"ग़ैर-मुस्लिम मुस्लिमों की शर्तों पर प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हों और नारा-ए-तक़बीर लगाएँ। अगर ग़ैर-मुस्लिम ऐसा नहीं करते हैं तो इसका अर्थ है कि वो मुस्लिमों के हमदर्द नहीं हैं, उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।"
कौन हैं वो 'मसीहा पत्रकार', जिनकी पूर्ववर्ती सरकारों में अच्छी-ख़ासी मौज रहती थी? मोदी के आने से उन्हें दिक्कत क्यों हुई? 'इंडिया टीवी' के न्यूज़ एंकर सुशांत सिन्हा से समझिए कि अवार्ड-वापसी और 'लिंचिंग' की कैसे रची गई पूरी साज़िश। लुटियंस गैंग की तिलमिलाहट का पोस्टमॉर्टम।
अलीगढ़ के SSP आकाश कुल्हारी के अनुसार, शरजील के खिलाफ IPC की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 505 (2) के अंतर्गत FIR दर्ज की जा चुकी है और उनकी टीम जल्द ही शरजील को गिरफ्तार करेगी।
विवादित नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज कुछ लोग महात्मा गाँधी के हत्यारों को राष्ट्रभक्त कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता के लिए गाँधी ने बहुत कुछ किया है लेकिन आज गाँधी को हिन्दू विरोधी साबित करने की कोशिश ही रही है।
राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की सक्रियता ने शिवसेना की नींद उड़ा दी है। पार्टी के मुखपत्र दोपहर का सामना के संपादकीय में कहा गया है, "देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुस्लिमों को निकालो। उन्हें निकालना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं।"
वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह ने पत्रकार दीपक चौरसिया को लगभग लताड़ लगाते हुए कहा कि शाहीन बाग में मुस्लिम महिलाएँ विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं और आप (दीपक चौरसिया) वहाँ अपनी आवाज़ बुलंद करने गए थे!
"ईसाई परिवार हमारे पानी का कनेक्शन काट देते हैं। धमकी देते हैं। उन्हें (ईसाई परिवारों को) सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि हिन्दू परिवार पूजा करते हैं। उन्हें पसंद नहीं है कि हम अपने देवी- देवता को पूजें।"
वास्तविकता आज बुरका पहनकर शाहीन बाग़ में अल्लाह हू अकबर के नारे लगाते हुए पत्रकारों की सामूहिक लिंचिंग कर रही है। सेकुलर शाहीन बाग़ आज ला इलाहा इल्लल्लाह और अल्हम्दुलिल्लाह का स्वर बोल रहा है, और क्योंकि यह स्वर क्रांतिजीवों, JNU-मतावलम्बियों के श्रीमुख से निकला है, इसलिए प्रोग्रेसिव लिबरल भी उनकी हाँ में हाँ मिलाता नजर आ रहा है।
"अंग्रेज मुस्लिमों के कम दुश्मन थे। 1900 से लेकर 1950 तक अंग्रेजों ने मुस्लिमों के साथ कम पक्षपात किया। लेकिन न्यायपालिका 1950 के बाद से मुस्लिमों की दुश्मन बन गई है। 1950 के बाद मुस्लिमों को एक तरह की ग़ुलामी में डाल दिया गया।"
"हीबा 2 बिल्लियों को लेकर नसबंदी के लिए आईं। कर्मचारियों ने उन्होंने 5 मिनट इंतजार करने के लिए कहा, क्योंकि क्लिनिक में सर्जरी चल रही थी। मगर 2-3 मिनट के बाद ही हीबा गुस्से में आ गई और कर्मचारियों को बुरा-भला कहने लगीं। दो महिला स्टाफ सदस्यों के साथ मारपीट की, उन्हें थप्पड़ मारा।"