Home Blog Page 916

डांडिया नाइट आयोजित करवाना बन गया मौत की वजह! हर्ष राज हत्याकांड में बिहार पुलिस ने चंदन यादव को दबोचा, लॉ कॉलेज के बाहर पीट-पीट कर मार डाला था

बिहार की राजधानी पटना में लॉ कॉलेज के बाहर छात्र हर्ष राज की हत्या सोमवार (27 मई, 2024) को कर दी गई थी। अब इस मामले में बिहार पुलिस ने चंदन यादव नामक शख्स को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वही इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है। वो पटना कॉलेज में BA फाइनल ईयर का छात्र है और जैक्सन हॉस्टल में रहता है। पटना के गाँधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर छात्रों ने इस हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर के प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।

चंदन यादव को पटना के बिहटा स्थित आम्हारा गाँव से गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए 4 जिलों में छापेमारी की जा रही है। चंदन यादव ने पुलिस द्वारा पूछताछ में बताया है कि डांडिया नाइट के दौरान हुई मारपीट का उसने बदला लिया है। हर्ष राज वैशाली जिले के लालगंज का रहने वाला था। परीक्षा देकर निकलने के बाद जैसे ही वो अपनी बाइक की तरफ गया, वहाँ पहले से मौजूद हत्यारों ने लाठी-डंडे से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी।

सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए जाने के कारण हर्ष राज की मृत्यु हो गई। वहाँ पर कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन उन्होंने बीच-बचाव करने का कोई प्रयास नहीं किया। हर्ष राज ने पिछले साल पटना के मिलर हाईस्कूल में डांडिया नाइट का आयोजन करवाया था, जिसमें यूनिवर्सिटी के कई छात्र-छात्राएँ शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम में पटेल और जैक्सन हॉस्टल के छात्रों का हर्ष राज के बाउंसरों के साथ मारपीट हो गई थी। इसमें एक छात्र का सिर भी फट गया था।

चंदन यादव का कहना है कि इसी रंजिश में उसने हर्ष राज की हत्या की घटना को अंजाम दिया है। अशोक राजपथ वाले इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहाँ कई थानों की पुलिस लगाई गई है। सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने पटना कॉलेज से लेकर कारगिल चौक तक मार्च निकाला है। हर्ष राज BN कॉलेज के फाइनल ईयर का छात्र था। वहाँ उसकी परीक्षा थी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। 22 वर्षीय हर्ष राज को PMCH में मृत घोषित किया गया।

बिहार पुलिस ने अनुसंधान के लिए SIT का गठन किया था और अपनी तकनीकी टीम को भी काम पर लगाया था। इसमें संलिप्त अभियुक्तों की मौजूदगी का पता चलते ही छापेमारी की जा रही है। एक टीम को सबूत जुटाने के लिए भी लगाया गया है। चंदन यादव के पिता का नाम जितेंद्र यादव है।

CM केजरीवाल की याचिका तत्काल सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब CJI चंद्रचूड़ करेंगे फैसला: 2 जून को करना है सरेंडर, अब कह रहे 7 दिन और बढ़ा दो बेल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी को लेकर CJI डीवाई चंद्रचूड़ फैसला करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अवकाश बेंच ने इस मामले को तत्काल सुनने से मना कर दिया है। केजरीवाल ने 7 दिन की जमानत स्वास्थ्य आधार पर माँगी है।

मंगलवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट की जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की अवकाश बेंच ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। बेंच के सामने अरविन्द केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी अंतरिम जमानत बढ़ाने को लेकर लगाई गई याचिका की तत्काल सुनवाई की माँग की। उन्होंने दावा किया कि यह जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं बल्कि केवल एक छोटी सी माँग है।

अवकाश बेंच ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और कहा कि इस मामले को CJI चंद्रचूड़ के सामने रखा जाए, वही इस पर अंतिम फैसला लेंगे कि याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए या नहीं। CM केजरीवाल ने सोमवार (28 मई, 2024) को सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया जाए।

उन्होंने माँग की थी कि 1 जून, 2024 को खत्म हो रही उनकी चुनाव प्रचार के लिए दी गई जमानत को 8 जून, 2024 तक बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा है कि उन्हें इस एक सप्ताह में कुछ मेडिकल चेकअप करवाने हैं, जिसके लिए उन्हें यह बढ़ी हुई जमानत चाहिए। AAP ने बताया था कि डॉक्टरों ने केजरीवाल को गंभीर मेडिकल चेकअप करवाने की सलाह दी है, उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन करवाने को कहा गया है। इसी कारण से अरविन्द केजरीवाल को एक सप्ताह की अतिरिक्त जमानत चाहिए।

गौरलतब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई, 2024 को अरविन्द केजरीवाल को 1 जून तक लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करना था। उन्हें मार्च, 2024 में दिल्ली शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था । अब उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर फिर से जमानत बढ़ाने की माँग की है।

इससे पहले भी वह जेल में स्वास्थ्य को लेकर कई दावे कर चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में ले जाए जाने के बाद CM केजरीवाल का वजन 4.5 किलोग्राम कम हो हुआ था। हालाँकि, इस दावे को तिहाड़ प्रशासन ने नकारते हुए बताया था कि वह जेल में 65 किलोग्राम के आए थे और उतने ही बने रहे थे।

CM केजरीवाल को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया था कि वह अपना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए आम और मिठाई खा रहे थे। ऐसा वह जेल के भीतर पाना स्वास्थ्य बिगाड़ने के लिए कर रहे थे ताकि उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत मिल सके।

सड़क से गुजर रहीं थी 6 जैन साध्वी, अल्ताफ हुसैन शेख ने पहले किया पीछा फिर बेल्ट से मारा: गुजरात के भरूच की घटना, गिरफ्तार

गुजरात के भरूच में अल्ताफ हुसैन शेख नाम के एक शख्स ने सड़क पर जा रहीं जैन साध्वियों पर हमला बोल दिया। हमला करने से पहले जैन साध्वियों का काफी देर तक पीछा करता रहा। उसने साध्वियों को पैरों से मारा, उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 6 श्वेताम्बर साध्वी भरूच से जैन साध्वी विहार के लिए निकलीं थी। उनके साथ विहार का एक सेवक भी था। सेवक कुछ दूर उन्हें छोड़ने के बाद वापस चला गया। इसके बाद साध्वियों ने बिना किसी का साथ लिए रास्ता तय कर रहीं थी। इसी बीच मुहम्मदपुरा का अल्ताफ शेख हुसैन सड़क पर आकर उनका पीछा करने लगा। यह गाँव रास्ते में ही पड़ता है। वह काफी दूर तक उनका पीछा करता रहा और इसके बाद उनको डराने भी लगा।

साध्वियों को डराने धमकाने के बाद अल्ताफ हुसैन शेख साध्वियों के ऊपर चिल्लाने लगा। सादा जीवन बिताने और अमूमन पुरुषों से दूर रहने वाली जैन साध्वियाँ अल्ताफ हुसैन शेख से दूर रहने के लिए चेताती रहीं। उन्होंने जब अल्ताफ से दूर रहने को कहा तो उसने एक साध्वी पर हमला बोल दिया और उन्हें लातों से मारना चालू कर दिया। जब वह जमीन पर गिर गईं तो इसके बाद उसने सभी पर बेल्ट से हमला कर दिया।

अल्ताफ के हमले के दौरान यहीं से गुजर रहे एक शख्स ने साध्वियों को बचाया। उसने गाँव वालों को सूचना दी, जिन्होंने अल्ताफ हुसैन शेख को ढूंढ कर पकड़ लिया। इस मामले में पुलिस को सूचना दी गई। अल्ताफ हुसैन को पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हिरासत में ले लिया। अल्ताफ से पुलिस वर्तमान में पूछताछ कर रही है। ऑपइंडिया ने इस मामले में जानकारी के लिए भरूच पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश की है। अभी इस विषय आगे जानकारी नहीं मिल पाई है। जानकारी मिलते ही अपडेट दिया जाएगा।

लाश के पास बैठ जमकर पी शराब, रात भर काटा बांग्लादेश के MP का शव; फिर अनावरुल अजीम के ही कपड़े पहनकर फ्लैट से निकल गया कसाई जिहाद

बांग्लादेश के सांसद अनवारुल अजीम के शव को काटने और उनकी खाल उतार कर कीमा बनाने वाले कसाई ने बताया है कि उसने शरीर काटने से पहले शराब पी थी। उसने बताया कि वह रात भर सांसद का शव काटता रहा। फ्लैट में मौजूद उसके साथी ने सांसद के पैसे भी चुराए।

सांसद अनवारुल अजीम का शव काटने वाले कसाई जिहाद हवलदार से बांग्लादेश पुलिस और बंगाल CID ने पूछताछ की है। इसी में उसने कई खुलासे किए हैं। उसने जाँचकर्ताओं को बताया कि वह उस फ्लैट पर पहले से मौजूद था। जब सांसद यहाँ पहुँचे तो उन्हने तकिए से दबा कर मार दिया गया।

इसके बाद जिहाद ने शराब पी और सांसद अनवारुल के शव को काटने और उनकी खाल उतारने लगा। उसने सांसद के शरीर का कीमा बनाया था। सुबह होने पर उसने सांसद अनवारुल के ही कपड़े पहन लिए और निकल गया। कसाई ने यह बताया कि उसके खुद के कपड़े खून से सन गए थे इसलिए उसने सांसद के कपड़े चुराए।

उसने यह भी बताया कि उन दोनों ने सांसद के पास से ₹4.3 लाख भी चुरा लिए थे और निकल गए थे। इस दौरान उसके साथ एक और व्यक्ति मौजूद था जिसका नाम मोहम्मद सियाम था, यह अभी फरार है और उसके नेपाल में होने का शक है।

जिहाद ने इससे पहले पूछताछ में बताया था कि उसने सांसद के शव को काटा, उनकी खाल उतार कर पैकटों में भरी और कोलकाता में अलग-अलग जगह फिंकवा दिए। जिहाद बांग्लादेशी अवैध घुसपैठिया है और बांग्लादेश से भाग कर मुंबई आया था। उसे यह हत्या करने से दो महीने पहले कोलकाता लाया गया था।

सांसद की हत्या दोस्त ने कराई

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश में पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए हत्या की पूरी कहानी का खुलासा किया था। पता चला था कि अजीम की कोलकाता में हत्या उन्हीं के एक दोस्त ने करवाई थी। उसी ने अनवारुल अजीम को अपने कोलकाता वाले फ्लैट पर बुलवाया था जहाँ उनकी हत्या कर दी गई।

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी के सांसद अनवारुल अजीम 12 मई को भारत इलाज के लिए आए थे। यहाँ वह पहले दो दिन अपने एक सुनार दोस्त के यहाँ रुके थे, इसके बाद वह इलाज की बात कह कर उसके घर से निकले और फोन पर बताया कि वह दिल्ली जा रहे हैं।

हालाँकि, इसके बाद से वह गायब हो गए और उनका कोई पता नहीं लगा। इसके बाद उनकी हत्या की खबर आई। उनकी हत्या की योजना बनाने वाला अख्तरुज्ज्मान उनका पुराना दोस्त और व्यापारिक पार्टनर था। वह उनसे एक पुराने विवाद में बदला लेना चाहता था। इसलिए उसने अनवारुल अजीम की हत्या की साजिश रची थी।

अख्तरुज्ज्मान एक अमेरिकी-बांग्लादेशी नागरिक है और वह अमेरिका से भारत और बांग्लादेश इसी काम के लिए आया था। उसने अपने साथियों के साथ मिल कर कोलकाता में सांसद हत्या की साजिश रची। इस हत्या में उसके साथ अमानुल्लाह अमान, सियाम जिहाद, फैसल शजी और मोस्ताफियाज भी शामिल थे। इस हत्या में अख्तरुज्मान की गर्लफ्रेंड भी शामिल थी। यह सभी बारी बारी से भारत आए थे।

बताया गया कि अख्तरुज्ज्मान ने इस हत्या के लिए ₹5 करोड़ देने की बात कही थी। उसने कुछ पैसे पहले दे भी दिए थे। अभी कुछ धनराशि ही दी थी। बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में अमान को गिरफ्तार कर लिया है, वह हत्या को अंजाम देने का आरोपित है। उसके अलावा दो और लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

दिल्ली से वाराणसी के लिए उड़ान भरने को था विमान, टॉयलेट में टिशू पेपर पर लिखा मिला ‘बम’: कूदने लगे यात्री, सभी सुरक्षित

राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश के वाराणसी को जा रही एक फ्लाइट को मंगलवार(28 मई, 2024) को बम की धमकी दी गई। इसके बाद विमान को उड़ान से ठीक पहले रोक लिया गया और यात्रियों को उतार लिया गया। सुरक्षा एजेंसियाँ अब इस मामले की जाँच में जुटी हैं।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अंतरराष्ट्रीय अड्डे को सुबह इंडिगो की एक फ्लाइट 6E 2211 जा रही थी। इसका दिल्ली से सुबह 5 बजे उड़ान भरने का समय था। इसके पहले ही इस विमान में बम होने की सूचना मिली।

बम की यह जानकारी विमान के टॉयलेट में एक टिशु पेपर पर मिली। इस पर बम लिखा हुआ था। इसके बाद यात्रियों में हडकंप मच गया। कुछ यात्री जल्दी नीचे जाने की कोशिश करने लगे। कुछ ने खिड़की से निकलने का प्रयास किया।

यात्री यह सूचना मिलने तक विमान में बैठ चुके थे और यह उड़ान के लिए तैयार था। सूचना मिलने के बाद इसे रनवे से हटा कर पार्किंग क्षेत्र में ले जाया गया और सभी यात्रियों को उतारा गया। यात्रियों को यहाँ इमरजेंसी द्वार से निकाला गया। इसके बाद विमान की जाँच के लिए टीमें पहुँची।

विमान की जाँच के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और बम निरोधक दस्ता पहुँचा। विमान के भीतर बम होने की सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई है। यात्रियों को इसके कारण दिक्कतों को सामना करना पडा है। उन्हने वापस एयरपोर्ट लाया गया। पुलिस इस मामले में आगे जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में विमानों को बम की धमकी देने की काफी घटनाएँ सामने आई हैं। हालाँकि, इनकी जाँच में कुछ नहीं मिला है। इससे पहले 16 मई, 2024 को दिल्ली से वड़ोदरा जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट को बम होने की धमकी दी गई थी। 27 जनवरी, 2024 को भी मुंबई एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही वाकया हुआ था।

ऐसी सूचनाओं के कारण विमानों की उड़ान में देरी होती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकांश मौकों पर यह धमकियाँ फर्जी निकलती हैं। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियाँ इन्हें नजरअंदाज नहीं करती क्योंकि इससे पहले देश में विमान हाईजैकिंग का बड़ा हादसा हो चुका है।

जिनके लिए PM मोदी ने मंच से कहा- मेरी बेटी जैसी, उनके ‘भाई’ की कॉलेज में पीट-पीटकर हत्या: मास्क पहनकर आए थे हमलावर, पहचान में जुटी पुलिस

22 साल के हर्ष राज की 27 मई 2024 को पटना के लॉ कॉलेज में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। लाठी-डंडों से लैस हमलावर मास्क पहनकर आए थे। पुलिस इनकी पहचान में जुटी है।

हर्ष राज पटना के ही बीएन कॉलेज के बीए फाइनल ईयर के छात्र थे। लॉ कॉलेज में उनका एक्जामिनेशन सेंटर था। परीक्षा देकर वे जैसे ही निकले उन पर हमला कर दिया गया। इसके बाद कॉलेज कैंपस में भगदड़ मच गई। पुलिस ने बताया है कि उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

हर्ष मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के मझौली गाँव के रहने वाले थे। उनके पिता पेशे से पत्रकार हैं। हर्ष खुद भी सामाजिक तौर पर काफी सक्रिय थे। लोकनायक युवा परिषद नाम से वे एक संगठन भी चलाते थे। कुछ दिन पहले उन्हें समस्तीपुर में चुनाव प्रचार करते भी देखा गया था। यहाँ से एनडीए की प्रत्याशी शांभवी चौधरी उन्हें अपना भाई मानती थीं। ये वहीं शांभवी चौधरी हैं, जिन्हें दरभंगा में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बेटी जैसा बताया था।

रिपोर्ट के अनुसार 25 मई को छठे चरण का मतदान होने के बाद हर्ष पटना लौटे थे। वे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। उनकी हत्या के विरोध में 28 मई को पटना विश्वविद्यालय बंद रहेगा।

हर्ष की हत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ समय पहले कॉलेज में डांडिया नाइट्स का आयोजन किया गया था। इसके अगुवा हर्ष ही थे। इसको लेकर छात्रों के एक गुट से उनका विवाद चल रहा था। उनकी हत्या में लॉ कॉलेज और पटेल हॉस्टल के छात्रों के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि हमलावर लॉ कॉलेज के गेट के बाहर हर्ष का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही परीक्षा देकर वे बाहर निकले और अपनी बुलेट पर बैठे, उसी समय करीब एक दर्जन से अधिक की संख्या में आए नकाबपोशों ने उन पर हमला कर दिया।

लाठी, रॉड, ईंट से उन्हें बुरी तरह मारा गया। उन्हें लहूलुहान हालत में पीएमसीएच ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बची। उनकी हत्या के बाद यूनिवर्सिटी में परीक्षाएँ रद्द कर दी गईं हैं। उन पर हमले के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हैं। इनकी मदद से पुलिस हमलावरों के पहचान का प्रयास कर रही है।

‘रुड़की का यूट्यूबर जला रहा है कुरान, वीडियो है वायरल’: जुबैर ने फैलाया झूठ, पोल खोलकर बैठ गई पुलिस; इस नफरती चिंटू पर एक्शन कब?

ऑल्ट न्यूज के मोहम्मद जुबैर ने एक बार फिर एक भड़काऊ खबर साझा की है। मोहम्मद जुबैर ने कुरान जलाने को लेकर एक खबर साझा की जिसका हरिद्वार पुलिस ने फैक्ट चेक कर दिया। जुबैर ने अपने पोस्ट में कुरान जलाने की बात को एकदम सही मान लिया था लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

स्वघोषित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रूड़की का एक यूट्यूबर कुरान जलाते और उसे नष्ट करते हुए दिख रहा है। इस मामले को रूड़की पुलिस जल्दी देखे।” जुबैर ने यह लिखते हुए वीडियो साझा नहीं की।

हर बात का फैक्ट चेक करने वाले जुबैर ने इस मामले में फैक्ट चेक करके सच्चाई सामने लाना सही नहीं समझा और इस खबर को इस तरीके से साझा किया कि लोग सच ही मान लें। जुबैर ने ना ही यह बताया कि यह वीडियो पुराना है और ना ही यह बात स्पष्ट की कि वीडियो बनाने वाले के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हालाँकि, मोहम्मद जुबैर की इस मंशा को हरिद्वार पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। उसने इस वीडियो की सच्चाई बताते हुए लिखा, “संदर्भित प्रकरण में Ex-मुस्लिम समीर पिछले लगभग 03 साल से ‘पाडली गुर्जर’ नामक स्थान में नहीं रह रहा है और न ही जनपद हरिद्वार में कहीं भी पवित्र कुरान की बेअदबी का कोई प्रकरण हुआ है। अतः बिना जानकारी के प्रकरण को शेयर न करें अन्यथा आपके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है।”

लोगों ने हरिद्वार पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद जुबैर को प्रश्न उठाए और कार्रवाई की माँग की। एक यूजर ने लिखा, “पुलिस इस तरह की किसी भी घटना होने से इनकार कर रही है। तुमने तथ्यों की जाँच क्यों नहीं की और पुलिस से स्पष्टीकरण प्राप्त किए बिना इसे पोस्ट क्यों नहीं किया? तुमने स्पष्टीकरण के लिए हर दूसरी घटना की तरह उत्तराखंड पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया? उत्तराखंड पुलिस कृपया इस पोस्ट पर संज्ञान ले। जुबैर नाम का शख्स फर्जी जानकारी देकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहा है।”

ऐसी खबरों से साम्प्रादायिक तनाव फैलने का खतरा लगातार बना रहता है। इससे पहले जब मोहम्मद जुबैर ने भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा का एक कटा हुआ वीडियो साझा किया था, तब उन्हें मारने और ‘सर तन से जुदा’ की धमकियाँ मिली थीं। कट्टरपंथियों ने देश में इसके बाद हिंसा की थी। इसी के बाद उदयपुर में दरजी कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी। ऐसे प्रकरणों के बाद जुबैर पर कार्रवाई की माँग तेज हो गई है।

कमर दर्द का इलाज कराने आया दंपति, हकीम ने दिया ऐसा ‘चूरन’ कि करने लगा अल्लाह-अल्लाह!

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मतांतरण करने वाला दम्पति मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासी हैं। लगभग 10 साल पहले यह परिवार हरिद्वार के रानीपुर इलाके में काम-धंधे के सिलसिले में बस गया था। इस दम्पति के बेटे कुंदन कुमार ने पुलिस में तहरीर दे कर बताया है कि पिछले 2 सालों से उनकी माँ संगीता के कमर में दर्द होने लगा था। बीती सर्दियों के मौसम में जब यह दर्द बढ़ा तो किसी ने इन्हे देहरादून के विकासनगर इलाके में रहने वाले हकीम आदिल के बारे में बताया।

कुंदन की माँ अपने पति चरण सिंह के साथ हकीम आदिल के पास इलाज करवाने गईं। आदिल खुद को मुफ़्ती भी बताता है। हकीम आदिल ने संगीता को दवा के नाम पर खाने के लिए चूरन दिया। आरोप है कि इसी दौरान मुफ़्ती आदिल ने संगीता और उनके पति को जमीन और पैसे का लालच दिया। चरण सिंह और संगीता मुफ़्ती की बातों में आ गए। थोड़े समय में ही उनके हाव-भाव और व्यवहार मुस्लिमों जैसे होने लगे। चरण सिंह तो टोपी लगा कर अल्लाह-अल्लाह भी करने लगे।

कुंदन की माँ अपने पति चरण सिंह के साथ हकीम आदिल के पास इलाज करवाने गईं। आदिल खुद को मुफ़्ती भी बताता है। हकीम आदिल ने संगीता को दवा के नाम पर खाने के लिए चूरन दिया। आरोप है कि इसी दौरान मुफ़्ती आदिल ने संगीता और उनके पति को जमीन और पैसे का लालच दिया। चरण सिंह और संगीता मुफ़्ती की बातों में आ गए। थोड़े समय में ही उनके हाव-भाव और व्यवहार मुस्लिमों जैसे होने लगे। चरण सिंह तो टोपी लगा कर अल्लाह-अल्लाह भी करने लगे।

शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि मुफ़्ती आदिल ने उनके माता-पिता के अलावा कई अन्य हिन्दुओं का भी धर्मान्तरण करवा रखा है। अपनी जान का खतरा बताते हुए पीड़ित ने आरोपित मुफ़्ती पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने कुंदन की शिकायत पर दर्ज FIR में देहरादून के मुफ़्ती आदिल को नामजद किया है। उस पर उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3/5 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया ने कुंदन की माँ संगीता से बात की। संगीता ने हमें बताया कि इलाज के दौरान उनको मुफ़्ती ने कई बार इस्लाम कबूल करने के लिए कहा। वह घंटों तक संगीता और उनके परिवार से बातें करता था। इस दौरान वह उन्हें मजहबी बातें समझाया करता था। संगीता ने यह भी कहा कि वो हिन्दू धर्म में ही अपना आगे का जीवन बिताएँगी। हालाँकि संगीता अपने पति चरण सिंह की हरकतों से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति कलमा और नमाज पढ़ने लगे हैं। वो किसी की भी सुनने को तैयार नहीं है और हमेशा मुफ़्ती के साथ ही रहने की बात करते हैं।

संगीता ने मुफ़्ती की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की माँग की है। वहीं उत्तराखंड के हिन्दू संगठनों ने भी इस घटना पर आक्रोश जताया है। हिन्दू संगठन के पदाधिकारी राकेश उत्तराखंडी ने इस घटना को आने वाले समय के लिए एक बुरा संकेत बताया है। उन्होंने लोगों से भी जागरूकता की अपील की है।

कम दाम पर कमजोर-बीमार गायों को खरीदता था रोहिंग्या फेकू महमद मियाँ, फिर काट डालता था: नेपाल में भैंसे का मांस बता कर बेचता था, हिन्दू पत्रकार की हत्या की कोशिश

नेपाल के कोशी प्रदेश में गौहत्या का मामला सामने आया है। यहाँ के सुनसरी जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति पर भैंस की आड़ में गाय का मांस बेचने का आरोप लगा है। आरोपित का नाम फेकू महमद मियाँ है। गोकशी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले का खुलासा करने वाले हिन्दू पत्रकार पर भी खुकरी से हमला किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर के महमद मियाँ को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (26 मई, 2024) की है।

यह मामला सुनसरी के इनरुआ नगरपालिका का है। यहाँ फेकू महमद मियाँ की माँस बेचने की दुकान है। यहाँ के स्थानीय लोग इस दुकान से भैंस का मांस खरीद कर ले जाया करते थे। कुछ स्थानीय पत्रकारों को खबर मिली कि फेकू महमद भैंस के गोश्त की आड़ में गाय का माँस बेच रहा था। इस सूचना की पुष्टि के लिए गणेश यादव नाम के पत्रकार के फेकू महमद की दुकान पर स्टिंग ऑपरेशन किया। यहाँ उन्होंने पाया कि आरोपित की दुकान में कई गायें बँधी हुई थीं। एक गाय कटी हालत में भी मिली।

जब फेकू महमद को पत्रकार गणेश पर शक हुआ तो उसने खुकरी से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में गणेश को घाव लगा। फेकू महमद गणेश को मार ही डालना चाहता था। तभी अचानक वहाँ पुलिस पहुँच गई। पुलिस ने न सिर्फ गणेश को बचाया बल्कि फेकू महमद को गिरफ्तार भी कर लिया। गणेश यादव का अस्पताल में इलाज करवाया गया। तलाशी के दौरान दुकान में रखे फ्रिज से गोमांस बरामद हुआ। यहाँ ढेर सारी हड्डियाँ भी पड़ी मिलीं जो गोवंश की बताई जा रहीं हैं। एक मृत गाय भी मिली जिसकी गर्दन को काट दिया गया था। ऑपइंडिया के पास संबंधित वीडियो मौजूद हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों सहित हिन्दू संगठन के सदस्यों का जमावड़ा शुरू हो गया। नेपाल में हिन्दू सम्राट सेना के अध्यक्ष राजेश यादव ने ऑपइंडिया से हुई बातचीत में बताया कि फेकू महमद मियाँ मूल रूप से रोहिंग्या मुस्लिम है। फिलहाल उसकी दुकान को सील कर दिया गया है। पता चला कि आरोपित गाँव-गाँव घूम कर बीमार और कमजोर गोवंश कम दामों पर खरीदता था। उसकी नजर निराश्रित गोवंशों पर भी होती थी। वह इन गोवंशों को काट कर भैंस का मांस बता कर लोगों को बेचा करता था।

राजेश यादव ने हमें आगे बताया कि वामपंथी सरकार आने के बाद इस प्रकार के संदिग्धों की करतूतों में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके की यह घटना है वहाँ बहुत तेज़ी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। इस बदलाव की वजह उन्होंने बाहर से आ कर बस रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बताया है। राजेश का दावा है कि इलाके में न सिर्फ लव और लैंड जिहाद बल्कि गोहत्या की घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस प्रशासन पर भी उन्होंने इन घटनाओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।

‘परिवार और कार्यकर्ताओं से माफ़ी माँगता हूँ’: सेक्स स्कैंडल में फँसे JDS सांसद प्रज्वल ने बताया कब SIT के सामने होंगे पेश, बोले – मेरे खिलाफ रची गई साजिश

कर्नाटक में सेक्स स्कैंडल के मामले में फँसे JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने जर्मनी से ही एक वीडियो जारी किया है और जाँच में सहयोग की बात कही है। उन्होंने इस महीने इस प्रकरण पर दूसरा वीडियो जारी किया है। 26 अप्रैल, 2024 को पहले चरण के लोकसभा चुनाव में हासन सीट पर मतदान होने के साथ ही वो विदेश निकल गए थे। उन्होंने वीडियो में कहा है कि वो इस मामले की जाँच के लिए बनी SIT के समक्ष 31 मई को पेश होंगे। साथ ही उन्होंने अपने परिवार से माफ़ी भी माँगी है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले वो अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री HD देवगौड़ा और अपने चाचा पूर्व मुख्यमंत्री HD कुमारस्वामी से माफ़ी माँगना चाहते हैं। उन्होंने कर्नाटक की जनता और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से भी क्षमा माँगते हुए कहा है कि उन्हें इसका अफ़सोस है कि विदेश जाने की जानकारी वो नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को जब मतदान हुआ तब SIT का गठन नहीं हुआ था और उनके खिलाफ कोई केस नहीं था। उन्होंने कहा कि विदेश जाने की उनकी योजना पूर्व से बनी हुई थी और 3-4 दिन बाद YouTube और न्यूज़ चैनलों को देखते वक्त उन्हें मामले का पता चला।

उन्होंने कहा कि इसके बाद राहुल गाँधी सहित विपक्ष के अन्य नेता उनके खिलाफ बयान देते हुए दुष्प्रचार करने लगे। प्रज्वल रेवन्ना का कहना है कि इस दौरान वो अवसाद में चले गए थे, अकेलेपन से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा कि हासन में कुछ राजनीतिक ताकतों ने उनके खिलाफ साजिश रची है, इसीलिए उन्होंने खुद को ये सब से दूर कर लिया है। उन्होंने बताया कि वो 31 मई को सुबह 10 बजे SIT के समक्ष पेश होंगे। उन्होंने कहा कि वो जाँच में सहयोग करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि वो इस मामले से निर्दोष साबित होकर निकलेंगे क्योंकि ये मामला झूठा है। बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कई सेक्स वीडियो वायरल हुए थे और उनके दादा ने बयान जारी कर के उन्हें वापस आने के लिए चेताया भी था। प्रज्वल के पिता रेवन्ना भी इस सेक्स स्कैंडल में फँसे हुए हैं। उन्होंने कहा था कि अगर प्रज्वल आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें परिवार से अलग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि बात न मानने पर प्रज्वल को उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा।