"गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित एक कहानी 'Manibein alias Bibijaan' में बजरंग दल और RSS से संबंधित संगठनों को बेहद ख़राब भूमिका में दर्शाया गया है। RSS और बजरंग दल को गुजरात दंगों में हमलावर के रूप में दिखाया जा रहा है।"
मोदी के जीतते ही ऐसी खबरों में अचानक से इजाफा कैसे हो गया? आखिर आधी खबरें झूठी क्यों साबित हो रही हैं? दर्जन भर मंदिर तोड़े गए, मूर्तियाँ विखंडित हुईं, और हर बार आरोपित या तो 'शांतिप्रिय' है, या अज्ञात।
गाँव-नगर में ढिंढोरा पिटवाने का राज-आदेश दे दिया गया कि युवराज नाराज हैं और कई दिनों से "कॉन्गलेच के छोना बाबू थाना नहीं था रहे।" तमाम विश्लेषकों के माथे बल पड़ गया। राजनीति के गलियारों में हलचल मच गई।
कारवाँ के कार्यकारी सम्पादक विनोद के. होज़े ने लंदन में भारत-विरोधी प्रेज़ेंटेशन दिया। उन्होंने दावा किया कि हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि "सैकड़ों ईसाईयों की हत्या हो रही है।" और "1984 का सिख हत्याकांड भी आरएसएस का रचा हुआ था।"
“हमारे पास उनकी लिस्ट तैयार है और वे हमारे सम्पर्क में हैं।” मुकुल रॉय के मुताबिक़, बीजेपी में शामिल होने वाले ये 107 विधायक मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा), कॉन्ग्रेस और तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी (TMC) से हैं।
पाकिस्तान, ईरान और सऊदी अरब जैसे कई इस्लामिक देश ऐसे हैं, जिन्होंने मुस्लिमों पर हो रहे इन कथित अत्याचारों पर चुप्पी साध रखी है। इसकी वजह शायद चीन का इन देशों में भारी निवेश है। चीनी निवेश इन देशों को आर्थिक संकट से उबारने में बहुत महत्वपूर्ण है।
कानून के शासन और नैतिकता, मूल्यों, आदर्शों की बातें करने वाली योगी सरकार क्या जनता के लिए अलग और अपने विधायक के लिए अलग मापदंड अपनाएगी? नेताजी के लिए “भीड़” का समर्थन आएगा, इस डर से नेताजी को छोड़ा भी जा सकता है! या फिर नेताजी भी वैसे ही जेल जाएँगे जैसे इस मामले में कोई साधारण व्यक्ति गया होता?
शाहिद 4-5 महीने से घर पर रुपए-पैसे नहीं भेज रहा था। बड़ी मुश्किल से रुखसार अपना और अपने बच्चों का पेट पाल रही थी। जब 8 महीने के अहद को तेज बुखार आया तो डॉक्टर ने बिना पैसे दवा देने से कर दिया इनकार। अफसोस! रात भर बच्चे के बुखार और भूख से रोने की तड़प को रुखसार ने उसे सदा के लिए सुला कर शांत कर दी।
ADG कानून व्यस्था उन्नाव ने इस क्रिकेट खेलने को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट की घटना को लेकर बताया कि इस मामले की जाँच में पता चला है कि मदरसे के बच्चों से धार्मिक नारे नहीं लगवाए गए थे। ऐसे झूठे आरोप लगाकर मेरठ और आगरा में भी शांति भंग करने का प्रयास किया गया लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन के चलते ये नाकाम हो गए।
"गोवा और कश्मीर के हालातों को देखते हुए मुझे लगता है कि यदि देश में भाजपा एकमात्र पार्टी बच गई तो इससे राष्ट्र का लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। इसका हल क्या है? इटैलियन और उनकी संतानों को हटने के लिए कहें, ताकि उसके बाद ममता संयुक्त कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष बनें।"