"25 फरवरी को मैं आर्य समाज मंदिर गया। शुद्धिकरण समारोह के बाद मैंने हिन्दू धर्म अपना लिया। धर्म परिवर्तन के बाद मैंने और उसी दिन मंदिर में हिंदू संस्कारों और रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की। जिसमें 'सप्तपदी' और 'सात फेरे' आदि भी शामिल थे।"
प्रधानमंत्री बनने से करीब छह महीने पहले इमरान ने बुशरा से किया था निकाह। हर मौके पर पर्दे में दिखने वाली बुशरा की छवि एक तंत्र-मंत्र और जादू टोना करने वाली शख्सियत के रूप में है। कहा जाता है कि बुशरा तंत्र विद्याओं को बखूबी जानती हैं और उनके पास बहुत सी शक्तियाँ हैं।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि 100 फीसदी पटवारी रिश्वत लेते हैं। उन्होंने कलेक्टर से इन पर लगाम लगाने के लिए कहा और साथ ही शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
"आज आप छात्रों के रूप में यहाँ हैं, हो सकता है कि कल आप उत्तर प्रदेश में प्रशासन का हिस्सा होंगे। हम एक लोकतांत्रिक समाज में रहते हैं। संचार महत्वपूर्ण है। हमारे जीवन में समृद्धि तभी आती है जब हम विकसित होते हैं।"
मैं जब इस समाज का हिस्सा होने के कारण सोचने लगता हूँ तो पाता हूँ कि ये चलता रहेगा क्योंकि मर्दों के दम्भ की सीढ़ी की अंतिम लकड़ी स्त्री पर अपने लिंग के प्रहार के रूप में ही परिणत होती है। पितृसत्ता का विकृत रूप यही है कि लड़की इस क्रूरतम हिंसा के विरोध में इस तरह से अपनी आत्मा को मार चुकी है कि जो करना है कर लो, पर वीडियो मत बनाओ।
सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र में निधन हो गया था। निधन से पहले उनका आखिरी ट्वीट 370 हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद का था। उन्होंने पिछले लोक सभा चुनाव से भी बाहर रहने की घोषणा की थी, जिसे उनका चुनावी राजनीति से संन्यास माना गया था।
सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रियों समेत 12 तृणमूल कॉन्ग्रेस नेताओं पर FIR के बाद सीबीआई अब आवाज़ के नमूने इकट्ठे कर रही है। इसे सैमुएल के वीडियो से मिला कर उनके दावों की जाँच की जाएगी। 12 सितंबर को दास्तीदार की आवाज़ का नमूना भी लिया गया था।
बरखा ने आरोप लगाया था कि कपिल सिब्बल की पत्नी प्रोमिला सिब्बल तिरंगा टीवी में कार्यरत महिला कर्मचारियों को “कुतिया” या “बिच” कह कर बुलाती थीं। सिब्बल दम्पति के ख़िलाफ़ बरखा ने सिविल सूट दायर कर रखा है।
वह 16 साल की उम्र से महिलाओं के मानवाधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। सेना की बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाती हैं। उनकी आवाज खामोश करने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरानों ने कई साजिशें रची। मुश्किलों से लड़ गुलालाई बनीं अल्पसंख्यकों के लिए उम्मीद की नई किरण।
महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख़्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने अंतःकरण की आवाज़ सुन कर इस्तीफा दिया है क्योंकि उनके चाचा शरद पवार का नाम इस घोटाले में घसीटा जा रहा है। 25,000 करोड़ रुपए के घोटाले में ईडी ने शरद और अजित के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।