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पत्नी का सर धड़ से अलग किया, रात भर बैठ कर उतारी खाल, दिख रही थी नसें और आँतें… रात का खाना नहीं मिला तो पति बना हैवान

क्या कोई सिर्फ इसलिए अपनी पत्नी की हत्या कर सकता है, क्योंकि उसने रात में खाने के लिए खाना न दिया हो? कर्नाटक के तुमकुर से ऐसी ही वारदात सामने आ रही है, जहाँ खाना न देने के लिए अपनी पत्नी की हत्या करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वारदात सोमवार (27 मई 2024) की रात कुनिगल तालुक के हुलियुरुदुर्गा शहर में हुई। मंगलवार की सुबह जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो 35 साल की पुष्पालता का शव पुलिस को मिला। उसके ही पति शिवराम ने न सिर्फ पुष्पलता की हत्या कर दी थी, बल्कि बड़ी ही बेरहमी से पत्नी का सिर धड़ से अलग करने के बाद पूरी रात उसके शरीर से चमड़ी यानी खाल को उतारता भी रहा। इस दौरान उनका 8 साल का बच्चा घर के अंदर ही सोता रहा।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित शिवराम चीरघर में काम करता है और रोजाना अपनी 35 साल की पत्नी के साथ झगड़े किया करता था। सोमवार की रात पुष्पलता ने शिवराम को रात का खाना परोसने से मना कर दिया, इसे लेकर दोनों में रात खूब बहस भी हुई थी और फिर शिवराम ने चाकू से वार किया और फिर छुरी से उसका सिर काट दिया, जिससे उसके शरीर के हिस्से क्षत-विक्षत हो गए।

जानकारी मिली है कि पत्नी द्वारा रात का खाना परोसने से मना करने के बाद शिवराम ने इस वारदात को अंजाम दिया। महिला का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था और उसकी नसें और आँतें दिख रही थी, क्योंकि खाल उसने उतार दी थी। सुबह कटा हुआ सिर लेकर शिवराम शव के पास ही बैठा दिखाई दिया।

तुमकुर के पुलिस अधीक्षक अशोक वेंकट ने कहा कि हमने आरोपित को पकड़ लिया है। शिवराम और पुष्पा 10 साल से अंतरजातीय विवाह में बंधे थे। उनके बीच छोटी-मोटी लड़ाइयाँ होती थीं। लेकिन सोमवार की रात उसने पत्नी की हत्या कर सुबह मकानमालिक को इसकी सूचना दी। हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और शिवराम को गिरफ्तार कर लिया है।

भगवा वस्त्र, भगवान भास्कर को अर्घ्य, ओंकार का नाद, हाथों में माला… जिस ‘विवेकानंद शिला स्मारक’ का कभी ईसाई नाविकों ने किया था बहिष्कार, वहाँ PM मोदी की चल रही साधना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित ‘विवेकानंद शिला स्मारक’ पर 45 घंटों की साधना में व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने भगवा वस्त्र धारण किया, उदय हो रहे भगवान भास्कर को जल अर्पित किया और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के सामने बैठ कर ओंकार के नाद के बीच ध्यान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान माला से जाप भी कर रहे हैं। बताते चलें कि भारत के सुदूर दक्षिण हिस्से में स्थित कन्याकुमारी से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य बड़ा मनमोहक होता है।

बता दें कि ‘विवेकानंद शिला स्मारक’ वही स्थान है, जहाँ कभी माँ कन्याकुमारी ने तपस्या की थी और जहाँ स्वामी विवेकानंद को ज्ञान प्राप्त हुआ था। 1962 में कन्याकुमारी के RSS कार्यकर्ताओं के मन में यहाँ भव्य स्मारक बनवाने का विचार आया था। ‘हैंदव सेवा संघ’ के अध्यक्ष वैलयुधन पिल्लई ने इसकी पहल शुरू की। उसी दौरान पश्चिम बंगाल स्थित ‘रामकृष्ण मिशन’ के नेतृत्व में चेन्नई (तब मद्रास) में एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें उसके अध्यक्ष स्वामी सत्त्वानंद भी मौजूद थे और उनके मन में भी ऐसे ही विचार आए।

अब जब लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव के 7वें चरण का मतदान शनिवार (1 जून, 2024) को होना है, उससे पहले PM मोदी की साधना के बीच हमें ये भी याद करने की ज़रूरत है कि तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित ‘विवेकानंद शिला स्मारक’ का निर्माण RSS के सरकार्यवाह रहे एकनाथ रानडे ने बनवाया था। एकनाथ रानडे बताते हैं कि कन्याकुमारी में तब ईसाई मछुआरों की संख्या बहुत अधिक थी, जो उस समय से 400 वर्ष पूर्व हिन्दू हुआ करते थे लेकिन पुर्तगाल से आए सेंट जेवियर ने उनका धर्मांतरण करा दिया।

ईसाई इस जगह पर अपना दावा ठोकते थे और उन्होंने किसी कट्टर पादरी के उकसाने पर इस शिला पर क्रॉस कर दिया था, जिसके विरोध में हिन्दुओं की सभाएँ आयोजित हुईं और रातोंरात इसे किसी तरह हटाया गया। ईसाई इसे सेंट जेवियर की शिला बताते थे, जबकि यहाँ माँ कन्याकुमारी के चरण चिह्न (श्रीपाद) मौजूद है। जब वहाँ पहली बार नौका सेवा प्रारंभ की गई तो स्थानीय नाविकों ने इसका बहिष्कार कर दिया। फिर केरल से नाविकों को बुलाना पड़ा। 17 जनवरी, 1963 को यहाँ शिलालेख स्थापित किया गया था जिसे ईसाइयों ने समुद्र में फेंक दिया था। हालाँकि, फिर भी काम पूरा हुआ।

हिन्दू छात्र पर मुस्लिम भीड़ का हमला, पीट-पीट कर अधमरा कर कबूल करवाया ईशनिंदा का ‘गुनाह’: अब तक नहीं आया होश

बांग्लादेश के बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman Science and Technology University) में पढ़ने वाले हिंदू छात्र उत्सब कुमार ज्ञान को ईशनिंदा के आरोप में मुस्लिम भीड़ ने जमकर पीटा। आरोप है कि उत्सब ने पहले सोशल मीडिया ग्रुप में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ‘अपमानजनक संदेश’ पोस्ट किया और फिर बाद में उसे हटा दिया।

जब यह खबर फैली कि हिंदू छात्र ने कथित तौर पर ‘ईशनिंदा’ की है, तो विश्वविद्यालय के मुस्लिम छात्रों ने रविवार (26 मई 2024) को उसे घेर लिया। मुस्लिमों की भीड़ ने उत्सब को बेरहमी से पीटा और उसे पैगम्बर मुहम्मद का ‘मजाक’ उड़ाने का जुर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद मुस्लिम छात्रों की उन्मादी भीड़ पीड़ित छात्र को प्रॉक्टर मोहम्मद कमरुज्जमाँ के ऑफिस ले गई, जहाँ उसे जबरन लिखित में कबूलनामा देने के लिए मजबूर किया गया।

उत्सब को ‘गुनाह’ कबूल कराने के बाद उसी भीड़ ने फिर से बेरहमी से पीटा और फिर बांग्लादेश के ढाका डिवीजन के गोपालगंज सदर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। गंभीर रूप से घायल उत्सब को गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इस बीच, उत्सब पर हमला करने वाले आरोपितों ने उसके खिलाफ सख्त कानूनी सजा और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्थायी निष्कासन की माँग की।

घायल उत्सब कुमार ज्ञान (बाएं), और पीड़ित को सजा देने की माँग करती मुस्लिम भीड़

खबर लिखे जाने तक पीड़ित बेहोश बताया जा रहा था। इस मामले पर गोपालगंज सदर पुलिस स्टेशन के ओसी ने कहा , “हमने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पहले उसे ठीक होने दीजिए। उसके बाद हम उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे।”

इस बीच, विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर मोहम्मद कमरुज्जमाँ ने कहा, “उसने (उत्सब कुमार ज्ञान) ईशनिंदा की बात कबूल कर ली है। उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी वीसी और डिप्टी-वीसी बाहर हैं। मैंने फोन पर उन्हें जानकारी दी है। उनके लौटने के बाद उत्सब कुमार के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, बांग्लादेश की एक अदालत ने तिथि सरकार नाम की एक हिंदू लड़की को 5 साल जेल की सजा सुनाई थी। जगन्नाथ विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा सरकार पर 2 नवंबर 2020 को पुलिस ने मामला दर्ज किया था। वह विश्व हिंदू संघर्ष परिषद की संयोजक और जगन्नाथ विश्वविद्यालय की छात्र सुरक्षा परिषद की कार्यालय सचिव भी थीं।

मूल रूप से ये खबर अंग्रेजी में लिखी गई है। मूल खबर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

मस्कट से भारत के लिए एयर इंडिया ने भरी उड़ान, एयरहोस्टेस सुरभि खातून ने मलाशय में छिपा रखा था 1 किलो सोना: केरल के कन्नूर एयरपोर्ट पर पकड़ी गई

केरल के कन्नूर में एयर इंडिया की एक एयरहोस्टेस को सोना तस्करी करने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सुरभि खातून नाम की एयरहोस्टेट अपने प्राइवेट पार्ट (मलाशय) में 1 किलो के करीब सोना छिपाकर भारत आ रहीं थीं, लेकिन इसकी सूचना किसी ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों को दे दी और सुरभि खातून गिरफ्तार हुई।

छानबीन में सामने आया कि सुरभि खातून पहले भी सोने की तस्करी के कई मामलों में शामिल रही है। इसके बाद जाँच अधिकारियों ने इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता पर पूछताछ की। पता लगाया गया कि कहीं केबिन क्रू के अन्य सदस्य भी सोने तस्करी की गतिविधियों में तो शामिल नहीं थे।

अभी तक पूछताछ से कथिततौर पर चालक दल के कुछ और सदस्यों की मिली-जुली भगत सामने आई है। ऐसे में सुरभि खातून के बाद कुछ और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि ये नाम सुरभि ने ही अधिकारियों को बताए हैं। उसने ये भी बताया है कि उसे तो तस्करी गथिविधियों के लिए काम पर रखा गया था, इसमें से उसे हर डिलीवरी का कमीशन आता था।

बता दें कि डीआरआई अधिकारियों ने ओमान की राजधानी मस्कट से उड़ान भरकर भारत आने वाली एयर इंडिया एक्प्रेस की फ्लाइट में हो रही सोने तस्करी से जुड़ी जानकारी पाने के बाद ये कार्रवाई की। जाँच के बाद उसके शरीर से करीबन 960 ग्राम सोना बरामद हुआ। अधिकारियों ने उसे पूछताछ के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया और बाद में उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

बकरा, भैंस, भेड़, सूअर… कर्नाटक के डिप्टी CM शिवकुमार का दावा- सरकार गिराने को केरल में अघोरी कर रहे काला जादू

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए तंत्र मंत्र, काला जादू और यज्ञ का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके विरोधी राज्य केरल में इसके लिए एक विशेष यज्ञ का आयोजन कर रहे हैं और साथ ही इसके लिए पशुबलि भी दी गई है।

DCM शिवकुमार ने मीडिया से बताया, “मेरे पास पक्की जानकारी है कि कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार को अस्थिर करने के लिए केरल के एक मंदिर के पास एक सूनसान जगह पर काला जादू किया गया था। इसके लिए ‘राज कंटक’ और ‘मरण मोहन स्तम्भन’ यज्ञ किया। केरल में किए जाने वाले काले जादू के क्रियाकलापों से अवगत लोगों ने हमें यज्ञ करवाने वालों की जानकारी दी।” उन्होंने कहा कि यहाँ शत्रु भैरवी यज्ञ किया गया है जिसमें उन्हें और राज्य के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाया गया है।

कर्नाटक DCM शिवकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि इस तंत्र-मंत्री में अघोरी शामिल हैं और साथ ही यहाँ पशुबलि भी दी जा रही है। उन्होंने कहा, “ये यज्ञ अघोरियों द्वारा किए गए हैं और हमें पता चला है कि पंचबलि अनुष्ठान भी किया गया है। इसमें 21 बकरियों, 3 भैंसों, 21 काली भेड़ों और 5 सूअरों की बलि दी गई। उनको जो करना है करने दीजिए। जिन शक्तियों पर हम विश्वास करते हैं, वे हमारी रक्षा करेंगी। मैं हमेशा घर से निकलने से पहले पूजा करता हूँ।”

DCM शिवकुमार ने यह नहीं स्पष्ट किया कि कौन उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए यह यज्ञ और तंत्र-मंत्र करवा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ लगातार चल रहा है और उन्हें इस विषय में जानकारी इसमें जाने वाले एक आदमी से मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरा काम एक नेता के आदेश पर हो रहा है।

DCM शिवकुमार ने यह कहा कि वह घर से निकलने से पहले हाथ जोड़ कर पूजा करते हैं। उन्होंने बताया कि वह इस प्रकार के काले जादू में विश्वास नहीं करते है और मात्र भगवान में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि उन पर भगवान और आम जनता का आशीर्वाद है।

गो तस्करों से लड़ते थे सुजीत सोनी, जंगल में युवती के साथ मिली लाश: बजरंग दल नेता की ‘मौत’ पर पुलिस थ्योरी से भड़के स्थानीय, कहा- जानवरों की बिछाई तारों ने ली जान

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में रविवार (26 मई 2024) रात बजरंग दल के सह-संयोजक सुजीत सोनी और एक 22 साल की शादीशुदा महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बड़कीमहरी के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के बाद एक थ्योरी दी है, जिसे सुन बजरंग दल के कार्यकर्ता और नगरवासी संतुष्ट नहीं हैं।

पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को पकड़कर बताया कि इन आरोपितों ने जंगली जानवर का शिकार करने के लिए डुमरखी जंगल में तरंगित तारों को बिछाया था। इसी की चपेट में आकर बजरंग दल सह-संयोजक और महिला की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, इन आरोपितों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। साथ ही इनकी बताई जगह से तार, खुंटी, लाठी और अन्य सामान भी बरामद हुआ है। हालाँकि पुलिस द्वारा लिए गए एक्शन से अन्य नगरवासी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने हत्या के इस मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए चक्काजाम करके प्रदर्शन किया। इस दौरान टायर जलाकर विरोध किया गया।

वहीं राज्य मंत्री रामविचार नेताम ने इस मामले में एक प्रेस रिलीज जारी की है। उन्होंने कहा है कि यह घटना दुखद है। अगर इस मामले में पुलिस की जाँच से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है तो मामले में उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी। इसके साथ ही सारी हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।

बता दें कि रविवार (26 -27 मई) रात को बजरंग दल के सह संयोजक सुजीत सोनी की और युवती की हत्या का मामला सामने आया था। 5 दिन पहले की रिपोर्टों में बताया गया था कि आरोपितों ने बजरंग दल के सह संयोजक को इतना पीटा की उनकी हड्डियाँ टूट गईं। वहीं उनका गला काटने की भी कोशिश की गई। बाद में शव को डुमरखी ढाबे से 100 मीटर दूर जंगल में फेंका गया।

इसमें बजरंग दल सह-संयोजक के साथ जो महिला का शव मिला था उसकी पहचान किरण काशी की थी। शुरू में पुलिस ने कहा था कि युवक-युवती को मारने के बाद युवती के शव को जलाने का भी प्रयास हुआ था। आशंका जताई जा रही थी कि ये मामला पुलिस प्रसंग का हो सकता है या फिर गौ तस्करी से संबंधित। पुलिस ने हर एंगल से जाँच करने की बात इस मामले में कही थी। लेकिन ‘शिकार’ वाला एंगल पता चलने के बाद इसी पर गिरफ्तारी हुई।

इतना कंफ्यूजन क्यों है मी लॉर्ड? MP हाई कोर्ट ने इस्लामिक कानून का हवाला हिंदू+मुस्लिम की शादी को बताया ‘अवैध’, इलाहाबाद HC ने कहा- अलग धर्म वाले स्पेशल मैरिज एक्ट में कर सकते हैं शादी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक हालिया निर्णय में कहा है कि अलग-अलग धर्मों का पालन करने वाले महिला-पुरुष विशेष विवाह अधिनियम (स्पेशल मैरिज एक्ट) के तहत विवाह कर सकते हैं। हाई कोर्ट ने कहा है कि इसके लिए उनमें से किसी को भी अपना धर्म बदलने की आवश्यकता नहीं है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की जस्टिस ज्योत्सना शर्मा ने एक दम्पत्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया है। इन्होंने हाई कोर्ट से खुद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की माँग की थी। उनका कहना था कि उन दोनों के रिश्ते में धर्म अलग अलग होने की वजह उन्हें धमकियाँ मिल रहीं थी।

उनकी इस बात का कोर्ट में राज्य ने विरोध किया और बताया कि दोनों ने विवाह का एग्रीमेंट किया है। राज्य ने कहा है कि ऐसा कोई भी विवाह कानून के अंतर्गत मान्य नहीं है। राज्य ने दोनों को सुरक्षा देने का विरोध हाई कोर्ट ने किया।

राज्य की इस दलील के विरुद्ध दंपत्ति ने बताया कि वह विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह करना चाहते हैं लेकिन जब तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिलती तब तक वह इस विवाह के लिए आगे नहीं बढ़ सकते और कोर्ट में अपना पंजीकरण नहीं करवा सकते।

कोर्ट ने दोनों तरफ की दलीलों को सुनते हुए कहा, ” हमारी राय में, एग्रीमेंट से विवाह करना निश्चित रूप से कानून में अमान्य है। हालाँकि, कानून दोनों को धर्मांतरण के बिना विशेष विवाह अधिनियम के तहत कोर्ट मैरिज के लिए आवेदन करने से नहीं रोकता है।”

कोर्ट ने इस दौरान दोनों को आदेश दिया कि वह अगली सुनवाई से पहले अपनी विवाह के लिए कदम उठाएँ, जिससे उनकी गंभीरता साबित हो सके। कोर्ट ने दम्पत्ति से कहा है कि वह विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह करे और इसका साक्ष्य कोर्ट के सामने प्रस्तुत करे।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिया था विपरीत फैसला

जहाँ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निर्णय दिया है कि अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह कर सकते हैं वहीं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में इसका विपरीत निर्णय दिया था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस्लामिक कानूनों को आधार बनाते हुए बताया था कि अग्नि-मूर्ति को पूजने वाली हिन्दू महिला और मुस्लिम पुरुष का विवाह नहीं हो सकता।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बताया था कि हिन्दू लड़की और मुस्लिम लड़के का विवाह अगर विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुआ होगा तो भी उसे इस्लामिक कानून के हिसाब से फासिद माना जाएगा। हाई कोर्ट ने कहा था, ”मुस्लिम कानून के अनुसार, किसी मुस्लिम लड़के का किसी ऐसी लड़की से विवाह वैध विवाह नहीं है जो मूर्तिपूजक या अग्निपूजक हो। भले ही विवाह स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड हो, लेकिन वो विवाह वैध नहीं माना जाएगा, इसे अनियमित (फासीद) विवाह ही माना जाएगा।”

जबलपुर हाई कोर्ट ने एक हिंदू महिला और मुस्लिम पुरुष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। जिसमें हिंदू महिला और मुस्लिम पुरुष ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह की इच्छा जताई थी। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि वो दोनों अपना-अपना ही धर्म मानना जारी रखेंगे, जो एक-दूसरे का धर्म नहीं अपनाना चाहते।

विवाह के बाद भी हिंदू महिला हिंदू धर्म को मानेगी और मुस्लिम पुरुष मुस्लिम धर्म को। ऐसे में इस जोड़े को पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए, ताकि वो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह का रजिस्ट्रेशन करा सकें। हाई कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि जो भी विवाह पर्सनल लॉ के अंतर्गत मान्य नहीं है, उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत वैध नहीं माना जा सकता। विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत विवाह करने के लिए दोनों में से किसी एक को अपना धर्म बदलना होगा।

दो हाई कोर्ट के एक जैसे मामले पर अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाए जाने के बाद पशोपेश की स्थिति पैदा हो गई है। जो विवाह एक राज्य में वैध माना गया है, वह दूसरे राज्य में अवैध माना जा रहा है। इसके अलावा अंतरधार्मिक विवाह करने वालों में भी इन दो अलग-अलग फैसलों से पशोपेश की स्थिति पैदा होगी। इसके अलावा देश के सभी हाई कोर्ट के फैसले अन्य अदालतों में उद्धृत किए जाते हैं। यदि दो हाई कोर्ट अलग-अलग फैसले देते हैं तो अन्य अदालतों में भी इनका उदाहरण देना मुश्किल होगा और एक के जवाब में दूसरा निर्णय रखा जाएगा।

भारत का 100 टन सोना घर लौटा, इंग्लैंड के बैंक से लेकर आई RBI: कभी गिरवी रखती थी सरकारें, अब देश के अपने ही भंडार में हो रहा शिफ्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपना 100 टन सोना इंग्लैंड से वापस मँगा कर भारत में रखवाया है। अब यह सोना इंग्लैंड की जगह भारत में रखा है। आने वाले कुछ दिनों और भी सोना भारत वापस आने वाला है। अब यह सोना RBI के पास रखा गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक के पास वर्तमान में 822 टन सोना है। इसमें से 100.3 टन सोना भारत में रखा गया है जबकि 413.8 टन अभी विदेशों में रखा हुआ है। इसके अलावा 308 टन सोना भारत में नोट जारी करने के लिए रखा गया है।

रिजर्व बैंक ने बीते कुछ सालों में में विदेशों में सोने के बढ़ते भारतीय स्टॉक के चलते इसे अपने देश वापस लाने का निर्णय किया है। रिजर्व बैंक आगे और भी सोना विदेशों से मँगा कर देश रखेगी। बताया गया है कि रिजर्व बैंक दोबारा से 100 टन सोना देश को वापस ला सकती है।

परम्परागत रूप से विश्व के अधिकांश देश लंदन में ही अपना सोना रखते आए हैं। भारत भी अपना सोना अब तक लंदन में रखता था लेकिन अब उसने निर्णय लिया है कि अपने सोने की बड़ी मात्रा देश के अंदर ही रखेगा। रिजर्व बैंक जहाँ विदेशों से सोना लेकर आ रही है, वहीं वह लगातार नया सोना खरीद भी रही है।

रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23 में 34.3 टन जबकि 2023-24 में 27.7 टन नया सोना खरीदा है। भारत का लगातार सोना खरीदना यह दिखाता है कि उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत है और वह अपने वित्तीय सुरक्षा प्रबन्धन को मजबूत कर रहा है। रिजर्व बैंक विश्व के उन चुनिंदा बैंकों में से एक है जो सोना खरीद रहे हैं।

भारत का यह सोना वापस देश में लाने के लिए रिजर्व बैंक को विशेष इंतजाम भी करने पड़े थे। रिजर्व बैन ने इसके लिए विशेष विमान की व्यवस्था की थी। इसके अलावा इस पर केंद्र सरकार ने कस्टम ड्यूटी भी माफ़ कर दी थी। हालाँकि, रिजर्व बैंक को इस सोने को देश में लाने के बाद GST देनी पड़ी है।

1991 में गिरवीं रख दिया गया था देश का सोना

जहाँ वर्तमान में रिजर्व बैंक विदेशों से अपना सोना वापस लाकर देश में रख रही है, वहीं लगभग 3 दशक पहले की कॉन्ग्रेस-तीसरे मोर्चे की सरकारों ने भारत का सोना गिरवीं रख दिया था। 1991 में अर्थव्यवस्था के कुप्रबन्धन की वजह से उपजे आर्थिक संकट के कारण भारत को अपना सोना विदेशों में भेज कर गिरवीं रखना पड़ा था।

जुलाई, 1991 में कॉन्ग्रेस की नरसिंह राव वाली सरकार ने डॉलर जुटाने के लिए सोना विदेशी बैंकों के पास गिरवीं रखा था। जुलाई 1991 में नरसिंह राव सरकार ने 46.91 टन सोना इंग्लैंड की बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के पास गिरवीं रखा था ताकि 400 मिलियन डॉलर जुटाए जा सकें। सोना गिरवीं रखे जाने से पहले भारत ने सोना बेचा भी था।

मई 1991 में भारत ने स्विट्ज़रलैंड की UBS बैंक को सोना बेचा था, इसके जरिए सरकार ने 200 मिलियन डॉलर जुटाए थे। बताया गया कि यह वह सोना था जो कि तस्करों से पकड़ा गया था और देश की बैकों के पास जमा था। रिपोर्ट बताती हैं कि इस दौरान 20 टन सोना बेचा गया था।

अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने इस खबर को लेकर कहा है कि यह भारत के लिए बड़ा बदलाव है। उन्होंने एक (पहले ट्विटर) पर लिखा, “जबकि किसी की निगाह इस पर नहीं गई थी, तब RBI ने अपने सोने के रिजर्व को वापस भारत से भारत में स्थानांतरित कर दिया है। अधिकांश देश अपना सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड के वॉल्ट्स में या ऐसे कुछ स्थानों पर रखते हैं (और इसके लिए फीस भी देते हैं)। भारत अब अपना अधिकांश सोना अपने पास रखेगा। यह एक लंबा सफ़र है क्योंकि 1991 में देश का सोना रातोरात बाहर ले जाया गया था।”

हिंदू युवती को रेप के वीडियो से किया बदनाम, पीड़िता की शादी तय हुई तो घर में तलवार लेकर उठाने घुसा: पिता-भाई के हाथ-पैर तोड़े, मध्य प्रदेश में सलीम गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के अशोक नगर में एक 22 साल की हिंदू लड़की से रेप करके, उसकी वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने वाले सलीम पर अब लड़की के परिजनों से मारपीट का आरोप लगा है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के घरवालों ने उसकी शादी कहीं तय कर दी थी। ऐसे में आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर जाकर पहले लड़की को उठवाया और उसके बाद उसके माता-पिता-भाई के साथ मारपीट भी की गई। इस दौरान भाई-पिता के हाथ भी तोड़े गए।

बताया जा रहा है कि जब लड़की के घर में ये लोग घुसे तो इनके हाथ में हथियार थे। किसी के हाथ में लोहे की रॉड थी और किसी के हाथ में तलवार थी। मारपीट के कारण परिवार ने चिल्लाना शुरू किया तो आवज सुन आसपास के जब ज्यादा लोग इकट्ठा हुए, तब जाकर आरोपित ने लड़की को छोड़ा। इस दौरान आरोपितों के हाथ में तलवारें और लोहे की रॉड थी। इन लोगों ने उस लड़के को भी धमकाया जिसकी सगाई लड़की से होने वाली थी।

केस में मुख्य आरोपित का नाम सलीम है। ऐसे में जब हिंदू संगठनों को सूचना मिली तो कुछ हिंदू कार्यकर्ता थाने गए। वहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार की शिकायत को दर्ज कराया। एक मामला पीड़िता ने रोते-रोते रेप का दर्ज हुआ, वहीं पीड़िता के पिता की शिकायत पर दूसरा मामला भी दायर कराया गया। इसमें मुख्य आरोिपत सलीम, जोधा, समीर और शाहरुख को बनाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले के संबंध में पुलिस ने बताया कि जब मामला संज्ञान में आया तो आरोपितों के खिलाफ दो मामले दर्ज हुए। इसके बाद मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी हुई और उसे जेल भिजवा दिया गया। पुलिस अन्य आरोपितों की पकड़ के लिए दबिश दे रही है। जाँच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी

माँ का बह रहा था खून, बगल में बैठा था 3 साल का बेटा… बच्चे के सामने मोहम्मद उमर ने किया रेप, सिर पार मारी ईंट: 500 CCTV की जाँच के बाद दिल्ली पुलिस ने पकड़ा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में एक 25 साल की महिला के साथ दुष्कर्म की घटना घटी है। बताया जा रहा है महिला जिस ई-रिक्शा पर बैठी थी उसी के चालक ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसका रेप किया। पुलिस ने इस संबंध में छानबीन के बाद मोहम्मद उमर नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जाँच जारी है।

पुलिस कमीश्नर (नॉर्थ) मनोज कुमार मीणा ने बताया कि 26 मई को कोतवाली पुलिस थाने में लूटपाट संबंधी पीसीआर कॉल आई थी। पुलिस शिकायत सुन मौके पर पहुँची तो वो घायल अवस्था में थी और उसके खून बह रहा था। बगल में महिला का तीन साल का बेटा भी था।

पुलिस फौरन महिला को अस्पताल लेकर गई। वहाँ उसकी मेडिकल जाँच हुई और सामने आया कि आरोपित ने महिला के साथ रेप किया है। वहीं महिला ने भी थोड़ी स्थिति सुधरने के बाद मीडिया में बयान दर्ज कराया।

महिला ने बताया कि वो बिहार की रहने वाली है और पंजाब अपने पति से मिलने जा रही थी। 26 मई को वो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन उतरी और सदर बाजार गई। लौटते समय जब उसने ई-रिक्शा किया तो ऑटो चालक ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने को दी। उसी को पीने के बाद वह बेहोश हो गई।

इसके बाद आरोपित महिला को अपने साथ सुनसान इलाके में ले गया। वहाँ पहले उसने उसका बलात्कार किया। जब महिला को होश आने लगा तो महिला ने इसका विरोध किया। इस पर आरोपित ने महिला को चुप कराने के लिए उसके सिर पर ईंट मार दी। महिला दोबारा बेहोश हो गई। होश आने पर पता चला कि महिला का फोन और 3000 नकद रुपए उसके गायब हैं।

पुलिस ने महिला की शिकायत पर जाँच शुरू की। करीबन 500 सीसीटीवी फुटेज जाँचने के बाद एक बैट्री रिक्शा की पहचान हुई और आरोपित की तस्वीर सामने आई। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ। करीबन 150 रिक्शा मालिकों से पूछताछ के बाद उमर पकड़ में आया।

पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर उसके पास से पीड़िता का फोन और अपराध में इस्तेमाल किया गया रिक्शा बरामद कर लिया है। उमर के पकड़े जाने के बाद ये भी सामने आया कि उमर पहले भी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। अब उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 308, 328, 379 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।