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जहाँ-जहाँ INDI सरकार, उन राज्यों में भी जनता ने मारी लात: बंगाल-ओडिशा-आंध्र प्रदेश में बड़ा उलटफेर, पूरे देश में जीत रहा NDA

लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। अधिकांश एग्जिट पोल ने साफ कर दिया है कि देश तीसरी बार मोदी सरकार वापस आ रही है। एग्जिट पोल ने यह भी साफ़ किया है कि भाजपा स्पष्ट जनादेश की तरफ बढ़ रही है। इसके साथ ही यह बात भी निकल कर आई है कि कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाला विपक्षी INDI गठबंधन अपनी सत्ता वाले राज्यों में भी अपनी सीटें बचाने में नाकाम हो गया है। विपक्ष के शासन वाले अधिकांश राज्यों में भाजपा को फायदा होता दिख रहा है।

इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को कॉन्ग्रेस शासन ले राज्य तेलंगाना में 17 में से 11-12 सीटें मिलती दिख रही हैं। सत्ताधारी कॉन्ग्रेस 4-6 के बीच सिमट रही है। यानि भाजपा को यहाँ 7-8 सीटों का फायदा हो रहा है। 2019 में तेलंगाना में भाजपा को 4 सीट मिली थीं। कॉन्ग्रेस यहाँ सत्ता में आने के कुछ ही महीनों के भीतर रेस से बाहर हो गई है। दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य कर्नाटक में भी भाजपा ने अपनी बड़ी बढ़त बरकरार रखी है।

कर्नाटक में भाजपा-JDS गठबंधन को 28 में से 23-25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। यहाँ 2019 में NDA को 25 सीट मिली थीं। कॉन्ग्रेस यहाँ 2022 में सत्ता में आई थी। इसके बाद से अनुमान लगाया जा रहा था कि उसे लोकसभा चुनावों में भी फायदा होगा, लेकिन अपराध की घटनाओं और मूलभूत समस्याओं के ना सुलझने का असर कर्नाटक में दिख रहा है। कर्नाटक में भाजपा का आँकड़ा बरकरार रहने की उम्मीद है।

कर्नाटक के अलावा भाजपा को हिमाचल प्रदेश में भी 4 में से 4 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। यहाँ भी कॉन्ग्रेस 2022 में सत्ता में आई थी लेकिन उसे एक भी सीट नहीं मिलती दिखाई दे रही है। यहाँ तक कि मंडी सीट भी भाजपा के पास जा रही हैं जहाँ से कॉन्ग्रेस के हैवीवेट विक्रमादित्य सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस-JMM गठबंधन वाले राज्य झारखंड में भी भाजपा को 8-10 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। यहाँ भी कॉन्ग्रेस और JMM कोई बड़ा उलटफेर नहीं कर सकी हैं। कॉन्ग्रेस के अलावा विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में भी भाजपा को बड़ा फायदा होने जा रहा है।

सबसे बड़ा उलटफेर बंगाल में हुआ है। यहाँ सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस को भारी नुकसान हो रहा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को 26-31 सीट मिलने का अनुमान लगाया गया है। पिछली बार भाजपा यहाँ 18 सीट जीती थी। तृणमूल 11-14 पर सिमटती दिखाई दे रही है। ऐसे में भाजपा के लिए यहाँ सबसे बड़ा फायदा होने वाला है।

पश्चिम बंगाल के अलावा भाजपा को ओडिशा में भी बड़ी जीत मिल रही है। ओडिशा में भाजपा के 21 में से 20 सीट जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है। ओडिशा में सत्ताधारी बीजद को भारी नुकसान होने जा रहा है। यहाँ विधानसभा चुनाव भी लोकसभा के साथ हुए हैं। उनमें भी भाजपा अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

इसके अलावा केरल में भी भाजपा का खाता खुलते दिखाई दे रहा है। यहाँ NDA को 2-3 सीट मिल रही हैं। यदि ऐसा होता है तो यह भाजपा के लिए बहुत बड़ा फायदा होगा और राज्य में आगे के मार्ग प्रशस्त करेगा। केरल में लेफ्ट और कॉन्ग्रेस की लड़ाई से भाजपा फायदे में दिख रही है। पंजाब में AAP को 0 से 2 जबकि कॉन्ग्रेस को 7-9 सीट मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। यहाँ भाजपा को 2-4 सीट मिलने का अनुमान है। भाजपा को यदि 4 सीट मिलती हैं तो यह AAP सरकार के लिए बड़ा झटका होगा।

तमिलनाडु में भी भाजपा का खाता खुलने की उम्मीद है। NDA के तमिलनाडु में 2-4 सीट मिलने का अनुमान जताया गया था। 2019 में यहाँ 39 में से 38 सीट UPA गठबंधन को मिली थीं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में भी NDA को बड़ा फायदा हो रहा है। आन्ध्र प्रदेश में 25 में से 21-23 सीट NDA के जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है। सत्ताधारी YSRCP यहाँ 2-4 सीट पर सिमट सकती है।

विपक्ष जहाँ अपने सत्ता वाले राज्यों में अपनी जमीन नहीं बचा पाया है, वहीं उसकी हालत भाजपा शासित राज्यों में और खराब है। उत्तर प्रदेश , राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में INDI गठबंधन को कोई फायदा नहीं हो रहा है।

अरुणाचल प्रदेश में BJP को प्रचंड बहुमत, सत्ता में धमाकेदार वापसी, कॉन्ग्रेस को मिल नहीं रहे थे कैंडिडेट : सिक्किम में सत्ताधारी SKM का क्लीन स्वीप

अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में मतगणना जारी है। अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिल रहा है। बीजेपी के 10 उम्मीदवार तो निर्विरोध चुने गए थे। वहीं, सिक्किम में सत्ताधारी दल SKM क्लीन स्वीप करता दिख रहा है। दोनों राज्यों में रविवार (02 जून 2024) की सुबह 6 बजे से मतगणना शुरु हुई है। दोनों ही राज्यों में बीजेपी और एनडीए को प्रचंड बहुमत मिल रहा है।

अरुणाचल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में कुल 60 सदस्य होते हैं। यहाँ बीजेपी की सरकार है। इस बार 60 में से 10 सीटों पर उसे किसी तरह की कोई चुनौती ही नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री समेत 10 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए थे। कॉन्ग्रेस को इन सीटों पर उम्मीदवार तक नहीं मिले। बाकी दलों का भी यही हाल रहा। अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियाँ क्लीनस्वीप करती दिख रही हैं।

अरुणाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस की हालत इतनी खराब है कि वो महज 1 सीट पर आगे चल रही है, जीत तो अभी दूर की कौड़ी है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में एनसीपी भी कॉन्ग्रेस से आगे चल रही है। अजित पवार की एनसीपी 3 सीट पर आगे चल रही है। बीजेपी 10 सीटों पर जीत के अलावा 30 सीटों पर आगे चल रही है। एनपीईपी 8 सीटों पर आगे है, तो पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल 3 सीटों पर।

10 सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद कुल बची 50 में से 45 सीटों के रुझान आ चुके हैं। इन सीटों के लिए 19 अप्रैल 2024 को ही मतदान कराए गए थे। नतीजे अब जारी किए जा रहे हैं।

सिक्किम में सत्ताधारी SKM का क्लीनस्वीप

सिक्किम में सत्ताधारी सिक्किम क्रांतिकारी पार्टी क्लीन स्वीप करती दिख रही है। कुल 32 विधानसभा सीटों में से 31 पर सिक्किम क्रांतिकाारी मोर्चा के उम्मीदवार आगे चल रहे है। वहीं, विपक्षी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट का एक प्रत्याशी ही आगे है। यहाँ पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की ही सरकार थी। पिछले चुनाव में कॉन्ग्रेस को सत्ता से बेदखल कर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा सत्ता में आई थी।

सिक्किम में विधानसभा चुनाव के लिए 19 अप्रैल 2024 को मतदान कराया गया था और अभी शुरुआती नतीजे सामने आ रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश की तरह ही सिक्किम में भी कॉग्रेस का खाता नहीं खुलता दिख रहा है। वहीं, सिक्किम में भले ही बीजेपी के लिए सीटें न आ रही हो, लेकिन सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा एनडीए का हिस्सा है। ऐसे में सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में एनडीए का जादू चला है।

10 Exit Polls के आँकड़े देखें एक साथ… 2 में NDA कर रही 400 पार: दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात में BJP की क्लीन स्वीप, इंडी की हालत खराब

2024 लोकसभा चुनावों के सातवें चरण के मतदान के बाद अब लोगों को सिर्फ नतीजों का इंतजार है। हर कोई अपनी गठबंधन को जिताना चाहता है और अलग-अलग अनुमान लगा रहा है। ऐसे में अलग-अलग एग्जिट पोल्स ने भी आगामी 4 जून को लेकर अपने अनुमान लगाए हैं।

इनमें से 10 एजेंसियों के अनुमान हम एक ही जगह आपके साथ साझा करने जा रहे हैं। वैसे तो इन सबके आँकड़े अलग-अ्लग हैं। लेकिन, सबसे खास यह है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार दोबारा से बनती हुई दिखाई दे रही है।

एक भी एग्जिट पोल में पिछले लोकसभा चुनावों के नतीजों के मुकाबले एनडीए की कम सीट नहीं दिखाई गई है। उधर पूरे इंडी गठबंधन की हालत खस्ता है। इतने सारे दलों के एकजुट होने के बावजूद वो बहुमत के आँकड़े से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं। 542 लोकसभा सीटों को लेकर हुए मतदान में किसी को भी सरकार बनाने के लिए 272 सीटों के साथ बहुमत चाहिए।

‘जन की बात’ एग्जिट पोल

इस एग्जिट पोल में NDA को 377 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं INDI गठबंधन को 151 सीटें मिलती दिखाई गई हैं और अन्य के हिस्सेत 15 सीट आ सकती हैं।

रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल

रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल ‘मैट्रिज’ में एनडीए को 353-368 सीटें मिलने का अनुमान है। रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल में कॉन्ग्रेस गठबंधन को 118-133 सीटें, जबकि अन्य को 43-48 सीटें मिलने की संभावना है।

रिपब्लिक टीवी का ‘P MARQ’

P MARQ एग्जिट पोल में एनडीए को 359 सीटें आती दिखाई गई हैं। वहीं 154 सीट इंडी गठबंधन को और 30 सीट अन्य को।

न्यूज नेशन का एग्जिट पोल

न्यूज नेशन ने अपने एग्जिट पोल में एनडीए को 342-378 सीटें मिलने की संभावना जताई है। न्यूज नेशन के एग्जिट पोल के मुताबिक, इंडिया गठबंधन को 153-169 सीटें, जबकि अन्य को 21-23 सीटें मिल सकती हैं।

ABP – C वोटर्स का एक्जिट पोल

ABP- C वोटर्स ने भी अपने एक्जिट पोल में NDA की सरकार बनना तय बताया है। कुल 543 लोकसभा सीटों में से 463 सीटों के जारी किए गए एग्जिट पोल में ABP- C वोटर्स ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 278 से 330 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। इंडी गठबंधन के खाते में महज 126 से 174 सीटें आने का अनुमान है। इसके अलावा अन्य के हिस्से में 4 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है।

इंडिया न्यूज़ का एग्जिट पोल

इंडिया न्यूज़ ने भी D- डायनेमिक के साथ मिल कर एग्जिट पोल जारी किया है। इस पोल के मुताबिक NDA गठबंधन 372 सीटों के साथ एक बार फिर से सरकार बनाने जा रहा है। इसी एग्जिट पोल में इंडी गठबंधन को 124 व अन्य को 47 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

न्यूज़ 24 का एग्जिट पोल

न्यूज़ 24 ने भी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए टुडेज चाणक्य के साथ मिल कर एग्जिट पोल जारी किया है। 518 सीटों के लिए जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक NDA गठबंधन 376-400 सीटों के साथ तीसरी बार सत्ता में आने जा रहा है। इसी सर्वे में इंडी गठबंधन को 103 के आसपास सिमटते बताया गया है।

इंडिया TV का एग्जिट पोल

इंडिया TV ने भी पोलस्ट्रेट के साथ मिल कर लोकसभा चुनाव 2024 का एग्जिट पोल जारी किया है। इस एग्जिट पोल में NDA को 400 पार बताया गया है। इंडिया TV के 543 सीटों के एग्जिट पोल के मुताबिक NDA गठबंधन को 371 से 401 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है। इंडिया TV – पोलस्ट्रेट ने इंडी गठबंधन के हिस्से में 109 से 139 व अन्य के खाते में 28 से 38 सीटें आने का अनुमान जताया है।

दैनिक भास्कर का एग्जिट पोल

दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए को 281 से 350 सीटें आ सकती हैं। विपक्ष को 145 से 201 और अन्य को 22 से 49 तक सीट मिल सकती है।

इडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया

इंडिया टुजे के ‘एक्सिस माय इंडिया’ पोल के अनुसार, एनडीए को 361 से 401 तक सीटें आ सकती हैं जबकि इंडी को 131 से 166 सीट और अन्य को 8-20 सीट मिल सकती है।

राज्यों में क्या होगा NDA और INDI का हाल

सारे एक्जिट पोल देखते हुए अगर राज्यों की स्थिति पर गौर करें तो बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में 26-31 सीट भाजपा के खाते में आती दिख रही है और टीएमसी को 11 से 14, जबकि कॉन्ग्रेस और लेफ्ट को मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 3 सीट आ सकती है। उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस का खाता खुलता नहीं दिख रहा, सारी 5 सीटें एनडीए को आती दिखाई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी एनडीए को 10-11 सीट मिलती दिख रही हैं जबकि कॉन्ग्रेस को ज्यादा से ज्यादा एक। हिमाचल प्रदेश में सारी सीटें भाजपा के हिस्से आती दिख रही हैं। गुजरात में भी 26 सीटें भाजपा के खाते में आती दिखाई गई हैं। कुल पोल हैं जैसे एबीपी सी वोटर्स और एक्सिस माय इंडिया के पोल जिसमें एक सीट INDI को मिलती दिख रही है। हरियाणा को लेकर लगाए गए अनुमानों में भाजपा को 10 सीटों में 7-8 सीट मिलेंगी।

इसी तरह यूपी की 80 सीटों में 69 से 74 सीटें भाजपा के खाते में आती दिखाई गई हैं और इंडी के खाते में 6-11 सीट। बिहार की 40 सीटों में एनडीए को 29-33 सीट आती बताई गई है, इंडी को 7-11 सीट। इसी तरह दिल्ली को लेकर जारी आँकड़ों की मानें तो 7 की 7 लोकसभा सीट पर एनडीए का कब्जा हो सकता है और इंडी को ज्यादा से ज्यादा 1 सीट मिल सकती है। कर्नाटक में एनडीए को 20-26 सीट मिल सकती है और इंडी को 3-5 सीट। आँध्र प्रदेश की 25 सीटों में एनडीए को 19-25 तक सीट मिलती दिखाई गई है जबकि YSRC को 5-8 सीट। तेलंगाना की 17 सीट में एनडीए के हिस्से 7-9 सीट आ सकती है और इंडी को भी इतनी ही।

विपक्ष से नहीं पच रहे Exit Poll के आँकड़े, सारे अनुमानों को गलत बताया: नेता बोले- हम नहीं मानते इसे, इंडी गठबंधन जीतेगी 300+ सीट

साल 2024 लोकसभा चुनावों का मतदान खत्म होने के बाद एक्जिट पोल जारी हो गए हैं। लगभग सभी Exit Poll में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनती दिख रही है। Exit Poll के बाद जहाँ NDA गठबंधन के सभी घटक दलों और उनके समर्थकों में ख़ुशी की लहर है तो वहीं विपक्ष के तमाम नेता इसे पचा नहीं पा रहे हैं। इंडी गठबंधन के तमाम नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं जिसमें उन्होंने एक्जिट पोल को सिरे से नकार दिया है।

कॉन्ग्रेस नेत्री और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे जनता नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी का एक्जिट पोल करार दे डाला है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन ने इस बार वैज्ञानिक विधि से अनुमान लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि INDI गठबंधन इस बार कम से कम 295 लोकसभा सीटें जीतने जा रहा है। आज जारी हुए एक्जिट पोल को सुप्रिया ने टीवी पर बज रहा झुनझुना बताया है।

पंजाब के कॉन्ग्रेस नेता और गुरुदासपुर से लोकसभा प्रत्याशी सुखजिंदर सिंह रंधवा ने भी इंडी गठबंधन के ही जीतने का दावा किया है। उन्होंने कहा, “एग्जिट पोल कुछ भी हों लेकिन सरकार इंडी गठबंधन की ही बनेगी।”

महाराष्ट्र से कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले का दावा है कि इस बार के चुनावों में इंडी गठबंधन 300 से अधिक सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव भाजपा और जनता के बीच में था। नाना पटोले ने 4 जून को हर हाल में इंडी गठबंधन की जीत का भरोसा जताया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल के आंकड़ों से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जनता मुँह मोड़ चुकी है और आने वाले 4 जून को इंडी गठबंधन ही सरकार बनाएगा। NDA को अखिलेश यादव अधिकतम 140 सीटों पर सिमटता हुआ बता रहे हैं। अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल जारी करने वाली मीडिया पर ही आरोप जड़ दिया और कहा कि ये सब अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

गौरतलब है कि शनिवार (1 जून) को तमाम मीडिया व सर्वे संस्थानों ने अपने-अपने एक्जिट पोल जारी कर दिए हैं। लगभग सभी संस्थानों के पोल के अनुसार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में आ रही है। अधिकतर अनुमानों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 350 से अधिक सीटें मिलती दिख रहीं हैं। इंडी गठबंधन को इन सभी आंकड़ों में 150 सीटों के आसपास सिमटता दिखाया गया है।

‘जीवन का पल-पल, शरीर का कण-कण राष्ट्र को समर्पित’ : माँ भारती के चरणों में बैठ PM मोदी ने दोहरया संकल्प, तपस्या पूरी कर साझा किया ‘अलौकिक’ अनुभव

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सभी 7 चरणों का प्रचार खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (30 मई 2024) को कन्याकुमारी पहुँचे थे। यहाँ शनिवार (1 जून 2024) को उन्होंने विवेकानंद रॉक मेमोरियल सूर्योदय के समय सूर्य को अर्ध्य दिया।

PM मोदी ने इस स्थान पर तीसरे और अपने अंतिम दिन की साधना समाप्त की। साधना पूरी के बाद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक पत्र शेयर किया है जिसे नरेंद्र मोदी द्वारा लिखा गया है। इस पत्र में मोदी ने अपने जीवन का एक-एक क्षण भारत माता की सेवा में बिताने का संकल्प दोहराया है।

निर्मला सीतारमण ने शनिवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र अपने X हैंडल पर शेयर किया है। इस पत्र में PM मोदी ने कन्याकुमारी के विवेकानंद शिला स्मारक को एक अलौकिक और दिव्य अनुभूति देने वाला स्थान बताया है।

शिला का इतिहास बताते हुए PM मोदी ने लिखा, “इसी शिला पर माँ पार्वती और स्वामी विवेकानंद जी ने तपस्या की थी। आगे चल कर इस शिला स्मारक के रूप में एकनाथ रानाडे जी ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को जीवंत कर दिया।”

स्वामी विवेकानंद को आध्यात्मिक नवजागरण का प्रणेता बताते हुए नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना आदर्श, अपनी ऊर्जा व साधना का स्रोत माना है। विवेकानंद रॉक मेमोरियल के बारे में बताते हुए मोदी ने लिखा है कि कई साल पहले पूरा देश भ्रमण कर के जब स्वामी विवेकानंद वहाँ पहुँचे थे तो उनको इसी जगह पर भारत के पुनरुत्थान की दिशा मिली थी। मोदी ने यह भी कहा कि आज में आ रहा बदलाव स्वामी विवेकानंद के सपनों के अनुरूप है। कन्याकुमारी में की गई इस साधना को मोदी ने अपने जीवन में कभी न भूल पाने वाला समय बताया है।

पत्र के अंत में PM मोदी ने स्वयं को माँ भारती की सेवा में समर्पित रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने लिखा, “मेरे जीवन का पल-पल और शरीर का कण-कण सदैव राष्ट्र की सेवा में समर्पित रहेगा। राष्ट्र की उन्नति और देशवासियों के कल्याण की कामना के साथ माँ भारती को कोटि-कोटि नमन।” नीचे नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर और 1 जून 2024 की तारीख पड़ी हुई है।

2024 में NDA की ही बनेगी सरकार, टूटेगा 2019 का रिकॉर्ड भी: जानें Exit Polls में INDI गठबंधन का क्या है हाल

लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण के मतदान के साथ 1 जून को सम्पन्न होने के बाद अब मीडिया संस्थानों ने एक्जिट पोल देना शुरू कर दिया है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व में की सरकार बनती नजर आ रही है। वहीं पूरा विपक्ष इकट्ठा होने के बाद भी हारता दिख रहा है।

अलग-अलग एग्जिट पोल्स के अनुमान अलग हैं लेकिन सबमें कॉमन बात एनडीए की जीत है। जैसे-

  • -इंडिया न्यूज के डी डायनामिक्स में एनडीए को 371 सीटें मिलती दिखाई गई हैं, INDI ब्लॉक को 125 और अन्य को 47।
  • – इसी तरह जन की बात के एग्जिट पोल ने एनडीए को 362-392 सीटें मिलती हुई दिखाई हैं, INDI ब्लॉक को 141-161 सीट मिली है और अन्य को 10-20।
  • -रिपब्लिक भारत के मैटरिज ने एनडीए को 353-368, INDI ब्लॉक के 118-133 और अन्य को 43-48।
  • -रिपब्लिक टीवी-पी के MARQ ने एनडीए को 359 सीट दी है, INDI गठबंध को 154 और अन्य को 30।

एग्जिट पोल मतदान केंद्रों से बाहर निकलने के तुरंत बाद मतदाताओं के सर्वेक्षण पर आधारित होता है। आमतौर पर, समाचार पत्रों और TV चैनलों के लिए काम करने वाली निजी सर्वेक्षण फर्म या संस्थाएँ मतदाताओं से पूछती हैं कि उन्होंने वास्तव में किसे वोट दिया और यह मानते हुए कि उन्हें सही उत्तर मिले हैं, वे परिणाम के रुझान की भविष्यवाणी करते हैं।

एग्जिट पोल पर आधारित चुनावी भविष्यवाणियों ने पिछले एक दशक में टेलीविजन की पहुँच को भारत में डिजिटल समाचार पोर्टलों के बढ़ने के साथ काफी बढ़ा दिया है। यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऐसे एग्जिट पोल अक्सर फेल होते हैं, जिसकी बड़ी वजह है सैंपल साइज का छोटा होना और दूसरा जिनसे पूछा गया – उन्होंने कितना सही जवाब दिया।

बता दें कि पिछले साल एग्जिट पोलों में भाजपा के नेतृत्व में जीत दिखाई गई थी। उस समय भाजपा ने अकेले 300 का आँकड़ा पार करते हुए 303 सीटें पर कब्जा कर लिया था जबकि एनडीए की सीटें 352 थी। वहीं कॉन्ग्रेस के कुल 52 सीट मिली थी।

मस्जिद के आगे मरा जंगली सुअर फेंक फरार हुआ कार सवार, इमाम सोते रह गए: स्वीडन में हंगामा, दुनिया भर के मुस्लिम विरोध में उतरे

यूरोपीय देश स्वीडन में एक मस्जिद के बाहर मरा हुआ सुअर फेंके जाने की घटना सामने आई है। CCTV फुटेज में कार से आया एक अज्ञात व्यक्ति इस घटना को अंजाम दे गया। घटना से नाराज मुस्लिमों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। दुनिया भर से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोपित को गिरफ्तार करके कड़ी सजा की माँग की है। फिलहाल अभी तक आरोपित की पहचान या कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना मंगलवार (28 मई 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना स्वीडन के स्कोवडे शहर की है। यहाँ 1 साल पहले एक मस्जिद खोली गई थी जिससे अब लगभग एक हजार लोग जुड़ चुके हैं। मस्जिद का संचालन फिलहाल स्माजो सहात कर रहे हैं जिन्होंने बताया कि इस से पहले वहाँ किसी प्रकार की कोई धमकी नहीं आई थी। मस्जिद के CCTV फुटेज में यह घटना कैद हुई है। मंगलवार की देर रात एक व्यक्ति कार से मस्जिद के सामने रुका। उसने कुछ सामान फेंका और फिर कार ले कर फरार हो गया। सुबह कुछ लोगों ने स्माजो सहात को मस्जिद के बाहर कुछ पड़ा होने की जानकारी दी।

स्माजो सहात ने आगे बताया कि जब उन्होंने मस्जिद के बाहर निकल कर देखा तो वहाँ एक मरा हुआ सुअर पड़ा था। सुअर जंगली था। आनन-फानन में यह खबर आसपास के मुस्लिमों तक पहुँच गई। उन्होंने इस घटना का विरोध किया और पुलिस से आरोपितों को चिन्हित कर के कड़ी कार्रवाई की माँग शुरू कर दी। शिकायत स्वीडन के ही एक नस्लीय समूह के सदस्यों के खिलाफ दी गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। फिलहाल अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। स्वीडिश पुलिस ने इसे नफरत में की गई एक हरकत करार दिया है। इस हरकत से पूरी दुनिया के मुस्लिम समुदाय के लोगों में नाराजगी है।

T20 क्रिकेट विश्वकप पर भारतीय टीम का होगा कब्जा: कॉम्बिनेशन, रिप्लेसमेंट और इन खिलाड़ियों का बदला खेल दिलाएगा देश को ट्रॉफी

आईसीसी टी-20 क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत हो रही है। 5 जून को भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला आयरलैंड के खिलाफ खेलेगी। लेकिन उससे पहले भारतीय टीम 1 जून को बांग्लादेश के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेलने उतरेगी, जिसमें भारतीय टीम की बैटिंग और बॉलिंग कॉम्बिनेशन का लगभग खुलासा हो जाएगा। वैसे इस बार की भारतीय टीम पिछले विश्व कपों के मुकाबले कहीं ज्यादा संतुलित लग रही है। ऐसे में देखना ये होगा कि भारतीय टीम को कौन सा कॉम्बिनेशन इस विश्व कप की ट्रॉफी को उठाने में मददगार साबित हो सकता है।

आईसीसी टी-20 विश्वकप के पिछले संस्करण यानी साल 2022 में जिस टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों 10 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी, उस टीम और इस टीम में 9 खिलाड़ी तो वही हैं, लेकिन साल 2022 और साल 2024 की टीम के बीच जिन 6 खिलाड़ियों का अंतर है, जो बाकी टीमों के लिए सिरदर्द साबित हो सकते हैं। वहीं, पुराने खिलाड़ियों का भी खेल बदला-बदला सा नजर आ रहा है, इसमें विराट कोहली, शिवम दुबे को ही देख लीजिए। इस बार, पिछली टीम के मुकाबले 6 जिन खिलाड़ियों को जगह मिली है, उनमें हैं-जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन। ये खिलाड़ी आईपीएल में भी शानदार रंग में दिखे हैं। इसमें भी मुख्य खिलाड़ियों जैसे रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और जसप्रीत बुमराह का नाम तो सीधे टीम में शामिल होता है।

अब बात बैटिंग ऑर्डर की करें तो टॉप 3 पोजिशन के लिए रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव का नाम तय है। इसमें लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन के लिए यशस्वी जायसवाल को ओपनर के तौर पर उतारते हैं, तो ये देखना होगा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली में तीसरे नंबर पर कौन बल्लेबाजी के लिए आता है। वहीं, नंबर चार पर सूर्यकुमार यादव भी आएँगे। अगर यशस्वी को बाहर रखा जाता है, तो रोहित-विराट ओपनिंग कर सकते हैं और सूर्या को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कराई जा सकती है। इस स्थिति में चौथे नंबर पर ऋषभ पंत और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। दोनों विकेट कीपर हैं। ऐसे में अगर यशस्वी को ऊपर खिलाया जाता है, तो ऋषभ पंत की बैटिंग पोजिशन पाँचवें नंबर पर खिसक सकती है।

इन खिलाड़ियों के बाद बैटिंग क्रम में शिवम दुबे को खिलाया जा सकता है। इस स्थान पर बहस इसलिए भी हो सकती है कि अगर यशस्वी को ओपनिंग की जगह मिडिल ऑर्डर में खिलाया जाता है, तो वो शिवम दुबे की जगह को चुनौती दे सकते हैं। वहीं, इसके बाद हार्दिक पांड्या का नंबर लगभग तय है। हार्दिक के बाद सातवें नंबर पर रविंद्र जडेजा टीम की पहली पसंद होंगे। उनके अनफिट होने या उन्हें आराम देने के नाम पर भले ही उनकी जगह अक्षर पटेल को मौका दिया जा सकता है, वो भी कमजोर टीमों के खिलाफ, वर्ना अक्षर को मौके कम ही मिलने वाले हैं। कारण एक ही है कि दोनों एक जैसे ही खिलाड़ी हैं। वैसे, हार्दिक पांड्या को लेकर पिछले 2-3 दिनों से जो रिपोर्ट आ रही है, उसके मुताबिक, इस बार हार्दिक पांड्या अपने पुराने लय और आक्रामक अंदाज में दिखने वाले हैं, जो आते ही लंबे-लंबे छक्के लगाता है और कुछ ही ओवरों में मैच का रुख पलट सकता है। पांड्या इस बार टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर भी साबित हो सकते हैं।

गेंदबाजी की बात करें, तो तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की टीम में निर्विवादित अगुवा की जगह है। उनके साथ अर्शदीप सिंह को बॉलिंग का मौका मिल सकता है। इसका कारण है दोनों ही गेंदबाजों का एकदम उलट होना। एक तरफ जसप्रीत बुमराह के पास तेजी है तो सटीकता भी है, वहीं अर्शदीप बाएँ हाथ की गेंदबाजी करते हैं। अगर तीसरे तेज गेंदबाज को उतारा जाता है, तो मोहम्मद सिराज को भी मौका मिल सकता है, लेकिन दुबे/पांड्या की मौजूदगी को देखते हुए सिराज और अर्शदीप को अदला-बदली के तौर पर अलग-अलग मैचों में आजमाया जा सकता है।

स्पिन गेंदबाजी जडेजा/अक्षर की जगह तय होने की वजह से दूसरे स्पिनर के तौर पर कुलदीप यादव की टीम में जगह पक्की है। टीम तीसरे स्पिनर को खिलाती है और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ एक और स्पिनर को मौका देती है, तो एक तेज गेदबाज की जगह पर युजवेंद्र चहल भी खेल सकेंगे। हालाँकि बाएँ हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता होने की स्थिति में कुलदीप की जगह किसी मैच में युजवेंद्र चहल को भी दूसरे स्पिनर के तौर पर जगह मिल सकती है।

इस तरह से देखा जाए, तो सभी 15 खिलाड़ियों की जगह टीम में तय है। कुछ खिलाड़ी एक दूसरे का रिप्लेसमेंट हैं। ऐसे में किसी बड़ी या कमजोर टीम को देखते हुए टीम में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन एक बात तो तय है कि पहली बार भारतीय टीम में शामिल सभी 15 खिलाड़ी पूरी तरह से तैयार और अनुभवी नजर आ रहे हैं। ऐसे में हम सभी उम्मीद कर सकते हैं कि इस बार ट्रॉफी भारत आ ही जाएगी।

टी-20 विश्वकप के मैचों में मेरी पसंद की भारतीय टीम: रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्य कुमार यादव, संजू सैमसन/ऋषभ पंत, शिवम दुबे/यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पांड्या, रविंद्र जडेजा/अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद सिराज/युजवेंद्र चहल

2 जून को जाना ही होगा अरविंद केजरीवाल को जेल, दिल्ली कोर्ट से नहीं मिली तुरंत बेल: ED ने दलील दी- तबीयत नहीं है खराब, सिर्फ भ्रमित कर रहे

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को फिलहाल राउज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिलती नहीं दिख रही है। उनके द्वारा डाली गई अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट 5 जून को फैसला सुनाएगा। अदालत द्वारा मिली इस तारीख के बाद यह तय हो गया है कि 2 जून 2024 (रविवार) को दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेल में सरेंडर करना ही होगा। अपनी दलील में अरविन्द केजरीवाल ने बीमारी का हवाला दिया था। हालाँकि ED ने इस दलील को निराधार बताते हुए जमानत का विरोध किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट की जज कावेरी बावेजा की अदालत में हुई। अदालत में अरविन्द केजरीवाल का पक्ष एन हरिहरन ने रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। जेल में अरविन्द केजरीवाल को बेहतर इलाज न मिल पाने की दलील देते हुए उनके वकील ने अंतरिम जमानत की अवधि 7 दिनों के लिए और बढ़ाने की माँग की। एन हरिहरन ने बताया कि अरविन्द केजरीवाल साल 1994 से डायबिटीज के मरीज हैं और लगातार इन्सुलिन ले रहे।

हालाँकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री की इस दलील का विरोध किया। ED का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अरविन्द केजरीवाल पर न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने अरविन्द केजरीवाल द्वारा की गई उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने बिना अदालत का फैसला आए ही 2 जून को सरेंडर करने का ऐलान कर दिया था।

ED ने अदालत से गुजारिश की है कि अरविन्द केजरीवाल को जमानत न दी जाए। इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि कैसे जमानत पाने के बाद केजरीवाल अपना मेडिकल टेस्ट कराने की बजाय रैलियाँ और रोड शो कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे तो यही लगता है कि वो बीमार नहीं है। इसके साथ ही केजरीवाल द्वारा जो जेल में 7 किलो वजन कम होने की बात कही गई थी, उस पर कोर्ट में बताया गया कि असल में अरविंद केजरीवाल का वजन 1 किलो बढ़ा था, न कि कम हुआ था। ईडी दोनों पक्षों की दलीलों को सुन कर कोर्ट ने फैसले के लिए 5 जून (बुधवार) की तिथि तय कर दी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए अरविन्द केजरीवाल फिलहाल अंतरिम जमानत पर हैं। उन्हें 10 मई 2024 को अदालत द्वारा 21 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। इस जमानत की मियाद 2 जून को खत्म हो रही है। इसी को 1 हफ्ते और बढ़ाने के लिए केजरीवाल ने अदालत में अर्जी लगाई थी। हालाँकि फिलहाल उन्हें कोई राहत अदालत ने नहीं दी है।

‘UP पुलिस के IPS अफसर ने महिला को पीटा’: सपा नेताओं और कट्टर इस्लामियों ने चुनाव के समय वायरल किया वीडियो, पंजाब के मामले की जानिए सच्चाई

सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे उत्तर प्रदेश का बताया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक द्वारा किसी महिला को पहले डाँटते, फिर पीटते हुए देखा जा सकता है। समाजवादी पार्टी से जुड़े कई नेताओं व कुछ कट्टर इस्लामी हैंडलों ने इसे UP पुलिस विरोधी रूप और रंग देने का प्रयास किया है। इन लोगों ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को UP कैडर IPS अधिकारी आशीष तिवारी बताया है। ऑपइंडिया ने इस वीडियो की पड़ताल की।

समाजवादी पार्टी की सरकार में राजयमंत्री के ओहदे पर रह चुके नेता आईपी सिंह ने 21 सेकेंड लम्बे इस वीडियो को शुक्रवार (31 मई 2024) को अपने X हैंडल पर शेयर किया है। वीडियो में महिला की पिटाई के दौरान पास ही खड़ा एक अन्य व्यक्ति सब चुपचाप देखता है। सामने मौजूद कोई अन्य व्यक्ति चुपके से पूरी घटना रिकॉर्ड करता है, जो बाद में वायरल हो गई। इस वीडियो की आड़ में सपा नेता आईपी सिंह ने UP की योगी सरकार तक को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।

आईपी सिंह की ही तरह उनकी पार्टी के यासर शाह, राघवेंद्र यादव, सत्या यादव और राहुल यादव आदि ने भी इसे IPS आशीष तिवारी से जुड़ी घटना बतानी शुरू कर दी। मामले को कथित तौर पर UP पुलिस व योगी सरकार से जुड़ने की आहट पाकर कुछ समुदाय विशेष के लोग भी सक्रिय हो गए। इनमें फिरदौस फिजा प्रमुख हैं। अपने X हैंडल से फिरदौस ने पुलिस अधिकारी पर की गई कार्रवाई का अपडेट तक पूछ डाला। खास बात यह है कि भारत के इस मसले में फिरदौस ने #Netanyahu, #Rafah और #Genocide जैसे हैशटैग लगाए।

X के अलावा भी इस वीडियो को कुछ अन्य लोगों ने सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्मों पर शेयर किया है।

जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई

ऑपइंडिया ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की। अपनी पड़ताल के दौरान हमने पाया कि 27 मई 2024 को UP पुलिस द्वारा इस घटना पर सफाई दी गई है। पुलिस ने बताया, “यह वीडियो उत्तर प्रदेश से न होकर थाना जीरकपुर, मोहाली, पंजाब में सन् 2018 की घटना से संबंधित है।”

जब हम इस वीडियो की तह तक गए तो पता चला कि जिसे UP कैडर IPS आशीष तिवारी बताया जा रहा है, वो असल में पंजाब का AIG आशीष कपूर है।

आशीष कपूर पूर्व में 1 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के मामले में सस्पेंड भी किया जा चुका था। साल 2023 में यह वीडियो पहली बार वायरल होने के बाद आशीष कपूर पर FIR भी दर्ज कर ली गई थी। जिस महिला की पिटाई हो रही है, उसने आशीष कपूर पर केस दर्ज करवाया था। केस में उसने आशीष पर खुद से जबरन शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। बाद में आशीष कपूर को जेल भी काटनी पड़ी थी। साल 2022 में पंजाब कैडर अधिकारी आशीष कपूर बर्खास्त भी कर दिए गए थे।

इस पूरे मामले पर ऑपइंडिया ने आईपीएस आशीष तिवारी से बात की। आशीष तिवारी उच्च शिक्षा के लिए फिलहाल अमेरिका में हैं। उन्होंने बताया कि वीडियो वायरल होते ही सूचना पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई थी, जिसका पुलिस ने खंडन भी कर दिया है।

आशीष तिवारी ने अपील भी की है कि लोग किसी भी खबर को बिना सोचे-समझे और पूरी सच्चाई जाने बिना शेयर अथवा विश्वास करने से बचें। अतः हमारी पड़ताल में यह निकल कर सामने आया कि वायरल हो रहा वीडियो UP के आईपीएस आशीष तिवारी के बजाय पंजाब कैडर के अधिकारी आशीष कपूर का है।