गया था। सिर को रेफ्रिजरेटर के नीचे रखा गया था। इस घटना को जिसने भी देखा या सुना, वह दंग रह गया। इस हत्याकांड को किसने अंजाम दिया है, इस बात का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।

मौजूदा मामला 27 वर्षीय श्रद्धा वॉकर नामक महिला की हत्या की याद दिलाता है। आफताब अमीन पूनावाला ने 18 मई 2022 को लिव-इन-पार्टनर श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और फिर उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काट दिया था। आफताब ने राष्ट्रीय राजधानी में 18 अलग-अलग स्थानों पर उसके शरीर के अंगों को ठिकाने लगाया।

‘ 11 दिन उपवास रखकर करूँगा प्रायश्चित’ : तिरुपति प्रसाद विवाद से आहत होकर डिप्टी CM पवन कल्याण ने लिया संकल्प, वेंकटेश्वर भगवान से माँगेंगे माफी

तिरुपति बालाजी मंदिर, जिसे तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के नाम से जाना जाता है, में प्रसाद के रूप में लड्डू दिए जाते हैं, जिन्हें तिरुपति लड्डू के नाम से भी जाना जाता है। यह लड्डू श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसकी महत्ता धार्मिक आस्था से जुड़ी है। हाल ही में विवाद तब खड़ा हुआ जब इन लड्डुओं में पशु चर्बी के उपयोग की बात सामने आई। इस विवाद के बाद राज्य की राजनीति में भी उथल-पुथल मच गई है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और सुपरस्टार पवन कल्याण ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताते हुए पश्चाताप और प्रायश्चित के लिए 11 दिन का उपवास रखने का संकल्प किया है।

पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि उन्हें इस घटना से गहरा आघात पहुँचा है और वे व्यक्तिगत तौर पर इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में खुद को दोषी महसूस करते हैं कि वे समय रहते इस मिलावट के बारे में जानकारी नहीं जुटा पाए। इस घटना के प्रति गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए पवन कल्याण ने 11 दिनों के उपवास का ऐलान किया है।

पवन कल्याण ने कहा, “हमारी संस्कृति, आस्था, विश्वास और श्रद्धा की धर्मधुरी, श्री तिरुपति बालाजी धाम के प्रसाद में, कुत्सित प्रयासों के तहत, जो अपवित्रता का संचार करने की कोशिश की गई, उससे मैं व्यक्तिगत स्तर पर अत्यंत मर्माहत हूँ। सच कहूँ तो, मैं अंदर से छला हुआ महसूस कर रहा हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “प्रभु वेंकटेश्वर से मेरी प्रार्थना है कि इस दुःख के क्षण में हमें और समस्त सनातनियों को अपनी अहैतुकी कृपा से सबलता प्रदान करें। मैं अभी इसी क्षण भगवान से क्षमा प्रार्थी हो, प्रायश्चित दीक्षा हेतु, प्रण सिद्ध कर रहा हूँ, और ग्यारह दिवसीय उपवास हेतु धर्म संकल्पित हो रहा हूँ।”

पवन कल्याण ने कहा कि वे 11 दिनों के उपवास के अंतिम दो दिन, एक और दो अक्टूबर को तिरुपति जाएँगे। वहाँ वे भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करेंगे और प्रायश्चित करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे अपने उपवास की पूर्णाहूति करेंगे।

तिरुपति लड्डू विवाद क्या है?

तिरुपति बालाजी मंदिर, जिसे तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) कहा जाता है, हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र स्थल है। यहाँ प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू, जिन्हें तिरुपति लड्डू कहा जाता है, श्रद्धालुओं के बीच बहुत पवित्र माने जाते हैं। हाल ही में ये बात सामने आई कि लड्डुओं को बनाने के लिए जिस घी का उपयोग किया जाता है, वो अपवित्र है। इसमें पशु चर्बी का उपयोग हो रहा है। यह आरोप हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला था, क्योंकि प्रसादम को शुद्ध और पवित्र माना जाता है। हालाँकि बाद में मंदिर प्रशासन ने कहा था कि प्रसाद की पवित्रता बहाल कर दी गई है।

पवन कल्याण का प्रायश्चित

पवन कल्याण, जो कि न केवल आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं बल्कि साउथ के सुपरस्टार भी हैं, ने इस विवाद को गंभीरता से लिया है। उनका मानना है कि तिरुमाला तिरुपति जैसे धार्मिक स्थल से जुड़ा कोई भी विवाद सिर्फ प्रशासन की गलती नहीं, बल्कि यह हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है कि वे इसे शुद्ध और पवित्र बनाए रखें।

इसी भावना के चलते उन्होंने 11 दिनों के उपवास और प्रायश्चित का फैसला लिया है। उनके इस निर्णय को लेकर देश भर में चर्चाएँ हो रही हैं। पवन कल्याण के समर्थकों और श्रद्धालुओं का मानना है कि उनका यह कदम तिरुपति मंदिर की पवित्रता की रक्षा के लिए एक प्रतीकात्मक प्रयास है। उनका उपवास 11 दिनों तक चलेगा और इसके बाद वे तिरुपति जाकर भगवान वेंकटेश्वर से क्षमा प्रार्थना करेंगे।

किलर ड्रोन डील से लेकर हरक्यूलस विमान और सेमीकंडक्टर प्लांट तक: जानें प्रधानमंत्री के US दौरे से क्या हुआ हासिल, QUAD नेता ने की PM मोदी की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर हैं। उन्होंने शनिवार (21 सितंबर 2024) की देर रात डेलावेयर में क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसमें वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सदस्य देशों के नेताओं ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। इसके साथ ही अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की स्थायी सदस्यता की जमकर वकालत की।

संयुक्त बयान में कहा गया है, “हम पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति को लेकर गंभीर हैं। हम विवादित क्षेत्रों के सैन्यीकरण और दक्षिण चीन सागर में जबरदस्ती करने और डराने वाले युद्धाभ्यास पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं। हम तटरक्षक और समुद्री मिलिशिया जहाजों के इस्तेमाल की निंदा करते हैं, जिसमें खतरनाक युद्धाभ्यास का बढ़ता उपयोग भी शामिल है।”

हिंद महासागर में भारत की भूमिका को लेकर क्वाड के नेताओं ने भारत और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हिंद महासागर में महाशक्ति बनकर उभरा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि भारत के अनुभवों से अमेरिका को बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व तनाव और संघर्षों से घिरा हुआ है। इसलिए साथ मिलकर चलना जरूरी है। क्वाड को वैश्विक भलाई की शक्ति बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि क्वाड सहयोग और साझेदारी के लिए है, किसी के खिलाफ नहीं। बता दें कि QUAD में चार सदस्य देश हैं, जिनमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल है।

पीएम मोदी ने कहा, “स्वतंत्र, खुला, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत हमारी साझा प्राथमिकता और साझा प्रतिबद्धता है।” उन्होंने कहा कि गठबंधन ने पहले ही स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा, उभरती हुई तकनीक और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में पहल की है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जो बिडेन को भी संबोधित किया और गठबंधन में उनके योगदान को स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान इस क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आपके नेतृत्व में 2021 का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। इतने कम समय में हमने हर दिशा में अपने सहयोग को अभूतपूर्व तरीके से बढ़ाया है। आपने इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैं क्वाड के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और योगदान के लिए आपका शुक्रिया अदा करता हूँ।”

क्वाड सम्मेलन से हटकर प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से भी मुलाकात की। विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा कि बातचीत ‘पारस्परिक हितों के क्षेत्रों’ में अमेरिका-भारत द्विपक्षीय साझेदारी को बेहतर बनाने पर केंद्रित थी। नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र भी शामिल था।

इसी तरह व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, “राष्ट्रपति बिडेन और प्रधानमंत्री मोदी ने निरंतर विश्वास व्यक्त किया कि हमारे लोगों, हमारे नागरिक और निजी क्षेत्रों और हमारी सरकारों के गहरे संबंधों को मजबूत करने के अथक प्रयासों ने अमेरिका-भारत साझेदारी को आने वाले दशकों में और भी अधिक ऊँचाइयों की ओर अग्रसर किया है।”

MQ-9B ड्रोन: पीएम मोदी और राष्ट्रपति बिडेन ने दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी पर चर्चा की, जिसमें ड्रोन की खरीद और संयुक्त सैन्य अभ्यास शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत द्वारा 31 जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-9B (16 स्काई गार्जियन और 15 सी गार्जियन) ड्रोन की खरीद का स्वागत किया। यह ड्रोन भारत के सशस्त्र बलों की खुफिया, निगरानी और टोही (आईएसआर) क्षमताओं को बढ़ाएगा।

इस साल फरवरी में अमेरिका ने भारतीय सेना को 3.99 बिलियन डॉलर (लगभग 33,000 करोड़ रुपए) की अनुमानित लागत से 31 MQ-9B ड्रोन की बिक्री को मंजूरी दी थी। 31 ड्रोन में से भारतीय नौसेना को 15 सी गार्डियन ड्रोन मिलेंगे, जबकि भारतीय वायुसेना और सेना को आठ-आठ स्काई गार्डियन ड्रोन मिलेंगे।

MQ-9B प्रीडेटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी शोर-शराबे के काम कर सकता है। यह ड्रोन जमीन से 250 मीटर की दूरी तक उड़ सकता है और लक्ष्य को इसकी भनक तक नहीं लगती, जब तक कि इसे देखा न जाए। यह ड्रोन किसी कमर्शियल विमान से भी ज्यादा ऊँचाई पर उड़ सकता है, जो जमीन से करीब 50,000 फीट ऊपर है और इसकी अधिकतम गति 442 किमी/घंटा है।

सुपर हरक्यूलिस विमान: प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ने सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान पर लॉकहीड मार्टिन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा हस्ताक्षरित संयुक्त समझौते पर भी चर्चा की। व्हाइट हाउस ने कहा, “नेताओं ने जेट इंजन, युद्ध सामग्री और ग्राउंड मोबिलिटी सिस्टम के लिए प्राथमिकता वाले सह-उत्पादन व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए चल रहे सहयोग को मान्यता दी।”

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन ने राजस्थान में चल रहे द्विपक्षीय युद्ध अभ्यास के दौरान भारत में जैवलिन और स्ट्राइकर प्रणालियों के पहले प्रदर्शन सहित रक्षा अभ्यास के दौरान नई तकनीकों और क्षमताओं को शामिल करने की भी सराहना की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की भी सराहना की।

सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन: पीएम मोदी और बाइडेन ने कोलकाता में एक नए सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट की स्थापना पर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने “राष्ट्रीय सुरक्षा, अगली पीढ़ी के दूरसंचार और हरित ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए उन्नत संवेदन, संचार और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स पर केंद्रित एक नए सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट की स्थापना के लिए समझौते की सराहना की।”

बयान में कहा गया है कि यह संयंत्र भारत सेमीकंडक्टर मिशन के समर्थन के साथ-साथ भारत सेमी, थर्डटेक और अमेरिकी अंतरिक्ष बल के बीच रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी से स्थापित किया जाएगा। व्हाइट हाउस ने कहा कि ग्लोबलफाउंड्रीज कोलकाता पावर सेंटर चिप निर्माण में अनुसंधान और विकास में पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को बढ़ाएगा।

UN में भारत की स्थायी सदस्यता: वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि अमेरिका भारत की महत्वपूर्ण आवाज़ को प्रतिबिंबित करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार की पहल का समर्थन करता है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की हाल ही में पोलैंड और यूक्रेन की यात्राओं की भी सराहना की।

तिरुपति प्रसाद विवाद के बाद कर्नाटक के 34000 मंदिरों में होगा सिर्फ ‘नंदिनी’ घी इस्तेमाल, सरकार का निर्देश: Amul ने ब्रांड को बदनाम करने वाले ‘स्पिरिट ऑफ कॉन्ग्रेस’ समेत 7 पर की FIR

तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डुओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ। तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने के लिए घटिया घी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें मछली, पशु की चर्बी की मिलावट पाई गई। यह विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएँ फैलने लगीं और इसे अमूल और नंदिनी घी से जोड़ा गया। इस विवाद के बाद कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी मंदिरों के लिए एक नया निर्देश जारी किया, जिसके तहत मंदिरों में प्रसाद और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सिर्फ नंदिनी घी का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, अफवाह फैलाने वाले 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

कर्नाटक सरकार का नया निर्देश

कर्नाटक सरकार ने मंदिरों में उपयोग किए जाने वाले घी के संबंध में एक नया आदेश जारी किया, जिसमें राज्य के सभी 34,000 मंदिरों में सिर्फ नंदिनी घी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। यह निर्देश तिरुपति मंदिर में लड्डू के प्रसाद में पशु वसा के इस्तेमाल की अफवाहों के बाद आया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए मंदिरों में प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया।

नंदिनी घी के उपयोग का निर्देश: नंदिनी घी कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) द्वारा निर्मित होता है। कर्नाटक के मुझराई मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सभी मंदिरों को निर्देशित किया कि वे नंदिनी घी का उपयोग करें। इसका उपयोग न केवल प्रसाद बनाने में होगा, बल्कि मंदिरों में दीप जलाने और अन्य धार्मिक कार्यों में भी इसका प्रयोग किया जाएगा। मंदिरों में “दसोहा भवनों” में भोजन परोसते समय भी नंदिनी घी का ही उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

मंत्री रेड्डी ने यह भी कहा कि मंदिरों में दिए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता की नियमित रूप से जाँच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कहीं भी कोई कमी या मिलावट न हो। मंदिरों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे प्रसाद बनाने में गुणवत्ता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

अमूल और सोशल मीडिया विवाद

जब तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद से जुड़ा यह विवाद बढ़ा, तो कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने अमूल पर निशाना साधना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ अकाउंट्स ने यह दावा किया कि तिरुपति मंदिर में इस्तेमाल किए जाने वाले घी में अमूल द्वारा आपूर्ति किया गया पशु वसा युक्त घी शामिल था। इस गलत सूचना के फैलने के बाद अमूल को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ी।

अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में सात एक्स उपयोगकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन सात उपयोगकर्ताओं में कॉन्ग्रेस समर्थक भी शामिल थे, जिन्होंने अमूल के खिलाफ गलत सूचनाएँ फैलाईं। शिकायतकर्ता, जीसीएमएमएफ (गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन) के उप महाप्रबंधक हेमंत गवानी ने आरोप लगाया कि इन उपयोगकर्ताओं ने झूठी सूचनाओं के आधार पर अमूल को बदनाम करने की कोशिश की।

अमूल ने आरोपों को किया था खारिज

अमूल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अमूल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को कभी भी घी की आपूर्ति नहीं की है। अमूल की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया कि उनका घी उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकों से निर्मित होता है और वह अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत तैयार किया जाता है। अमूल ने यह भी बताया कि उनका घी शुद्ध गाय के दूध से तैयार किया जाता है और इसे भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मानकों के अनुसार नियमित रूप से जाँचा जाता है।

एफआईआर और कानूनी कार्रवाई

अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने ‘स्पिरिट ऑफ कॉन्ग्रेस’, ‘सेकुलर बंगाली’, ‘बंजारा1991’ और अन्य कुछ प्रमुख एक्स अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन उपयोगकर्ताओं पर भारतीय दंड संहिता और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन अकाउंट्स की जाँच शुरू कर दी है और गलत सूचनाओं को फैलाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एफआईआर के अनुसार, सोशल मीडिया पर झूठे दावे किए गए कि अमूल ने तिरुपति मंदिर में प्रसाद बनाने के लिए घी की आपूर्ति की थी। इसके बाद यह अफवाह फैलने लगी कि तिरुपति लड्डू में पशु वसा का उपयोग हो रहा है, जो पूरी तरह से गलत था।

नंदिनी घी का तिरुपति से कॉन्ट्रैक्ट क्यों टूटा?

नंदिनी घी का तिरुपति मंदिर के साथ पुराना संबंध था। 2023 में, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को घी की आपूर्ति करने के लिए आयोजित टेंडर में हिस्सा नहीं लिया। इसका कारण यह था कि KMF को अपने नंदिनी घी की कीमत ₹400 प्रति किलो रखनी पड़ी थी, जबकि अन्य कंपनियों ने इससे कम कीमत पर घी की आपूर्ति करने की पेशकश की।

KMF ने इस बात पर जोर दिया कि वे किसानों के हितों की रक्षा के लिए गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं करेंगे। नंदिनी घी की कीमत अधिक होने के कारण TTD ने दूसरे सप्लायर से घी खरीदने का निर्णय लिया। हालाँकि, इसके बाद से KMF ने तिरुपति मंदिर को फिर से घी की आपूर्ति शुरू कर दी है और अपनी गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता जताई है।

तिरुपति लड्डू विवाद ने घी की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रति लोगों की चिंता को बढ़ा दिया। कर्नाटक सरकार ने इस विवाद के बाद अपने मंदिरों में नंदिनी घी के उपयोग को अनिवार्य कर दिया, जबकि अमूल को झूठी अफवाहों का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के मामलों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना कितना जरूरी है।

4000 साल पुरानी वस्तुएँ, 10वीं सदी की अप्सरा और भगवान की प्राचीन प्रतिमा: अमेरिका भारत को फिर लौटाएगा 297 पुरावशेष और कलाकृतियाँ, PM मोदी ने दिया धन्यवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर विदेश दौरा हमेशा से उपलब्धियों भरा रहा है। इस बार भी उनकी अमेरिका यात्रा ऐसी ही है। 21 सितंबर को अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की वो 297 पुरावशेष और कलाकृतियों लौटाने का निर्णय लिया है जिसे कभी न कभी भारत से चुरा लिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में एक्स पर लिखा, “मैं भारत को 297 अमूल्य पुरावशेषों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिकी सरकार का अत्यंत आभारी हूँ।”

बताया जा रहा है कि जो वस्तुएँ भारत को लौटाई गई हैं वो भारत की भौतिक संस्कृति का हिस्सा थीं। कोई पुरावशेष लगभग 4000 वर्ष पुराना है तो कोई 2000 ईसा पूर्व से 1900 ईसवी तक का। इनका संबंध भारत के कई भागों से है।

इनमें से कुछ हैं जिनके बारे में रिलीज में बताया गया है- जैसे मध्य भारत से प्राप्त बलुआ पत्थर की अप्सरा जो कि 10वीं-11वीं शताब्दी की है, मध्य भारत से प्राप्त कांस्य की बनी जैन तीर्थंकर की 15-16वीं शताब्दी की प्रतिमा, 2000-1800 ईसा पूर्व से संबंधित उत्तर भारत से तांबे में मानवरूपी आकृति और दक्षिण भारत से ग्रेनाइट में भगवान कार्तिकेय की 13-14वीं शताब्दी की प्रतिमा, 3-4 सदी का टेराकोटा वास।

उल्लेखनीय हैं कि सांस्कृतिक संपत्तियों की अवैध तस्करी एक पुरानी समस्या है, लेकिन इस प्रकार की चोरी के खिलाफ लड़ाई को मझबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक विदेश यात्राओं से 640 प्राचीन वस्तुएँ भारत ला चुके हैं। अमेरिका से वापस की गई पुरावशेषों की कुल संख्या 578 है।

साल 2021 में जब प्रधानमंत्री अमेरिकी यात्रा पर गए थे तो अमेरिकी सरकार द्वारा उन्हें 157 पुरावेशेष लौटाए गए थे। इसी तरह 2023 में अमेरिका ने 105 पुरावशेष भारत को लौटाए थे। इन प्रतिमाओं में 12वीं शताब्दी की कास्य नटराज प्रतिमा भी शामिल है। इनके अलावा 40 वस्तुएँ ऑस्ट्रेलिया से भी वापस की गई थीं वहीं 16 वस्तुएँ ब्रिटेन ने लौटाई थी।

दिलचस्प बात ये है कि ये आँकड़ा नरेंद्र मोदी के प्रधामंत्री बनने के बाद बढ़ा है वरना 2004 से 2013 के बीच बताया जाता है कि केवल एक कलाकृति भारत को वापस की गई थी। लेकिन अब ये संख्या कहाँ पहुँच गई है खुद देख सकते हैं।

‘इस्लाम अपना लो, बीवी को छोड़ दूसरा निकाह कर लो’: गाजियाबाद में हिंदू दंपती को लूटने वाला मौलवी गिरफ्तार, बैंक खाली करवा कर था धर्मांतरण का प्रयास

उत्तर प्रदेश के गजियाबाद जिले में झाड़फूँक की आड़ में धर्मान्तरण की साजिश रचने का मामला सामने आया है। यहाँ एक हिन्दू महिला ने तहरीर देकर मौलवी पर अपने बीमार पति को न सिर्फ इस्लाम कबूल करने बल्कि दूसरे निकाह के लिए भी उकसाने का आरोप लगाया है। आरोपित मौलवी का नाम अब्दुल रहमान है। सबूत के तौर पर पीड़िता ने मौलवी की कॉल रिकार्डिंग भी पेश की है। गुरुवार (19 सितंबर 2024) को पुलिस ने केस दर्ज करके अब्दुल रहमान को अब गिरफ्तार कर लिया है।

यह घटना गाजियाबाद जिले के थानाक्षेत्र वेव सिटी की है। यहाँ गुरुवार को एक हिन्दू महिला ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि उनके पति श्रीश ओझा की दिमागी हालत काफी समय से ठीक नहीं थी। उनके साथ धोखाधड़ी करके मौलवी अब्दुल रहमान ने उनके खाते से पैसे निकलवा लिए। इसके बाद मौलवी ने श्रीश ओझा की कार भी बिकवा दी। कार का भी पैसा अब्दुल रहमान ने अपने खाते में ट्रांसफर करवा दिया।

पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू की। जाँच में पता चला कि मौलवी अब्दुल रहमान झाड़-फूँक करने व देशी दवाओं को बेचने का काम करता था। इस अन्धविश्वास फैलाने वाले काम से वह हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवाने और उनसे पैसे ऐंठने के प्रयास में लगा रहता था। इसी बीच उसके पास श्रीश ओझा और उनकी बीवी इलाज करवाने पहुँचे। श्रीश ओझा SS एसोसिएट नाम की एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी फर्म के मालिक हैं। वो मकानों और बिल्डिंगों का नक्शा बनाते हैं।

श्रीश ओझा की पत्नी की किडनी खराब है। लम्बे समय से उनका इलाज डायलिसिस के जरिए हो रहा है। इस इलाज से उनकी पत्नी को फायदा नहीं हो रहा था जिसकी वजह से श्रीश काफी तनाव में रहते थे। श्रीश की इसी परेशानी का फायदा मौलवी अब्दुल रहमान ने उठाया। उसने दावा किया कि श्रीश की पत्नी झाड़-फूँक से ठीक हो जाएँगी। पीड़ित को झाँसे में लेकर मौलवी ने रूहानी इलाज के नाम पर श्रीश से 4-5 महीने में ही लगभग 7 लाख रुपए ऐंठ लिए।

श्रीश ओझा पहले ही अपनी पत्नी के इलाज में काफी पैसे लगा चुके थे। मौलवी को पैसे देने के लिए उन्होंने अपनी सम्पत्तियों को बेचना शुरू किया जिसमें कार भी शामिल थी। कुछ दिनों बाद मौलवी अब्दुल रहमान पीड़ित को घर बेचने के लिए भी मजबूर करने लगा। मौलवी ने इसी बीच श्रीश को इस्लाम कबूल करने के लिए भी उकसाने लगा। वह इस जरिए को सभी बीमारियों से छुटकारा पाने का आसान तरीका बताता था। अपने मंसूबों में कामयाब होने के लिए मौलवी श्रीश को उनकी पत्नी के खिलाफ भड़काने लगा।

आरोप है कि अब्दुल रहमान श्रीश से बताता था कि उनकी पत्नी चरित्रहीन है। वह पीड़ित को उकसा रहा था कि वो अपनी पत्नी व बच्चों को छोड़ कर मुस्लिम बन जाए। अब्दुल रहमान श्रीश को दूसरा निकाह करवाने का भी लालच दे रहा था। इसी बीच परेशान पति की हालत देख कर उनकी पत्नी ने नजर रखनी शुरू कर दी थी। यही सतर्कता काम आई और श्रीश की पत्नी को मौलवी की ऑडियो रिकार्डिंग मिल गई। इस्लाम कबूल करने और दूसरा निकाह करवाने के लालच जैसी बातों से वो भड़क गईं।

आखिरकार पीड़िता ने पुलिस ने तहरीर दे कर मौलवी अब्दुल रहमान पर अपने पैसों को हड़पने सहित कई अन्य आरोप लगाए। पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को पुलिस ने मौलवी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से बुलंदशहर का निवासी है। फ़िलहाल 58 वर्षीय मौलवी अब्दुल रहमान अभी हापुड़ जिले के धौलाना में रहता था। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

प्रवीण खान ने ‘बादल’ नाम बताकर नाबालिग हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फँसाया, अपहरण के बाद कराया धर्मांतरण, मथुरा में हिंदू संगठन भड़के

मथुरा में लव जिहाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ मुस्लिम युवक प्रवीण खान पर नाबालिग हिंदू लड़की को नाम बदलकर प्रेमजाल में फँसाने और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ जाँच शुरू की है। इस घटना से स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला है। हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव कर लड़की की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मथुरा के थाना राया क्षेत्र के कटैला गाँव में, एक नाबालिग लड़की के परिजनों ने प्रवीण खान नामक युवक पर आरोप लगाया कि उसने अपना नाम बदलकर “बादल” के रूप में लड़की से दोस्ती की और उसे प्रेमजाल में फँसाया। इसके बाद लड़की को अगवा कर निकाह और धर्मांतरण की कोशिश की गई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर प्रवीण खान और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। हालाँकि, लड़की और आरोपितों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

लड़की की बरामदगी में देरी को लेकर हिंदू संगठनों ने शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को थाना राया का घेराव किया और सख्त कार्रवाई की माँग की। हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही लड़की को नहीं ढूँढा गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगी। इस घटना के बाद से स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश है, और हिंदू संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताया है, जिसमें धर्मांतरण के लिए लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है।

इस मामले में पुलिस ने विशेष जाँच टीमों का गठन किया है और जल्द से जल्द नाबालिग लड़की को बरामद करने का आश्वासन दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जाँच तेज कर दी है।

इस प्रकार की घटनाएँ समाज में भय और अविश्वास पैदा करती हैं, इसलिए इनका समाधान समय पर होना बेहद आवश्यक है। लव जिहाद जैसे मुद्दे धार्मिक और सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं, और इससे जुड़े मामलों को निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता होती है। जागरूकता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देना समाज के हित में है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज में धार्मिक तनाव को भी बढ़ा सकता है।

6 साल की मासूम को बंदरों ने दरिंदे से बचाया: जाबिर से पैसे लेने के बहाने आरोपित बच्ची को ले गया था झाड़ियों में, कर रहा था रेप की कोशिश

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 6 साल की एक हिन्दू बच्ची से रेप की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की माँग की है। बच्ची को जाबिर नाम के दूधिया से पैसे दिलाने का बहाना लेकर बुलाया गया था। यहाँ उसे मस्जिद की तरफ ले जाने की कोशिश हुई। अंत में पीड़िता को झाड़ियों में ले जाया गया, जहाँ बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया।

इस मामले में केस दर्ज करके पुलिस आरोपित की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। घटना गुरुवार (19 सितंबर 2024) की है। पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया से बातचीत की और कहा कि बंदरों के रूप में बजरंग बली ही आकर उसकी बच्ची को बचाए हैं। इसी वजह से आरोपित लड़की को छोड़कर भागे। पीड़िता के पिता ने इसके लिए भगवान राम को धन्यवाद दिया है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र सिंघावली की है। यहाँ शुक्रवार (20 सितंबर 2024) को 6 साल की नाबालिग हिन्दू बच्ची के पिता ने पुलिस में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को उनकी बेटी स्कूल से लौटकर आने के बाद सुबह लगभग 10 बजे घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति वहाँ पहुँचा। वह बच्ची को बहला-फुसला कर मस्जिद वाली गली में लेकर चला गया।

पीड़िता के पिता ने बताया कि आरोपित यहाँ से उनकी बेटी को लेकर एक टॉवर के पास पहुँचा। वहाँ उसने बच्ची के कपड़े फाड़ने शुरू कर दिए। जब बच्ची ने इसका विरोध किया तो उसकी पिटाई की गई। बच्ची की चीख सुनकर बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया। इसके बाद वह वहाँ से भागने लगा। जाते-जाते उसने पीड़िता को धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो वह उसके पूरे परिवार को मार डालेगा।

इसके बाद लोगों की मदद से बच्ची अपने घर पहुँची और रोते हुए परिजनों को सारी जानकारी दी। बच्ची के पिता ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 115 (2) और 351 (2) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

बागपत पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज करके आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए 3 टीमें लगाई गई हैं। पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया को बताया कि उनकी बेटी का मेडिकल टेस्ट करवा कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पीड़िता के पिता ने उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द ही आरोपित को चिन्हित करके गिरफ्तार कर लेगी और ऐसी सजा देगी, जो नजीर बनेगी।

मैं रामभक्त, तभी बजरंग बली ने बेटी को बचाया

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले संदिग्ध को उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। उस अनजान आरोपित ने पीड़ित बच्ची से कहा, “जाबिर दूध वाले का बकाया पैसा लेना हो तो मेरे साथ चलो।” बच्ची उसकी बातों में आकर उसके साथ चल दी। बच्ची के पिता ने बताया कि आरोपित बच्ची को पहले मस्जिद में ले जाने की कोशिश की।

हालाँकि, वहाँ CCTV कैमरे देखकर उसने दिशा बदल दी। पीड़िता के पिता ने आरोपित के मुस्लिम समुदाय से होने की आशंका जाहिर की है। उन्होंने बताया कि मस्जिद के बाद वह उनकी बेटी को एक सुनसान इलाके में ले गया था, जहाँ घनी झाड़ियाँ थीं। यहीं पर वो बच्ची से रेप करने की कोशिश करने लगा। तभी बंदरों का एक झुंड वहाँ आ गया।

पीड़िता के पिता ने आगे बताया कि बंदरों ने आरोपित को दौड़ा लिया तो वह बच्ची को छोड़ कर भाग गया। इसी दौरान शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और उनकी बेटी बच गई। शिकायतकर्ता ने खुद को भगवान राम का सच्चा भक्त बताया। उन्होंने कहा कि उनकी श्रद्धा को देखते हुए ही बजरंग बली ने खुद का कर बच्ची की रक्षा की।

श्रद्धालुओं के साथ किया खिलवाड़, दोषियों को फाँसी दो: तिरुपति प्रसाद मामले पर भड़के बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री, सनातनियों को एकजुट होने को कहा

तिरुपति मंदिर के पवित्र प्रसाद, लड्डू, में मछली के तेल और जानवरों की चर्बी मिलाए जाने के विवाद ने पूरे देश में सनातनियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, और हिन्दू साधु-संत इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की माँग कर रहे हैं। इस कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान सामने आया है। उन्होंने इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए दोषियों को फाँसी तक की सजा देने की माँग की है।

सनातन धर्म पर सुनियोजित साजिश का आरोप

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आंध्र प्रदेश सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह घटना भारत के सनातनियों के धर्म को भ्रष्ट करने की एक साजिश है। उन्होंने कहा, “अगर तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी और मछली के तेल का प्रयोग किया गया है, तो यह बहुत बड़ा अपराध है। यह सुनियोजित तरीके से सनातनियों की आस्था को चोट पहुँचाने की कोशिश है, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने और दोषियों को फाँसी की सजा देने की माँग की है।

हिंदू मंदिरों को हिंदू बोर्ड के अधीन करने की माँग

धीरेंद्र शास्त्री ने तिरुपति विवाद के चलते एक और महत्वपूर्ण माँग उठाई कि हिंदू मंदिरों को सरकार से हटाकर हिंदू बोर्ड के अधीन कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, “सनातनी मंदिरों की सुरक्षा और उनकी पवित्रता बनाए रखने के लिए अब जरूरी है कि सभी मंदिरों का प्रबंधन हिंदू बोर्ड के अंतर्गत हो।” उनका मानना है कि इस कदम से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी, जो सनातन धर्म के खिलाफ षड्यंत्र रचने की कोशिश कर रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “भारत के सनातनियों के धर्म को भ्रष्ट करने की पूरी तैयारी की गई है, और यह साजिश सिर्फ प्रसाद तक ही सीमित नहीं है। यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक स्थलों पर सीधा हमला है। अगर हम अब भी नहीं जागे, तो यह आस्था पर एक गहरा आघात होगा।”

दोषियों को कड़ी सजा की माँग

बागेश्वर धाम के मुखिया धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि दोषियों को फाँसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर भगवान के प्रसाद में चर्बी और मछली के तेल का प्रयोग किया गया है, तो यह न केवल धर्म के खिलाफ है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ भी है। यह उन सभी श्रद्धालुओं के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है, जो भगवान की भक्ति और विश्वास के साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। ऐसे अपराधियों को समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए और उन्हें फाँसी की सजा मिलनी चाहिए।”

सनातनियों से एकजुट होने की अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने सभी सनातनियों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की है। शास्त्री ने कहा, “हमें अपनी आस्था की रक्षा के लिए अब एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा। यह कोई साधारण घटना नहीं है, यह हमारे धर्म के खिलाफ एक संगठित साजिश है।” उन्होंने कहा कि जितने भी तीर्थ स्थल हैं, उनकी बारीकी से जाँच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएँ।

धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सभी हिंदू धर्मावलंबियों को संगठित होकर एक ठोस कदम उठाना होगा। उन्होंने कहा “हम किसी भी सूरत में सनातन धर्म पर चोट सहन नहीं करेंगे। सनातन धर्म ने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया और न ही वह अन्याय को सहन करता है। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी आस्था की रक्षा के लिए दृढ़ कदम उठाएँ।”

राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुपति मंदिर के लड्डूओं में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलाया गया था। इस रिपोर्ट के बाद से ही पूरे देश में सनातनी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालाँकि अब प्रसाद फिर से शुद्ध रूप से बनने लगा है। शास्त्री ने इस मामले की गहन जाँच की माँग की है और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर से हिंदू मंदिरों की पवित्रता और उनकी देखभाल के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब देखना यह है कि आंध्र प्रदेश सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद था, जिंदाबाद रहेगा’ : बागपत से वायरल हुई सैलून वाले अबरार की वीडियो, UP पुलिस ने देशद्रोह में केस दर्ज कर की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी का वीडियो वायरल हो रहा है। नारेबाजी करने वाला एक सैलून संचालक है जिसका नाम अबरार है। पुलिस ने केस दर्ज करके अबरार को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर देशद्रोह की धाराओं में कार्रवाई की गई है। आरोपित के पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल चल रही है। घटना की FIR मंगलवार (17 सितंबर 2024) को दर्ज हुई थी। अबरार की पाकिस्तान परस्ती का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह घटना बागपत जिले के थानाक्षेत्र सिंघावली अहीर की है। यहाँ 17 सितंबर 2024 को सब इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि उनको अपने मोबाइल नंबर पर वायरल होती एक वीडियो मिली है। इस वीडियो में टेड़ा गाँव का रहने वाला अबरार कुछ लड़कों के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक वीडियो में अबरार ने कहा, “पाकिस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और रहेगा।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई।

वायरल वीडियो में अबरार सिर पर टोपी रखकर कुछ लोगों के बीच देखा जा सकता है। उसने हाथ में लाल रंग का कलावा जैसा कुछ बाँध रखा है। पाकिस्तान को जिंदाबाद बोलकर अबरार जोर से हँसता भी है। आसपास खड़े कुछ लोगों ने इस वीडियो को ग्रुप में भेजने की बात कही जिसका अबरार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। ये वीडियो किसी हिन्दू के घर के आगे बनाया गया था। घर के आगे बड़े-बड़े अक्षरों में ॐ लिखा हुआ है।

कुछ ही देर में यह लगभग 17 सेकेंड लम्बा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बागपत में हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अबरार को पहचान लिया और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठने लगी। पुलिस ने अबरार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।