पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई के रिमोट एरिया में रहने वाले आदिवासी बुजुर्ग अपने क्षेत्र में ईसाईयों पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। इस समुदाय के बुजुर्गों का आरोप है कि ईसाई उनके धर्म को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्हें उनकी पारंपरिक सभ्यता से भी दूर ले जा रहे हैं।
पादरी को गिरफ़्तार किए जाने के बाद पुलिस को विदेश से कई फोन कॉल आए, जिनमें उसे छोड़ने को कहा गया। ये दिखाता है कि भारत में ईसाई पादरियों व चर्चों के नेक्सस की कितनी बड़ी पहुँच है। पादरी ने आधी रात के समय महिलाओं को अकेले देख कर छेड़खानी की।
उस सरकार को कई देशों की मान्यता प्राप्त थी। बैंक था, सेना थी। महिलाओं की भागीदारी थी। अफ़सोस कि भारत की उस सरकार को भुला दिया गया, जिसकी देश ने 2018 में 75वीं वर्षगाँठ मनाई। नेताजी ने देश-विदेश में घूम कर भारतीय समुदाय के भीतर आज़ादी का मन्त्र फूँका।
भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन समेत 3 लोगों के ख़िलाफ़ एक ट्रैवल कंपनी से 20 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है। अजहरुद्दीन ने इन आरोपों का खंडन कर इसे महज पब्लिसिटी स्टंट बताया है और कहा है कि वे मानहानि...
"इस घटना में एक दोषी नाबालिग था, जो रेप करता है। जो रेप करने के काबिल है उसे किस हिसाब से नाबालिग बताया जा सकता है। ऐसे लोगों को चौराहे पर फाँसी दे देनी चाहिए। ऐसे दोषियों को पता होना चाहिए कि रेप क्या होता है और इसकी सजा क्या होती है।"
"पिछले 5 वर्षों में मुस्लिमों व ईसाईयों के मन में डर का भाव बढ़ता ही जा रहा है। तीन तलाक़ हटाना अच्छा हो या बुरा, मुस्लिमों को लगा कि इसके द्वारा उनके समाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है। सीएए के विरोध में आज मुस्लिम 'वन्दे मातरम' गा रहे हैं।"
नेताजी को 1580 वोट, गाँधी के पट्टाभि को 1377 मत... फिर भी बीमार बोस जब स्ट्रेचर पर कॉन्ग्रेस के त्रिपुर सेशन में पहुँचे, तब 2 लाख लोगों के सामने उनके राजनैतिक जीवन को सबसे बड़ा झटका लगा। अध्यक्ष चुने जाने के बाद भी उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा।
घटना के तुरंत बाद एसीपी और डीसीपी ने घटनास्थल का दौरा किया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने क्षेत्र का जायजा लिया, जिसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में तलाशी ली। वहीं विधायक के बेटे मोहम्मद नलपड ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कुर्सी के नीचे कोई संदिग्ध वस्तु रख दी गई थी।
"सहारनपुर जिले में महिलाओं का हलाला करवाने के लिए मदरसों में लड़कों को रखा जाता है। यही नहीं, उम्र और सुन्दरता के अनुसार वो महिलाओं के हलाला का पैसा लेते हैं।" अब सोचिए, इनकी स्थिति कितनी बदतर है। लेकिन फिर भी आवाज़ उस पर उठानी है, जिस पर इनका समुदाय इजाजत दे।
अगर आप आकाश और उनकी माँ का अनुभव पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा कि कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को लेकर 'सॉरी-सॉरी' खेलने की बात करने वाले पाखंड कर रहे हैं। एक महिला जो आज पंडितों के लिए रोने का दिखावा कर रही, कभी उनके ख़ून की प्यासी हुआ करती थी।