4 दिनों का भूख-प्यास जब हावी हुआ तो गुड़िया (1 साल की बच्ची) माँ की लाश का मोह छोड़ते हुए, रेंगते हुए, खेत से बाहर एक मंदिर के पास जा पहुँची। यहाँ कुछ भक्तों की नज़र इस पर गई। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और गुड़िया को अस्पताल तक पहुँचाया।
इस उपग्रह की खूबी है - सिंथेटिक अपर्चर रडार (synthetic aperture radar) - जिसके कारण यह किसी भी मौसम में काम करता रहेगा, निगरानी रखता रहेगा। RISAT-2B में पूर्णतः स्वदेशी विक्रम प्रोसेसर लगा हुआ है।
एक घमंड है इन पार्टियों के समर्थकों और मोदी के विरोधियों के भीतर। वो घमंड यह है कि वो जो सोचते हैं, वो जिन्हें चाहते हैं, उन्हें अगर बहुमत नहीं मिल रहा तो जनता पागल है। ये अभिजात्य मानसिकता, ये निम्न स्तर का दंभ, उसी तरीके से दिमाग में चढ़ता है जैसे सत्ता में होने पर पावर का नशा।
विपक्ष ने मुद्दे नहीं उठाए। विपक्ष ने सनसनी बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया। जस्टिस लोया की मौत को मुद्दा बनाया गया, गलत वित्तीय ज्ञान परोस कर अमित शाह के बेटे की कम्पनी को मुद्दा बनाया गया, अजित डोभाल के बेटों पर माहौल बनाने की कोशिशें हुई, नोटबंदी पर लाशें पैदा की गईं, जीएसटी पर उन व्यापारियों के नुकसान की बात हुई जो कहीं थे ही नहीं!
सोशल मीडिया से लेकर व्हाट्सएप्प पर चलने वाली फेक ख़बरों का बाजार जमकर बढ़ा है। इसी का फायदा उठाकर ये लोग फैक्ट चेक के नाम पर बेहद हास्यास्पद ख़बरों तक का फैक्ट चेक करते हुए देखे जा रहे हैं। यहाँ तक कि MEME और फोटोशॉप तस्वीरों तक का फैक्ट चेक करने वाले लोग खूब फलते-फूलते देखे जा रहे हैं।
ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
मनीष सिसोदिया की लीक पर चलते हुए स्वरा भास्कर ने भी ट्विटर पर निर्वाचन आयोग से जवाब माँगा है। उन्होंने पूछा है कि ये सब क्या हो रहा है। उनके मुताबिक बिहार से लेकर हरियाणा तक हर जगह ईवीएम की मशीनें मिल रही हैं।
Exit Polls से बौखलाई शमा मोहम्मद ने कपिल सिब्बल समर्थित हार्वेस्ट टीवी चैनल पर बरखा दत्त द्वारा एंकर किए जा रहे डिबेट शो में कहा कि उत्तर भारतीय मतदाता दक्षिण भारतीयों की तरह शिक्षित नहीं हैं और वे व्हाट्सप्प मैसेज पर विश्वास करते हैं, मीडिया पर विश्वास करते हैं और जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।
"हमारे देश को एक ऐसी सरकार की ज़रूरत है जो सबको साथ लेकर चले और भाईचारा, शांति और समरसता को बढ़ावा दे। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ऐसी हैं जो धर्म के आधार पर राजनीति करती हैं। ये सही नहीं है और ऐसी पार्टियों को जाना पड़ेगा।"