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इजरायल पर रॉकेट छूटता देख खुशी से चिल्लाए इस्लामी कट्टरपंथी: भूले ‘इंसानियत’ वाला ज्ञान, आतंकी संगठन हमास की तारीफ में जुटे

हमास ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव को निशाना बना कर कई रॉकेट दागे हैं। रविवार (26 मई 2024) को ये रॉकेट गाजा पट्टी से दागे गए हैं। हमले की जिम्मेदारी अल कासिम ब्रिगेड ने ली है। एक बयान जारी करते हुए अल कासिम ब्रिगेड ने इसे इजरायल द्वारा किए जा रहे नरसंहार का जवाब बताया है। पिछले 4 महीने में हमास की तरफ से इजरायल पर किया गया ये सबसे बड़ा हमला है। इजरायल पर हुए इस हमले के बाद कट्टरपंथियों ने जश्न मनाया है। साथ ही ‘मानवाधिकार और इंसानियत’ की दुहाई की जगह हमास को सराहा है।

इन हमलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में शहर के एक हिस्से में धुँआ उठते देखा जा सकता है। रॉकेट से 12 से अधिक इजरायली शहरों के अलग-अलग हिस्सों को टारगेट किया गया है।

हमास के अल अक्सा टीवी द्वारा इन हमलों की पुष्टि की गई है। बताया जा रहा है कि हमले के बाद तेल अवीव में अलर्ट जारी किया गया है। शहर में सायरन की आवाजें आ रहीं है। तेल अवीव के अलावा इजरायल के अन्य शहरों में भी सुरक्षा बलों को चौकन्ना कर दिया गया है। हालाँकि इजरायल ने आधिकारिक रूप से बताया कि इन हमलों से कोई हताहत नहीं हुआ। यह हमला ऐसे मौके पर हुआ है जब दक्षिणी इस्राइल से गाजा में उन ट्रकों को घुसने की अनुमति मिल गई है जो राहत सामग्री लेकर जा रहे हैं।

इजरायल पर हुए इस हमले के बाद कट्टरपंथियों ने जश्न मनाया है। वायरल हो रहे वीडियो में आसमान से गुजर रहे रॉकेटों को देख कर उन्हें ख़ुशी से चिल्लाते देखा जा सकता है। मोसाब हसन ने एक चित्र अपने X हैंडल पर डालते हुए इन हमलों को ‘माइंड ब्लोइंग’ करार दिया है। हालाँकि ये चित्र असली हैं या एडिटेड इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

हालाँकि इजरायल के आयरन ड्रोम ने अधिकतर रॉकेट को हवा में ही मार गिराया है लेकिन कई कट्टरपंथियों ने इसका भी मजाक उड़ाया है। फिलिस्तीन समर्थक @NalCordob नाम के X हैंडल ने इसी आशय से एक एडिटेड तस्वीर शेयर की है।

@HilzFuld नाम के एक X हैंडल ने जश्न मनाते कुछ लोगों की तस्वीर शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि ये तस्वीरें गाजा की है जहाँ लोग इजरायल पर हमास के रॉकेट हमले पर ख़ुशी जाहिर कर रहे हैं। इन लोगों को आतिशबाजी करते भी देखा जा सकता है। हालाँकि इस हैंडल ने यह भी दावा किया है कि जश्न मनाने वाले सोच रहे हैं कि हमास के हमले के इजरायल का काफी नुकसान हुआ है जो कि सही नहीं है।

माना जा रहा है कि हमास द्वारा किए गए इन हमलों के बाद राहत सामग्री वाले ट्रकों वाला समझौता अधर में पड़ सकता है। इस बीच इजरायल ने रफा इलाके में हमास के आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई है। तमाम वैश्विक दबाव के बावजूद इसी वजह से इजरायल रफा पर लगातार हमले कर रहा है। 1 दिन पहले ही इजरायल के हवाई हमले में 5 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई थी। माना यह भी जा रहा है कि रॉकेटों से हुए हमले के बाद इजरायल गाजा में अपने हमलों में तेजी भी ला सकता है।

‘मुस्लिम बस्ती में रहना है तो बनो मुसलमान, हिंदू देवताओं की पूजा बंद करो’ : फतेहपुर के शिव-कविता की घरवापसी की कहानी, 20 साल पहले किया था कबूल इस्लाम

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के उजाड़े गाँव में 20 साल पहले एक हिंदू जोड़े को धोखे से इस्लाम कबूल करवा दिया गया था, अब उस जोड़े ने हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। पीड़ितों की पहचान शिव प्रसाद लोधी और कविता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इस दंपत्ति को ग्राम के प्रधान मोहम्मद अमिल शेख ने सरकारी पहचान वाले दस्तावेज उपलब्ध कराने के बदले इस्लाम स्वीकारने का दबाव बनाया था।

शेख ने हिंदू दंपत्ति को कहा था मुस्लिम आबादी में जिंदा रहने के लिए यही एक मात्र तरीका है। दोनों ही वाराणसी जिले के रहने वाले हैं, लेकिन रोजगार की तलाश में वह फतेहपुर के उजाड़े गाँव आ गए थे। उस समय उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। ऐसे में ग्राम प्रधान ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाया। उन्हें इस्लाम में परिवर्तित करके उन्हें पहचान पत्र दिलाए।

शिव का नाम बदलकर अब्दुल्ला रखा गया जबकि कविता का नाम बदलकर फातिमा कर दिया गया। इस पहचान पत्र में इन दोनों के माता-पिता के नाम भी फर्जी लिखवाए गए।

इस घटना के संबंध में स्वराज्य पर प्रकाशित रिपोर्ट बताती है कि यूपी के वारणसी में शिव और कविता का घर था, लेकिन बुरा समय आने पर उन्हें अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी। इसके बाद वो उजाड़े गाँव गए। उस समय वह गर्भवती थी, लेकिन वहाँ उसका गर्भपात हो गया।

आसपास की महिलाओं ने समझाना शुरू किया कि हिंदू देवी-देवताओं को पूजने की वजह से ऐसा हुआ है। उसे दरगाह में दुआ करनी चाहिए। धीरे-धीरे वो ग्राम प्रधान के संपर्क में आए। वहाँ उसे सूट-सलवार पहनने को कहा गया और बिंदी लगाने से मना कर दिया गा। उसे भी गाँव की अन्य महिलाओं की तरह घर में रहने को कहा गया ।

दो साल बाद, उनके पति शिव प्रसाद लोधी ने मोहम्मद अमिल शेख से उजाड़े गाँव के बाहर एक प्लॉट खरीदा। सौदे के तहत ₹40000 का भुगतान करने के बाद, शिव को एहसास हुआ कि ज़मीन को अपने नाम पर पंजीकृत करने के लिए उन्हें सरकारी दस्तावेज़ों की ज़रूरत है।

जब उन्होंने गाँव के प्रधान से मदद मांगी तो मोहम्मद अमिल शेख ने उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए कहा। स्थानीय मस्जिद में एक समारोह आयोजित किया गया जिसमें शिव और कविता को ‘कलमा ‘ पढ़ने को कहा गया।

दोनों पति-पत्नी मुस्लिम बने लेकिन पड़ोसियों ने उन्हें तंग करना नहीं छोड़ा। उन्हें नमाज पढ़ने को कहा गया । रमजान के दौरान रोजा रखने को कहा जाने लगा। नवरात्रि के व्रत छोड़ने का दबाव बनने लगा। हिंदू त्योहार मनाने से रोक दिया गया। इतना ही नहीं अमिल शेख ने शिव को खतना तक कराने को कहा।

हालाँकि शिव, इससे डर गए और उन्होंने घर का पंजीकरण तक अपने नाम पर नहीं कराया। आज भी वो घर अमिल शेख के नाम पर दर्ज है। खतना न होने की वजह से ग्रामीणों ने शिव का बहिष्कार कर दिया। उन्हें मुंबई जाकर काम करना पड़ा। वहीं कविता उजाड़े गाँव में रहने को मजबूर थी

2023 में शिव प्रसाद को राम बल नाम के हिंदू संगठन के बारे में पता चला। उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में संगठन वालों को बताया और उसके बाद संगठन ने बिन देरी किए पुलिस को सूचना दी और गाँव में शिव-कविता की हिंदू धर्म में घर वापसी कराने के इंतजाम कराए। रिपोर्ट के अनुसार, शिव-कविता ने इसी साल इस्लाम त्यागकर हिंदू धर्म अपनाया है। कड़ी सुरक्षा के बीच इस रस्म को पूरा किया गया। हिंदू धर्म में आने के बाद कविता ने कहा कि उन्हें धोखे से इस्लाम में लाया गया था। वो चाहती थी किं हिंदू बनते वो अमिल शेख उन्हें देखे, लेकिन उसका कुछ समय पहले इंतकाल हो गया है।

न निकलें घर से, न समुद्र के आसपास जाएँ: रेमल चक्रवात के भारत आने से पहले PM मोदी ने अधिकारियों से तैयारी का जाना हाल, बंगाल में NDRF की 14 टीम तैनात

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवातीय तूफ़ान रेमल के आज रात में पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की आशंका है। तूफ़ान के दौरान 135 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से तेज हवाएँ चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। तूफन से कम से कम नुकसान हो इसके लिए प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 मई 2024) को संबंधित अधिकारीयों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की।

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने तूफ़ान की वर्तमान स्थिति और उसके भारत में होने वाले अनुमानित प्रभाव का जायजा लिया। PM मोदी ने अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने तूफ़ान से निबटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर की गई तैयारियों की भी समीक्षा की। वायरल हो रहे एक वीडियो में वो अधिकारियों से रूबरू होते नजर आए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेमल की आहट को देखते हुए पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। फ़िलहाल तूफ़ान अभी 200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। आधी रात के समय यह पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के तट से टकरा सकता है। इसका असर पूरे पश्चिम बंगाल में देखा जाएगा। राजधानी कोलकता में हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए NDRF की 14 टीमों को तैनात किया गया है। तटीय इलाकों के लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्याना दिया जा रहा है।

लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। समुद्र में किसी भी प्रकार की नाव ले जाने पर सख्त पाबन्दी लगाई गई है। माना जा रहा है कि तूफ़ान से न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि पूर्वोत्तर के कई राज्य प्रभावित होंगे। कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर काम रोक दिया गया है। कई इलाकों में अभी से आसमान में घने बादल छा गए हैं और तेज हवाएँ चल रहीं हैं। कुछ समय पहले ही अम्फान नाम का तूफ़ान में पश्चिम बंगाल में आया था। हालाँकि जानकारों का मानना है कि रेमल की तीव्रता अम्फान से कम है।

‘इंडी गठबंधन वालों को जिहादी दे रहे खुला समर्थन, Pak से मिल रही दुआ’: PM मोदी ने जनता को किया सतर्क, बोले- 4 जून से होगी देश के विकास की मंगल यात्रा शुरू

लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 मई 2024) को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक जनसभा को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने INDI गठबंधन को सीमा पार पाकिस्तान और जिहादियों से समर्थन मिलने का आरोप लगाया है। मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की जीत के लिए पाकिस्तान में दुआएँ की जा रहीं हैं। विपक्ष के दिए गए शब्द ‘वोट जिहाद’ पर भी नरेंद्र मोदी ने प्रहार किया।

प्रधानमंत्री मोदी की यह जनसभा गोरखपुर जिले के बाँसगाँव इलाके में हुई। यहाँ उन्होंने समाजवादी पार्टी और कॉन्ग्रेस के गठबंधन को माफियाओं और जिहादियों का समर्थक बताया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कॉन्ग्रेस के लोग वोट जिहाद की अपील कर रहे हैं। उन्होंने भारत विरोधी ताकतों और इंडी गठबंधन वालों के एजेंडा एक समान बताया। कॉन्ग्रेस पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए PM मोदी ने कहा कि सपा को पाकिस्तान और जिहादियों का खुला समर्थन प्राप्त है।

नरेंद्र मोदी यहीं नहीं रुके। 4 जून को देश का भविष्य तय करने वाला दिन बताते हुए उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की मंशा देश को कई साल पीछे ले जाने की है। उन्होंने दावा किया कि अगर इंडी गठबंधन की सरकार सत्ता में आई तो कश्मीर में एक बार फिर से धारा 370 लागू कर दी जाएगी साथ ही शरणार्थियों के लिए बना CAA कानून भी रद्द कर दिया जाएगा। बकौल नरेंद्र मोदी कॉन्ग्रेस ने तब ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री में बाधा डाली जब कई देश इसे खरीदने की इच्छुक थे। इसके पीछे की वजह उन्होंने विपक्ष की भारत को आत्मनिर्भर बनने से रोकने की सोच को बताया।

अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस की इच्छा है कि रक्षा क्षेत्र में भारत हमेशा विदेशों पर आश्रित रहे। इस दौरान उन्होंने उदहारण के तौर पर बोफोर्स घोटाले का जिक्र किया। 4 जून को बड़ा मंगलवार बताते हुए नरेंद्र मोदी ने इस दिन तीसरी बार अपनी सरकार बनने की आशा जताई। उन्होंने कहा कि बड़े मंगलवार से देश विकास की मंगल यात्रा पर निकलेगा। सपा और कॉन्ग्रेस द्वारा किए जा रहे जीत के दावों को PM मोदी ने सपने देखना बताया। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण का विरोध करने पर इंडी गठबंधन वाले उन्हें लगातार गालियाँ दे रहे हैं।

प्राचीन मंदिर की जमीन हड़पने को घुसपैठिए तैयार, पहले झुग्गी बनाकर लगाई आग, अब वहीं कर रहे पक्के मकान की जिद: नेपाल में हिंदू संगठनों के विरोध से जागा प्रशासन, रोका निर्माण

भारत के पड़ोसी देश नेपाल से लैंड जिहाद का मामला सामने आया है। यहाँ मोहतरी जिले में हिन्दू संगठनों ने एक प्राचीन मंदिर पर मुस्लिम घुसपैठियों द्वारा कब्ज़े की साजिश रचने का आरोप लगाया है। मंदिर का नाम लक्ष्मीनारायण मठ है जिसे आसपास के लोग मठियानी मठ के नाम से जानते हैं। नेपाल का सबसे बड़ा मठ कहा जाने वाला यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है।

बताया जा रहा है कि मंदिर की जमीन पर लम्बे समय से रोहिंग्या, बांग्लादेशी और भारत से अवैध तौर पर आए घुसपैठिए मुस्लिमों ने साजिशन पहले अस्थाई झुग्गियाँ बसाईं और बाद में उनमें आग लगा दीं। आग से इलाके में रहने वाले कुछ हिन्दू परिवारों के घर भी प्रभावित हुए हैं। अब वहाँ पक्के निर्माण की तैयारी चल रही है। इस निर्माण के लिए नेपाल और विदेश की तमाम इस्लामी तंजीमें पैसे दे रहीं हैं। विरोध के बाद नेपाली प्रशासन ने फिलहाल इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

ऑपइंडिया ने इस बाबत हिन्दू सम्राट सेना नेपाल के अध्यक्ष राजेश यादव से बात की। राजेश यादव ने हमें बताया कि मठियानी मठ न सिर्फ महोत्तरी बल्कि पूरे नेपाल और भारत के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले हिन्दुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर हजारों वर्गमीटर में फैला है। मंदिर के अंदर गुरुकुल भी है जिसमें दुनिया भरके सैकड़ों छात्र संस्कृत और सनातन पद्धति की शिक्षा लेते हैं। माना जाता है कि नेपाल का पहला गुरुकुल इसी मठ में स्थापित हुआ था। मठ में गौशाला भी है। हर साल यहाँ परिक्रमा और मेले में लाखों हिन्दू शामिल होते हैं।

राजेश ने हमें बताया कि महोत्तरी के मठियानी नगर पालिका में बने इस मठ के आसपास लगभग 20% आबादी मुस्लिमों की है। यह आबादी धीरे-धीरे बांग्लादेश, रोहिंग्या और भारत से घुसपैठ करके आ रहे मुस्लिमों की वजह से बढ़ी है। यहाँ मुस्लिमों की आबादी लगातार बढ़ती ही जा रही है। लगभग 2 साल पहले मंदिर की खाली पड़ी जमीनों पर मुस्लिम घुसपैठियों ने अस्थाई झुग्गियाँ बना डालीं। शुरू में एकाध मुस्लिम परिवार यहाँ टेंट डाल कर रहना शुरू किए जिसके बाद महज 2 वर्षों में इस जगह पर लगभग 80 मुस्लिम परिवार आ बसे। मुस्लिम बस्ती कहे जाने वाले इस इलाके में 7-8 हिन्दू परिवार भी रहते हैं। हालाँकि स्थानीय हिन्दू संगठन इन मुट्ठी भर हिन्दुओं को सैकड़ों घुसपैठियों द्वारा साजिशन बनाई गई ढाल मानते हैं।

थोड़े समय बाद बस्ती के मुस्लिमों ने टेंट के बजाय झुग्गियाँ डाल ली और उसी जगह को अपना ठिकाना घोषित कर दिया। यहाँ पर कबाड़ी आदि का काम शुरू कर दिया गया जो बाद में सब्ज़ी और फलों के कारोबार तक फैला दिया गया। मंदिर प्रशासन ने लगभग 1 साल पहले इन घुसपैठियों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया था लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ा। आरोप है कि घुसपैठियों को कुछ राजनैतिक दलों ने संरक्षण भी दिया। इस इलाके में चोरी और तस्करी जैसी घटनाएँ भी बढ़ गईं।

राजेश यादव ने आगे बताया कि अप्रैल 2024 में घुसपैठियों की इस झुग्गी में संदिग्ध तौर पर आग लग गई। अग्निकांड में सभी 80 झुग्गियाँ जल कर राख हो गईं। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बताया गया कि अंडा उबालते हुए एक मुस्लिम परिवार के घर से उठी आग ने पूरी बस्ती को चपेट में ले लिया। हालाँकि हिन्दू सम्राट सेना सहित तमाम अन्य नेपाली हिन्दू संगठन इस अग्निकांड को एक साजिश बता रहे हैं। हमें बताया गया कि इस आगजनी के बाद बस्ती के सभी मुस्लिमों ने अचानक ही एक स्वर में अपने सभी पहचान पत्र और सरकारी कागजात जल जाने की दुहाई देनी शुरू कर दी।

अग्निकांड पीड़ित कुछ मुस्लिमों के नाम

आरोप है कि यह साजिश रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अन्य देशों के घुसपैठी मुस्लिमों को नेपाली नागरिक साबित करने का है। कुछ ही समय में इस बस्ती के पास नेपाल और अन्य देशों की मुस्लिम्म तंजीमों का जमावड़ा शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर बस्ती के मुस्लिमों को निरीह और लाचार बता कर उनकी मदद की अपील की जाने लगी। इस मदद में सबसे पहली माँग 80 से अधिक परिवारों को पक्के घर देने की थी। इस माँग को कुछ नेपाली पार्टियों ने सरकार तक पहुँचाना शुरू कर दिया जिसमें वामपंथी दल प्रमुख हैं।

हमें आगे बताया गया कि कुछ ही दिनों में करोड़ों रुपए जमा भी कर लिए गए। मंदिर की जमीन पर अनुदान के लिए भीड़ जमा होने लगी। इस अनुदान में कपड़े, राशन आदि प्रमुख थे। नेपाल के कई मुस्लिम समूहों ने तो गाँव-गाँव रैली निकालनी शुरू कर दी। इस रैली में मंदिर की जमीन पर आगजनी के शिकार सभी मुस्लिमों को पक्के घर देने की माँगों वाला बैनर सबसे आगे हुआ करता था। पक्के निर्माण की आहट को देख कर मंदिर मैनेजमेंट ने नेपाली प्रशासन से अपनी जमीन बचाने की गुहार लगाई। हालाँकि इस गुहार का नेपाली प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ा।

आखिरकार हिन्दू संगठनों ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। मई 2024 से हिन्दू सम्राट सेना सहित कई अन्य समूहों ने गाँव-गाँव और शहर-शहर इस अतिक्रमण की साजिश के खिलाफ जमीनी अभियान चलाया। सोशल मीडिया पर भी लोगों को संभावित साजिश से जागरूक किया गया। नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन को भी ज्ञापन दे कर चेताया गया कि अगर मंदिर की जमीन पर कब्ज़ा हुआ तो आंदोलन होगा। दोनों पक्षों में बढ़ रहे तनाव को देख कर प्रशसन को देखते हुए नेपाली प्रशासन सतर्क हो गया।

बताया जा रहा है मई महीने के पहले सप्ताह में नेपाली प्रशासन ने इस विवाद की जाँच बिठा दी। जाँच रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार के कच्चे या पक्के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। मंदिर की जमीन पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक सख्ती के बावजूद मुस्लिम पक्ष मठ की जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अभी भी उस जमीन पर चोरी-छिपे मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा अस्थाई निर्माण करवाया जा रहा है।

मुस्लिम तबके का नेतृत्व कलीम अंसारी कर रहा है। कलीम मठियारी नगर पालिका का वार्ड नंबर 6 का अध्यक्ष है। आग से पीड़ित सैकड़ों लोगों की लिस्ट में 7-8 घर हिन्दुओं के भी हैं। राजेश यादव ने हमें बताया कि वो मुट्ठी भर हिन्दू परिवार खुद ही मुस्लिमों से पीड़ित हैं। साथ ही वो नेपाल प्रशासन का हर प्रकार से सहयोग करने को तैयार हैं।

7 नवजातों की मौत, 5 वेंटिलेटर पर: दिल्ली के चाइल्ड केयर सेंटर का मालिक और डॉक्टर दोनों गिरफ्तार, स्थानीयों ने बताया- हवा में उड़कर फट रहे थे ऑक्सीजन सिलेंडर

दिल्ली के विवेक विहार इलाके में स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में आग लगने की वजह से 7 नवजात बच्चों की मौत मामले में रविवार (26 मई 2024) को न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक और एक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन खिंची को दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, घटना के समय अस्पताल की शिफ्ट संभालने वाले 25 वर्षीय डॉ. आकाश को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये आग शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी, जो चाइल्ड केयर सेंटर में रखे दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर तक फैल गई और सिलेंडरों में धमाके होने लगे। इन धमाकों के चलते आग तेजी से फैली और पास की बिल्डिंग तक पहुँच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिलेंडर लगातार फट रहे थे और आसमान में रॉकेट्स की तरह उड़ रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस चाइल्ड केयर सेंटर में जरूरत से कहीं ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर रखे जाते थे। इनकों लेकर लोग शिकायत भी कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि आग लगने की वजह से जब ब्लास्ट होने लगा, तो हालात काबू से बाहर हो गए।

हैरानी की बात यह है कि घटना के दौरान न तो हॉस्पिटल प्रशासन का कोई व्यक्ति वहाँ मौजूद था और न ही इस आगजनी की घटना की सूचना नवजातों के परिजनों को दी गई। हादसे के बाद से पूरा अस्पताल प्रशासन फरार बताया जा रहा है। आग लगने के स्पष्ट कारणों का तो अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन बताया जा रहा है कि शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगी थी, जिसकी चपेट में आवश्यकता से अधिक और अवैध रूप से वहाँ रखे गए ऑक्सीजन सिलेंडर के आने के बाद ब्लास्ट होने शुरू हो गए और आग काफी तेजी से फैल गई।

लोगों ने अस्पताल प्रशासन समेत स्थानीय पार्षद, विधायक से लेकर पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिहाइशों के बीच स्थित इस अस्पताल में हर दिन 50 ऑक्सीजन सिलेंडर लाये जाते थे। इस छोटे से अस्पताल में इतने ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता नहीं है, फिर भी यहां हर दिन भारी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर आते थे।जिसकी पुलिस प्रशासन से लेकर पार्षद-विधायक सभी ने अनदेखी की।

बता दे कि पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में स्थित शिशु देखभाल केंद्र में भीषण आग लगने से 7 बच्चों की मौत हो गई है। यहाँ कई बच्चों को रेस्क्यू भी किया गया, लेकिन 12 घायल हो गए थे, जिसमें से 6 बच्चों की मौत हो गई थी, एक बच्चे ने दूसरे अस्पताल में दम तोड़ दिया। 5 घायल बच्चों में एक बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है, उसकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।

दिल्ली दमकल विभाग के मुताबिक, बेबी केयर सेंटर 120 गज की बिल्डिंग में बना था। बेबी केयर सेंटर के बगल में एक बिल्डिंग थी उस पर भी आग की लपटें गई थी लेकिन गनीमत ये रही कि वहाँ कोई जनहानि नहीं हुई। बेबी केयर सेंटर के अंदर बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर पड़े हुए हैं। कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर आग में फटे भी थे जो मौके पर दिखाई दे रहे हैं। दमकल विभाग की 16 गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 मई की रात लगभग 11.30 बजे विवेक विहार थाना पुलिस को आग लगने के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। कॉल मिलते ही विवेक विहार के एसीपी और एसएचओ तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे, जहाँ न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल और उसके बगल की बिल्डिंग में आग लगी हुई पाई गई। पुलिस के अनुसार, 11 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इमारत की ऊपरी मंजिल से बचाया गया और एम्बुलेंस द्वारा इलाज के लिए पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल, डी-237, विवेक विहार में शिफ्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह तीन मंजिला इमारत है और आग लगने से पूरी इमारत जलकर खाक हो गई।

बांग्लादेशी MP की हत्या के बाद साजिशकर्ता भागा अमेरिका… खुफिया विभाग के अधिकारी जाँच करने भारत पहुँचे, इंटरपोल से लगाएँगे पता

बांग्लादेशी सांसद अनवारुल अजीम अनार की हत्या के मामले में जाँच के लिए बांग्लादेश से अधिकारी भारत आ गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार हत्या ममाले की जानकारी जुटाने के लिए पड़ोसी मुल्क के खुफिया विभाग के प्रमुख रविवार को भारत आए हैं। उनके साथ बांग्लादेश के दो अन्य अधिकारी भी कोलकाता पहुँचे हैं। इनके नाम सईदुर रहमान और अब्दुल अहर भी शामिल हैं।

भारत में आने के बाद हारुनन राशिद मिंटो ने बताया, “हम अभी यहाँ पहुँचे हैं। आप सभी जानते हैं कि हमारे आपराधिक अधिनियम में अतिरिक्त प्रादेशिक अपराध नामक एक धारा है जिसका अर्थ है कि यदि कोई व्यक्ति बांग्लादेश से बाहर कोई अपराध करता है तो हम इस अतिरिक्त प्रादेशिक अपराध धारा के अंतर्गत उन अपराधों की जाँच कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आप सभी जानते हैं कि लोकप्रिय सांसदों में से एक अनवारुल अजीम अनार की बुरी तरह हत्या की गई है। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए थे। इस हत्या के मास्टरमाइंड सभी बांग्लादेशी हैं। हत्या की साजिश बांग्लादेश में रची गई थी। अब हमारा मुख्य काम जांच को आगे बढ़ाना है। हम भारत में घटनास्थल का दौरा करने आए हैं। हम सीसीटीवी फुटेज की जांच करेंगे। कोलकाता पुलिस और बांग्लादेश पुलिस ने उनके बीच विभिन्न जानकारी साझा की है।”

बांग्लादेश के खुफिया विभाग के प्रमुख राशिद ने कहा, “शायद मुख्य साजिशकर्ता अख्तरुज्जमां काठमांडू से दुबई के रास्ते अमेरिका भाग गया होगा। हम इंटरपोल के जरिए उसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हम सीआईडी कार्यालय जाएँगे। हम सीआईडी के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। हम गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ करने की कोशिश करेंगे ताकि हमें और जानकारी मिल सके।”

गौरतलब है कि इस केस में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर अजीम के दोस्त शाहीन मियाँ का नाम आया है। शाहीन मियाँ बांग्लादेश का निवासी था जिसे बाद में अमेरिका की नागरिकता मिल गई। कुछ दिन पहले उसने इस मामले में कहा था कि उसे इस संबंध में कुछ नहीं पता है। उसे दोस्त की हत्या के बारे में अखबारों से पता चला। वहीं बांग्लादेश की खुफिया पुलिस की जाँच में हर तरह से सिर्फ उसका नाम ही मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर आया है।

20,000 गुलाम, हिंदुओं को यातना और ईसाई धर्मांतरण: जेवियर के अनुयायियों की हकीकत सुन भड़के AAP नेता, पुलिस कार्रवाई की उठाई माँग

गोवा में हिन्दुओं को यातनाओं से ईसाई बनाने वाले और मंदिरों को नष्ट करने वाले सेंट फ्रांसिस जेवियर के बारे में लिखने पर आम आदमी पार्टी (AAP) के गोवा प्रदेश अध्यक्ष भड़क गए। उन्होंने जेवियर की सच्चाई बताने वाले पर पुलिस कार्रवाई की माँग कर दी।

एक्स यूजर अभिषेक बनर्जी ने एक पोस्ट में बताया कि जिस सेंट फ्रांसिस जेवियर के नाम से देश भर में कई स्कूल कॉलेज चलते हैं और जिसके बनाए जेसुइट आर्डर को भारतवासी शिक्षा का प्रतिमान मानते हैं, वह लोगों को गुलाम बनाते थे। बनर्जी ने बताया कि एक समय पर सेंट फ्रांसिस जेवियर के अनुयायी, जिन्हें जेसुइट कहा जाता है, उनके पास 20,000 से अधिक गुलाम थे।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोगों को इनके बारे में और जानना चाहिए। इसी बात गोवा के आम आदमी पार्टी के गोवा अध्यक्ष अमित पालेकर भड़क गए। उन्होंने बनर्जी पर कार्रवाई की माँग गोवा पुलिस से कर दी। पालेकार ने दावा किया कि इससे गोवा के कैथोलिक ईसाइयों समेत पूरे गोवा वासियों की भावनाएँ आहत हुई हैं।

इस पर बनर्जी ने उन्हें साक्ष्य दिखाए कि इस बात के लिखित प्रमाण हैं कि जेवियर के अनुयायी गुलाम रखते थे। ऐसे में अमित पालेकर को भड़काना नहीं चाहिए। दरअसल, अभिषेक बनर्जी उस स्तर की तरफ इशारा कर रहे थे जिस पर ज्यादा बात नहीं की जाती।

कौन था फ्रांसिस जेवियर?

इसाई मिशनरी धर्म प्रचारक सेंट फ्रांसिस ज़ेवियर (Francis Xavier) पुर्तगाली काफिले के साथ वर्ष 1542 में भारत आया था। उसने भारत पहुँचकर ईसाई धर्म का प्रचार-प्रसार किया था। वह ‘सोसायटी ऑफ जीसस’ से जुड़ा था। इन्हीं सोसायटी ऑफ़ जीसस वालों को जेसुइट्स कहा जाता है।

सेंट फ्रांसिस जेवियर के आने के बाद 1559 तक गोवा में 350 से अधिक हिन्दू मंदिरों को बंद कर दिया गया था। इस दौरान हिन्दुओं के मूर्ति पूजा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। सारे प्रयास किए गए कि वह हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाईयत अपना लें। इसके बाद भी सेंट जेवियर ने देखा कि उसके हिन्दुओं के बलात धर्म परिवर्तन के प्रयास पूरी तरह से कामयाब नहीं हो रहे थे। 

उसे समय रहते यकीन होता गया कि सनातन धर्म की आस्था अक्षुण्ण है। यदि वह मंदिरों को नष्ट करता है तो लोग घरों में ही मंदिर बना लेते हैं। उसने देखा कि लोगों को धारदार हथियारों से काटने, उनके हाथ और गर्दन रेतने और असीम यातनाको देने के बाद भी फेनी (सस्ती शराब) और सनातन धर्म में से लोग सनातन धर्म को ही चुनते और मौत को गले लगा लेते।

निराश होकर जेवियर ने रोम के राजा को पत्र लिखा जिसमें उसने हिन्दुओं को एक अपवित्र जाति बताते हुए उन्हें झूठा और धोखेबाज लिखा उसने कहा कि उनकी मूर्तियाँ काली, बदसूरत और डरावनी होने के साथ ही तेल की गंध से सनी हुई होती हैं।

इसके बाद हिन्दुओं पर यातनाओं का सबसे बुरा दौर आया। फ्रांसिस जेवियर ने गोवा का पूर्ण अधिग्रहण किया। हिन्दुओं के दमन के लिए एक धार्मिक नीतियाँ बनाई और यीशु की कथित सत्ता में यकीन ना करने वाले ‘नॉन-बिलीवर्स’ को दंडित किया जाने लगा।

इस घटना के बारे में लिखने वाले इतिहासकारों को भी सख्त यातनाएँ दी गईं। उन्हें या तो गर्म तेल में डालकर जलाया जाता या फिर जेल भेज दिया जाता। ऐसे ही कुछ लेखकों में फिलिपो ससेस्ती, चार्ल्स देलोन, क्लाउडियस बुकानन आदि के नाम शामिल थे। इतिहास में पहली बार हिन्दू भागकर बड़े स्तर पर प्रवास करने को मजबूर हो गए।

सेंट फ्रांसिस जेवियर ने मात्र भारत ही नहीं बल्कि मलय प्रायद्वीप, श्रीलंका, जापान और चीन तक में ईसाइयत का प्रचार करने गया था। उसकी चीन के द्वीप पर बुखार से मौत हो गई थी। बताते हैं कि उसने अपने जीवन में कम से कम 30,000 लोगों को ईसाई बनाया था।

जेसुइट रखते थे गुलाम

सेंट फ्रांसिस जेवियर जिस सोसायटी ऑफ़ जीसस या ‘जेसुइट्स’ का हिस्सा था वह बड़े स्तर पर लोगों को गुलाम बनाते थे। जेसुइट्स ने अमेरिका में स्थानीय आदिवासियों को गुलाम बनाया था। उनके पास एक समय में 20,000 से अधिक गुलाम थे और उन्हें खेतों तथा अन्य कामों में लगाया जाता था। गुलामों को रखने, उन पर अत्याचार करने को कई बार सही भी बताया गया था। इसे ईसाईयत के विरुद्ध नहीं माना गया था।

IPL 2024: चेन्नई में कौन बनेगा चैंपियन? विस्फोटक बल्लेबाजी में SRH आगे, लेकिन KKR के पास स्पीड ब्रेकर, जानें-पिच से लेकर फाइनल के X फैक्टर्स

इंडियन प्रीमियर लीग 2024 का खिताबी मुकाबला रविवार (26 मई 2024) को चेन्नई में खेला जाना है। इस साल केकेआर टॉप पर रहते हुए फाइनल में पहुँची है, तो SRH दूसरे स्थान पर रहते हुए। खास बात ये है कि केकेआर ने अब तक इस साल सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 3 मुकाबले खेले हैं और तीनों में ही उसे जीत मिली है। लीग मैचों के दौरान दोनों टीमों के बीच मुकाबले काफी नजदीकी रहे थे, लेकिन पहले क्वॉलिफायर में जब ये दोनों टीमें अहमदाबाद में भिड़ी थी, तो केकेआर ने आसानी से बड़े अंतर के साथ सनराइजर्स को हरा दिया था। ऐसे में रविवार के मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजर रहने वाली है। एक तरफ हैदराबाद की कमान विश्व विजेता कप्तान पैट कमिंस संभाल रहे हैं, तो केकेआर की कप्तानी श्रेयस अय्यर।

KKR vs SRH IPL Final: विस्फोटक बल्लेबाजों का मुकाबला

आईपीएल 2024 का फाइनल मुकाबला दो ऐसी टीमों के बीच है, जिनके पास विस्फोटक बल्लेबाजों से भरा बल्लेबाजी क्रम है। दोनों ही टीमों के पास 8 नंबर तक बेहतरीन बल्लेबाजी क्रम मौजूद है। सनराइजर्स हैदराबाद के पास अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड के रूप में ऐसे ओपनर हैं, जो पहली गेंद से प्रहार करने में यकीन रखते हैं। दोनों का ही बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट इस आईपीएल में 200 के ऊपर रहा है।

हालाँकि पिछले मुकाबले में केकेआर के खिलाफ दोनों ही ओपनर चल नहीं पाए थे। हेड तो खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बावजूद SRH के पास राहुल त्रिपाठी से लेकर नीतीश कुमार रेड्डी और नीचे अब्दुल समद तक मौजूद हैं। वहीं, ऐडेन मार्करम कोई भी दिन अपना होने पर किसी भी गेंदबाज की धज्जियाँ उड़ा सकते हैं। फिर क्लासेन की क्लास के क्या ही कहनें। उन्होंने पिछले मैच में भी अपना जलवा दिखाया था।

बात केकेआर की करें, तो सुनील नरेन टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए हैं। अफगानिस्तान के गुरबाज ने पिछले मैच में अच्छी शुरुआत की थी, तो दोनों अय्यर केकेआर के मध्यक्रम को मजबूती देते हैं। नीचे नीतीश राणा, आँद्रे रसेल और रिंकू सिंह हैं। ऐसे में बल्लेबाजी क्रम में दोनों ही टीमों में शानदार बल्लेबाज मौजूद हैं। अच्छी बात ये है कि दोनों ही टीमों के पास मिश्रित बल्लेबाजी क्रम है। हालाँकि SRH के पास बाएँ हाथ के बल्लेबाज ओपनिंग के बाद नीचे ही आते हैं, ऐसे में शाहबाज अहमद आज प्रोमोशन के लिए अच्छा विकल्प हो सकते हैं। आज के फाइनल मुकाबले में केकेआर के निचले क्रम की भी परीक्षा होगी, क्योंकि उन्हें आईपीएल 2024 में ज्यादा मौके मिल नहीं पाए हैं।

फास्ट बॉलिंग में SRH भारी, लेकिन KKR भी कम नहीं

आईपीएल 2024 के फाइनल में दोनों ही टीमों में एक से बढ़कर एक तेज गेंदबाज हैं। केकेआर के पास जहाँ लोकल भारतीय तेज गेंदबाजों में वैभव अरोड़ा और हर्षित राणा है, तो आंद्रे रसेल की गेंदबाजी भी टीम के काम आती है। वहीं, अब तक फॉर्म से बाहर दिख रहे मिचेल स्टार्क ने जिस तरह से पिछले मैच में कहर बरपाया, वो बताता है कि स्टार्क को क्यों बड़े मैचों का खिलाड़ी माना जाता है। हालाँकि ओवरआल तेज गेंदबाजी की बात की जाए, तो SRH भारी नजर आती है। कप्तान पैट कमिंस अगर स्टार्क से मुकाबले में बराबर हैं, तो भुवनेश्वर कुमार, टी नजराजन और जयदेव उनादकट की तिकड़ी किसी भी आईपीएल टीम की सबसे शानदार भारतीय तेज गेंदबाजी तिकड़ी है। ऐसे में केकेआर के पास भले ही स्टार्क हों, लेकिन अगर उन्हें SRH के बल्लेबाज आराम से खेल ले गए, तो बाकी के दो तेज गेदबाजों पर भारी दबाव रहने वाला है।

स्पिन गेंदबाजी जीत की कुंजी

केकेआर के गेंदबाज़ शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने अपने पिछले पाँच मैचों में 47 विकेट लिए हैं – जो आईपीएल के इतिहास में पाँच मैचों में किसी भी टीम द्वारा लिए गए सबसे ज़्यादा विकेट हैं। इस अवधि में उनके गेंदबाज़ों का सामूहिक औसत 16 और इकॉनमी 7.95 है, जो उनके पहले आठ मैचों में 31.38 और इकॉनमी 10 के औसत से काफ़ी बेहतर है। केकेआर और एसआरएच दोनों के पास विस्फोटक बल्लेबाज़ों से भरी लाइन-अप है, इसलिए गेंदबाज़ी फ़र्क पैदा कर सकती है। इसमें भी महत्वपूर्ण है स्पिनरों का प्रदर्शन।

केकेआर के पास स्पिनर्स के तौर पर सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती जैसे धुरंधर हैं, तो पार्ट टाइमर नीतीश राणा भी अहम योगदान दे सकते हैं, वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद के पास तेज गेंदबाजी क्रम शानदार है, लेकिन स्पिनरों के मामले में हैदराबाद की टीम कमजोर जान पड़ती है। पिछले मैच में अभिषेक शर्मा की पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाजी और इंपैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान में आए शाहबाज अहमद की लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी ने फर्क पैदा किया था। ऐसे में हो सकता है कि हैदराबाद इस मैच में मयंक मार्कंडे को मैदान में उतारे।

वैसे, स्पिनरों की गुणा भाग के बीच अगर ये मैच लाल बजरी वाली पिच पर खेली जाएगी, तो हो सकता है कि ये मैदान स्पिनरों की कब्रगाह भी साबित हो जाए। हालाँकि सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती का अनुभव किसी भी पिच पर गेंदबाजी के लिए पर्याप्त है। ऐसे में स्पिनरों का खेल इस फाइनल मुकाबले का निचोड़ हो सकता है।

संभावित प्लेइंग 11: इस मैच में दोनों ही टीमें स्पिनरों पर जोर देने वाली हैं। केकेआर के पास आईपीएल टीमों में सबसे मजबूर स्पिन गेंदबाजी है, तो एसआरएच ने पिछले मैच से सबक लिया ही होगा। हालाँकि एसआरएच के पास कुछ चौंकाने वाले खिलाड़ी हैं। ऐसे में देखना ये है कि सनराइजर्स हैदराबाद शहबाज नदीम के साथ और किन आल-राउंडर्स को मैदान में उतारती है।

केकेआर: 1-सुनील नरेन, 2-रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेट कीपर), 3-वेंकटेश अय्यर, 4-श्रेयस अय्यर (कप्तान), 5-नीतीश राणा , 6-रिंकू सिंह, 7-आंद्रे रसेल, 8-रमनदीप सिंह, 9-मिशेल स्टार्क, 10-हर्षित राणा, 11-वरुण चक्रवर्ती
इंपैक्ट प्लेयर: नीतीश राणा/वैभव अरोड़ा

एसआरएच: 1-ट्रैविस हेड 2-अभिषेक शर्मा 3-राहुल त्रिपाठी 4-एडेन मार्करम 5-हेनरिक क्लासेन, 6-नितीश कुमार रेड्डी, 7-अब्दुल समद, 8-शाहबाज अहम 9-पैट कमिंस, 10-भुवनेश्वर कुमार, 11-टी नटराजन

इंपैक्ट प्लेयर : मयंक मारकंडे/जयदेव उनादकट

दोस्त से मिलने गई नाबालिग का रिजवान खान ने बनाया अश्लील वीडियो, फिर 6 महीने खुद किया रेप: अम्मी ने धमकाकर घर के काम भी करवाए, केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर एक नाबालिग लड़की से 6 महीने तक रेप करने का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपित का नाम रिज़वान है। रिज़वान ने नाबालिग को अपने दोस्तों से भी संबंध बनाने पर मजबूर किया। पीड़िता से अपने घर के घेरलू काम भी करवाए गए। पुलिस ने 2 आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शनिवार (25 मई 2024) को दी गई इस शिकायत में आरोपित की अम्मी मुमताज और एक अन्य युवक भी नामजद हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना आगरा के थानाक्षेत्र सदर बाजार की है। यहाँ शनिवार को एक 17 वर्षीया नाबालिग पीड़िता की मौसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि लगभग 6 महीने पहले उसके नितिन नाम के दोस्त ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। दोनों की मुलाकात रेलवे के एक बंद पड़े क्वार्टर में हुई। इस दौरान नितिन ने पीड़िता के कपड़े उतार कर उससे छेड़खानी की। इस घटना का अपने मोबाइल से वीडियो पास ही रहने वाले रिज़वान खान ने चुपके से बना डाला। बाद में रिज़वान इसी वीडियो को दिखाकर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

आरोप है कि रिज़वान ने पीड़िता से वीडियो का डर दिखा कर उससे 6 माह में कई बार रेप किया। वह लड़की से जबरन अपने घेरलू काम भी करवाने लगा। 22 मई को पीड़िता ने अपने साथ हो रही ज्यादती अपनी मौसी से बता दी। साथ ही पीड़िता ने रिज़वान के घर का काम करने से मना कर दिया। इससे रिज़वान और उसकी अम्मी मुमताज को गुस्सा आ गया। इन दोनों ने पीड़िता से तुरंत काम पर वापस न लौटने पर वीडियो वायरल कर देने की धमकी दे डाली।

पीड़िता की मौसी आरोपितों से बात करने उसके घर गई। यहाँ उन्हें भी रिज़वान और उसकी अम्मी से जान से मारने की धमकी मिली। मुमताज ने पीड़िता की मौसी को वो अश्लील वीडियो भी दिखाए जिससे रिज़वान लड़की को ब्लैकमेल कर रहा था। यह वीडियो रिज़वान की अम्मी ने पीड़िता की मौसेरी बहन के मोबाइल में भी फॉरवर्ड कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस घटना में रिज़वान और मुमताज के साथ नितिन को भी नामजद किया है।

इन सभी पर IPC की धारा 376(2)(n), 354, 354-बी, 504, के साथ पॉक्सो और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई में जुटी है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।