आरोपितों और तिवारी के बीच किसी मुस्लिम लड़की की हिन्दू लड़के से शादी की कोई बात चल रही थी। इसके बाद उन गुंडों ने नौकर सतेंद्र को 100 रुपए का नोट दिया और गोल्ड फ्लैक्स पाँच सिगरेट लाने को कहा। वो पैसे लेकर बगल की दुकान से सिगरेट लेने चला गया, शायद वो लोग मौक़ा ढूँढ़ रहे थे।
केरल सरकार में तो ऐसे लोगों के 'कल्याण' के लिए पूरा एक विभाग है जिन्होंने हिंदू धर्म त्यागकर ईसाई पंथ अपनाया। सरकार ने हिन्दू से ईसाई बनने वाले लोगों लिए एक पूरी कंपनी खोल रखी है। हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई बनने वालों के लिए विशेष तौर पर सुरक्षित किए गए इन पदों का वेतन ₹45,800 से ₹89000 तक है।
हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी को पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के एक मामले में रासुका के तहत गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद साल 2017 में उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले हिन्दू समाज पार्टी का गठन किया था।
दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में राज्य शिक्षा निदेशालय द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने की पहल पर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया जाएगा।
ओवैसी का यह 15 बॉटल वाला वीडियो सोशल मीडिया पर भी ख़ूब छाया हुआ है, जिस पर यूज़र्स जमकर चुटकी ले रहे हैं। किसी ने कहा कि कहीं वो बॉटल 30 मिलीलीटर वाली तो नहीं थी, तो किसी ने लिखा कि वो बॉटल 2 मिलीलीटर वाली होंगी।।
पप्पू यादव ने पटना के कई इलाकों में सफाई अभियान चलाया और कचरे को ट्रैक्टर में लादकर बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा के सरकारी आवास पर फेंकने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही मंत्री सुरेश शर्मा के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई और...
ED की चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि रतुल पुरी, जो मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के भांजे हैं, और उनके सहयोगियों ने लगभग 30 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से व्यवसाय के लिए 8000 करोड़ रुपए की धनराशि ली और उनका दुरुपयोग किया।
केजरीवाल सरकार के वकील चाहते थे कि जज इस फैसले को इंसानियत के आधार पर लिया फैसला बताएँ। लेकिन बच्चों के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे वकील अशोक अग्रवाल ने कहा, "कौन सी इंसानियत? हम भिखारी नहीं हैं, हम अपने अधिकारों की माँग कर रहे हैं।"
“कॉन्ग्रेस ने गोमाता को वोट प्राप्ति का साधन बना लिया है। ये गोमाता की रक्षा की बजाय अपने हितों को साधने का काम कर रहे हैं। मैं आग्रह करता हूँ कि गोमाता पर ऐसे खेल बंद होना चाहिए। सरकार तत्काल गौशालाएँ खोलें, उसमें गायों को भेजें, ताकि ये अकाल मृत्यु का शिकार न हों।”
"अटल बिहारी वाजपेयी जब कोई फ़ैसला लेते थे, तो वे इस बात का ध्यान रखते थे कि उस फ़ैसले से किसी को कोई समस्या न हो, यानी कोई उनके फ़ैसले से नाराज़ न हो। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की बात करें तो वो किसी भी फ़ैसले के क्रियान्वयन के मामले में प्रभावी और कठोर हैं।"